Team 50 Congress Madhya Pradesh

MP में कांग्रेस की ताकत बनेगी राहुल की Team 50, जानिए क्या है जीत का मास्टर प्लान

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) बीते कुछ वर्षों से लगातार चुनावी पराजयों का सामना कर रही है। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर पार्टी की कमजोर होती स्थिति ने शीर्ष नेतृत्व को पुनः संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। इसी दिशा में कांग्रेस ने अब गुजरात मॉडल (Gujrat Model) को अपनाते हुए संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 3 जून को भोपाल से करेंगे। राहुल गांधी का 10 वर्षों बाद पीसीसी कार्यालय दौरा संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचेंगे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व अब मध्य प्रदेश को लेकर गंभीर और सक्रिय रणनीति बना रहा है। राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल और उत्साह को बढ़ाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।  ‘टीम 50’ की भूमिका और जिम्मेदारी राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) के तहत अपनी ‘टीम 50’ को भी प्रदेश में सक्रिय करने जा रहे हैं। यह टीम देशभर से चुने गए 50 ऑब्जर्वरों की है, जिसमें असम, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिले की पार्टी इकाई का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक ऑब्जर्वर को संबंधित जिले में जिला अध्यक्ष चुनने का अधिकार भी दिया जाएगा। उनका कार्य केवल नामांकन नहीं बल्कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना होगा जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनसंपर्क बनाए रखते हैं। इसके साथ ही ये टीम निष्क्रिय नेताओं पर भी नजर रखेगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  सीधे दिल्ली को रिपोर्टिंग संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की एक और खासियत यह है कि ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली के आलाकमान को सौंपेंगे। इसका उद्देश्य है पारदर्शिता बनाए रखते हुए स्थानीय गुटबाजी और सिफारिशी संस्कृति से बचना। इस टीम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं के जरिए को-ऑर्डिनेट किया जाएगा, जिन्हें को-ऑब्जर्वर की भूमिका दी जाएगी। ये नेता राहुल गांधी से चर्चा कर PCC में फीडबैक देंगे और ऑब्जर्वरों तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने का कार्य करेंगे। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस  गुजरात मॉडल का विस्तार गौरतलब है कि कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद गुजरात में संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की शुरुआत की थी, जिसमें जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय नेतृत्व को नया आकार दिया गया। गुजरात में इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और अब इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां यह अभियान लागू हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब देशभर में संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा करने की दिशा में गंभीर है। कांग्रेस के लिए आगे की राह यह संगठन सृजन अभियान केवल एक सांगठनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी के पुनर्जन्म की नींव रखने का प्रयास है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो कांग्रेस को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपने कार्यकर्ता नेटवर्क को पुनः सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए ठोस आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह अभियान कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है। अब देखना होगा कि यह प्रयास व्यावहारिक परिणाम दे पाता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस (Congress) ने पुनर्गठन की दिशा में ठोस और गंभीर कदम उठाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Sangathan Srijan Abhiyan #RahulGandhi #Team50 #Congress #MPElections #PoliticalStrategy #MadhyaPradesh #IndianPolitics

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Operation Sindoor Not Over Yet: पाकिस्तान को तीन बार घर में घुसकर मारा है.. समझ ले, ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है- पीएम मोदी

गुजरात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अलीपुरद्वार में एक जनसभा को संबोधित किया। इस बीच उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि आज देशभर में 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। मैं तो चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल में भी 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिले, लेकिन टीएमसी सरकार ये नहीं करने दे रही है। ध्यान देने वाली भारत यह कि इस इस संबोधन मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि “पाकिस्तान को तीन बार घर में घुसकर मारा है। समझ ले, ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं (Operation Sindoor Not Over Yet) हुआ है। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान ने सिर्फ आतंक (Operation Sindoor Not Over Yet) को पाला है यही नहीं, अपने भाषण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश की, लेकिन हमारी सेना ने उन्हें सिंदूर की शक्ति का अहसास करा दिया। पाकिस्तान को धमकाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान को समझना चाहिए कि भारत ने तीन बार घर में घुसकर मारा है। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं (Operation Sindoor Not Over Yet) हुआ है। अगर भारत पर हमला हुआ, तो दुश्मन को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान ने सिर्फ आतंक को पाला है। बांग्लादेश युद्ध के दौरान वहां की सेना द्वारा किए गए अत्याचारों को दुनिया नहीं भूली है। टीएमसी सरकार चाय बागानों के मजदूरों को भी नहीं बख्श रही है (PM Modi) पीएम मोदी  अलीपुरद्वार में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने राज्य सरकार को बुजुर्गों को मुफ्त इलाज से वंचित रखने और शिक्षक भर्ती घोटाले जैसे मुद्दों पर घेरा। बंगाल की दुर्दशा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भ्रष्टाचार की मार झेल रहे हैं। हमने देखा है कि भ्रष्टाचार किस तरह विनाश की ओर ले जाता है, खास तौर पर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में। टीएमसी सरकार ने हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। यह सिर्फ कुछ हजार शिक्षकों का विनाश नहीं है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था बिगड़ रही है। अभी भी वे अपनी गलतियों को स्वीकार करने से इनकार करते हैं, इसके बजाय अदालतों को दोष देते हैं। यहाँ तक कि टीएमसी सरकार चाय बागानों के मजदूरों को भी नहीं बख्श रही है। राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण कई चाय बागान बंद हो रहे हैं। राज्य सरकार मजदूरों की मेहनत की कमाई को लूटने की कोशिश कर रही है। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस टीएमसी सरकार ने अपने शासनकाल में हजारों टीचर्स का भविष्य बर्बाद कर दिया है- पीएम मोदी (PM Modi) सूबे की ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मोदी (Operation Sindoor Not Over Yet) ने कहा कि टीएमसी सरकार ने अपने शासनकाल में हजारों टीचर्स का भविष्य बर्बाद कर दिया है। टीएमसी के घोटालेबाजों ने सैकड़ों गरीब परिवार के बेटे-बेटियों को अंधकार में धकेल दिया है। आलम यह कि बंगाल की जनता को अब टीएमसी सरकार के सिस्टम पर भरोसा नहीं है। यहां की जनता के पास अब सिर्फ कोर्ट का ही आसरा है। इसलिए पूरा बंगाल कह रहा है, “बंगाल में मची चीख-पुकार, नहीं चाहिए निर्मम सरकार।” इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल एक साथ कई संकटों से घिरा हुआ है। एक संकट समाज में फैली हिंसा और अराजकता का है। दूसरा संकट माताओं-बहनों की असुरक्षा का है, उनके साथ हो रहे जघन्य अपराधों का है, तीसरा संकट नौजवानों में फैल रही घोर निराशा का है, बेतहाशा बेरोजगारी का है। चौथा संकट घनघोर भ्रष्टाचार का है, यहां के सिस्टम पर लगातार कम होते जन-विश्वास का है तो वहीं पांचवां संकट गरीबों का हक छिनने वाली सत्ताधारी पार्टी की स्वार्थी राजनीति का है। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor Not Over Yet #OperationSindoor #PMModi #PakistanStrike #SurgicalStrike #IndiaSecurity #IndianArmy #ModiSpeech

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ISRO Scientists and Engineer Job

ISRO साइंटिस्ट भर्ती 2025: आवेदन प्रक्रिया, योग्यता और आयु सीमा

इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Indian Space Research Organisation) यानी इसरो (ISRO) हमारे देश की मुख्य साइंटिफिक इंस्टीटूशन है। यह इंस्टीटूशन स्पेस रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षत्र में काम करता है और इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। अगर आप इस आर्गेनाईजेशन के साथ काम करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। इसरो (ISRO) ने साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स के लिए आवेदन निकालें हैं। इच्छुक उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। याद रखें इसके लिए लास्ट डेट 16 जून है। आप अधिक जानकारी के लिए इसरो (ISRO) की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। आइए जानें इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO) के बारे में विस्तार से। इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): पाएं जानकारी इन पोस्ट्स के लिए इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Indian Space Research Organisation) द्वारा 320 पोस्ट्स निकाली गयी हैं, जिनके लिए आसानी से अप्लाई किया जा सकता है। इन पोस्ट्स का विवरण इस प्रकार है: इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): योग्यता इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Indian Space Research Organisation) द्वारा निकाली पोस्ट्स के लिए कैंडिडेट्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस प्रकार है: इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): चयन प्रक्रिया इन पोस्ट्स के लिए लिखित परीक्षा ली जाएंगी। जिसमें सिंगल ऑब्जेक्टिव टाइप पेपर होगा, जिसके दो भाग होंगे। इस एग्जाम की अवधि रहेगी 120 मिनट। इस लिखित परीक्षा के आधार पर कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए शार्ट-लिस्ट किया जाएगा। इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): एप्लीकेशन फीस इन पोस्ट्स के लिए एप्लिकेशन फीस है 250 रुपए। लेकिन प्रतियोगियों को पहले प्रोसेसिंग फीस के रूप में समान रूप से 750 रुपये का भुगतान करना होगा। यह प्रोसेसिंग फीस बाद में इस तरह से रिफंड की जाएगी: Latest News in Hindi Today Hindi news ISRO JOBS #IndianSpaceResearchOrganisation #ISRO #ISRORecruitmentforScientistsandEngineersPosts, #OfficialWebsite #Scientists #Engineers

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Ladli Behna Yojana

Ladli Behna Yojana: 5 वर्षों में लाडली बहनों को सरकार देगी 3000 रुपये प्रतिमाह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों के भीतर प्रत्येक महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह घोषणा उन्होंने बैतूल जिले के सारणी के पाथाखेड़ा में महिला स्वयं सहायता समूहों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान की। महिलाएं होंगी आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने चुनाव के दौरान  लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)  के तहत 1000 रुपय प्रतिमाह देने का वादा किया था, जो कि अब बढ़कर 1230 रुपये हो चुका है। आने वाले समय में यह राशि क्रमशः बढ़ती जाएगी और अगले पांच वर्षों में यह 3000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस पूछ रही है कि ये पैसा कहां से आएगा। मैं सभी बहनों को आश्वस्त करता हूं कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम धीरे-धीरे करके इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे और 5 वर्षों के भीतर 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि लाडली बहनों को दी जाएगी।” स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा है बढ़ावा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई लखपति दीदी योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला की सालाना आमदनी एक लाख रुपये तक हो। इस दिशा में राज्य में 350 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भी दी कि राज्य में कई स्थानों पर रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाओं (Ladli Behna Yojana) को सरकार 5000 रुपये और फैक्ट्री मालिक 8000 रुपये देंगे, जिससे कुल मिलाकर 13000 रुपये प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। महिलाओं के लिए शिक्षा और अवसरों का विस्तार मुख्यमंत्री मोहन यादव ( CM Mohan Yadav) ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए की जा रही अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब स्कूल जाने वाले बच्चों को मुफ्त किताबें, कॉपियां और दूर रहने पर मुफ्त साइकिल दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई छात्र मेरिट में आता है तो उसे स्कूटी दी जाती है, और विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक की छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? जनता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “हमारी बहन-बेटियों की संस्कृति हमारी ताकत है। आपका आशीर्वाद हमारे लिए सबसे बड़ा संबल है। हमने संकल्प लिया है कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जो भी संभव होगा, हम करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में 464 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की यह घोषणा राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने वाली यह योजनाएं आने वाले समय में लाखों महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने का कार्य करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाने में भी सहायक होगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Ladli Behna Yojana #LadliBehnaYojana #MPGovernment #WomenEmpowerment #MonthlySupport #₹3000Scheme

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Himanta Biswa Sarma arms policy

Assam arms policy: इस वजह से असम सरकार आम जनता के हाथ में देने जा रही है हथियार

असम की सरकार अपने राज्य के बासिंदों को हथियार रखने की अनुमति देने जा (Assam arms policy) रही है। दरअसल, सरकार ने जनता के हाथ में हथियार देने की स्कीम को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम कैबिनेट बांग्लादेश के पास दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले मूल निवासियों और स्थानीय नागरिकों को हथियार देगी। इस पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का कहना है कि “इससे लोगों को साहस मिलेगा।” यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “इस स्कीम के तहत धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव और दक्षिण सलमारा-मनकचर, रूपाही, ढिंग और जानिया जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन इलाकों में हमारे लोग माइनॉरिटी में हैं। इन जिलों में असम के लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, खासकर बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों से, उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमलों का खतरा है। इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में असम के लोग 1979-85 में हुए असम आंदोलन के बाद से सुरक्षा के लिए लाइसेंस वाले हथियार की मांग कर रहे हैं।” बंगाली-मुस्लिम मूल के संदिग्ध अवैध विदेशियों के असम में अतिक्रमण की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि “पिछली सरकारों ने यदि उन्हें हथियारों के लाइसेंस दिए होते, तो कई लोगों को अपनी जमीनें बेचकर जगह नहीं छोड़नी पड़ती। हम बहुत सारी जमीनों पर कब्जा होने से बचा सकते थे।” सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं मांग- हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि “इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं, उनकी इस मांग को रिव्यू करने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इसलिए, अगर लोग इसके लिए आवेदन करते हैं तो हम गुवाहाटी शहर के हतीगांव इलाके में रहने वाले अपने लोगों को हथियार देने पर विचार कर सकते हैं।” सीएम सरमा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम और संदिग्ध विदेशियों के खिलाफ राज्य सरकार के हालिया अभियान के चलते, ऐसे क्षेत्रों में स्वदेशी लोगों को लगता है कि उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमला हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि “सरकार इस स्कीम के लिए एलिजिबल लोगों को लाइसेंस देने में नरमी अपनाएगी। जो लोग असम के मूल निवासी हैं और राज्य के कमजोर और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले स्वदेशी समुदाय हैं, उन्हें इस स्कीम से साहस मिलेगा।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  भारतीय आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है खैर, बात करें 1959 के भारतीय आर्म्स एक्ट की तो आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है। निषिद्ध बोर (प्रोहिबिटेड बोर) और गैर-निषिद्ध बोर (नॉन-प्रोहिबिटेड बोर ) पीबी हथियारों को आमतौर पर सेना, राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसी सरकारी एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं। एनपीबी व्यक्ति के लिए होता है। नॉन-प्रोहिबिटेड बोर उन लोगों को दिया जाता जिन्हें अपनी जानमाल का खतरा होता है। प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस गृह मंत्रालय जारी करता है तो वहीं नॉन-प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस डीएम और राज्य सरकार जारी करती हैं। यही नहीं, इन हथियारों को रखने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। शर्त यह कि इसके लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। हिंसा से जुड़े किसी भी अपराध का दोषी न ठहराया गया हो। इसके अलावा शांति बनाए रखने हेतु बॉन्ड भरने का आदेश न दिया गया हो और शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो। इन बेसिक शर्तों के आधार पर ही लइसेंस आवंटित किया जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #AssamArmsPolicy #AssamNews #SelfDefenseIndia #WeaponsLicense #HimantaBiswaSarma #IndiaNews #CitizensWithGuns #ArmsPolicyChange

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Kanwar Yatra start date

कांवड़ यात्रा 2025: 11 जुलाई से शुरू होगी भोलेनाथ की भक्ति यात्रा

हर वर्ष की तरह इस बार भी सावन मास में भगवान शिव के भक्तों की आस्था का महापर्व ‘कांवड़ यात्रा’ 11 जुलाई 2025, शुक्रवार से आरंभ होगी। यह यात्रा श्रावण मास के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होती है और शिवरात्रि तक चलती है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु गंगा जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। सावन मास की तिथियां और शिवरात्रि पंचांग के अनुसार, 2025 में श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई से होगी। इस महीने के प्रत्येक सोमवार को ‘सावन सोमवार’ का व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस वर्ष की श्रावण शिवरात्रि 15 जुलाई को मनाई जाएगी। सावन 2025 की शुरुआत और समाप्ति तिथिवैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 11 जुलाई को रात 2 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी। यह तिथि 12 जुलाई की रात 2 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए, सावन मास की शुरुआत 11 जुलाई से मानी जाएगी, जबकि यह माह 9 अगस्त को समाप्त होगा। कांवड़ यात्रा का धार्मिक महत्व कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) का संबंध समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि जब समुद्र मंथन से निकले विष को भगवान शिव (Lord Shiva) ने ग्रहण किया, तब उनके गले में जलन हुई। इस जलन को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगा जल से उनका अभिषेक किया। तब से यह परंपरा चली आ रही है कि श्रावण मास में भक्त गंगा जल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। कांवड़ यात्रा क्यों होती है कठिन?कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को बेहद कठिन माना जाता है क्योंकि श्रद्धालुओं को सिर या कंधे पर भारी कांवड़, जिसमें गंगा जल भरा होता है, लेकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस यात्रा की शारीरिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, यात्रा से पहले अच्छे स्वास्थ्य का होना आवश्यक है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता के लिए कई कांवड़ यात्रा शिविर लगाए जाते हैं, जिन्हें सरकार, धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा संचालित किया जाता है। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाती है, जिससे उनकी हौसला-अफजाई होती है। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां जानिए कांवड़ यात्रा की शुरुआत कहाँ से होती हैकांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) की शुरुआत आमतौर पर हरिद्वार या गंगा नदी से जल भरने के बाद होती है। कांवड़िए गंगा नदी से पवित्र जल लेकर भगवान शिव (Lord Shiva) के मंदिर की ओर निकलते हैं। कई कांवड़िए इस दौरान पैदल सैकड़ों किलोमीटर की लंबी यात्रा करते हैं। कांवड़ यात्रा के कई मार्ग होते हैं, लेकिन सबसे प्रसिद्ध रास्ता हरिद्वार से देवघर तक जाता है। यात्रा इन मार्गों से होकर गुजरेगीकांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के रास्ते में हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, हाथरस, बुलंदशहर, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर कांवड़ यात्रा शिविर लगाए जाते हैं। पूरे सावन माह के दौरान कांवड़ यात्री “बम-बम भोले” और “जय शिव” के जयकारे लगाते हुए यात्रा करते हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का भी प्रतीक है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Kanwar Yatra #KanwarYatra2025 #BholeBaba #Sawan2025 #ShivBhakti #BolBam2025 #ShivYatra #HarHarMahadev

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mental harassment in relationships

Blackmail by girlfriend: प्रेमिका और उसके दो बॉयफ्रेंड द्वारा की जारी ब्लैकमेलिंग से परेशान युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी यह बात

हाल के दिनों में प्रेमी और प्रेमिकाओं के चक्कर में कई पति और पत्नियों का या तो खून हुआ है या फिर उन्होंने आत्महत्या कर ली है। ऐसे कई मामले हैं जहाँ अपने प्रेमी और प्रेमिकाओं के चक्कर अपनी हंसती खेलती जिंदगी बर्बाद की है। तजा मामला है उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का, जहाँ एक युवक ने आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक़ प्रेमिका और उसके दो बॉयफ्रेंड उसे ब्लैकमेल कर (Blackmail by girlfriend) रहे थे। मामला लोनी कोतवाली के बंथला इलाके का है, जहाँ मंगलवार की युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने वीडियो बनाई और सुसाइड नोट भी लिखा। सुसाइड नोट को उसने अपने परिजनों को भेजा है। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।  युवक ने वीडियो में ब्लैकमेल के चलते आत्महत्या करने की बात (Blackmail by girlfriend) कही  मृतक की पहचान 28 वर्षीय पवन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। पवन बंथला इलाके में परिवार के साथ रहा करता था। ढलाई का काम करने वाले पवन का मंगलवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो में उसने आत्महत्या करने की बात कही है। इस दौरान उसने प्रेमिका और उसके दो साथियों पर उसने ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उक्त वीडियो में ब्लैकमेल के चलते ही उसने आत्महत्या करने की बात (Blackmail by girlfriend) कही है। इस बीच वीडियो वायरल होने के बाद परिवार के लोग जब कमरे में पहुंचे तो देखा कि पवन का शव फंदे से लटक रहा है। लड़कियां बहुत बचा ली अब सब अपने बेटों को संभाल (Blackmail by girlfriend) लो पवन ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है। तीन पेज के सुसाइड नोट (Blackmail by girlfriend) में पवन ने लिखा कि “बस मैं क्या ही कहूं। मैं अपने अंगूठे का निशान पेपर पर लगा रहा हूं। निवेदन यह है कि लड़कियां बहुत बचा ली अब सब अपने बेटों को संभाल लो। मैं उस लड़की को बहुत प्यार करता था। लेकिन अब उसका दूसरा बॉय फ्रेंड मुझे ब्लैकमेल कर रहा है। उसको सजा मिलनी चाहिए। मुझे इंसाफ दिला देना साहब। आज मैं हार गया हूं। इसलिए मुझे ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। बस सरफराज को (बीएनएस का सेक्शन 108) सजा दिला देना। ये सेक्शन बोलता है कि 10 साल की सजा और मिलनी चाहिए। रानी आंटी से भी पूछना चाहिए। सब लोगों के कहने पर मुझे ब्लैकमेल कर रही है। अनामिका मुझे पता है जिस तरह की धमकियां मुझे मिल रही है।” इस बीच पवन के परिजनों ने बताया कि “युवती और उसके दो साथी दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं। आरोपियों ने पवन से नगदी और कुछ जेवरात भी ले लिए हैं।  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला मुकदमा दर्ज कर आरोपी सरफराज को हिरासत में ले (Blackmail by girlfriend) लिया है फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि “मुकदमा दर्ज कर आरोपी सरफराज को हिरासत में ले लिया है।” लोनी गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि “आज दिनांक 28-05-2025 को थाना लोनी पर एक वादी द्वारा सूचना दी गई कि उनके बेटे पवन गुप्ता उम्र करीब 24 वर्षीय ने रात में फांसी लगाकर आत्महत्या (Blackmail by girlfriend) कर ली। इस संबंध में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसकी जांच की जा रही है। वादी की तहरीर के आधार पर अभियुक्त सरफराज के विरुद्ध थाना लोनी पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Blackmail by girlfriend #Blackmail #SuicideNote #GirlfriendTrap #LoveTriangle #CrimeNews #IndiaNews #BreakingNews #MentalHealth

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Musk Trump disagreement

Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt: एलन मस्क ने छोड़ा ट्रंप सरकार का साथ, इस वजह से दोस्ती में आई दरार

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सब कुछ सही नहीं चला रहा है। इससे पहले भी दोनों के रिश्तों में तल्खी देखी गयी थी। अततः एलन मस्क ने ट्रंप के विशेष सलाहकार पद से इस्तीफा दे (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास माने जाने वालों में से एक एलन मस्क ने ऐलान किया है कि “वह ट्रंप प्रशासन से बाहर हो रहे हैं। संघीय नौकरशाही को कम करने और उसमें सुधार लाने के प्रयासों का नेतृत्व करने के बाद एलन मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सलाहकार के रूप में अपनी सरकारी भूमिका छोड़ रहे हैं। उन्होंने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि “वे सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।” इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “उन्होंने उन पर विश्वास किया और उन्हें अपने प्रशासन में एक विशेष सरकारी कर्मचारी के तौर पर शामिल किया।”  राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है- एलन मस्क गौर करने वाली बात यह कि मस्क का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब लंबे समय से ये चर्चा चल रही थी कि दोनों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं। हालाँकि मस्क ने कुछ दिन पहले ही ट्रंप के एक फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि “राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है। मस्क के मुताबिक, यह फैसला खर्चों में भारी बढ़ोतरी करेगा, जिससे संघीय घाटा बढ़ेगा।” बता दें कि एलन मस्क को अमेरिकी सरकार में विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में नामित किया गया था। इसके तहत वह हर साल 130 दिनों तक सरकार के काम में अपनी सलाह देते। ध्यान देने वाली बात यह कि 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण से मई के अंत में ये सीमा पूरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने समाचार आउटलेट सेमाफोर को बताया कि “विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मस्क की ऑफबोर्डिंग बुधवार रात से शुरू होगी। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी मुहाजिरों की आखिरी उम्मीद PM मोदी, पाक नेता ने सेना से बचाने की लगाई गुहार मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा- एलन मस्क गौरतलब हो कि उन्होंने इस ऐलान से पहले बाकायदा ट्रंप के सुंदर बिल की आलोचना की थी। मस्क ने कहा था कि “वह इस बिल से निराश (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) हैं। इस विधेयक में कर कटौती और आव्रजन प्रवर्तन में वृद्धि का मिश्रण शामिल है। मस्क ने इसे एक बहुत बड़ा व्यय विधेयक बताया जो संघीय घाटे को बढ़ाता है और उनके सरकारी दक्षता विभाग, जिसे डीओजीई के नाम से जाना जाता है, के काम को कमजोर करता है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा कि “मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। डीओजेई मिशन समय के साथ और मजबूत होगा क्योंकि यह सरकार चलाने का एक तरीका बन जाएगा।” खैर, कुल-मिलकर बात यह कि मास्क ट्रम्प के कुछ फैसलों से नाराज चल रहे थे। उन्होंने ट्रंप द्वारा टैक्स में कटौती और इमिग्रेशन सुधार के फैसले को लेकर सीबीएस के साथ बातचीत में कहा कि “मेरा मानना है कि कोई भी बिल या तो बड़ा हो सकता है या फिर सुंदर, लेकिन दोनों नहीं हो सकता। कुछ चीजें हैं जिनसे मैं संतुष्ट नहीं हूं, मगर कई चीजों से मैं काफी उत्साहित हूं।” इस दौरान मस्क ने यह भी बताया कि “इस फैसले में कुछ बदलाव होने की संभावना बनी हुई है, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news  Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt #ElonMusk #Trump #Politics #BreakingNews #MuskVsTrump #USPolitics

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Monsoon and Respiratory Infections

मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन में क्या है कनेक्शन? जानिए इसके कारणों और बचाव के तरीके

भयंकर गर्मी के मौसम के बाद मानसून (Monsoon) का आना राहत पहुंचाता है। लेकिन, मानसून (Monsoon) में कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है। इस दौरान बढ़ती ह्यूमिडिटी, तापमान और नमी वाले वातावरण में वायरस व बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections)। अगर बात की जाए रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections) की, तो इसे रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी कहा जाता है। यह वो समस्या है जिससे रेस्पिरेटरी सिस्टम प्रभावित होता है। इस सिस्टम में नाक, गला, एयरवेज और फेफड़े आदि शामिल हैं। इस समस्या के कारण इम्यूनिटी कमजोर होती है जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी और अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। जानिए मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections) के बारे में विस्तार से।  मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections): क्या हैं मानसून में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के कारण? नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन (Northwestern Medicine) के अनुसार रेस्पिरेटरी इंफेक्शन किसी को भी हो सकता है लेकिन स्मोकर्स, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, रेस्पिरेटरी डिजीज से पीड़ित और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसकी संभावना अधिक रहती है। मानसून (Monsoon) में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections) के कारण इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: COVID-19 और Dengue हैं दो अलग-अलग बीमारियां, इनके बीच के अंतर को समझें और रहें सुरक्षित मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections): कैसे बचें इस समस्या से? मानसून में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से बचाव के लिए कुछ चीजों का खास ख्याल रखना चाहिए, जैसे: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Monsoon and Respiratory Infections #MonsoonandRespiratoryInfections #Monsoon #RespiratoryInfections #infection

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Nirjala Ekadashi

निर्जला एकादशी 2025: सबसे कठिन व्रत, जो देता है साल भर की एकादशियों का पुण्य

हिंदू पंचांग के अनुसार निर्जला एकादशी व्रत (Nirjala Ekadashi) को सभी एकादशियों में सबसे अधिक फलदायक और कठोर तपस्वी व्रत माना गया है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन व्रती बिना जल और अन्न के उपवास करता है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। निर्जला एकादशी 2025 में कब है? हिंदू धर्म में मान्यता के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 6 जून 2025 को रात 2 बजकर 15 मिनट पर होगी और यह तिथि 7 जून को सुबह 4 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। पंचांग पर आधारित गणना के अनुसार उदया तिथि को ही प्रधानता दी जाती है, इसलिए इस बार निर्जला एकादशी का पावन व्रत शुक्रवार, 6 जून 2025 को रखा जाएगा। क्या है निर्जला एकादशी व्रत? निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) व्रत का मुख्य उद्देश्य शरीर और मन की पवित्रता, आत्मिक विकास और भगवान विष्णु की कृपा को प्राप्त करना होता है। यह व्रत खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो पूरे वर्ष एकादशी का व्रत नहीं रख पाते। धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि यदि कोई व्यक्ति केवल निर्जला एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा से करता है, तो उसे वर्ष भर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को इस व्रत के महत्व को बताते हुए कहा था कि यह व्रत मनुष्य के सभी पापों को नष्ट करता है और मोक्ष की प्राप्ति कराता है। निर्जला एकादशी व्रत के नियम  इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां निर्जला एकादशी के लाभ  निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) का व्रत अत्यंत पुण्यफलदायक माना जाता है और यह सभी एकादशियों में श्रेष्ठ स्थान रखता है। इसे भी भीमसेनी एकादशी के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों में से भीम ने केवल इसी एकादशी का कठोर व्रत रखकर सभी एकादशियों का पुण्य अर्जित किया था। ऐसा कहा जाता है कि यदि यह व्रत पूरी निष्ठा और आस्था के साथ किया जाए, तो भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है तथा आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Nirjala Ekadashi #NirjalaEkadashi2025 #EkadashiFast #HinduFasting #SpiritualBenefits #BhimseniEkadashi #HinduFestival2025 #EkadashiVrat

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