MyanmarEarthquake

Myanmar earthquake: म्यांमार में आये भीषण भूकंप से मची तबाही, 700 से अधिक लोगों की हुई मौत, हजारों घायल

शुक्रवार को म्यांमार में अचानक भूकंप (Myanmar earthquake) के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास था। भूकंप की तीव्रता 7.7 थी। इसी के बाद करीब 11 मिनट बाद 6.4 तीव्रता का जोरदार झटका आया। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि इससे कई इमारतें ढह गईं। अचानक आये इस भूकंप से लोग दहशत में आ गए। चारों तरफ अफरा-तरफ का माहौल मच गया। तबाही का मंजर ऐसा कि इस भूकंप में तकरीबन 700 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। मौतों का अकड़ा बढ़ने के आसार हैं। हजारों लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। फ़िलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी चल ही रहा है, इसी के चलते बचाव कार्य जारी रहने के चलते मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। यही नहीं, म्यांमार में आए भूकंप के झटके पड़ोसी देश थाईलैंड तक में महसूस किए गए। पड़ोसी देश थाईलैंड के बैंकॉक में एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि म्यांमार में सबसे ज्यादा नुकसान 15 लाख की आबादी वाले मांडले शहर में हुआ। यहां पर बचाव कार्य जारी है। बता दें कि मुख्य भूकंप के बाद शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:56 बजे म्यांमार में 4.2 तीव्रता का झटका आया। इस झटके के बीच नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने पुष्टि की कि यह झटका 10 किमी की गहराई पर आया। जिससे आगे के झटकों की संभावना बढ़ गई है।   इस मुश्किल घड़ी में भारत ने म्यांमार की तरफ बढ़ाया मदद का हाथ (Myanmar earthquake) म्यांमार में आये भीषण भूकंप (Myanmar earthquake) के बाद राहत अभियान शुरू किया जा चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने घोषणा की कि “संयुक्त राष्ट्र जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए दक्षिण पूर्व एशिया में जुट रहा है, राहत के लिए 5 मिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं।” तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “उन्होंने म्यांमार में अधिकारियों से बात की है और पुष्टि की है कि उनका प्रशासन देश को सहायता देगा।” म्यांमार की सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में बल्ड के जरूरत की बात कही है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी म्यांमार की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। कहा जा रहा है कि भारत म्यांमार को स्लीपिंग बैग, खाना, टेंट, स्वच्छता किट और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजेगा। जानकारी के मुताबिक सहायता वायु सेना स्टेशन हिंडन से भारतीय वायु सेना के सी-130जे विमान के जरिए यह मदद देश तक पहुंचाई जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही थाईलैंड में बैंकॉक के चाटुचक बाजार के पास एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत (Myanmar earthquake) ढह गई प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्यांमार के सैन्य जुंटा नेता जनरल जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने एक वीडियो स्पीच में कहा कि “मैंने राहत प्रयासों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का अनुरोध किया है। उन्होंने अधिक मौतों और हताहतों की चेतावनी दी है। इस दौरान उन्होंने सभी देशों से मदद और दान देने की गुजारिश की है। जबकि मेजर जनरल जॉ मिन तुन ने बताया कि “नेपीडॉ, मांडले और सागांग शहर में अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं।” यही नहीं, थाईलैंड में, बैंकॉक के चाटुचक बाजार के पास एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत (Myanmar earthquake) ढह गई। इमारत के ढहने के बाद बचावकर्मी मलबे की ओर दौड़े और घायल लोगों को फौरन अस्पताल ले जाया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Myanmar earthquake #MyanmarEarthquake #EarthquakeNews #MyanmarDisaster #SeismicActivity #EarthquakeAlert #BreakingNews #EarthquakeDeathToll #MyanmarRescue #TsunamiAlert #NaturalDisaster

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Chennai Super Kings defeat

CSK vs RCB: 17 साल बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के हाथों चेन्नई सुपर किंग्स की करारी हार

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK vs RCB) के बीच  28 मार्च को खेले गए आईपीएल 2025 के आठवें मैच में बड़ा उलटफेर देखने मिला। चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में मौजूद दर्शक रोमांचक मैच का आनंद लेने पहुंचे थे। सभी को यह उम्मीद थी कि चेन्नई सुपर किंग्स अपने होम ग्राउंड में बड़ा कारनामा करेगी। लेकिन हुआ इसका उल्टा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हाथों उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 197 रनों का लक्ष्य दिया। 197 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम सीएसके की हालत काफी खराब नजर आई। दूसरे ओवर में राहुल त्रिपाठी के आउट होने के बाद टीम एक के बाद एक अपने विकेट गंवाती रही। रचिन रवींद्र ने 41 रन बनाकर चेन्नई को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की लेकिन फिर भी चेन्नई हार गई। बेशक आरसीबी की टीम के खिलाड़ियों ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया।  फैंस अब हार का ठीकरा धोनी पर फोड़ रहे हैं (CSK vs RCB) इस तरह वो लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकी और 50 रनों से मैच हार गई। इस हार से चेन्नई सुपर किंग्स (CSK vs RCB) के फैंस बड़े निराश हुए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सीएसके हारेगी भी, वो इतनी बुरी तरह से। फैंस अब हार का ठीकरा धोनी पर फोड़ रहे हैं। दरअसल, 97 के स्कोर पर सुपर किंग्स के 7 विकेट गंवाने के बाद दर्शकों को उम्मीद थी धोनी बल्लेबाजी करने आएंगे और आकर टीम को जीत दिलवाएंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वो आराम से नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। जब तक वो क्रीज पर आये तब एक मैच पूरी तरह सीएसके के हाथ से निकल चुका था। खैर, धोनी ने पारी  जिसके कारण उनकी 30 रनों की पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 के छठे मुकाबले में केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को दी 8 विकेट से मात पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स आठ विकेट पर 146 रन ही बना सकी (CSK vs RCB) गौर करने वाली बात यह कि आरसीबी के सात विकेट पर 196 रन के जवाब में पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स आठ विकेट पर 146 रन ही बना सकी (CSK vs RCB)। बता दें कि 2008 में आईपीएल के पहले सीजन के बाद से चेपॉक में चेन्नई के खिलाफ आरसीबी की यह पहली जीत है। इस मैच की अहम बात यह कि पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी ने 196 रन बनाए और फिर सीएसके की शुरुआती पारी को टिकने ही नहीं दिया। चेन्नई के बल्लेबाज अपनी खुद की गलतियों के कारण अपना विकेट गंवाते रहे। कुलमिलाकर सीएसके की न बैटिंग चली और न ही फील्डिंग। नतीजतन, सीएसके की टीम 146 रन बनाकर ढेर हो गई और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। आखिरकार आरसीबी ने चेपॉक स्टेडियम में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद सीएसके को हरा ही दिया। बता दें रजत पाटीदार की कप्तानी वाली आरसीबी ने चेन्नई को 50 रन से हराया।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 CSK vs RCB #CSKvsRCB #RCBvsCSK #IPL2025 #RCBWin #CSK #RoyalChallengersBangalore #ChennaiSuperKings #IPL #ViratKohli #MSDhoni

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Myanmar Thailand Earthquake

Myanmar Thailand Earthquake: म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही

म्यांमार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके (Myanmar Thailand Earthquake) आए हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.7 बताई जा रही है। भूकंप के तेज झटके की वजह से बैंकॉक और म्यांमार के शहरों में बड़ी-बड़ी गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की बिखर गई। रिपोर्ट के मुताबिक जो बिल्डिंग निर्माणाधीन थी, वो भूकंप के तीव्र झटके को सह नहीं पाई। भूकंप के बाद बैंकॉक में तकरीबन 43 लोग लापता हो गए हैं। भूकंप के बाद हुई तबाही का यह आलम यह कि वहां इमरजेंसी लगा दी है। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक भूकंप का एपिसेंटर म्यांमार के साउदर्न कोस्ट के सागाइंग के पास था। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जेएफझेड भूविज्ञान केंद्र ने कहा कि “भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर था। इसी वजह से भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया है।”  भूकंप से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।  भूकंप का केंद्र बर्मा के मांडले शहर के पास था (Myanmar Thailand Earthquake)  मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भूकंप का केंद्र बर्मा के मांडले शहर के पास (Myanmar Thailand Earthquake) था। भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि इरावजी नदी पर बना एक विशाल पुल ढह गया है। इसके आलावा  म्यांमार की राजधानी नेपिडो में सड़कों पर दरार आ गई है। जबकि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूंकप के झटकों के बाद गिरती इमारतों से लोग दूर भागते नजर आए। सरकार ने आपात बैठक कर रही है। म्यांमार में खतरनाक भूकंप के झटके महसूस हुए। लोगों में भूकंप के बाद दशहत महसूस की गई। भूकंप के झटके काफी तेज थे। झटकों से लोग दहशत में आ गए और अपने घरों-दफ्तरों से बाहर निकल आए। ये झटके इतने जबरदस्त थे कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इन्हें महसूस किया गया।  View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) भूकंप के बाद मोदी की प्रतिक्रिया दोनों देशों की हर संभव मदद करने के लिए भारत तैयार है (Myanmar Thailand Earthquake)  दोनों देशों में आए भीषण भूकंप पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप के तेज झटकों से वह चिंतित हैं। वह लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं।” पीएम ने कहा कि “दोनों देशों की हर संभव मदद करने के लिए भारत तैयार है।” जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने भारत में संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने के लिए कहा है। साथ ही उन्होंने विदेश मंत्रालय को म्यांमार और थाईलैंड (Myanmar Thailand Earthquake) की सरकारों के साथ संपर्क में रहने के लिए कहा है।” खैर, म्यांमार में आये भूकंप का असर कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी देखा गया। इन इलाकों में हल्के झटके महसूस किए। मणिपुर में, भूकंप के झटकों के कारण इंफाल के थंगल बाजार में लोगों में दहशत फैल गई। गौर करने वाली बात यह कि यहां कई पुरानी बहुमंजिला इमारतें हैं। इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन क्यों आते हैं भूकंप और कैसे नापी जाती है तीव्रता? (Myanmar Thailand Earthquake)  जानकारी के लिए बता दे कि धरती के भीतर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स निरंतर घूमती रहती हैं। ये प्लेटें जब आपस में टकराती हैं, इनमे रगड़ होती है या फिर एक दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन में कंपन होती है। आसान भाषा में इसे ही भूकंप कहते हैं। भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं। जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं। रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 के बीच होती है। 1 यानी नॉर्मल तीव्रता और 9 यानी सबसे भयावह। अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Myanmar Thailand Earthquake #MyanmarThailandEarthquake #EarthquakeAlert #ThailandQuake #MyanmarQuake #SeismicActivity #EarthquakeNews #DisasterUpdate #Tremors #BuildingCollapse #NaturalDisaster

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Woman’s Body Found in Suitcase, Husband

सूटकेस में मिला महिला का शव, पति ने ही गर्दन और पेट में घोंपा चाकू

मेरठ के सौरभ-मुस्कान का मामला शांत भी नहीं हुआ कि 27 मार्च 2025 को बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। खबर के मुताबिक 36 वर्षीय एक शख्स ने अपनी 32 साल की पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद फिर उसने उसकी लाश को एक सूटकेस में पैक किया और घर में ही छोड़कर भाग गया। बड़ी बात यह कि भागने से पहले उसने अपने मकान मालिक को इस हत्याकांड की सूचना भी दी। उसने गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे अपने मकान मालिक को फोन किया और मकान मालिक को बताया कि उसने पिछली रात अपनी पत्नी की हत्या कर शहर छोड़ दिया है। उसने फ़ोन पर मकान मालिक से पुलिस को इस बारे में सूचित और उसके परिवार को अंतिम संस्कार करने के लिए कहने को कहा। जाहिर सी बात यह सुनकर मकान मालिक डर गया। उसने हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया।  पति ने शव को मोड़कर ट्रॉली बैग में दिया था भर  इस बीच सूचना मिलते ही हुलिमावु पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। तभी उसकी नजर पास रखे ट्रॉली सूटकेस पर पड़ी। पुलिस ने जब सूटकेस खोला तो उसमें के महिला की लाश पड़ी थी। उसने पूरे शव को मोड़कर ट्रॉली बैग में भर दिया था। अधिकारियों ने मौत के कारण का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि “उसकी गर्दन और पेट में चाकू घोंपा गया था।” कहने की जरूरत नहीं, यह घटना बड़ी ही दुखद है और इसने इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना के बाद से ही आरोपी शहर से गया था भाग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपी का नाम राकेश खेडेकर है और वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर है। मृतक महिला का नाम गौरी सांबरेकर है। वह मास मीडिया में ग्रेजुएट थी और नौकरी ढूंढ रही थी। दोनों एक महीने पहले ही बेंगलुरु के दोड्डकम्मनहल्ली में किराए के मकान में रह रहे थे। यह जगह हुलिमावु के पास है। वह घर से ही काम कर रहा था। दोनों महाराष्ट्र के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी शहर से भाग गया था। इस बीच डीसीपी (दक्षिण-पूर्व) सारा फातिमा को पता चला कि राकेश का मोबाइल अभी भी चालू है। उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस से बात की। बेंगलुरु पुलिस शाम को फ्लाइट से पुणे पहुंची। महाराष्ट्र पुलिस की मदद से राकेश को रात करीब 9.30 बजे पुणे के पास से पकड़ लिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे का कारण जानने की कोशिश कर रही है।  इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या अपराध करने के बाद आरोपी ने पीड़िता के माता-पिता को किया था फोन  पुलिस के मुताबिक, राकेश हत्या के बाद भाग गया था। पुलिस ने उसे महाराष्ट्र में तब पकड़ा जब वह अपनी कार से पुणे जा रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसे बेंगलुरु वापस लाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अपराध करने के बाद पीड़िता के माता-पिता को फोन किया था। पीड़िता के माता-पिता ने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया, जिसने कर्नाटक पुलिस को सूचित किया। बता दें डीसीपी सारा फातिमा मामले पर अपनी नजर बनाई हुई हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news दक्षिण-पूर्व #CrimeNews #MurderCase #ShockingCrime #CrimeReport #DomesticViolence #CrimeAlert #HorrorStory #JusticeForVictims #BreakingNews #CrimeScene

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Militants Execute Bus Passengers in Balochistan, Pakistan​

Balochistan bus attack: खूनी हमलों से दहला बलूचिस्तान, यात्रियों को बसों से उतारकर गोलियों से भूना

कहने के लिए तो बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन बड़ा होने के साथ ही यह सबसे अस्थिर प्रांत भी है। अस्थिरता के आलम का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में यहां हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। हाल ही में बस से उतारकर पंजाबियों को निशाना बनाया गया। हमलावरों ने बस से यात्रियों को उतारकर विशेष रूप से पंजाबी समुदाय के लोगों को निशाना बनाया है। बता दें कि बलूचिस्तान में संदिग्ध विद्रोहियों द्वारा किए गए दो अलग-अलग हमलों में आठ लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल (Balochistan bus attack) हो गए, जबकि तीन लोगों को अगवा कर लिया गया। बुधवार को बस यात्रियों पर हमला ऐसे समय में हुआ जब प्रांत में पहले से ही माहौल तनावपूर्ण था। बता दें कि मार्च महीने की शुरुआत में, अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस का अपहरण कर लिया था। जिसमें कुल 440 यात्री सवार थे।  इस घटना में 18 सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 26 बंधकों की जान चली गई थी। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को क्वेटा के बारेच मार्केट क्षेत्र में एक पुलिस वाहन के पास बम विस्फोट हुआ, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और 17 घायल हो गए।  कलमत क्षेत्र के पास एक यात्री बस को रोक लिया और गोलीबारी (Balochistan bus attack) कर दी इस पूरे मामले पर बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के मुताबिक “विस्फोटक सामग्री एक मोटरसाइकिल में छिपाई गई थी, जो पुलिस वाहन के पास धमाके से फट गई।” खैर, इस बीच घायलों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। इससे पहले, बुधवार रात ग्वादर जिले में उग्रवादियों ने एक यात्री बस को रोका और पंजाब प्रांत के छह यात्रियों को नीचे उतारकर गोली मार दी। साथ ही, तीन अन्य यात्रियों को अपहरण कर अपने साथ ले गए। इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हफीज बलूच ने बताया कि “यह हमला ग्वादर जिले में बुधवार देर रात हुआ, जब कुछ हथियारबंद हमलावरों ने ओरमारा राजमार्ग पर कलमत क्षेत्र के पास एक यात्री बस को रोक लिया और गोलीबारी (Balochistan bus attack) कर दी। इस हमले में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री ने गुरुवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया।” पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि “हमलावरों ने यात्रियों के पहचान-पत्र जांचने के बाद छह लोगों की हत्या कर दी और तीन अन्य को अपने साथ ले गए। सभी पीड़ित पंजाब प्रांत के रहने वाले थे। हलाँकि अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। बता दें कि उग्रवादियों ने ग्वादर बंदरगाह से खाद ले जा रहे तीन ट्रकों को भी सड़क पर बाधा डालकर रोक लिया और फिर उनमें आग लगा दी।” इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यात्री बस पर हुए हमले (Balochistan bus attack) की निंदा  प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यात्री बस पर हुए हमले (Balochistan bus attack) की निंदा की। न सिर्फ निंदा की बलि संबंधित अधिकारियों को जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश भी दिया। यही नहीं, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि “आतंकवादी देश की प्रगति और बलूचिस्तान की खुशहाली के विरोधी हैं, क्योंकि वे वहां विकास होता नहीं देख सकते।” इसके अलावा बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “निर्दोष यात्रियों को बस से उतारकर पहचान के आधार पर उनकी हत्या करना एक अमानवीय और कायरतापूर्ण कृत्य है।” इसके अलावा प्रांत के नसीराबाद संभाग के सोहबत क्षेत्र में एक और घटना घटी, जहां हथियारबंद हमलावरों ने एक घर पर हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के सात सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, यह अपराध दो समूहों के बीच चल रहे भूमि विवाद को लेकर हुआ। पुलिस इसे आपसी रंजिश से जुड़ा मामला बता रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Balochistan bus attack #BalochistanAttack #BusAttack #PakistanViolence #TerrorismInPakistan #BalochistanUnrest #PassengerSafety #SectarianViolence #HumanRights #SecurityConcerns #PeaceInBalochistan

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Kalash Sthapana Time & Significance

चैत्र नवरात्रि 2025: कलश स्थापना का सही समय और महत्व, गलत मुहूर्त में करने से बचें

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा (Devi Durga) की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह नवरात्रि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है और नवमी तिथि तक चलती है। साल 2025 में चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगी और 7 अप्रैल तक चलेगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जो देवी दुर्गा के आगमन का प्रतीक है। लेकिन कलश स्थापना का सही समय और मुहूर्त जानना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गलत मुहूर्त में कलश स्थापना करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथि और समय साल 2025 में चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) 30 मार्च से शुरू होगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी, जो 30 मार्च को होगी। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है: कलश स्थापना का महत्व कलश स्थापना (Kalash Sthapana) नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। कलश को देवी दुर्गा (Devi Durga) का प्रतीक माना जाता है, और इसे स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। कलश स्थापना के दौरान जल, नारियल, आम के पत्ते और लाल कपड़े का उपयोग किया जाता है। कलश स्थापना के बाद देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और नवरात्रि के नौ दिनों तक उनकी आराधना की जाती है। कलश स्थापना के दौरान क्या करें? इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व चैत्र नवरात्रि और कलश स्थापना चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जो देवी दुर्गा के आगमन का प्रतीक है। कलश स्थापना के बाद नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। कलश स्थापना के दौरान सही मुहूर्त का चयन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गलत मुहूर्त में कलश स्थापना करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। कलश स्थापना (Kalash Sthapana) के नियम और विधि नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #KalashSthapana #NavratriMuhurat #NavratriPuja #NavratriSignificance #ChaitraNavratri #Ghatasthapana #HinduFestivals #NavratriVrat #NavratriWorship

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Mamata Banerjee's Oxford Union Speech Controversy

Mamata Banerjee Oxford Speech: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा, बोलो दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लंदन में ऑक्सफोर्ड (Mamata Banerjee Oxford Speech) यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में भाषण दे रही थीं, तभी कुछ छात्रों ने उनका भाषण रोक दिया। दरअसल, छात्र राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा और आरजी कर कॉलेज के मुद्दे पर विरोध कर रहे थे। गौर करने वाली बात यह कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बहुत ही शालीनता से स्थिति को संभाला। उन्होंने विरोध करने वाले छात्रों को न सिर्फ जवाब दिया बल्कि अपनी बात भी रखी। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि “अपनी पार्टी से कहो कि वो हमारे राज्य यानी पश्चिम बंगाल में अपनी ताकत बढ़ाएं ताकि वो हमसे मुकाबला कर सकें।” अचानक हुए इस विरोध से वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। लेकिन, उन्होंने मुख्यमंत्री के जवाब की सराहना की। दर्शकों ने विरोध करने वाले छात्रों को हॉल से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद ममता बनर्जी ने बिना किसी रुकावट के अपना भाषण पूरा किया। बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया- यूके ने ली है। संगठन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि “हम पश्चिम बंगाल के छात्रों और श्रमिक वर्ग के समर्थन में ममता बनर्जी और टीएमसी के भ्रष्ट और अलोकतांत्रिक शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।” इसे राजनीति करने का मंच बनाने के बजाय, बंगाल जाओ (Mamata Banerjee Oxford Speech) प्राप्त जानकारी के मुताबिक जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में उद्योगों के विकास पर बोल (Mamata Banerjee Oxford Speech) रही थीं, तो टाटा ग्रुप की टीसीएस कंपनी में निवेश की बात उठी। तभी उसी समय, कुछ लोग हाथों में पोस्टर लेकर खड़े हो गए। इन पोस्टरों में राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा और आरजी कर कॉलेज के मुद्दे लिखे हुए थे। इस बीच विरोध करने वाले लोग नारे भी लगा रहे थे, जिससे ममता बनर्जी के भाषण में बाधा आ रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री बिल्कुल भी परेशान नहीं हुईं। उन्होंने शांत लेकिन दृढ़ आवाज में विरोध करने वालों को जवाब दिया। उन्होंने उनसे कहा कि आप मेरा स्वागत कर रहे हैं, धन्यवाद। मैं आपको मिठाई खिलाऊंगी। तभी मुख्यमंत्री ने एक प्रदर्शनकारी को भाई कहकर संबोधित करते हुए कहा कि “झूठ मत बोलो। मुझे तुम्हारे लिए सहानुभूति है। लेकिन इसे राजनीति करने का मंच बनाने के बजाय, बंगाल जाओ और अपनी पार्टी से कहो कि वो खुद को मजबूत करे ताकि वो हमसे मुकाबला कर सके।” उनका जवाब सुनकर दर्शक जोर-जोर से तालियां बजाने लग। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज उठाने की कोशिश की लेकिन मुख्यमंत्री ने उनसे कह कि “मेरा अपमान करके अपने संस्थान का अपमान मत करो। मैं यहां देश के प्रतिनिधि के तौर पर आई हूं। अपने देश का अपमान मत करो।” इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन यहां राजनीति मत करो, यह राजनीति करने का मंच नहीं है (Mamata Banerjee Oxford Speech) इस बीच जब प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर कॉलेज में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया (Mamata Banerjee Oxford Speech) तो मुख्यमंत्री ने कहा कि “थोड़ा जोर से बोलिए, मुझे सुनाई नहीं दे रहा है। मैं आपकी हर बात सुनूंगी। क्या आपको पता है कि यह मामला अभी भी चल रहा है? इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार के हाथों में है, यह मामला अब हमारे हाथ में नहीं है।” ममता बनर्जी ने आगे कहा कि “यहां राजनीति मत करो, यह राजनीति करने का मंच नहीं है। मेरे राज्य में जाओ और मेरे साथ राजनीति करो। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना का भी जिक्र किया।” अहम बात यह कि भारत की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली भी उस समय वहां मौजूद थे। बता दें कि ममता बनर्जी लंदन में कई उद्योग और व्यापार से जुड़ी बैठकों में शामिल हुईं। उनके दौरे का मुख्य आकर्षण केलॉग कॉलेज में उनका भाषण था। और कमाल की बात यह कि यहीं पर विरोध प्रदर्शन हुआ।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee Oxford Speech #MamataBanerjee #OxfordSpeech #SpeechControversy #PoliticalDebate #TMC #BJP #CPI(M) #FakeDegree #OxfordUnion #KelloggCollege

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LSG Secures First IPL 2024 Win Against SRH

Lucknow Super Giants win: सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर लखनऊ सुपर जायंट्स ने दर्ज की सीजन की पहली जीत

27 मार्च को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया महामुकाबला बड़ा रोमांचक रहा। ऋषभ पंत की अगुवाई में लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 5 विकेट के अंतर से बड़ी शानदार जीत (Lucknow Super Giants win) दर्ज की। बता दें कि इस सीजन में यह लखनऊ सुपर जायंट्स की पहली जीत है। लखनऊ जायंट्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बड़ी खराब रही। ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन तीसरे ओवर की पहली और दूसरी गेंद पर शार्दुल ठाकुर ने क्रमश: अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को आउट कर सनराइजर्स हैदराबाद को दोहरे झटके दिए।  शार्दुल ने 34 रन देकर झटके 4 विकेट (Lucknow Super Giants win) दरअसल, अभिषेक शर्मा छक्का मारने के चक्कर में कैच थमा (Lucknow Super Giants win) बैठे। उन्होंने 6 गेंदों में (6) रन बनाए। फिर इसके बाद अगली ही गेंद पर ईशान किशन लेग स्टंप से बाहर जाती गेंद को छेड़ने की कोशिश में विकेट के पीछे ऋषभ पंत के हाथों कैच दे बैठे। 15 के स्कोर पर 2 विकेट गंवाने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद बैकफुट पर नजर आ रही थी। अपनी खराब शुरुआत चलते हैदराबाद की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 190 रन ही बना सकी। लखनऊ के लिए सबसे सफल गेंदबाज शार्दुल ठाकुर रहे। शार्दुल ने 34 रन देकर 4 विकेट झटके तो वहीं आवेश खान, रवि बिश्नोई, दिग्वेश राठी, और प्रिंस यादव को 1-1 विकेट मिले।  लखनऊ सुपर जायंट्स ने 17वें ओवर की पहली गेंद पर ही दर्ज की जीत (Lucknow Super Giants win) जीत के लिए 191 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत भी खराब रही। पारी के दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर एडेन मार्करम को मोहम्मद शमी ने पवेलियन का रास्ता दिखाया। मार्करम 4 गेंदों पर सिर्फ 1 रन ही बना सके। मार्करम के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए निकोलस पूरन ने मिचेल मार्श के साथ मिलकर चौकों छक्कों की झड़ी लगा दी। अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर ही लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को आसानी से हरा दिया और 17वें ओवर की पहली गेंद ही जीत दर्ज (Lucknow Super Giants win) कर ली।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 के छठे मुकाबले में केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को दी 8 विकेट से मात लखनऊ सुपर जायंट् को सीजन की (Lucknow Super Giants win) मिली पहली जीत शार्दुल ठाकुर को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। शार्दुल ने 34 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। आईपीएल करियर में यह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस तरह ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट् को सीजन की पहली जीत (Lucknow Super Giants win) मिली। बता दें कि इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स को हार का सामना करना पड़ा था। कहने की जरूरत नहीं, इस करारी के बाद पैट कमिंस की अगुवाई वाली सनराइजर्स हैदराबाद को बड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब सनराइजर्स हैदराबाद प्वॉइंट्स टेबल में छठे नंबर पर आ गई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Lucknow Super Giants win #LSGvsSRH #LucknowSuperGiants #SRHvsLSG #IPL2025 #LSGWin #SunrisersHyderabad #CricketFever #T20Cricket #IPLHighlights #CricketLovers

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Budhaditya Yoga

29 मार्च को बन रहा है बुधादित्य योग, जानिए कौन सी राशियों की चमकेगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य योग (Budhaditya Yoga) को अत्यंत शुभ और दुर्लभ माना जाता है। यह योग तब बनता है जब बुध और सूर्य एक ही राशि में स्थित होते हैं। 29 मार्च 2025, शनिवार को यह शुभ योग बनने जा रहा है, जो वृषभ, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों के लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होगा। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे यह योग आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है और किन उपायों से आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। क्या है बुधादित्य योग? बुधादित्य योग (Budhaditya Yoga) एक दुर्लभ खगोलीय संयोग है जो सूर्य और बुध के एक ही राशि में होने पर बनता है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि सूर्य आत्मबल और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। जब ये दोनों ग्रह मिलते हैं, तो यह योग धन, यश और सफलता के नए द्वार खोलता है। किन राशियों को मिलेगा लाभ? 1. वृषभ राशि (Taurus) प्रभाव: शुभ उपाय: 2. वृश्चिक राशि (Scorpio) प्रभाव: शुभ उपाय: इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व 3. मकर राशि (Capricorn) प्रभाव: शुभ उपाय: बुधादित्य योग (Budhaditya Yoga) का अधिकतम लाभ कैसे उठाएं? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Budhaditya Yoga #BudhAdityaYoga #AstrologyPredictions #March29Horoscope #LuckyZodiacSigns #AstroUpdate #Horoscope2024 #ZodiacLuck #PlanetaryAlignment #VedicAstrology #AstrologyTips

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Guru Dakshina Meaning & Importance

प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व

गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का एक अभिन्न अंग रही है। गुरु को ईश्वर के समान माना जाता है, क्योंकि वे ही शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्य अपने गुरु को गुरु दक्षिणा देकर उनका आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु को सबसे अच्छी गुरु दक्षिणा क्या दे? प्रेमानंद जी महाराज, जो एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और विचारक हैं, इस विषय पर गहन ज्ञान और सीख प्रदान करते हैं। उनके अनुसार, गुरु दक्षिणा (Guru Dakshina) केवल धन या भौतिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक भावना और समर्पण से जुड़ी हुई है। गुरु दक्षिणा का वास्तविक अर्थ प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के अनुसार, गुरु दक्षिणा का वास्तविक अर्थ केवल धन या भौतिक वस्तुओं का दान नहीं है। गुरु दक्षिणा का मूल उद्देश्य गुरु के प्रति कृतज्ञता और समर्पण की भावना को व्यक्त करना है। गुरु शिष्य को ज्ञान, अनुशासन और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाते हैं, और शिष्य का कर्तव्य है कि वह इस ज्ञान को अपने जीवन में उतारे और उसे दूसरों तक पहुंचाए। गुरु दक्षिणा का सही अर्थ है गुरु के दिए हुए ज्ञान को अपने जीवन में लागू करना और उसे समाज के कल्याण के लिए उपयोग करना। गुरु दक्षिणा के रूप में क्या दें? इसे भी पढ़ें:- सीएम योगी ने अपने तीसरे टर्म को लेकर कही यह बड़ी बात, मचा सियासी हड़कंप  गुरु दक्षिणा का आध्यात्मिक महत्व प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के अनुसार, गुरु दक्षिणा (Guru Dakshina) का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। गुरु दक्षिणा केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि यह शिष्य के जीवन में आंतरिक परिवर्तन लाने का एक साधन है। गुरु दक्षिणा देने का उद्देश्य शिष्य को आत्मनिरीक्षण करने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है। गुरु दक्षिणा के माध्यम से शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करता है। गुरु की इच्छा यह है कि शिष्य भगवत प्राप्ति के मार्ग पर चले। उन्होंने जो नाम दिया है, उसका नाम जप करें। यदि शिष्य गुरु के बताए मार्ग पर नहीं चलेंगे, तो गुरु प्रसन्न नहीं होंगे। गुरु की प्रसन्नता मन, वचन और कर्म से उनकी आज्ञा का पालन करने में है। गुरु की आज्ञा का पालन करना सबसे बड़ी सेवा है। गुरु की आज्ञा सभी के लिए एक ही है: भजन करो, अच्छे आचरण अपनाओ और भगवान को प्राप्त करो। गुरु दक्षिणा और आधुनिक समय आधुनिक समय में गुरु दक्षिणा (Guru Dakshina) का अर्थ बदल गया है। आजकल लोग गुरु दक्षिणा को केवल धन या भौतिक वस्तुओं तक सीमित मानते हैं। लेकिन प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के अनुसार, गुरु दक्षिणा का वास्तविक अर्थ आंतरिक भावना और समर्पण से जुड़ा हुआ है। गुरु दक्षिणा के रूप में धन या भौतिक वस्तुएं देना गलत नहीं है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। शिष्य को गुरु के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करना चाहिए और उनके दिए हुए ज्ञान को अपने जीवन में उतारना चाहिए। शिष्य अपने गुरु के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करता है। Latest News in Hindi Today Hindi News Premanand Ji Maharaj #PremanandJiMaharaj #GuruDakshina #SpiritualWisdom #HinduTradition #VedicTeachings #GuruShishyaBond #SpiritualGuide #IndianWisdom #PremanandMaharaj #DakshinaSignificance

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