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Jio Platforms की शेयर बाजार में धमाकेदार लिस्टिंग, ₹1,119 के मुकाबले ₹1,358 पर खुला शेयर

मुंबई: रिलायंस समूह की डिजिटल और टेक्नोलॉजी कंपनी Jio Platforms ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी का शेयर NSE और BSE दोनों पर ₹1,358 पर लिस्ट हुआ, जो ₹1,119 के IPO issue price से करीब 21.36% अधिक है। लिस्टिंग पर निवेशकों को कितना फायदा? Jio Platforms के शेयर ने listing के समय issue price से ₹239 प्रति शेयर का फायदा दिया। शुरुआती कारोबार में शेयर ₹1,375 तक पहुंचा, जबकि निचला स्तर करीब ₹1,356.40 रहा। भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी Jio मजबूत लिस्टिंग के बाद Jio Platforms का market capitalisation करीब ₹12.5 लाख करोड़ पहुंच गया। इससे कंपनी भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान listed company बन गई, जबकि पहले स्थान पर parent company Reliance Industries रही। ₹30,213 करोड़ का था IPO Jio Platforms का IPO करीब ₹30,213 करोड़ का था। यह पूरी तरह fresh issue था और इसमें करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। IPO का price band ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया था और final issue price ₹1,119 तय हुआ। निवेशकों से मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स Jio Platforms IPO को निवेशकों से भारी मांग मिली। Times of India के मुताबिक public issue और anchor placement को मिलाकर bids की कुल value ₹7.4 लाख करोड़ से ज्यादा रही, जबकि IPO करीब 22 गुना से अधिक subscribed हुआ। 95 मिनट में पूरी तरह subscribe हुआ IPO Listing ceremony में Jio Platforms के Managing Director Akash Ambani ने कहा कि IPO खुलने के करीब 95 मिनट के भीतर ही fully subscribed हो गया था। उन्होंने इसे कंपनी के लिए नए चरण की शुरुआत बताया। Bharti Airtel को market cap में पीछे छोड़ा Listing के बाद Jio Platforms का valuation करीब ₹12.5 लाख करोड़ रहा, जिससे उसने market capitalisation के मामले में Bharti Airtel को पीछे छोड़ दिया। उस समय Airtel का market cap करीब ₹12.18 लाख करोड़ था। Reliance Industries के शेयर में गिरावट दिलचस्प बात यह रही कि Jio की मजबूत listing के दिन parent company Reliance Industries के शेयरों में दबाव देखने को मिला और शुरुआती कारोबार में RIL करीब 1–2% तक नीचे रहा। अब आगे किन बातों पर रहेगी नजर? Jio Platforms की आगे की performance में telecom tariffs, subscriber growth, home broadband, digital services, AI investments और free cash flow जैसे factors अहम रहेंगे। Listing के बाद अब निवेशकों की नजर कंपनी के financial results और growth strategy पर रहेगी। स्रोत – Business Standard, Times of India, Moneycontrol, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Paytm का Q2 मुनाफा करीब 11 गुना बढ़कर ₹226 करोड़, revenue 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़

नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का consolidated net profit सालाना आधार पर ₹21 करोड़ से बढ़कर करीब ₹226 करोड़ हो गया, यानी लगभग 976% की बढ़ोतरी। वहीं revenue from operations 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़ पहुंच गया। मुनाफे में करीब 11 गुना उछाल पिछले साल की समान तिमाही में Paytm का reported profit लगभग ₹21 करोड़ था। इस बार यह बढ़कर करीब ₹225-226 करोड़ हो गया। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों में PAT ₹225 करोड़ बताया गया है, जबकि कुछ market reports इसे rounding के साथ ₹226 करोड़ बता रही हैं। Revenue बढ़कर ₹2,648 करोड़ सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही में Paytm का operating revenue सालाना आधार पर करीब 28% बढ़कर ₹2,648 करोड़ रहा। कंपनी ने इस ग्रोथ के पीछे merchant payments, consumer business और financial services distribution में बढ़ोतरी को प्रमुख वजह बताया है। EBITDA भी रिकॉर्ड स्तर पर Paytm का EBITDA सालाना आधार पर करीब 90% बढ़कर ₹270 करोड़ पहुंच गया। EBITDA margin भी पहली बार double digit में पहुंचकर लगभग 10% रहा। कंपनी के मुताबिक operating leverage और AI-led efficiencies से profitability में सुधार हुआ है। Merchant GMV में 26% की बढ़ोतरी Paytm का merchant Gross Merchandise Value यानी GMV 26% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ हो गया। कंपनी के subscription-based merchants की संख्या भी बढ़कर 1.64 करोड़ पहुंच गई, जिसमें सालभर में करीब 27 लाख की बढ़ोतरी हुई। UPI transaction value में 42% उछाल Paytm ने लगातार छठी तिमाही में consumer payments market share में बढ़त दर्ज की। कंपनी का UPI transaction value सालाना आधार पर 42% बढ़ा, जबकि industry growth करीब 19% रही। Monthly Transacting Users की संख्या भी बढ़कर 8.5 करोड़ हो गई। Financial services business में मजबूत ग्रोथ कंपनी के financial services distribution revenue में 49% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹912 करोड़ पहुंच गया। Merchant loans, personal loans, Paytm Postpaid और wealth products से इस segment को मजबूती मिली। AI पर बढ़ा Paytm का फोकस Paytm ने कहा है कि AI अब engineering, fraud prevention, risk management, collections और customer personalisation में तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। AI-led efficiencies के चलते indirect expenses का revenue में हिस्सा पिछले साल के 52% से घटकर 46% हो गया। ₹1,000 करोड़ के नए निवेश को मंजूरी One 97 Communications ने Paytm Cloud Technologies में अगले 12 महीनों में ₹500 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। Paytm Cloud Technologies भी अपनी Singapore subsidiary में ₹500 करोड़ तक निवेश करेगी। इस रकम का इस्तेमाल business expansion और working capital जरूरतों में किया जाएगा। स्रोत – Paytm, Moneycontrol, Business Standard, Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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EAAA India Alternatives का ₹1,200 करोड़ IPO आज खुला, ₹1,585-₹1,665 तय हुआ प्राइस बैंड

मुंबई: वैकल्पिक निवेश प्रबंधन कंपनी EAAA India Alternatives Limited का ₹1,200 करोड़ का IPO सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के लिए खुल गया है। यह इश्यू 28 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने IPO के लिए ₹1,585 से ₹1,665 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पूरी तरह Offer for Sale है IPO EAAA India Alternatives का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। इसमें करीब 72.07 लाख शेयर बिक्री के लिए पेश किए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई जाने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी। कितना है लॉट साइज? IPO में एक लॉट में 9 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,665 के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम ₹14,985 का निवेश करना होगा। कब तक कर सकते हैं आवेदन? EAAA India Alternatives IPO के लिए निवेशक 26 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक बोली लगा सकते हैं। शेयरों के अलॉटमेंट का आधार 29 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है। कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग? IPO कैलेंडर के मुताबिक शेयरों की लिस्टिंग 2 नवंबर 2026 को NSE और BSE पर होने की योजना है। रिफंड और डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने की प्रक्रिया 30 अक्टूबर के आसपास हो सकती है। किसके लिए कितने शेयर आरक्षित? IPO में Qualified Institutional Buyers यानी QIB के लिए करीब 36.03 लाख शेयर, Non-Institutional Investors के लिए करीब 10.81 लाख शेयर और Retail Investors के लिए लगभग 25.22 लाख शेयर आरक्षित किए गए हैं। क्या करती है EAAA India Alternatives? EAAA India Alternatives एक alternative asset management business है और Edelweiss Group से जुड़ी कंपनी है। यह निजी बाजारों और वैकल्पिक निवेश रणनीतियों से जुड़े फंड और निवेश समाधान मैनेज करती है। निवेशकों की नजर valuation और demand पर ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब ₹10,765 करोड़ बैठता है। बाजार की नजर IPO के subscription numbers, institutional demand और valuation पर रहेगी। स्रोत – Economic Times, Business Today, Goodreturns, EAAA India Alternatives RHP जय राष्ट्र न्यूज़

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अडानी पावर का मुनाफा 142% बढ़ा, जेएसडब्ल्यू स्टील का लाभ तीन गुना से ज्यादा; तिमाही नतीजों में दोनों कंपनियां चर्चा में

नई दिल्ली/मुंबई, 24 अक्टूबर 2026: सितंबर तिमाही के नतीजों में अडानी पावर और जेएसडब्ल्यू स्टील ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। अडानी पावर का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर करीब 142% बढ़कर ₹7,019.32 करोड़ हो गया, जबकि जेएसडब्ल्यू स्टील का समेकित शुद्ध लाभ 225% बढ़कर ₹5,279 करोड़ पहुंच गया। अडानी पावर का मुनाफा ₹7,019 करोड़ अडानी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में ₹7,019.32 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹2,906.46 करोड़ था। कंपनी ने बेहतर आय और एकमुश्त आय को इस तेज वृद्धि की प्रमुख वजह बताया। आय में भी करीब 30% की बढ़ोतरी अडानी पावर की परिचालन आय बढ़कर ₹17,014.06 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹13,106.34 करोड़ से करीब 29.8% ज्यादा है। कंपनी के मुताबिक बिजली की मांग बढ़ने, बेहतर बिक्री और कुछ बिजली खरीद समझौतों में ऊंचे शुल्क से आय को समर्थन मिला। एकमुश्त आय ने भी बढ़ाया मुनाफा कंपनी ने तिमाही के दौरान करीब ₹2,422 करोड़ की पूर्व अवधि से जुड़ी आय दर्ज की। यह कुछ बिजली खरीद समझौतों के पुराने ऊर्जा शुल्क में संशोधन से संबंधित थी। इसी वजह से शुद्ध लाभ की वृद्धि परिचालन लाभ की तुलना में काफी ज्यादा दिखाई दी। जेएसडब्ल्यू स्टील का लाभ 225% उछला दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू स्टील का सितंबर तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ ₹1,623 करोड़ से बढ़कर ₹5,279 करोड़ हो गया। यह सालाना आधार पर करीब 225% की बढ़ोतरी है। मजबूत बिक्री और स्टील की कीमतों ने कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दिया। रिकॉर्ड 7.46 मिलियन टन स्टील की बिक्री जेएसडब्ल्यू स्टील ने तिमाही में 7.46 मिलियन टन स्टील बेचा, जो कंपनी की अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री है। बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 13% बढ़ी। कंपनी का परिचालन राजस्व भी बढ़कर ₹54,486 करोड़ पहुंच गया। बड़े विस्तार की भी तैयारी जेएसडब्ल्यू स्टील ने ओडिशा के उत्कल संयंत्र में अतिरिक्त 5 मिलियन टन क्षमता जोड़ने की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब ₹16,150 करोड़ निवेश का प्रस्ताव है। बाजार की नजर अब आगे की कमाई पर दोनों कंपनियों के नतीजे मजबूत रहे हैं, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि अडानी पावर एकमुश्त आय के बिना अपनी कमाई की गति कितनी बनाए रखता है और जेएसडब्ल्यू स्टील बढ़ती कच्चे माल की लागत के बीच मार्जिन कैसे संभालता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Para Games 2026: India ने 100 medals का आंकड़ा पार किया, Sandeep ने world record के साथ जीता Gold

Aichi-Nagoya, Japan, 23 अक्टूबर 2026: Asian Para Games 2026 में India ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 100-medal mark पार कर लिया। इस milestone में para-athlete Sandeep का प्रदर्शन सबसे खास रहा, जिन्होंने men’s 400m T64 event में 52.28 seconds का नया world record बनाते हुए gold medal जीता। Sandeep ने debut में बनाया World Record Sandeep ने अपने Asian Para Games debut में 400m T64 final 52.28 seconds में पूरा किया और नया world record बनाया। उसी event में India के Ajay Kumar ने 53.61 seconds के साथ bronze medal जीता। Haney ने भी World Record के साथ Gold जीता India के लिए दिन और खास तब हुआ जब Haney ने men’s javelin throw F37/38 में 60.49 metre का world-record throw किया और gold medal अपने नाम किया। लगातार दूसरी बार 100 medals India ने Asian Para Games में लगातार दूसरी edition में 100 medals का आंकड़ा पार किया। Hangzhou 2022 edition में India ने record 108 medals जीते थे। Para badminton में भी दो Gold आज para badminton में भी India का शानदार प्रदर्शन रहा। Nitesh Kumar और Naveen Sivakumar ने अपने-अपने men’s singles events में gold medals जीते, जबकि Thulasimathi Murugesan और Nithya Sre Sumathy Sivan ने silver हासिल किए। India का शानदार campaign Aichi-Nagoya Games में India ने athletics, shooting, badminton, judo और अन्य para sports में लगातार medals जीते हैं। 100-medal milestone ने एक बार फिर Asian para-sport में India की बढ़ती ताकत को दिखाया है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Jio Platforms का Mega IPO खुलते ही पूरी तरह सब्सक्राइब, ₹30,000 करोड़ से ज्यादा जुटाने की तैयारी

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO बुधवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला। रिपोर्टों के मुताबिक, इश्यू को दो घंटे से भी कम समय में पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया। लगभग 3.2 अरब डॉलर यानी ₹30,000 करोड़ से अधिक के इस इश्यू को भारत के सबसे बड़े IPO के रूप में पेश किया जा रहा है। IPO का प्राइस बैंड कितना है? Jio Platforms ने अपने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इश्यू में लगभग 27 करोड़ नए शेयर पेश किए जा रहे हैं। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी इस फ्रेश इश्यू के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। इस आकार के कारण निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर इस सार्वजनिक निर्गम पर बनी हुई है। शुरुआत से ही निवेशकों की मजबूत मांग Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, IPO खुलने के पहले घंटे में ही इसे लगभग 85% सब्सक्रिप्शन मिल गया था। इसके बाद दो घंटे से कम समय में इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती आंकड़े निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन स्तर और अलग-अलग निवेशक श्रेणियों की मांग का आकलन इश्यू बंद होने के बाद उपलब्ध आंकड़ों से किया जा सकेगा। Anchor investors से भी मिला बड़ा समर्थन सार्वजनिक निर्गम से पहले Jio Platforms के एंकर निवेशक हिस्से में भी भारी मांग दर्ज किए जाने की खबरें आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, Abu Dhabi Investment Authority, BlackRock और Fidelity जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने इसमें भाग लिया। एंकर बुक के लिए बोलियां 25 अरब डॉलर से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। यह आंकड़ा IPO से पहले संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है। $108.3 अरब तक पहुंच सकती है कंपनी की वैल्यूएशन ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर Jio Platforms की अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 108.3 अरब डॉलर हो सकती है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण इसे भारत की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल कर सकता है। हालांकि, वास्तविक बाजार पूंजीकरण शेयर की अंतिम कीमत और लिस्टिंग के बाद बाजार में उसके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। IPO से जुटाई गई रकम का क्या होगा? प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इश्यू से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा Jio की टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। इससे कंपनी को अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और कारोबार से जुड़ी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। कब होगी शेयरों की लिस्टिंग? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IPO 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। निवेशकों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस, जोखिम संबंधी खुलासे और अपने ब्रोकर या एक्सचेंज पर उपलब्ध ताजा जानकारी जरूर देखनी चाहिए। Jio Platforms पर बाजार की नजर क्यों? Jio Platforms का कारोबार टेलीकॉम सेवाओं के अलावा ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। कंपनी के पास 50 करोड़ से अधिक टेलीकॉम ग्राहक होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। Meta और Google जैसे वैश्विक तकनीकी समूह भी Jio Platforms में निवेश कर चुके हैं। ऐसे में इस IPO का आकार और निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Reuters, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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NMDC ने Nickel Sector में Entry का Plan रोका, Global Oversupply और Indonesia की Dominance बनी बड़ी वजह

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: सरकारी खनन कंपनी NMDC ने निकेल सेक्टर में प्रवेश की अपनी योजना फिलहाल रोक दी है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक बाजार में निकेल की अधिक आपूर्ति (Global Oversupply), खासकर इंडोनेशिया के बढ़ते दबदबे के कारण कंपनी ने यह फैसला लिया है। इंडोनेशिया दुनिया के कुल निकेल उत्पादन में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। Indonesia की Dominance से बाजार पर दबाव पिछले कुछ वर्षों में इंडोनेशिया निकेल खनन और प्रोसेसिंग का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। यहां बड़े पैमाने पर उत्पादन के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ी है। इंडोनेशिया ने उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए कोटा और नियमों में सख्ती की है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। Commercial Viability के कारण NMDC ने रोका प्लान Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक बाजार में निकेल की अधिक आपूर्ति के चलते इस सेक्टर में फिलहाल निवेश करना NMDC के लिए व्यावसायिक रूप से आकर्षक नहीं दिख रहा है। ऐसे में कंपनी ने अपनी निकेल योजना को रोककर बाजार की परिस्थितियों में सुधार होने का इंतजार करने का फैसला किया है। India के लिए Nickel क्यों है महत्वपूर्ण? भारत ने वर्ष 2023 में निकेल को महत्वपूर्ण खनिज (Critical Mineral) घोषित किया था। इसका इस्तेमाल स्टेनलेस स्टील, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरियों और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी तकनीकों में किया जाता है। भारत अपनी निकेल जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में घरेलू स्तर पर इसकी उपलब्धता बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसेमंद आपूर्ति स्रोत विकसित करना महत्वपूर्ण माना जाता है। Russia से Supply और Mining Opportunities की भी हुई थी तलाश Reuters के मुताबिक, NMDC और SAIL ने रूस से निकेल की आपूर्ति और खनन से जुड़े अवसरों की संभावनाएं तलाश की थीं। NMDC ने रूस की प्रमुख निकेल कंपनी Nornickel के साथ बैठक करने की कोशिश भी की थी, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। Global Mineral Assets की तलाश जारी निकेल सेक्टर में फिलहाल कदम पीछे खींचने के बावजूद NMDC की महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय योजनाएं जारी हैं। कंपनी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में खनिज परिसंपत्तियों की संभावनाएं तलाश रही है। इसके अलावा, विदेशों में कोकिंग कोल से जुड़े अवसरों पर भी काम जारी है। Source: Reuters, Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत ने बिजली संयंत्रों के लिए कोयला आयात अनिवार्य करने का प्रस्ताव टाला, घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: भारत सरकार ने बिजली संयंत्रों में घरेलू कोयले के साथ आयातित कोयले की अनिवार्य ब्लेंडिंग का प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की बढ़ती कीमतों और रुपये की कमजोरी के कारण आयात महंगा हो रहा है। ऐसे में सरकार ने घरेलू आपूर्ति मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके तहत कोल इंडिया को उत्पादन बढ़ाने और रेलवे को बिजली संयंत्रों तक कोयले की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। क्यों टाला गया कोयला आयात का प्रस्ताव? हाल के हफ्तों में सरकार ने बिजली संयंत्रों को घरेलू कोयले के साथ आयातित कोयला मिलाने का निर्देश देने पर विचार किया था। इसका उद्देश्य उन संयंत्रों में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना था, जहां कोयले का भंडार घट रहा था। हालांकि, समुद्री मार्ग से आने वाले कोयले की कीमतें तीन साल के उच्च स्तर के करीब पहुंचने और रुपये में कमजोरी के कारण आयात की लागत बढ़ गई है। ऐसे में अनिवार्य आयात से बिजली उत्पादन की लागत पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। घरेलू आपूर्ति बढ़ाने पर रहेगा जोर सरकार ने अब घरेलू कोयले की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड से उत्पादन बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही भारतीय रेलवे को खदानों से बिजली संयंत्रों तक कोयले की ढुलाई समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की रणनीति का उद्देश्य घरेलू उत्पादन और परिवहन व्यवस्था में सुधार करके बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराना है। कई बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार कम ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 17 अक्टूबर तक देश के लगभग आधे बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार गंभीर स्तर पर था। इन संयंत्रों के पास उनकी जरूरत के एक चौथाई से भी कम ईंधन उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। कमजोर मानसून, सामान्य से अधिक तापमान और जलविद्युत उत्पादन में कमी के कारण बिजली की मांग पूरी करने के लिए कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर दबाव बढ़ा है। बिजली की मांग बढ़ने की वजह इस वर्ष मानसून की कमजोर स्थिति और ऊंचे तापमान के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ी। इससे बिजली संयंत्रों में कोयले की खपत पर भी असर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में बिजली की कमी उस महीने के लिए लगभग एक दशक के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई थी। इससे ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती और बढ़ गई। ठंड बढ़ने से मांग में कमी की उम्मीद अक्टूबर में बिजली की मांग ऊंची बनी हुई है, लेकिन कोयले के भंडार में रोजाना होने वाली गिरावट की रफ्तार पिछले महीने के मुकाबले धीमी होने की जानकारी सामने आई है। सरकार को उम्मीद है कि मौसम ठंडा होने के साथ बिजली की मांग में कुछ कमी आएगी। इससे घरेलू कोयले के भंडार को दोबारा बढ़ाने में मदद मिल सकती है। आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति भारत पिछले कुछ वर्षों से बिजली संयंत्रों में कोयला ब्लेंडिंग के लिए आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में काम कर रहा है। ET EnergyWorld की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 तक सरकार ने बताया था कि पिछले तीन वर्षों में ब्लेंडिंग के लिए कोयले का आयात 71.5 प्रतिशत घटा है। फिलहाल, अनिवार्य आयात का प्रस्ताव टालने के बाद सरकार का जोर घरेलू उत्पादन बढ़ाने, रेलवे के जरिए तेज ढुलाई और बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयला भंडार बनाए रखने पर है। स्रोत: Reuters, Bloomberg और ET EnergyWorld जय राष्ट्र न्यूज़

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Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर से खुलेगा, बन सकता है भारत का सबसे बड़ा IPO

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: Reliance Industries की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 21 अक्टूबर 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा। यह इश्यू 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी अपर प्राइस बैंड पर करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू सफल रहने पर यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। ₹1,065 से ₹1,119 तय हुआ प्राइस बैंड Jio Platforms ने IPO के लिए प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड तय किया है। प्रस्तावित इश्यू में करीब 27 करोड़ नए शेयर शामिल हैं। अपर प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी लगभग ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। एंकर निवेशकों के लिए आज होगी बोली IPO से पहले 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया निर्धारित है। इसके बाद आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। ₹108.3 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है वैल्यूएशन Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड पर Jio Platforms की अनुमानित वैल्यूएशन करीब 108.3 अरब डॉलर हो सकती है। इस बड़े इश्यू पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नजर रहेगी। 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ बड़ा डिजिटल नेटवर्क Jio Platforms की बाजार में मजबूत मौजूदगी इसके IPO को खास बनाती है। जून 2026 तक कंपनी के करीब 533 मिलियन यानी 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे। कंपनी भारत के डेटा ट्रैफिक में भी बड़ी हिस्सेदारी रखती है। ब्रोकरेज फर्में 5G सेवाओं, ब्रॉडबैंड, JioFiber, JioAirFiber और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म JioBrain को कंपनी की भविष्य की वृद्धि के संभावित प्रमुख आधारों के रूप में देख रही हैं। Hyundai Motor India का रिकॉर्ड टूट सकता है करीब ₹30,213 करोड़ के प्रस्तावित इश्यू के साथ Jio Platforms का IPO Hyundai Motor India के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। इश्यू का आकार और कंपनी की डिजिटल व टेलीकॉम क्षेत्र में मौजूदगी इसे 2026 के प्रमुख पूंजी बाजार आयोजनों में शामिल कर रही है। हालांकि, IPO में निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिमों और वैल्यूएशन का अध्ययन करना चाहिए। Source: Reuters, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Axis Bank के कमजोर तिमाही नतीजों से शेयरों में करीब 5% की गिरावट, अनुमान से कम रहा मुनाफा

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: Axis Bank के शेयरों में सोमवार को करीब 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक के सितंबर तिमाही के स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफे के विश्लेषकों के अनुमान से नीचे रहने के बाद शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। बढ़ते परिचालन खर्च और कमजोर नॉन-इंटरेस्ट इनकम ने स्थिर लोन ग्रोथ के बावजूद बैंक की कमाई को प्रभावित किया। अनुमान से कम रहा मुनाफा Axis Bank ने सितंबर तिमाही में करीब ₹7,003 करोड़ का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं, विश्लेषकों ने लगभग ₹7,124 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था। उम्मीद से कमजोर नतीजों के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया शेयर बाजार में देखने को मिली। कारोबार के दौरान 5% तक फिसले शेयर सोमवार के कारोबार में Axis Bank का शेयर करीब 5% तक गिर गया और 5 अक्टूबर के बाद अपने निचले स्तर पर पहुंच गया। मिड-मॉर्निंग ट्रेड के दौरान शेयर लगभग 4% नीचे कारोबार कर रहा था। इस गिरावट के साथ बैंक NSE Bank Index के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा। बढ़ते खर्च और कमजोर आय से दबाव बैंक की लोन ग्रोथ स्थिर रहने के बावजूद बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च और नॉन-इंटरेस्ट इनकम में कमजोरी ने मुनाफे पर दबाव डाला। इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड और रुपये में उतार-चढ़ाव का असर ट्रेजरी इनकम पर भी पड़ा। ब्रोकरेज फर्मों ने क्या कहा? Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Citi ने स्थिर कोर मार्जिन और कम क्रेडिट लागत को सकारात्मक पहलू माना, लेकिन वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमान में करीब 4% की कटौती की। वहीं, PhillipCapital ने निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई, हालांकि आने वाली तिमाहियों में सुधार की उम्मीद भी व्यक्त की। अन्य बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी Axis Bank के शेयरों में गिरावट के बीच दूसरे प्रमुख बैंकिंग शेयर भी दबाव में रहे। Reuters के अनुसार, कारोबार के दौरान HDFC Bank के शेयर करीब 2.2% और ICICI Bank के शेयर लगभग 0.9% नीचे थे। Axis Bank के तिमाही नतीजों ने एक बार फिर दिखाया कि स्थिर कर्ज वृद्धि के बावजूद बढ़ते खर्च और अन्य आय में कमजोरी बैंक की लाभप्रदता तथा शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है। Source: Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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