प्रमुख खबरें

BRICS Summit के चलते Delhi में आज से Traffic Restrictions लागू, 22 Diversion Points बनाए गए

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: BRICS Summit 2026 को देखते हुए Delhi Traffic Police ने आज से राजधानी के कई हिस्सों में traffic restrictions और diversions लागू कर दिए हैं। Central और South Delhi के महत्वपूर्ण routes पर traffic regulate किया जा रहा है और कुल 22 diversion points बनाए गए हैं। ये व्यवस्थाएं 11 से 13 सितंबर तक summit के दौरान लागू रहेंगी। आज 2 बजे से 8:30 बजे तक विशेष Restrictions Delhi Traffic Police की advisory के मुताबिक 11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक कई प्रमुख roads पर traffic movement नियंत्रित रहेगा। करीब 35 से ज्यादा roads restrictions या regulated movement के दायरे में आ सकती हैं। VVIP और foreign delegates की movement के अनुसार कुछ routes पर temporary diversion भी किया जाएगा। इन प्रमुख Roads पर पड़ सकता है असर Traffic restrictions से प्रभावित प्रमुख routes में: समेत Central और South Delhi के कई महत्वपूर्ण corridors शामिल हैं। 22 Diversion Points किए गए तय Traffic Police ने पूरे प्रभावित इलाके में 22 diversion points निर्धारित किए हैं। इनमें Patel Chowk, Janpath, RML Hospital, Dhaula Kuan Flyover, Moti Bagh Flyover, Mandi House और Lodhi Road के आसपास के कई junction शामिल हैं। इन locations पर security और traffic situation के आधार पर vehicles को alternate routes पर divert किया जा सकता है। Airport और Railway Station जाने वालों को सलाह Airport और railway stations जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। Delhi Traffic Police ने खासकर airport जाने वाले passengers को संभव हो तो Delhi Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। New Delhi, Old Delhi और Hazrat Nizamuddin Railway Stations के लिए भी alternative routes जारी किए गए हैं। Public Transport इस्तेमाल करने की अपील Authorities ने लोगों से unnecessary travel से बचने, restricted areas में जाने से पहले traffic updates check करने और जहां संभव हो public transport का इस्तेमाल करने को कहा है। Traffic conditions VVIP movement के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए commuters को official Delhi Traffic Police advisories follow करने की सलाह दी गई है। source – Delhi Traffic Police / The Indian Express / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Gandhinagar Building Accident में सभी 15 Workers सुरक्षित Rescue, 12 Hospital में भर्ती

गांधीनगर, 10 सितंबर 2026: Gujarat के Gandhinagar स्थित Kudasan इलाके में under-construction commercial building का slab गिरने के बाद चलाया गया rescue operation पूरा हो गया है। हादसे में फंसे सभी 15 workers को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 9 सितंबर की रात हुआ हादसा यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे Kudasan इलाके में एक under-construction commercial complex में हुई। Construction work के दौरान slab गिर गया, जिससे वहां मौजूद workers मलबे में फंस गए। हादसे के तुरंत बाद Fire Department, Police और emergency teams मौके पर पहुंचीं। 12 Workers Hospitalised Gujarat Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi के मुताबिक rescue किए गए 15 workers में से 12 को Gandhinagar Civil Hospital में भर्ती कराया गया। तीन workers को major injury नहीं होने के कारण discharge कर दिया गया। Officials के अनुसार किसी की हालत critical नहीं है। रातभर चला Rescue Operation Debris हटाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई worker अंदर न फंसा हो, rescue teams ने रातभर operation जारी रखा। Site manager और supervisors ने बाद में पुष्टि की कि मलबे के नीचे कोई अन्य worker नहीं बचा है। Fire और Ambulance Teams रहीं तैनात Rescue operation में Gandhinagar Fire and Emergency Services की कई teams और ambulances लगाई गईं। The Indian Express के मुताबिक कम-से-कम चार rescue vehicles और छह emergency ambulances operation में शामिल थीं। हादसे के कारण की होगी जांच प्रारंभिक reports में construction work के दौरान slab collapse होने की बात सामने आई है। हादसे का exact कारण और site पर safety protocols का पालन हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। आज की Fresh Update आज की सबसे महत्वपूर्ण update यह है कि सभी 15 workers को rescue कर लिया गया है और कोई fatality report नहीं हुई है। 12 workers का इलाज जारी है और officials के अनुसार सभी सुरक्षित हैं। source – PTI / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

BRICS Summit से पहले Delhi में करीब 30,000 Security Personnel तैनात, NSG और Anti-Drone Systems भी Active

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026: 18th BRICS Summit से पहले राष्ट्रीय राजधानी Delhi में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। करीब 25,000 security personnel और 4,800 traffic police personnel को summit और VVIP movement के लिए लगाया जा रहा है। इसके साथ 100 से ज्यादा NSG commandos और anti-drone systems भी security grid का हिस्सा हैं। 12–13 सितंबर को Bharat Mandapam में Summit India अपनी BRICS Chairship के तहत 12 और 13 सितंबर 2026 को New Delhi के Bharat Mandapam में 18th BRICS Summit की मेजबानी करेगा। VVIP Routes पर कड़ी सुरक्षा Visiting heads of state और delegations के movement को देखते हुए airport, diplomatic enclave, summit venue और प्रमुख hotels के आसपास multi-layer security लगाई गई है। Delhi Traffic Police ने 35 से ज्यादा महत्वपूर्ण routes पर restrictions और diversions की तैयारी की है। 100 से ज्यादा NSG Commandos तैनात Summit की security में 100 से अधिक NSG commandos, anti-drone systems और specialised security teams को शामिल किया गया है। VIP convoys की monitoring के लिए GPS tracking और sensitive locations पर enhanced surveillance का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। Putin के लिए Special Security Arrangements Russian President Vladimir Putin के 11 सितंबर को India पहुंचने की उम्मीद है। उनके hotel और travel routes पर additional senior police officers तैनात किए गए हैं। Russian security teams भी पहले ही Delhi पहुंच चुकी हैं। Xi Jinping की संभावित यात्रा पर भी नजर Chinese President Xi Jinping के भी summit में शामिल होने की व्यापक उम्मीद है और Delhi Police Special Cell उनकी संभावित यात्रा के लिए security arrangements संभाल रही है। हालांकि Reuters के मुताबिक Beijing ने 10 सितंबर तक Xi की यात्रा की औपचारिक पुष्टि नहीं की थी। Hotels के Staff का Background Verification जिन hotels में international leaders और delegations रुकेंगे, वहां कर्मचारियों का detailed background verification किया गया है। Security personnel hotels के ground floor से rooftops तक तैनात किए गए हैं, जबकि sensitive zones में surveillance बढ़ा दी गई है। Anti-Drone और AI Surveillance भी इस्तेमाल Possible aerial threats को देखते हुए anti-drone technology लगाई जा रही है। Reports के मुताबिक AI-enabled cameras और facial recognition systems का भी इस्तेमाल security monitoring के लिए किया जाएगा। Delhi में आने वाले दो दिनों में international delegations और heads of state के arrival के साथ VVIP movement बढ़ने की संभावना है, इसलिए traffic restrictions और security checks भी बढ़ सकते हैं। source – The Indian Express / PIB / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Coforge के Chairman Om Prakash Bhatt ने Internal Audit Concerns के बाद इस्तीफा दिया, Share करीब 9% तक टूटा

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: IT services company Coforge Ltd के Non-Executive Independent Director और Chairman Om Prakash Bhatt ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका resignation कंपनी के हालिया Board Evaluation Exercise को लेकर internal audit में concerns सामने आने के बाद आया। खबर के बाद बुधवार को Coforge का share शुरुआती कारोबार में करीब 6-7% गिरा और बाद में intraday में लगभग 8.7% टूटकर ₹1,780.10 तक पहुंच गया। Internal Audit में क्या मिला? Coforge ने अपने Q2 FY26 internal audit plan के तहत Board Evaluation Exercise और उससे तैयार Board Evaluation Report (BER) की process की समीक्षा कराई थी। Company के मुताबिक audit में इस बात को लेकर concerns सामने आए कि BER को Board के सामने किस तरह handle और present किया गया। Audit ने पाया कि report और Chairman की performance से जुड़ी कुछ material information पूरी तरह Board के सामने disclose नहीं की गई थी। Bhatt से मांगा गया था Clarification Internal audit findings के बाद Coforge ने Om Prakash Bhatt से मामले पर clarification मांगा था। Bhatt ने company को अपना response दिया, लेकिन Board की review process पूरी होने से पहले ही उन्होंने resignation दे दिया। Bhatt ने अपने resignation में संकेत दिया कि Board evaluation process में उनके actions की nature को लेकर disagreement के बीच उनका पद पर बने रहना Board के effective functioning के लिए उचित नहीं होगा। 8 सितंबर से प्रभावी हुआ Resignation Om Prakash Bhatt ने 8 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से Non-Executive Independent Director और Chairman का पद छोड़ दिया। इसके साथ वह company की विभिन्न Board committees के member भी नहीं रहे। Vivek Sharma बने Interim Chairperson Coforge Board ने Non-Executive Independent Director Vivek Sharma को interim Chairperson नियुक्त किया है। वह 31 जनवरी 2027 तक या permanent Chairperson की नियुक्ति होने तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। Share में करीब 9% तक गिरावट Chairman के अचानक resignation और corporate-governance concerns के बाद investors ने Coforge shares में तेज selling की। BSE पर stock करीब 8.7% गिरकर ₹1,780.10 के intraday low तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में अलग-अलग समय पर गिरावट करीब 6-7% रही थी। Nifty IT भी दबाव में Coforge की गिरावट ऐसे समय आई जब broader IT sector भी कमजोर कारोबार कर रहा था। बुधवार को Nifty IT index करीब 3% नीचे था और Infosys तथा TCS समेत अन्य IT stocks पर भी दबाव दिखाई दिया। मजबूत Financial Performance के बीच Governance चिंता Leadership uncertainty ऐसे समय आई है जब Coforge ने हाल में मजबूत financial performance दर्ज की थी। Q1 FY27 में company का revenue 49% YoY बढ़कर ₹5,527.7 करोड़ और PAT 110% बढ़ा था। कंपनी का next-12-month signed order book भी $2.23 billion था। इसी वजह से market की नजर अब इस बात पर रहेगी कि governance issue का company के operations, clients और investor confidence पर कोई longer-term असर पड़ता है या नहीं। Audit Concern का मतलब Financial Fraud की पुष्टि नहीं यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सामने आया internal-audit concern Board evaluation process और disclosure से जुड़ा है। अभी तक उपलब्ध company disclosures में accounting fraud, financial misstatement या customer-related misconduct की पुष्टि नहीं की गई है। आगे Board review या regulatory disclosures से इस मामले की और जानकारी सामने आ सकती है। source – Coforge / Reuters / Moneycontrol जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 की मौत, 5 DU छात्र शामिल; PG Operator भी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG building गिरने के हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 Delhi University के छात्र शामिल थे। हादसा 6 सितंबर को DU South Campus के पास हुआ था। मामले में जांच तेज करते हुए Delhi Police ने अब PG operator Sudhanshu को भी गिरफ्तार कर लिया है। इन 5 DU छात्रों की हुई मौत हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान Abhishek Kumar (20), Yuvraj Soni (20), Pawan Kumar (17), Arpit Jahaj (18) और Akshat Singh Yadav (18) के रूप में हुई है। इसके अलावा दो मजदूरों की भी मौत हुई। अलग-अलग DU Colleges में पढ़ते थे छात्र 18 वर्षीय Arpit Jahaj Atma Ram Sanatan Dharma College में second-year student थे और Chartered Accountancy की तैयारी कर रहे थे। Yuvraj Soni Motilal Nehru College के second-year student और CA aspirant थे। हादसे में मारे गए अन्य छात्र भी Delhi University के अलग-अलग colleges में पढ़ाई कर रहे थे। Satya Niketan DU South Campus के छात्रों के लिए एक प्रमुख PG accommodation hub है। पांच मंजिला PG Building हुई थी धराशायी 6 सितंबर को करीब दोपहर 1:30 बजे Satya Niketan में Hostel Daze नाम से चल रही पांच मंजिला PG building अचानक गिर गई। मलबे में कई छात्र और अन्य लोग दब गए थे। Rescue operation अगले दिन शाम तक चला। Building में कथित Illegal Construction की जांच Police FIR के मुताबिक लगभग 50 साल पुरानी इमारत में अतिरिक्त floors और construction किए जाने की जांच की जा रही है। Police का आरोप है कि building की load-bearing capacity को लेकर जोखिम के बावजूद construction किया गया। इन आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तय होगा। Owner और Family Members भी गिरफ्तार Delhi Police ने building owner Hariram Bansal, उनकी पत्नी Urmila Gupta और बेटे Mahesh Gupta को भी गिरफ्तार किया था। Hariram और उनकी पत्नी को 14 दिन की judicial custody में भेजा गया, जबकि बेटे को police custody मिली। अब PG Operator Sudhanshu गिरफ्तार मामले में 9 सितंबर को Police ने private hostel चलाने वाले Sudhanshu को गिरफ्तार किया। Police उससे building operations, accommodation और हादसे से पहले की परिस्थितियों को लेकर पूछताछ कर रही है। MCD के 5 Officials पर कार्रवाई हादसे के बाद Municipal Corporation of Delhi के पांच अधिकारियों को suspend किया गया। घटना ने Delhi में private PG और student hostels की structural और fire safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। PGs को Regulate करने की तैयारी हादसे के बाद Delhi government ने PG accommodations के लिए licensing, police clearance, structural और fire-safety NOC तथा public registration portal जैसी व्यवस्थाओं वाला regulatory framework तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सत्य निकेतन हादसे ने DU के हजारों outstation students के लिए सुरक्षित और affordable accommodation की कमी को फिर उजागर कर दिया है। Delhi University में 2.5 लाख से ज्यादा conventional-mode students के मुकाबले hostel capacity करीब 9,000 beds ही बताई गई है। source – Hindustan Times / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

₹10.64 लाख के नकली ₹500 नोटों का मामला: आरोपी Court में पेश, 10 सितंबर तक Police Custody

मुंबई, 8 सितंबर 2026: Mumbai Police Crime Branch ने high-quality counterfeit currency racket का भंडाफोड़ करते हुए ₹10.64 लाख की face value वाले 2,128 नकली ₹500 के नोट बरामद किए हैं। मामले में गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां court ने उसे 10 सितंबर तक police custody में भेज दिया। Metro Cinema के पास बिछाया गया Trap Crime Branch Unit 2 को सूचना मिली थी कि नकली नोटों की supply से जुड़े लोग South Mumbai के Metro Cinema के आसपास आने वाले हैं। इसके बाद police team ने इलाके में trap लगाया और suspects को intercept किया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में counterfeit ₹500 notes बरामद किए गए। 2,128 Fake Notes हुए बरामद Police के मुताबिक कुल 2,128 नकली ₹500 के नोट जब्त किए गए, जिनकी कुल face value ₹10.64 लाख है। Counterfeit notes की quality काफी अच्छी बताई गई है और पहली नजर में उन्हें genuine currency से अलग करना मुश्किल हो सकता था। आरोपी की पहचान Danish Khan के रूप में Reports के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान Danish Tahir Khan, 38, के रूप में हुई है। वह Thane क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है और footwear/shoe business में काम करता था। Police उसके background और counterfeit currency network से उसके कथित संबंधों की जांच कर रही है। असली ₹500 के बदले दो Fake Notes देने का आरोप Crime Branch की शुरुआती जांच में सामने आया है कि accused allegedly buyers को एक genuine ₹500 note के बदले दो नकली ₹500 notes देने की पेशकश करता था। यानी ₹10,000 genuine currency देने वाले व्यक्ति को ₹20,000 face value की counterfeit currency दिए जाने का alleged model था। महिला से भी पूछताछ Investigation में एक महिला का नाम भी सामने आया है, जो आरोपी की पूर्व tuition teacher बताई जा रही है। Latest police version के अनुसार उससे पूछताछ की गई और उसकी भूमिका की जांच जारी है। Police यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि counterfeit currency की distribution chain में कौन-कौन लोग शामिल थे। Maharashtra के बाहर से आए Fake Notes Crime Branch के मुताबिक शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि counterfeit notes Maharashtra के बाहर से लाए गए थे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि notes किस राज्य में छापे गए या इनका मुख्य supplier कौन है। किसी foreign connection की भी अब तक पुष्टि नहीं हुई है। Close Inspection में सामने आए फर्क Police ने बताया कि नकली नोट genuine ₹500 currency की कई security features की नकल करते हैं। लेकिन ध्यान से देखने पर white margins, hologram और printing/font quality में कुछ अंतर दिखाई देते हैं। Investigators seized currency की forensic और technical examination भी करा सकते हैं। बड़े Network की तलाश में Crime Branch अब जांच का मुख्य focus counterfeit notes के source, supplier और संभावित buyers तक पहुंचना है। Police यह भी पता लगा रही है कि क्या इस network के जरिए पहले भी नकली currency Mumbai या दूसरे इलाकों के बाजार में पहुंचाई जा चुकी है। 10 सितंबर तक Police Custody गिरफ्तार आरोपी को आज court में पेश किया गया, जहां Crime Branch ने आगे की पूछताछ के लिए custody मांगी। Court ने आरोपी को 10 सितंबर तक police custody में भेज दिया। अब investigators उससे नकली नोटों की sourcing, distribution network और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ करेंगे। source – India Today / The Indian Express / Free Press Journalजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

ICU में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट का आरोप, BHU Medical Board ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वाराणसी, 8 सितंबर 2026: Banaras Hindu University (BHU) के Sir Sunderlal Hospital में भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री सम्मानित और Professor Emeritus डॉ. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट का मामला चर्चा में है। परिवार की ओर से भेजी गई शिकायत में अस्पताल के एक डॉक्टर पर डॉ. लहरी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया गया था। हालांकि BHU द्वारा गठित Medical Board ने अपनी जांच के बाद इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। 29 अगस्त की घटना का लगाया गया था आरोप शिकायत में दावा किया गया था कि 29 अगस्त को Sir Sunderlal Hospital के super-speciality block में इलाज के दौरान डॉ. लहरी के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार हुआ। बाद में उनकी आंख में blood clot और चेहरे पर निशान वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। 1 सितंबर को परिवार ने भेजी शिकायत डॉ. लहरी के परिवार की ओर से BHU Vice-Chancellor, IMS-BHU Director और Medical Superintendent सहित अधिकारियों को email के जरिए शिकायत भेजी गई। इसमें घटना की निष्पक्ष जांच, medical examination और डॉ. लहरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। BHU ने गठित किया Medical Board शिकायत मिलने के बाद BHU प्रशासन ने मामले की जांच के लिए specialists का Medical Board गठित किया। इसमें cardiology, general medicine, psychiatry, geriatrics, neurology, critical care और chest diseases से जुड़े विशेषज्ञ शामिल किए गए। Board ने डॉ. लहरी की health condition और उपलब्ध medical evidence की जांच की। जांच के बाद Sir Sunderlal Hospital के Medical Superintendent ने assault या misconduct के आरोपों को baseless बताया। डॉ. लहरी ने भी घटना से किया इनकार मामले में सबसे महत्वपूर्ण नया अपडेट यह है कि Uttar Pradesh के मंत्री Ravindra Jaiswal जब डॉ. लहरी से मिलने अस्पताल पहुंचे, तो बातचीत के दौरान डॉ. लहरी ने कथित तौर पर कहा कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इसके बाद मामला और जटिल हो गया, क्योंकि परिवार की शिकायत और वायरल तस्वीरों में लगाए गए आरोप तथा डॉ. लहरी के बयान में अंतर सामने आया है। निष्पक्ष जांच के लिए Joint Team का निर्देश Ravindra Jaiswal ने BHU officials के साथ district administration और police representatives को शामिल करते हुए एक joint investigation team बनाने का निर्देश दिया है, ताकि आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके। परिवार ने जताया BHU की देखभाल पर संतोष सोमवार को डॉ. लहरी की उनकी बहन और परिवार से video call पर बातचीत भी कराई गई। इसके बाद परिवार की ओर से भेजे गए नए email में BHU administration द्वारा उनकी देखभाल पर संतोष जताया गया। हालांकि परिवार ने साथ ही मांग की कि पूरे घटनाक्रम की impartial inquiry, नियमित health updates और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की तत्काल जानकारी परिवार को दी जाए। जनवरी से अस्पताल में भर्ती हैं डॉ. लहरी डॉ. टीके लहरी को 27 जनवरी 2026 को chest-related health problems के बाद Sir Sunderlal Hospital में भर्ती कराया गया था। वह लंबे समय से अस्पताल में treatment और medical supervision में हैं। कौन हैं डॉ. टीके लहरी? डॉ. टीके लहरी BHU के Institute of Medical Sciences से जुड़े वरिष्ठ cardiothoracic surgeon और Professor Emeritus हैं। वह 2003 में retire हुए थे, लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक मरीजों को मुफ्त medical consultation देते रहे। चिकित्सा और समाज सेवा में योगदान के लिए उन्हें 2016 में Padma Shri से सम्मानित किया गया था। मामले की अंतिम तस्वीर अभी बाकी फिलहाल BHU Medical Board ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है और डॉ. लहरी ने भी किसी अप्रिय घटना से इनकार किया है। दूसरी ओर परिवार ने वायरल तस्वीरों और अपनी शुरुआती शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच जारी रखने की मांग की है। ऐसे में allegations की अंतिम स्थिति joint inquiry और आगे उपलब्ध होने वाले evidence के बाद ही स्पष्ट होगी। source – Times of India / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Tamil Nadu Alliance पर Congress की Red Line—Rahul Gandhi ही PM Face, Vijay को लेकर अटकलों के बीच बड़ा बयान

चेन्नई, 7 सितंबर 2026: Tamil Nadu की सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीति में 2029 के Prime Minister face को लेकर नई बहस तेज हो गई है। Congress ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले Lok Sabha चुनाव में Rahul Gandhi ही पार्टी और विपक्षी नेतृत्व का प्रमुख चेहरा होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के कुछ नेता मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं। K.C. Venugopal ने साफ किया Congress का रुख Congress General Secretary K.C. Venugopal ने कहा कि Rahul Gandhi 2029 में INDIA bloc का नेतृत्व करेंगे। Vijay को PM candidate के रूप में पेश किए जाने से जुड़ी चर्चाओं को उन्होंने Congress के आधिकारिक रुख से अलग बताया। Manickam Tagore ने भी दोहराई Rahul Gandhi की दावेदारी Tamil Nadu Congress President Manickam Tagore ने भी कहा कि Rahul Gandhi ही Congress के Prime Ministerial candidate हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर alliance arrangements और national leadership के सवाल को आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए। TVK में उठ रही ‘Vijay for PM’ की मांग TVK के कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने Vijay को 2029 के लिए संभावित PM candidate के रूप में project करना शुरू किया है। इसी वजह से Congress और TVK के बीच national leadership को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हुई है। हालांकि Vijay की ओर से इस पर कोई formal PM candidature announcement नहीं की गई है। 9 सितंबर की Alliance Meeting अहम Vijay ने 9 सितंबर को alliance partners की बैठक बुलाई है। इस meeting में गठबंधन के formal नाम और Common Minimum Programme पर चर्चा होने की उम्मीद है। Congress ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। Left Parties ने बनाई दूरी Reports के मुताबिक CPI और CPI(M) ने इस बैठक में शामिल होने को लेकर दूरी बनाई है। इससे alliance के अंदर आगे की राजनीतिक दिशा और 2029 की national strategy पर नए सवाल खड़े हुए हैं। Congress के लिए Rahul Gandhi पर कोई समझौता नहीं Congress का संदेश साफ है कि Tamil Nadu में Vijay के साथ सत्ता साझेदारी होने के बावजूद national level पर party Rahul Gandhi की leadership से पीछे नहीं हटेगी। इसी वजह से इसे Congress की political “red line” के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल Alliance टूटने के संकेत नहीं मतभेद के बावजूद फिलहाल Congress ने TVK-led सरकार या alliance से अलग होने का कोई संकेत नहीं दिया है। दोनों पक्ष 9 सितंबर की meeting से पहले बातचीत जारी रखे हुए हैं। इसलिए मौजूदा विवाद को alliance breakdown की बजाय leadership positioning के रूप में देखना ज्यादा सही होगा। source – The Indian Express / Economic Timesजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कथित आपत्तिजनक भाषा वाला वीडियो वायरल, विपक्षी नेताओं से विवाद के बाद गरमाई राजनीति

गाजियाबाद, 7 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा सीट से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह विपक्षी दलों के कुछ नेताओं से तीखी बहस करते और कथित तौर पर अभद्र तथा धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोनी का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुरू हुआ विवाद मामला शनिवार, 5 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। लोनी के एक रेस्टोरेंट में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने इलाके की समस्याओं और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। इसमें पूर्व विधायक, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं समेत कई लोग मौजूद थे। मौके पर पहुंचे नंदकिशोर गुर्जर रिपोर्ट के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नंदकिशोर गुर्जर अपने समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में विधायक विपक्षी नेताओं से नाराजगी जताते और कथित आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। धक्का-मुक्की की भी खबर प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त होने के बाद रेस्टोरेंट के बाहर विधायक समर्थकों और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी बढ़ गई। कुछ रिपोर्टों में धक्का-मुक्की और हाथापाई होने की भी बात कही गई है। हालात बिगड़ते देख Loni Border Police Station से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति शांत कराई। ‘लोनी को बदनाम करने’ का आरोप वीडियो में विधायक कथित तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नेताओं पर लोनी को बदनाम करने का आरोप लगाते दिखाई देते हैं। पुलिसकर्मी भी उन्हें शांत करने की कोशिश करते नजर आते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर मौजूद अलग-अलग clips पूरे घटनाक्रम का पूर्ण संदर्भ नहीं देते, इसलिए वायरल वीडियो से जुड़े हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने विधायक की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों की भाषा और राजनीतिक मर्यादा को लेकर बहस तेज कर दी है। विधायक का विस्तृत पक्ष नहीं आया सामने Navbharat Times की रिपोर्ट के मुताबिक विधायक नंदकिशोर गुर्जर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस समय उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इस वायरल वीडियो पर उनकी ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोनी में पहले से तनावपूर्ण माहौल लोनी में पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक विवादों के कारण तनाव बना हुआ है। पुलिस कई घटनाओं और वायरल वीडियो से जुड़े मामलों की जांच कर रही है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। source – Navbharat Times / Amar Ujalaजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर आधी रात साकेत थाने पहुँचीं Huda Zariwala, Delhi Police से मांगा जवाब

नई दिल्ली: साकेत पुलिस स्टेशन में दो महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के बाद देर रात पत्रकार और मीडिया से जुड़े कई लोग Saket Police Station पहुंचे। इनमें अंतरराष्ट्रीय मीडिया अनुभव रखने वाली पत्रकार Huda Zariwala भी शामिल थीं, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की। एक रिपोर्ट में उन्हें Saket Police Station में गुरुवार रात मौजूद बताया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह पुलिस से सवाल करती नजर आती हैं। क्या है पूरा मामला? 4PM News Network से जुड़ी पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान 3 सितंबर को Saket स्थित Max Hospital में एक कार्यक्रम की coverage करने पहुंची थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta भी मौजूद थे। दोनों पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें वहां से हिरासत में लेकर Saket Police Station ले जाया गया और थाने के अंदर उनके साथ मारपीट की गई। धार्मिक पहचान को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप दोनों पत्रकारों ने आरोप लगाया कि थाने में उनका नाम और धार्मिक पहचान पूछी गई और उसके बाद उनके साथ व्यवहार और ज्यादा कठोर हो गया। पत्रकारों ने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए वीडियो भी जारी किए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधी रात तक जारी रहा विरोध घटना के बाद पत्रकारों और समर्थकों ने Saket Police Station में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर overnight protest किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध देर रात से अगले दिन सुबह तक जारी रहा और कई पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता थाने पहुंचे। Huda Zariwala की मौजूदगी भी इसी दौरान रिपोर्ट की गई। Huda Zariwala ने पुलिस से किए सवाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में Huda Zariwala पुलिस अधिकारियों से पत्रकारों की शिकायत पर FIR और कार्रवाई को लेकर सवाल करती दिखाई दीं। उपलब्ध professional profile के अनुसार वह Dubai-based 99 News HD में news leadership role से जुड़ी हैं और international media experience रखती हैं। Delhi Police ने आरोपों को किया खारिज Delhi Police ने दोनों पत्रकारों के आरोपों को “factually incorrect” और “misleading” बताया है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाओं ने designated VVIP route के पास scooter खड़ा किया था और बार-बार कहने के बावजूद उसे हटाने से इनकार किया। इसी कारण उन्हें further enquiry के लिए police station ले जाया गया। पुलिस ने मारपीट और धार्मिक आधार पर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। Press Organisations ने मांगी निष्पक्ष जांच Press Club of India, Indian Women’s Press Corps, Delhi Union of Journalists, Press Association और Kerala Union of Working Journalists ने संयुक्त बयान जारी कर मामले की independent और impartial investigation की मांग की। संगठनों ने आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। CCTV Footage की मांग 4PM News Network की ओर से कहा गया है कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए police station और आसपास के CCTV footage को सुरक्षित रखा और सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पत्रकारों ने कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही है। फिलहाल महिला पत्रकारों और Delhi Police के दो अलग-अलग versions सामने हैं। मारपीट और धार्मिक पहचान के आधार पर कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की अंतिम पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। source – The Indian Express / PTI / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »