MP Launch Pad Yojana 2025 Youth Employment Scheme

MP Launch Pad Yojana 2025: युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर नई योजनाएं लागू करती रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, राज्य सरकार ने 5 जनवरी 2021 को एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को अपने व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड केयर संस्थानों (Child Care Organisation) से बाहर आने वाले युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत ₹60,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा, सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें। इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर को कम करना है। युवाओं को रोजगार के लिए एक मंच प्रदान करने से वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रख सकेंगे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा। योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता और जिलों का चयन एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) के लाभ और विशेषताएं एमपी लॉन्च पैड योजना के लिए पात्रता आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरकार ने इस योजना के लिए एक आधिकारिक पोर्टल (www.mpwcdmis.gov.in) तैयार किया है, जहां इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक आवेदन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। जैसे ही सरकार आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी, संबंधित जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। एमपी लॉन्च पैड योजना 2025 (MP Launch Pad Yojana 2025) राज्य सरकार की एक प्रभावी पहल है, जो युवाओं को स्व-रोजगार के लिए आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगी। इस योजना से न केवल प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं को अपने व्यवसाय के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा। यदि आप इस योजना के पात्र हैं, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदन अवश्य करें और सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं। Latest News in Hindi Today Hindi MP Launch Pad Yojana #MPLaunchPadYojana #YouthEmployment #MPScheme2025 #StartupIndia #SkillDevelopment

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Modi Successor 2029 BJP’s Next PM Fadnavis’ Big Reveal

Modi successor 2029: साल 2029 में बीजेपी जीती तो कौन होगा पीएम? देवेंद्र फडनवीस ने किया बड़ा खुलासा

संजय राउत ने दावा किया कि आरएसएस देश में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव चाहता है। इस पर उन्होंने आगे कहा कि “मोदी शायद सितंबर में रिटायरमेंट की अर्जी देने आरएसएस मुख्यालय गए थे।” दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। कहा जाता है भाजपा में 75 वर्ष के बाद किसी भी नेता को पद नहीं दिया जाता। दरअसल, 11 साल में पहली बार रविवार को पीएम मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री नागपुर के आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था। यह दूसरा मौका था जब कोई मौजूदा पीएम आरएसएस मुख्यालय पहुंचा हो। बता दें कि इससे पहले साल 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी वहां गए थे। आरएसएस मुख्यालय के दौरे के बाद से संजय राउत ने मोदी के रिटायरमेंट का अंदेशा जताया था। पीएम नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल साल 2029 में पूरा करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्‍या यह उनका आखिरी कार्यकाल (Modi successor 2029) होगा? फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।  हमारे यहां जब पिताजी जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते- फडणवीस  इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को यह साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चल रही अटकलों में कोई दम नहीं है। मोदी अभी कई वर्षों तक देश का नेतृत्व करते रहेंगे। दरअसल, फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि साल 2029 में भी हम मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे। उनके उत्तराधिकारी की बात करने की कोई जरूरत नहीं है। वे हमारे नेता हैं और आगे भी रहेंगे।” इस बीच उन्होंने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि “जब नेता सक्रिय हो, तब उसके उत्तराधिकार की बात करना ठीक नहीं।” यही नहीं, फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि “हमारे यहां जब पिता जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते। यह मुगल संस्कृति है, हमारी नहीं। अभी इसका समय नहीं आया।  इसे भी पढ़ें:-  मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है-संजय राउत बता दें कि शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने पीएम के नागपुर दौरे के बाद कहा कि “वो रिटायरमेंट की और आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “पीएम मोदी पिछले 10-11 सालों में आरएसएस मुख्यालय नहीं गए थे, अब वहां मोहन भागवत को टाटा, बाय-बाय कहने गए थे। आरएसएस भी देश के नेतृत्व में बदलाव चाहता है, इसलिए पीएम मोदी को बुलाया गया था।” उन्होंने कयास लगाते हुए कहा कि “मुझे जितना समझ में आता है, पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है। पीएम मोदी का समय खत्म हो गया है और वे (आरएसएस नेतृत्व) बदलाव चाहते हैं। वे बीजेपी के अगले अध्यक्ष को भी चुनना चाहते हैं।” जिसके बाद इस बात पर बहस छिड़ गई थी कि क्या पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या नहीं?   Latest News in Hindi Today Hindi News Modi successor 2029 #ModiSuccessor2029 #DevendraFadnavis #BJPPM2029 #IndianPolitics #NarendraModi #BJPNextPM #LokSabhaElections2029 #ModiLegacy #FuturePM #PoliticalNews

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Mumbai Hindu Youth Attack Sparks Outrage & Protests

Mumbai Hindu youth attack: मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी

मुंबई के मलाड स्थित कुरार विलेज इलाके में कलश यात्रा के दौरान युवकों की पिटाई (Mumbai Hindu youth attack) का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। दरअसल, गुड़ी पाड़वा के दिन कलश यात्रा निकाली गई थी। इस बीच दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस दौरान हिंदू ऊन युवकों के साथ मारपीट की गई थी। जो भगवा झंडा लेकर जा रहे थे। अनायास हुई मारपीट के बाद से बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि मारपीट करने वाले आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। विहीप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मुंबई के कुरार पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि हिंदुओं के ऊपर जो हमला हुआ है उनके आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इस दरम्यान उन्होंने कहा कि “भारत में जय श्री राम के नारे नहीं लगेंगे तो क्या पाकिस्तान में लगेंगे? उद्धव ठाकरे के विधायक के दबाव के चलते अब तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी (Mumbai Hindu youth attack) मामला गरमाता देख अब इस मामले में संजय निरुपम भी कूद गए हैं। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर युवकों की पिटाई (Mumbai Hindu youth attack) का वीडियो शेयर किया है। वीडियो शेयर कर निरुपम ने कहा कि “कल पठानवाड़ी में ये सब तब हुआ जब कलश यात्रा में भाग लेने के लिए हिंदू बच्चे हाथ में भगवा झंडा लेकर पिंपरीपाड़ा जा रहे थे। बच्चों की उम्र 12 से 14 साल के थे। उन्हें जिहादियों ने रास्ते में पीटा। उनसे भगवा छीना।’ निरुपम ने आरोप लगाए कि उद्धव ठाकरे के विधायक के दबाव के चलते अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बता दें कि 39 सेकेंड के वीडियो में सफेद कपड़े और टॉपी में दिख रही भीड़ कुछ युवकों की पिटाई कर रही थी। मुंबई के तथाकथित वीडियो में देखा गया कि वहां विशेष समुदाय के लोगों की भीड़ थी। बीच में एक भगवा झंडा दिखाई दे रहा है। इसी वीडियो में आगे देखा गया कि कुछ लोग झंडे को फाड़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ लोग भगवा पहने दो युवकों को जमकर पीट रहे हैं। वो युवक वहां से बचकर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कल पठानवाड़ी में यह सब तब हुआ जब कलश यात्रा मे भाग लेने के लिए हिंदू बच्चे हाथ में भगवा झंडा लेकर पिंपरीपाड़ा जा रहे थे।बच्चे 12,13,14 साल की उमर के थे।उन्हें जिहादियों ने रास्ते में पीटा।उनसे भगवा छीना।उबाठा के आमदार के दबाव में अब तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है। pic.twitter.com/0F2Fobk8xI — Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) March 31, 2025 इसे भी पढ़ें:- नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ जय श्रीराम का नारा लगाने पर हुई झड़प (Mumbai Hindu youth attack) प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोप है कि मस्जिद के सामने से गुजर रहे एक रिक्शे में मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद दो गुटों में झड़प हो (Mumbai Hindu youth attack) गई। मुस्लिम पक्ष के शिकायत के बाद कुरार पुलिस स्टेशन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का मामला दर्ज किया है। खबर है कि कुरार पुलिस स्टेशन में 9-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 324 और दंगा फैलाने की धाराएं में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस तलाशी अभियान चला रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Mumbai Hindu youth attack #MumbaiAttack #HinduYouth #BajrangDal #MumbaiViolence #HinduRights #JusticeForHindus #MumbaiNews #HinduSafety #ProtestAlert #BreakingNews

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Eid celebrations India

Eid celebrations India: चांद के दीदार के बाद भारत में मना जश्न, देश भर में मनाई जा रही है ईद

रविवार देर शाम ईद का चांद दिखाई देने के बाद से मुंबई सहित देशभर में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया (Eid celebrations India) जा रहा है। इस दौरान ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जा रही है। दिल्ली की जामा मस्जिद में बड़ी तादाद में लोग नमाज अदा करने हेतु जुटे हैं और एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। ईद का चांद नजर आते ही रविवार शाम से ही जामा मस्जिद के बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। दरअसल, चांद देखने के बाद अगले दिन ईद मनाई जाती है। 30 मार्च को ईद का चांद दिखने का दावा किया गया था। इसकी पुष्टि होने के बाद लोग ईद की खरीदारी करने निकल पड़े। देर रात तक कपड़ों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। देर रात तक बाजार खुला रहा। यही नहीं, रमजान के इस पावन महीने में बाजारों को सजाया गया था। इस दौरान बाजारों में सेवइयों और ड्राई फ्रूट्स की दुकानों पर खरीदारों की भारी संख्या देखने को मिली। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई दी।  ईद-उल-फितर का त्योहार (Eid celebrations India) दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाया जाता है ईद-उल-फितर का त्योहार (Eid celebrations India) दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा खुशी और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का प्रमुख उद्देश्य एकता, प्रेम और समाज में सहयोग बढ़ाना है। रमजान के बाद ईद उल फितर का पर्व मनाया जाता है और चांद देखने के बाद ही यह तिथि निर्धारित होती है। बता दें कि सऊदी अरब में रमजान का महीना भारत से एक दिन पहले शुरू होता है, इसलिए वहां चांद दिखाई देने के बाद ही भारत में ईद मनाने की तिथि तय होती है। गौर करने वाली बात यह कि इस साल सऊदी अरब में 1 मार्च से रमजान की शुरुआत हुई थी। जबकि 2 मार्च से भारत में यह  शुरू हुआ था। सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद ही वहां के उलेमा और समितियां भारत में ईद की तिथि घोषित करती हैं। इस बार भारत में चांद 30 मार्च को दिखाई दिया और 31 मार्च ईद मनाई जा रही है।  इसे भी पढ़ें:- नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ रमजान के महीने के बाद मनाई (Eid celebrations India) जाती है ईद  जानकारी के लिए बता दें कि ईद उल फितर, रमजान के महीने के बाद मनाई (Eid celebrations India) जाती है। इस दिन लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं। खुशियां बांटते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। यह एक ऐसा दिन होता है। इस दिन हर किसी को अपने परिवार और समुदाय के साथ मिलकर घुल-मिलकर रहने का मौका मिलता है। इस दिन स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। विशेषकर मीठी सेवइयां। ईद का त्योहार न सिर्फ खुशी का बल्कि दूसरों की मदद करने और एकजुट होने का भी संदेश देता है। इस दिन बच्चों को तोहफे और ईदी दी जाती है। यही नहीं, इस दिन लोग खुदा से एक दूसरे की सलामती की दुआ करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Eid celebrations India #Eid2025 #EidMubarak #EidCelebration #EidInIndia #EidUlFitr #RamadanEnds #FestivalOfJoy #MoonSighting #EidFeast #EidPrayers

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Surrender or Face Action

Naxal crackdown India: नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सल मुक्त करने का बीड़ा उठाया है। इस दिशा में सुरक्षाबल पहले एक-एक जिले को नक्सल मुक्त कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जिसके तहत छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के साथ पूरी बस्तर रेंज को नक्सल मुक्त करने की तरफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस सिलसिले में पिछले महीनों से छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों (Naxal crackdown India) के खिलाफ सफाई अभियान छेड़ रखा है। जिस तरह एक के बाद एक नक्सलियों को ढेर किया जा रहा है उसे देख कर तो यही लग रहा है कि नक्सलियों के सामने दो ही विकल्प रह गए हैं, या तो सरेंडर कर दें या फिर यमराज के दर्शन ही कर लें। बता दें कि छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हो गई है। दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों को घेर लिया है और एनकाउंटर जारी है। इस एनकाउंटर के दौरान एक महिला नक्सली की लाश मिली है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में मुठभेड़ (Naxal crackdown India) जारी है दंतेवाड़ा पुलिस ने जारी इस एनकाउंटर (Naxal crackdown India) की जानकारी देते हुए कहा कि “सुरक्षा बलों ने एक मारी गई महिला नक्सली का शव बरामद किया है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल और अन्य गोला-बारूद के साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला माओवादी मारी गई।” इस दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि “इस क्षेत्र में सुरक्षाबलों को माओवादी विरोधी अभियान के लिए भेजा गया था। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सोमवार सुबह लगभग नौ बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार गोलीबारी जारी है।” इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब विवाद में कूदे राज ठाकरे, बोले- मराठों को नष्ट करने की कोशिश करने वाला यहीं हुआ दफन  नक्सलियों के खिलाफ लगातार एनकाउंटर (Naxal crackdown India) जारी है बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार एनकाउंटर (Naxal crackdown India) जारी है। इस दौरान कुछ नहीं तो दर्जनों नक्सली मारे जा चुके हैं। सुकमा और बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों ने दो मुठभेड़ों में 11 महिलाओं समेत 18 नक्सलियों को मार गिराया था। इस बीच बड़ी बात यह कि भारी संख्या में नक्सली सरेंडर भी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में रविवार को ही तकरीबन 50 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। 50 नक्सलियों के सरेंडर करने की तारीफ करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने रविवार को कहा कि “जो लोग हथियार छोड़कर विकास का रास्ता अपनाएंगे, उनका पुनर्वास किया जाएगा।” इस दौरान उन्होंने एक बार फिर उन लोगों से अपील की, जो सरेंडर नहीं कर रहे हैं, वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाये। इस बीच उन्होंने कहा कि “31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद इतिहास बन जाएगा।” आशा है, बस्तर रेंज को जल्द ही नक्सल मुक्त करा दिया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi News  Naxal crackdown India #Naxal #Naxalism #ModiGovernment #NaxalAttack #IndianArmy #CRPF #SurrenderOrDie #NaxalCrackdown #IndianSecurityForces #AntiNaxal

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Gaj Kesari Rajyoga 2025 Wealth & Luck for These Signs

2 अप्रैल 2025 का गजकेसरी राजयोग: इन राशियों के जीवन में आएगी धन-समृद्धि की बहार

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 2 अप्रैल 2025 को एक दुर्लभ और शक्तिशाली गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Yoga) बनने जा रहा है। यह योग गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा की वृषभ राशि में युति के कारण बनेगा, जो धन, समृद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि (Navratri) के पावन समय में बनने वाला यह योग कुछ विशेष राशियों के जातकों के लिए भाग्योदय लेकर आएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रह समय-समय पर अपनी स्थिति बदलते रहते हैं, जिसका प्रभाव 12 राशियों पर अलग-अलग होता है। 2 अप्रैल को चंद्रमा भी वृष राशि में प्रवेश करेंगे। इन दोनों शुभ ग्रहों के मिलने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा, जो बेहद प्रभावशाली माना जाता है। इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्हें न केवल धन-समृद्धि प्राप्त होगी, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी सम्मान और सफलता मिलेगी।आइए जानते हैं कि किन राशियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा और कैसे इस योग का पूरा फायदा उठाया जा सकता है। गजकेसरी राजयोग क्या है? गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Yoga) वैदिक ज्योतिष के सबसे शुभ योगों में से एक है, जो गुरु और चंद्रमा के विशेष संयोग से बनता है। “गज” (हाथी) ज्ञान और स्थिरता का प्रतीक है, जबकि “केसरी” (सिंह) साहस और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। जब ये दोनों ग्रह कुंडली के केंद्र (1, 4, 7, 10वें भाव) में एक-दूसरे से संबंध बनाते हैं, तो यह योग निर्मित होता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को धन, यश, उच्च पद और मानसिक शांति प्राप्त होती है 15। 2 अप्रैल 2025 को क्यों है खास? 2 अप्रैल को गुरु और चंद्रमा दोनों वृषभ राशि में होंगे। वृषभ राशि शुक्र की राशि है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं और आर्थिक समृद्धि से जुड़ी है। इस दिन नवरात्रि का भी पावन समय चल रहा होगा, जिससे इस योग की शक्ति और बढ़ जाएगी। ज्योतिषियों के अनुसार, यह योग विशेष रूप से वृषभ, कर्क, सिंह, मिथुन और मीन राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी होगा इन राशियों को मिलेगा अद्भुत लाभ 1. वृषभ राशि (Taurus) इस योग का सबसे अधिक लाभ वृषभ राशि (Zodiac Sign) के जातकों को मिलेगा, क्योंकि यह उनके लग्न भाव में बन रहा है। इस दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। व्यापार और नौकरी में उल्लेखनीय सफलता मिलने की संभावना है। विवाहित जातकों का दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा, जबकि अविवाहितों को शादी के शुभ प्रस्ताव मिल सकते हैं। 2. कर्क राशि (Cancer) यह योग कर्क राशि (Zodiac Sign) के 11वें भाव (लाभ स्थान) में बन रहा है, जिससे आय के नए स्रोत खुलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार और निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। साथ ही, सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और राजनीति से जुड़े लोगों को भी सफलता मिलने के योग हैं। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि (Zodiac Sign) के कर्म भाव (10वें भाव) में बनने वाला यह योग करियर में उन्नति लाएगा।वैदिक शास्त्रों के अनुसार, 2 अप्रैल को गजकेसरी राजयोग बनने से आपके लिए शुभ मौके आ सकते हैं। जो लोग प्राइवेट या सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें सैलरी बढ़ने और प्रमोशन मिलने की संभावना है। अगर आप नौकरी बदलने का सोच रहे हैं, तो समय आपके लिए सही रहेगा और आपको बेहतर सैलरी के साथ जॉब ऑफर मिल सकता है। वहीं, जो लोग बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें अच्छा मुनाफा हो सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Yoga) का पूरा लाभ कैसे उठाएं? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Gajakesari Yoga #GajKesariRajyoga2025 #Astrology2025 #WealthLuck #ZodiacSigns #Horoscope2025 #MoneyLuck #RajyogaEffects #AprilAstrology #Fortune2025 #LuckyZodiac

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Jio- 20 GB Extra Plan

जियो का तोहफा: 72 दिन वाले प्लान में अब 20GB डेटा मिलेगा एक्स्ट्रा

जियो (Jio) एक भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है। जियो (Jio) ने 2016 में अपनी सेवाएं शुरू कीं और तब से यह भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर बन चुका है। जियो सर्विसेज अपने यूजर्स के लिए कई सुविधाएं प्रदान करती हैं। यह अपने फ्री वॉइस कॉल्स, सस्ती डेटा रेट्स और अन्य फैसिलिटीज के कारण प्रसिद्ध है। जियो (Jio) के पास अपने यूजर्स के लिए कई प्लान्स उपलब्ध हैं जैसे जियोफोन प्लान्स, ट्रू 5जी अनलिमिटेड प्लान्स, वार्षिक प्लान्स आदि। यूजर अपनी आवश्यकता के अनुसार प्लान को चुन सकता है। अब जियो यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि, 72 दिन वाले प्लान में अब उन्हें 20GB एक्स्ट्रा डेटा मिलने वाला है। आइए जानें कि जियो का नया प्लान (New plan of Jio) क्या है? जियो का नया प्लान (New plan of Jio): पाएं जानकारी जियो (Jio) अपने ग्रहकों के लिए एक ऐसा ऑफर ले कर आया है, जो इनके ग्राहकों के लिए किसी धमाके से कम नहीं है। इनमें न केवल लम्बी वेलिडिटी दी जा रही है, बल्कि यूजर्ज को एक्स्ट्रा डेटा भी मिल रहा है। यही नहीं, उन्हें ओटीटी सब्सक्रिप्शन भी मिल रहा है। अगर बात की जाए जियो सब्सक्रिप्शन की, तो जियो अपने ग्राहकों के लिए सस्ते और महंगे दोनों तरह के प्लान्स ले कर आता है।  कुछ समय से लोग इंटरनेट डेटा का अधिक इस्तेमाल करते हैं और उसका कारण है ओटीटी स्ट्रीमिंग। इसके कारण डेटा की डिमांड बढ़ती जा रही है। आमतौर पर डेटा प्लान महंगे होते हैं और उसके लिए यूजर्ज को अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन, जियो का नया प्लान (New plan of Jio) यूजर्स को लंबी वैलिडिटी, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ साथ ही एक्स्ट्रा डेटा भी दे रहा है। क्या है यह प्लान? जियो (Jio) के इस नए प्लान से आपको बार-बार रिचार्ज करने की समस्या से आजादी मिल जायेगी। इस प्लान की कीमत केवल 749 रुपये है और इससे यूजर्ज को  72 दिनों की लंबी वैलिडिटी मिल रही है। इसके फायदे यहीं ख़त्म नहीं हो रहे। इससे आप 72 दिनों के लिए लोकल और एसटीडी सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉल्स कर सकते हैं। यह प्लान ले कर आपको रोजाना फ्री एसएमएस भी मिल जाएंगे।  अगर बात की जाए डेटा (Data) की तो इस प्लान में रोजाना यूजर को में 2GB डेटा भी मिलता है। अगर आप यह प्लान खरीदते हैं, तो आपको 20GB एक्स्ट्रा डेटा मिलेगा। यानी, इस पैक से न केवल आपके पैसों की बचत होगी बल्कि आपको एक्स्ट्रा डेटा भी मिलेगा। यह था जियो का नया प्लान (New plan of Jio), अब जानते हैं जियो (Jio) के अन्य रिचार्ज विकल्पों के बारे में।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट अन्य विकल्प  जियो (Jio) के रिचार्ज प्लान्स में कई अन्य विकल्प भी हैं, जिनमे से आप अपने लिए चुन सकते हैं: इसके अलावा और भी कई प्लान्स हैं, जो जियो (Jio) अपने ग्राहकों को प्रदान करता। आप अधिक जानकारी के लिए जियो (Jio) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके अलावा आप जियो या अन्य ऍप्लिकेशन्स से यह रिचार्ज आसानी से कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi New plan of Jio #NewplanofJio #Jioapps #Jio #Jiophone #Jiousers

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Dr. K.K. Muhammad on Secularism & Muslim Majority

Muslim majority and secularism: यदि मुस्लिम बहुसंख्यक होते, तो भारत कभी नहीं होता सेक्युलर- डॉ. के.के. मुहम्मद

भारत सिर्फ इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है, यदि मुस्लिम बहुसंख्यक होते, तो भारत कभी सेक्युलर नहीं (Muslim majority and secularism) होता। ये बोल हैं, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य और पद्मश्री डॉ. के.के. मुहम्मद के। बता दें कि 70 वर्षीय आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. के.के. मुहम्मद ने राम जन्मभूमि मंदिर की जांच के बाद अहम निभाई थी। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि “भारत धर्मनिरपेक्ष इसलिए है, क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “अगर राम और कृष्ण आपके इतिहास पुरुष, आपके राष्ट्रीय नायक नहीं हैं, तो आप एक आदर्श मुसलमान नहीं हैं।” दरअसल, लेखक आनंद रंगनाथन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉ. के.के. मुहम्मद का एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्‍शन में लिखा कि “भारत सिर्फ़ इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है। यही हिंदू धर्म की महानता है। अगर राम और कृष्ण आपके इतिहास पुरुष, आपके राष्ट्रीय नायक नहीं हैं, तो आप एक आदर्श मुसलमान नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि “डॉ. के.के. मुहम्मद, जिन्हें यह पता लगाने के लिए निलंबित कर दिया गया था कि बाबरी के नीचे कभी एक मंदिर था।  साल 1976-77 में पुरातत्वविद प्रो बी बी लाल के नेतृत्व में अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान की खाेदाई हुई थी (Muslim majority and secularism) India is secular only because it is a Hindu majority country. This is the greatness of Hinduism. If Rama and Krishna are not your Itihasa purusha, your national heroes, you are not a perfect Muslim. – Dr KK Muhammed, suspended for discovering that a temple once stood under Babri. pic.twitter.com/Bh0RKC3XbC — Anand Ranganathan (@ARanganathan72) March 30, 2025 केरल के कोझिकोड में जन्में करिंगमन्‍नू कुझियिल मुहम्‍मद (के.के. मुहम्मद) ने अपनी जीवन यात्रा को मलयाली में एक किताब की शक्ल दी है। जिसका हिंदी अनुवाद है, मैं भारतीय हूं। बता दें, इस किताब में उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर की खोज यात्रा को बहुत विस्तार से लिखा है। वो लिखते हैं कि “जब अयोध्या में राम जन्मभूमि के मालिकाना हक को लेकर 1990 में पहली बार पूरे देश में बहस जोर पकड़ रही थी, तब मुझे 1976-77 वाले कॉलेज के दिन याद आ रहे थे। तब पढ़ाई की खातिर मुझे अयोध्या भेजा गया (Muslim majority and secularism) था। साल 1976-77 में पुरातत्वविद प्रो बी बी लाल के नेतृत्व में अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान की खाेदाई हुई थी, उस खोदाई में मैं भी शामिल था। उस खोदाई में वहां राम मंदिर के प्रमाण मिले थे। मगर जब यह बात मेंने वर्ष 1990 में सार्वजनिक रूप से कही, तो मेरी नौकरी जाते जाते बची थी। दरअसल, साल 1990 में एक अखबार के लेख के माध्यम से उन्होंने स्वीकार किया था कि “उन्होंने मस्जिद के नीचे राम मंदिर के अवशेष देखे थे। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।  इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब विवाद में कूदे राज ठाकरे, बोले- मराठों को नष्ट करने की कोशिश करने वाला यहीं हुआ दफन  मुसलमानों को खुद ही मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना (Muslim majority and secularism) चाहिए यही नहीं, पद्मश्री डॉ. के.के. मुहम्मद ने इससे पहले भारतीय मुसलमानों से कहा था कि “मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को खुद ही हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना (Muslim majority and secularism) चाहिए। उनकी जो पवित्र इमारत है, उसे कहीं अन्य उपयुक्त स्थल पर स्थानांतरित करने के लिए मुसलमानों को स्वयं आगे आना चाहिए। इससे सरकार एवं सर्व समाज से भी सहयोग मिल सकेगा। उनके इस बयान की भी खूब चर्चा हुई थी। खैर, वह लगातार अपनी बातें खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Muslim majority and secularism #IndiaSecularism #DrKKMuhammad #SecularIndia #MuslimMajority #IndianHistory #ReligiousDebate

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Trump presidential plans: क्या तीसरी बार भी अमेरिका के राष्ट्रपति बनना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप?

अमेरिका में राष्ट्रपति पद का कार्यकाल 4 साल का होता है और कोई भी शख्स दो बार से अधिक इस पद पर नहीं रह (Trump presidential plans) सकता। दरअसल, फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट लगातार चार बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे। इसके बाद साल 1951 में अमेरिकी संविधान में 22वां संशोधन किया गया। उस संसोधन के मुताबिक कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति के पद पर दो बार से अधिक नहीं चुना जाएगा। इस संशोधन के साथ अमेरिका में अधिकतम 2 बार ही राष्ट्रपति बनने की सीमा लगा दी गई। इस संविधान संशोधन के बाद अब तक चुने गए सभी राष्ट्रपति इस सीमा का पालन करते आए हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी बार भी राष्ट्रपति बनने की इच्छा जताई है। बता दें की डोनाल्ड ट्रंप साल 2017 से लेकर 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति थे। इसके बाद साल 2021 में वो जो बाइडेन को हाथों चुनाव हार गए थे।  अमेरिका का पुतिन बनने को सोच (Trump presidential plans) रहे हैं- डोनाल्ड ट्रंप इसके बाद साल 2025 में एक फिर से वो चुनाव में लड़े और इस बार उनका मुकाबला जिसमें उनका मुकाबला कमला हैरिस से हुआ। बड़ी बात यह की इस चुनाव को वे भारी अंतर से जीत गए। अब उनका यह कार्यकाल साल 2029 में खत्म होगा। गौर करने वाली बात यह कि तब तक वे 82 वर्ष के हो चुके होंगे। इसके बावजूद ट्रंप को उम्मीद है कि उनकी लोकप्रियता की वजह से अमेरिकी जनता उन्हें तीसरा कार्यकाल देने के लिए सहमत हो जाएगी। इस तरह वो अमेरिका का पुतिन बनने को सोच (Trump presidential plans) रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या वे भी संवैधानिक सीमा को हटाकर तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने जा रहे हैं? दरअसल, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने संविधान में संशोधन कर चुनाव लड़ने की सीमा हटा चुके हैं। हालांकि इस बारे पहले से अटकलें लगाईं जा रही थी लेकिन रविवार को  ट्रंप ने खुद ही इस बारे में स्पष्ट कर दिया। उन्होंने खुलकर कहा कि “वे तीसरी बार भी राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा करना चाहते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही देखिए मुझे काम करना (Trump presidential plans) पसंद है- डोनाल्ड ट्रंप एनबीसी न्यूज को टेलीफोनिक इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि “क्या वह उस समय देश की सबसे कठिन नौकरी में सेवाएं देना जारी रखना चाहेंगे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि “देखिए मुझे काम करना (Trump presidential plans) पसंद है।” इस दौरान उन्होंने दावा किया कि “अमेरिका की जनता उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें तीसरा कार्यकाल देने के लिए तैयार हो जाएगी। ट्रंप यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। ऐसे तरीके हैं जिनसे आप ऐसा कर सकते हैं। हालांकि इसके बारे में विचार करना अभी काफी जल्दबाजी होगी।” विदेश नीति मामलों के विशेषज्ञों की माने तो ट्रंप के इरादों से स्पष्ट है कि साल 2029 में अपना दूसरा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी वे तीसरी बार चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए वे शायद दो से अधिक बार देश का नेतृत्व करने पर लगी रोक संबंधी संवैधानिक बाधा को पार करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। तो वहीं ट्रम्प की टिप्पणियों की तीखी आलोचना भी की जा रही है। प्रतिनिधि डैनियल गोल्डमैन ने इसे सरकार को संभालने और हमारे लोकतंत्र को खत्म करने के उनके स्पष्ट प्रयास में वृद्धि करार दिया है।उन्होंने कहा कि “अगर कांग्रेस के रिपब्लिकन संविधान में विश्वास करते हैं, तो वे तीसरे कार्यकाल के लिए ट्रम्प की महत्वाकांक्षाओं का विरोध करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump presidential plans #TrumpThirdTerm #DonaldTrump2028 #Trump2028Campaign #USPresidentialElections #Trump2028Run #TrumpForPresident #Trump2028Bid #Trump2028

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Mahakaleshwar Temple

महाकाल का शृंगार: क्यों हर दिन बदलता है भगवान शिव का स्वरूप?

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के रूप महाकाल (Mahakaal) का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। आइए जानते हैं कि प्रतिदिन महाकाल का शृंगार अलग-अलग क्यों किया जाता है और इसके पीछे की क्या कहानी है। महाकाल का शृंगार: एक दिव्य परंपरा महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में भगवान शिव के रूप महाकाल का शृंगार प्रतिदिन अलग-अलग तरीके से किया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। महाकाल का शृंगार उनके विभिन्न रूपों और भावों को दर्शाता है, जो भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप के करीब ले जाता है। शृंगार के पीछे का धार्मिक महत्व महाकाल का शृंगार (Mahakal Shringar) केवल सजावट नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक अनुष्ठान है। यह शृंगार भगवान शिव के विभिन्न रूपों और उनकी लीलाओं को दर्शाता है। प्रतिदिन अलग-अलग शृंगार करने के पीछे का उद्देश्य भक्तों को भगवान शिव (Lord Shiva) के विभिन्न रूपों के दर्शन कराना और उनकी कृपा प्राप्त करना है। महाकाल का अनूठा शृंगार 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन में विराजित बाबा महाकाल का हर दिन विभिन्न रूपों में शृंगार होता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह भगवान शिव (Lord Shiva) के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। हर दिन अलग-अलग रूप में महाकाल के दर्शन करने से भक्तों को एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। महाकाल के शृंगार के विभिन्न रूप इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व महाकाल के शृंगार का महत्व उज्जैन स्थित महाकाल (Mahakaleshwar Temple) के मंदिर में हर दिन आरती के बाद बाबा को एक अलग रूप में सजाया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह भगवान शिव के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। हर दिन अलग-अलग रूप में महाकाल के दर्शन करने से भक्तों को एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। महाकाल के शृंगार (Mahakal Shringar) का यह अनूठा तरीका भक्तों को भगवान शिव की विभिन्न लीलाओं और रूपों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है। यह शृंगार न केवल भक्तों की आस्था को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें भगवान शिव (Lord Shiva) के प्रति समर्पण और भक्ति का संदेश भी देता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mahakaleshwar Temple #UddhavThackeray #BJP #ModiGovt #MaharashtraPolitics #ShivSena #LokSabhaElections #IndianPolitics #PoliticalAttack #MaharashtraNews #ModiVsOpposition

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