payal and black thread together meaning

पैरों में पायल और काला धागा एक साथ पहनना: शुभ है या अपशकुन?

भारतीय संस्कृति में महिलाओं के पहनावे और आभूषणों का विशेष महत्व होता है। पायल (Anklets) और काला धागा (Black Thread) जैसे परिधान न केवल सौंदर्य को बढ़ाते हैं, बल्कि इन्हें कई धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है। हालांकि इन दोनों का प्रयोग अलग-अलग कारणों से होता है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या महिलाएं एक साथ पैरों में पायल और काला धागा पहन सकती हैं? क्या यह शुभ होता है या इससे अपशकुन आता है? इस लेख में हम इस विषय के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे। पायल का महत्व  पायल (Anklets) पहनने की प्रथा बहुत प्राचीन है और इसे केवल सजावट के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से चांदी की पायल पहनने से शरीर में ठंडक बनी रहती है, क्योंकि चांदी एक ऐसी धातु है जो शरीर की गर्मी को संतुलित करने में मदद करती है। यह पैरों में सूजन, दर्द और थकान जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, चांदी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, पायल पहनने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और महिलाओं के जीवन में सौभाग्य आता है। विशेष रूप से विवाहित महिलाएं इसे शुभ माना करती हैं क्योंकि इससे उनके वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। काला धागा पहनने की परंपरा काला धागा (Black Thread) नकारात्मक ऊर्जा और नजरदोष से सुरक्षा का एक प्राचीन उपाय माना जाता है। इसे पैरों में बांधने से इसका प्रभाव और भी मजबूत हो जाता है। काले रंग का संबंध राहु, केतु और शनि जैसे ग्रहों से होता है, जो अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायता करते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शनिवार को किसी भैरव मंदिर जाकर काले धागे (Black Thread) को सिद्ध कर पहनना बहुत शुभ माना जाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, मन में सकारात्मकता आती है और मानसिक तनाव, भय तथा चिंता में भी कमी आती है।  इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां क्या एक साथ पहनना सही है? भारतीय संस्कृति में पायल (Anklets) को सुहाग का प्रतीक माना जाता है, इसलिए विवाहित महिलाएं इसे विशेष रूप से महत्व देती हैं। वहीं, काले धागे को नजरबट्टू के रूप में देखा जाता है और अक्सर पति या सास की सलाह पर पहनाया जाता है। ग्रामीण इलाकों में आज भी यह माना जाता है कि पायल और काला धागा एक साथ पहनना अशुभ होता है, खासकर त्योहारों या धार्मिक अवसरों पर। दूसरी ओर, शहरी युवतियां इसे फैशन ट्रेंड की तरह अपनाती हैं और नियमित पहनती हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो, यदि पायल और काला धागा सही भावना और श्रद्धा के साथ पहने जाएं तो इनमें कोई दोष नहीं माना जाता।  फिर भी, खास ध्यान रखने वाली बात यह है कि जिन महिलाओं की राशि मेष, वृश्चिक या कर्क हो, उन्हें यह दोनों चीजें पैरों में साथ-साथ पहनने से बचना चाहिए। ऐसा करने पर उनके स्वास्थ्य में परेशानियां आ सकती हैं, परिवार में कलह हो सकती है और आर्थिक हानि भी हो सकती है। इन राशियों की महिलाओं के लिए सलाह दी जाती है कि वे काले धागे की जगह सफेद धागा या चांदी का कड़ा पहनें, जिससे उनका भाग्य मजबूत होता है और शुभ प्रभाव आता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Anklets #Payal #BlackThread #AuspiciousSigns #IndianTradition #SpiritualBeliefs #HinduRituals #FashionWithMeaning #MythVsTruth

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PM Modi latest speech

उधर से गोली आएगी तो इधर से गोला चलेगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक भव्य रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाया और विकास की नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। जंबूरी मैदान में आयोजित इस विशाल जनसभा में उन्होंने न केवल देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया, बल्कि सामाजिक सुधारों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी ऐतिहासिक योगदान देने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) को श्रद्धांजलि दी। “गोली के बदले गोला मिलेगा” – ऑपरेशन सिंदूर पर दो टूक अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आज 140 करोड़ भारतीय कह रहे हैं कि अगर तुम उधर से गोली चलाओगे, तो यहां से गोला चलेगा।” यह बयान देश की सुरक्षा नीति में भारत के बदले हुए रुख और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की भावना को दर्शाता है। पीएम मोदी (PM Modi) ने यह भी स्पष्ट किया कि अब भारत किसी भी प्रकार के हमले या उकसावे पर चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि देश की सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं और सरकार आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। दतिया और सतना को मिली हवाई सेवा की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रैली के दौरान दतिया और सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन कर इन शहरों को देश के हवाई नेटवर्क से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि “अब दतिया और सतना जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर भी आधुनिक हवाई सेवा से जुड़ गए हैं। यह सिर्फ यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि विकास का नया द्वार है।” पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा कि यह अवसर सिर्फ एक उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह लोकसेवा और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाएगा। अहिल्याबाई होल्कर को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंच से समाज सुधारक और महान शासिका अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि “अहिल्याबाई का जीवन हमें सिखाता है कि शासन का अर्थ सिर्फ सत्ता नहीं, सेवा है। उनके कार्य आज भी हमारी प्रेरणा हैं।” इस अवसर पर उनकी 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। पीएम मोदी (PM Modi) ने अहिल्याबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला सशक्तिकरण को बताया सरकार की प्राथमिकता रैली से पहले पीएम मोदी (PM Narendra Modi) लोकमाता अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि “अहिल्याबाई का जीवन महिलाओं की शक्ति और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। आज उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार बेटियों को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।” इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  जनता का जोरदार समर्थन रैली स्थल पर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। पीएम मोदी (PM Modi) को देखने के लिए हजारों लोग तिरंगे लेकर पहुंचे थे। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) के स्वागत में हाथ लहराए और नारे लगाए। पीएम भी अपनी खुली गाड़ी में बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। इस अवसर पर पीएम मोदी का संबोधन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद अहम रहा। उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब निर्णायक नेतृत्व और तेज़ विकास के रास्ते पर है—जहां जनता की सेवा और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Narendra Modi #PMModi #ModiSpeech #IndiaSecurity #ModiWarning #ModiOnTerror #NationalSecurity #IndiaNews #ModiStatement

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National Teacher Award

National Teacher Award: जानें क्या है इसके लिए योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां!

नेशनल अवार्ड, भारत में कई क्षेत्रों में लोगों की उत्कृष्टता और योगदान को पहचानने और सम्मानित करने लिए दिया जाता है। इन्हें देने का उद्देश्य देश की प्रगति में अहम भूमिका देने वाले लोगों को सम्मानित करना है। नेशनल टीचर अवार्ड (National Teacher Award) भारत सरकार द्वारा टीचर्स को दिया जाने वाला सम्मान है। यह अवार्ड्स हर साल दिए जाते हैं। इस साल सेंटर गवर्नमेंट ने टीचर्स से नेशनल अवार्ड के लिए आवेदन मांगे हैं। इस क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले शिक्षक इसके लिए अपना नामांकन भर सकते हैं। इन्हें भरने की लास्ट डेट है 9 जुलाई 2025। आपको इसके बारे में अधिक जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन (Ministry of Education) की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। आप ऑनलाइन आसानी से नामांकन भर सकते हैं। आइए जानें इसके लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? नेशनल टीचर अवार्ड (National Teacher Award): पाएं जानकारी नेशनल टीचर अवार्ड (National Teacher Award) की शुरुआत 1958 में हुई थी। यह अवार्ड भारत के राष्ट्रपति द्वारा 5 सितम्बर को प्रदान किया जाता है, जिसे शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। नेशनल टीचर अवार्ड के लिए योग्यता नेशनल टीचर अवार्ड (National Teacher Award) की दो कैटेगरीज हैं पहली कैटेगरी में कॉलेज, यूनिवर्सिटीज और हायर एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन के टीचर को अवार्ड्स दिए जाते हैं जबकि दूसरे में पॉलीटेक्निक टीचर्स को अवार्ड दिया जाता है। नेशनल टीचर अवार्ड के लिए योग्यता इस प्रकार है: इसके साथ ही शिक्षकों के लिए रेगुलर फैकल्टी मेंबर होना जरूरी है। उनकी उम्र 55 साल से कम होनी चाहिए और उन्हें ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन में कम से कम 5 साल टीचिंग का एक्सपीरियंस होना चाहिए। यह भी ध्यान रहे कि नामांकन भरने वाले टीचर वाइस चांसलर, डायरेक्टर, प्रिंसिपल पद पर कार्यरत न हों। अधिक जानकारी के लिए मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन (Ministry of Education) वेबसाइट पर विजिट करें। इसे भी पढ़े: ISRO साइंटिस्ट भर्ती 2025: आवेदन प्रक्रिया, योग्यता और आयु सीमा एप्लीकेशन प्रोसेस  नेशनल टीचर अवार्ड (National Teacher Award) के लिए अप्लाई करने के लिए एलिजिबल टीचर मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन (Ministry of Education) की वेबसाइट पर खुद इस नेशनल अवार्ड (National award) के लिए  नॉमिनेशन भर सकते हैं। स्कूल के वाइस चांसलर, डायरेक्टर, प्रिंसिपल भी किसी योग्य शिक्षक का नामांकन भर सकते हैं। इस साल यह नामांकन 27 मई से भरा जा सकता है और इसे केवल 9 जुलाई तक ही भरा जा सकता है। हर साल 35 लोगों को यह अवार्ड दिया जाता है। जीते जाने वाले शिक्षकों को एक सर्टिफिकेशन और पदक के साथ ही पचास हजार नकदी भी दी जाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news National Teacher Award #NationalTeacherAward #NationalAward #Award #MinistryofEducation

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action on Shashi Tharoor

Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor: इस एक वजह से चाह कर भी शशि थरूर पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है कांग्रेस

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए इन दिनों भारत के सात सर्वदलीय शिष्टमंडल विदेशी दौरे पर हैं। इनमें से एक शिष्टमंडल की अगुवाई कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर कर रहे हैं। अन्य शिष्टमंडलों में मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस को सबसे ज्यादा आपत्ति शशि थरूर के बयानों से। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जिस तरह से वो आये दिन पाकिस्तान को घेर रहे हैं, इसे देखकर ऐसा लगता है कि वो बीजेपी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस कदम से पार्टी असहज दिख रही है। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो थरूर जिस तरह से बयान दे रहे हैं, उससे कांग्रेस खुश नहीं है। एक तरफ जहाँ सीजफायर होने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित दखल को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है और उससे लगातार सवाल कर रही है तो वहीं थरूर और खुर्शीद लगातार अमेरिकी या ट्रंप के दखल के दावों को सिरे से खारिज कर रहे (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) हैं। कई मौकों पर दोनों नेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर जो सहमति बनी वह दोनों देशों के बीच हुई सीधी बातचीत का नतीजा है। दोनों जोर देते हुए कहा कि इस सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।  थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना इस बात के इंकार नहीं किया जा सकता कि थरूर के बयानों से कांग्रेस के आला नेताओं में नाराजगी है। नाराजगी ऐसी वैसी भी नहीं, चरम वाली। नाराजगी तो है, लेकिन चाहकर भी वो इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का अपना ऐसा अनुमान है कि थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना। और बीजेपी इसे मुद्दा बना सकती है। ऐसे में कांग्रेस किसी भी कीमत पर बीजेपी को लाभ नहीं ही पहुंचाएगी। इसलिए पार्टी जवाब न देकर उदित राज द्वारा थरूर पर हमला करवा रही है। वो बात और है कि पवन खेड़ा जैसे नेता उदित राज के ट्वीट को लगातार री-पोस्ट कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि विवाद बढ़ने पर इसे उदित राज का निजी विचार बता पार्टी के शीर्ष नेता अपना पल्ला आसानी से झाड़ सकते हैं। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो कांग्रेस, थरूर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। दरअसल, इसके पीछे की बड़ी वजह है अगले साल केरल में होनेवाले विधानसभा चुनाव। बता दें कि थरूर तिरूवनंतपुरम से सांसद हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती कांग्रेस हाल के वर्षों में थरूर ने केरल में अपना एक नया समर्थक वर्ग तैयार किया है, इसमें युवा, महिलाएं और सर्विस सेक्टर के लोग शामिल हैं। तिरूवनंतपुरम के बाहर भी थरूर का अच्छा प्रभाव है। बेशक कांग्रेस किसी भी तरह की कार्रवाई कर केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती। बता दें कि थरूर नायर जाति से आते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि परंपरागत रूप से यह वर्ग भाजपा का समर्थक है, लेकिन इसके बावजूद थरूर चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह तिरूवनंतपुरम से चार बार के सांसद हैं। वजह यही जो अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस थरूर को पार्टी का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। बेशक वह थरूर की राजनीतिक लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहती है। ऐसे में उसे लगता है कि थरूर पर किसी भी तरह की कार्रवाई चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचा सकती है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं, केरल में थरूर के नुकसान की भरपाई कर पाना कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor #ShashiTharoor #Congress #CongressNews #IndianPolitics #TharoorControversy #PoliticalNews #CongressLeadership

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changes from June 1 2025

From June 1, 2025, new rules may affect your finances: 1 जून से बदलने जा रहे हैं ये नियम, आपकी जेब पर पड़ सकता है सीधा असर

कुछ घंटों बाद जून महीने का आगाज होने वाला है। इसका आगाज से होते ही कुछ नियमों में बदलाव भी हो सकता है। बेशक बदलाव का असर सीधे तौर पर आपकी जेब पर ही पड़ेगा। दरअसल, यूपीआई और पीएफ से लेकर एलपीजी सिलेंडर तक के दामों में बदलाव होने जा रहे (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) हैं। बड़ी बात यह कि 1 जून से बदलने वाले नियमों की वजह से एक तरह जहाँ कुछ सुविधाएं बढ़ेंगी, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ मामलों में अतिरिक्त शुल्क भी अदा करना पड़ सकता है। आइये जानते हैं उन बदलावों के बारे में जो 1 जून से बदलने वाले हैं।  क्रेडिट कार्ड पर मासिक फाइनेंस चार्ज में हो सकती है (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) बढ़ोतरी  1 जून से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को बड़ा झटका लग सकता है। जानकारी के मुताबिक यदि आप कोटक महिंद्रा बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो आपको बड़ा झटका लग सकता (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) है। बैंक अब ऑटो-डेबिट लेनदेन फेल होने पर 2% का बाउंस चार्ज लगाएगा। यह न्यूनतम 450 रुपये और अधिकतम 5000 रुपये तक हो सकता है। यही नहीं, बैंक की वेबसाइट के अनुसार, 1 जून से बैंक के ज्यादातर क्रेडिट कार्ड पर मासिक फाइनेंस चार्ज में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसे मौजूदा 3.50% यानी सालाना 42% से बढ़ाकर 3.75% यानी सालाना 45% तक किया जा सकता है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) बदलाव  गौरतलब हो कि हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होता है। ऐसे में जून की पहली तारीख को भी इनमें कुछ बदलाव होने की संभावना है। बता दें कि मई की शुरुआत में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें तो स्थिर रखी गई (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) थीं, लेकिन 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 17 रुपये प्रति सिलेंडर तक की कटौती की गई थी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि सिलेंडर की कीमते बढ़ती हैं या स्थिर रहती हैं।  आधार अपडेट कराने के लिए 50 रुपये का देना होगा शुल्क  गौरतलब हो कि यूआईडीएआई ने आधार यूजर्स को मुफ्त आधार कार्ड अपडेट की सुविधा (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) दी थी। 14 जून को यह समाप्त हो रही है। किसी कारणवश यदि आप इस अंतिम तिथि तक अपने आधार को अपडेट नहीं करा पाते हैं, तो इसके बाद आपको अपडेट कराने के लिए 50 रुपये का शुल्क देना होगा। आधार कार्ड से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव भी जून में प्रभावी होगा।  बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरों में हो सकते हैं बदलाव  रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती की है और आगे भी इसमें और कटौती की उम्मीद की जा रही (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) है। इस वजह से जून में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं। मिसाल के तौर पर, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 5 साल की FD पर ब्याज दर 8.6% से घटाकर 8% कर दी है। अन्य बैंक भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। कुल-मिलाकर लोन की ईएमआई कम होने की उम्मीद है।  देश के 9 करोड़ से अधिक पीएफ खाताधारकों को (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) मिलगा सीधा लाभ  सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का नया और एडवांस वर्जन, ईपीएफओ 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। यह जून महीने में शुरू किया जा सकता है। इसके लांच होने के बाद पीएफ क्लेम करना बेहद आसान हो जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि भविष्य में आप एटीएम और यूपीआई के माध्यम से भी अपने पीएफ खातों से पैसों को निकाल सकेंगे। कहने की जरूरत नहीं, इस बदलाव से देश के 9 करोड़ से अधिक पीएफ खाताधारकों को लाभ होगा। 1 जून से प्रभावी होगा म्यूचुअल फंड के लिए नया कट-ऑफ टाइम ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिए सेबी द्वारा लागू किया गया नया कट-ऑफ टाइम 1 जून से प्रभावी होगा। इसके तहत ऑफलाइन लेनदेन के लिए कट-ऑफ समय दोपहर 3 बजे और ऑनलाइन लेनदेन के लिए शाम 7 बजे (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) होगा। इसके बाद किए गए ऑर्डर अगले कार्य दिवस पर माने जाएंगे। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? क्यूआर कोड या एडिट किए गए नाम अब दिखाई नहीं देंगे एनपीसीआई ने यूपीआई को लेकर एक नया नियम लागू किया है। इस नियम के मुताबिक यूपीआई पेमेंट करते समय यूजर्स को अब सिर्फ अल्टीमेट बेनिफिशियरी यानी असली प्राप्तकर्ता का बैंकिंग नाम ही (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) दिखेगा। क्यूआर कोड या एडिट किए गए नाम अब दिखाई नहीं देंगे। ध्यान देने वाली बात यह कि यह नियम सभी यूपीआई ऐप्स को 30 जून तक लागू करना होगा। सीएनजी, पीएनजी और एटीएफ की कीमतों में भी हो सकता है (From June 1, 2025, new rules may affect your finances) बदलाव  हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर के साथ-साथ एयर टर्बाइन फ्यूल के दाम भी संशोधित करती हैं। ऐसे में जून महीने में सीएनजी, पीएनजी और एटीएफ की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। गौरतलब ही कि मई महीने में एटीएफ की कीमतों में कटौती की गई थी। ऐसे में जून महीने में संशोधन की उम्मीद है। Latest News in Hindi Today Hindi news From June 1, 2025, new rules may affect your finances #June2025Finance #FinancialRulesUpdate #NewBankingNorms #IncomeTaxChange #MoneyMatters #RBIUpdate #BudgetImpact #June1Changes

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Monsoon tips for car

Monsoon tips for car: इन 10 टिप्स को अगर आपने कर लिया फॉलो, तो बारिश में भी आपकी कार रहेगी चकाचक 

बारिश का मौसम जहाँ सुकून और ताज़गी लेकर आता है। वहीं कार ड्राइव करने वालों के लिए बारिश का मौसम कई तरह की समस्या भी लेकर आता है। पानी भरे रास्ते, फिसलन, कम विज़िबिलिटी और कार में सीलन जैसी समस्याएँ इस मौसम में आम हो जाती हैं। ऐसे में यदि आपकी कार की समय पर देखभाल न की जाए तो यह न केवल आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है, बल्कि आपकी सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। यहाँ हम आपको बता रहे हैं बारिश के मौसम में कार की देखभाल (Monsoon tips for car) से जुड़े कुछ बेहद उपयोगी और आसान टिप्स, जो आपकी कार को बनाएंगे मौसम के लिहाज से पूरी तरह तैयार। Monsoon tips for car: बारिश के मौसम में कार को सुरक्षित रखने के लिए 10 टिप्स  1. कार के वाइपर को करें चेंज  बारिश में सबसे ज़रूरी होता है विंडस्क्रीन का साफ रहना। पुराने या घिसे हुए वाइपर शीशे को ठीक से साफ नहीं कर पाते, जिससे विज़िबिलिटी कम हो जाती है। बारिश से पहले वाइपर ब्लेड की जांच करवा लें और जरूरत हो तो नया लगवाएं। 2. ब्रेक सिस्टम की जांच कराएं भीगे रास्तों पर ब्रेक का सही तरीके से काम करना बेहद ज़रूरी है। ब्रेक में किसी भी प्रकार की ढील या घिसाव को नजरअंदाज न करें। ABS (Anti-lock Braking System) वाले वाहनों की जांच भी जरूर करवाएं। 3. टायर की ग्रिप है बेहद अहम पानी से भरी सड़कों पर कार को कंट्रोल में रखने के लिए टायर की ग्रिप मजबूत होनी चाहिए। पुराने या घिसे हुए टायर बारिश में स्किड कर सकते हैं। टायर में सही प्रेशर बनाए रखें और ट्रैड डेप्थ कम से कम 2 मिमी रखें। 4. हेडलाइट और टेल लाइट करें चेक  बरसात में विज़िबिलिटी कम हो जाती है, ऐसे में हेडलाइट और टेल लाइट का ठीक तरह से काम करना बेहद ज़रूरी है। अगर रोशनी धीमी है या बल्ब पुराना हो चुका है तो उसे जरूर बदलवाएं। इसलिए बारिश के मौसम में कार टिप्स  (Monsoon tips for car) के लिए इस गाड़ी की लाइट से जुड़ी बातों को ध्यान रखना चाहिए।   5. बैटरी कंडीशन की करें जांच  नमी और ठंडे मौसम में बैटरी पर असर पड़ता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करें कि बैटरी ठीक से चार्ज हो रही है और उसके टर्मिनल साफ़ और कसकर जुड़े हुए हैं। 6. इंजन के नीचे स्कर्टिंग लगवाएं पानी से भरी सड़कों पर चलते समय इंजन में पानी जाने का खतरा रहता है। इस स्थिति से बचने के लिए इंजन के नीचे प्रोटेक्शन स्कर्टिंग लगवाना एक समझदारी भरा कदम है। 7. एसी और डीफ़ॉगर की जांच बारिश के मौसम में शीशों पर धुंध जमना आम है। ऐसे में डीफ़ॉगर और एयर कंडीशनर का सही से काम करना ज़रूरी है ताकि विंडो विज़िबिलिटी बनी रहे। 8. कार के अंदरूनी हिस्सों को सूखा रखें बारिश में कार के अंदर पानी या नमी आना आम बात है। इसलिए कार मैट्स को समय-समय पर धूप में सुखाएं और फर्श को सूखा रखें, जिससे फफूंदी या बदबू न फैले। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? 9. कार वॉश के बाद वॉटरप्रूफिंग कोटिंग कराएं बारिश के मौसम में कार की बॉडी को जंग लगने से बचाने के लिए एंटी-रस्ट कोटिंग या वॉटरप्रूफिंग करवाना एक अच्छा उपाय है। इससे कार की पेंटिंग भी सुरक्षित रहती है। 10. इमरजेंसी किट तैयार रखें बारिश के मौसम में कार टिप्स (Monsoon tips for car) में इस टिप्स को ध्यान रखकर इमरजेंसी किट तैयार रखें क्योंकि बारिश के मौसम में अचानक खराब मौसम या रास्ते में फंस जाने की संभावना रहती है। ऐसे में टॉर्च, फर्स्ट एड किट, एक्स्ट्रा फ्यूज, मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और बेसिक टूल्स हमेशा कार में रखें। Latest News in Hindi Today Hindi news Monsoon tips for car #MonsoonCarTips #CarCare #RainySeasonMaintenance #CarProtection #AutoCare

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BJP leader's son caught in a scandal

BJP leader’s son caught in a scandal : बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात 

बीजेपी शासित राज्यों का फोकस महिला सशक्तिकरण पर होता है। यह तो ठीक, लेकिन यदि पार्टी के नेता या उनके परिवार के लोग ही महिलाओं का उत्पीड़न करने पर उतर जाएँ तो क्या हो? निश्चित ही किसी भी पार्टी के लिए यह बड़े शर्म की बात होगी। गौरतलब हो कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के प्रज्ज्वला रेवन्ना सेक्स स्कैंडल ने नेताओं की करनी और कथनी को उजागर किया (BJP leader’s son caught in a scandal) था। इसी तरह का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता के बेटे के दर्जनों अश्लील वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक दो नहीं बल्कि 130 से अधिक वीडियो वायरल हुए हैं। अधिकतर वीडियो होटलों और रेस्टोरेंट में बनाए गए हैं। दरअसल, मामला मैनपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले भाजपा नेता के बेटे का है। जिस भाजपा नेता के बेटे का वीडियो वायरल हो रहा है वह मैनपुरी शहर में एक मंडल का अध्यक्ष है। इस मामले पर पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।  इस पूरे मामले पर भाजपा ने साध रखी है (BJP leader’s son caught in a scandal) चुप्पी  हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो कैसे वायरल हुआ। इस पूरे मामले पर भाजपा ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया। तो वहीं इस मामले पर पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो कैसे वायरल (BJP leader’s son caught in a scandal) हुआ। इस पूरे मामले पर भाजपा ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया। बड़ी बात यह कि वीडियो में दिख रही लड़की ने खुद सामने आकर भाजपा नेता के बेटे के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। वीडियो में दिख रही लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ यह घटना हुई और वीडियो बनाया गया। पुलिस ने युवती की तहरीर के आधार पर भाजपा नेता के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवती शादीशुदा है और अपने पति से अलग रहती है। हालाँकि पुलिस ने केस दर्ज कर नेता के बेटे की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल बेटा फरार बताया जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात भाजपा नेता के बेटे के अपनी पत्नी से ठीक नहीं हैं (BJP leader’s son caught in a scandal) संबंध  मामला संज्ञान में आते ही विपक्षी दलों ने भी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यही नहीं, सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई की मांग हो रही है।  विपक्षी सपा, बसपा और कांग्रेस ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। विपक्ष ने इसे मप्र के भाजपा नेता और गोंडा के भाजपा जिला अध्यक्ष के वायरल वीडियो के बहाने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इस खुलासे पर अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि (BJP leader’s son caught in a scandal) भाजपा नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों की करतूतों के खुलासों की श्रृंखला में मैनपुरी से ‘130 वीडियो’ का महा-खुलासा भाजपा सदस्यों के कुख्यात कर्नाटक कांड से होड़ करता नजर आ रहा है। बता दें कि यह खुलासा मैनपुरी के भाजपा सदस्यों के घर से हुआ है, इसलिए भाजपा का आईटी सेल इसके लिए विपक्ष को दोष भी नहीं दे सकता। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता के बेटे के अपनी पत्नी से भी रिश्ते ठीक नहीं हैं। हैरत की बात यह कि पत्नी को भी पति के अवैध संबंधों के बारे में काफी समय से पता है। इस पर पत्नी का कहना है कि पति खुद ऐसी अश्लील हरकतों का वीडियो बनाता है। वह वीडियो बनाकर मुझे दिखाता है। वह कहता है कि तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगी। मेरी मां भाजपा की बड़ी नेता हैं। शादी के बाद से ही मुझे परेशान किया जा रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP leader’s son caught in a scandal #BJPScandal #ObsceneVideoLeak #AkhileshYadav #Politics2025 #BreakingNews

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Shani Dev under feet

रावण ने शनिदेव को क्यों रखा था अपने चरणों तले?

भारतीय पौराणिक कथाओं में रावण एक ऐसा पात्र है जिसे उसके बल, बुद्धि और अहंकार के लिए जाना जाता है। लंका का राजा रावण केवल एक शक्तिशाली योद्धा ही नहीं, बल्कि महान ज्योतिषाचार्य, तांत्रिक और शिवभक्त भी था। रामायण के अनुसार, रावण ने अपने पुत्र मेघनाद के जन्म के समय ग्रहों की स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की थी। लेकिन इसी प्रसंग में शनिदेव (ShaniDev) से उसका टकराव हो गया। यह कथा आज भी धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। ग्रहों को किया था नियंत्रित कहते हैं कि जब रावण के पुत्र मेघनाद का जन्म होने वाला था, तब रावण (Ravana) चाहता था कि वह अमर और अजेय योद्धा बने। इसके लिए रावण ने नवग्रहों को एक-एक कर बंदी बना लिया और उन्हें अपने दरबार में एक विशेष स्थान पर उल्टी दिशा में बैठा दिया। उसका उद्देश्य यह था कि ग्रहों की चाल उसके अनुसार चले और किसी भी तरह से मेघनाद के जीवन में कोई बाधा न आए। रावण ने शनि, बृहस्पति, मंगल, बुध, शुक्र, राहु, केतु, सूर्य और चंद्रमा – सभी ग्रहों को नियंत्रण में ले लिया। उसने प्रत्येक ग्रह को आदेश दिया कि वे अपनी-अपनी ऊंची स्थिति में रहें, ताकि मेघनाद की कुंडली श्रेष्ठतम बन सके। शनिदेव से हुआ विरोध रावण (Ravana) ज्योतिष शास्त्र का गहरा जानकार था और चाहता था कि उसका पुत्र अत्यंत शक्तिशाली और दीर्घायु हो। इसी उद्देश्य से जब उसकी पत्नी मंदोदरी गर्भवती थी, तो रावण ने सभी ग्रहों को आदेश दिया कि वे मेघनाद के जन्म के समय उच्च और शुभ स्थिति में रहें ताकि उसके पुत्र को उत्तम ग्रहों का आशीर्वाद मिल सके। रावण (Ravana) के भय से सभी ग्रह उसकी आज्ञा का पालन करने लगे, लेकिन शनिदेव को यह अन्यायपूर्ण लगा। चूंकि शनि आयु और कर्मों का न्याय करते हैं, वे स्वेच्छा से रावण के आदेश का पालन नहीं करना चाहते थे। यह भांपते हुए रावण ने बलपूर्वक शनिदेव को उस स्थिति में स्थापित कर दिया जो मेघनाद के दीर्घायु होने के लिए आवश्यक थी। हालांकि शनिदेव (ShaniDev) ने ऊपर से रावण की बात मान ली, लेकिन जैसे ही मेघनाद के जन्म का समय आया, उन्होंने अपनी दृष्टि वक्री कर ली, जिससे मेघनाद अल्पायु हो गया। जब रावण को इस बात का पता चला, तो वह अत्यंत क्रोधित हुआ और गुस्से में आकर अपनी तलवार से शनि के पैर पर वार कर दिया, जिससे उनका एक पैर कट गया। कहा जाता है कि तभी से शनि देव लंगड़ाकर चलते हैं और उनकी गति धीमी मानी जाती है। यही कारण है कि शनि को धीमी चाल वाला ग्रह कहा जाता है और उनका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां हनुमान जी ने किया शनिदेव को मुक्त हनुमान जी (Hanuman Ji) ने जब शनि देव को रावण की कैद से मुक्त कराया था, तब शनि महाराज (ShaniDev) ने उनसे प्रसन्न होकर वचन दिया कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा से हनुमान जी की पूजा करेगा, मैं उसे अपने प्रकोप से नहीं सताऊंगा। इसी कारण माना जाता है कि शनि दोष, साढ़े साती या ढैय्या से बचाव के लिए हनुमान जी (Hanuman ji) की उपासना सबसे प्रभावी उपाय है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news ShaniDev #Ravana #ShaniDev #HinduMythology #Ramayan #ShaniDosha #MythologicalFacts

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Ankita Bhandari murder case

Ankita Bhandari Murder Case: क्या हुआ था अंकिता के साथ 18 सितंबर 2022 को?

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में आखिरकार करीब ढाई साल बाद न्याय की एक किरण दिखाई दी। 19 साल की मासूम अंकिता की हत्या  (Ankita Bhandari Murder) के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने यह फैसला 97 में से 47 गवाहों की गवाही और ढाई साल से अधिक की लंबी सुनवाई के बाद सुनाया। इस मामले में दोषियों में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य भी शामिल है, जो भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है। कोर्ट ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अंकिता की हत्या: VIP सिस्टम का काला सच घटना 18 सितंबर 2022 की है, जब पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत अंकिता की हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो रिजॉर्ट का मालिक था, ने अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता को चीला नहर में धक्का दे दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। जांच में सामने आया कि पुलकित अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले खास मेहमानों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बना रहा था। जब अंकिता ने इसका विरोध किया, तो उसे रास्ते से हटा दिया गया। यह न सिर्फ एक जघन्य अपराध था, बल्कि यह हमारे समाज में सत्ता और पैसे के दम पर महिलाओं को दबाने की मानसिकता को भी उजागर करता है। भाजपा नेता के बेटे की करतूत अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में खास बात यह रही कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है। जब यह मामला सामने आया, तो प्रदेशभर में भारी आक्रोश फैला। जनता का गुस्सा इतना था कि सरकार को तत्काल पुलकित के पिता को पार्टी से बाहर निकालना पड़ा और इस केस की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन करना पड़ा। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला कोर्ट का फैसला, लेकिन सवाल अब भी बाकी इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से 47 गवाहों की गवाही, तमाम सबूत और जांच के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। यह फैसला निश्चित ही अंकिता के परिवार और समाज के लिए एक सुकून की बात है, लेकिन कुछ बड़े सवाल आज भी अनुत्तरित हैं। 1. वो VIP कौन थे? अदालत ने दोषियों को सजा तो सुना दी, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वे ‘वीआईपी मेहमान’ कौन थे, जिनके लिए अंकिता से ‘स्पेशल सर्विस’ की मांग की जा रही थी? 2. जांच में क्यों नहीं आई पूरी सच्चाई? एसआईटी की जांच के बावजूद भी वह पूरा नेटवर्क या सिस्टम सामने नहीं आया, जो इस अपराध के पीछे काम कर रहा था। क्या जांच दबाव में की गई? 3. क्या राज्य सरकार अब आगे और कोई कार्रवाई करेगी? क्या सरकार अब इन सवालों का जवाब देगी या केस का फैसला आने के बाद यह मुद्दा भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा? अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) को इंसाफ मिला, लेकिन यह इंसाफ अधूरा है। जब तक उस वीआईपी संस्कृति पर लगाम नहीं लगती, जब तक महिलाओं को शोषण से सुरक्षित माहौल नहीं मिलता, तब तक इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी। कोर्ट के फैसले ने जरूर न्याय की उम्मीद जगाई है, लेकिन समाज को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई और अंकिता इस तरह से बलि न चढ़े। यह घटना सिर्फ एक लड़की की हत्या नहीं थी, बल्कि यह सिस्टम के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत है। Latest News in Hindi Today Hindi news Ankita Bhandari #JusticeForAnkita #UttarakhandCrime #PulkitArya #VanantraResort #WomenSafety #ChillaCanal #SITInvestigation #FastTrackCourt #IndiaNews

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Mumbai Indians vs Gujarat Titans

Mumbai Indians Beat GT: पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को हराकर बनाई दूसरे क्वालिफायर में जगह

30 मई को खेले गए आईपीएल के एलिमिनेटर मैच में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) को 20 रन से हरा (Mumbai Indians Beat GT) दिया। शुक्रवार को मल्लंपुर में खेले गए इलिमिनेटर  मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो कि सही सबित हुआ। मुंबई इंडियंस ने पहले बैटिंग करते हुए 228 रन बनाए। यह आईपीएल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। मुंबई की तरफ से रोहित शर्मा ने 81 रनों की शानदार पारी खेली। रोहित शर्मा और बेयरस्टो ने 84 रन की साझेदारी की। तो वहीं सूर्यकुमार यादव ने 33 तो तिलक वर्मा ने 25 रनों का योगदान दिया। अपने बल्लेबाजों के बेहतरी बल्लेबाजी की बदौलत मुंबई इंडियंस की टीम ने 228 रनों का अंबार लगाने में कामयाब रही। गुजरात के लिए साई किशोर और प्रसिद्ध कृष्णा ने 2-2 विकेट लिए।  गुजरात 20 ओवर में टीम 208 रन ही बना (Mumbai Indians Beat GT) सकी 228 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात के बल्लेबाजों ने निराश किया। मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों के सामने उनकी एक न चली। गुजरात की शुरुआत ही बेहद खराब रही। ट्रेंट बोल्ट (2/56) ने चौथी गेंद पर ही कप्तान शुभमन गिल को आउट कर दिया। इसके बाद साई सुदर्शन ने गुजरात की पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्हें कुसल मेंडिस और वॉशिंगटन सुंदर का साथ मिला। सुदर्शन और सुंदर 48 रनों की साझेदारी की। दोनों ने मिलकर मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों को पस्त करना शुरू ही किया था कि 14वें ओवर ने मैच का रुख ही पलट दिया। दरअसल, बुमराह की घातक गेंदबाजी ने गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों की मेहनत पर पानी फेर दिया। फिर क्या था इसके बाद सुंदर और सुदर्शन दोनों एक बोल्ड हो गए। इन दोनों धाकड़ बल्लेबाजों का आउट होना गुजरात की उम्मीदों पर पूर्णविराम लगा दिया। इन दोनों के आउट होने के बाद गुजरात वापसी नहीं कर पाई। इस तरह कुल-मिलाकर गुजरात 20 ओवर में टीम 208 रन ही बना (Mumbai Indians Beat GT) सकी। इस हार के बाद गुजरात टाइटंस का तीसरी बार फाइनल में पहुंचने का सपना भी चकनाचूर हो गया।   इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल  1 जून को मुंबई की भिड़ंत पंजाब किंग्स से (Mumbai Indians Beat GT) होगी कहने की जरूरत नहीं प्लेऑफ के दूसरे मैच में तीसरे और चौथे नंबर की इन दोनों टीम के बीच जोरदार मुकाबले की उम्मीद (Mumbai Indians Beat GT) थी। बेशक हुआ भी वही। गौर करने वाली बात यह कि मुंबई ने इस मुकाबले में जितनी जोरदार बल्लेबाजी की, उतनी ही गुजरात की फील्डिंग खराब रही। बता दें कि इस जीत के बाद मुंबई ने क्वालिफायर-2 में जगह बना ली है। 1 जून को मुंबई की भिड़ंत पंजाब किंग्स से होगी। गौरतलब हो कि पंजाब किंग्स को पहले क्वालिफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हार का सामना करना पड़ा था। पंजाब और मुंबई के मैच का विजेता फाइनल में बेंगलुरु से भिड़ेगा। देखना दिलचस्प होगा कि 1 जून को मुंबई पंजाब किंग्स को हराती है या पंजाब मुंबई को हराकर आरसीबी के साथ फाइनल खेलती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mumbai Indians Beat GT #MumbaiIndians #GTvsMI #IPL2025 #Qualifier2 #RohitSharma #MIvsGT #IPLT20

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