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बाइकर सिया केस में SIT का बड़ा खुलासा—पुलिस का दावा, आरोपी ने जानबूझकर कार से बाइक को टक्कर मारी

गुरुग्राम: महिला बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया से जुड़े चर्चित रोड रेज मामले में नई जांच रिपोर्ट सामने आई है। गुरुग्राम पुलिस की Special Investigation Team (SIT) ने अपनी जांच में निष्कर्ष निकाला है कि आरोपी कल्याण बैसला ने कथित तौर पर जानबूझकर अपनी कार सिया की बाइक में टक्कर मारी थी। SIT ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि “calculated and intentional act” माना है। सितंबर में हुई थी घटना यह घटना 13 सितंबर 2026 को गुरुग्राम के Golf Course Road इलाके में हुई थी। सिया अपने साथी बाइकर्स के साथ जा रही थीं, तभी एक कार कथित तौर पर उनका पीछा करने लगी। बाद में कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गईं और घायल हो गईं। SIT जांच में क्या सामने आया? पांच सदस्यीय SIT का नेतृत्व ACP (Crimes Against Women) सुशीला ने किया। जांच टीम ने helmet camera footage, दूसरे बाइकर्स के वीडियो, CCTV और गवाहों के बयानों की जांच की। SIT के मुताबिक उपलब्ध evidence से संकेत मिला कि टक्कर accidental नहीं थी। Attempt to Murder की धारा बरकरार रह सकती है पुलिस के अनुसार FIR में लगाई गई attempt to murder समेत अन्य गंभीर धाराओं को chargesheet में बरकरार रखने की संभावना है। SIT ने chargesheet का draft तैयार कर लिया है और इसे जल्द अदालत में दाखिल किया जा सकता है। वीडियो बना जांच का अहम आधार घटना सिया के helmet-mounted camera और उनके साथ चल रहे एक अन्य biker के कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। पुलिस ने इन वीडियो का विश्लेषण किया और आरोपी की कार की movement तथा टक्कर से पहले हुई कथित बहस को जांच का अहम हिस्सा बनाया। सिया ने पहले ही लगाया था जानबूझकर टक्कर का आरोप घटना के बाद सिया ने दावा किया था कि कार सवार उनका पीछा कर रहे थे और टक्कर जानबूझकर मारी गई। उन्होंने इसे हत्या की कोशिश बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। आरोपी ने पहले आरोपों से किया था इनकार आरोपी पक्ष ने शुरुआत में दावा किया था कि यह जानबूझकर की गई टक्कर नहीं थी और बाइक तथा कार की movement के दौरान collision हुआ। हालांकि SIT की ताजा जांच रिपोर्ट पुलिस के शुरुआती गंभीर आरोपों को मजबूत करती दिखाई दे रही है। आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार कल्याण बैसला को सितंबर में राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ कार में मौजूद उसके रिश्तेदार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में attempt to murder, stalking और महिला की गरिमा से जुड़े अपराधों की धाराएं जोड़ी थीं। अब आगे क्या? SIT के मुताबिक chargesheet जल्द अदालत में दाखिल की जाएगी। अब अदालत में वीडियो evidence, forensic material और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की आगे की सुनवाई होगी। अंतिम रूप से आरोपी दोषी है या नहीं, इसका फैसला अदालत करेगी। स्रोत – Times of India, The Tribune, India Today, NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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गुवाहाटी के होटल में गोलीबारी, लीज विवाद में 5 लोगों की मौत; आरोपी गिरफ्तार

गुवाहाटी: असम की राजधानी गुवाहाटी में सोमवार रात एक होटल के पास हुई गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक घटना Hotel Bilas Inn के पास हुई और शुरुआती जांच में इसके पीछे होटल के लीज और प्रॉपर्टी विवाद को वजह माना जा रहा है। आरोपी को घटना के करीब एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। कहां हुई गोलीबारी? घटना गुवाहाटी के Bora Service इलाके, GS Road पर स्थित Hotel Bilas Inn के पास रात करीब 9 बजे हुई। गोलीबारी में कुल छह लोगों को गोली लगी, जिनमें से पांच की मौत हो गई और एक घायल व्यक्ति का इलाज जारी है। चार मृतक एक ही परिवार के गुवाहाटी पुलिस के मुताबिक मारे गए पांच लोगों में से चार एक ही परिवार के सदस्य थे और होटल मालिक के परिवार से जुड़े थे। पांचवां मृतक भी उनके परिचित गांव से संबंधित बताया गया है। आरोपी कौन है? पुलिस ने आरोपी की पहचान घनाकांत गोगोई के रूप में की है। वह होटल की संपत्ति को लीज पर लेकर चला रहा था। पुलिस का कहना है कि मालिक पक्ष और गोगोई के बीच लीज एग्रीमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। एक घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है। .32 बोर की पिस्तौल हुई बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से एक licensed .32-bore pistol बरामद की है, जिसे वारदात में इस्तेमाल किया गया माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी बैलिस्टिक और forensic जांच के बाद ही इसकी अंतिम पुष्टि करेगी। लीज विवाद बना गोलीबारी की वजह? पुलिस कमिश्नर पार्थ सारथी महंता ने कहा कि शुरुआती जांच में घटना का संबंध होटल की संपत्ति और लीज एग्रीमेंट को लेकर चल रहे विवाद से दिखाई दे रहा है। हालांकि पूरे घटनाक्रम और हत्या के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है। पुलिस कर रही है विस्तृत जांच पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद कब से चल रहा था, गोलीबारी की तत्काल वजह क्या बनी और वारदात से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या बातचीत हुई थी। घायल व्यक्ति का बयान भी जांच में अहम हो सकता है। स्रोत – Indian Express, Times of India, Hindustan Times, Moneycontrol जय राष्ट्र न्यूज़

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वाराणसी में खुद को Army Captain बताने वाला युवक पकड़ा गया, एयर शो के दौरान नमो घाट पर घूम रहा था

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय वायुसेना के एयर शो के दौरान खुद को Army Captain बताकर घूम रहे एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। युवक नमो घाट पर बने हेलीपैड के आसपास घूम रहा था और कथित तौर पर खुद को सेना में कैप्टन पद पर तैनात बता रहा था। पुलिस जांच में उसके दावे की पुष्टि नहीं हो सकी। कौन है पकड़ा गया युवक? पुलिस के अनुसार युवक की पहचान अर्पित चतुर्वेदी के रूप में हुई है। वह शनिवार रात नमो घाट स्थित हेलीपैड क्षेत्र में घूम रहा था। सुरक्षा कर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ की गई। खुद को बता रहा था सेना में कैप्टन पूछताछ के दौरान अर्पित ने कथित तौर पर खुद को भारतीय सेना में Captain बताया। हालांकि पुलिस और संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में उसके सेना अधिकारी होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद उसे आदमपुर पुलिस के हवाले किया गया। एयर शो के कारण हाई सिक्योरिटी में था इलाका वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का बड़ा एयर शो आयोजित किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम को देखते हुए घाटों, VVIP मार्गों और आयोजन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। 94 विमानों ने लिया था एयर शो में हिस्सा IAF की 94वीं वर्षगांठ से जुड़े इस भव्य प्रदर्शन में 94 विमानों ने 31 अलग-अलग formations में हिस्सा लिया। Rafale, Sukhoi-30MKI, Mirage 2000, Tejas, MiG-29 और Jaguar जैसे लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। पुलिस ने जांच के बाद किया चालान स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने युवक से पूछताछ और सत्यापन की कार्रवाई की। जांच के बाद उसका चालान किया गया और उसे छोड़ दिया गया। फिलहाल उसके खिलाफ किसी बड़े सुरक्षा षड्यंत्र या जासूसी से जुड़ा प्रमाण सामने आने की जानकारी नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल VVIP और सैन्य आयोजन के दौरान किसी व्यक्ति का खुद को सेना अधिकारी बताकर प्रतिबंधित या संवेदनशील क्षेत्र के आसपास पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण युवक को समय रहते पकड़ लिया गया। स्रोत – दैनिक जागरण, Hindustan Times, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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राजस्थान के चूरू में कार-ट्रक की भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 5 लोगों समेत 6 की मौत; मासूम बच्ची जीवित बची

चूरू, 25 अक्टूबर 2026: राजस्थान के चूरू जिले में सादुलपुर क्षेत्र के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। कार में सवार एक मासूम बच्ची इस हादसे में जीवित बची, लेकिन उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कहां हुआ हादसा? दुर्घटना ददरेवा-तारानगर मार्ग पर न्यांगली गांव के पास हुई। पुलिस के अनुसार कार में कुल सात लोग सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत मृतकों में भंवरलाल शर्मा (60), उनकी पत्नी महेंद्र देवी (55), बहुएं कविता (28) और यशोदा (34), यशोदा का चार महीने का बेटा और कार चालक मांगीलाल नाई (31) शामिल हैं। परिवार तारानगर के सोमसीसर गांव का रहने वाला था। मासूम बच्ची बनी इकलौती जीवित बची सदस्य हादसे में यशोदा की मासूम बेटी जीवित बच गई। अलग-अलग रिपोर्टों में बच्ची की उम्र सात से नौ महीने के बीच बताई गई है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंदिर दर्शन के लिए निकला था परिवार रिपोर्टों के मुताबिक परिवार गोगामेड़ी में अपने कुलदेवी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था। रास्ते में कार की ट्रक से टक्कर हो गई। कुछ आधिकारिक रिपोर्टों में परिवार के गुरुग्राम की ओर जाने का उल्लेख भी है, इसलिए यात्रा के अंतिम गंतव्य को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में थोड़ा अंतर है। ट्रक चालक की तलाश जारी हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और दुर्घटना की सटीक वजह की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लिया घटना का जायजा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की जानकारी ली और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। तेज रफ्तार बनी वजह? प्रारंभिक पुलिस जानकारी के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से से टकराई। हालांकि दुर्घटना की अंतिम वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया अमेरिका में गिरफ्तार

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में हत्या, अपहरण, रंगदारी और संगठित अपराध के कई मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका के लास वेगास में गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा एसटीएफ से मिले इनपुट के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने 22 अक्टूबर को दोनों को पकड़ा। अब भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं। हरियाणा एसटीएफ के इनपुट पर हुई कार्रवाई अधिकारियों के मुताबिक हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिली जानकारी के आधार पर हुई। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE ने कार्रवाई में मदद की और दोनों को लास वेगास में हिरासत में लिया गया। कौन है हिमांशु भाऊ? हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोलिया है और वह हरियाणा के रोहतक जिले का रहने वाला है। वह दिल्ली और हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक धमकी और जालसाजी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था। लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रतिद्वंद्वी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिमांशु भाऊ को जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह विदेश में बैठकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और आसपास के इलाकों में अपने गिरोह के जरिए आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था। कई चर्चित मामलों में जुड़ा नाम जांच एजेंसियों ने हिमांशु भाऊ और उसके नेटवर्क को दिल्ली-एनसीआर में हुई कई गोलीबारी और रंगदारी की घटनाओं से जोड़ा है। उसके गिरोह पर कारोबारियों को धमकी देकर पैसे मांगने और निशाना बनाकर हमले करवाने के आरोप भी हैं। हालांकि इन मामलों में अंतिम दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। नीरज फरीदपुरिया पर 25 से ज्यादा केस हरियाणा के पलवल जिले का रहने वाला नीरज फरीदपुरिया, जिसका नाम नीरज कौशिक भी बताया गया है, भी लंबे समय से वांछित था। उसके खिलाफ 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वह भी गिरफ्तारी के समय अमेरिका में रह रहा था। भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हरियाणा एसटीएफ अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। दोनों को भारत वापस लाने के लिए deportation या extradition से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अभी उनकी भारत वापसी की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। संगठित अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई दोनों की गिरफ्तारी को दिल्ली-हरियाणा में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। भारतीय एजेंसियां अब उनसे जुड़े नेटवर्क, फंडिंग और विदेश से संचालित आपराधिक गतिविधियों की जांच आगे बढ़ा सकती हैं। जय राष्ट्र न्यूज़

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Lucknow cafe owner death case: Shraddha Dubey समेत 3 आरोपी 10 दिन की judicial custody में, phones forensic जांच के लिए भेजे गए

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026: Lucknow के cafe owner Shiva Sharma की मौत के मामले में model और social media influencer Shraddha Dubey, उनकी बहन Rashmi Dubey और driver Danish को court ने 10 दिन की judicial custody में भेज दिया है। तीनों को Nagpur से गिरफ्तार कर transit remand पर Lucknow लाया गया था। Court ने क्या आदेश दिया? तीनों आरोपियों को Additional Chief Judicial Magistrate Balwan Kumar Bharti की court में पेश किया गया, जहां उन्हें 10 दिन की judicial custody में भेजने का आदेश दिया गया। Police आगे की investigation और evidence verification जारी रखेगी। Shraddha से घंटों पूछताछ Court में पेश करने से पहले Lucknow Police ने Shraddha, उनकी बहन और driver से अलग-अलग questioning की। Hindustan Times के मुताबिक investigators ने करीब 120 सवालों की सूची तैयार की थी ताकि घटना से पहले और बाद के घटनाक्रम को समझा जा सके। Mobile phones forensic lab भेजे गए Police ने आरोपियों के mobile phones और अन्य electronic items forensic examination के लिए भेज दिए हैं। Investigators calls, messages, location history और digital communication से घटना की sequence और possible involvement समझने की कोशिश कर रहे हैं। Shiva Sharma की मौत कैसे हुई? 28 वर्षीय Shiva Sharma की 9 October को Lucknow के Balu Adda इलाके में एक apartment की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। उनकी मां ने Shraddha और अन्य लोगों पर बेटे को assault और torture करने के बाद नीचे फेंकने का आरोप लगाया और murder FIR दर्ज कराई। ये आरोप अभी court में साबित होना बाकी हैं। Nagpur से हुई गिरफ्तारी Shraddha, Rashmi और Danish करीब 11 दिनों तक फरार रहने के बाद Nagpur में पकड़े गए। Police ने Uttar Pradesh, Nepal border और Maharashtra तक उनके movement को track किया था। Shraddha ने क्या दावा किया? Shraddha इससे पहले social media पर अपने खिलाफ आरोपों से इनकार कर चुकी हैं और दावा किया था कि Shiva की मौत suicide थी। Police फिलहाल murder complaint, digital evidence, CCTV footage और witness statements सहित सभी angles की जांच कर रही है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Kerala में 3 साल पुराने बच्ची की हत्या मामले में मां गिरफ्तार, दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पथानामथिट्टा, 22 अक्टूबर 2026: Kerala Police ने करीब तीन साल पुराने एक infant murder case में बच्ची की मां Manju को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक अगस्त 2023 में करीब 8 महीने की बच्ची का शव Pulikeezhu इलाके के एक दलदली क्षेत्र से मिला था। अब जांच में तीन लोगों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। कैसे खुला तीन साल पुराना मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में Manju और उसके पूर्व साथी के बीच हुए विवाद के दौरान बच्ची की मौत का जिक्र सामने आया। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद police ने मामले की दोबारा जांच शुरू की और Manju को हिरासत में लेकर पूछताछ की। रोने पर हत्या का आरोप Police investigation में आरोप है कि बच्ची के रोने से नाराज होकर Manju के तत्कालीन partner Sivan ने उसका गला दबाकर हत्या की। इसके बाद शव को Pulikeezhu के marshy area में फेंकने/दफनाने का आरोप है। यह फिलहाल पुलिस का आरोप है और अदालत में साबित होना बाकी है। मां पर क्या आरोप है? Police ने Manju को इस मामले में गिरफ्तार कर judicial custody में भेज दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि हत्या और शव ठिकाने लगाने में उसकी क्या भूमिका थी और क्या उसने घटना की जानकारी होने के बावजूद police को सूचित नहीं किया। दो आरोपी अभी फरार Police के मुताबिक Sivan और उसका भाई Shakthi भी मामले में आरोपी हैं और दोनों की तलाश जारी है। Special team उनकी गिरफ्तारी के लिए search operation चला रही है। 2023 में मिला था शव बच्ची का शव अगस्त 2023 में Pathanamthitta जिले के Pulikeezhu में एक marshy area से मिला था। उस समय पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी थी और मामला लंबे समय तक unresolved रहा। ताजा information के बाद police को investigation में breakthrough मिला। उम्र को लेकर reports में अंतर कुछ शुरुआती Kerala reports ने बच्ची की उम्र 6 महीने बताई थी, जबकि PTI और Indian Express की latest reports में उसे 8 महीने बताया गया है। इसलिए उपलब्ध ताजा mainstream reporting के आधार पर 8 महीने का आंकड़ा ज्यादा recent है। Source – PTI, The Indian Express, The News Minute, Onmanorama जय राष्ट्र न्यूज़

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टायगर श्रॉफ गोळीबार प्रकरणात मोठी अपडेट; तिन्ही संशयित कोटा येथे अटकेत

मुंबई/कोटा, 20 ऑक्टोबर 2026: बॉलिवूड अभिनेता टायगर श्रॉफच्या वाहनावर झालेल्या कथित गोळीबार प्रकरणात पोलिसांना महत्त्वाचे यश मिळाले आहे. या प्रकरणातील तीन संशयितांना राजस्थानमधील कोटा येथे अटक करण्यात आली. पोलिसांच्या माहितीनुसार, संशयित मुंबईहून दिल्लीच्या दिशेने जाणाऱ्या ट्रेनमधून प्रवास करत होते. त्यानंतर नेपाळला पळून जाण्याची त्यांची योजना असल्याचा पोलिसांचा दावा आहे. कोण आहेत अटक करण्यात आलेले संशयित? पोलिसांनी दोन प्रौढ संशयितांची ओळख रेहान उर्फ सुक्का आणि ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन अशी केली आहे. तिसरा संशयित 17 वर्षांचा अल्पवयीन असल्याचे वृत्त आहे. या तिघांची गोळीबारातील नेमकी भूमिका तपासली जात आहे. ट्रेनमध्ये शोधमोहीम राबवून कारवाई मुंबई पोलिसांकडून मिळालेल्या माहितीच्या आधारे कोटा पोलिसांनी पुणे–जयपूर एक्स्प्रेसमध्ये शोधमोहीम राबवली. पोलिसांनी ट्रेनमधील बाहेर पडण्याचे मार्ग बंद करून सामान्य डब्याची तपासणी केली. त्यानंतर तिन्ही संशयितांना ताब्यात घेण्यात आले. दिल्लीमार्गे नेपाळला पळून जाण्याचा कथित प्रयत्न प्राथमिक चौकशीत संशयित दिल्लीपर्यंत पोहोचल्यानंतर नेपाळकडे जाण्याचा प्रयत्न करत असल्याचा दावा पोलिसांनी केला आहे. मात्र, त्यांच्या प्रवासाचा नेमका मार्ग आणि पळून जाण्याच्या कथित योजनेबाबत अधिक माहिती पुढील तपासानंतर स्पष्ट होणार आहे. मुंबई पोलिसांच्या ताब्यात कोटा येथे आवश्यक न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण केल्यानंतर तिन्ही संशयितांना 48 तासांच्या ट्रान्झिट रिमांडवर मुंबई पोलिसांच्या ताब्यात देण्यात आल्याचे वृत्त आहे. मुंबई क्राइम ब्रँच त्यांची चौकशी करून गोळीबारामागील संभाव्य हेतू, शस्त्राचा स्रोत आणि या प्रकरणात इतर कोणाचा सहभाग आहे का, याचा तपास करणार आहे. गोळीबाराची घटना कधी घडली? मिळालेल्या वृत्तांनुसार, मुंबईतील जुहू परिसरात रविवारी सायंकाळी सुमारे 7 वाजण्याच्या सुमारास टायगर श्रॉफ एका फुटबॉल क्लबमधून बाहेर पडत असताना त्यांच्या वाहनावर गोळीबार झाल्याचा आरोप आहे. या घटनेत अभिनेता सुरक्षित असल्याचे, तर वाहनचालक आणि आणखी एक व्यक्ती जखमी झाल्याचे वृत्त आहे. गँगशी संबंध असल्याचा तपास या प्रकरणामागे संघटित गुन्हेगारी किंवा एखाद्या टोळीचा संबंध आहे का, याचाही मुंबई पोलीस तपास करत आहेत. सोशल मीडियावर विविध दावे समोर आले असले, तरी तपास पूर्ण होईपर्यंत त्यांची स्वतंत्रपणे पुष्टी झालेली माहिती म्हणून दखल घेता येणार नाही. स्रोत: ANI, PTI, Amar Ujala, LiveMint आणि ABP Live जय राष्ट्र न्यूज़

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: नेपाल भागने की कोशिश कर रहे 3 संदिग्ध कोटा से पकड़े गए, एक नाबालिग भी शामिल

कोटा/मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता Tiger Shroff की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को पकड़ा है। कोटा पुलिस के मुताबिक, तीनों दिल्ली पहुंचने के बाद नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पकड़े गए लोगों में एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। ट्रेन से पकड़े गए तीनों संदिग्ध मुंबई पुलिस से मिली सूचना के बाद कोटा पुलिस ने Pune-Jaipur Express की तलाशी ली और ट्रेन के जनरल कोच से तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर कार्रवाई की गई। दो पर फायरिंग करने का आरोप, तीसरा बाइक-टैक्सी राइडर कोटा पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में से दो पर कथित तौर पर Tiger Shroff की कार पर फायरिंग करने का आरोप है, जबकि तीसरा बाइक-टैक्सी राइडर बताया जा रहा है। तीनों की भूमिका और घटना में उनकी भागीदारी को लेकर आगे की जांच की जा रही है। कौन हैं पकड़े गए संदिग्ध? पुलिस ने दो वयस्क संदिग्धों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी Rehan उर्फ Sukka और मूल रूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले Hritik Kurmi उर्फ Roshan के रूप में बताई है। Hritik के मुंबई में रहने की जानकारी भी सामने आई है। तीसरा संदिग्ध 17 वर्षीय नाबालिग है, जिसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। दिल्ली से नेपाल भागने की थी योजना कोटा की पुलिस अधीक्षक Tejaswani Gautam के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में पता चला कि तीनों दिल्ली पहुंचने के बाद नेपाल भागने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि फिलहाल उनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। Lawrence Bishnoi नेटवर्क से संबंध की जांच पुलिस के अनुसार, Rehan पहले Anil Pandit के संपर्क में था। Anil Pandit को कथित तौर पर Lawrence Bishnoi नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले में गैंग से संबंध, फायरिंग के पीछे की वजह और अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। किसी भी कथित गैंग कनेक्शन को फिलहाल स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कोटा पुलिस ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुंबई क्राइम ब्रांच उनसे हथियारों की व्यवस्था, हमले की योजना, संभावित सहयोगियों और घटना के पीछे की साजिश से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी। फिलहाल, मामले में जांच जारी है और पुलिस की आगे की कार्रवाई से फायरिंग की पूरी घटना तथा संदिग्धों की कथित भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। Source: The Indian Express, India Today, Hindustan Times, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, Lawrence Bishnoi Gang ने जिम्मेदारी लेने का किया दावा; पुलिस जांच जारी

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की ओर से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। हालांकि, पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित, ड्राइवर समेत दो लोग घायल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर कई राउंड गोलियां चलाईं। अभिनेता को गोली नहीं लगी और वह सुरक्षित रहे। वहीं, उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। बिश्नोई गैंग के नाम से पोस्ट वायरल फायरिंग के बाद अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आई। इसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, बाद में मूल पोस्ट हटा दी गई और उसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे। हालांकि, पोस्ट में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इसकी सत्यता का पता लगाने में जुटी है। सलमान खान का भी कथित संदेश में जिक्र मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गैंग से जुड़ा बताया जा रहा संदेश अभिनेता सलमान खान का भी उल्लेख करता है और उनके साथ काम करने वाले लोगों को धमकी दिए जाने का दावा करता है। इस पहलू के सामने आने के बाद जांच में हमले के संभावित मकसद और संबंधित लोगों के पेशेवर संपर्कों समेत अन्य बिंदुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिम्मेदारी लेने का दावा अभी जांच के दायरे में पुलिस के लिए सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता और हमलावरों की वास्तविक पहचान स्थापित करना महत्वपूर्ण है। जांचकर्ता पोस्ट, CCTV फुटेज, आरोपियों से पूछताछ और संभावित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रहे हैं। किसी संगठन के नाम पर जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आना अपने आप में उस संगठन की संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर चिंता इस घटना के बाद फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सलमान खान को पहले भी धमकियां मिलने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग को संभावित संगठित अपराध के एंगल से भी देख रही है। हालांकि, इस मामले में किसी गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। Source – Economic Times, Hindustan, Times of India, Loksatta जय राष्ट्र न्यूज़

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