Tulsi plant dried

तुलसी के नियम: सूख जाए तुलसी का पौधा तो घबराएं नहीं, अपनाएं ये उपाय, मिलेगी सुख-समृद्धि

तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय माना जाता है। इसे केवल एक साधारण पौधा नहीं, बल्कि देवी का स्वरूप माना गया है। तुलसी (Tulsi) को ‘विष्णुप्रिया’ कहा गया है और यह हर घर की आस्था, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी (Tulsi) का पौधा घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि समय के साथ तुलसी के पत्ते सूख जाते हैं या पौधा पूर्ण रूप से सूख जाता है। ऐसे में कई लोग भ्रमित हो जाते हैं कि क्या सूखी तुलसी को फेंकना पाप होगा या इसके लिए कोई विशेष नियम हैं? तो आइए जानें तुलसी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण धार्मिक मान्यताएं और सूखी तुलसी से जुड़े नियम (Tulsi Rule), जिनका पालन करने से दोष नहीं लगता, बल्कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। तुलसी का धार्मिक महत्व तुलसी (Tulsi) का उल्लेख अनेक पुराणों और धर्मग्रंथों में मिलता है। पद्म पुराण और स्कंद पुराण में तुलसी (Tulsi) की महिमा का विस्तृत वर्णन है। माना जाता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का वास होता है। इसे घर में लगाना पवित्रता का प्रतीक माना गया है। हर दिन तुलसी की पूजा करना, उसके सामने दीप जलाना और “ॐ तुलस्यै नमः” मंत्र का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दरिद्रता दूर होती है। क्या करें सूखी हुई तुलसी के पत्तों या पौधे का? अगर आपके घर में तुलसी (Tulsi) का पौधा बिना मौसम के अचानक सूख जाए, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह घर में बढ़ती नकारात्मक ऊर्जा, पारिवारिक कलह या आर्थिक नुकसान का संकेत हो सकता है। हालांकि तुलसी का सूखना स्वाभाविक भी हो सकता है, लेकिन यदि यह अनायास और बिना कारण हो रहा है, तो कुछ विशेष उपायों को अपनाकर आप सकारात्मक ऊर्जा को फिर से आमंत्रित कर सकते हैं। 1. तुलसी की जड़ को प्रवेश द्वार पर टांगेसूखी तुलसी (Tulsi) के पौधे की जड़ को धीरे से निकालकर साफ पानी से धो लें। इसके बाद इसे लाल या पीले रंग के साफ कपड़े में लपेट लें और घर के मुख्य द्वार पर टांग दें। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रखता है। 2. तुलसी की लकड़ियों से बनाएं दीपकसूखी हुई तुलसी (Tulsi) से सात छोटी-छोटी लकड़ियां एकत्र करें और इन्हें सूत या कलावे से बांध दें। अब इन लकड़ियों को गाय के घी में डुबोकर एक दीपक में रखें और भगवान विष्णु के सामने जलाएं। यह उपाय विशेष रूप से एकादशी या त्रयोदशी तिथि पर करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में शांति बनी रहती है। 3. गंगाजल से करें शुद्धिकरणतुलसी (Tulsi) की इन्हीं सात लकड़ियों को साप्ताहिक रूप से गंगाजल में भिगो दें। इसके बाद उसी गंगाजल से पूरे घर में हल्का छिड़काव करें। यह विधि घर से नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में सहायक होती है और वातावरण को पवित्र बनाती है। 4. तुलसी की लकड़ी पर्स या तिजोरी में रखेंतुलसी की सात लकड़ियों को पूजन कर एक लाल कपड़े या पीले धागे में बांध लें। अब इसे अपने पर्स, तिजोरी या धन रखने के स्थान में रखें। यह उपाय धन की स्थिरता बनाए रखने में सहायक माना गया है और इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां 5. तुलसी की जड़ से करें ग्रह दोष निवारणयदि आपकी कुंडली में ग्रह दोष हैं, तो सूखी तुलसी की थोड़ी सी जड़ लेकर उसे लाल कपड़े में लपेटें और इसे गले या बाजू में धारण करें। यह उपाय नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव को कम करता है और कुंडली में संतुलन स्थापित करता है। इन सभी उपायों में आस्था और श्रद्धा अत्यंत आवश्यक है। तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि एक देवी स्वरूप है, जिसकी पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। इसलिए जब भी तुलसी का पौधा सूख जाए, तो उसे फेंकने के बजाय इन उपायों से उसका सम्मानजनक निस्तारण करें और उसके दिव्य प्रभाव का लाभ उठाएं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Tulsi #Tulsi #VastuTips #PlantCare #HolyBasil #TulsiRemedies #SpiritualBenefits #PositiveEnergy #HinduRituals #GardeningTips

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Kuldevi and Kuldevata

क्या आप जानते हैं आपके कुलदेवी-देवता कौन हैं?

भारतीय संस्कृति में कुलदेवी (Kuldevi) और कुलदेवता का विशेष स्थान है। ये वे दिव्य शक्तियाँ हैं जो पीढ़ियों से किसी कुल या वंश की रक्षा करती आई हैं। हर जाति, समाज या गोत्र की अपनी एक कुलदेवी या कुलदेवता होते हैं, जिन्हें परिवार की परंपराओं के अनुसार पूजा जाता है। ऐसा माना जाता है कि कुलदेवी-देवता की कृपा से परिवार में सुख, समृद्धि और उन्नति बनी रहती है, वहीं अगर इनकी उपेक्षा की जाए तो जीवन में बाधाएं, अशांति और कष्ट आ सकते हैं। लेकिन आज के बदलते समय में बहुत से लोग यह नहीं जानते कि उनके कुलदेवी या कुलदेवता (Kuldevta) कौन हैं, या उन्हें कैसे पूजा जाए। कई बार यह जानकारी बुजुर्गों के जाने के साथ ही परिवार में खत्म हो जाती है। आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने कुलदेवी-देवता की पहचान कर सकते हैं, और किन बातों का ध्यान रखकर आप उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह लगाएं अपने कुलदेवी-देवता का पतायदि आपको अपने कुलदेवी (Kuldevi) या कुलदेवता (Kuldevta) की जानकारी नहीं है, तो आप अपने गोत्र के माध्यम से इसका पता लगा सकते हैं। हर गोत्र से संबंधित एक विशिष्ट देवी या देवता होते हैं। इसके लिए आप किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य या पंडित से मार्गदर्शन ले सकते हैं। इसके अलावा, अपने परिवार के बुजुर्गों से भी इस विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकती है, क्योंकि वे पीढ़ियों से चली आ रही पूजा-पद्धति से परिचित होते हैं। यदि परिवार में कोई बुजुर्ग जीवित नहीं हैं, तो यह जानने का प्रयास करें कि आपके कुल या वंश की मुख्य पूजा कहां और किस स्थान पर होती है। यह जानकारी भी आपको आपके कुलदेवी-देवता की पहचान करने में मदद कर सकती है। कैसे जानें कौन हैं आपके कुलदेवी-देवता? कई परिवारों के पारंपरिक पुरोहित या पंडित होते हैं जो पीढ़ियों से परिवार की पूजा करते आए हैं। वे आपके कुलदेवता या कुलदेवी के बारे में जानकारी दे सकते हैं, साथ ही यह भी बता सकते हैं कि उनकी पूजा कब और कैसे करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां कुलदेवी-देवता को नाराज करने वाले कार्य अपने कुलदेवी (Kuldevi) या कुलदेवता की पूजा-अर्चना कभी भी बंद न करें और उन्हें भूलने की भूल न करें। ऐसा करने से उनकी कृपा आपसे दूर हो सकती है, जिससे जीवन में अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ और परेशानियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। पूजा के समय अपने कुलदेवी-देवता का मन ही मन स्मरण अवश्य करें। यदि आपको उनके नाम याद न हों, तो आप उस स्थान का नाम लेकर भी उनकी पूजा कर सकते हैं, जहाँ वे विराजमान हैं। इसके अलावा, यदि आपके कुलदेवी-देवता किसी अन्य स्थान पर स्थित हैं, तो समय-समय पर वहां जाकर उनके दर्शन करना और आशीर्वाद लेना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Kuldevi #Kuldevi #Kuldevata #FamilyDeity #HinduTradition #SpiritualHeritage #AncestralGod

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CM Nitish Kumar

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सभी वर्गों को मिलेगा सम्मान

बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सरकार ने सामाजिक समावेशिता और सभी वर्गों के न्यायोचित विकास को सुनिश्चित करने के लिए दो नए आयोगों का गठन किया है। यह कदम समाज के हर तबके की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। समाज के हर वर्ग के लिए सुनवाई और समाधान बिहार सरकार (Bihar Government) ने उच्च जाति विकास आयोग (Upper Caste Development Commission) और राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग (State Scheduled Tribe Commission) का गठन करके यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्य के हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इन दोनों आयोगों का कार्य केवल समस्याएं पहचानना नहीं होगा, बल्कि यह आयोग सरकार को नीतिगत सुझाव भी देंगे ताकि हर वर्ग को उसका अधिकार मिल सके। उच्च जाति विकास आयोग की भूमिका सरकार द्वारा गठित उच्च जाति विकास आयोग का नेतृत्व भाजपा नेता और पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह को सौंपा गया है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद होंगे और इसके अन्य सदस्य दयानंद राय, जय कृष्ण झा और राजकुमार सिंह हैं। इनका कार्यकाल तीन वर्षों का निर्धारित किया गया है। यह आयोग बिहार में उच्च जातियों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन करेगा। इसके आधार पर आयोग राज्य सरकार को सुझाव देगा कि इस वर्ग के उत्थान के लिए किन योजनाओं और संसाधनों की आवश्यकता है। अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि केवल पिछड़े वर्गों को ही सहायता की आवश्यकता है, लेकिन इस आयोग के गठन से यह संदेश गया है कि हर वर्ग की जरूरतें अलग हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुए नीति बनानी चाहिए। अनुसूचित जनजाति आयोग: अधिकारों की रक्षा की ओर कदम बिहार सरकार (Bihar Government) ने अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा और उनके सतत विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की है। इस आयोग के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार बनाए गए हैं, जबकि उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुरेंद्र उरांव को दी गई है। अन्य सदस्य प्रेमशिला गुप्ता, तल्लू बासकी और राजू कुमार हैं। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य बिहार की आदिवासी आबादी की समस्याओं की गहराई से पड़ताल करना और उनके समाधान के लिए सरकार को व्यावहारिक और प्रभावी सुझाव देना है। यह आयोग भी तीन वर्षों तक कार्य करेगा और एक माध्यम बनेगा जिससे आदिवासी समुदाय की आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचे। समावेशी विकास की ओर निर्णायक कदम इन दोनों आयोगों का गठन बिहार सरकार की एक रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसमें समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का यह कदम स्पष्ट करता है कि सरकार अब केवल किसी एक वर्ग के विकास पर ध्यान नहीं देगी, बल्कि हर समाज, जाति और समुदाय को विकास के पथ पर साथ लेकर चलेगी। यह प्रयास इस बात का भी संकेत है कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना बिना समग्र दृष्टिकोण के संभव नहीं है। यदि राज्य का हर नागरिक अपने आप को प्रशासनिक निर्णयों में सहभागी और प्रतिनिधित्व प्राप्त महसूस करेगा, तो सामाजिक ताना-बाना और मजबूत होगा। इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात ऐसे में कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े होते हैं। जैसे: 1. क्या इन दोनों आयोगों द्वारा दिए गए सुझावों को कानूनी रूप से लागू करने की कोई गारंटी या स्पष्ट नीति बनाई गई है? 2. क्या इन आयोगों के गठन के बाद अन्य वर्गों (जैसे पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय) के लिए भी समान रूप से ठोस और प्रभावी नीतिगत प्रयास किए जाएंगे? 3. आयोगों द्वारा प्राप्त रिपोर्टों और सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता भी निगरानी रख सके? इस नई पहल के साथ बिहार सरकार (Bihar Government) ने यह संकेत दिया है कि सामाजिक संतुलन और हर वर्ग को विकास में सहभागी बनाना उसकी प्राथमिकता है। यदि यह प्रयास ईमानदारी से लागू किए जाते हैं, तो यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #BiharGovernment #NitishKumar #CMNitishKumar #BiharPolitics

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Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud

Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud : ऑनलाइन धोखाधड़ी में 46 साल के शख्‍स ने गंवाए साढ़े 11 करोड़

लालच बुरी बला है। जैसा कि बड़े-बुजुर्ग कह भी गए हैं कि लालच चार जगह डुबाती है। खैर, आज के इस आधुनिक दौर में ऑनलाइन फ्रॉड होना कोई नई बात नहीं है। विगत वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले प्रकाश में आएं हैं। हालंकि राज्य सरकारें अपने स्तर पर कार्रवाई कर तो रही हैं लेकिन कामयाबी न के बराबर है। ठग एक न एक नए तरीके से ठगने का जुगाड़ भिड़ा ही लेते हैं। चाहे वो डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ठगने हों या फिर सेक्सटॉरशन के जरिये ठगना हो। एक कांड के बाद वो दूसरा काण्ड बिलकुल ही नए तरीके से करते हैं। वैसे तो ऑनलाइन ठगी में कइयों ने लाखों गंवाएं हैं, लेकिन क्या आपका पता है कि एक शख्स ने जल्द अमीर होने की चाहत में 46 साल के शख्‍स ने साढ़े 11 करोड़ रुपये गंवा (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) दिए। गौर करने वाली बात यह कि खुद पुलिस के बड़े अधिकारी ने मामले की तस्‍दीक की है और गृह मंत्रालय के साइबर दोस्‍त एक्‍स हैंडल पर इस बारे में विस्‍तार में बताया गया है। फोन में रॉलेट कसीनो का ऐड आया, जिसमें उसने क्लिक कर (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) दिया प्राप्त जानकारी के मुताबिक साइबर दोस्‍त एक्‍स हैंडल पर डीसएपी स्तर के एक बड़े अधिकारी ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। डीसएपी के मुताबिक यह धोखाधड़ी फेक बैटिंग साइटों पर हुई। कमाल की बात यह कि जो शख्स इस ठगी का शिकार हुआ है वो अच्छा-खासा पढ़ा लिखा है। एमबीए कर चुका है। यही नहीं एक अच्‍छी कंपनी में करोड़ों के पैकेज पर काम कर रहा है। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि शख्‍स के साथ सबकुछ ऑनलाइन हो गया। धोखाधड़ी तीन महीनों तक जारी रही। बता दें कि साइबर दोस्‍त द्वारा एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट किए गए वीडियो के मुताबिक, 46 साल के एक शख्‍स को एक दिन उसे फोन में रॉलेट कसीनो का ऐड आया, जिसमें उसने क्लिक कर दिया। क्‍ल‍िक करते ही वह ऐसी वेबसाइट पर चला गया जहां कई बैटिंग साइटें मौजूद थीं। वह पैसा इन्‍वेस्‍ट करके कई गुना मुनाफे का लालच दे (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) रही थीं।  तीन महीनों तक उसके साथ होती रही (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) धोखाधड़ी  फिर क्या था युवक भी बैटिंग वेबसाइटों के झांस में आ गया। पुलिस के अनुसार, युवक ने बैटिंग साइट में पैसे लगाने शुरू कर दिए। शुरुआत में उसे कुछ कमाई भी हुई। शुरूआती कमाई को देख उसके मन में लालच आ गया। और इसी कमाई के लालच में उसने तकरीबन 17 करोड़ रुपये की रकम लगा दी। इस तरह उसे कुल साढ़े 11 करोड़ का नुकसान हुआ। पुलिस की माने तो तीन महीनों तक उसके साथ धोखाधड़ी होती रही। और तो और कमाल की बात यह कि इस दौरान शख्‍स के पैसे 100 से ज्‍यादा अकाउंट में ट्रांसफर किए (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) गए। उसने इस उम्‍मीद दांव लगाया कि उसे फायदा होगा। लेकिन लालच में उसे तगड़ा नुकसान हो गया। इस बीच जबतक युवक को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास होता, बहुत देर हो गई थी। धोखाधड़ी का अहसास होते ही अंततः उसने 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को दर्ज कराई गई है लेकिन अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि इतने वक्‍त तक धोखाधड़ी कैसे होती रही। हालाँकि इस मामले में पुलिस ने कितनी रकम रिकवर की है, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला जल्‍दी अमीर बनने का सपना देख रहे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का हो (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) जाते हैं शिकार  इसके पीछे की बड़ी वजह है लालच, जल्‍दी पैसा कमाने और अमीर बनने का सपना देख रहे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो  (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud)  जाते हैं। आए दिन इस तरह के केस दर्ज हो रहे हैं। सरकार अपनी तरफ से लोगों को जागरूक कर रही है। ऐसा नहीं है, केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकार ने बाकायदा 1930 नंबर को साइबर फ्रॉड से मुकाबले के लिए जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके लोग अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud #OnlineFraud #CyberScam #DigitalFraud #FraudAwareness #CyberCrime #FinancialFraud #ScamAlert #OnlineScam #BankFraud #InternetCrime

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Rahul Gandhi POK statement

Rahul as PM Could Bring Back POK: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया बड़ा दावा करते हुए कहा, “राहुल पीएम होते तो वापस लाते पीओके”

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद जहां समूचा भारत जश्न में डूबा है, तो वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी को कमतर दिखाने की  कोशिश में लगे हुए हैं। इस क्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए रेवंत रेड्डी ने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के नतीजों पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल (Telangana CM’s Big Claim) उठाया। इस बीच उन्होंने यह भी पूछा कि “चार दिन के युद्ध के बाद क्या (Rahul as PM Could Bring Back POK) हुआ? किसने आत्मसमर्पण किया? हमें कुछ नहीं पता।” उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी को 140 करोड़ भारतीयों को यह बताना चाहिए कि हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने हमारे कितने राफेल विमान मार गिराए। दरअसल, जय हिंद नाम से आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा, प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष शुरू करने से पहले सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई थी? जबकि पड़ोसी देश के साथ सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने से पहले उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? मोदी प्रतिबंधित 1,000 रुपये के नोट की तरह हैं, हमें राहुल गांधी जैसे नेताओं की जरूरत (Rahul as PM Could Bring Back POK) है प्रधानमंत्री के इस बयान का मखौल उड़ाते हुए कि युद्ध भाषण देना नहीं है। उन्होंने कहा कि युद्ध रोककर मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की शपथ ली है। मोदी सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, चार दिनों के युद्ध के बाद, हमें नहीं पता कि किसने किसको धमकाया और किसने किसके आगे घुटने टेक दिए। अचानक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सामने आए और कहा कि (Telangana CM’s Big Claim) उन्होंने भारत को धमकाया और युद्ध रोक दिया। लोकसभा सांसद राहुल गाँधी की प्रशंसा करते हुए रेड्डी ने कहा कि “राहुल गांधी इस स्थिति को अलग तरीके से संभालते। उन्होंने कहा, अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो वह पीओके को वापस ले (Rahul as PM Could Bring Back POK) आते। मोदी प्रतिबंधित 1,000 रुपये के नोट की तरह हैं। हमें राहुल गांधी जैसे नेताओं की जरूरत है। मोदी हमारे लिए कभी युद्ध नहीं जीत सकते। केवल प्रधानमंत्री के रूप में राहुल गांधी ही ऐसा कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस हजारों करोड़ रुपये के ठेके मोदी के करीबी लोगों को दिए गए- रेवंत रेड्डी पीएम मोदी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा के बावजूद मोदी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने और पीओके पर नियंत्रण करने में विफल रहे। यही नहीं, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा, (Telangana CM’s Big Claim) सिकंदराबाद छावनी के सैनिकों ने युद्ध में भाग लिया था। तेलंगाना में निर्मित युद्धक विमानों ने हमारे देश के सम्मान को बनाए रखा। नरेन्द्र मोदी द्वारा लाए गए राफेल विमानों को पाकिस्तान ने मार गिराया। इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कि कितने राफेल मार गिराए गए। नरेन्द्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि हालिया युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने कितने राफेल विमान मार गिराए। आप हमें इसका हिसाब दें। पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए रेड्डी ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के ठेके मोदी के करीबी लोगों को दिए गए, जिन्होंने फिर राफेल विमान खरीदे।आगे उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी,(Rahul as PM Could Bring Back POK) मल्लिकार्जुन खरगे और मीनाक्षी नटराजन ने केवल एक बात कही कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो राजनीतिक विचारधारा से परे सभी को एक साथ आना चाहिए और तदनुसार उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को आश्वासन दिया कि वह पाकिस्तान के साथ लड़ाई के दौरान उसके साथ खड़ी रहेगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Telangana CM’s Big Claim #RahulGandhi #POK #TelanganaCM #IndianPolitics #BreakingNews #RahulAsPM #POKReclaim

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Maharashtra doctor COVID remark

Latur doctor controversy: जब महाराष्ट्र के लातूर में एक डॉक्टर ने कही कोरोना पीड़ित महिला को मार देने की बात?

डॉक्टर को भगवान का रूप कहा जाता है, क्योंकि एक डॉक्टर ही है जो मरीज को मौत के मुंह से खींच लाता है। लेकिन क्या हो यदि यही डॉक्टर हैवान बन जाये तो? यदि डॉक्टर इलाज करने के बजाय खुद ही किसी को मारने की बात कहने लगे तो? एक पल के लिए सोचिये कोरोना का वो काल, जब लोग अपनों को बचाने के लिए दर-ब-दर भटक रहे थे। उस दौरान मौत का जो तांडव कोरोना ने खेला था वो किसी से छुपा नहीं है। हालाँकि, कुछ लोगों का मानना है कि कोरोना का काल में ऐसे की मरीजों को मौत के घाट उतार दिया गया जो शायद बच सकते थे। खैर, बॉडी ऑर्गन रैकेट से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि सब डॉक्टर ऐसे ही होते हैं, लेकिन कुछ डॉक्टरों ने इस पवित्र पेशे को बदनाम कर रखा है। बता दें कि महाराष्ट्र के लातूर में एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है, जहां एक सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर के खिलाफ पुलिस ने 2021 में महामारी के दौरान एक सहकर्मी को कोविड-19 पीड़ित मरीज को मारने का निर्देश देने के (Latur doctor controversy) आरोप में एफआईआर दर्ज की है।   किसी को भी अंदर जाने की इजाजत मत दो, बस उस दयामी नाम की महिला को (Latur doctor controversy) मार दो दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुए जिसमें तत्कालीन लातूर के उदगीर सरकारी अस्पताल में अतिरिक्त जिला सर्जन डॉ. शशिकांत देशपांडे और कोविड-19 देखभाल केंद्र में तैनात डॉ. शशिकांत डांगे के बीच कथित बातचीत (Latur doctor controversy) थी। बताया जा रहा है कि यह वायरल क्लिप तब की है जब साल 2021 में कोविड-19 संकट के चरम पर था। अस्पताल मरीजों से भरे हुए थे और संसाधन कम थे। वायरल ऑडियो में डॉ. देशपांडे कथित तौर पर यह कहता हुआ सुना गया, किसी को भी अंदर जाने की इजाजत मत दो, बस उस दयामी नाम की महिला को मार दो। इस पर डॉ. डांगे ने सावधानीपूर्वक जवाब देते हुए कहा कि ऑक्सीजन सपोर्ट पहले ही कम कर दी गई थी। हालांकि, 53 वर्षीय दयामी अजीमुद्दीन गौसुद्दीन की मरीज पत्नी कौसर फातिमा बाद में बीमारी से ठीक हो गईं थी। गौसुद्दीन की शिकायत के आधार पर उदगीर शहर पुलिस ने 24 मई को देशपांडे के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करने और अन्य अपराधों के कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि इस ऑडियो क्लीप के वायरल होते ही जनता में जनता में गुस्से की लहर दौड़ गई। पुलिस ने देशपांडे का मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें जारी (Latur doctor controversy) किया है नोटिस  इस पूरे मामले पर इंस्पेक्टर दिलीप गाडे ने बताया, पुलिस ने देशपांडे का मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें नोटिस जारी (Latur doctor controversy) किया है। उनका बयान दर्ज कर लिया गया है। इस बीच उन्होंने यह भी कहा, पुलिस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। पुलिस ने डॉ. डांगे को भी नोटिस जारी किया है। अधिक विस्तार से बोलते हुए गाडे ने कहा, फ़िलहाल वह जिले से बाहर हैं, कल आएंगे। उसके बाद हम उनका मोबाइल फोन जब्त करेंगे और जांच करेंगे। एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने कहा कि साल 2021 में महामारी के दौरान उनकी पत्नी कौसर फातिमा कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं थीं। उन्हें 15 अप्रैल, 2021 को उदगीर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के प्रबंधन के तहत नांदेड़ रोड पर स्थित इमारत में कोविड-19 उपचार प्रदान किया जा रहा था। डॉ. डांगे उस केंद्र में कोविड-19 रोगियों का इलाज कर रहे थे। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला कौसर फातिमा10 दिन तक थी अस्पताल में (Latur doctor controversy) भर्ती  कौसर फातिमा वहां 10 दिन तक भर्ती थी। इस दरम्यान पेशंट की देख-रेख हेतु दयामी अजीमुद्दीन गौसुद्दीन भी वहीं अपनी बीमार पत्नी के पास थे। एक रोज ऐसे ही वो वहीं बैठे थे। उनके मुताबिक उसी समय, डॉ. डांगे को डॉ. देशपांडे का फोन आया। उन्होंने फोन स्पीकर पर रख दिया और अस्पताल के मामलों के बारे में बातचीत जारी रखी। फोन कॉल के दौरान, डॉ. देशपांडे ने बेड की उपलब्धता के बारे में पूछताछ की। जब डॉ. डांगे ने उसे बताया कि कोई भी बेड खाली नहीं है। इसपर दावा करते हुए उसने कहा कि उसने डॉ. देशपांडे को यह कहते हुए स्पष्ट रूप से सुना (Latur doctor controversy) था, “दयामी मरीज को मार डालो। तुम्हें ऐसे लोगों से निपटने की आदत है।” उसकी बातों पर यकीन करें तो, बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर जाति-आधारित गाली भी दी। यह सुन कर वो खुद सदमे में चला गया। जाहिर सी बात उसकी अपनी पत्नी उसी अस्पताल में जो एडमिट थी। इसलिए उस समय उसने मुंह बंद रखने में ही समझदारी समझी। कुछ दिनों बाद, उसकी पत्नी ठीक हो गई। और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, 2 मई, 2025 को कथित बातचीत की ऑडियो क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इस पूरे मामले पर उसने कहा कि वही परेशान करने वाली टिप्पणियां दोबारा सुनने से उसे गहरा दुख पहुंचा है और उसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, खासकर अपमानजनक जाति-संबंधी टिप्पणियों के कथित इस्तेमाल से। इसके बाद अंततः उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Latest News in Hindi Today Hindi news Latur doctor controversy #LaturDoctorControversy #COVID19India #MaharashtraNews #MedicalNegligence #ViralNews #DoctorEthics #IndiaNews #BreakingNews

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Shashi Tharoor

Shashi Tharoor slams Columbia: इस वजह से शशि थरूर ने लगाई कोलंबिया की क्लास

ऑपरेशन सिन्दूर के बाद से भारत विश्वपटल पर पाकिस्तान को परत दर परत बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व वाला डेलिगेशन पनामा और गुयाना के दौरे के बाद गुरुवार को कोलंबिया पहुंचा है। शशि थरूर ने यहाँ आतंकवाद के मुद्दे पर कोलंबिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया पर घनघोर निराशा जाहिर की है। दरअसल, कोलंबिया ने आतंकवाद के पीड़ितों के बजाय भारतीय हमलों से पाकिस्तान में जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना जताई थी। कोलंबिया के इस रवैये से शशि थरूर ने कहा, हम कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया से थोड़े निराश (Shashi Tharoor slams Columbia) हैं। क्योंकि कोलंबिया ने आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखाने के बजाय भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की है। हमें लगता है कि जब ये बयान दिया गया तब शायद स्थिति को पूरी तरह से नहीं समझा गया था। उन्होंने आगे कहा कि ये समझना हमारे लिए बेहद जरूरी है। हम एक ऐसा देश हैं, जो वास्तव में दुनिया में रचनात्मक प्रगति के लिए एक ताकत रहे हैं। हमें निश्चित रूप से उम्मीद है कि अन्य सरकारें उन लोगों से कहेंगी जो आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह और संरक्षण देते हैं कि वे ऐसा करना बंद करें। यह वास्तव में बहुत मददगार होगा, चाहे सुरक्षा परिषद में हो या उसके बाहर।  आतंकवादियों को भेजने वालों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता (Shashi Tharoor slams Columbia) नहीं हो सकती कोलंबिया के अतीत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, हम कोलंबिया (Shashi Tharoor slams Columbia) में अपने मित्रों से कहेंगे कि आतंकवादियों को भेजने वालों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। हमला करने वालों और बचाव करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। हम केवल आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और यदि इस मुद्दे पर कोई गलतफहमी है, तो हम ऐसी किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए यहां हैं। हम परिस्थितियों के बारे में कोलंबिया से विस्तार से बात करके बहुत खुश हैं, जैसे कोलंबिया ने कई आतंकवादी हमलों को झेला है, वैसे ही हमने भारत में भी झेला है। हमने लगभग चार दशकों तक बहुत बड़ी संख्या में हमलों को झेला है।   हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है, हम सिर्फ (Shashi Tharoor slams Columbia) आतंकवादी हमले का बदला ले रहे थे- कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस बीच किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, हमें अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों व तमाम देशों, सऊदी अरब, फ्रांस, यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों से कई फोन कॉल (Shashi Tharoor slams Columbia) आए। हमने इन सभी देशों को जो संदेश दिया, वह बिल्कुल एक जैसा था। थरूर ने कहा, हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है। सिर्फ एक आतंकवादी हमले का बदला ले रहे थे। अगर वे रुकते हैं, तो हम भी रुक जाएंगे। अगर ये संदेश इन देशों की ओर से पाकिस्तान को दिया जाता, तो पाकिस्तान को रोकने के लिए राजी करने में इसका असर हो सकता था। क्योंकि उन्हें पता था कि उनके रुकने का मतलब यह होगा कि भारत भी चीजों को रोक देगा इसलिए ऐसा हो सकता है कि ऐसा ही हुआ हो, लेकिन निश्चित रूप से मध्यस्थता की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं थी।  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत किया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला उठा था। जवाबी कार्रवाई में उसने भारत के ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था। लेकिन भारत के एयर डिफेन्स सिस्टम ने उसे नाकाम कर दिया था। दोनों पक्षों के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देश सीज फायर के लिए राजी हुए थे। इसके बाद भारत सरकार ने  Latest News in Hindi Today Hindi news  Shashi Tharoor slams Columbia #ShashiTharoor #ColumbiaUniversity #GazaConflict #ShashiTharoorNews #InternationalPolitics #Gaza #ColumbiaControversy

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RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time: पंजाब किंग्स को हराकर चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंची आरसीबी

29 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का पहला क्वालीफायर मुकाबला पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को करारी शिकस्त (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) दी। दरअसल, 18वें सीजन के पहले क्वालीफायर मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की टीम के बल्लेबाज कुछ कमाल नहीं दिखा सके। दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य के आउट होते ही पंजाब किंग्स की टीम ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गई। 15वें ओवर तक तो पंजाब की टीम पूरी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। पंजाब किंग्स की पूरी टीम 14.1 ओवर में महज 101 रन रन बनाकर आलऑउट हो गई। कहने की जरूरत नहीं, पंजाब किंग्स को अपने अति-आक्रामक रवैये का खामियाजा भुगतना पड़ा। जिसके चलते उसके बल्लेबाज कुछ ख़ास कमाल नहीं कर सके।  फिल साल्ट एक बार पुनः जबर्दस्त फॉर्म में नजर (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) आए 102 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी के बल्लेबाजों ने तो कमाल कर दिया। आरसीबी के बल्लेबाजों ने पंजाब किंग्स के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आरसीबी के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट एक बार पुनः जबर्दस्त फॉर्म में नजर (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) आए। पारी का आगाज करते हुए 27 गेंदों में उन्होंने छह चौके एवं तीन बेहतरीन छक्कों की मदद से नाबाद 56 रन बनाए। फिल सॉल्ट की अर्धशतकीय पारी के बदौलत आईपीएल के पहले क्वालीफायर में पंजाब किंग्स को 10 ओवर रहते आठ विकेट से हराकर तीन जून को होने वाले फाइनल में प्रवेश किया। बता दें कि आईपीएल प्लेऑफ में यह सबसे बड़ी जीत है। गौरतलब हो कि आरसीबी ने चौथी बार आईपीएल फाइनल में जगह बनाई। साल 2016 के बाद उसका पहला फाइनल होगा। पंजाब किंग्स की भिड़ंत दूसरे क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) होने वाले एलिमिनेटर के विजेता से होगी पंजाब किंग्स भले ही हार गई हो लेकिन हार के बावजूद उसे फाइनल में पहुंचने का एक और अवसर (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) मिलेगा। पंजाब किंग्स की भिड़ंत दूसरे क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाले एलिमिनेटर के विजेता से होगी। बात करें फिल साल्ट के आईपीएल करियर की तो उन्होंने आईपीएल में 33 मुकाबले खेले हैं। इस बीच 33 पारियों में उन्होंने 1040 रन बनाए। आईपीएल में उनके नाम 10 अर्धशतक दर्ज है। खैर, क्वालीफायर-1 मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिए श्रेयस अय्यर ने कहा कि “ये हमारे लिए भूलने वाला दिन नहीं है, लेकिन ड्रॉइंग बोर्ड पर वापस जाना होगा। हमने बल्लेबाजी के दौरान शुरू में ही काफी विकेट गंवा दिए थे। वापस जाकर फिर से सभी चीजों को समझना होगा। ईमानदारी से कहूं तो मुझे अपने फैसलों पर संदेह नहीं है। हमने जो भी प्लानिंग की मैदान के बाहर मुझे लगता है कि वह सही थी। बस हम उसे मैदान पर उतारने में कामयाब नहीं हो सके।”  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल हम इसे हार का कारण नहीं बता सकते हैं क्योंकि हम प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं और हमें हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है- श्रेयस अय्यर हालांकि गेंदबाजों का बचाव करते हुए श्रेयस अय्यर ने कहा कि “हम गेंदबाजों को भी दोष नहीं दे सकते क्योंकि बचाव करने लिए काफी कम स्कोर था। हमें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना होगा। हमने अभी तक यहां पर जितने भी मुकाबले खेले हैं उसमें कुछ अलग ही उछाल देखने को मिला है। हम इसे हार का कारण नहीं बता सकते हैं क्योंकि हम प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं और हमें हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है। हमने लड़ाई तो हारी है, लेकिन जंग नहीं हारी।” Latest News in Hindi Today Hindi news RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time #RCB #PBKS #IPL2025 #RCBvsPBKS #IPLFinal #RoyalChallengersBangalore #PunjabKings #CricketNews #IPLPlayoffs

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Goddess Chhinnamasta: चमत्कारी रूप… अद्भुत अवतार — देवी छिन्नमस्तिका का कैसे हुआ अवतरण?

देवी छिन्नमस्तिका (Goddess Chhinnamasta) हिन्दू धर्म की एक अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली देवी हैं, जिन्हें छिन्नमस्ता, छिन्नमूर्ति और छिन्नमालिनी के नाम से भी जाना जाता है। वे शक्ति की प्रकटीकरण हैं और उनके रूप में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। उनकी भव्य और रहस्यमय छवि अनेक लोगों को आकर्षित करती है। आज हम जानेंगे कि कैसे हुआ देवी छिन्नमस्तिका का अवतरण और उनकी पूजा का महत्व क्या है। छिन्नमस्तिका पूजा का महत्व देवी छिन्नमस्तिका (Goddess Chhinnamasta) की पूजा विशेष रूप से तंत्र साधना में महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी आराधना से भक्तों को भय, रोग, शत्रुता, मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, छिन्नमस्तिका देवी अपने भक्तों को आत्मविश्वास, साहस, और जीवन की अनिश्चितताओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करती हैं। उनकी पूजा में मंत्र जाप, हवन और यंत्र स्थापना की जाती है। विशेषकर नवमी या चतुर्दशी तिथि को उनकी आराधना की जाती है, जिसे उनके अनुयायी बड़ी श्रद्धा और विधिपूर्वक करते हैं। शिव जी से जुड़ा संबंध:  कई स्थानों पर यह माना जाता है कि माता छिन्नमस्तिका देवी काली का ही एक रूप हैं। अन्य प्रसिद्ध कथाओं के अनुसार, एक बार संसार में भारी संकट और अराजकता फैल गई थी। इस संकट से मुक्ति पाने के लिए लोगों ने देवी पार्वती की तपस्या की। तब माता ने भक्तों के दुःख दूर करने हेतु छिन्नमस्ता का रूप धारण किया और विश्व में पुनः शांति स्थापित की।हालांकि, मां का यह स्वरूप अत्यंत प्रचंड था, जिससे पृथ्वी पर विनाश फैल गया। इस स्थिति में सभी देवताओं ने एकजुट होकर भगवान शिव (Lord Shiva) से सहायता मांगी। उनकी प्रार्थना सुनकर भोलेनाथ मां छिन्नमस्ता के पास पहुँचे। स्वयं को इस प्रकार किया संतुष्ट:जब भगवान शिव (Lord Shiva) माता छिन्नमस्ता के पास पहुँचे, तब देवी ने उनसे कहा, “हे स्वामी, मुझे अत्यंत भूख लगी है, मैं अपनी इस भूख को कैसे शांत करूं?” इस पर शिवजी (Lord Shiva) ने उत्तर दिया, “आप ही समस्त ब्रह्मांड की धारक हैं, फिर आपको किसी और की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए?”यह सुनकर देवी छिन्नमस्ता ने तुरंत अपने खड्ग से अपनी गर्दन काट ली और अपना सिर अपने बाएं हाथ में धारण कर लिया।देवी के कटे हुए गले से तीन रक्त धाराएं निकलने लगीं — एक धारा को उन्होंने स्वयं ग्रहण किया, जबकि शेष दो धाराओं के माध्यम से उन्होंने अपनी दोनों सहचरी देवियों को संतुष्ट किया। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां देवी छिन्नमस्ता की पूजा क्यों मानी जाती है चुनौतीपूर्ण? देवी छिन्नमस्ता (Goddess Chhinnamasta) को एक अत्यंत तीव्र, भयावह और उग्र रूप में जाना जाता है। वे तंत्र साधना की महत्वपूर्ण देवी हैं और उनकी आराधना जैन व बौद्ध परंपराओं में भी की जाती है। बौद्ध धर्म में उन्हें “छिन्नमुण्डा वज्रवराही” के रूप में पूजा जाता है।छिन्नमस्ता देवी मृत्यु की प्रतीक मानी जाती हैं और वे योगशक्ति, कामनाओं पर नियंत्रण और यौन वासनाओं के दमन का प्रतिनिधित्व करती हैं। देवी का रूप अत्यंत विचित्र है — वे स्वयं अपने खड्ग से अपना सिर काटकर उसे हाथ में धारण करती हैं और अपनी गर्दन से निकलती रक्त की धाराओं में से एक को स्वयं पीती हैं।उनका यह स्वरूप भयावह और उग्र माना जाता है। इसी कारण आम घरों में या पारंपरिक मंदिरों में उनकी पूजा नहीं की जाती। उनकी आराधना केवल विशेष तांत्रिक मंदिरों या साधना स्थलों पर की जाती है, जहां विशेष विधियों और सावधानियों के साथ पूजा सम्पन्न की जाती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Goddess Chhinnamasta #goddesschhinnamasta #hindugoddesse #mahavidya #spiritualawakening #shaktipath #chhinnamastika #fiercegoddess #tantricsymbolism

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ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण निंदनीय: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का नाम रखकर इस सैन्य अभियान का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक स्टंट करार दिया और साफ कहा कि इससे सेना के सम्मान को राजनीतिक रंग देना गलत है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने यह टिप्पणी कोलकाता स्थित नबन्ना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के नाम में “सिंदूर” शब्द जोड़ना केवल राजनीतिक आकर्षण बढ़ाने के लिए किया गया है, ताकि आम जनता में भावनात्मक लहर पैदा की जा सके। उनके मुताबिक BJP इस सैन्य कार्रवाई को वोट बैंक में बदलने की साजिश कर रही है। “बंगाल कभी बीजेपी के हाथ नहीं जाएगा” प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने यह स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल कभी भी भारतीय जनता पार्टी के नियंत्रण में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की जनता BJP की राजनीति को अच्छी तरह समझती है और ऐसे हथकंडे अब काम नहीं आने वाले। मुर्शिदाबाद की घटना: सीधे बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में हुई एक हालिया घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उनके पास ठोस सबूत हैं और जरूरत पड़ने पर वे सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज्य की शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने कहा “कभी उन्हें चाय बेचने वाला कहा गया, फिर चौकीदार और अब वे देशभर में सिंदूर बेच रहे हैं। यह शोभा नहीं देता।” उन्होंने आगे कहा कि मोदी की सिंदूर पर आधारित बयानबाजी देश की राजनीतिक गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है और यह केवल भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की कोशिश है। महिलाओं का अपमान और भाजपा की चुप्पी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने भाजपा पर महिलाओं के अपमान को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसे मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उनका कहना था कि जिन नेताओं पर महिलाओं के अपमान के आरोप लगे हैं, उन्हें संरक्षण दिया जाता है, जबकि सच्ची लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस असम और कूचबिहार से लाई गई भीड़ प्रधानमंत्री की एक जनसभा को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि उस कार्यक्रम में जो भीड़ दिखाई गई थी, वह स्थानीय नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि असम और कूचबिहार से लोगों को लाकर रैली में शामिल किया गया, ताकि जनसमर्थन का झूठा प्रदर्शन किया जा सके। विदेशों में विपक्ष रख रहा है भारत की बात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने इस बात की सराहना की कि विपक्षी दलों के नेता विदेशों में जाकर “ऑपरेशन सिंदूर” पर भारत का पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर जब विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि को मजबूत कर रहा है, दूसरी ओर भाजपा केवल प्रचार में लगी हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के इस बयान ने केंद्र सरकार और भाजपा की रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के नाम को राजनीति से जोड़कर इसे देश की सैन्य गरिमा के साथ खिलवाड़ बताया। यह स्पष्ट संकेत है कि 2024 के आम चुनावों की तैयारी में भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव और तेज़ होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news CM Mamata Banerjee #MamataBanerjee #OperationSindoor #IndianPolitics #BJPvsTMC #BreakingNews #WestBengalNews

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