हेपेटाइटिस-B की समय पर जांच और इलाज को लेकर विशेषज्ञों की नई चेतावनी, लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञों और भारत के चिकित्सा विशेषज्ञों ने हेपेटाइटिस-B (Hepatitis-B) संक्रमण को लेकर नई चेतावनी जारी करते हुए लोगों से समय पर जांच और उपचार कराने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रहता है, लेकिन समय पर पहचान न होने पर यह लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। (who.int) डॉक्टरों के अनुसार भारत में लाखों लोग हेपेटाइटिस-B से संक्रमित हैं, लेकिन बड़ी संख्या में मरीजों को इसकी जानकारी ही नहीं होती। इसी कारण नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर स्क्रीनिंग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हेपेटाइटिस-B क्या है? हेपेटाइटिस-B एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से लिवर (यकृत) को प्रभावित करता है। यह संक्रमित रक्त, असुरक्षित चिकित्सा उपकरण, संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रव तथा जन्म के दौरान मां से बच्चे में भी फैल सकता है। (who.int) किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें? विशेषज्ञों ने निम्न लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है— हालांकि कई मरीजों में लंबे समय तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए जोखिम वाले लोगों को नियमित जांच कराने की सलाह दी जाती है। समय पर जांच क्यों जरूरी है? विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते संक्रमण का पता चलने पर दवाओं और नियमित निगरानी से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आधुनिक उपचार से वायरस को नियंत्रित रखा जा सकता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। (cdc.gov) बचाव के उपाय डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस-B से बचाव के लिए लोगों को सलाह दी है— विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का लक्ष्य वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करना है। इसके लिए समय पर जांच, टीकाकरण और उपचार को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। (who.int) निष्कर्ष विशेषज्ञों का मानना है कि हेपेटाइटिस-B की समय पर पहचान और उचित इलाज से गंभीर लिवर रोगों से बचा जा सकता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति में जोखिम कारक मौजूद हैं या लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए जांच कराना और चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। Source: World Health Organization (WHO) | Centers for Disease Control and Prevention (CDC) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

चंडीगढ़ में BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक, डिजिटल हेल्थ और महामारी तैयारी पर विशेष फोकस

चंडीगढ़: भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने डिजिटल हेल्थ, महामारी से निपटने की तैयारी और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की। बैठक में भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित BRICS देशों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान भारत ने डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के अपने अनुभव साझा किए। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजिटल तकनीक, डेटा साझाकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक है। बैठक के प्रमुख एजेंडे बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं— भारत ने साझा किया डिजिटल हेल्थ मॉडल भारत ने अपने डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म और स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्रणाली का अनुभव साझा करते हुए बताया कि तकनीक की मदद से मरीजों को बेहतर, तेज और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। कई सदस्य देशों ने भारत के डिजिटल हेल्थ मॉडल में रुचि दिखाई और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। महामारी से मिले सबक पर चर्चा बैठक में कोविड-19 सहित अन्य वैश्विक स्वास्थ्य संकटों से मिले अनुभवों की समीक्षा की गई। सदस्य देशों ने महामारी के दौरान सामने आई चुनौतियों और भविष्य में बेहतर समन्वय, सूचना साझा करने तथा संयुक्त अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर दिया। स्वास्थ्य सहयोग को मिलेगा बढ़ावा BRICS देशों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, वैक्सीन अनुसंधान, डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। निष्कर्ष चंडीगढ़ में आयोजित BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक ने डिजिटल हेल्थ, महामारी तैयारी और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया है। भारत ने अपने डिजिटल स्वास्थ्य मॉडल और स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने का संदेश दिया। Source: Ministry of Health & Family Welfare | BRICS | PIB | WHO जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

IMD ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया, गुजरात-महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पश्चिमी भारत और पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का खतरा जताया है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। अलग-अलग जिलों के लिए मौसम की तीव्रता के अनुसार येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | NDMA | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Monsoon Health Advisory 2026: लगातार बारिश के बीच जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अहम सलाह

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए Monsoon Health Advisory 2026 जारी करते हुए जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बारिश के मौसम में दूषित पानी, जलभराव और गंदगी के कारण डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। विभाग ने लोगों से साफ पेयजल का उपयोग करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। Monsoon Health Advisory 2026 क्यों जारी की गई? स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और पेयजल स्रोतों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात में बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैल सकता है। इसी को देखते हुए लोगों को समय रहते सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। किन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक? बारिश के मौसम में निम्नलिखित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है— विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार न मिलने पर ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने क्या सलाह दी? स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की अपील की है— बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को साफ पानी, पौष्टिक भोजन और समय पर चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। अस्पतालों को भी जारी किए गए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयों, ORS, IV Fluids, जांच किट और चिकित्सा स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन को फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान और स्वच्छता अभियान तेज करने को कहा गया है। विशेषज्ञों की सलाह जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, दस्त, उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या त्वचा पर चकत्ते दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। निष्कर्ष Monsoon Health Advisory 2026 के तहत स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता और समय पर सावधानी ही जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। लगातार बारिश के दौरान नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की गई है। Source: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभाग। Original Report: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नवीनतम मानसून एडवाइजरी और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

लगातार बारिश के बीच जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की जरूरी सलाह

नई दिल्ली, 11 जुलाई। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी है। मानसून के दौरान जलभराव, गंदा पानी और बढ़ती नमी के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार, टाइफाइड, हैजा और दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। क्यों बढ़ जाता है खतरा? बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। वहीं दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण जलजनित संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है। डेंगू और मलेरिया से बचाव विशेषज्ञों के अनुसार घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, बाल्टी और अन्य पात्रों का पानी नियमित रूप से बदलें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें। सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि इसी समय मच्छरों की सक्रियता अधिक रहती है। स्वच्छ पानी और भोजन का रखें ध्यान बारिश के मौसम में केवल उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी पीना चाहिए। खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी भोजन और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना भी संक्रमण से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। वायरल संक्रमण से बचाव मौसम में बदलाव के दौरान वायरल बुखार और श्वसन संक्रमण के मामले भी बढ़ सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त नींद लेना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद करता है। कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें? यदि तेज़ बुखार, लगातार उल्टी, शरीर में तेज़ दर्द, प्लेटलेट्स कम होने के संकेत, सांस लेने में कठिनाई, लगातार दस्त या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर उपचार गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां कई राज्यों में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किए हैं। नगर निकायों द्वारा फॉगिंग, जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नागरिकों से भी इन अभियानों में सहयोग करने की अपील की गई है। विशेषज्ञों की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। नियमित सफाई, सुरक्षित पेयजल, पौष्टिक भोजन और मच्छरों से बचाव के उपाय इस मौसम में सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच माने जाते हैं। निष्कर्ष बारिश का मौसम जहां राहत लेकर आता है, वहीं कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी साथ लाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ वातावरण और समय पर चिकित्सकीय सलाह अपनाकर डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और जलजनित बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्रोत:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह तथा सामान्य जनस्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश। मूल रिपोर्ट:मानसून स्वास्थ्य संबंधी सार्वजनिक जानकारी एवं विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली, 10 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून और लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सलाह जारी की है। जलभराव और बढ़ी हुई नमी के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार तथा दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के बाद बढ़ता है संक्रमण का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं दूषित पेयजल और खराब स्वच्छता के कारण डायरिया, टाइफाइड, हैजा और अन्य जलजनित संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सलाह स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से निम्न सावधानियां अपनाने की अपील की है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है। अस्पतालों को भी किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। IMD की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तट और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका स्वच्छता बनाए रखना और मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। समय पर सावधानी बरतने से डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी संक्रमणों के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। नागरिकों से अपील स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों पर भरोसा न करें। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें और आवश्यकता होने पर जांच अवश्य कराएं। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय मौसम विभाग (IMD) तथा संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभाग। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह, मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

बारिश के मौसम में डेंगू और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 9 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मौसमी संक्रमणों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रही है, जिससे डेंगू के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। बारिश के मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा? विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान घरों, छतों, कूलरों, गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में जमा पानी एडीज़ (Aedes) मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। डेंगू के प्रमुख लक्षण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सामान्य लक्षणों में— यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है। वायरल संक्रमण से कैसे बचें? स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए और बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अस्पतालों को किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। डेंगू जांच, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अफवाहों से बचने की अपील स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों या भ्रामक सलाह पर भरोसा न करें। डेंगू का संदेह होने पर केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह लें और आवश्यकता पड़ने पर रक्त जांच अवश्य कराएं। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। यदि नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं और जलभराव को रोकें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) तथा विभिन्न राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

IMD का अलर्ट: मुंबई में ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी

नई दिल्ली/मुंबई, 7 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी गरज-चमक, मध्यम से तेज़ बारिश और तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मुंबई में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर अल्प समय में भारी वर्षा होने की आशंका है, जिससे जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और 30–50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट मोड पर मुंबई महानगरपालिका (BMC), दिल्ली नगर निगम और संबंधित जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशनों, राहत दलों और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया है। रेलवे, यातायात पुलिस और नागरिक सुरक्षा एजेंसियां भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की संभावना के समय खुले मैदानों में न रुकने तथा स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी मौसम बुलेटिन का पालन करने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी परामर्श IMD ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। भारी वर्षा की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा, जल निकासी और आवश्यक कृषि प्रबंधन उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है। अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है और संबंधित राज्य सरकारों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की स्थिति IMD ने कहा है कि मानसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। नागरिकों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), संबंधित राज्य प्रशासन एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

IMD का अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

नई दिल्ली, 6 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR सहित देश के कई राज्यों में आज से भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR के अलावा उत्तर भारत, मध्य भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज हो सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। बारिश के दौरान स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की गई है। यातायात पर पड़ सकता है असर भारी बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। जलभराव, कम दृश्यता और फिसलन के चलते वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने तथा यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों से स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और कृषि कार्य मौसम की परिस्थितियों के अनुसार करने की अपील की है। जहां भारी वर्षा की संभावना हो, वहां फसलों की सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। आगे की राह IMD अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम की स्थिति की लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर नए अपडेट जारी करेगा। नागरिकों से केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन से संबंधित सार्वजनिक जानकारी एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम अपडेट और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली, 4 जुलाई। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के कई हिस्सों में डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों के मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नई सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, मच्छरों के प्रजनन को रोकने और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील की गई है। मच्छरों से बचाव पर विशेष जोर स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज और मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज़ मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने की भी सलाह दी गई है। स्वच्छ पेयजल का करें उपयोग बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण हैजा, टाइफाइड, दस्त और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने उबला हुआ या सुरक्षित पेयजल पीने, भोजन को ढककर रखने और हाथों की नियमित सफाई करने की सलाह दी है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें विशेषज्ञों के अनुसार तेज बुखार, शरीर में दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, अत्यधिक कमजोरी या प्लेटलेट्स में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को रखें विशेष सुरक्षित स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम हो सकती है, इसलिए संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। सामुदायिक जागरूकता पर जोर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों से नियमित फॉगिंग, सफाई अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया है। नागरिकों से भी अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और किसी भी संभावित संक्रमण की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई है। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ पेयजल, मच्छरों से बचाव और समय पर चिकित्सा जांच जैसी सरल सावधानियां अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आगे की राह स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम के दौरान जारी आधिकारिक स्वास्थ्य परामर्श का पालन करें, किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्रोत:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य एडवाइजरी और सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »