Surdas poems in praise of Krishna

सूरदास जयंती 2025: भक्ति और काव्य के सच्चे साधक को श्रद्धांजलि

संत सूरदास (Surdas Jayanti), भक्ति काल के प्रमुख कवि और भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त माने जाते हैं। उनकी जयंती हर वर्ष वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ सूरदास जयंती मनाई जाती है। इस विशेष अवसर पर देशभर के मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है, और भगवान श्रीकृष्ण (Shri Krishna) के महान भक्त संत सूरदास को श्रद्धांजलि दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण के सच्चे भक्तों को जीवन में सुख, सम्मान और प्रसिद्धि निश्चित रूप से प्राप्त होती है। सूरदास जी वैष्णव परंपरा के महान संत थे, जिन्होंने भक्ति, गीत और संगीत के माध्यम से श्रीकृष्ण की अनन्य भक्ति की। अपने जीवन में सूरदास जी ने कई भावपूर्ण रचनाएं कीं, जिनमें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास लीला और वात्सल्य भाव का सुंदर चित्रण है। आज भी उनके दोहे और पद लोगों के दिलों में बसे हैं और भक्ति संगीत में नियमित रूप से गाए जाते हैं। इस जयंती पर आइए जानते हैं सूरदास जयंती 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, बन रहे योग और उनके अमर दोहे जो आज भी हमारे जीवन को प्रकाश देते हैं। सूरदास का जीवन परिचय संत सूरदास का जन्म 15वीं शताब्दी के अंत में माना जाता है। उनका जन्मस्थान हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गांव या आगरा के पास स्थित रुनकता गांव में हुआ था। जन्म से ही दृष्टिहीन होने के बावजूद, सूरदास ने अपनी आध्यात्मिक दृष्टि से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत वर्णन किया। उन्होंने श्री वल्लभाचार्य से दीक्षा ली और पुष्टिमार्ग के अनुयायी बने।​ सूरदास जयंती 2025 (Surdas Jayanti 2052): तिथि और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि इस वर्ष 1 मई को सुबह 11:23 बजे शुरू होकर 2 मई को सुबह 9:13 बजे समाप्त होगी। ऐसे में सूरदास जयंती 2 मई 2025 को मनाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि 1 मई को विनायक चतुर्थी का पर्व भी रहेगा। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया सूरदास जयंती पर बन रहे शुभ योगज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस बार सूरदास जयंती के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसके अलावा रवि योग और दुर्लभ शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन तीनों योगों में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना विशेष फलदायक मानी जाती है। कहा जाता है कि इस दिन सूरदास जी के आराध्य श्रीकृष्ण (Shri Krishna) की पूजा करने से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।  सूरदास के प्रसिद्ध दोहे नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Surdas Jayanti #SurdasJayanti2025 #SurdasPoetry #BhaktiMovement #IndianSaints #DevotionalPoet #KrishnaBhakti #SantSurdas #HinduFestivals2025 #IndianLiterature #SpiritualLegends

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Sawan 2025 start date

हर-हर महादेव! जानिए कब से शुरू हो रहा है सावन 2025 का पावन महीना

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना (Sawan Month) भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह महीना भक्तों के लिए भक्ति, उपवास और पूजा का विशेष समय होता है। सावन में विशेष रूप से सोमवार  (Monday) और मंगलवार को व्रत रखे जाते हैं, जिन्हें क्रमशः सावन सोमवार व्रत और मंगला गौरी व्रत कहा जाता है।​ सावन 2025 (Sawan 2025) की शुरुआत और समाप्ति ज्योतिष गणनाओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा इस वर्ष 10 जुलाई को है। इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई से पवित्र सावन मास की शुरुआत होगी। इस महीने की पहली सावन सोमवारी का व्रत 14 जुलाई 2025 को रखा जाएगा। इसके बाद दूसरी सोमवारी 21 जुलाई, तीसरी सोमवारी 28 जुलाई और चौथी व अंतिम सोमवारी 4 अगस्त को होगी। वहीं, 9 अगस्त को सावन पूर्णिमा है, जिस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सावन सोमवार व्रत की तिथियां सावन 2025 (Sawan 2025) की शुभ शुरुआत वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार आषाढ़ पूर्णिमा गुरुवार, 10 जुलाई को पड़ेगी। इसके बाद, सावन मास (Sawan Month) की शुरुआत अगले दिन यानी 11 जुलाई से मानी जाएगी। यदि इसे आसान भाषा में समझें, तो इस साल सावन महीना 11 जुलाई 2025, शुक्रवार से आरंभ होगा। आषाढ़ पूर्णिमा की तारीख 11 जुलाई की रात 2 बजकर 6 मिनट से प्रारंभ होकर 12 जुलाई की रात 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। सनातन परंपरा में “उदयातिथि” को मान्यता दी जाती है, इसी कारण सावन की शुरुआत 11 जुलाई से होगी। सावन सोमवार व्रत 2025 की तिथियां मंगला गौरी व्रत की तिथियां इन व्रतों के दौरान महिलाएं विशेष पूजा करती हैं और देवी पार्वती (Devi Parvati) का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखती हैं। ​ इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व सावन महीने का महत्व सावन का महीना (Sawan Month) भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित होता है। सावन माह में शिव भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग (Shivling) की पूजा करते है। और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित करते हैं और शिव मंत्रों का जाप करते हैं। ऐसा माना जाता है कि सावन में की गई पूजा और व्रत से भगवान शिव (Lord Shiva) शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।​ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Sawan Month #Sawan2025 #ShravanMonth #SawanStartDate2025 #HarHarMahadev #LordShiva #SawanSomwar #SawanFestival #ShivaBhakti #HinduFestivals #SpiritualMonth

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