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महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद सामने आया है. इस बार मामला मुंबई के अंधेरी मेट्रो स्टेशन का है, जहां सिर्फ हिंदी में विज्ञापन लिखे जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया. उन्होंने स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी और नारेबाजी की. उनका कहना था कि मराठी को नजरअंदाज करना महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान है. पहले भी विवाद ये कोई पहली बार नहीं है जब भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. जुलाई में मीरा रोड पर एक मिठाई दुकानदार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने मराठी बोलने से इनकार किया था. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इनमें से तीन को नोटिस भी जारी किया गया. इसके बाद सैकड़ों MNS कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मराठी गौरव की रक्षा के लिए विरोध मार्च निकाला. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके. वीरार और पालघर में मारपीट भाषाई विवाद यहीं नहीं रुका. जुलाई 2025 में ही वीरार और पालघर में एक ऑटो-रिक्शा चालक को मराठी न बोलने पर पीटा गया. इस बार हमला शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने किया. वीडियो में देखा गया कि चालक ने कहा, “हिंदी या भोजपुरी बोलना मेरा हक है.” लेकिन ऐसा कहने पर उसे थप्पड़ मारे गए और सार्वजनिक माफी मांगने को मजबूर किया गया. महाराष्ट्र बैंक की शाखा में मारपीट लोनावाला के महाराष्ट्र बैंक की एक शाखा में भी ऐसा ही मामला सामने आया. वहां MNS कार्यकर्ताओं ने मैनेजर से मराठी में बात करने की मांग की. जब एक कर्मचारी ने हिंदी के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो उसे भी पीटा गया. इन घटनाओं से साफ है कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. मराठी को लेकर भावनाएं गहरी हैं लेकिन हिंसा और जबरदस्ती से समाधान नहीं निकलता. भाषा का सम्मान जरूरी है लेकिन साथ ही हर नागरिक को अपनी पसंद की भाषा बोलने का अधिकार भी मिलना चाहिए.

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कमाए 241 करोड़…प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, कहा- 98 करोड़ पार्टी को किए डोनेट

राज्य में चुनावी माहौल गरम है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. इसी बीच जन सुराज अभियान चला रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने अपनी पार्टी जनसुराज को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पिछले साल 2 अक्टूबर को उन्होंने जनसुराज को राजनीतिक पार्टी के रूप में लॉन्च किया था और अब बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. प्रशांत किशोर ने तोड़ी चुप्पी प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) पर कई नेता आरोप लगा रहे हैं कि वो बीजेपी के एजेंट हैं. साथ ही उनकी बड़ी टीम और प्रचार को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतना पैसा कहां से आ रहा है. अब प्रशांत किशोर ने इन सवालों पर चुप्पी तोड़ते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,आरोप पर पीके ने क्या कहा? पीके (Prashant Kishore) ने आगे कहा कि उन्होंने देश के कई नेताओं को राजनीतिक सलाह दी है और अब 2022 से वो इसके लिए फीस भी लेते हैं.प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने यह भी कहा कि उनके पास सरस्वती से पैसा आता है. उन्होंने कहा कि पहले वो फीस नहीं लेते थे लेकिन अब उन्होंने इसे प्रोफेशनल तरीके से करना शुरू किया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष पर निशाना बिहार में घूम-घूमकर जनसभाएं कर रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर निशाना साध रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि वो बीजेपी की B टीम की तरह काम कर रहे हैं जबकि प्रशांत का दावा है कि जनसुराज (Jan Suraaj) बिहार के लोगों को एक नया और साफ विकल्प देने की कोशिश कर रही है.

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दुर्गा पूजा में 'काबा-मदीना' की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने लाखों हिंदू समाज के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंडाल का उद्घाटन किया, तालियां बजाईं. वहीं उनके करीबी नेता मदन मित्रा मंच पर गाते हुए कहा कि मेरे दिल में काबा है और आँखों में मदीना है. मुद्दे की बातअब सवाल ये उठता है कि दुर्गा पूजा जैसे सनातन पर्व पर इस तरह के गीतों का क्या काम? क्या ये जानबूझकर सनातन भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं है? क्या ये एक सांस्कृतिक अतिक्रमण नहीं है जहां देवी दुर्गा की आराधना के बीच इस्लामी प्रतीकों की बात की जा रही है? वोट के लिए आस्था से खिलवाड़ममता बनर्जी का ये कदम कोई पहली बार नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन कर हिंदू परंपराओं को नजरअंदाज किया था. जबकि शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में कोई नया कार्य या उत्सव शुरू करना अशुभ माना जाता है लेकिन बंगाल की राजनीति में वोट बैंक की मजबूरी शायद आस्था से बड़ी हो गई है. सबसे बड़ी चिंता की बात तो ये है कि इस सबके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती है. न कोई बड़ा संत बोलता है, न कोई संगठन सड़कों पर उतरता है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग जरूर नाराजगी जताते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर विरोध न के बराबर है. पश्चिम बंगाल में सनातन धर्म ना के बराबरक्या बंगाल में सनातन धर्म अब सिर्फ एक मौन दर्शक बनकर रह गया है? क्या दुर्गा पूजा जैसे पर्व अब राजनीतिक मंच बनते जा रहे हैं जहां देवी की आराधना से ज़्यादा नेताओं की पीआर चलती है? इसे भी पढ़ें-अगर अब भी हम चुप रहे, तो आने वाले वर्षों में दुर्गा पूजा में देवी के स्थान पर कोई और प्रतीक खड़ा मिलेगा। ये समय है जागने का, बोलने का और अपनी आस्था की रक्षा करने का वरना इतिहास हमें माफ नहीं करेगा.

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संभल में सनसनी: शिक्षिका पर दिनदहाड़े एसिड अटैक

संभल में सनसनी: शिक्षिका पर दिनदहाड़े एसिड अटैक, आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश संभल जिले से एक खौफनाक वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। नखासा थाना क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही एक शिक्षिका पर स्कूटी सवार युवक ने तेजाब फेंक दिया। अचानक हुए इस हमले से शिक्षिका गंभीर रूप से झुलस गईं और अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही हैं। घटना का पूरा सिलसिला मिली जानकारी के अनुसार, नखासा थाना क्षेत्र के गांव शरीफपुर निवासी वसुदेव की पुत्री भावना एक निजी इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं। मंगलवार दोपहर रोज की तरह वह अपनी ड्यूटी पूरी कर ऑटो से सिंहपुरसानी तक पहुंचीं। यहां से उन्होंने पैदल अपने गांव की ओर जाना शुरू किया। जैसे ही वह रास्ते में स्थित तालाब के पास पहुंचीं, तभी सामने से तेज रफ्तार स्कूटी पर आए एक युवक ने बोतल में रखा तेजाब उन पर उड़ेल दिया। अचानक हुए इस हमले से शिक्षिका दर्द से चीख उठीं और मौके पर अफरातफरी मच गई। हमलावर तेजाब फेंकने के बाद स्कूटी दौड़ाकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने शिक्षिका की चीख सुनते ही दौड़कर उन्हें बचाया और तत्काल घर तक पहुंचाया। इलाज के लिए रेस्क्यू घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें संभल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, सीओ असमोली कुलदीप कुमार और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और वहां से तेजाब की खाली बोतल बरामद की। एसपी ने बताया कि इस मामले में अमरोहा जिले के तिगरी गांव निवासी निशु और दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। गांव में दहशत और आक्रोश दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए कलंक हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना के बाद गांव में दहशत के साथ-साथ आक्रोश का भी माहौल है। बढ़ रही हैं एसिड अटैक की घटनाएं? विशेषज्ञों का कहना है कि एसिड अटैक सिर्फ शरीर को ही नहीं बल्कि पीड़ित की जिंदगी और मानसिक स्थिति को भी बर्बाद कर देता है। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून और तेज कार्रवाई बेहद जरूरी है।

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पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन, रूस के उप-प्रधानमंत्री होंगे मुख्य अतिथि नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार, 25 सितंबर को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का आगाज़ होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चार दिन तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच बनने वाला है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव विशेष अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उनके साथ भारत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई प्राथमिकता और ताकत देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। वर्ल्ड फूड इंडिया का मुख्य मकसद भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। इसके जरिए न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन अभी भी प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि सरकार इस आयोजन को “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों से जोड़कर देख रही है। पिछले संस्करण की सफलता को देखते हुए इस बार और भी बड़े निवेश की उम्मीद की जा रही है। 2023 में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के दौरान करीब 33,000 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। इस बार लक्ष्य उससे भी आगे बढ़ने का है। इसके लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से निवेशक, उद्योगपति और कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रूस, जर्मनी, जापान, इटली और यूएई जैसे देशों की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। इन देशों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण में किसानों की आय बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक फूड हब बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सतत विकास और पोषण से जुड़े खाद्य विकल्पों पर भी खास फोकस रहेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 न सिर्फ भारत के लिए निवेश और तकनीक का अवसर है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का मौका भी है कि भारत खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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आजम खान की रिहाई अखिलेश यादव का बड़ा बयान

आजम खान की रिहाई: अखिलेश यादव का बड़ा बयान

आजम खान की रिहाई: अखिलेश यादव बोले– खुशी का दिन, सरकार आने पर मुकदमे होंगे निपटाए उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री आजम खान की हाल ही में रिहाई ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे “खुशी का दिन” करार दिया और कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में वापस आती है तो वे यह सुनिश्चित करेंगे कि आजम खान पर दर्ज अधिकांश मामले जल्द निपट जाएँ। अखिलेश यादव ने अपने बयान में सरकार की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि वर्तमान प्रशासन के दौरान कई मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हो पाई और सियासी दमन की कोशिशें की गईं। उनका यह बयान न केवल पार्टी समर्थकों के लिए उम्मीद जगाने वाला है, बल्कि राजनीतिक विरोधियों के लिए भी संदेश है कि आगामी समय में पार्टी अपने नेताओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए सख्ती से काम करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आजम खान की रिहाई और उसके बाद अखिलेश यादव के बयान आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। पार्टी समर्थक इसे न्याय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत मान रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे विवादास्पद करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आजम खान की रिहाई को लेकर चर्चा तेज है। लोग अपने विचार साझा कर रहे हैं, किसी का रुख स्वागतयोग्य है तो किसी का आलोचनात्मक। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर को और भी जटिल बना दिया है, और आने वाले महीनों में इसके परिणामों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अखिलेश यादव का यह बयान स्पष्ट करता है कि पार्टी अपनी नीतियों और नेताओं के मामलों में सक्रिय और सख्त रवैया अपनाने के लिए तैयार है, और आगामी समय में न्यायिक प्रक्रियाओं और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर कई निर्णय लिए जा सकते हैं।

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राकेश टिकैत ने सरकार को घेरा

फर्रुखाबाद में किसानों की महापंचायत, राकेश टिकैत ने सरकार को घेरा फर्रुखाबाद। जिले में रविवार को आयोजित किसान महापंचायत में किसानों और मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ी। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शिरकत की और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी महापंचायत की विशेष बात यह रही कि इसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई महिलाओं ने मंच से अपनी परेशानियाँ रखीं और कृषि व घरेलू स्तर पर सामने आ रही दिक्कतों को साझा किया। टिकैत का सरकार पर हमला राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार सिर्फ जीएसटी की बात करती है, लेकिन अब तक किसी भी वस्तु की कीमत कम नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और समाज को आपस में लड़वाने का काम कर रही है। मेरठ घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक जाति के लोगों को आपस में भड़काकर टकराव की स्थिति बनाई गई। बाढ़ और खेती की समस्या गंगा किनारे रहने वाले किसानों की समस्या पर टिकैत ने कहा कि हर साल बाढ़ से किसान तबाह हो जाते हैं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि गंगा किनारे बंधा बनाया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बंधा नहीं बना तो किसान धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। जमीन महंगी, फसल सस्ती – कहां का न्याय? किसानों की आर्थिक हालत पर बात करते हुए टिकैत ने कहा कि आज जमीनें महंगी हो गई हैं लेकिन किसानों की फसलों का दाम बेहद कम मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह किस तरह का न्याय है कि मेहनत करने वाले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण पर आपत्ति महापंचायत में किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे का भी मुद्दा उठाया। किसानों ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के लिए उनकी जमीनें औने-पौने दाम पर अधिग्रहित की जा रही हैं, जबकि बाजार दर कहीं अधिक है। किसानों का ऐलान महापंचायत में तय हुआ कि यदि किसानों की मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। टिकैत ने कहा कि किसान और मजदूर एकजुट रहेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान लेकर रहेंगे।

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नवरात्रि के पहले दिन PM मोदी ने GST पर दिया खास संदेश

नवरात्रि के पहले दिन PM मोदी ने GST पर दिया खास संदेश

आत्मनिर्भर भारत का बनें हिस्सा… नवरात्रि के पहले दिन PM मोदी ने GST पर दिया खास संदेश नई दिल्ली, 22 सितंबर 2025 — नवरात्रि के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘GST बचत उत्सव’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि आर्थिक रूप से भी देशवासियों को नई ऊर्जा देने वाला अवसर बनेगा। अपने संदेश में पीएम मोदी ने अगले दौर के GST सुधारों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब देश की कर व्यवस्था और सरल हो रही है। पुराने चार स्लैब की जगह अब मुख्य रूप से दो टैक्स दरें लागू होंगी, जिससे रोजमर्रा की ज़रूरतों की वस्तुएँ सस्ती होंगी और आम आदमी की जेब पर बोझ घटेगा। मोदी ने इस अवसर पर जनता से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मज़बूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खरीदारी के समय जब लोग देश में बने सामानों को प्राथमिकता देंगे, तभी भारत की अर्थव्यवस्था में वास्तविक आत्मनिर्भरता आएगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह सुधार गरीबों, मध्यम वर्ग, युवाओं, महिलाओं, किसानों, व्यापारियों और छोटे-मझोले उद्योगों (MSMEs) के लिए विशेष लाभकारी होंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि कर ढाँचे की जटिलता कम होने से कारोबार करना आसान होगा और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। नवरात्रि जैसे बड़े त्योहार के मौके पर सरकार का यह कदम सीधे तौर पर जनता के जीवन से जुड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि बाजार में खपत बढ़ने से आर्थिक गति भी तेज होगी।

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नवरात्रि 2025 भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

नवरात्रि 2025 : भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

आज से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। सुबह से ही देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देवी मां की जयकारों से वातावरण गूंज उठा और जगह-जगह कलश स्थापना, दुर्गा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वे हिमालय की पुत्री हैं और शक्ति के आरंभिक स्वरूप के रूप में पूजित होती हैं। शुभ मुहूर्त में भक्तों ने घरों और मंदिरों में घटस्थापना की, वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालु उपवास और पूजा-अर्चना में लीन रहे। इस दिन का रंग सफेद माना गया है, जो निर्मलता और शांति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व श्रद्धा, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने आशा जताई कि यह नवरात्रि देश को नई शक्ति और उमंग प्रदान करेगी। खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि का आगाज जीएसटी सुधारों की घोषणा के साथ हुआ है। केंद्र सरकार ने “जीएसटी बचत उत्सव” की शुरुआत की है, जिससे आम जनता को रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों पर राहत मिलने की उम्मीद है। भक्ति और उत्साह के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपवास रखने वालों के लिए सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, स्मूदी और मौसमी फलों के रस जैसे पेय पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और डिहाइड्रेशन की समस्या न हो। कई जगह पर “सात्विक आहार” के मेले और स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि व्रतधारी आसानी से उपयुक्त भोजन पा सकें। सोशल मीडिया पर नवरात्रि का क्रेज भी चरम पर है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर गारबा और डांडिया की रिहर्सल के वीडियो वायरल हो रहे हैं। गूगल जेमिनी एआई से बने पारंपरिक परिधानों और नवरात्रि-थीम वाले सेल्फी ट्रेंड में हैं। युवा पीढ़ी उत्सव को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ रही है। वहीं, ज्योतिषाचार्यों और धार्मिक आचार्यों ने नौ दिनों के अनुष्ठान, देवी के स्वरूपों और उनसे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी साझा की है। विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतज़ाम किए हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर गारबा और डांडिया महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के मैहर में नवरात्रि के दौरान मांसाहार और शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख देवी स्थलों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। नवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व भक्ति, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। लोगों की आस्था है कि मां दुर्गा की उपासना से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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भारी बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे सतर्क रहने की सलाह

भारी बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली, 20 सितम्बर 2025 – राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के कई हिस्सों में तेज़ से बहुत तेज़ बारिश हो सकती है। बारिश से राहत तो मिलेगी, लेकिन साथ ही जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती जैसी समस्याएँ भी बढ़ सकती हैं। कई निचले इलाकों में पहले से ही हल्का जलभराव शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन की तैयारियाँ दिल्ली नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। निचले इलाकों में पंपिंग मशीनें तैनात की जा रही हैं ताकि बारिश के पानी को जल्द निकाला जा सके। अस्पतालों और बिजली विभाग को भी बैकअप व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर से पहले ट्रेन और फ्लाइट की स्थिति की जानकारी ज़रूर लें। भारी बारिश के कारण शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। लोगों की स्थिति सड़क पर निकलने वाले आम लोगों के लिए यह बारिश राहत और मुसीबत दोनों लेकर आई है। गर्मी और उमस से परेशान लोग झमाझम बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका उन्हें चिंतित कर रही है। कई इलाकों के लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। विशेषज्ञों की राय मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के टकराने से यह बारिश हो रही है। अगले कुछ दिनों तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा। तापमान में गिरावट होगी और मौसम सुहाना बनेगा, लेकिन लगातार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। क्या करना है ज़रूरी? मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खुले स्थान पर वाहन पार्क न करें और बिजली के खंभों व पेड़ों के पास खड़े होने से बचें।

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