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उत्तर प्रदेश में आज UPSSSC PET 2026 की परीक्षा, 35.41 लाख उम्मीदवारों ने किया रजिस्ट्रेशन; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 का पहला चरण आज आयोजित हो रहा है। इस बार परीक्षा के लिए करीब 35.41 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, इसलिए “करीब 33 लाख” वाला आंकड़ा सही नहीं है। परीक्षा 25 अक्टूबर के अलावा 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को भी दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र UPSSSC PET 2026 के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में करीब 5.90 लाख उम्मीदवारों के बैठने की व्यवस्था की गई है। दो पालियों में हो रही परीक्षा परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग समय के अनुसार केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा से पहले सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कैमरे लगाए गए हैं और उनकी लाइव निगरानी UPSSSC के कमांड कंट्रोल रूम से की जा रही है। सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। रेलवे और बसों की अतिरिक्त व्यवस्था उम्मीदवारों की भारी संख्या को देखते हुए रेलवे और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम से अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाने के लिए समन्वय किया गया है। प्रयागराज समेत कई बड़े परीक्षा शहरों में विशेष यातायात और भीड़ प्रबंधन योजना लागू की गई है। नौ जिलों में हर पाली में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार आगरा, अलीगढ़, झांसी, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसे जिलों में प्रत्येक पाली में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा देंगे। इन जिलों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले साल से करीब 10 लाख ज्यादा आवेदन UPSSSC PET 2025 के मुकाबले इस बार उम्मीदवारों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल करीब 25.3 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 35.42 लाख हो गई है। PET क्यों है जरूरी? UPSSSC PET उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न ग्रुप-C पदों की भर्ती के लिए प्रारंभिक पात्रता परीक्षा है। PET स्कोर के आधार पर उम्मीदवार आगे अलग-अलग मुख्य भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के पात्र बनते हैं। जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में 5,734 सरकारी पदों पर भर्ती का ऐलान, छह विभागों में होगी नियुक्ति; 1 फरवरी से परीक्षा प्रक्रिया शुरू

गुवाहाटी, 25 अक्टूबर 2026: असम सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी भर्ती की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य के छह सरकारी विभागों में कुल 5,734 पदों पर भर्ती की जाएगी। भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी और उम्मीदवारों को तैयारी के लिए करीब तीन महीने का समय मिलेगा। किन विभागों में कितने पद? इस भर्ती अभियान में सबसे ज्यादा पद असम पुलिस में हैं। विभागवार रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है: कुल मिलाकर 5,734 पदों पर भर्ती की जाएगी। 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि भर्ती प्रक्रिया 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। उन्होंने युवाओं से अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की और कहा कि अभ्यर्थियों के पास पर्याप्त समय है। सबसे ज्यादा भर्ती पुलिस विभाग में कुल पदों में से 2,236 रिक्तियां असम पुलिस में हैं, जबकि वन विभाग में 1,307 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा होमगार्ड, फायर सर्विस, जेल विभाग और पुलिस रेडियो संगठन में भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां होंगी। आवेदन और योग्यता की जानकारी बाद में अभी विभागवार पदों की संख्या और भर्ती शुरू होने की तारीख घोषित की गई है। आवेदन की तारीख, शैक्षणिक योग्यता, उम्र सीमा, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों की आधिकारिक अधिसूचना में जारी की जाएगी। पुलिस और वन विभाग में शारीरिक परीक्षा भी संभव पुलिस, वन विभाग, होमगार्ड और फायर सर्विस से जुड़े पदों में लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य चयन चरण भी हो सकते हैं। उम्मीदवारों को अंतिम पात्रता और चयन प्रक्रिया के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करना होगा। युवाओं के लिए बड़ा सरकारी नौकरी अवसर 5,734 पदों की यह भर्ती असम में हाल के बड़े सरकारी रोजगार अभियानों में से एक मानी जा रही है। राज्य सरकार ने उम्मीदवारों से कहा है कि वे तीन महीने की तैयारी अवधि का पूरा उपयोग करें और परीक्षा के लिए अभी से रणनीति बनाएं। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर प्रदेश में 17,735 टीजीटी पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू; ओटीआर अनिवार्य

प्रयागराज, 24 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक सहायक अध्यापक (TGT) के 17,735 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन आज, 24 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गए हैं। आवेदन से पहले ओटीआर करना जरूरी इस भर्ती के लिए आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य किया है। यानी उम्मीदवार सीधे आवेदन फॉर्म नहीं भर सकेंगे। पहले उन्हें आयोग के पोर्टल पर ओटीआर प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसके बाद ही टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 17,735 पदों पर होगी भर्ती कुल 17,735 पदों में 16,193 पद बालक विद्यालयों और 1,542 पद बालिका विद्यालयों के लिए बताए गए हैं। भर्ती अलग-अलग विषयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों के लिए की जा रही है। आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें भर्ती का विज्ञापन 23 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन 24 अक्टूबर से शुरू हुए हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 23 नवंबर 2026 तय की गई है, जबकि आवेदन फॉर्म में सुधार 26 नवंबर 2026 तक किया जा सकेगा। दिसंबर में होगी टीजीटी परीक्षा UPESSC ने परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी है। टीजीटी भर्ती की लिखित परीक्षा 23 और 24 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए करीब दो महीने का समय रहेगा। 120 सवालों की होगी परीक्षा भर्ती परीक्षा 360 अंकों की होगी और इसमें कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान से और 90 प्रश्न संबंधित विषय से होंगे। कितना मिलेगा वेतन? चयनित उम्मीदवारों को लेवल-7 के तहत लगभग ₹44,900 से ₹1,42,400 तक का वेतनमान मिलेगा। विषयवार योग्यता और आरक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है। कहां से करें आवेदन? योग्य उम्मीदवार UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ओटीआर और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि फॉर्म भरने से पहले पात्रता, शैक्षिक योग्यता और विषयवार रिक्तियों से जुड़ी पूरी अधिसूचना जरूर पढ़ें। जय राष्ट्र न्यूज़

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Leh में 2027-28 से शुरू होगा Ladakh का पहला Government Medical College, 103 पदों पर phased recruitment को मंजूरी

लेह, 22 अक्टूबर 2026: Ladakh के लिए बड़ा education और healthcare development सामने आया है। Leh में Union Territory का पहला Government Medical College (GMC) academic session 2027-28 से शुरू करने की तैयारी है। Union Health Ministry ने college को operationalise करने के साथ faculty और support staff की recruitment पहले शुरू करने के लिए one-time relaxation मंजूर कर दी है। 103 regular posts पर होगी भर्ती सरकार ने college के लिए 103 regular posts sanction किए हैं। इन पदों को academic requirements के अनुसार phased manner में भरा जाएगा। भर्ती approved recruitment rules के तहत होगी। 80% infrastructure rule में मिली छूट आमतौर पर faculty recruitment शुरू करने से पहले लगभग 80% infrastructure complete होना जरूरी था। लेकिन Ladakh के कठिन terrain और project timeline को देखते हुए Centre ने इस condition में one-time relaxation दी है, ताकि construction के साथ-साथ staffing भी आगे बढ़ सके। शुरुआत temporary campus से Permanent campus Stipuk Pharka में तैयार किया जा रहा है। तब तक दो newly constructed buildings को interim academic block और students’ hostel के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है। Clinical training कहां होगी? पहले batch के MBBS students की clinical training Leh के 200-bed Sonam Norboo Memorial (SNM) Hospital में कराने की योजना है। Hospital में करीब 60 experienced doctors मौजूद हैं। Admissions अभी शुरू नहीं हुए यह ध्यान रखना जरूरी है कि 2027-28 से college शुरू करने की मंजूरी मिल गई है, लेकिन MBBS seat intake, NMC approval, fees, counselling process और admission eligibility की final details अभी officially घोषित नहीं हुई हैं। Students को NMC, NTA और Ladakh Administration की notifications का इंतजार करना होगा। Ladakh के students को मिलेगा बड़ा फायदा अब तक medical education के लिए Ladakh के students को largely दूसरे राज्यों या UTs पर निर्भर रहना पड़ता था। नया GMC local students के लिए MBBS opportunities बढ़ाने के साथ region में doctors और healthcare infrastructure की availability भी मजबूत कर सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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AI निवेश में तेजी से बदल सकती है वैश्विक ब्याज दरों की नीति, लंबे समय तक ऊंची दरें रखने पर विचार कर रहे केंद्रीय बैंक

बैंकॉक, 17 अक्टूबर 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे निवेश ने केंद्रीय बैंकों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर चिप्स, बिजली आपूर्ति और कंप्यूटिंग क्षमता पर बड़े पैमाने पर हो रहे खर्च से मांग बढ़ रही है। इससे महंगाई का दबाव बने रहने की आशंका है। ऐसे में कई केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने या जरूरत पड़ने पर मौद्रिक नीति को और सख्त करने पर विचार कर सकते हैं। AI बूम से क्यों बढ़ रही पूंजी की मांग? AI कंपनियों और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, पावर ग्रिड और कूलिंग सिस्टम विकसित करने के लिए भारी निवेश की जरूरत है। इस वजह से कर्ज और पूंजी की मांग बढ़ रही है। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, AI से उत्पादकता में होने वाला बड़ा सुधार भविष्य में दिखाई दे सकता है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से खर्च बढ़ने का असर मांग और कीमतों पर पहले पड़ सकता है। यदि उत्पादन क्षमता उसी गति से नहीं बढ़ती, तो महंगाई का दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है। केंद्रीय बैंकों की चिंता क्या है? अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की बैठकों के दौरान मौद्रिक नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा में AI निवेश के आर्थिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, यदि वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं बढ़ती, तो कीमतों और वेतन पर ऊपर की ओर दबाव बना रह सकता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। उन्हें महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना होगा। ECB, Bank of England और BOJ पर भी नजर Reuters के अनुसार, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB), बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान (BOJ) की मौद्रिक नीतियां भी वैश्विक बाजारों के लिए अहम हैं। इन केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर संबंधी फैसलों और आगे की नीति के संकेतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। AI निवेश के अलावा रक्षा क्षेत्र, ऊर्जा परिवर्तन और औद्योगिक नीतियों से जुड़े खर्च भी वैश्विक स्तर पर पूंजी की मांग को ऊंचा रख सकते हैं। इन सभी कारकों का असर ब्याज दरों और वित्तीय परिस्थितियों पर पड़ सकता है। क्या बढ़ सकता है ‘न्यूट्रल इंटरेस्ट रेट’? अर्थशास्त्री इस संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में न्यूट्रल इंटरेस्ट रेट का स्तर संरचनात्मक रूप से बढ़ सकता है। यह वह अनुमानित ब्याज दर है, जिस पर मौद्रिक नीति न तो अर्थव्यवस्था को विशेष रूप से प्रोत्साहित करती है और न ही उस पर खास दबाव डालती है। यदि निवेश, सरकारी खर्च और पूंजी की मांग लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो न्यूट्रल दर भी ऊपर जा सकती है। ऐसी स्थिति में महामारी से पहले के दौर जैसी बेहद सस्ती पूंजी और कम ब्याज दरों की वापसी कठिन हो सकती है। हालांकि, न्यूट्रल दर का वास्तविक स्तर सीधे दिखाई नहीं देता और इसका आकलन आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। AI निवेश में गिरावट से भी बढ़ सकता है जोखिम AI बूम का असर केवल महंगाई और ब्याज दरों तक सीमित नहीं है। यदि कंपनियों को AI में किए गए भारी निवेश से अपेक्षित लाभ नहीं मिलता या AI कंपनियों के मूल्यांकन में तेज गिरावट आती है, तो वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। IMF ने भी AI निवेश में संभावित कमजोरी और बाजार में तेज गिरावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर जोखिमों की ओर ध्यान दिलाया है। इस तरह AI निवेश में तेजी और अचानक गिरावट, दोनों ही परिस्थितियां केंद्रीय बैंकों के लिए नीतिगत चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। कंपनियों, सरकारों और कर्जदारों पर क्या होगा असर? यदि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो कंपनियों और सरकारों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है। खासकर अधिक कर्ज वाली अर्थव्यवस्थाओं और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े ऋण लेने वाली कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, ऊंची ब्याज दरें महंगाई को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। केंद्रीय बैंकों के सामने चुनौती यह होगी कि वे बढ़ते निवेश से मिलने वाले संभावित उत्पादकता लाभ और उससे पैदा होने वाले महंगाई संबंधी जोखिमों का आकलन करते हुए उचित नीति तय करें। AI का बढ़ता निवेश अब केवल तकनीकी क्षेत्र की कहानी नहीं रह गया है। इसका प्रभाव वैश्विक पूंजी प्रवाह, महंगाई, बाजार और आने वाले वर्षों की मौद्रिक नीति पर भी पड़ सकता है। स्रोत: Reuters, IMF जय राष्ट्र न्यूज़

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AIBE XXII 2026 का Syllabus जारी, 19 Subjects से आएंगे 100 सवाल; Constitutional Law, CPC और Criminal Procedure को सबसे ज्यादा Weightage

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: Bar Council of India (BCI) ने All India Bar Examination (AIBE) XXII 2026 का आधिकारिक सिलेबस जारी कर दिया है। परीक्षा में 19 कानूनी विषयों से कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। विषयवार वितरण के अनुसार, Constitutional Law, Criminal Procedure और Code of Civil Procedure (CPC) को सबसे अधिक वेटेज दिया गया है। इन तीनों विषयों से 10-10 प्रश्न पूछे जाएंगे। AIBE XXII 2026 की परीक्षा कब होगी? AIBE XXII 2026 की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर परीक्षा का शेड्यूल, सिलेबस और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश देख सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से जुड़ी तारीखों और नियमों की पुष्टि आधिकारिक सूचना से करें। किन Subjects से सबसे ज्यादा सवाल आएंगे? जारी विषयवार वितरण के मुताबिक, प्रमुख विषयों से प्रश्नों की संख्या इस प्रकार है: इन विषयों के प्रश्नों की संख्या को देखते हुए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी में इनके लिए पर्याप्त समय निर्धारित करना चाहिए। बाकी Subjects का कितना Weightage है? अन्य विषयों का वेटेज इस प्रकार बताया गया है: उम्मीदवारों को सभी निर्धारित विषयों की तैयारी करनी चाहिए, ताकि कम वेटेज वाले विषयों से आने वाले प्रश्न भी छूट न जाएं। कुल 100 Questions और 100 Marks का होगा Paper AIBE XXII में कुल 100 प्रश्नों के लिए 100 अंक निर्धारित हैं। उपलब्ध परीक्षा पैटर्न के अनुसार, पेपर बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगा और उम्मीदवारों को इसे हल करने के लिए 3 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा की तैयारी करते समय अभ्यर्थियों को सिलेबस के साथ आधिकारिक परीक्षा निर्देशों को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए। Registration की Last Date 27 अक्टूबर AIBE XXII 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर 2026 बताई गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और आवेदन से संबंधित विवरण आधिकारिक पोर्टल पर जांच लें। तैयारी में किन Subjects को दें Priority? विषयवार वेटेज के अनुसार, Constitutional Law, CPC और Criminal Procedure से कुल 30 प्रश्न निर्धारित हैं। इसके बाद BNS/IPC, Evidence Law, Family Law और Contract से जुड़े विषयों पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा। हालांकि, केवल अधिक वेटेज वाले विषयों पर निर्भर रहना उचित नहीं होगा। उम्मीदवारों को सभी 19 विषयों का व्यवस्थित रिवीजन करना चाहिए और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी तैयारी का आकलन करना चाहिए। स्रोत: Bar Council of India, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत में Forward Deployed Engineer की नौकरियों में 1,807% उछाल, AI बूम से बढ़ी मांग; ₹9–16 लाख तक सालाना सैलरी

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच Forward Deployed Engineer (FDE) की नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। Indeed के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 से जून 2026 के बीच इन पदों के लिए जॉब पोस्टिंग में सालाना आधार पर 1,807% की वृद्धि दर्ज की गई। यह करीब 19 गुना बढ़ोतरी के बराबर है। इस तेजी के पीछे कंपनियों की ऐसी तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत को अहम माना जा रहा है, जो AI और सॉफ्टवेयर को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें ग्राहकों की वास्तविक कारोबारी समस्याओं के समाधान के लिए लागू भी कर सकें। क्या होता है Forward Deployed Engineer? Forward Deployed Engineer ऐसा तकनीकी विशेषज्ञ होता है, जो सॉफ्टवेयर या AI सिस्टम विकसित करने के अलावा सीधे ग्राहकों के साथ काम करता है। उसका उद्देश्य ग्राहक की जरूरतों को समझना और तकनीक की मदद से व्यावहारिक समाधान तैयार करना होता है। इस भूमिका में प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर डिप्लॉयमेंट, समस्या समाधान और डेटा की समझ के साथ प्रभावी संवाद कौशल भी जरूरी होते हैं। FDE को तकनीकी टीम और ग्राहक के बीच समन्वय स्थापित करना पड़ सकता है, ताकि विकसित किया गया समाधान वास्तविक कारोबारी जरूरतों के अनुरूप हो। जून 2026 में दर्ज हुई सबसे तेज वृद्धि Indeed के आंकड़ों के अनुसार, FDE पदों की जॉब पोस्टिंग में मार्च 2026 से तेजी आई और जून में सालाना वृद्धि 1,807% तक पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2026 में पोस्टिंग पिछले साल की तुलना में करीब 16 गुना और अगस्त में छह गुना से अधिक स्तर पर बनी रहीं। ये आंकड़े इस भूमिका के प्रति कंपनियों की बढ़ती रुचि का संकेत देते हैं। हालांकि, जॉब पोस्टिंग में वृद्धि को वास्तविक नियुक्तियों या कुल रोजगार में समान अनुपात की बढ़ोतरी नहीं माना जाना चाहिए। कितनी मिल सकती है सैलरी? Glassdoor India के जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, Forward Deployed Engineer की औसत बेस सैलरी लगभग ₹12 लाख सालाना बताई गई है। रिपोर्ट की गई सैलरी रेंज करीब ₹9 लाख से ₹16 लाख प्रति वर्ष है। वास्तविक वेतन उम्मीदवार के अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता, कंपनी, शहर और जिम्मेदारियों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसके अलावा, बेस सैलरी और बोनस, स्टॉक या अन्य लाभों सहित कुल पैकेज में भी अंतर होता है। बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में अवसर बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे प्रमुख तकनीकी केंद्रों में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और सॉफ्टवेयर से जुड़े पदों के अवसर मौजूद हैं। FDE की भूमिका में भी इन क्षेत्रों का ज्ञान रखने वाले पेशेवरों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, उम्मीदवारों को केवल शहर या पदनाम के आधार पर अवसरों का आकलन करने के बजाय संबंधित कंपनियों की वास्तविक रिक्तियों, आवश्यक अनुभव और तकनीकी योग्यताओं की जांच करनी चाहिए। AI कंपनियों को क्यों चाहिए FDE? कई कंपनियों के लिए AI मॉडल तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत होती है, जो AI आधारित समाधान को ग्राहक के मौजूदा सिस्टम में जोड़ सकें, उसकी उपयोगिता जांच सकें और लागू करने के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को दूर कर सकें। FDE इसी जरूरत को पूरा करने वाली भूमिका है। इसमें तकनीकी विकास के साथ कारोबारी प्रक्रियाओं की समझ, ग्राहकों से संवाद और तेजी से समाधान लागू करने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए कौन-सी स्किल्स जरूरी हैं? FDE की भूमिका में प्रवेश करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए कुछ प्रमुख कौशल उपयोगी हो सकते हैं: केवल सैद्धांतिक जानकारी के बजाय वास्तविक प्रोजेक्ट पर काम करने का अनुभव भी इस भूमिका के लिए उपयोगी हो सकता है। AI बूम के बीच उभरता करियर विकल्प FDE जॉब पोस्टिंग में दर्ज तेज वृद्धि बताती है कि कंपनियों की जरूरत केवल AI तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है। वे ऐसे पेशेवरों की भी तलाश कर रही हैं, जो तकनीक को व्यावसायिक परिणामों में बदल सकें। हालांकि, इस क्षेत्र में करियर चुनने से पहले उम्मीदवारों को उपलब्ध रिक्तियों, अपेक्षित कौशल, अनुभव और वेतन संबंधी शर्तों की तुलना करनी चाहिए। जॉब पोस्टिंग के आंकड़े बढ़ती मांग का संकेत देते हैं, लेकिन वे भविष्य में रोजगार या वेतन की गारंटी नहीं देते। Source: Indeed / The Indian Express / IANS / Glassdoor India / India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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IIT Kharagpur ने लॉन्च किया Free AI Tutor, GATE-JAM की तैयारी भी होगी मुफ्त; 13 करोड़ से ज्यादा Learning Resources का Access

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026: IIT Kharagpur ने छात्रों के लिए NDLI-FERMI AI Tutor और Free Online GATE-JAM Preparation Platform लॉन्च किया है। इन दोनों पहलों का उद्देश्य छात्रों को बिना महंगी कोचिंग के personalised learning support और competitive exams की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण resources उपलब्ध कराना है। National Digital Library of India (NDLI) पर मौजूद 13 करोड़ से ज्यादा digital learning resources का भी छात्रों को फायदा मिलेगा। NDLI-FERMI AI Tutor से मिलेगी Personalised Learning IIT Kharagpur ने Fermi AI के सहयोग से NDLI-FERMI AI Tutor तैयार किया है। यह सामान्य AI tools की तरह केवल सीधे जवाब देने के बजाय students को hints, guided questions और explanations के जरिए खुद problem solve करने के लिए प्रेरित करता है। यह सुविधा registered NDLI users के लिए मुफ्त उपलब्ध है। ‘Scan & Ask’ से सवाल की फोटो डालकर ले सकेंगे मदद AI Tutor में ‘Scan & Ask’ फीचर दिया गया है। इसके जरिए छात्र Physics, Chemistry, Mathematics और Biology से जुड़े सवाल या अपनी attempted solution upload करके AI से guidance ले सकते हैं। Tool गलतियों की पहचान करने, concepts को बेहतर समझने और problem-solving skills विकसित करने में मदद करेगा। GATE और JAM की तैयारी के लिए Free Online Platform इसके साथ IIT Kharagpur ने GATE और JAM aspirants के लिए अलग free online preparation platform भी शुरू किया है। इसमें syllabus mapping, NPTEL और SWAYAM lectures तथा academic notes जैसे resources उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका खास फोकस उन छात्रों पर है जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं या महंगी coaching afford नहीं कर सकते। NDLI पर 13 करोड़ से ज्यादा Learning Resources Ministry of Education द्वारा समर्थित National Digital Library of India के एक करोड़ से ज्यादा learners हैं और platform पर 130 million यानी 13 करोड़ से अधिक learning resources उपलब्ध हैं। नई AI-based initiative के जरिए IIT Kharagpur इस बड़े digital education ecosystem को personalised learning के साथ जोड़ रहा है। Platinum Jubilee के मौके पर हुई शुरुआत इन initiatives को 12 अक्टूबर 2026 को IIT Kharagpur के Research Park, Rajarhat, Kolkata में Union Minister of State for Education Sukanta Majumdar ने लॉन्च किया। यह कार्यक्रम IIT Kharagpur की Platinum Jubilee celebrations का हिस्सा था। source – IIT Kharagpur, NDLI जय राष्ट्र न्यूज़

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US Green Card Suspension पर TCS का बड़ा बयान, Hiring Strategy पर असर नहीं; 15,000 अमेरिकी नौकरियों के लक्ष्य पर कायम

नई दिल्ली: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अमेरिका में Permanent Labor Certification यानी PERM कार्यक्रम से अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इससे उसकी वर्कफोर्स रणनीति और ग्राहकों के साथ चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15,000 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती के अपने लक्ष्य पर कायम है। US ने TCS समेत कई टेक कंपनियों पर लगाई रोक अमेरिकी प्रशासन ने TCS समेत कई बड़ी टेक्नोलॉजी और IT सर्विसेज कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस सूची में Infosys, Wipro, HCLTech, Cognizant, Capgemini, Microsoft और Adobe जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इस कार्रवाई से संबंधित कंपनियों की नई और कुछ लंबित PERM अर्जियों की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसका असर विशेष रूप से उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के जरिए अमेरिका में स्थायी निवास पाने की प्रक्रिया में हैं। क्या है PERM कार्यक्रम? PERM यानी Permanent Labor Certification, अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। इसके तहत नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित पद के लिए पर्याप्त योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं और विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन तथा कामकाजी परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। PERM प्रक्रिया में रुकावट आने से उन विदेशी कर्मचारियों के स्थायी निवास की योजनाओं में देरी हो सकती है, जिनके मामले इस प्रक्रिया पर निर्भर हैं। TCS ने कहा—वर्कफोर्स रणनीति नहीं बदलेगी TCS का कहना है कि PERM कार्यक्रम से निलंबन के बावजूद उसकी अमेरिकी वर्कफोर्स रणनीति में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होगी। कंपनी के मुताबिक, उसका भर्ती मॉडल स्थानीय प्रतिभाओं और विश्वविद्यालयों से कैंपस भर्ती पर भी आधारित है। ऐसे में PERM कार्यक्रम पर उसकी निर्भरता सीमित रहने के कारण इस फैसले का तत्काल परिचालन प्रभाव कम रहने की उम्मीद है। पिछले दो वर्षों में PERM आवेदन बेहद कम TCS ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उसने PERM प्रक्रिया के तहत बहुत कम आवेदन दाखिल किए थे। कंपनी का मानना है कि इसी वजह से मौजूदा निलंबन का उसके दैनिक कामकाज पर सीमित असर पड़ेगा। हालांकि, इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों के व्यक्तिगत इमिग्रेशन मामलों में देरी या अनिश्चितता बनी रह सकती है। अमेरिका में 15,000 नौकरियों का लक्ष्य बरकरार TCS ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15,000 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने की अपनी योजना दोहराई है। कंपनी स्थानीय प्रतिभाओं, विश्वविद्यालयों और अन्य भर्ती माध्यमों के जरिए अमेरिकी वर्कफोर्स का विस्तार करने पर जोर दे रही है। यह लक्ष्य कंपनी की अमेरिकी बाजार में दीर्घकालिक मौजूदगी और स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को नियुक्त करने की रणनीति का हिस्सा है। Client projects पर भी असर की उम्मीद नहीं TCS ने कहा है कि PERM निलंबन से उसके मौजूदा ग्राहक प्रोजेक्ट्स और सेवाओं पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करेगी। फिलहाल कंपनी अपने परिचालन और ग्राहक सेवाओं को सामान्य रूप से जारी रखने को लेकर आश्वस्त है। भारतीय IT कंपनियों पर क्या हो सकता है असर? PERM निलंबन का प्रभाव कंपनियों के दैनिक कामकाज की तुलना में उन कर्मचारियों पर अधिक पड़ सकता है, जो रोजगार आधारित स्थायी निवास की प्रक्रिया में हैं। ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में देरी होने से कुछ कुशल विदेशी कर्मचारियों के दीर्घकालिक इमिग्रेशन प्लान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर प्रत्येक कर्मचारी की मौजूदा स्थिति और उसके आवेदन के चरण पर निर्भर करेगा। अमेरिकी सरकार ने क्यों की कार्रवाई? रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग और अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों की भर्ती को प्राथमिकता देने और वेतन पर दबाव डालने से जुड़े आरोप लगाए हैं। PERM कार्यक्रम पर निलंबन इसी व्यापक इमिग्रेशन नीति से जुड़ा कदम बताया जा रहा है। H-1B और PERM में क्या है अंतर? PERM पर रोक का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित कंपनियों में काम कर रहे सभी H-1B वीजा धारकों की नौकरियां तुरंत प्रभावित हो जाएंगी। H-1B एक अस्थायी रोजगार वीजा है, जबकि PERM रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक चरण है। हालांकि, स्थायी निवास के लिए PERM प्रक्रिया पर निर्भर कर्मचारियों को देरी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है। TCS के तिमाही नतीजे भी मजबूत इसी बीच TCS ने सितंबर तिमाही के मजबूत वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व लगभग 11.8 प्रतिशत बढ़कर 74,525 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को उसके कारोबार की स्थिति के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा रहा है। AI कारोबार में भी तेज वृद्धि TCS का वार्षिकीकृत AI राजस्व 3 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में विस्तार पर ध्यान दे रही है। 9 अक्टूबर को कंपनी के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। निवेशकों की नजर कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार, AI से होने वाली आय और भविष्य की वृद्धि की संभावनाओं पर बनी हुई है। फिलहाल परिचालन पर सीमित असर TCS के बयान से संकेत मिलता है कि कंपनी फिलहाल PERM निलंबन को अपने अमेरिकी कारोबार के लिए बड़ा परिचालन झटका नहीं मान रही है। स्थानीय भर्ती और कैंपस हायरिंग के जरिए कंपनी अपने विस्तार की योजना जारी रखना चाहती है। हालांकि, PERM प्रक्रिया पर निर्भर कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड मिलने की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है। स्रोत: Reuters, The Economic Times, The Indian Express और India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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North Western Railway में 2,008 Apprentice पदों के लिए आवेदन शुरू, 10वीं-ITI पास उम्मीदवार कर सकते हैं Apply

जयपुर: North Western Railway (NWR) में 2,008 Apprentice पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज 7 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गई है। Railway Recruitment Cell (RRC), Jaipur ने Apprentice Notification No. 04/2026 के तहत यह भर्ती निकाली है। Eligible candidates 6 नवंबर 2026 रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। कुल 2,008 Apprentice slots इस recruitment drive के जरिए North Western Railway के विभिन्न divisions, workshops और units में कुल 2,008 Act Apprentice slots भरे जाएंगे। इनमें अलग-अलग notified trades के लिए candidates का चयन किया जाएगा। आज से शुरू हुई registration प्रक्रिया Online application window 7 अक्टूबर 2026 से open हो गई है। Candidates को अपना form अंतिम तारीख 6 नवंबर 2026 से पहले submit करना होगा। 10वीं में कम से कम 50% अंक जरूरी उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त board से 10वीं या equivalent examination पास होना जरूरी है। 10वीं में aggregate कम से कम 50 प्रतिशत marks होने चाहिए। ITI qualification भी अनिवार्य Candidates के पास संबंधित notified trade में National Trade Certificate होना चाहिए। यह certificate NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। आयु सीमा 15 से 24 वर्ष 6 नवंबर 2026 को candidate की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष होनी चाहिए। Reserved categories को नियमों के मुताबिक upper-age relaxation मिलेगा। नहीं होगी written examination इस भर्ती में candidates का चयन written exam के आधार पर नहीं होगा। Merit list 10वीं और ITI में प्राप्त marks के simple average के आधार पर तैयार की जाएगी। Division और Trade-wise बनेगी Merit List Final merit list division-wise, unit-wise, trade-wise और community-wise तैयार की जाएगी। Candidates को उपलब्ध apprenticeship slots के हिसाब से descending merit order में रखा जाएगा। Application Fee ₹100 General category applicants के लिए application fee ₹100 निर्धारित की गई है। SC, ST, PwBD और सभी women candidates को application fee से छूट दी गई है। Online mode से करना होगा आवेदन Candidates को Railway Recruitment Cell, Jaipur के official recruitment portal के जरिए online application भरना होगा। RRC Jaipur की official website पर Apprentice (04/2026) recruitment का option उपलब्ध है। Form भरते समय documents रखें तैयार Candidates को educational details, ITI certificate, personal information, category details और जरूरी documents तैयार रखने चाहिए। Form submit करने से पहले सभी details carefully verify करना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी candidature प्रभावित कर सकती है। Last date का इंतजार न करने की सलाह Railway recruitment portals पर अंतिम दिनों में traffic बढ़ सकता है। इसलिए candidates को सलाह दी जाती है कि application process समय रहते पूरा कर लें और confirmation page अपने पास सुरक्षित रखें। source – Railway Recruitment Cell Jaipur / India Today Best Colleges / NDTV / Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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