Uddhav Thackeray news

महाराष्ट्र में टूटेगा कांग्रेस-उद्धव ठाकरे का गठबंधन या रहेंगे साथ! बिहार चुनाव में क्या पड़ेगा असर?

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) इस साल के अंत तक होनी है। जिसको लेकर राजनीतिक पार्टियां जोड़-तोड़ और गठजोड़ में जुटी हैं। इन सबके बीच एक घटना ने इंडिया गठबंधन (India Alliance) यानी (महाविकास आघाड़ी) में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) फिर से एक साथ आ गए हैं। दोनों ठाकरे बंधु बीते शनिवार को वर्ली में एक साथ मंच साझा किया, लेकिन इस भरत मिलाप से कांग्रेस (Congress) ने दूरी बनाए रखी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इंडिया गठबंधन (India Alliance) यानी (महाविकास आघाड़ी) में फूट पड़ गया है? क्या कांग्रेस (Congress) महाराष्ट्र में अब भी शिवसेना यूबीटी साथ रहेगी?  एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने ठाकरे बंधुओं के मिलन के बाद कटाक्ष करते हुए महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को नए नाम से संबोधित किया। निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, ”यह एमवीए गठबंधन नहीं, बल्कि टीवीए यानी ठाकरे विकास आघाड़ी गठबंधन है।” संजय निरुपम ने कहा कि, महाराष्ट्र में कांग्रेस (Congress) को गठबंधन से घटाकर एक नया राजनीतिक गठबंधन बना है। पहले इस गठबंधन को एमवीए कहा जाता था यानी महा विकास अघाड़ी, लेकिन अब इसका नया नाम टीवीए रख देना चाहिए, क्योंकि यह ‘ठाकरे विकास अघाड़ी’ बन चुका है।  बिहारियों पर अत्याचार करने वालों के साथ कांग्रेस- केसी त्यागी  बिहार चुनावों (Bihar Assembly Elections) से ठीक पहले महाराष्ट्र में हुए इस गठबंधन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के साथ अभी भी गठबंधन में रहेगी या फर इनसे दूरी बना लेगी। इस नए गठबंधन पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने निशाना साधा था। चव्हाण ने मीडिया से बातचीत में कहा था राज उद्धव अगर मराठी भाषा को लेकर सरकारी आदेश वापस लेने का श्रेय अकेले लेना चाहते हैं, तो हमें कोई परेशानी नहीं। लेकिन अगर वे राजनीतिक रूप से हमारे साथ आना चाहते हैं, तो इस पर सोचना पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक हर्षवर्धन सपकाल ने भी कहा कि ठाकरे परिवार अगर साथ मिलकर सरकारी आदेश वापस लेने का जश्न मनाना चाहता हैं तो हमे कोई परेशानी नहीं, लेकिन भाइयों के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन पर अलग मत है। वहीं दूसरी तरफ जेडीयू नेता केसी त्यागी ने भी इंडिया गठबंधन पर हमला होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता का सबसे ज्यादा उत्पीड़न मुंबई में होता है। वहां पर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी गठबंधन में हैं, लेकिन बिहारियों के शोषण का विरोध नहीं कर रही है। जो बताता है कि कांग्रेस किस तरह से बिहारियों पर अत्याचार पर मौन सहमति दे रही है।   इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ उद्धव और राज के साथ दिखने पर बिहार में कांग्रेस को हो सकता है नुकसान  राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार में जल्द ही चुनाव होने हैं, ऐसे में उद्धव और राज ठाकरे के बिहार विरोधी स्वभाव को देखते हुए कांग्रेस अब उद्धव ठाकरे के साथ रहने से परहेज कर सकती है। अगर कांग्रेस अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की कोशिश करती है तो उसे हिंदी भाषी बिहार के आगामी चुनाव (Bihar Assembly Elections) में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बता दें कि राज ठाकरे (Raj Thackeray) की राजनीति ही उत्तर भारतीयों का विरोध करने पर टिकी है। इनकी पार्टी के कार्यकर्ता आए दिन उत्तर भारतीयों को पीटने को लेकर चर्चा में रहते हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी इस मामले में मनसे के पाले में ही खड़ी नजर आती है। महाराष्ट्र में इसी साल के अंत तक स्थानीय निकाय चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में यहां पर उत्तर भारतीयों का खिलाफ जहर उगलने की राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Uddhav Thackeray #congress #shivsenaupta #uddhavthackeray #maharashtrapolitics #biharelections2025 #politicalnews #alliancebreak #indianpolitics

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PM Modi warns Pakistan against double standards on terrorism at BRICS summit

‘आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं, चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत…’, PM मोदी ने पाक को BRICS के मंच से जमकर धोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपनी 8 दिवसीय विदेश यात्रा के 6 दिन ब्राजील पहुंचे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने यहां रियो डी जनेरियो में चल रहे 17वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में हिस्सा लिया। इस समिट में उन्होंने आतंकवाद मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”पहलगाम में जो अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। यह सामान्य आतंकी हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”  पीएम मोदी (PM Modi) ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी देशों के बीच शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जता, लेकिन साथ ही पड़ोसी मुल्क पर आतंकवाद के लिए निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने कहा, ”दोहरे मापदंडों की इस दुनिया में कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश आतंकवाद का भरण पोषण कर रहा है, तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। आतंकियों पर कार्रवाई करने और उन पर प्रतिबंध लगाने में किसी को  कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद पर मौन सहमति को भारत जिस तरह से बर्दाश्त नहीं कर रहा है, उसी तरह सभी देशों को आतंकवाद पर निर्णायक फैसला लेना चाहिए।  पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती है और उनके द्वारा दिखाए गए शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने को लेकर प्रतिबध है। हमारे सामने चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थितियां आएं, हमारे लिए शांति और मानवता का कल्याण ही सबसे बेहतरीन मार्ग रहेगा।  पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स देशों ने की निंदा  ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में भारत को बड़ी सफलता मिली है। इस समिट में शामिल सभी देशों ने एकजुट होकर कड़े शब्दों में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के हर प्रारूप, सीमापार आतंकवाद और आतंकवाद व आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ प्रति जीरो टॉलरेस नीति बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई। ब्रिक्स देशों की तरफ जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि, ”हम 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम आतंकवाद के हर प्रारूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाने का आग्रह करने के साथ आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को भी पूरी तरह से खारिज करते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और जयशंकर ने की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कई दूसरे देश के लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की है। पीएम मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चीन्ह, मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इन बैठकों का लक्ष्य द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत बनाना और अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करना था।  वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने भी दूसरे देश के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। एस जयशंकर (S Jaishankar) ने सबसे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के साथ उसे और आगे ले जाने पर सहमति जताई। इसके अलावा जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ भी बैठक की। इस द्विपक्षीय मुलाकात में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री के साथ की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘हमारी बातचीत हाल के अहम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।’ विदेश मंत्री जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश सचिव जुआन रामोन डे ला फ़ुएंते के साथ भी अहम बैठक की। इस मुलाकात में देानों देशों के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे अहम मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।  Latest News in Hindi Today Hindi news BRICS Summit #PMModi #BRICSSummit #Pakistan #Terrorism #ModiSpeech #IndiaPakistan #BRICS2025

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Nishikant Dubey Sparks Controversy Over Urdu

Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark: भाषा विवाद पर भड़के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, कहा- “यदि हिम्मत है तो उर्दू भाषी लोगों को मार कर दिखाओ”

पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद जारी है। हिंदी भाषा थोपने के नाम पर जबरन परप्रांतियों को मारा जा रहा है। बढ़ते तनाव के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ओपन चैलेंज किया है। महाराष्ट्र में हिंदी भाषी लोगों पर हमले करने वालों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “यदि हिम्मत है तो उर्दू भाषी लोगों को मार कर (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) दिखाओ।” ध्यान देने वाली बात यह कि निशिकांत दुबे का यह बयान ऐसे समय में आया जब हिंदी विरोध में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एकजुट हो गए हैं। उन्होंने हिंदी भाषियों को मारने वालों से कहा, अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता कौन शेर खुद ही फैसला कर लो। अपनी इस बात को निशिकांत दुबे ने मराठी में भी पोस्ट किया है।” हालांकि यह पहली बार नहीं जब निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे को न उठाया हो। आपको बता दें कि इससे पहले भी उन्होंने महाराष्ट्र की भाषा को लेकर राजनीति का मुद्दा उठाया था और उसे कश्मीरी पंडितों की स्थिति से जोड़ते हुए एक्स पर लिखा कि “मुंबई में शिवसेना, मनसे के राज ठाकरे और एनसीपी के पवार साहब और कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं को भगाने वाले सलाउद्दीन और मौलाना मसूद अजहर और मुंबई में हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले दाऊद इब्राहिम इन सबमें क्या फर्क है? एक ने हिंदू न होने के कारण अत्याचार किया और दूसरे अब हिंदी बोलने के कारण अत्याचार कर रहे हैं?”  मंत्री नितेश राणे ने उर्दू बोलने वालों से हिंदी बुलवाने के लिए कहा (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) था गौरतलब हो कि निशिकांत दुबे के अलावा भी इससे पहले भाजपा के दूसरे नेता भी हिंदी बोलने वालों पर हमला करने वालों को चुनौती दे चुके हैं। मंत्री नितेश राणे ने उर्दू बोलने वालों से हिंदी बुलवाने के लिए कहा (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) था। यही नहीं उन्होंने ठाकरे ब्रदर्स पर हिंदू समाज को बांटने का भी आरोप लगाया था। गौरतलब हो कि “महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल महीने में हिंदी भाषा को लेकर एक फैसला लिया था, जिसमें उन्होंने कक्षा 1 से 5 तक के सभी छात्रों के लिए तीसरी भाषा के रूप में हिन्दी को अनिवार्य कर दिया था। फडणवीस के इस फैसले का जमकर विरोध हुआ। अंत में उन्होंने अपना यह फैसला वापस लेते हुए कहा कि “हिंदी तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य नहीं है। अगर कोई छात्र दुसरी भाषा लेना चाहता है तो वह ले सकता है।” बता दें कि पिछले दिनों मनसे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मराठी भाषा न बोलेने पर एक दुकानदार की पिटाई कर दी थी।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ महाराष्ट्र में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, तो तीसरी भाषा के रूप में हिंदी ही क्यों होनी चाहिए- आदित्य ठाकरे बढ़ते तनाव के बीच शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे का भी बयान सामने आया (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) है। आदित्य ने कहा, कि महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी भाषा की कोई बात ही नहीं है। यह मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया पर ही चल रहा है, महाराष्ट्र की जमीन पर ऐसा कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि “विवाद सिर्फ कक्षा 1 के छात्रों के तीन भाषाओं के बोझ को लेकर था और तीसरी भाषा हिंदी क्यों होनी चाहिए?” बता दें कि “आदित्य ठाकरे का कहना था कि “महाराष्ट्र में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, तो तीसरी भाषा के रूप में हिंदी ही क्यों होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि “हम अपनी मातृभाषा का अपमान नहीं सहेंगे।” बता दें कि आदित्य ठाकरे ने हिंदी भाषा विवाद को लेकर कहा कि “सोशल मीडिया और गोदी मीडिया मराठी बनाम हिंदी का मुद्दा फैला रहे हैं। महाराष्ट्र की जमीन पर तो ऐसा कोई मुद्दा है ही नहीं।” आदित्य ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “विवाद सिर्फ कक्षा 1 के छात्रों के तीन भाषाओं के बोझ को लेकर था। तीसरी भाषा हिंदी ही क्यों होनी चाहिए? महाराष्ट्र में अनेक भाषाएं बोली जाती है, लेकिन हम अपने ही राज्य में अपनी मातृभाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।” इस बीच ठाकरे ने कहा कि “हम किसी भी भाषा को अपने ऊपर थोपना बर्दाश्त नहीं करेंगे।” भाषा को लेकर आदित्य ठाकरे ने कहा था कि “हम नहीं चाहते कि महाराष्ट्र या मराठी भाषा का अपमान हो। उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि “हम चाहते हैं कि हमारी मातृभाषा मराठी का अपमान न हो। कोई भी भाषा जबरन थोपी न जाए। उन्होंने कहा कि “हम नहीं चाहते कि कोई कानून अपने हाथ में ले। लेकिन जब इसका उल्टा होता है और मराठी या महाराष्ट्र का अपमान होता है तो मामला बिगड़ सकता है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Nishikant Dubey #NishikantDubey #UrduControversy #BJPMP #LanguageRow #BreakingNews #Politics #UrduSpeakers

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Instagram Earnings How and When You Start Making Money

Instagram: इंस्टाग्राम से कमाई कैसे और कब शुरू होती है कमाई?

आज की डिजिटल वर्ल्ड में इंस्टाग्राम सिर्फ एक फोटो और वीडियो शेयर करने वाला प्लेटफॉर्म नहीं रहा। भारत में लाखों यूज़र्स इस ऐप का इस्तेमाल न सिर्फ सोशल नेटवर्किंग के लिए कर रहे हैं, बल्कि इसे एक फुल-टाइम करियर में भी बदल चुके हैं। सवाल यह है कि इंस्टाग्राम से कमाई आखिर कैसे होती है? क्या सिर्फ फॉलोवर्स और लाइक्स काफी हैं या इसके पीछे कुछ और शर्तें भी होती हैं? क्या Instagram खुद पैसे देता है? YouTube की तरह Instagram का कोई व्यापक और सीधा मोनेटाइजेशन सिस्टम नहीं है जिसमें विज्ञापनों से सीधे पैसे मिलते हों। लेकिन Instagram ने अब कुछ सीमित देशों जैसे अमेरिका, यूके और कनाडा में क्रियेटर मॉनेटाइजेशन (Creator Monetization) फीचर्स लॉन्च किए हैं, जैसे: Badges in Live: जब क्रिएटर्स लाइव आते हैं तो फैंस छोटे पेमेंट करके बैज खरीद सकते हैं। Reels Bonus: इंस्टाग्राम कुछ यूज़र्स को उनके रील्स के प्रदर्शन पर बोनस देता है। Affiliate Program: इसमें आप किसी प्रोडक्ट का लिंक शेयर कर सकते हैं और बिक्री पर कमीशन कमा सकते हैं। भारत में ये फीचर्स धीरे-धीरे रोल आउट हो रहे हैं, लेकिन अभी तक हर किसी को उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी भारतीय क्रिएटर्स मुख्य रूप से ब्रांड डील्स, स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए कमाई कर रहे हैं। कितने फॉलोवर्स पर मिलने लगते हैं पैसे? इंस्टाग्राम से कमाई सिर्फ फॉलोवर्स की संख्या पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आपकी  engagement rate (यानि आपके पोस्ट पर कितने लाइक्स, कमेंट्स, व्यूज़ आ रहे हैं) पर निर्भर करती है। इंफ्लुएंसर टाइप फॉलोवर्स अनुमानित कमाई/पोस्ट अगर आप अच्छा और सही कंटेंट दिखा रहे हैं, तो 5,000 फॉलोवर्स पर भी ब्रांड आपसे संपर्क कर सकते हैं। कुछ नैनो इंफ्लुएंसर्स महीने में 15,000 – 50,000 रुपये तक कमा रहे हैं। क्या सिर्फ लाइक्स से पैसे मिलते हैं? सीधे तौर पर लाइक्स से पैसे नहीं मिलते। लेकिन लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज़ आपकी इंगेजमेंट रेट को दर्शाते हैं, जो ब्रांड्स को बताता है कि आपका कंटेंट लोगों तक पहुंच रहा है और पसंद भी किया जा रहा है। ब्रांड्स इस डेटा को देखकर तय करते हैं कि वे आपको प्रमोशन के लिए कितना पेमेंट करेंगे। इसलिए, सिर्फ फॉलोवर्स बढ़ाने से कुछ नहीं होगा, इंगेजमेंट पर भी काम करना ज़रूरी है। कमाई के अन्य तरीके इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले भारत में Instagram मार्केट की स्थिति भारत में इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार-  चुनौतियाँ और सावधानियाँ इंस्टाग्राम अब सिर्फ एक सोशल मीडिया ऐप नहीं, बल्कि एक करियर प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है। लेकिन इसमें सफल होने के लिए आपको केवल दिखावे से आगे बढ़कर, कंटेंट की गुणवत्ता, नियमितता और ट्रस्ट पर काम करना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi  इंस्टाग्राम #instagram #earnfrominstagram #instaincome #instagrammonetization #socialmediaincome #contentcreator #influencermarketing

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IIT Bombay Research Finds New Diabetes

आईआईटी बॉम्बे की रिसर्च: डायबिटीज का नया कारण है शरीर में मौजूद कॉलेजन प्रोटीन

डायबिटीज (Diabetes) वो गंभीर रोग है, जिसमें हमारा शरीर ब्लड शुगर को सही से रेगुलेट नहीं कर पाता। इस वजह से शरीर में ब्लड ग्लूकोज लेवल बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि हमारा पैंक्रियाज पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाता है या इसका सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। डायबिटीज (Diabetes) के कारण शरीर के कई अंगों को बहुत नुकसान होता है खासतौर पर हमारे हार्ट. नर्वज, किडनी आदि को। डायबिटीज के बारे में हुए एक नए शोध के अनुसार हमारे शरीर में मौजूद कोलेजन (Collagen) प्रोटीन के कारण डायबिटीज (Diabetes) का खतरा बढ़ रहा है। आइए जानें कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में और पाएं जानकारी इस शोध के बारे में। कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में क्या कहती है स्टडी? डायबिटीज के दौरान पैंक्रियाज के बीटा सेल्स धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं। यह बीटा सेल्स इंसुलिन का निर्माण करते हैं। वहीं, एमेलिन उस हॉर्मोन को कहा जाता हैं जो इंसुलिन के साथ मिलकर ब्लड ग्लूकोज को कंट्रोल करता है। लेकिन, डायबिटीज (Diabetes) की स्थिति में एमेलिन मॉलिक्यूल गलत तरीके से फोल्ड हो जाते हैं और एक दूसरे से चिपकने लगते हैं। इसकी वजह से सेल्स के लिए टॉक्सिसिटी बढ़ती है। हाल ही में आईआईटी बॉम्बे द्वारा किए गए शोध से यह पता चला है कि पैंक्रियाज के एक्सटर्नल मैट्रिक्स में पाया जाने वाले कोलेजन I एमेलिन कोगुलेशन यानी जमाव को बढ़ाता है। इससे बीटा सेल्स को नुकसान होता है और डायबिटीज (Diabetes) की समस्या बढ़ती है। कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध के बारे में स्टडी का निष्कर्ष संक्षेप में कहा जाए तो आईआईटी बॉम्बे द्वारा किए शोध में यह पता चला है कि एमेलिन और कोलेजन (Collagen) के बीच के इस कनेक्शन से डायबिटीज (Diabetes) की समस्या बढ़ सकती है। इससे कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में भी पता चलता है। इससे यह भी निष्कर्ष निकलता है कि डायबिटीज के इलाज के लिए नए इलाज के तरीकों की आवश्यकता है ताकि इस समस्या से बचा जा सके। इसलिए शोधकर्ता अब एमेलिन और कोलेजन (Collagen) के बीच के कनेक्शन को समझने के लिए क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी मॉडल को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वो पैंक्रियाज को रिपेयर करने के नए तरीके भी ढूंढ रहे हैं। आइए जानते हैं डायबिटीज (Diabetes) से बचाव करने के लिए आप क्या कर सकते हैं? इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले डायबिटीज से बचाव के बारे में जानें डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए हमें कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Diabetes #IITBombay #DiabetesResearch #CollagenProtein #HealthNews #MedicalBreakthrough

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Uddhav and Raj Thackeray reunite after 20 years

Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha: महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ

किसी ज़माने में एक दूसरे के धुर विरोधी रहे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी भाषा के मुद्दे पर शनिवार को एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ देख दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है। गौरतलब हो कि दो दशक पहले ही राज ठाकरे ने अपनी अलग राह चुन ली थी। अब दोनों भाई एक ही मंच पर साथ आए तो उद्धव ने ऐलान कर दिया कि “दोनों के बीच दूरियां खत्म हो चुकी हैं और वह साथ रहने के लिए राज ठाकरे के साथ आए हैं।”उद्धव ने कहा, “कई वर्षों बाद मेरी और राज ठाकरे की मुलाकात मंच पर हुई है।” राज ने मुझे “सन्माननीय उद्धव ठाकरे” कहा, मैं भी कहता हूं, सन्माननीय राज ठाकरे। उनका कार्य भी बड़ा है। मेरे भाषण से ज्यादा अहम है हम दोनों का साथ आना। हम दोनों के बीच जो दूरियां थीं, वो अब खत्म हो चुकी हैं। हम एक साथ आए हैं, साथ में रहने के लिए।” भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है, हम असली मराठी बोलने वाले कट्टर हिंदू (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) हैं राज की तारीफ करते हुए उद्धव ने कहा कि “राज ठाकरे का काम सभी ने देखा (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है। मराठी हिंदू भाइयों और बहनों, राज ठाकरे ने सारे मुद्दे बेहतर ढंग से रखे हैं और अब मुझे कुछ और कहने की जरूरत महसूस नहीं होती। हम साथ आए हैं, साथ रहने के लिए। भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है। हम असली मराठी बोलने वाले कट्टर हिंदू हैं। मराठी आदमी अगर आंदोलन कर रहा हो और आप उसे गुंडागिरी कह रहे हो, तो फिर हां, हम गुंडे हैं। संयुक्त महाराष्ट्र के आंदोलन में हमने मुंबई हासिल की है।” इस बीच एकनाथ शिंदे को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ने कहा, “आज कई तांत्रिक बिजी होंगे। नींबू काट रहे होंगे, भैंसा काट रहे होंगे। लेकिन इस काले जादू के खिलाफ हमारे बालासाहेब ठाकरे लड़े थे और हम उसी विरासत को आगे ले जाएंगे।”  आप (फडणवीस) सिर्फ नाम के मराठी हैं, आप असली मराठी हैं या नहीं, यह चेक करना (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) होगा वो यहीं नहीं रुके, फडणवीस को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि “आप सिर्फ नाम के मराठी हैं। आप असली मराठी हैं या नहीं, यह चेक करना होगा। हिंदुस्तान हमें मंजूर है, लेकिन हिंदी की जबरदस्ती हम सहन नहीं (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) करेंगे। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने मराठी भाषा को अनिवार्य किया था। सत्ता आती है, जाती है, लेकिन हमारी असली ताकत हमारी एकजुटता में होनी चाहिए। संकट आता है, तो हम साथ आते हैं, लेकिन संकट के बाद दूर चले जाते हैं। अब हमें हमेशा साथ रहना चाहिए।”  बीजेपी को लेकर उद्धव ने कहा कि “इन्होंने हमारा इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया, लेकिन अब हम दोनों मिलकर तुम्हें फेंक देंगे। फडणवीस ने कहा है कि भाषा के नाम पर गुंडागर्दी सहन नहीं करेंगे। हां, हम गुंडे हैं, लेकिन हम भाषा के लिए लड़ेंगे। अगर इंसाफ नहीं मिलेगा, तो गुंडागर्दी भी करेंगे।” इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? अब तक हमने कुछ नहीं किया (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है- राज ठाकरे  इस बीच राज ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आपके पास विधानभवन में सत्ता है, लेकिन हमारे पास सड़कों की सत्ता है। आज महाराष्ट्र जब एकसाथ खड़ा हुआ, तो सरकार को यह दिखाई दिया होगा कि जब यह राज्य एकजुट होता है, तब क्या (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) होता है। कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए राज ठाकरे ने कहा “उस दिन मीरा रोड में एक व्यवसायी के साथ मारपीट हुई थी। क्या उसके माथे पर लिखा था कि वह गुजराती है? अब तक हमने कुछ नहीं किया है। उस आदमी को मराठी आनी चाहिए। बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ। और अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत निकालो।” कहने की जरूरत नहीं, महाराष्ट्र की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि दोनों का साथ आना वोटो की मजबूरी है यह कुछ और? खैर, बीएमसी इलेक्शन नजदीक है। देखना दिलचस्प होगा कि दोनों एक ही पार्टी के झंडे के नीचे आते हैं या दोनों मिलकर अपनी अपनी पार्टी से चुनाव लड़ते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha #UddhavThackeray #RajThackeray #HindiOpposition #MaharashtraPolitics #MarathiPride #ShivSena #MNS #PoliticalUnity

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Husband Pushes Wife From Train During

Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage; लव मैरिज कर हनीमून पर गए पति ने चलती ट्रेन से दियाधक्का, पैर पकड़ गिड़गिड़ाती रही पत्नी

हर लड़की का सपना होता है कि वो अपने पसंद के लड़के से विवाह करे। इसी चक्कर में कुछ लड़कियां परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लेती हैं। कुछ का प्रेम विवाह सफल होता है और कुछ बेचारी अपनी किस्मत को कोसते हुए आंसू बहती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक लड़की का जिसने अपने परिवार से बगावत कर अपने प्रेमी से प्रेम विवाह (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) किया। घर वाले मना करते रहे, उसने उनकी एक न सुनी। आखिर में उसके हाथ सिवाय गहरी चोट के कुछ नहीं लगा। दरअसल, उसका अपना प्रेमी दगाबाज निकला। मामला है उत्तर प्रदेश के देवरिया का, जहाँ खुशबू नामक एक युवती को लव मैरिज करना भारी पड़ गया। शादी के बाद हनीमून पर निकले पति ने वापसी के समय पत्नी को चलती ट्रेन धक्का दे दिया। खून से लथपथ हालत में वो नाले में पड़ी मिली। स्थानीय गांव वालों ने उसे देख और फौरन आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची आरपीएफ की टीम ने आनन-फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया। हालत नाजुक बनी हुई है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।  शंकर ने खुशबू को किरिगढ़ा के पास चलती ट्रेन से (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) दिया धक्का  दरअसल, घटना पतरातू स्टेशन के पास किरीगढ़ा गांव की है। महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया की रहने वाली खुशबू कुमारी के रूप में हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसने अपने घर वालों के खिलाफ जाकर गोरखपुर के रहने वाले शंकर से शादी की थी। प्रेम विवाह करने के बाद दोनों उत्तर प्रदेश से झारखंड घूमने के लिए गए थे। घूमने के बाद जब दोनों वहां से लौट रहे थे, तभी शंकर ने खुशबू को किरिगढ़ा के पास चलती ट्रेन से धक्का दे (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) दिया। इसके बाद महिला एक नाले में पड़ी मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे कर्मचारी आकाश पासवान ने घटना की जानकारी आरपीएफ को दी और ग्रामीणों की मदद से 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतरातू ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को रामगढ़ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। खुशबू ने बताया कि दो दिन पहले वह और शंकर उत्तर प्रदेश से घूमने के लिए निकले थे और झारखंड पहुंचे थे। वहां दोनों कई धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर घूमे और खूब मजे किए। फिर रात वाली ट्रेन से वह वापस आ रहे थे। इसी बीच शंकर उसे मीठी-मीठी बातों में उलझाकर ट्रेन के दरवाजे के पास ले गया और उसे धक्का देना शुरू किया। खुशबू ने बताया कि उसने शंकर के पैर पकड़े, लेकिन शंकर ने उसे धक्का मारकर नीचे गिरा दिया।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म शादी के बाद उसका व्यवहार बदल गया था और वह मारपीट करने लगा (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) था- पीड़िता  होश में आने पर घायल खुशबू ने पुलिस को बताया कि “उसका पति शंकर कुमार गोरखपुर जिले का रहने वाला है। बुधवार रात बनारस-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। इस बीच खुशबू ने यह भी बताया कि “उसने एक वर्ष पहले शंकर से प्रेम विवाह किया था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसका व्यवहार बदल गया था और वह मारपीट करने लगा (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) था।  खैर, खुशबू का बयान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले पर खुशबू की बहन ने कहा कि “उसने घर वालों के खिलाफ जाकर शादी की थी। आज वह इसका खामियाजा भुगत रही है। हमें उसका नतीजा देखने को मिल रहा है। तो वहीं पुलिस का कहना है कि “वह आरोपी की तलाश कर रही है। और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। सोचनीय वाली बात यह कि जिस प्रेमी से शादी करने के लिए उसने घर वालों से बगावत की। न सिर्फ बगावत की बल्कि घरवालों के खिलाफ जाकर शादी भी की। आखिर में वही प्रेमी बेवफा निकला। रोचक बात यह कि प्रेमी से पति बनते ही उसने पत्नी से कहा, “चलो हनीमून पर ले चलता हूं।” और फिर वापसी में उसने पत्नी को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि महिला के पसलियों में फ्रैक्चर हुआ है और पैर में भी चोटें लगी हैं। खुशबू ने होश में आने पर अपने बारे में जानकारी दी।  Latest News in Hindi Today Hindi Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage #husbandpusheswife #trainincident #honeymoontragedy #lovemarriage #crimealert #indiaupdates #viralnews

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Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History

Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History: बिहार की बेटी का अमेरिका में जलवा, 3 मेडल जीतकर रचा इतिहास

कुछ करने की ललक हो तो कोई भी चट्टान से ऊंची बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है। इस कहावत को हकीकत में बदला है बिहार के भोजपुर की रहने वाली सपना ने। बीएसएफ की सपना कुमारी ने अमेरिका के बर्मिंघम में 21वें विश्व पुलिस गेम्स में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीत बिहार का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) किया। बता दें कि सपना ने तीरंदाजी में यह सफलता हासिल की है। उनकी इस जीत ने यह दिखा दिया कि दिल में जुनून होतो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने फील्ड तीरंदाजी में स्वर्ण, 3 डी तीरंदाजी में स्वर्ण और लक्ष्य तीरंदाजी में रजत पदक जीता। बता दें कि सपना बीएसएफ में हरियाणा में पोस्टेड हैं और वह आरा में नवादा थाना क्षेत्र के रस्सी बागान मुहल्ला की निवासी हैं। कहने की जरूरत इस जीत के साथ ही उन्होंने देश और अपने परिवार का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया।  सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के सीखे (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) गुर  बात करें सपना कुमारी के परिवार की तो उनके परिवार में एक भाई और तीन बहन हैं। तीन बहनों में सबसे छोटी सपना के पिता आरा के रक्सी बगान नवादा निवासी जितेन्द्र प्रसाद पेशे से ट्रैक्टर मैकेनिक हैं और माता कुंती देवी शिक्षिका हैं। सपना की तरह बड़ी बहन नीतू भी बीएसएफ में है। तो वहीं मंझली बहन नूतन कुमारी अंतरराष्ट्रीय कुरा खिलाड़ी है, जो स्पोर्ट्स कोटे से पटना समाहरणालय में कार्यरत है और छोटा भाई शिक्षक (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) है। यानी कुल-मिलाकर पूरा परिवार शिक्षित है। खैर, सपना बचपन से ही अपनी बड़ी बहन नूतन कुमारी के साथ स्थानीय वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में जागा करती थी। वहां दोनों बहने यहां मार्शल आर्ट सीखती थी। इस बीच बार-बार चोटिल होने के चलते सपना का मार्शल आर्ट से मोह भंग हो गया और उसने तीरंदाजी में हाथ आजमाया। पहले तो घरवालों ने डांटा डपटा लेकिन बेटी की ललक को देखते हुए घर वाले मान गए। इस बीच सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के गुर सीखे।इस दौरान उन्होंने जमकर पसीना बहाया। सपना के पिता जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि “बेटियों का खेल के प्रति रुझान देखकर उनके हौसले को बढ़ाया। जिसका परिणाम आज हम सबके सामने है।  इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला इस बीच साल 2014 में सपना की नियुक्ति सीमा सुरक्षा बल (जीडी) में हुई। लगभग दो साल बाद खेल में तीरंदाजी में ट्रायल के बाद सपना का चयन हुआ, वर्तमान में सपना 95 बटालियन बीएसएफ गुड़गांव में कार्यरत है। महत्वपूर्ण बात यह कि यहीं पर सपना के पति तीरंदाज रार्जन कुमार भी कार्यरत हैं। इस दौरान तीरंदाजी में कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला। आरा के वरिष्ठ तीरंदाज प्रशिक्षक नीरज कुमार ने सपना के इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि “बिहार की बेटियों के लिए यह पदक प्रेरणा का काम करेंगा।” तो वहीं खेल विभाग ने उनके प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे सुरक्षा बलों में कार्यरत खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया है। बड़ी बात यह कि सपना कुमारी की इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार और खेल संस्थानों द्वारा उनके योगदान और प्रदर्शन की सरहना की जा रही है। गर्व की बात यह कि सपना ही नहीं बल्कि सपना की मंझली बहन अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ी नूतन कुमारी ने साल 2008 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप और 2009 में चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में एक-एक कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 13 स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। ग़ौरतलब हो कि एनआईएस कोच नूतन की छह बार मुख्यमंत्री सम्मान मिला है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History #BiharGirl #USAWin #IndiaPride #MedalWinner #GirlPower #SportsNews #HistoricWin #IndianAthlete #BiharNews #Inspiration

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Rahul Gandhi Slams Centre on US Tariff Policy Deadline

अमेरिकी टैरिफ नीति पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला: क्या भारत झुकेगा ट्रंप की डेडलाइन के आगे?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर सीधा हमला किया है। इस बार उनके निशाने पर है भारत और अमेरिका (India and America) के बीच चल रहा टैरिफ विवाद। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Union Commerce Minister Piyush Goyal) पर आरोप लगाया कि वे अमेरिका के दबाव में आकर राष्ट्रीय हितों से समझौता कर सकते हैं। राहुल गांधी का ट्वीट और आरोप राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा है कि पीयूष गोयल (Piyush Goyal) चाहे जितना सीना ठोक लें, मेरी बात लिख लीजिए, मोदी ट्रंप की टैरिफ डेडलाइन (Tariff Deadline) के सामने चुपचाप झुक जाएंगे। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत और अमेरिका (India and America) के बीच व्यापार शुल्क (Tariff) को लेकर काफी तनाव बना हुआ है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि सरकार अमेरिकी दबाव के सामने आत्मसमर्पण कर सकती है। क्या है टैरिफ विवाद? इस पूरे विवाद की जड़ अमेरिका की वह नीति है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन (Trump Government) ने लगभग 100 देशों पर जवाबी टैरिफ लगाए थे, जिनमें भारत पर 26% तक का शुल्क शामिल था। अमेरिका ने हालांकि इन टैरिफ को 90 दिनों के लिए टाल दिया था, लेकिन यह छूट अब 9 जुलाई को समाप्त होने जा रही है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच व्यापार डील को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत अपनी बाजार व्यवस्था को अधिक खुला करे और अमेरिकी उत्पादों (American Products) पर लगने वाले शुल्कों में कटौती करे। वहीं भारत की कोशिश है कि वह व्यापार संतुलन को बनाए रखते हुए अपने घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा करे। सरकार का पक्ष: भारत किसी दबाव में नहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Commerce Minister Piyush Goyal) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत अपने व्यापार समझौते केवल अपनी शर्तों पर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, चिली और ओमान जैसे कई देशों के साथ वार्ता जारी है, लेकिन भारत तभी समझौता करेगा जब वह राष्ट्रहित में हो। पीयूष गोयल ने यह भी कहा है कि हम किसी डेडलाइन के दबाव में आकर फैसले नहीं करते। जब कोई डील देश के लिए लाभदायक होती है, तभी उसे मंजूरी दी जाती है। विपक्ष क्यों उठा रहा है सवाल? राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ही नहीं, बल्कि विपक्ष के अन्य नेता भी लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि सरकार अमेरिकी दबाव में क्यों दिख रही है। विपक्ष का कहना है कि जब ट्रंप प्रशासन ने भारत पर टैरिफ लगाया, तब भारत ने पर्याप्त रूप से आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं दी। राहुल गांधी ने इसे सरकार की कमजोरी बताते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भरता के दावों के खिलाफ है। इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? क्या होगा 9 जुलाई के बाद? अब जब टैरिफ में दी गई 90 दिनों की छूट 9 जुलाई को खत्म हो रही है, तब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत का अगला कदम क्या होगा। अगर अमेरिका दोबारा टैरिफ लागू करता है और भारत उसके सामने कोई रियायत देता है, तो विपक्ष को सरकार को घेरने का एक और मौका मिल जाएगा। वहीं, अगर भारत अमेरिकी दबाव को नकारता है, तो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव और बढ़ सकता है। भारत की रणनीति क्या हो सकती है? भारत के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक है। एक ओर उसे अमेरिका जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार के साथ संबंध मजबूत रखने हैं, वहीं दूसरी ओर उसे घरेलू उद्योगों और किसान वर्ग के हितों की रक्षा भी करनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को ऐसे समझौते करने चाहिए जो दीर्घकालिक रणनीति और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए किए जाएं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों ने एक बार फिर से टैरिफ नीति और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों (India-US trade relations) को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह इस दबाव से कैसे निपटती है। क्या वह अमेरिकी समयसीमा के आगे झुकती है या एक मजबूत और संतुलित निर्णय लेती है। आने वाले दिनों में इसका असर न सिर्फ भारत की विदेश नीति पर, बल्कि देश की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi #RahulGandhi #USTariffPolicy #TrumpDeadline #IndiaUSRelations #ModiGovt #TradePolicy #RahulVsModi

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Yogi govt revenue change,

Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP: योगी सरकार का बड़ा फैसला, लेखपाल नहीं बल्कि अब नायब तहसीलदार करेगा राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच

अपने निडर और निर्भीक फैसलों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। फैसले के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब लेखपाल की रिपोर्ट ही अंतिम नहीं मानी (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता दर्शन में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल स्तर की जांच पर परिवर्तन किया है। इस फैंसले के बाद अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार करेंगे। जानकारी के मुताबिक अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। और नायब तहसीलदार की ही रिपोर्ट मानी जाएगी।  यूपी की जनता लेखपाल की मनमानी से (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) थी त्रस्त  दरअसल, बिगत कई महीनों से शिकायतें मिल रही थी कि लेखपाल स्तर की जांच में पारदर्शिता का अभाव है और कई बार पीड़ित पक्ष को सुना ही नहीं जाता। शिकायत यह भी थी (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) कि कई बार लेखपाल रसूखदारों और प्रधानों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता को सुने बगैर मनमाने ढंग से रिपोर्ट बना देता था। कई बार शिकायत करने के बावजूद लेखपाल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे। ये हाल अमूमन यूपी के सभी जिलों में था। यूपी की जनता लेखपाल की मनमानी से त्रस्त थी। जनता इस कदर त्रस्त थी कि बार-बार मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बाबत शिकायत की गई। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, सुनवाई के बाद होगा न्याय। कहने की जरूरत नहीं, सीएम ऑफिस, जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर हो गया है, इस वजह से अब किसी की रिपोर्ट से नहीं, सुनवाई से न्याय होगा। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) स्तर पर अंतिम निर्णय और समाधान होगा।  अब लेखपाल (लेखपाल) के बजाय नायब तहसीलदार इन शिकायतों की जांच (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) करेंगे बता दें कि उत्तर प्रदेश में राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब लेखपाल (लेखपाल) के बजाय नायब तहसीलदार इन शिकायतों की जांच (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) करेंगे। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लिया गया है, ताकि राजस्व मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाई जा सके। जानकारी के लिए बता दें कि पहले, राजस्व संबंधी शिकायतों मसलन: वारासत, आय प्रमाण पत्र, जमीन विवाद, निवास प्रमाण पत्र आदि की प्रारंभिक जांच लेखपाल किया करते थे। लेकिन अब यह जिम्मेदारी नायब तहसीलदार को सौंपी दी गई है। अपर मुख्य सचिव (राजस्व) एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नायब तहसीलदार से नीचे का कोई अधिकारी राजस्व शिकायतों की जांच नहीं करेगा। इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? लेखपालों पर अक्सर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) हैं दरअसल, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को कम करना। न सिर्फ भ्रष्टाचार को कम करना है बल्कि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता भी लाना है। बता दें कि लेखपालों पर अक्सर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या इस फैसले से भ्रष्टाचार पर नकेल कस सकेगी? क्या समय रहते सभी शिकायतों का निपटारा हो पाएगा?  इसके अलावा साथ ही बड़ा सवाल यह भी क्या नायब तहसीलदार के स्तर पर जांच होने से जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों का निपटारा अधिक विश्वसनीय हो सकेगा? देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय पर यह आदेश क्या रंग लाता है और जनता की शिकायतों का किस हद तक समाधान होता है। कहने की जरूरत नहीं, इस फैसले से लोगों में न्याय की उम्मीद जगी जरूर है। कम से कम लेखपालों की मनमानी से लोगों को निजात मिल जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tehsildar #UPGovernment #NaibTehsildar #RevenueComplaints #YogiAdityanath #LekhpalUpdate #UttarPradeshNews #GovtDecision

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