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Cyclone Arnab के बाद आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और नुकसान जारी, कई राज्यों में आज भी अलर्ट

अमरावती/भुवनेश्वर: Cyclone Arnab के आंध्र प्रदेश-यानम तट से टकराने के बाद इसका असर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को भी जारी है। तूफान अब कमजोर होकर अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी-मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश में भारी बारिश जारी IMD के मुताबिक 29 अक्टूबर को Coastal Andhra Pradesh और Yanam के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। Landfall के दौरान तेज हवाओं ने पेड़ उखाड़े, बिजली के तार गिराए और कई सड़कों पर पानी भर गया। 150 किमी/घंटे तक पहुंचे थे हवा के झोंके Landfall के दौरान Cyclone Arnab के साथ 125–135 किमी/घंटे की sustained winds और करीब 150 किमी/घंटे तक के gusts दर्ज किए गए। Visakhapatnam समेत कई coastal districts में torrential rain और power disruption की खबरें सामने आईं। ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट Cyclone Arnab के inland जाने के बाद भी ओडिशा में बारिश का असर जारी है। IMD ने कई जिलों के लिए yellow warning जारी की है और isolated locations पर heavy to very heavy rain की संभावना जताई है। छह राज्यों में भारी बारिश की संभावना तूफान के remnants के कारण बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में 29 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित आंध्र प्रदेश के कई coastal areas में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने के कारण electricity supply और road connectivity प्रभावित हुई। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें बिजली बहाल करने और blocked roads साफ करने में जुटी हैं। मछुआरों के लिए चेतावनी जारी IMD ने बंगाल की खाड़ी के प्रभावित हिस्सों में मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी थी। Coastal areas में समुद्र की स्थिति खराब रहने और तेज हवाओं की आशंका के कारण सावधानी बरतने को कहा गया है। अगले दिनों में कमजोर होगा सिस्टम Cyclone Arnab landfall के बाद लगातार कमजोर हो रहा है, लेकिन इससे जुड़े बादल और नमी inland areas में बारिश जारी रख सकते हैं। इसलिए मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों में स्थानीय alerts पर नजर रखने की सलाह दी है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर! आंध्र प्रदेश-ओडिशा में अलर्ट, ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित

अमरावती/भुवनेश्वर: चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद भी इसका असर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को जारी है। आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ जैसी स्थितियों से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि ओडिशा समेत आसपास के इलाकों में भी बारिश का अलर्ट बना हुआ है। रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश में 9 लोगों की मौत ताजा रिपोर्टों के मुताबिक आंध्र प्रदेश में Cyclone Arnab से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है। तेज हवाओं, बिजली के झटके और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं के कारण कई जिलों में नुकसान दर्ज किया गया है। 2.24 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित चक्रवात से आंध्र प्रदेश में कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन में करीब 2.24 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित होने और लगभग 3.45 लाख किसानों के नुकसान की बात सामने आई है। राज्य सरकार ने राहत और मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। 1.8 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तूफान के landfall से पहले आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बड़े पैमाने पर evacuation अभियान चलाया गया था। Reuters के अनुसार दोनों राज्यों में 1.8 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई राहत शिविरों में भोजन, पानी और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई। कई ट्रेन सेवाएं अब भी प्रभावित Cyclone Arnab के कारण Indian Railways ने बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द, reschedule या short-terminate किया है। कुछ ट्रेन सेवाओं पर 29 अक्टूबर से नवंबर के शुरुआती दिनों तक असर जारी रहेगा। Visakhapatnam-Kirandul और अन्य प्रभावित routes पर कई सेवाएं रद्द की गई हैं। ओडिशा में 28 ट्रेनें रद्द East Coast Railway ने ओडिशा में सुरक्षा को देखते हुए कुल 28 ट्रेन सेवाएं रद्द की हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण रेलवे ने emergency response system सक्रिय रखा है और यात्रियों से यात्रा से पहले train status जांचने की अपील की है। उड़ानों पर भी पड़ा असर चक्रवात के चलते तटीय आंध्र प्रदेश के कई हवाई अड्डों पर flight operations प्रभावित हुए। कुछ उड़ानें रद्द या स्थगित करनी पड़ीं। 29 अक्टूबर को भी कुछ क्षेत्रों में खराब मौसम के कारण flights और long-distance transport पर असर की खबरें सामने आई हैं। ओडिशा में भारी बारिश का खतरा Cyclone Arnab landfall के बाद कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके remnants के कारण ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिजली और सड़कों को भी नुकसान आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। Reuters के मुताबिक सैकड़ों पेड़ गिरे और बिजली आपूर्ति कई जगह बाधित हुई। प्रशासन की टीमें सड़कों को साफ करने और बिजली बहाल करने में जुटी हैं। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेल यात्रियों को IRCTC, NTES या RailOne पर train status जांचकर ही स्टेशन जाने की सलाह दी गई है। रेलवे ने कहा है कि मौसम और track conditions के आधार पर services में आगे भी बदलाव हो सकते हैं। स्रोत – Reuters, Times of India, Indian Express, East Coast Railway जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab ने आंध्र प्रदेश तट पर किया landfall, भारी बारिश और 140 किमी/घंटे तक की हवाओं का खतरा

अमरावती/काकीनाडा: बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश तट पर landfall किया। तूफान काकीनाडा और यानम के आसपास तट से टकराया, जिसके साथ तटीय इलाकों में तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। 125-135 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं landfall के दौरान काकीनाडा, कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी समेत कई इलाकों में 125 से 135 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। IMD के पहले के अनुमान के मुताबिक हवा के झोंके 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते थे। पेड़ उखड़े, बिजली आपूर्ति प्रभावित Cyclone Arnab के असर से कई तटीय इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। करीब 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के संवेदनशील और निचले इलाकों से करीब 1.5 लाख लोगों को राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने NDRF और अन्य राहत टीमों को भी तैनात किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश के साथ दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 1 से 2 मीटर तक storm surge का खतरा मौसम विभाग ने कुछ तटीय हिस्सों में 1 से 2 मीटर तक storm surge की आशंका जताई थी, जिससे निचले इलाकों में समुद्री पानी भरने का खतरा है। काकीनाडा और यानम के आसपास के क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील बताए गए हैं। अगले कुछ घंटे अहम landfall के बाद भी Cyclone Arnab का असर तुरंत खत्म नहीं होगा। तूफान के कमजोर होने तक तेज हवाएं, भारी बारिश और जलभराव का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करने की अपील की है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Hindustan Times, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब पहुंचा चक्रवात ‘अर्नब’, 140 किमी/घंटे तक की हवाओं का खतरा

विशाखापत्तनम: बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 30 किलोमीटर पूर्व, यानम से 45 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और काकीनाडा से लगभग 70 किलोमीटर दूर था। अगले कुछ घंटों में तट पार करने की संभावना IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार अर्नब के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के दक्षिण के करीब आंध्र प्रदेश-यानम तट को पार करने की संभावना है। सुबह जारी अपडेट में कहा गया कि यह प्रक्रिया अगले कुछ घंटों में पूरी हो सकती है। 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके तट पार करते समय चक्रवात की अधिकतम sustained wind speed 115 से 125 किमी/घंटा रहने और हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पेड़ों, बिजली के खंभों, कच्चे मकानों और तटीय ढांचों को नुकसान का खतरा है। रात में 150 किमी/घंटे तक पहुंची थी अनुमानित रफ्तार 27 अक्टूबर की देर रात IMD ने अर्नब के landfall के दौरान हवा की रफ्तार 125–135 किमी/घंटा और gusts 150 किमी/घंटा तक रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि 28 अक्टूबर सुबह के ताजा अपडेट में इसे घटाकर 115–125 किमी/घंटा, gusting 140 किमी/घंटा बताया गया। तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश Cyclone Arnab के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। समुद्र बेहद खतरनाक, मछुआरों को चेतावनी चक्रवात के प्रभाव से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। IMD ने मछुआरों को प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन हाई अलर्ट पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी कई प्रभावित क्षेत्रों में बंद रखा गया है। अगले कुछ घंटे बेहद अहम Cyclone Arnab का केंद्र अब तट के बेहद करीब है, इसलिए 28 अक्टूबर की सुबह के अगले कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। IMD लगातार इसकी स्थिति और हवा की रफ्तार पर नजर रख रहा है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला, आंध्र प्रदेश में evacuation तेज; 53 ट्रेनें रद्द

विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी में बना Cyclone Arnab अब Very Severe Cyclonic Storm में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार तूफान आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और इसके 28 अक्टूबर 2026 की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के करीब तट पार करने की संभावना है। लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115–125 किमी प्रति घंटा रह सकती है और झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। आंध्र प्रदेश में बड़े स्तर पर evacuation तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य में 89,000 से ज्यादा लोगों को evacuate किए जाने की जानकारी सामने आई है और राहत शिविर सक्रिय किए गए हैं। 53 ट्रेनें की गईं रद्द South Coast Railway ने Cyclone Arnab को देखते हुए 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं। प्रभावित रूटों में विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, मछलीपट्टनम, गुडिवाड़ा, भीमावरम और राजमुंदरी समेत कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले ट्रेन का status चेक करने की सलाह दी गई है। कई जिलों में स्कूल बंद विशाखापत्तनम, काकीनाडा और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा समेत कई तटीय जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनकापल्ली में शैक्षणिक संस्थानों को 27 से 29 अक्टूबर तक बंद रखने की घोषणा की गई है। ₹27 करोड़ की राहत राशि जारी आंध्र प्रदेश सरकार ने Cyclone Arnab से निपटने के लिए 20 जिलों को ₹27 करोड़ की आपात राहत राशि जारी की है। इस रकम का इस्तेमाल evacuation, राहत शिविर, भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरी मरम्मत कार्यों में किया जाएगा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में रेड अलर्ट IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र की स्थिति भी बेहद खराब रहने का अनुमान है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए Reuters के मुताबिक पूर्वी तट पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सोमवार रात तक आंध्र प्रदेश में करीब 50,000 लोगों को shelters में पहुंचाया जा चुका था, जबकि evacuation लगातार जारी है। अगले 24 घंटे बेहद अहम Cyclone Arnab के 28 अक्टूबर की सुबह landfall करने की संभावना को देखते हुए अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों से घरों के भीतर रहने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Reuters, The News Minute, Financial Express, Business Today जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को और मजबूत हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और 27 अक्टूबर तक Very Severe Cyclonic Storm में बदल सकता है। आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है। 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है तूफान IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक Cyclone Arnab के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच बापटला से विशाखापत्तनम के इलाके में तट पार करने की संभावना है। उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आज और मजबूत हो रहा Cyclone Arnab 26 अक्टूबर की सुबह Cyclone Arnab का केंद्र पूर्व-मध्य और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में था। IMD के अनुसार यह विशाखापत्तनम से करीब 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से करीब 730 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। इसके आज रात तक Severe Cyclonic Storm और 27 अक्टूबर को Very Severe Cyclonic Storm में बदलने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी Cyclone Arnab के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने आंध्र प्रदेश और यानम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा समेत आसपास के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। ओडिशा सरकार ने बढ़ाई तैयारियां चक्रवात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। दक्षिण ओडिशा के संभावित प्रभावित जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है। समुद्र में जाने से बचें मछुआरे IMD ने मछुआरों को प्रभावित अवधि के दौरान बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा के पुरी और गोपालपुर बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, जबकि पारादीप और धामरा बंदरगाहों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। समुद्र की स्थिति मध्यम से खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। ISRO सैटेलाइट ने कैद की तूफान की तस्वीरें Cyclone Arnab की बढ़ती ताकत को सैटेलाइट तस्वीरों में भी देखा गया है। INSAT-3DS और अन्य सैटेलाइट डेटा में इसके आसपास घने बादल और मजबूत संवहनीय गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। मौसम एजेंसियां लगातार इसके रास्ते और तीव्रता पर नजर रख रही हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने तथा जरूरी वस्तुओं और आपातकालीन संपर्क नंबर तैयार रखने की सलाह दी गई है। स्रोत – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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नासिक में 517 लोगों ने एक साथ किया शंखनाद, गोदावरी तट पर बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में गोदावरी नदी के तट पर रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सैकड़ों लोगों ने एक साथ शंखनाद कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। शुरुआती योजना 501 प्रतिभागियों की थी, लेकिन रिकॉर्ड के दौरान 517 लोगों ने करीब साढ़े पांच मिनट तक एक साथ शंख बजाया। सिंहस्थ कुंभ से पहले हुआ ऐतिहासिक आयोजन यह आयोजन नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह से पहले किया गया। गोदावरी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रतिभागी जुटे। सामूहिक शंखनाद के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के वरिष्ठ निर्णायक ऋषि नाथ ने रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा की। 303 लोगों का पुराना रिकॉर्ड टूटा इससे पहले सामूहिक रूप से शंख बजाने का रिकॉर्ड वर्ष 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में बनाया गया था, जहां 303 लोगों ने एक साथ शंख बजाया था। नासिक में 517 प्रतिभागियों की भागीदारी के साथ यह रिकॉर्ड बड़े अंतर से टूट गया। साढ़े पांच मिनट तक गूंजता रहा गोदावरी तट प्रतिभागियों ने लगभग साढ़े पांच मिनट तक लगातार शंखनाद किया। रिकॉर्ड की घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए। आयोजन में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। सिंहस्थ कुंभ से जुड़ी है पहल आयोजकों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सिंहस्थ कुंभ की शुरुआत से जोड़ना और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना था। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ से जुड़े आगामी कार्यक्रमों में भी सामूहिक शंखनाद किए जाने की योजना है। 31 अक्टूबर को होगा ध्वजारोहण समारोह नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले का ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर 2026 को रामकुंड में निर्धारित है। रिपोर्ट के मुताबिक इसी अवसर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़ा प्रमाणपत्र भी औपचारिक रूप से सौंपे जाने की योजना है। 501 या 517—कितने लोगों ने बनाया रिकॉर्ड? कार्यक्रम से पहले जारी जानकारियों में 501 शंखवादकों के भाग लेने की योजना बताई गई थी। हालांकि आयोजन के बाद प्रकाशित रिपोर्टों में गिनीज रिकॉर्ड के लिए आधिकारिक भागीदारी 517 लोगों की बताई गई है। इसलिए अंतिम रिकॉर्ड संख्या 517 मानी जा रही है। स्रोत – अमर उजाला, हिन्दुस्तान, टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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“Gen Z की सोच अलग है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे गलत हैं”: पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे

पुणे, 25 अक्टूबर 2026: भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (सेवानिवृत्त) ने Gen Z को लेकर चल रही राजनीतिक और सामाजिक बहस के बीच कहा है कि नई पीढ़ी का सोचने का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन सिर्फ इसी वजह से उन्हें गलत नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने युवाओं की बात सुनने, उनकी समस्याओं को समझने और संवाद के जरिए समाधान खोजने पर जोर दिया। “नई पीढ़ी का नजरिया अलग है” नरवणे ने कहा कि हर पीढ़ी अपने समय और परिस्थितियों के हिसाब से अलग सोच विकसित करती है। नई पीढ़ी भी चीजों को अपने तरीके से देखती है और यह जरूरी नहीं कि उसका नजरिया पुरानी पीढ़ी से पूरी तरह मेल खाए। उनके मुताबिक, अलग सोच का मतलब गलत सोच नहीं है। युवाओं को समझना जरूरी पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि युवाओं को सिर्फ डांटने या उनकी बात खारिज करने से समस्या हल नहीं होगी। पहले यह समझना जरूरी है कि उन्हें क्या परेशान कर रहा है, उनकी क्या मुश्किलें हैं और वे किस बदलाव की मांग कर रहे हैं। “वे देश का नुकसान नहीं चाहते” नरवणे ने कहा कि युवाओं की मंशा देश को नुकसान पहुंचाने की नहीं होती। वे भी मानते हैं कि जो मुद्दे वे उठा रहे हैं या जिन बदलावों की मांग कर रहे हैं, वे देश की बेहतरी के लिए हैं। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की जरूरत बताई। ‘Regime Change’ बहस के बीच आया बयान नरवणे की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर युवाओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा “regime change” जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हुआ था। राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर लगाए थे आरोप रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया था कि वे युवाओं के विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल अराजकता फैलाने और बांग्लादेश जैसे सत्ता परिवर्तन की स्थिति पैदा करने के लिए कर रहे हैं। दूसरी ओर विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विरोध का उद्देश्य निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। संवाद को बताया सबसे जरूरी रास्ता नरवणे ने कहा कि पीढ़ियों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन समाधान का रास्ता बातचीत से ही निकलता है। उन्होंने समाज और संस्थाओं से युवाओं के नजरिए को समझने और उनकी बात सुनने की अपील की। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन में सरकार पर सवाल उठाने वाले पोस्टर मिले, एफआईआर दर्ज; स्पेशल सेल भी जांच में शामिल

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पोस्टरों में सरकार के प्रदर्शन को लेकर कई दावे लिखे थे और लोगों को एक ऑनलाइन समूह से जुड़ने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी इस मामले की जांच में शामिल हो गई है। 20 अक्टूबर को सामने आया मामला एफआईआर के मुताबिक यह मामला 20 अक्टूबर को सामने आया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एक ट्रेन ऑपरेटर ने नई दिल्ली से यशोभूमि स्टेशन तक यात्रा पूरी करने के बाद ट्रेन की जांच के दौरान सीट पर चिपके दो पोस्टर देखे। उसने पोस्टर हटाकर वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पोस्टरों में क्या लिखा था? काले-सफेद ए4 आकार के इन पोस्टरों पर सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वाले संदेश और हाल के वर्षों में देश में हुए बदलावों से जुड़े नौ दावे लिखे थे। इनमें “Voting Protest”, “Community Building Reform” और “Dissatisfied? You Are Not Alone” जैसे संदेश शामिल थे। पोस्टरों पर मौजूद क्यूआर कोड लोगों को एक ऑनलाइन समूह से जुड़ने का निमंत्रण देता था। किन धाराओं में मामला दर्ज? रिपोर्ट के मुताबिक मामला दिल्ली सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम और मेट्रो रेलवे कानून के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ है और किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। स्पेशल सेल क्यों जांच कर रही है? दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान के साथ-साथ क्यूआर कोड से जुड़े ऑनलाइन समूह के संचालकों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पोस्टर किसने तैयार किए और ट्रेन में किसने लगाए। पोस्टर पुलिस ने किए जब्त ट्रेन ऑपरेटर ने पोस्टर मिलने के बाद उन्हें स्टेशन कंट्रोलर को सौंपा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों पोस्टर जब्त कर लिए और संबंधित ट्रेन, स्टेशन तथा संभावित सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया मामला यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब दिल्ली में अक्टूबर के दौरान कई राजनीतिक और छात्र संगठनों के प्रदर्शन हुए हैं। अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने इस महीने दर्जनों एफआईआर दर्ज की हैं और कई मामलों की जांच विशेष इकाइयों को सौंपी गई है। हालांकि मेट्रो में मिले पोस्टरों को किसी खास संगठन से जोड़ने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Saudi Arabia में flights cancel होने से करीब 4,000 भारतीय Umrah pilgrims फंसे, MEA ने वापसी के लिए शुरू की coordination

नई दिल्ली/रियाद, 23 अक्टूबर 2026: Saudi Arabia में लगातार flight cancellations और airport disruptions के कारण करीब 4,000 भारतीय Umrah pilgrims फंसे हुए हैं। Ministry of External Affairs (MEA) ने कहा है कि Indian Embassy, tour operators और airlines के साथ मिलकर उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। यहां एक जरूरी correction है—ताज़ा verified reports इन्हें Haj pilgrims नहीं, Umrah pilgrims बताती हैं। Flights क्यों cancel हुईं? Saudi Arabia के airports पर हालिया attacks और security concerns के बाद कई international और Indian airlines ने Riyadh, Jeddah, Dammam और Madinah के लिए flights suspend या cancel कीं। इससे बड़ी संख्या में Indian pilgrims की वापसी अटक गई। MEA ने क्या कहा? MEA ने बताया कि Indian Embassy Saudi authorities, airlines और travel operators के संपर्क में है। फंसे हुए यात्रियों के लिए control rooms और helpline numbers भी जारी किए गए हैं ताकि उन्हें accommodation, tickets और return arrangements में मदद मिल सके। Owaisi ने special flights की मांग की AIMIM chief Asaduddin Owaisi ने केंद्र सरकार से मांग की कि stranded pilgrims की वापसी के लिए जरूरत पड़ने पर special flights arrange की जाएं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक flight cancellations से elderly और family travellers को परेशानी हो रही है। Saudi airspace पर security pressure हालिया Houthi missile और drone attacks के बाद Saudi airports पर operations प्रभावित हुए हैं। Riyadh और Dammam समेत कई airports पर disruptions के चलते airlines ने safety assessment के बाद schedules में बदलाव किया। Indian Embassy ने पहले भी जारी की थी advisory Indian Ambassador ने Saudi Arabia में मौजूद भारतीयों और Umrah pilgrims से embassy helplines के संपर्क में रहने को कहा था। Embassy ने affected travellers को official airline updates follow करने की सलाह दी। वापसी कब तक होगी? MEA ने कोई fixed deadline नहीं दी है, लेकिन कहा है कि efforts जारी हैं और priority stranded pilgrims को earliest possible flights से भारत वापस लाने की है। Security situation और airline operations normal होने पर return movement तेज होने की उम्मीद है। जय राष्ट्र न्यूज़

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