voter list update

बिहार चुनाव से पहले आयोग कर रहा वोटर लिस्ट की एसआईआर, मतदाताओं को दिखाने होंगे ये खास दस्तावेज

बिहार में इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर एक तरफ जहां राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारी में जुटी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग भी अपनी तैयारी को पुख्ता कर रहा है। चुनाव आयोग (Election Commission) इस समय वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कर रहा है। इस दौरान चुनाव आयोग के कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे कर रहे हैं। इसके आधार पर ही वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने और फर्जी मतदाताओं को हटाने का कार्य किया जाएगा। एसआईआर (SIR) अभियान को लेकर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिस (Election Commission) द्वारा एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें बताया गया है कि ग्राउंड पर लिस्ट तैयार होने के बाद उसकी जांच बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) करेंगे। इस दौरान मतदाताओं के वैध दस्तावेजों की जांच होगा, फिर लिस्ट की सत्यापन कर उसे वोटर लिस्ट में अपडेट किया जाएगा। इसके बाद लिस्ट में सुधार के लिए मतदाताओं को भी कुछ समय दिया जाएगा और फिर फाइनल लिस्ट जारी कर मतदान के चुनाव तारीखों (Bihar Assembly Elections) का ऐलान कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा बिहार में मतदाता सूची का एसआईआर करीब 22 साल बाद किया जा रहा है। इससे पहले यह काम साल 2003 में किया गया था। ऐसे में मतदाताओं के मन में भी यह सवाल है कि चुनाव आयोग के कर्मचारी जब उनके घ्घर आएंगे तो उन्हें क्या-क्या दस्तावेज दिखाना होगा? 27 जुलाई तक होगा सत्यापन चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर (SIR) का कार्य शुरू हो गया है और यह अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद बीएलओ 27 जुलाई तक मतदाताओं द्वारा दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। एसआईआर के दौरान आयोग के कर्मचारी जब घर पहुंचेंगे तो हर वोटर को एक फॉर्म देंगे, जिसे उन्हें भरना होगा। मतदाता इस फॉर्म को भरकर अपने सभी डॉक्यूमेंट के साथ वापस बीएलओ को देंगे। अगर मतदाता चाहे तो इस फॉर्म को भरने के बाद उसे निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी अपलोड कर सकता है। आइये जानते हैं कि मतदाताओं को क्या-क्या दस्तावेज देना होगा।  1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वाले मतदाता जिन मतदाताओं का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें अपनी जन्म तिथि और  स्थान की सत्यापन के लिए कोई भी एक वैध दस्तावेज देना होगा।  1987 से 2004 के बीच जन्में मतदाता जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद और 2 दिसंबर 2004 से पहले भारत में हुआ है, उन्हें अपने पहचान पत्र के साथ अपने माता-पिता में से भी किसी एक का पहचान पत्र देना होगा।  2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता वहीं, जिन मतदाताओं (Election Commission) का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में हुआ है उन्हें अपने साथ अपने माता-पिता (दोनों) का वैध दस्तावेज देना होगा। अगर माता-पिता में से कोई या फिर दोनों विदेशी नागरिक है, तो उसे अपने जन्म प्रमाण पत्र के साथ  विदेशी नागरिक के वैध पासपोर्ट और वीजा की सेल्फ अटेस्टेड प्रति भी जमा करनी होगी।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? चुनाव आयोग को देने होंगे ये दस्तावेज 1. आम मतदाता कोई भी वैध पहचान पत्र दे सकता है। वहीं केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी अपने वेतन या पेंशन भुगतान आदेश की प्रति भी लगा सकते हैं।  2. सरकार द्वारा जारी 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र, स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी या पीएसयू द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज मान्य होगा।  3. जन्म प्रमाण पत्र  4. विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट जरूरी  5. मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या बोर्ड द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र या मैट्रिक का सर्टिफिकेट भी मान्य  6. केंद्र सरकार और राज्य सरकार की किसी संस्था द्वारा जारी मूल निवास प्रमाण पत्र मान्य है।  7. ओबीसी, एससी और एसटी का जाति प्रमाण पत्र 8. वन अधिकार प्रमाण पत्र 9. राज्य सरकार या किसी स्थानीय निकाय का फैमिली रजिस्टर में शामिल नाम का पत्र  10. सरकार द्वारा जारी किसी जमीन का या फिर घर का प्रमाण पत्र Latest News in Hindi Today Hindi news Election Commission #bihar2025 #voterlistupdate #elections2025 #voterverification #biharnews

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Shocking data breach!

Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed: इस ऐप पर आपकी प्राइवेसी की कीमत सिर्फ 99 रूपये है, मोबाइल नंबर से डिटेल्स हो रही हैं लीक

आज के डिजिटल युग में कुछ भी सेफ नहीं है। यदि आपको लगता है कि आपकी प्राइवेसी को कोई भेद नहीं सकता, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल है। कहने की जरूरत नहीं, आज के दौर में साइबर सुरक्षा सबसे बड़े संकट के रूप में देखी जा रही है। आपको जानकर हैरत होगी कि हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ किसी भी शख्स के मोबाइल नंबर के जरिये उसका नाम, पता, वैकल्पिक नंबर, और आधार कार्ड जैसी पहचान पत्र डिटेल्स महज कुछ सेकंड में ही प्राप्त की जा सकती है। वो भी महज 99 रुपए में। ये सच है, आपकी प्राइवेसी की कीमत सिर्फ 99 रुपए (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) है। यानी कि कोई भी चाहे तो सिर्फ 99 रुपये में आपकी निजी जानकारी हथिया सकता है। सोचनीय बात यह है कि आपको पता भी नहीं चलेगा कि कोई आपका डाटा सिर्फ 99 रूपये में खरीद ले रहा है। ऐसे में सबसे बड़ी चिंतावाली बात यह है कि आपके डेटा का इस्तेमाल यदि कोई अपराधी कर ले, तो वह फर्जी केवाईसी, बैंक लोन, फ्रॉड ट्रांजैक्शन कर सकता है। यही नहीं, वह आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल भी कर सकता है। लोगों की प्राइवेसी को लेकर कई सवाल उठने लगे (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) हैं दरअसल, आपका यह डाटा टेलीग्राम बॉट बेच रहा है। जानकारी के मुताबिक टेलीग्राम बॉट लोगों की पर्सनल जानकारी को बेच रहा है। चौंका देने वाले हुए इस खुलासे से अब ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों की प्राइवेसी को लेकर सवाल उठने लगे (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) हैं। बेशक रिपोर्ट ये सोचने पर मजबूर करती है कि क्या ऐप बनाने वाली कंपनी के पास डेटा वाकई सुरक्षित है भी या नहीं? वैसे तो ऐप्स यूजर्स की सेफ्टी और प्राइवेसी को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन क्या वाकई में उनके दावों पर आँख मूंदकर यकीन किया जा सकता है? वो बात और है कि लोगों की सेफ्टी के लिए ऐप में टू स्टेप वेरिफिकेशन का फीचर दिया जाता है, लेकिन बड़ा सवाल वही कि क्या इस फीचर को ऑन करने के बाद भी आप डिजिटल दुनिया में सेफ हैं? हालिया रिपोर्ट्स की माने तो किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालने पर उसकी निजी जानकारी टेलीग्राम बॉट द्वारा उजागर की जा रही है।  बॉट यूजर्स की संवेदनशील जानकारी को लीक कर (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) रहा है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टेलीग्राम के पास एक ऐसा बॉट है, जो खरीदारों को भारतीय यूजर्स की संवेदनशील निजी डेटा को बेच रहा है। ये बॉट यूजर्स का नाम, पिता का नाम, पता, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर और वोटर आईडी नंबर जैसी जानकारी को लीक कर (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) रहा है। बॉट इन सभी जरूरी जानकारी को उपलब्ध कराने से पहले प्लान खरीदने के लिए कहता है। इसके प्लान की कीमत 99 रुपए से 4999 रुपए तक है। प्लान खरीदने के बाद ये बॉट खरीदार से 10 अंकों का मोबाइल नंबर भेजने के लिए कहता है। 10 अंकों का मोबाइल नंबर भेजते ही महज दो सेकंड के भीतर ये बॉट नंबर से जुड़ी व्यक्ति की पूरी प्रोफाइल डिटेल दे देता है। जिसमें नाम, ऑल्टरनेट फोन नंबर, पता और सारी डॉक्यूमेंट्स की डिटेल शामिल होती है।  गौर करनेवाली बात यह कि बॉट टेलीग्राम की एक प्रमुख विशेषता है। बॉट को कोई भी बना सकता है।  इसे भी पढ़ें:-  इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्‍ला, अब अंतरिक्ष में रहकर करेंगे रिसर्च  ऐसे में लाख टके का सवाल यह कि इससे (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) बचें कैसे?  Latest News in Hindi Today Hindi Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed #privacybreach #dataleak #mobileleak #cybersecurity #indiadata #techalert #privacyviolation #appsecurity

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magic mushroom depression

क्या जादुई मशरूम की सिर्फ एक खुराक से आ सकती है डिप्रेशन के लक्षणों में कमी

डिप्रेशन (Depression) या स्ट्रेस एक ऐसी समस्या है, जिससे बड़ी संख्या में आजकल लोग प्रभावित हैं। अन्य शब्दों में कहें तो आजकल यह समस्या आम है। इसका कारण खराब जीवनशैली और व्यस्त जीवन को माना जा सकता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए सही आहार का सेवन करना, एक्सरसाइज करना और योगा आदि को फायदेमंद माना गया है। कुछ फूड से भी डिप्रेशन (Depression) की समस्या से आराम मिल सकता है। इन्हीं में से एक है एक तरह की मशरूम जिसे मैजिक मशरूम (Magic mushroom) के नाम से जाना जाता है। एक नई स्टडी यह बताती है जी कि मैजिक मशरूम (Magic mushroom) में पाया जाने वाला कंपाउंड स्ट्रेस और डिप्रेशन (Depression) के इलाज में फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें इसके बारे में और अधिक। मैजिक मशरूम और डिप्रेशन में संबंध नई स्टडी के अनुसार मैजिक मशरूम (Magic mushroom) में पाए जाने वाले कंपाउंड सिलोसाइबिन (Psilocybin) की सिर्फ एक डोज डिप्रेशन (Depression) और स्ट्रेस के इलाज में प्रभावी है, खासतौर पर कैंसर के मरीजों में। यही नहीं यह भी पाया गया है कि इस डोज का प्रभाव रोगियों में दो साल से भी अधिक समय तक रहता है। यह स्टडी उन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण की तरह है, जो कैंसर से जूझ रहे हैं। ट्रायल यह बताते हैं की सिलोसाइबिन (Psilocybin) की एक डोज को थेरेपी के साथ लेने से इमोशनल डिस्ट्रेस कम हो सकता है। मैजिक मशरूम और डिप्रेशन में संबंध के बारे में की गयी स्टडी इस स्टडी में 28 कैंसर के रोगियों को एक डोज सिलोसाइबिन (Psilocybin) की दी गई और इसके साथ ही उन्हें साइकोलॉजिकल सपोर्ट भी दिया गया। दो साल के बाद इनमे से पचास प्रतिशत से भी अधिक लोगों में डिप्रेशन (Depression) की कमी पाई गई। यह भी पाया गया है कि लगभग पचास प्रतिशत लोगों में यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो गयी है, जबकि लगभग 40 प्रतिशत लोगों में इसकी कमी पायी गई। अभी इसके बारे में स्टडी चल रही है और इसकी दो डोजेज की तुलना प्लेसबो से की जा रही है, जो एक नकली ट्रीटमेंट है जो वास्तव में कोई थेराप्यूटिक इफेक्ट नहीं डालता, लेकिन रोगी के मन पर इसका प्रभाव हो सकता है। इस मशरूम की डोज के बारे में की गई और अधिक स्टडी से यह पता चल सकता है कि क्या रोगी इसके इस्तेमाल से डिप्रेशन (Depression) और स्ट्रेस से राहत पा सकता है या नहीं। इसे भी पढ़ें:- भारत में जल्द ही लांच होगी वजन कम करने की यह दवा  क्या है मैजिक मशरूम (Magic mushroom)  मैजिक मशरूम (Magic mushroom) प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मशरूम हैं, जो अपने हैलुसिनोजेनिक इफेक्ट्स के लिए जानी जाती हैं। इसका प्रमुख कंपाउंड है सिलोसाइबिन (Psilocybin)। जब इसका सेवन किया जाता है, तो सिलोसाइबिन (Psilocybin) शरीर में सिलोसिन में बदल जाता है जो एक साइकोएक्टिव केमिकल है। यह मशरूम आम मशरूम की तरह दिखती है। इसके कई इफेक्ट हो सकते हैं: कई देशों में मैजिक मशरूम (Magic mushroom) का इस्तेमाल पूरी तरह से इलीगल माना गया है। रीसर्चर इसके लाभों आदि पर अभी और शोध कर रहे हैं और इसके लाभों के बारे में अभी और अधिक रिसर्च की जानी बहुत जरूरी है। अगर इस पर किए जाने वाले शोधों का परिणाम सही रहता है, तो आने वाले समय में सिलोसाइबिन (Psilocybin) का इस्तेमाल कैंसर के रोगियों में डिप्रेशन (Depression) और स्ट्रेस के उपचार के लिए एक स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट बन सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Psilocybin #magicmushroom #psilocybin #depressionrelief #mentalhealth #psychedelictherapy

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Khamenei statement

Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire: सीजफायर के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कही यह बात

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल के साथ लड़ाई में अपने देश की जीत का दावा (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया है। जीत का दावा करते हुए खामेनेई ने कहा कि “ईरानी हमलों से इजरायल घुटनों पर आ गया और सीजफायर के लिए मजबूर हुआ।” गुरुवार को ईरानी सरकारी मीडिया में देश के नाम संदेश जारी खामेनेई ने कहा कि “मैं महान राष्ट्र ईरान और उसके लोगों को बधाई देता हूं। इजरायली सरकार अपने सभी शोर और दावों के बावजूद तेहरान के मिसाइल हमलों के सामने हार गया। हमने इस लड़ाई में उनको कुचल कर रख दिया है।” सरकारी मीडिया के मुताबिक फिलहाल  खामेनेई का छोटा वीडियो जारी किया गया है। उनका पूरा वीडियो संदेश बाद में जारी किया जाएगा। इस वीडियो में हमले को लेकर और भी जानकारी खामनेई देंगे और देश की रणनीति को सामने रखेंगे। ईरान के सुप्रीम लीडर ने पहली बार देश की जनता को संबोधित (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया दरअसल, 24 जून को ईरान-इजराइल युद्ध में सीजफायर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर ने पहली बार देश की जनता को संबोधित (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया है। उन्होंने अपने संबोधन में ईरान की जनता को जीत की बधाई दी। साथ ही कहा कि ईरान ने जायनी दुश्मन को ध्वस्त कर दिया है। इस संदेश से पहले ईरान के अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट की है कि इजराइल और अमेरिकी हमले से बचने के लिए सुरक्षाबल खामेनेई को तेहरान के एक सुरक्षित बंकर में ले गए थे। खामेनेई की ओर से सार्वजनिक बयान ना आने की वजह से लगातार कई सवाल उठ रहे थे। ऐसे में उनके संदेश से एक बात तो साफ़ जो गई है कि वो देश छोड़कर भागे नहीं हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई का दावा है कि अमेरिका ने युद्ध में इसलिए प्रवेश किया क्योंकि उसे लगा कि अगर वह ऐसा नहीं करता तो इजरायल पूरी तरह से नष्ट हो जाता। खामेनेई ने यह भी कहा कि “यहां भी, इस्लामिक रिपब्लिक विजयी हुआ और बदले में अमेरिका के चेहरे पर जोरदार तमाचा मारा।” इजरायली हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडर और कई परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) गई थी 13 जून को इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई तब शुरू हुई जब इजरायल ने ईरान पर यकायक ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए। इन हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडर और कई परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) गई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया और इजरायल पर मिसाइल से हमले शुरू कर दिए। 12 दिन तक दोनों के बीच भीषण लड़ाई देखने मिली। इस बीच 22 जून को इस लड़ाई में अमेरिका भी कूद गया। अमेरिका ने इजरायल के समर्थन में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। इसमें अमेरिका ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया और ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट को तबाह कर देने का दावा किया। इसके बाद ईरान ने कतर में अमेरिकी एयरबेस पर भी 14 मिसाइलें दाग दीं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम का ऐलान (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया जारी इस लड़ाई के बीच 24 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम का ऐलान किया। पहले तो इजरायल और ईरान ने शुरू में सीजफायर पर सहमति ना बनने के बात कही, लेकिन बाद में दोनों देशों ने इसे मान लिया। गौरतलब हो कि 24 जून को सुप्रीम लीडर ने कहा था कि जो लोग ईरानी लोगों और उनके इतिहास को जानते (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) हैं, वे जानते हैं कि ईरानी राष्ट्र आत्मसमर्पण करने वाला राष्ट्र नहीं है।” दरअसल, ये ट्रंप के उस धमकी का जवाब था जिसमें कहा गया था कि “ईरान बिनाशर्त सरेंडर करे। मजे की बात यह कि सीजफायर के बाद अमेरिका, इजरायल और ईरान की ओर से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire #khamenei #iran #ceasefire #iranisupremeleader #irannews #middleeast #iranisraelconflict #breakingnews

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Shubhanshu Shukla

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्‍ला, अब अंतरिक्ष में रहकर करेंगे रिसर्च 

भारत के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरें और सफलतापूर्वक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) 28 घंटे में अपने 3 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहुंच चुके हैं। यह मिशन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से भारत कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोधों की नींव रख रहा है, जो भविष्य में अंतरिक्ष में मानव जीवन और खेती को संभव बना सकते हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) को भारतीय वायुसेना से चयनित किया गया है और वे इस मिशन में 14 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर कुल सात प्रमुख प्रयोग करेंगे। ये सभी प्रयोग अत्यधिक वैज्ञानिक महत्व रखते हैं और भारत के गगनयान मिशन से लेकर भविष्य के अंतरिक्ष उपनिवेश की नींव तक जुड़ते हैं। अंतरिक्ष में  शुभांशु शुक्ला क्या-क्या करेंगे रिसर्च?  1. मायोजेनेसिस पर रिसर्च – अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न के बराबर होता है, जिसे माइक्रोग्रैविटी कहते हैं। ऐसे में शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) इस पर मायोजेनेसिस नाम का प्रयोग करेंगे, जो Institute of Stem Cell Science and Regenerative Medicine द्वारा प्रस्तावित है। इसका मकसद यह समझना है कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने वाले यात्रियों की मांसपेशियों को कैसे सुरक्षित रखा जाए। यह रिसर्च ना केवल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए, बल्कि धरती पर बुजुर्गों और मांसपेशी से जुड़ी समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए भी अहम हो सकता है। 2. फसलों के बीजों पर माइक्रोग्रैविटी का असर- शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) अंतरिक्ष में छह अलग-अलग फसलों के बीजों पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव का अध्ययन करेंगे। खास बात यह है कि वे अपने साथ मूंग और मेथी के बीज ले गए हैं। इसका उद्देश्य यह जानना है कि बिना गुरुत्वाकर्षण के बीज कैसे अंकुरित होते हैं, उनमें कौन-कौन से जेनेटिक बदलाव होते हैं, उनकी पोषण क्षमता में क्या फर्क आता है और वे कितने सूक्ष्मजीव प्रतिरोधी बनते हैं। यह रिसर्च केरल कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है और इसका दीर्घकालिक उद्देश्य अंतरिक्ष में खेती को संभव बनाना है। एक ऐसी तकनीक जो भविष्य में मंगल या चंद्रमा जैसे ग्रहों पर मानव जीवन की कल्पना को साकार कर सकती है। 3. टार्डीग्रेड्स पर रिसर्च-  टार्डीग्रेड्स एक तरह का सूक्ष्म जीव होता हैजो अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं, चाहे वह अत्यधिक गर्मी हो या ठंड हो। शुभांशु माइक्रोग्रैविटी में इन टार्डीग्रेड्स के जीवन चक्र, अनुकूलन क्षमता और व्यवहार का अध्ययन करेंगे। इस शोध से यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-कौन से जीव अंतरिक्ष में जीवन बनाए रख सकते हैं और क्या हम किसी प्रकार की जैविक अनुकूलता के जरिए दूसरे ग्रहों पर जीवन संभव कर सकते हैं। 4. माइक्रोएल्गी- शुभांशु अंतरिक्ष में तीन प्रकार की एककोशिकीय माइक्रोएल्गी (unicellular microalgae) पर अध्ययन करेंगे। इसका उद्देश्य यह जानना है कि क्या ये एल्गी माइक्रोग्रैविटी में भी सही रूप से बढ़ सकती हैं और क्या वे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पोषण, ऑक्सीजन रिसाइक्लिंग और कचरा प्रबंधन जैसी जरूरतों को पूरा कर सकती हैं। 5. सायनोबैक्टीरिया पर प्रयोग- शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) का अगला प्रयोग सायनोबैक्टीरिया की जैव रासायनिक प्रक्रियाओं पर आधारित है। ये जीव अपनी प्रकाश-संश्लेषण क्षमता के लिए जाने जाते हैं और ऑक्सीजन उत्पन्न कर सकते हैं। माइक्रोग्रैविटी में इनकी क्रियाशीलता को समझकर लाइफ-सस्टेनेबिलिटी के लिए मॉडल तैयार किया जा सकता है, जिससे अंतरिक्ष में बायोसिस्टम बनाया जा सके। इसे भी पढ़ें:-  Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान 6. स्पेस स्क्रीन और आँखों पर प्रभाव- एक और अहम अध्ययन अंतरिक्ष में स्क्रीन टाइम और उसके मानसिक और शारीरिक असर से जुड़ा है। शुभांशु यह देखेंगे कि कंप्यूटर स्क्रीन का आंखों की गतिविधि, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और नींद पर क्या असर पड़ता है। यह प्रयोग गगनयान मिशन के लिए भी जरूरी है, क्योंकि अंतरिक्ष यात्रियों का ध्यान, थकावट और मानसिक संतुलन मिशन की सफलता के लिए बेहद अहम होते हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) की यह अंतरिक्ष यात्रा केवल भारत के लिए एक गर्व का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए विज्ञान, कृषि और जीवन प्रणाली की नई दिशा भी है। उनके प्रयोग अंतरिक्ष में जीवन को संभव बनाने, खेती करने और स्वास्थ्य को बनाए रखने की नींव रख सकते हैं। इस मिशन से यह समझा जा सकता है कि भारत अब सिर्फ अंतरिक्ष की दौड़ में शामिल नहीं, बल्कि अग्रणी भूमिका निभा रहा हैऔर शुभांशु शुक्ला इस वैज्ञानिक युग के आइडल भी बन चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Shubhanshu Shukla #shubhanshushukla #internationalspacestation #indianinscience #spaceresearch #space2025 #issmission #indiaspace

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Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

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Madhya Pradesh crime

MP Man gave his wife to a friend to repay debt: मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत 

इंसान पैसों के खातिर किस कदर गिर सकता है इसका कोई निश्चित पैमाना नहीं है। देश में जितने में क्राइम होते हैं, उनमें अधिकतर मामलों का संबंध पैसों और हवस से ही होता है। ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना घटी है मध्य प्रदेश के थार में, जहाँ एक सनकी पति ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दीं। उसने कर्ज न चुका पाने कारण अपनी पत्नी को अपने दोस्त के हाथों बेच दिया। दोस्त ने भी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाते हुए उसके साथ एक नहीं कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी कहानी सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति धार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर कानवन थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी पत्नी इंदौर में रहती थी। फ़िलहाल महिला की शिकायत पर इंदौर के महिला थाने में ही जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई। अब पुलिस जुए में पत्नी को जीतने वाले मित्र की तलाश कर रही है।  कर्ज में डूबे पति ने उसे दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए किया (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) था मजबूर  धार जिले के कानवन थाना प्रभारी अभय नीमा ने बताया कि “महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति जुआरी है। जुए की बुरी लत के कारण दिन-ब-दिन  उसका कर्ज बढ़ता जा रहा है।” कानवन थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत कहा कि “कर्ज में डूबे उसके पति ने उसे अपने उस दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जिससे उसने पैसे उधार (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिए थे।” शिकायत के मुताबिक, जब पति कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गया, तो उसने एक दोस्त के साथ सौदा किया और कर्ज चुकाने के लिए अपनी पत्नी को उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। थाना प्रभारी ने बताया कि “फिलहाल आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।”  कर्ज चुकाने के लिए उसने पत्नी के जेवर तक रख (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिए गिरवी  जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 2016 में उसकी शादी कानवन में युवक से हुई। पीड़िता के मुताबिक शादी से पहले सब ठीक-ठाक था। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद उसे जुए की लत लग गई। वो जुआ खेलने के लिए अक्सर अपने मित्र अभिमन्यु सिंह से पैसे उधार लिया करता था। दिल्ली में रहने वाला अभिमन्यु जानते-बूझते उसे पैसे उधार देता रहा। इस तरह जुए की लत की वजह से ऊपर तकरीबन 8 लाख का कर्ज हो गया। इस बीच कर्ज इतना बढ़ा कि देनदारों ने भी हाथ खड़े कर दिए। लेनदार अब तकाजा करने (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) लगे। कर्ज चुकाने के लिए उसने पत्नी के जेवर तक गिरवी रख दिए, लेकिन फिर भी कर्ज कम नहीं हुआ। अब वो अपनी पत्नी पर ही बाहरी लोगों से पैसे मांगकर लाने का दबाव बनाने लगा।  इसे भी पढ़ें:- क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम यह कहकर पीड़िता का जबरन दो बार शारीरिक शोषण किया कि (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) उसने उसे 50 हजार में ख़रीदा है कहीं से कोई जुगाड़ होता न देख उसने दोस्त का उधार चुकाने के लिए अपनी पत्नी को ही दांव पर लगाने की सोची। कारण यही जो दो बार वो पत्नी को दिल्ली ले गया और उसे अपने मित्र अभिमन्यु के पास छोड़ (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिया। अभिमन्यु ने भी कोई दया नहीं दिखाई। उसने यह कहकर पीड़िता का जबरन दो बार शारीरिक शोषण किया कि उसने उसे 50 हजार में ख़रीदा है। इस बीच 22 मई को जब अभिमन्यु इंदौर आया तो उसने महिला को होटल में बुलाया। इस दौरान उसने जबरन संबंध बनाने की कोशिश की। इस बार पीड़िता ने इसका विरोध किया। न सिर्फ उसने विरोध किया बल्कि अपने परिचितों के जरिए पुलिस में शिकायत भी की। शिकायत के बाद इंदौर के महिला थाने में केस दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले पर धार के एएसपी गीतेश कुमार गर्ग ने कहा कि “मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता का बयान इंदौर में दर्ज किया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi MP Man gave his wife to a friend to repay debt #mpcrime #madhyapradesh #shockingnews #womanassault #indianews #viralnews #crimealert #trendingindia

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9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath: 9वीं पास रिंकू सिंह बने अफसर, योगी सरकार ने दी ये बड़ी जिम्मेदारी

टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह न सिर्फ अपनी विस्फ्टोक बल्लेबाजी बल्कि अपनी शादी को लेकर भी इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से सगाई की थी। खैर, पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब, वाली कहावत शायद रिंकू सिंह पर सटीक न बैठती हो। ऐसा इसलिए कि अपने बल्ले से गेंदबाजों को दिन में तारे दिखाने वाले रिंकू सिंह अब सरकारी नौकरी (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) करते नजर आएंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए सरकारी नौकरी प्रदान की है। क्रिकेट के बाद रिंकू सिंह अब सरकारी नौकरी भी अपना करिश्मा दिखाते नजर आएंगे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रिंकू सिंह को बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया गया है। काबिलियत (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) देख उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया है बात करें रिंकू सिंह की शिक्षा की तो वो महज नौवीं पास हैं। क्रिकेट जगत में अपने बल्लेबाजी के दम पर अपनी पहचान बनाने वाले सिंह सिर्फ कक्षा नौ तक ही पढ़े हैं। दरअसल, घर की माली हालत और परिस्थिति की वजह से वो अधिक पढ़ नहीं सके। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते उनको अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। गौरतलब हो कि उनके पिता गैस सिलेंडर की डिलवरी करने का काम किया करते थे। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद रिंकू सिंह ने अपने हुनर और जज्बे के बल पर क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। कारण यही जो उनकी काबिलियत (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) देख उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया है।  रिंकू सिंह नियमों के तहत ये सरकारी नौकरी दी गई (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) है बता दें कि क्रिकेटर रिंकू सिंह सीधे भर्ती नियमों के तहत ये सरकारी नौकरी दी गई (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) है। बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनने के बाद अब रिंकू सिंह अपने जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की देख रेख करेंगे। बेसिक एजुकेशन ऑफिसर का काम जिले की प्राथमिक आर उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षा का संचालन और व्यवस्था देखना होता है। महत्वपूर्ण बात यह कि पूरे जिले के सरकारी स्कूलों की जिम्मेदारी भी बेसिक एजुकेशन ऑफिशर के ऊपर ही होती है। बीएसए जिले के सरकारी स्कूलों का समय-समय पर निरीक्षण करके देखते है कि वहां शिक्षा व्यावस्था सही है या नहीं। इस तरह अब रिंकू शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं देते हुए दिखाई देंगे। कहने की जरूरत नहीं, इन दिनों उनके सितारें बुलंदियों पर हैं।  इसे भी पढ़ें:- सौरव गांगुली ने विराट कोहली के रिटायरमेंट पर फोड़ा बम, कही यह बात रिंकू सिंह ने अभी तक टीम इंडिया के लिए 33 टी20 और 2 वनडे मैच (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) खेले हैं रही बात रिंकू सिंह के करियर की तो उन्होंने अभी तक टीम इंडिया के लिए 33 टी20 और 2 वनडे मैच खेले हैं। टी20 क्रिकेट में रिंकू सिंह ने 546 रन बनाए है, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा वनडे में रिंकू ने महज 55 रन बनाए हैं। बात करें आईपीएल की तो आईपीएल में उन्होंने अब तक 59 मैच खेले है, जिसमें रिंकू ने 1099 रन बनाए हैं। इनमें 4 अर्धशतक शामिल हैं। खैर, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टी20 क्रिकेट में अपने बल्ले से धमाल मचाने रिंकू (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बन किस तरह शिद्द्त के साथ अपने कर्तव्यों का वहन करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news 9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath #rinkusingh #yogiadityanath #upnews #governmentjob #latestnews #breakingnews

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बैंकिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो जानें क्या हैं एसबीआई पीओ की सैलरी और सुविधाएं

एसबीआई (SBI) यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) देश के बड़े और प्रतिष्ठित बैंकों में से एक है। हाल ही में इस बैंक ने एक नोटिफिकेशन जारी की है जिसके अनुसार उन्होंने एसबीआई (SBI) पीओ के लिए नयी पोस्ट्स निकाली हैं। पीओ का अर्थ है प्रोबेशनरी ऑफिसर और इस जॉब में कस्टमर सर्विस, अकाउंट मैनेजमेंट, लोन और क्रेडिट मैनेजमेंट आदि शामिल है। अगर आप इस जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो यह जान लें कि अभी आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है क्योंकि यह जॉब बेहतरीन सैलरी के साथ ही जॉब सिक्योरिटी और अच्छे करियर के अवसर प्रदान करती है। अगर आप इस जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है। आइए जानें एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के बारे में। एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए 541 पदों के लिए एप्लिकेशन फॉर्म लेना शुरू कर दिए हैं। ध्यान रखे कि इसके लिए आवेदन 24 जून से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक कैंडिडेट 14 जुलाई तक ही आवेदन भर सकते हैं। इसके बाद आप आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लीकेशन फॉर्म को भरा जा सकता है। यह भी जान लें कि इसके लिए 541 पद भरें जाएंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए योग्यता डिटेल इस प्रकार है: सिलेक्शन प्रोसेस  एसबीआई पीओ पोस्ट्स के लिए सैलेरी एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए यह जानना भी आवश्यक है कि सेलेक्ट होने पर एम्प्लोयी को शुरुआती बेसिक सैलेरी 48,480 रुपये दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें सीसीए, पीएफ, एनपीएस, एचआरए, मेडिकल फैसिलिटी आदि एलोवेन्स भी मिलेंगे। कुछ अन्य सुविधाएं भी उन्हें मिलेंगी, जिसके बारे में अन्य जानकारी आपको बैंक की वेबसाइट पर मिल जाएगी।  कैसे करें अप्लाई? एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए अगर आपको आवेदन भेजना है, तो सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। आप इस का लिंक गूगल सर्च से भी प्राप्त कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? इस लिंक से आप अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news SBI PO Posts #sbi2025 #sbiPOsalary #bankingcareer #sbiPOperks #bankjobupdate #careerinbanking #salarystructure

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चीन की धरती से पाकिस्तान को फटकार… SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर जमकर लताड़ा

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को चीन की धरती पर आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री ने चीन के किंगदाओ शहर में हो रहे SCO (शंघाई सहयोग संगठन) सम्मेलन में रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए कहा कि कुछ देश ऐसे हैं, जो सीमा पार आतंकवाद को खास रणनीति की तरह इस्तेमाल कर आतंकवादियों को पनाह देते हैं और दूसरे देशों में आतंक फैलाते हैं। ऐसे दोहरे मापदंडों को अपनाने वाले देशों के लिए दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं होनी चाहिए।    उन्होंने एससीओ (SCO) से कहा कि ऐसे आतंक परस्त देशों की आलोचना करने में किसी को संकोच नहीं करना चाहिए। क्योंकि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए बड़ा खतरा है। इसलिए एससीओ (SCO) को एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करना चाहिए। इस दौरान राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सदस्य देशों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने और एकजुट रहने का आह्वान किया। बता दें कि मई 2020 में लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैन्य गतिरोध के बाद भारतीय रक्षा मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। इस सैन्य झड़प की वजह से दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठक हुई हैं, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते सामान्य होते नजर आ रहे हैं। दोनों देश कूटनीति से सीमा विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।   आतंकवादी और उनके ठिकानों को हम ढूंढ-ढूंढ कर खत्म करेंगे- सिंह  रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने अपने संबोधन में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टोरलेन्स आज उसके कार्यों में झलकती है। इस नीति में आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने का अधिकार भी शामिल है। हमने यह करके दिखा दिया है कि आतंकवादी और उनका ठिकाना अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। वो चाहे जहां छुपकर बैठे हों, हम उन पर प्रहार करने में एक पल भी संकोच नहीं करेंगे। आतंकवाद के ठिकाने चाहे जहां पर भी हों, अगर वो हम पर अटैक करते हैं तो हम उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर खत्म कर देंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंक फैलाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। इसलिए  हमें सीमा पार से हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन को रोकने की कोशिश करनी चाहिए। हम सभी के हित आपस में जुड़े हैं, हम एक ऐसी नई चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और साइबर हमलों से लेकर हाइब्रिड युद्ध तक फैला हुए है। इस आतंकवाद को फैलने से रोकने के लिए हमें मिलकर सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आतंक को रोकने के लिए एकजुट होना होगा- सिंह  रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के ये खतरे किसी राष्ट्रीय सीमा का सम्मान नहीं करते हैं। इनको रोकने के लिए आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित एकीकृत प्रतिक्रिया की जरूरत है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों का सामना करने के लिए अपने संकल्प की पुष्टि करता है। दुनिया को कोई भी देश, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली और विशाल क्यों न हो, अकेले अपने दम पर इन्हें नहीं रोक सकता है। इसलिए सभी राष्ट्रों को अपने पारस्परिक लाभ के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। हमारे यहां सदियों पुरानी एक कहावत ‘सर्वे जन सुखिनो भवन्तु’ है, जो हमारी इस भावना को दर्शाता है। इसका अर्थ है ”सभी के लिए शांति और समृद्धिय”।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rajnath Singh #rajnathsingh #scomeeting2025 #operationsindoor #pakistanterror #indiadiplomacy #chinaindiarelations #terrorism

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