CBSE Class 10 students will appear for board exams

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 से साल में दो बार होगी परीक्षा 

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अहम बदलाव किया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने घोषणा की है कि साल 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं (10th Board Exam) साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। एक ही साल में दो बार परीक्षा लेने का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को मल्टीपल एग्जिट और एंट्री विकल्प देना है। CBSE के इस फैसले के अनुसार पहली परीक्षा फरवरी के मध्य में होगी और दूसरी मई में आयोजित की जाएगी। छात्र इन दोनों परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे, लेकिन उनके पास यह विकल्प भी होगा कि वे केवल एक बार परीक्षा दें। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपनी स्कोर में सुधार ला सकते हैं। यह मॉडल काफी हद तक जेईई मेन (JEE Main) और सीयूईटी (CUET) जैसी परीक्षाओं के जैसा होगा, जिसमें स्टूडेंट्स को साल में एक से ज्यादा मौके मिल सकते हैं। बदलाव का मकसद क्या है? CBSE के अनुसार इस पहल का मकसद छात्रों को एक परीक्षा, एक मौका जैसी मानसिकता से बाहर निकालना है। अभी तक की छात्रों को केवल एक मौका मिलता था, जिससे उनमें असफलता का डर और तनाव बहुत अधिक होता था। साल में दो बार परीक्षा का मौका मिलने से छात्रों को कई तरह से लाभ मिलेंगे-   एक ही साल में 2 बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा।  तनाव कम होगा।  परीक्षा बेहतर तरीके से दे पाएंगे।  व्यक्तिगत विकास और आत्मविश्वास बढ़ेगा।  किन छात्रों को होगा ज्यादा लाभ? इस नई व्यवस्था से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, मध्यम या कमजोर स्टूडेंट्स के साथ-साथ परीक्षा के दिन बीमार या मानसिक रूप से अस्वस्थ छात्र को ज्यादा फायदा मिलेगा। अब उन्हें पूरे साल की मेहनत सिर्फ एक दिन पर निर्भर नहीं करनी पड़ेगी। CBSE के इस निर्णय के साथ-साथ बोर्ड ने यह भी कहा है कि अब प्रश्नपत्र इस तरह से बनाए जाएंगे कि छात्रों को परेशानी ना हो और मूल्यांकन (Marking) करने में भी समस्या ना हो। साल 2024 से ही CBSE ने प्रश्नपत्रों में केस-स्टडी, एप्लिकेशन-बेस्ड सवालों को शामिल करना शुरू कर दिया है और यह प्रक्रिया 2026 तक और भी बेहतर हो जाएगी। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? क्या छात्रों को दोनों परीक्षाएं देनी होंगी? नहीं। CBSE ने साफ कहा है कि दोनों परीक्षाएं वैकल्पिक (Optional Exam) होंगी। यानी अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में ही अच्छा स्कोर कर लेता है, तो उसे दूसरी परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जो छात्र सुधार करना चाहते हैं, वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अंतिम रिपोर्ट कार्ड में उसी प्रयास के अंक शामिल किए जाएंगे जिसमें छात्र का स्कोर बेहतर होगा। यह व्यवस्था छात्रों को एक अतिरिक्त मौका देती है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें। पहली परीक्षा को एक ट्रायल रन की तरह लिया जा सकता है, जबकि दूसरी परीक्षा (Second Exam) उन छात्रों के लिए सहायक होगी जो पहले प्रयास में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं सभी स्कूल, शिक्षक और छात्र 2026 तक इस सिस्टम के लिए खुद को तैयार कर सकें इसलिए इसकी घोषणा अभी ही कर दी गई है, जिससे इसका फायदा साल 2026 में बोर्ड परीक्षा (2026 Board Exam) देने वाले स्टूडेंट्स उठा सकें। इसके साथ ही CBSE यह सुनिश्चित कर रहा है कि परीक्षा के बीच पर्याप्त अंतर हो, जिससे छात्रों को दोबारा तैयारी करने का समय मिल सके। यह नया ढांचा छात्रों की मानसिक सेहत (Mental Health), आत्म-विश्लेषण (Self-analysis) और सुधार की प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा। उम्मीद है इस पहल से एजुकेशन सिस्टम (Education System) और बेहतर होगा और NEP 2020 (National Education Policy 2020) के विजन का एक प्रमुख हिस्सा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news JEE Main CBSE #cbse2026 #class10board #cbsenews #cbseupdate #boardexam2026

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भारत में जल्द ही लांच होगी वजन कम करने की यह दवा 

वजन का बढ़ना या मोटापा (Obesity) आजकल न केवल वयस्कों बल्कि बच्चों के लिए भी एक बड़ी समस्या बन चुका है। अधिक वजन कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का एक कारण भी है। इसके लिए लोग जिम में घंटों समय बिताते हैं और कई तरह की डायट्स फॉलो करते हैं। यही नहीं, इसके लिए आजकल लोग इसके लिए सर्जरी और कई दवाईयों का भी सहारा ले रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स इनकी सलाह नहीं देते हैं। लेकिन अगर आप दवा से वजन कम करने चाहते हैं तो यह आपके लिए एक अच्छी खबर हो सकती है क्योंकि अब डेनमार्क की एक मशहूर दवा “वेगोवी (Wegovy)” भारत में भी जल्दी ही उपलब्ध होगी। आइए जानें डेनमार्क मशहूर दवा वेगोवी (Wegovy) के बारे में विस्तार से। इसकी कीमत के बारे में भी जानें।  पाएं जानकारी वजन कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy weight loss medicine) के बारे में वजन और मोटापा (Obesity) कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy) को वजन कम करने में बहुत प्रभावी पाई गयी है। इस दवा को खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो मोटापा (Obesity) से पीड़ित हैं और जिन्हें वजन कम करने में समस्या हो रही है। इस दवा को डेनमार्क की कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo nordisk) ने बनाया है। यह दवा पेन के आकार में उपलब्ध है। उन दवा का इस्तेमाल बीएमआई 30 ज्यादा लोगों के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही वो लोग भी इसे ले सकते हैं जिनका बीएमआई 27 से अधिक है और जिन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हैं। लेकिन, ध्यान रहे डॉक्टर की सलाह के बिना इस दवा को लेने से बचें अन्यथा वजन कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy weight loss medicine) कई परेशानियों का कारण बन सकती है। कैसे करती है यह दवा काम? वेगोवी (Wegovy) एक जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट है जो भूख को कम करने का काम करती है और इसके साथ ही इससे पाचन भी स्लो हो जाता है। यही नहीं, इससे इन्सुलिन सेक्रेशन भी बढ़ सकता है। इन सबसे वजन कम करने में मदद मिल सकती है और मोटापा (Obesity) कम हो सकता है। भारत में भी उपलब्ध है वजन कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy weight loss medicine)  अब यह दवा भारत में भी मिलने वाली है। इसे बनाने वाली कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo nordisk) से यह बताया है कि वो जल्दी ही इसे भारत में लांच करने वाले हैं। अगर बात की जाए इसकी कीमत की तो उम्मीद है कि यह लगभग 17,000 रुपये की शुरुआती कीमत पर लोगों के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि, इसकी कीमत कुछ अन्य फैक्टर्स पर भी डिपेंड करेगी। यह दवा इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध होगी और यह अलग-अलग डोज में मिलेगी। विभिन्न डोज की कीमत अलग रहेगी। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा सन फार्मा, सिप्ला आदि भी वेगोवी (Wegovy) जैसी दवाइयां बनाने की दिशा में कर रही हैं काम  ऐसा माना गया है कि नोवो नॉर्डिस्क (Novo nordisk) द्वारा बनाई वेगोवी (Wegovy) के हेल्थ पर कई अन्य पॉजिटिव इफेक्ट्स हो सकते हैं। लेकिन इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से बचें।  ऐसा पाया गया है कि पिछले कुछ सालों में भारत में मोटापे की समस्या बहुत अधिक बढ़ी है लेकिन यहां ऐसे लोग बहुत कम हैं जो इसके लिए दवाइयों का सेवन करते हों। भारत की कुछ दवा कंपनियां जैसे सन फार्मा, सिप्ला आदि भी वेगोवी (Wegovy) जैसी दवाइयां बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इनके द्वारा बनाई दवा भी आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। इस बात का भी ध्यान रखें कि दवा के साथ ही मरीज को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की भी राय दी जाती है। इस दवा के परिणाम रोगी की हेल्थ और जीवनशैली पर निर्भर करता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Wegovy #weightloss #healthnews #indiahealth #fatloss #obesitytreatment #newdruglaunch #fitnessindia #slimmingpill

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Mallikarjun Kharge slams Shashi Tharoor

हमारे लिए ‘सबसे पहले देश’, लेकिन कुछ लोगों के लिए सबसे पहले…’थरूर पर खरगे का बड़ा अटैक

कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की खुलकर तारीफ करने पर कांग्रेस भड़क गई है। थरूर के भाजपा प्रेम को लेकर कांग्रेस के नेता लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा हमला खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बोला है। उन्होंने थरूर पर हमलावार होते हुए कहा कि हम सभी (कांग्रेस) के लिए सबसे पहले देश है, लेकिन उनके लिए ‘मोदी सबसे पहले’ हैं। खरगे के इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से थरूर के लिए अब तक की सबसे तीखी प्रतिक्रिया मानी जा रही है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही शशि थरूर (Shashi Tharoor) खुलकर पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते आ रहे हैं। भाजपा ने उन्हें विदेश भेजे गए सांसद डेलीगेशन का नेतृत्व भी सौंपा था, जबकि कांग्रेस ने उनका नाम तक नहीं सौंप था। इसके बाद से ही कांग्रेस के नेता उन पर पाला बदलकर भाजपा के साथ जाने का आरोप लगाते आ रहे हैं। सभी के अपने-अपने विचार, कौन क्या कह रहा, यह उनकी निजी राय- खरगे मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थरूर के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘शशि थरूर (Shashi Tharoor) की भाषा पर मजबूत पकड़ है, उनका संवाद बहुत अच्छा है, इसलिए उन्हें हमने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में रखा है। जब हम लोग गुलबर्गा गए थे तो, हम सभी ने एक मत होकर कहा था कि हम सभी देश के साथ खड़े हैं, हम ऑपरेशन सिंदूर में भी एक साथ है। हमारे लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके लिए ‘मोदी पहले’ हैं और देश बाद में है। खरगे ने मीडिया से पूछते हुए कहा कि, तो ऐसे लोगों के लिए हमें क्या करना चाहिए?’ हालांकि मीडिया ने जब खरगे (Mallikarjun Kharge) से पूछा कि क्या कांग्रेस अब थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है, तो उन्होंने कहा, ‘लोग अपनी मर्जी से कुछ भी लिख सकती है, लेकिन हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते। कांग्रेस देश के लिए एकजुटता चाहती है और हम एक होकर देश के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। खरगे ने यह भी कहा कि, कांग्रेस में करीब 34 सीडब्ल्यूसी सदस्य के साथ 30 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इन सभी के अपने-अपने अलग विचार हैं। वह क्या कह रहे हैं, यह उनकी निजी राय है। अभी हम देश को बचाने और मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं। अगर किसी को इस विषय की ज्यादा चिंता है, तो वह संबंधित व्यक्ति से सीधा पूछ सकता है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? शशि थरूर के एक लेख ने मचा दी कांग्रेस में खलबली  बता दें कि शशि थरूर ने हालही में ‘द हिंदू’ अखबार में एक लेख लिखा था। इस लेख में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बताया था। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते हुए लिखा था कि, ‘मोदी की एनर्जी, तेजी और दूसरों से जुड़ने की इच्छा भारत को वैश्विक स्तर पर ‘प्रमुख संपत्ति’ बना रही है, लेकिन इस कार्य को उतना समर्थन नहीं मिल रहा है, जितना इसे मिलना चाहिए था। थरूर के इस लेख को लेकर कांग्रेस काफी नाराज है। पार्टी के कई नेता थरूर की आलोचना करते हुए कह चुके हैं कि वो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और इसके लिए चटुकारिता कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की नहीं है। कांग्रेस का दृष्टिकोण इससे काफी अलग है। हालांकि थरूर ने कहा कि उनके इस लेख को ‘भाजपा में शामिल होने’ का संकेत न समझा जाए। यह लेख राष्ट्रीय एकता और हित के साथ भारत के लिए खड़े होने का विचार है। थरूर ने यह भी कहा वो अपने इस लेख के माध्यम से देश के हित में अपने विचार रख रहे थे, न कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी के हित में।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mallikarjun Kharge #kharge #tharoor #congress #nationfirst #politicalnews #india #breakingnews #mallikarjunkharge #shashitharoor

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Iran uranium missing

400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran- Real or Drama?: क्या सच में ईरान का 400 Kg संवर्धित यूरेनियम लापता हुआ है या फिर खेला अभी बाकी है?

बेशक ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर लागू होने से दोनों देशों के बीच युद्ध रुक गया है, लेकिन इस बीच तेहरान के 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को लेकर अफवाहें हैं कि थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, इजरायल और अमेरिका के हमले एकमात्र लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना था। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना था। इसी उद्देश्य अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हवाई हमले किए। लेकिन इस बीच बड़ा सवाल यह कि 60 प्रतिशत संवर्धित 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम कहां (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? फ़िलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कई रिपोर्टों में तो यहाँ तक दावा किया गया है कि परमाणु संयंत्रों पर हमलों से पहले ही ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से बनाए जा सकते (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) हैं 10 परमाणु हथियार ऐसे में महत्वपूर्ण बात यह कि यदि ईरान का 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम सुरक्षित (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? तो फिर तो वो भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सकता है। इस हिसाब से तो इजरायल और अमेरिका दोनों के हाथ खाली ही रहे। जिस उद्देश्य से उन्होंने युद्ध किया था वो तो पूरा ही नहीं हुआ, यदि 400 किलोग्राम यूरेनियम 60 प्रतिशत तक संवर्धित हैं तो। हालांकि इस बात को अधिक गंभीरता से इसलिए भी लिए जा रहा है क्योंकि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज चैनल से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि “ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर अमेरिकी हवाई हमले किए। अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु संयंत्र ‘बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए या उन्हें एक तरह से मिटा दिया गया। फिर भी उन्हें संदेह है।” जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से 10 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा यहाँ तक कि कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी हमलों से पहले ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्डो परमाणु सुविधा के बाहर 16 ट्रकों का काफिला दिखाई दिया था। हालांकि इस बीच इजरायली खुफिया ने भी शंका जताई है कि हो सकता है कि ईरान ने हमलों से पहले ही यूरेनियम को स्थानांतरित कर दिया हो। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु संयंत्रों की तत्काल निरीक्षण की अपील की है। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि गायब यूरेनियम को लेकर अमेरिका और इजरायल दोनों के माथे पर चिंता की लकीरे उठ रही हैं। खैर, इसमें कोई राय नहीं है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन बात फिर वही कि यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा। फ़िलहाल ईरान और इजरायल के बीच अभी अस्थायी सीजफायर हुआ है। लापता 400 किलोग्राम यूरेनियम को नष्ट करने के लिए इजरायल आगे ईरान पर यदि हमला करता है, तो इसमें कोई हैरानी भी नहीं होनी चाहिए। देखना दिलचस्प होगा कि यह सीजफायर कब तक रहता है? Latest News in Hindi Today Hindi 400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama? #iran #uranium #missinguranium #nuclearnews #irannews #enricheduranium #truthordrama

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Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror: इस देश के सामने गिड़गिड़ाए शहबाज शरीफ, कहा- पीओके-आतंकवाद सारे मसले सुलझाएंगे, बस भारत से बात करवा दो

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान की अकड़ इस कदर ढीली हुई है कि वो भारत से बात करने के लिए लालायित बैठा है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से बात करके पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद और व्यापार से जुड़े मुद्दा सुलझाना चाहते हैं। इस हेतु उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब्दुलअजीज अल सउद से कहा (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) है कि वह हर हाल में भारत से बात करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई न्यूज की माने तो, शहबाज शरीफ की मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात हुई। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब से कहा कि “पाकिस्तान पीओके, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद पर भारत के साथ बात करने के लिए तैयार है।” भारत ने पाकिस्तान नागरिकों की वापसी के साथ अटारी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) था गौरतलब हो कि 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को लेकर सख्त कदम उठाए थे। भारत ने पाकिस्तान नागरिकों की वापसी के साथ अटारी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) था। इस कड़ी में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तानियों को सार्क वीजा की छूट देना बंद कर किया था बल्कि  पाकिस्तान हाई कमीशन में स्टाफ की संख्या भी कम कर दी थी। यही नहीं, भारत ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। आतंकवाद को लेकर भारत का एकदम रुख साफ है। भारत के मुताबिक जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और पीओके का मामला नहीं सुलझाएगा, तब तक उसके साथ किसी और मुद्दे पर भी चर्चा नहीं की जाएगी।  पाकिस्तान ने ओआईसी में 57 मुस्लिम देशों के सामने (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) रखा सिंधु जल संधि का मुद्दा  गौरतलब हो कि 65 साल पहले 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। यह समझौता दोनों देशों को मान्य था। हुए समझौते के तहत पश्चिमी नदियों- सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी पर पाकिस्तान का और पूर्वी नदियों- रावी, ब्यास और सतलज के पानी पर भारत का अधिकार है। इस तरह भारत को 20 फीसदी और पाकिस्तान को 80 फीसदी पानी मिलता है। इस लिहाज से पानी की इस पर ज्यादा निर्भरता है। इस बीच बात न बनती और भारत के कड़े रुख को देखते हुए पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि का मुद्दा ओआईसी में 57 मुस्लिम देशों के सामने (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) रखा। यही नहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलग-अलग देशों की यात्रा पर भेजे गए बिलावल भुट्टो जरदारी के डेलीगेशन ने भी पानी का मुद्दा उठाया। यह सब इसलिए ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके। मजे की बात यह कि पाकिस्तान की सभी कोशिशें नाकाम रहीं और किसी भी देश ने घास तक नहीं डाली।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) की थी  बता दें कि जम्मू-कश्मीर स्थित पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में स्थित लश्कर-ए-तैयबा, हुए हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) की। जिसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की। भारत की कार्रवाई में पाकिस्तान के नूर खान जैसे बड़े एयरबेस को काफी नुकसान हुआ था। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अब इस बढ़े हुए तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री दुनिया के कई देशों में सामने भारत से बात कर समझौता करने की दुहाई दे चुके हैं। भारत ने साफ़ कर दिया है कि बात अब होगी तो सिर्फ पीओके और आतंकवाद पर ही होगी। देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर क्या भारत पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अख्तियार करता है या फिर आपने रुख में कोई बदलाव न कर पाकिस्तान को नाकों चने चबवाने के लिए और मजबूर करता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror #shahbazsharif #pokissue #terrorism #indiapakistantalks #bilateraltalks #indiaupdates #pakistannews

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Shocking reason behind Raja Raghuvanshi's

Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi: सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा ने इसलिए की थी राजा रघुवंशी की हत्या 

हनीमून मर्डर केस में पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक जांच के दौरान इंदौर के राज कुशवाहा और सोनम रघुवंशी, दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) की है। इस पूरे मामले पर मेघालय पुलिस ने बताया कि सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार कर ली है। मामले की जांच कर रही राज्य की विशेष जांच टीम ने पीड़ित परिवार के द्वारा सोनम रघुवंशी के नार्को टेस्ट की मांग को खारिज कर दिया है। नार्को टेस्ट की मांग पर उन्होंने कहा कि “उनके पास सभी आवश्यक सबूत हैं।” पुलिस का कहना है कि नार्को-टेस्ट के परिणाम अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं।  दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार कर (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लिया है इस दौरान ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने कहा कि “जांच के दौरान राज और सोनम दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार की है। इससे पहले ही उन्होंने अपराध भी स्वीकार कर (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लिया है। हमने मर्डर सीन रिक्रिएट किया, जिसमें उन्होंने हमें दिखाया कि कैसे राजा रघुवंशी की हत्या की। इस मामले में अब हमारे पास सबूत हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें इस स्तर पर अब नार्को टेस्ट कराना चाहिए।” विवेक सिम ने आगे कहा कि “इस मामले को पूरी सावधानी से सुलझाया जा रहा है। ताकि केवल इकबालिया बयानों पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत, स्वीकार्य सबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जल्द से जल्द कानूनी रूप से टिकाऊ आरोपपत्र तैयार करना है।”   सोनम आर राज दोनों राजा की हत्या करना चाहते (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) थे, क्योंकि उनका रिश्ता था हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह संकेत भी दिया कि “सोनम ने अपनी जिंदगी से अपने पति राजा रघुवंशी को हटाने के लिए और राज कुशवाहा के साथ रहने के लिए ये हत्या की साजिश रची होगी।” उनके मुताबिक सोनम आर राज दोनों राजा की हत्या करना चाहते (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) थे, क्योंकि उनका रिश्ता था और रीति-रिवाजों के कारण उन्हें माता-पिता और बाकी लोगों के बीच सहमति बनानी थी। इसलिए उन्होंने सोचा कि राजा से छुटकारा पाना ही बेहतर है। खैर, अब मेघालय पुलिस लोकेंद्र तोमर से पूछताछ करेगी। लोकेंद्र एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक और इंदौर में उसका फ्लैट है। उसी के फ्लैट में सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार होने से पहले कुछ समय के लिए रुकी थी। अब पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है कि सोनम ने फ्लैट में जो बैग छोड़ा था, वह बैग हटाया क्यों गया? जानकारी के मुताबिक सोनम के बैग में एक देसी पिस्तौल, फोन, राजा के गहने और 5 लाख रुपये नकद थे। इसे भी पढ़ें:- क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम पुलिस अब तक सोनम के वो गहने बरामद नहीं कर पाई है, जो वो मेघालय से वापस (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लाई थी खैर, पुलिस के मुताबिक यह सबूत मिटाने का प्रयास (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) था। पुलिस दोनों लोगों पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि पुलिस अब तक सोनम के वो गहने बरामद नहीं कर पाई है, जो वो मेघालय से वापस लाई थी। खैर, पुलिस पूरी बारीकी के साथ जांच कर रही है। वो किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहती इसलिए प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स, सुरक्षा गार्ड बलवीर और अपार्टमेंट के मालिक लोकेंद्र तोमर को गुरुवार को शिलांग की एक अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद सिलोम जेम्स और बलवीर को भी पूछताछ के लिए शिलांग लाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi #sonamraghuvanshi #rajkushwaha #rajaraghuvanshimurder #crimecase2025 #latestnews

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Sourav Ganguly on Kohli

Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement: सौरव गांगुली ने विराट कोहली के रिटायरमेंट पर फोड़ा बम, कही यह बात

विराट कोहली ने इंग्लैंड सीरीज से पहले अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इसके बाद उनके इस फैसले से हर कोई हैरान था। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने विराट कोहली के संन्यास पर चौंकाने वाला खुलासा किया (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) है। गांगुली ने विराट कोहली के टेस्ट से रिटायरमेंट के बारे में कुछ ऐसी बात कही है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। अपने इस बयान में सौरव गांगुली ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि बीसीसीआई को विराट कोहली के संन्यास के बारे में पहले से ही पता था। गौरतलब हो कि भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास के ऐलान के पांच दिन बाद ही विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी।  बीसीसीआई को विराट कोहली के संन्यास के बारे में चार दिन पहले ही पता (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) चल गया था खैर, इस बीच खुलासा करते हुए सौरव गांगुली ने कहा (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) कि “भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को विराट कोहली के संन्यास के बारे में चार दिन पहले ही पता चल गया था। जिसके बाद बीसीसीआई ने विराट कोहली को अपने फैसले पर विचार करने को कहा था, लेकिन विराट कोहली ने अपना फैसला नहीं बदला।” अब ऐसे में फिर से विराट के संन्यास वाली खबर एक बार पुनः चर्चा का विषय बन रही है। विराट कोहली के संन्यास के ऐलान ने क्रिकेट जगत से जुड़े सभी लोगों को हैरान कर दिया (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) था ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनका बल्ला कोई खास कमाल नहीं (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) कर सका बता दें कि विराट कोहली ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। विराट कोहली के संन्यास के ऐलान ने क्रिकेट जगत से जुड़े सभी लोगों को हैरान कर दिया था। जिस वक्त सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) थे, उस वक्त विराट कोहली भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान थे। टीम इंडिया ने इंग्लैंड सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज खेली थी। विराट ने आखिरी टेस्ट सीरीज ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली, जिसके पहले मैच में उन्होंने शतक जड़ा था लेकिन बाकि अन्य मुकाबलों में उनका बल्ला कोई खास कमाल नहीं कर सका। नतीजतन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से हाथ धो बैठा। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात अचानक विराट ने संन्यास का फैसला कर (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) लिया इस बीच दौरान कोहली दिल्ली की तरफ से रणजी 2025 मैच भी खेलने उतरे, लेकिन उसमें भी वो अपने बल्ले का जौहर नहीं दिखा सके। कहने की जरूरत नहीं ऐसे में सभी को लग रहा था कि विराट अगली टेस्ट सीरीज के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिर अचानक इसके बाद विराट ने संन्यास का फैसला कर (Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement) लिया। हालाँकि अचानक से उनका टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना लोगों को रास नहीं आया। खैर, सौरव गांगुली के दावों क मुताबिक बीसीसीआई विराट के इस फैसले के बारे में पहले से जानती थी।  फैंस रोहित शर्मा और विराट कोहली को कर रहे हैं याद  बात करें मौजूदा टीम की तो, शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ अपना जीता हुआ पहला टेस्ट मैच हार चुकी है। वक्त रहते निर्णय ने होने चलते टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा। ऐसे में हार के बाद से सोशल मीडिया में टीम इंडिया के फैंस रोहित शर्मा और विराट कोहली को याद कर रहे हैं। फैंस का मानना है कि इस मैच में ये दोनों खिलाड़ी होते तो बात कुछ और होती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ganguly Breaks Silence on Kohli’s Retirement Statement #viratkohli #souravganguly #kohliretirement #cricketnews #teamindia #gangulyonkolhi

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Shubhanshu Shukla's journey in Axiom-4 marks

भारत ने रचा अंतरिक्ष इतिहास: Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान

भारत की अंतरिक्ष यात्रा ने एक नया और ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। Axiom-4 मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला  (Indian astronaut Shubhanshu Shukla) और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर SpaceX का फाल्कन 9 रॉकेट सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए रवाना हो गया है। फ्लोरिडा के प्रतिष्ठित कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से लॉन्च हुआ यह मिशन न केवल भारत, बल्कि हंगरी और पोलैंड जैसे देशों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla), जो इस मिशन के पायलट हैं, भारत के लिए गौरव का प्रतीक बन चुके हैं, क्योंकि वे राकेश शर्मा (Rakesh Sharma) के बाद अंतरिक्ष में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं और पहले भारतीय हैं जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंचेंगे। सफल लॉन्च और 28 घंटे की यात्रा SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट ने 24 जून की रात को लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से उड़ान भरी। इस रॉकेट के शीर्ष पर स्पेसएक्स का ही अंतरिक्ष यान ड्रैगन मौजूद है, जिसमें चारों अंतरिक्ष यात्री सवार हैं। यह यान अब 28 घंटे की यात्रा पर है और उम्मीद है कि यह गुरुवार, 26 जून को शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) पर डॉक करेगा। यह मिशन तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन लॉन्च की सफलता ने इस पूरी यात्रा को मजबूत आधार प्रदान कर दिया है। मिशन की टीम: अनुभव और विविधता का संगम Axiom-4 मिशन (Axiom Space) की टीम में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। भारत से शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) मिशन के पायलट हैं, जो ISRO (Indian Space Research Organisation) के प्रतिनिधि के रूप में इस मिशन में भाग ले रहे हैं। मिशन कमांडर हैं नासा (NASA) की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन, जिन्हें अमेरिका की सबसे अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्री माना जाता है। उनके अनुभव ने इस मिशन को एक मजबूत नेतृत्व प्रदान किया है। इसके अलावा पोलैंड से स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी से टिबोर कापू मिशन विशेषज्ञ के रूप में टीम का हिस्सा हैं। यह मिशन न केवल विज्ञान की दृष्टि से बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दृष्टि से भी एक मिसाल है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 14 दिन का मिशन Axiom-4 मिशन (Axiom-4 Mission) के चारों सदस्य ISS पर लगभग 14 दिन बिताएंगे। इस दौरान वे 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इनमें से सात प्रयोग भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तावित किए गए हैं, जो अंतरिक्ष में जैविक, भौतिक और तकनीकी अनुसंधान से संबंधित हैं। इन प्रयोगों के परिणामों से न केवल अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा मिलेगी, बल्कि पृथ्वी पर जीवन की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें:- भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज भरेंगे अंतरिक्ष की उड़ान Axiom Space और निजी अंतरिक्ष उड़ानों का नया युग Axiom-4 मिशन  (Axiom-4 Mission) चौथा निजी अंतरिक्ष मिशन है जिसे ह्यूस्टन स्थित कंपनी Axiom Space द्वारा नासा की साझेदारी में भेजा गया है। यह मिशन एक और संकेत है कि भविष्य में अंतरिक्ष यात्राएं केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रहेंगी। निजी कंपनियां अब अंतरिक्ष अनुसंधान और पर्यटन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। Axiom Space का उद्देश्य है एक दिन पृथ्वी की कक्षा में एक पूर्णत: वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन बनाना, जो वर्तमान ISS का स्थान ले सके। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jairashtranews) भारत के लिए महत्व: वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर नई पहचान भारत के लिए यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिखाता है कि देश अब वैश्विक अंतरिक्ष प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। शुभांशु शुक्ला की इस उड़ान ने भारत को उस क्लब में शामिल कर दिया है, जिसमें अब तक केवल कुछ ही देशों के नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचे हैं। यह न केवल तकनीकी सफलता है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भविष्य की अंतरिक्ष नीतियों की दिशा में एक बड़ा कदम है। Axiom-4 मिशन (Axiom-4 Mission) ने भारत के अंतरिक्ष सफर में एक नया अध्याय जोड़ा है। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) की ऐतिहासिक उड़ान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैज्ञानिक शोध और निजी कंपनियों की सक्रियता से यह मिशन भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं के लिए प्रेरणा बनेगा। यह मिशन साबित करता है कि भारत अब न केवल पृथ्वी पर, बल्कि अंतरिक्ष में भी एक उभरती हुई महाशक्ति है। Latest News in Hindi Today Hindi Shubhanshu Shukla Axiom Space #shubhanshushukla #axiom4 #indiaspace #spacexmission #indianastronaut #spacehistory #axiomspace #nasacollab #indianews #spacetravel

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Abhinandan Varthaman

Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan: विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ने वाला पाकिस्तानी अफसर पाकिस्तान में हुआ ढेर

जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे; यह कहावत पाकिस्तान पर सटीक बैठती है। बरसों से आतंकियों को पनाह देने वाला आतंकी मुल्क पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद की आग में झुलस रहा है। अपनी ही ज़मीन पर आतंकवादियों को पालकर दुनियाभर में अशांति फैलाने वाले पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसका यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है कभी। आलम अब यह है कि इस आग में उसके अपने ही हाथ जलने लगे हैं। आग का खेल अब उसे समझ आने लगा है। पाकिस्तान में आतंक की फसल की पैदावार इस कदर हुई है कि अब सीमावर्ती इलाकों में ही उसे कई आतंकी और उग्रवादी संगठनों से लड़ना पड़ता है। इसी क्रम में दक्षिणी वजीरिस्तान के सरगोधा और कुर्रम इलाके में मंगलवार को आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान नाम के आतंकी संगठन और पाकिस्तानी फौजके बीच झड़प हुई। इस झड़क के दौरान चौदह पाकिस्तानी फौजी (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) मारे गए।  मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह समेत 14 अन्य पाकिस्तानी फौजियों को मार (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) गिराया दरअसल, मंगलवार को दक्षिणी वजीरिस्तान के दो इलाकों -सरगोधा और कुर्रम में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तानी सेना के पर हमला बोल दिया। इस हमले में पाकिस्तान का मेजर मोइज अब्बास मारा गया। ये वही मेजर अब्बास है जिसने ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को पाकिस्तान की सीमा में पकड़ा था। मजे की बात यह कि  तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेवा के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को पाकिस्तान की सीमा में पकड़ने वाले पाकिस्तान फौज के मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह समेत 14 अन्य पाकिस्तानी फौजियों को मार (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) गिराया। हालांकि पाकिस्तानी फौज ने इस खबर की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा है कि “आतंकवादियों से मुठभेड़ में कुछ फौजियों की मौत हुई है।” जानकारी के मुताबिक आतंकवादी संगठन ने इस कदर घात लाकर हमला किया कि पाकिस्तानी फौजी संभल ही ना पाए और मारे गए।  पाकिस्तानी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर मोइज अब्बास की मौत की पुष्टि नहीं (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) की है हालांकि, पाकिस्तानी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर मोइज अब्बास की मौत की पुष्टि नहीं (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) की है। लेकिन पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया एकाउंट्स ने इस बात की पुष्टि की है कि सरगोधा में हुई सड़क के दौरान मेजर सैयद मोइज समेत कुल 6 लोग मारे गए। आपको बता दें कि साल 2019 में मेजर सैयद मोइज अब्बास का नाम तब चर्चा में आया था, जब उसने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर हुए हवाई झड़प के बाद भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को उन्होंने पकड़ा था। गौरतलब हो कि ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने पाकिस्तान F- 16 को मार गिराया था। इस दौरान उनका MIG-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उन्हें पाकिस्तान की सरजमीं पर उतरना पड़ा था।  मेजर सैयद का दावा था कि जब अभिनंदन पाकिस्तान की सरजमी के उतरे थे तो उन्होंने और उनकी यूनिट ने उन्हें पकड़ा था। यही नहीं,  इस घटना को लेकर उन्होंने बाकायदा मीडिया पर कई बयान भी दिए थे इसे भी पढ़ें:- मुंबई में 10 साल की नाबालिग बेटी के साथ माँ के प्रेमी ने दुष्कर्म कर गुप्तांग में डाला पेचकस पाकिस्तानी सेना और तहरीक ए तालिबान के बीच गोलीबारी में आतंकियों की गोली लगने से मेजर मोइज़ अब्बास शाह की मौत हुई  रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में जब मारे गए फौजियों की पहचान की गई, तो उसमें पाकिस्तानी फौज की सिक्स कमांडो बटालियन में तैनात रहे मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह का भी नाम (Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan) आया। मेजर सैयद सरगोधा इलाके में एक तलाशी अभियान में लगा हुआ था। मोइज की हत्या दक्षिणी वजीरिस्तान में की गई है। बता दें कि मोइज स्पेशल सर्विस ग्रुप में मेजर की रैंक पर तैनात था। उसकी उम्र 37 साल थी और वो पाकिस्तान के चकवाल जिले का रहने वाला था।  Latest News in Hindi Today Hindi Officer Who Caught Abhinandan Killed in Pakistan #abhinandanvarthaman #pakistaniairforce #balakot #indiapakistannews #breakingnews #wingcommanderabhinandan

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kya h digipin

क्या है DIGIPIN, क्या हैं इसके फायदे और क्या है यह सुरक्षित?

डिजिपिन (DIGIPIN) एक ऐसा डिजिटल एड्रेस सिस्टम है, जिसे भारत सरकार के पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा बनाया गया है। यह एक अलग जिओ-कोडेड एड्रेस सिस्टम है, जो लोकेशंस को पहचाने के लिए सही और स्टैंडर्ड तरीके को प्रदान करता है। यह सिस्टम कई क्षेत्रों के लिए फायदेमंद हो सकता है जैसे लॉजिस्टिक्स, एमर्जेन्सी सर्विसेज और अर्बन प्लानिंग आदि। डिजिपिन (DIGIPIN) का अर्थ है डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर (Digital Postal Index Number) और यह दस अक्षरों वाला अल्फान्यूमेरिक कोड है। इसको भारत डाक विभाग (India postal department) ने आईआईटी हैदराबाद और एनआरएससी, इसरो की मदद से बनाया है। आइए जानें डिजिपिन (DIGIPIN) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि क्या डिजिपिन का इस्तेमाल सुरक्षित है? डिजिपिन कैसे काम करता है? डिजिपिन (DIGIPIN) हमारे देश को 4 मीटर x 4 मीटर ग्रिड में बांटता है और लैटीट्यूड व लोंगोटयूड कोऑर्डिनेट्स के अनुसार हर ग्रिड को एक अलग और अनोखा दस अक्षर वाला अल्फान्यूमेरिक कोड देता है। यह सिस्टम अधिक एक्यूरेट और लोकेशन के आधार पर एड्रेस प्रदान करता है, इसलिए यह दूसरे पिन कोड्स से अलग है। इसकी अन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: डिजिपिन के फायदे डिजिपिन (DIGIPIN) एक आधुनिक, विश्वसनीय और फायदेमंद सर्विस है जिसका इस्तेमाल कई तरह से बेनेफिशियल हो सकता है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं:  डिजिपिन कैसे प्राप्त करें? इसे भी पढ़ें:- सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले क्या डिजिपिन का इस्तेमाल सुरक्षित है? डिजिपिन (DIGIPIN) को पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है। दरअसल यह सिस्टम किसी का पर्सनल डाटा स्टोर नहीं करता है। यह सिर्फ जियोग्राफिक कोऑर्डिनेट्स के आधार पर डिजिटल अड्रेस प्रदान करता है। इसमें सुरक्षित प्रोटोकॉल और तकनीक का इस्तेमाल होता है और उपयोग हुए डाटा को सेफ रखा जाता है। इस सिस्टम को लोगों प्राइवेसी प्रोटेक्शन को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसलिए, इसका इस्तेमाल करना न केवल फायदेमंद है बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi DIGIPIN #digipin #digitalbanking #bankingsecurity #securetransactions #fintechindia #digipinbenefits #digipinexplained

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