6 Worst Foods for Heart Health You Should Avoid

दिल की सेहत के लिए न खाएं ये 6 फूड्स, नहीं तो बढ़ जाएगा हार्ट अटैक का खतरा

ऐसा माना जाता है कि लाइफस्टाइल फैक्टर्स जैसे एक्सरसाइज करना, स्मोकिंग व एल्कोहॉल को अवॉयड करना और स्ट्रेस से बचाव आदि से हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) से बचा जा सकता है। हमारे आहार का सीधा संबंध कार्डियोवैस्कुलर फंक्शन से है। हेल्दी आहार से ब्लड प्रेशर सही और कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है। हालांकि, हेल्दी डायट किसी डॉक्टर द्वारा रेकमेंडेड दवाई या थेरेपी का विकल्प नहीं है लेकिन इससे गंभीर हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का रिस्क कम हो सकता है जैसे हार्ट अटैक (Heart attack) आदि। ऐसे कई फूड्स हैं जिन्हें अवॉयड करने से हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानें हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy) के बारे में। हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy): पाएं जानकारी  मायो क्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार कुछ आहार हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, अपनी ईटिंग हैबिट्स को बदलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन इसके कई फायदे हैं। हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy) इस प्रकार हैं: मीठे पेय-पदार्थ अगर आप मीठे पेय पदार्थों के शौकीन हैं, तो ध्यान रखें कि यह ड्रिंक्स आपकी हार्ट हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। इसलिए, मीठे और बोतल में मिलने वाले जूस, सोडा और एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें। यह ड्रिंक्स शुगर से भरपूर होते हैं और इनमें कैलोरीज बहुत अधिक होते हैं। इससे वजन बढ़ सकता है और इसके साथ ही डायबिटीज का रिस्क भी अधिक रहता है। फ्राइड फिश क्या आप जानते हैं कि जिन तले-भुने खाने को आप पसंद करते ,हैं वो आपके हार्ट को नुकसान पहुंचा सकते है? इसलिए फ्रेंच फ्रिज, फ्राइड चिकन, डोनट आदि को खाने से बचना जरूरी है। इन खाद्य पदार्थों को अनहेल्दी तेल में पकाया जाता है। इन्हें खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हार्ट अटैक (Heart attack) का खतरा बढ़ सकता है।  एल्कोहॉल  ऐसा माना गया है कि सही मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन करना हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) की वजह नहीं बन सकता, लेकिन अगर आपका ब्लड प्रेशर या ट्राईग्लिसराइड लेवल अधिक हो, तो यह हार्ट प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। अधिक एल्कोहॉल का सेवन करने से मोटापा और ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का कारण बन सकती हैं।  पिज़्जा पिज़्जा एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसे खाना हर कोई व्यक्ति पसंद करता है। पिज़्जा हेल्दी हो सकता है अगर उसे सही तरीके से बनाया जाए। लेकिन, बाजार में मिलने वाले पिज़्जा में अधिक मात्रा में सोडियम, फैट और कैलोरीज होती हैं जिससे हार्ट अटैक (Heart attack) का जोखिम बढ़ सकता है। हो सके तो कम चीज, होल वीट और अधिक सब्जियों के साथ इसे बनाएं।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा योगर्ट अगर आप फ्लेवर्ड योगर्ट यानी दही खाने के शौकीन हैं, तो अभी सावधान हो जाएं क्योंकि हेल्दी हार्ट के लिए अवॉयड किए जाने वाले फूड्स (Foods to avoid to keep heart healthy) में यह भी शामिल है। यह फैट से भरपूर होता है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से इसका सेवन करता है तो इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। यही नहीं, इससे वजन, ब्लड प्रेशर और अन्य हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) की संभावना बढ़ सकती हैं। इसकी जगह सादे दही को खाएं। सफेद चावल या ब्रेड सफेद चावल या ब्रेड खाने से मोटापे, बैली फैट और डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है। इन सभी समस्याओं से हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ता है। इनकी जगह आप ब्राउन राइस या ब्रेड का सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Heart problems #hearthealth #heartattack #unhealthyfoods #cardiacrisk #healthtips #dietalert

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CM Fadnavis and BJP State President

‘राहुल गांधी महाराष्ट्र के बारे में कुछ नहीं जानते, बचकाना हरकतें कर फजीहत कराते हैं’, बोले सीएम फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष 

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर से चुनाव आयोग (Election Commission) पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने राहुल गांधी को घेरते हुए करारा हमला बोला। बावनकुले ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शायद महाराष्ट्र के बारे में कुछ भी पढ़ा नहीं है। जिसकी वजह से वो ऐसी बचकाना हरकतें कर रहे हैं। राज्य में कई ऐसी विधानसभा हैं, जहां पर 8 से लेकर 10% तक वोट बढ़े हैं। ऐसी विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार भी चुने गए हैं और विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व एनसीपी के भी।’ बावनकुले ने कहा, ‘राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दरअसल चुनाव आयोग (Election Commission) पर झूठे आरोप लगाकर आगामी बिहार विधानसभा और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अपने नेताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे वे चुनाव लड़ें। क्योंकि हार से निराश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता चुनाव लड़ने तक को तैयार नहीं।’ बावनकुले ने यह भी कहा कि ‘मैं राहुल गांधी को महाराष्ट्र के 50 ऐसे विधानसभा क्षेत्र बता सकता हूं, जहां पर वोट संख्या बढ़ने के बाद शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर सिर्फ और सिर्फ अपनी डैमेज लीडरशिप को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ राहुल ने चुनाव आयोग और सीएम फडणवीस पर लगाया आरोप  बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी चुनाव आयोग (Election Commission) को घेरते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव  के बीच नागपुर साउथ वेस्ट सीट पर 8 परसेंट मतदाता बढ़ गए। इस सीट के कुछ बूथों पर तो वोटर्स की संख्या में 20 से 50 परसेंट तक का भारी इजाफा हुआ है। इनमें हजारों वोटर्स ऐसे थे, जिनके एड्रेस तक वेरिफाई नहीं हो पाए। ये सरेआम वोट की चोरी है और चुनाव आयोग खामोश बैठा है।   बता दें कि नागपुर साउथ वेस्ट सीट से देवेंद्र फडणवीस चुनाव लड़ते हैं और वो यहां से चौथी बार चुनाव जीते हैं। राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट में चुनाव आयोग के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को भी घेरने की कोशिश की।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? फडणवीस ने राहुल के आरोपों पर दिया करारा जवाब राहुल गांधी के इन आरोपों पर सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी पटवार करने में देरी नहीं की। सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि, राज्य में 25 से ज्यादा ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 8 फीसदी से ज्यादा वोट संख्या बढ़ा है। इनमें से कई सीटों पर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। सीएम फडणवीस ने नागपुर नॉर्थ और वेस्ट सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सीटों पर 7 फीसदी मतदाता बढ़े और इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। फडणवीस ने पुणे की वड़गांव शेरी और मुंब्रा विधानसभा सीट के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वड़गांव शेरी सीट पर मतदाताओं की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और यहां पर शरद पवार की पार्टी के उम्मीदवार बापू साहेब पठारे जीते। इसी तरह मुंब्रा सीट पर 9 फीसदी मतदाता बढ़े और यहां पर जितेंद्र आव्हाड को जीत मिली। इसलिए मैं राहुल गांधी को एक सलाह देता हूं कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले और कोई भी आरोप लगाने से पहले कम से कम महाराष्ट्र में मौजूद अपनी पार्टी के नेताओं से एक बार जरूर बात कर लें। इससे वो फजीहत होने से बच जाएंगे। फडणवीस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने और दूसरों पर आरोप लगाने की आदत है। उनके लए मैं कहना चाहूंगा कि, ‘झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो’  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #RahulGandhi #DevendraFadnavis #MaharashtraPolitics #BJPvsCongress #PoliticalNews

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Iranian Nuclear Sites Survive US Bombs

अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

ईरान-इजरायल युद्ध (Iran–Israel War) में कूदते हुए अमेरिका ने पिछले सप्ताह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर ब्लास्टर बमों से हमला किया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया था कि अमेरिकी हमले में ईरान के तीनों परमाणु संयंत्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद ही अब शांति आएगी, लेकिन इस अमेरिकी हमले को लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि अमेरिका के हमले के बाद भी ईरान के परमाणु ठिकाने सुरक्षित हैं। इस हमले के बाद तेहरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ महीनें भले ही पीछे चला गया है, लेकिन वह पूरी तरह से नष्ट नहीं हुआ है। सीएनएन का दावा है कि यह रिपोर्ट पेंटागन की खुफिया शाखा ने तैयार किया है। अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए सीएनएन ने खुफिया सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान पर हमले (Iran–Israel War) के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां परमाणु स्थलों को हुए नुकसान और प्रभाव का विश्लेषण कर रही हैं। सीएनएन ने कहा कि अभी जो रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है, वह प्रारंभिक जांच के आधार पर है और अधिक जानकारी आने के बाद इस रिपोर्ट के तत्थों में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन अमेरिकी खुफिया विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दावों से विपरीत है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए। साथ ही ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को भी इससे भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी हमले के बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि ईरान के परमाणु ठिकानें और महत्वाकांक्षाएं अमेरिका ने नष्ट कर दिया है।   ईरान का यूरेनियम भंडार अभी भी सुरक्षित सीएनएन ने इस खुफिया रिपोर्ट तैयार करने वाले दो अधिकारियों से बातचीत के आधार पर कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार नष्ट नहीं हुए हैं। जिस सेंट्रीय फ्यूज में यूरेनियम रखा जाता है, उनको कोई नुकसान नहीं हुआ है। क्योंकि संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका के हमले से पहले ही इन ठिकानों से हटा लिया गया था। साथ ही परमाणु ठिकाने का ढांचा भी काफी हद तक सुरक्षित बचा हुआ है। कुछ माह की मरम्मत के बाद इन ठिकानों पर फिर से परमाणु संवर्धन का काम शुरू किया जा सकता है।    इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! व्हाइट हाउस ने कहा- रिपोर्ट के तथ्य गलत  व्हाइट हाउस ने भी यह खुफिया रिपोर्ट होने की बात स्वीकार की, लेकिन इसमें मौजूद तथ्यों को गलत बताया। सीएनएन से बातचीत में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि, अमेरिकी हमले की यह कथित आकलन रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। इस रिपोर्ट को अति गोपनीय के तौर पर संरक्षित किया गया था, लेकिन खुफिया विभाग का एक अनाम और घटिया स्तर की सोच वाले लूजर ने इसे लीक कर दिया। कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस रिपोर्ट को लीक करना बताता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) को नीचा दिखाना चाहता है। साथ ही वह ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने वाले हमारे बहादुर लड़ाकू पायलटों को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। कैरोलिन लेविट ने अपने बयान में यह भी कहा कि, ‘दुनिया का हर व्यक्ति जानता है कि जब 30000 पाउंड के 14 बम कहीं पर गिरते हैं तो वहां पर क्या होता है। इसका मतलब है ‘पूर्ण विनाश’। पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट और व्हाइट हाउस के इस बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि संभवता अमेरिकी हमले में ईरान (Iran–Israel War) के परमाणु ठिकानों को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना वहा उसे बता रहा है। अगर ऐसा है तक 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद भी इजरायल और अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए।   Latest News in Hindi Today Hindi Iran–Israel War #iran #pentagonleak #nuclearreport #usairstrike #middleeastconflict #iranusnews #defensestrategy

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi

Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims: वक्फ बिल पर ओवैसी का नया राग, “काूनन बनाकर मुस्लिमों को नहीं डरा सकते”

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) को लेकर पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाते हुए बड़ा बयान (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) दिया है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जो लोग मानते हैं कि वे इस तरह के कानून बनाकर मुस्लिम समुदाय को डरा सकते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि पीएम मोदी या भाजपा सरकार हमसे वक्फ के तहत जमीन नहीं छीन सकती।  मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी- असदुद्दीन ओवैसी दरअसल। कर्नाटक के रायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये लोग समझ रहे हैं कि मुस्लिमों को ये कानून बनाकर डराया जाएगा। पीएम मोदी और मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी। ये काला कानून है। ये संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है। जोकि चैप्टर 3 का अधिकार है। ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुस्लिमों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?” इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा, यह कानून असंवैधानिक (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है एआईएमआईएम के मुखिया ने कहा कि “वक्फ कानून में पांच साल के प्रावधान पर सवाल उठाए गए हैं। ये 5 साल के मुसलमान का कानून क्या है? ये 5 साल का नियम कहां से लगाया गया (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है।” गौरतलब हो कि ओवैसी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि “वे गांधी की तरह इस बिल को फाड़ रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा। यह कानून असंवैधानिक है।” इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा। वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है- सांसद इमरान प्रतापगढ़ी यही नहीं, बीते सोमवार को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि “केंद्र की मोदी सरकार की ओर से वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है। आने वाले दिनों में जब भी केंद्र में सरकार बदलेगी तब एक झटके में वक्फ संशोधित कानून को बदल दिया जाएगा, इसलिए आप मायूस न हो।” बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी रांची के बरियातू के पहाड़ी मैदान में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से आयोजित तहफ्फुज-ए-औकाफ कॉन्फ्रेंस में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? जाने क्या है वक्फ संसोधन बिल? दरअसल , वक्फ बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक ऐसा विधेयक है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है। इसके साथ ही वक्फ बिल में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देने और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान भी शामिल है। अब विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। उनका दावा है कि यह बिल सिर्फ वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा बल्कि सरकारी हस्तक्षेप को भी बढ़ाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims #owaisi #waqfbill #aimim #muslimrights #indianpolitics

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Lalu Prasad Yadav’s son Tej Pratap

Tej Pratap Yadav to Become Pilot: लालू के लाल तेजप्रताप यादव अब बनेंगे पायलट बनेंगे और उड़ाएंगे हवाई जहाज 

बीते दिनों बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा की गुहार लगाने वाले तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) अब पायलट बनने जा रहे हैं। एक तरह से वो अपने वो अपने सपने को पूरा करने के करीब (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। दरअसल, उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय ने 18 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया है। इन उम्मीदवारों में तेज प्रताप का भी नाम शामिल है। इसके बाद उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिला लेने की अनुमति मिल गई है। दरअसल, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने इससे पहले प्राइवेट पायलट लाइसेंस और कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिल के लिए साक्षात्कार दिया था। इसके मुताबिक, बिहार के विधायक तेज प्रताप यादव को वाणिज्य विमान चालक कोर्स में दाखिले की अनुमति मिली है।  तेज प्रताप को मिला है (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) पांचवां स्थान गौरतलब हो कि उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय एक ऐसा संस्थान है जो पायलटों को ट्रेनिंग देता है। यह संस्थान उन लोगों को चुनता है, जो पायलट बनने के लिए सबसे योग्य होते हैं। तेज प्रताप यादव को इस संस्थान ने सफल घोषित किया (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) है। जानकारी के मुताबिक तेज प्रताप ने 2023-24 में सीपीएल कोर्स में एडमिशन के लिए इंटरव्यू दिया था। यह इंटरव्यू उन्होंने पास कर लिया है। इस बीच निदेशालय ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तेज प्रताप को पांचवां स्थान मिला है। कुल 20 सीटों में से 18 उम्मीदवार चुने गए हैं, जिनमें तेज प्रताप भी हैं। वो सामान्य श्रेणी के तहत चुने गए हैं। अब वे औपचारिक रूप से कोर्स में दाखिला लेकर पायलट बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं।  अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) इससे पहले भी पायलट बनने की इच्छा जता चुके हैं। कुछ दिनों पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। तभी तेज प्रताप यादव ने अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा लिखा था कि अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार हैं। उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) कोर्स के लिए इंटरव्यू पास कर लिया है। बता दें कि कुछ दिनों पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो पायलट की वर्दी में नजर आ (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) रहे थे। इस वीडियो को देखें तो उसमें उनके पीछे एक देशभक्ति गीत बज रहा है और वह एक विमान में बैठते भी दिखाई दे रहे हैं। तेज प्रताप ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा…”जो व्यक्ति हवाई जहाज उड़ाता है, उसे अदृश्य में विश्वास करना चाहिए। सर्वश्रेष्ठ पायलट दूसरों की तुलना में अधिक उड़ान भरते हैं; इसलिए वे सर्वश्रेष्ठ हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव बात करें तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के निजी जीवन की तो वो अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। कारण यही जो उन्हें लेकर अक्सर परिवार में भी उथल-पुथल मची रहती है। बीते दिनों उन्हें आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक वीडियो वायरल होने के बाद परिवार और आरजेडी से बेदखल करने का फैसला लिया था। दरअसल, तेजप्रताप की एक महिला के साथ तस्वीरें और वीडियोज वायरल हुए थे। हालांकि तेज प्रताप यादव ने इसे अपने खिलाफ गहरी साजिश करार दिया है। खैर, अगर सब सही रहा, तो तेज प्रताप जल्द ही कमर्शियल पायलट बनकर देश की सेवा के लिए तैयार रहेंगे। देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप कब तक पायलट बनते हैं और देश के लिए क्या करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #TejPratapYadav #PilotTraining #LaluYadav #BiharPolitics #TejPratapNews

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US visa new rule

अमेरिका का नया वीज़ा नियम: सोशल मीडिया अकाउंट होना चाहिए पब्लिक 

अमेरिका में पढ़ाई, काम या रिसर्च के इरादे से जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अमेरिकी सरकार (American government) ने अपनी वीज़ा नीति (Visa Policy) में बदलाव  करते हुए अब यह अनिवार्य कर दिया है कि वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स (Social Media Accounts) सार्वजनिक यानी पब्लिक (Public) होने चाहिए। इसलिए अब अमेरिका के लिए किसी को भी F, M या J वीज़ा चाहिए तो उसका सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) होने के साथ-साथ अकाउंट पब्लिक भी होना चाहिए।  सोशल मीडिया और वीज़ा का कनेक्शन यह नया नियम अमेरिका की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के चलते लागू किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब वीज़ा आवेदन (Visa Applicants) की प्रक्रिया में केवल दस्तावेज़ ही नहीं, बल्कि आवेदक की ऑनलाइन गतिविधियों को भी मॉनिटर किया जाएगा। आवेदक के पोस्ट, फोटोज़, कमेंट्स, शेयर और यहां तक कि लाइक्स तक की जांच की जाएगी। विशेष ध्यान उस कंटेंट पर होगा जिसमें हिंसा, नफरत, कट्टरता, आतंकवाद, धर्म या जाति के प्रति किसी भी प्रकार की नकारात्मक भावना झलकती हो। अगर किसी का अकाउंट प्राइवेट है यानी उसकी गतिविधियां सिर्फ दोस्त या फॉलोअर्स तक सीमित हैं, तो वीज़ा अधिकारियों को शक हो सकता है कि वह कुछ छिपा रहा है और इसका सीधा असर वीज़ा अप्रूवल (Visa Approval) पर पड़ेगा। किसे मिलेगा कौन-सा वीज़ा? चिंतित हैं आवेदक  इस बदलाव के बाद कई युवा असमंजस और चिंता में हैं। खासकर वे छात्र जो अपने सोशल मीडिया को निजी (Private) रखना पसंद करते हैं, अब उन्हें अपने अकाउंट की सेटिंग्स बदलनी होंगी। कई छात्र और पेशेवर यह महसूस कर रहे हैं कि यह नियम उनकी निजता (Privacy) पर सीधा हमला है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिका में पढ़ाई या काम के अवसर की कीमत पर अपनी प्राइवेसी का त्याग करना होगा? सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) को सार्वजनिक करने का मतलब है कि न केवल अमेरिकी अधिकारी बल्कि कोई भी व्यक्ति आपकी निजी जानकारी तक पहुंच सकता है। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? प्रोसेस में देरी की आशंका इस नियम के कारण वीज़ा प्रक्रिया और इंटरव्यू में देरी भी संभव है। हर आवेदक के सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) की समीक्षा करना एक बड़ा और समय लेने वाला काम है। इससे एम्बेसी पर दबाव बढ़ सकता है और वीज़ा मिलने में अधिक समय लग सकता है। हालांकि अमेरिका की मंशा अपने देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, लेकिन इस नियम पर कई मानवाधिकार संगठनों और विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह कदम निजता के अधिकार (Right to Privacy) का उल्लंघन है। किसी भी व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट से जज करना ठीक नहीं माना जा रहा है। क्योंकि  कई बार लोग मज़ाक, ट्रेंड या दूसरों की पोस्ट शेयर करते हैं, जिसका उनके वास्तविक व्यवहार से कोई लेना-देना नहीं होता। अमेरिका का यह नया वीज़ा नियम (Visa Rule) एक तरफ जहाँ सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है, वहीं दूसरी तरफ यह डिजिटल दुनिया (Digital World) में निजी आज़ादी और पारदर्शिता के बीच एक नई बहस को जन्म दे रहा है। स्टूडेंट्स, एक्सपर्ट्स और रिसर्च स्कॉलर्स को अब केवल अपने एजुकेशनल रिकॉर्ड या अनुभव ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया एक्टिविटी (Social Media Accounts) भी गौर किया जाएगा। अगर आप अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं, तो अब वीज़ा फॉर्म भरने से पहले अपने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) की सेटिंग्स जरूर चेक करें। क्योंकि अब पासपोर्ट के साथ-साथ, आपका डिजिटल चेहरा भी आपकी पहचान बन चुका है। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@manishhmishra) Latest News in Hindi Today Hindi news Social Media Accounts #usvisa #newvisarule #socialmedia #usimmigration #visaupdate2025

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Election Commission replies to Rahul Gandhi’s comments

ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks: राहुल गाँधी को चुनाव आयोग का जवाब, कहा- चुनाव नियमों के अनुसार होते हैं, देवेंद्र फडणवीस ने घेरा 

रायबरेली से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने  भाजपा पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में धांधली करने का आरोप लगाया था। उनके द्वारा धांधली के लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने ईमेल भेजकर जवाब दिया (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) है। जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव पूरी तरह संसद द्वारा पारित कानूनों और निर्धारित नियमों के मुताबिक ही कराए जाते हैं। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस या उसके उम्मीदवारों को किसी प्रकार की आपत्ति थी, तो उसे चुनाव याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए थी। आयोग ने राहुल गांधी को आश्वासन दिया कि यदि उनके पास अभी भी कोई मुद्दा है तो वे लिखित में भेज सकते हैं। यहाँ तक कि आयोग ने व्यक्तिगत बैठक के लिए भी समय निर्धारित करने की विकल्प दिया।  महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) जाते हैं कराए  बता दें कि आयोग ने 12 जून को ईमेल के जरिए भेजे गए पत्र में कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत कराए (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) जाते हैं। इसमें 1 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर, 288 चुनाव पंजीकरण अधिकारी, 139 सामान्य पर्यवेक्षक, 41 पुलिस पर्यवेक्षक, 71 व्यय पर्यवेक्षक और 288 निर्वाचन अधिकारी शामिल होते हैं। इसके अलावा, राज्यभर में राजनीतिक दलों द्वारा 1,08,026 बूथ स्तर के एजेंट नियुक्त किए गए, जिनमें से 28,421 एजेंट तो कांग्रेस के ही थे। आयोग ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर फैली चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं।   राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) उठाए सवाल  इस बीच मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर विधानसभा चुनाव में वोटर टर्नआउट में बढ़ोतरी को लेकर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) पर सवाल (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) उठाए। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच महज पांच महीने में मतदाताओं की संख्या में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। मीडिया को हजारों ऐसे मतदाता मिले, जिनके पास आधिकारिक आवासीय पता भी नहीं था। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाया था कि यह एक तरह की वोट चोरी है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? राहुल गांधी महाराष्ट्र में वोटर्स की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठा (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) रहे हैं गौरतलब हो कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) महाराष्ट्र में वोटर्स की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठा (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) रहे हैं। इस बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कांग्रेस नेता पर पलटवार किया है। राहुल गांधी के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में हार का राहुल गांधी का दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, लेकिन आप कब तक हवा में तीर चलाते रहेंगे? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र में 25 से ज़्यादा ऐसे निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच मतदाताओं की संख्या में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में 25 निर्वाचन क्षेत्रों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और कई स्थानों पर कांग्रेस को जीत भी मिली है।  असलम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते- मुख्यमंत्री फडणवीस  फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे दक्षिण-पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्र से सटे पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान प्रतिशत में 7 प्रतिशत (27,065) की वृद्धि हुई है और वहां से कांग्रेस के विकास ठाकरे चुने गए (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) हैं। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सहयोगी दलों से भले ही नहीं, लेकिन अपनी ही पार्टी के असलम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते, तो अच्छा होता। कम से कम कांग्रेस में संवाद के अभाव का इतना बुरा प्रदर्शन नहीं होता।  Latest News in Hindi Today Hindi news ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks #eci #rahulgandhi #fadnavis #electioncommission #india2025 #politicsnews #rahulvsfadnavis

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Little Boy’s Wounds Still Bleed

Little Boy के दिए जख्म आज भी नहीं भरे: क्या दुनिया फिर उसी मोड़ पर है?

आज दुनिया में एक बार फिर युद्ध की आशंकाओं से घिरी है—ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव (Iran Israel Tension), मिसाइल हमले और परमाणु शक्तियों की सक्रियता तो ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि हम अतीत के उस खौफनाक दिन को याद करें जब विज्ञान ने मानवता को पीछे छोड़ दिया था। 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम लिटिल बॉय (Atomic Bomb Little Boy) न सिर्फ लाखों जिंदगियों खत्म कर दी, बल्कि यह एक ऐसा जख्म भी था जो आज तक भरा नहीं है।  6 अगस्त 1945 को सुबह 8:15 बजे जब जापान का शहर हिरोशिमा (Hiroshima) अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में व्यस्त था। बच्चे स्कूल जा रहे थे, दुकानदार खुल रही थीं और लोग अपने-अपने कामों में लगे थे। लेकिन कुछ ही पलों में ऐसा हुआ कि इंसानियत की रूह काँप उठी। आसमान में उड़ता अमेरिकी बॉम्बर विमान एनोला गे (American Bomber Aircraft Enola Gay) और उसके भीतर था लिटिल बॉय (Little Boy) एक यूरेनियम आधारित एटॉमिक बम (Atomic Bomb)। इस बम ने न सिर्फ़ शहर को तबाह किया, बल्कि आने वाले समय की चेतावनी भी छोड़ गया। लिटिल बॉय: नाम से ठीक विपरीत कारनामा  लिटिल बॉय (Little Boy) नाम जितना मासूम था उसका असर उतना ही भयावह। यह मानव इतिहास का पहला परमाणु हमला था, जिसमें करीब 70,000 से अधिक लोग तुरंत मारे गए और बाद में रेडिएशन और बीमारियों से मरने वालों की संख्या लाखों में जा पहुंची। हिरोशिमा जल उठा, इंसान राख में बदल गए और कुछ की परछाइयाँ आज भी उन दीवारों पर दर्ज हैं जो आज भी खड़े हैं, इंसान की बर्बरता की गवाही देते हुए। यह हमला एक चेतावनी थी कि विज्ञान यदि मानवता के विरुद्ध खड़ा हो जाए, तो उसका अंजाम कितना विध्वंसकारी हो सकता है। आज की दुनिया और परमाणु डर आज जब हम ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव (Iran Israel Tension) और मिसाइल हमलों की खबरें सुनते हैं, तो मन में यह सवाल उठता है कि क्या वर्ल्ड वॉर 3 की आहट सुनाई दे रही है? आज की तकनीक, हथियारों की शक्ति और देशों के बीच की असुरक्षा को देखते हुए यह डर अनावश्यक नहीं है। कई देश आज भी परमाणु शक्ति (Atomic Power) से लैस हैं। अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इज़राइल जैसे देश अपने परमाणु हथियारों को सुरक्षा का कवच बताते हैं, लेकिन जब कूटनीति असफल होती है और युद्धोन्माद हावी हो जाता है, तो यही कवच एक दिन तबाही बन सकता है। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@manishhmishra) क्या सीखा दुनिया ने 1945 से? इतिहास गवाह है कि हिरोशिमा और नागासाकी की त्रासदी ने दुनिया को यह दिखा दिया था कि परमाणु युद्ध (Nuclear war) में कोई जीतता नहीं, हर कोई हारता है। इसके बावजूद आज भी दुनिया के कई हिस्सों में परमाणु ताकत को शक्ति प्रदर्शन का माध्यम समझा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और एनपीटी (Non-Proliferation Treaty) जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौते बने हैं ताकि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोका जा सके। लेकिन क्या ये समझौते वास्तव में प्रभावशाली हैं? जब शक्तिशाली देश खुद इन नियमों का पालन नहीं करते, तो बाकी दुनिया से उम्मीद करना बेमानी हो जाता है। इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत से निकले हल  आज की दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि संवाद की जरूरत है। वैश्विक नेता यदि अपने राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर मानवता की भलाई के लिए सोचें, तो शायद लिटिल बॉय जैसी घटनाएं फिर कभी न दोहराई जाएं। लेकिन इसके लिए इच्छाशक्ति और समझ दोनों की जरूरत है। लिटिल बॉय (Little Boy) आज सिर्फ एक बम का नाम नहीं, बल्कि एक प्रतीक है कि मानव विनाश की चरम सीमा का प्रतीक। यह घटना हमें बार-बार याद दिलाती है कि यदि हमने इतिहास से नहीं सीखा, तो भविष्य हमारे लिए और भी भयानक हो सकता है। जब हम हिरोशिमा की राख में बसी परछाइयों को देखते हैं, तो ये सवाल फिर सिर उठाता है कि क्या हम एक बार फिर उसी राह पर बढ़ रहे हैं?  लिटिल बॉय (Little Boy) ने जो जख्म दिए, वे आज भी दुनिया के ज़हन में ताज़ा हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि शांति कोई विकल्प नहीं, बल्कि एकमात्र रास्ता है। युद्ध चाहे किसी भी कारण से हो उसका नतीजा हमेशा विनाश ही होता है। Latest News in Hindi Today Hindi Hiroshima #littleboy #hiroshima #nuclearwar #worldwariii #globalcrisis #historyrepeats

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online shopping scam

Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले

टेक्नोलॉजी के इस दौर में लोग अपनी सुविधा के मुताबिक ऑनलाइन शॉपिंग का इस्तेमाल करते हैं। देश में करोड़ों लोग हैं जो रोजाना ऑनलाइन आर्डर कर चीजें मंगवाते हैं। सुविधाजनक होने की वजह से दिनोंदिन लोगों में घर बैठे ऑनलाइन सामान खरीदने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। कारण यही जो ठगों ने अब ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को अपना टारगेट बनाना शुरू कर दिया है। इसके मदद्देनज़र सरकार की तरफ से ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए कुछ जरूरी सलाह दी गई (Govt Warns Online Shoppers) है। यदि सरकार की बात पर अमल करते हैं, तो संभवतः आप जालसाजी का शिकार होने से बच सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी के प्रति आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से सरकार साइबर दोस्त नामक एक पहल की है। साइबर दोस्त गृह मंत्रालय के अंर्तगत आता है। साइबर दोस्त के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से पोस्ट शेयर किया गया है। इस पोस्ट में बताया गया है कि फर्जी साइट्स और फिशिंग डिलीवरी टेक्स्ट से जुड़े मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।  फेक साइट्स पर आंख बंद करके न (Govt Warns Online Shoppers) करें भरोसा  सरकार ने सलाह दी है कि फेक साइट्स पर आंख बंद करके भरोसा न (Govt Warns Online Shoppers) करें। सिर्फ ट्रस्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए ही शॉपिंग करें। इस पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की गई है, जिसपर साफ़ लिखा नजर आ रहा है कि आपके कार्ट में पड़ा हर सामान सेफ नहीं है। आपका ऑर्डर होल्ड पर है। यहां क्लिक कर पेमेंट कंफर्म करें। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं यदि आप सरकार की सलाह को अनदेखा करते हैं तो ढग आपको अपने जाल में फंसकर आपका अकाउंट तक खाली कर सकते हैं। बड़ी बात यह कि ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को ठगी करने वाले कैशबैक,ऑफर्स, बंपर डिस्काउंट का लालच देकर जाल में फंसाते हैं। एक तरह से आप लोगों को फंसाने के लिए पूरा जाल बिछाया जाता है। आइए समझते हैं, किस तरह से ठगी करने वाले इस घटना को देते हैं अंजाम।  फर्जी विज्ञापन: फर्जी विज्ञापन के जरिए ठग न सिर्फ सोशल मीडिया पर लुभाने वाले ऑफर्स और डील्स से जुड़े विज्ञापन को शेयर करते (Govt Warns Online Shoppers) हैं बल्कि इसके साथ ही विज्ञापन के साथ लिंक भी शेयर करते हैं। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं आप अन-वेरिफाइड साइट पर पहुंच जाते हैं और आपकी जानकारी चुराकर आपको आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है।  फेक साइट: ठग ठगी के लिए ऑरिजनल दिखने वाली साइट की हू-ब-हू साइट तैयार करते (Govt Warns Online Shoppers) हैं। ताकि यकीन हो सके कि आप ऑरिजनल साइट के जरिए ही शॉपिंग कर रहे हैं। मजे की यह कि जैसे ही आप ऑर्डर प्लेस करते हैं और पेमेंट करते हैं वैसे ही साइट गायब हो जाती है।  फिशिंग डिलीवरी टेक्स्ट: ठगी करने वाले एक नायाब तरीका खोज निकाला है। इसके तहत ठग आपको टेक्स्ट या ईमेल के जरिए बताते हैं कि आपका ऑर्डर होल्ड पर है और पेमेंट कंफर्मेशन की जरूरत है। और फिर मैसेज या ईमेल के जरिए लिंक भेजा जाता है। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आप एक फर्जी साइट पर पहुंच जाते हैं। और जैसे ही फर्जी साइट आप पेमेंट के लिए कार्ड डिटेल डालते हैं आपका डेटा चोरी कर लिया जाता है।  इसे भी पढ़ें:- मुंबई में 10 साल की नाबालिग बेटी के साथ माँ के प्रेमी ने दुष्कर्म कर गुप्तांग में डाला पेचकस बड़ा सवाल यह कि इससे बचने के लिए (Govt Warns Online Shoppers) क्या करें? Latest News in Hindi Today Hindi Govt Warns Online Shoppers #govtwarning #onlineshopping #cybersafety #fraudalert #digitalsafety

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heartbreaking betrayal: Wife extracts ₹5 lakh from husband for love

Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal: प्रेमी के लिए पत्नी ने पति से वसूले 5 लाख, बेवफाई से तंग आकर दी जान

प्रेमी की वजह से एक और पति काल के गाल में समा गया। आये दिन प्रेमी और प्रेमिकाओं की वजह से कही पत्नी मारी जा रही है तो कहीं पति। ताजा मामला है हरियाणा के रोहतक जिले का, जहाँ में एक युवक ने पत्नी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। मौत को गले लगाने से पहले उसने बाकायदा एक वीडियो भी बनाया जिसमें उसने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी पर गंभीर आरोप (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) लगाए। मृतक की पहचान मगन के रूप में हुई है। डोभ गांव निवासी मगन ने पहले वीडियो बनाकर अपनी बहन को भेजा और फिर इसके बाद खेत में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  मगन अपने बेटे और पत्नी के साथ राजी ख़ुशी रह रहा (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) था दरअसल, यह घटना है कि रोहतक जिसे स्थित डोभ गांव का जहाँ मगन रहा करता था। पेशे से डिलीवरी बॉय मगन की पहचान दिव्या से टिकटॉक के जरिए हुई थी। शुरुआती मुलाकात दोस्ती में बदली और दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने साल 2019 में लव मैरिज कर ली। शादी के बाद दोनों को एक बेटा हुआ। घर का इकलौता मगन अपने बेटे और पत्नी के साथ राजी ख़ुशी रह रहा (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) था। इस बीच न जाने किसकी नजर लग गई। शुरुआती जीवन तो उनका बड़ा अच्छा लेकिन गुजरते समय के साथ-साथ दोनों के रिश्ते तनावपूर्ण होने लगे। तनाव का कारण था दोनों की जिंदगी में किसी तीसरे शख्स की दस्तक।  बेवफाई का खुलासा होने के बाद अब मगन दुखी रहने (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) लगा रिपोर्ट्स के मुताबिक मगन की पत्नी दिव्या का एक बॉयफ्रेंड दीपक भी था। दीपक महाराष्ट्र पुलिस में बतौर कांस्टेबल कार्यरत है। दरअसल, दिव्या लंबे समय से महाराष्ट्र के एक होटल में काम किया करती थी। उसी दौरान दिव्या और दीपक की मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों का अफेयर शुरू हो गया था। इस बात की भनक मगन को शादी के बाद पता चली। पत्नी की बेवफाई का खुलासा होने के बाद अब मगन दुखी रहने (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) लगा। इस बीच एक दिन उसके साथ दोनों का होटल रूम में अश्लील डांस करते हुए एक वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, हाथ लग गया। फिर क्या था। अब वो और परेशान रहने लगा। इस बीच दिव्या मगन पर पैसों के लिए दबाव डालने लगी। वो अपने प्रेमी दीपक के प्रमोशन के लिए मगन से 5 लाख रूपये की मांग करने लगी।  इसे भी पढ़ें:- मुंबई में 10 साल की नाबालिग बेटी के साथ माँ के प्रेमी ने दुष्कर्म कर गुप्तांग में डाला पेचकस दिव्या चाहती थी कि मैं अपने पिता की हत्या कर दूं, जिसके बाद सारी प्रॉपर्टी मेरे नाम आ जाए मृतक ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने दीपक की प्रमोशन के लिए उससे 5 लाख रूपये मांगे। उसने पैसे वसूलने के लिए कई बार दबाव बनाए। मगन ने वीडियो में बताया कि दिव्या चाहती थी कि मैं अपने पिता की हत्या कर दूं, जिसके बाद सारी प्रॉपर्टी मेरे नाम आ जाए। उसके बाद जमीन जायदाद सब बेंचकर मुंबई शिफ्ट हो जाएं। लेकिन मगन था कि उसे अपने परिवार के साथ ही रहना (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) था। पत्नी द्वारा रोज रोज दिए जा रहा दबाव अब उसके जी का जंजाल बनने लगा। इस बीच मगन पत्नी दिव्या और उसके प्रेमी का दबाव झेल नहीं पाया। उसने अपने पिता की हत्या करने के बजाय खुद को ही मिटाने का फैसला लिया। इससे पहले की वो अपनी जीवन लीला को समाप्त करता उसने अपने बहन के लिए एक वीडियो बनाया और बनाए वीडियो में उसने बताया कि उसकी पत्नी दिव्या का महाराष्ट्र पुलिस में कांस्टेबल पद पर तैनात दीपक से प्रेम संबंध है।  बेटे की आत्महत्या के लिए दिव्या और उसके प्रेमी (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) दीपक है- पिता रणवीर  परिजनों के अनुसार मगन ने दिव्या के अवैध संबंध के बारे में कभी किसी को कुछ नहीं बताया। वह अंदर-अंदर घुट रहा था। इसके बाद अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला (Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal) लिया। खैर, सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हुआ तो मगन के पिता रणबीर ने बताया कि बेटे की आत्महत्या के लिए दिव्या और उसके प्रेमी दीपक हैं। उनकी प्रताड़ना के चलते उसने यह खतरनाक कदम उठाया है। पिता रणबीर ने बताया कि मगन मेरा इकलौता बेटा था। दिव्या और मगन की मुलाकात टिकटॉक के जरिए हुई थी। दोनों ने 2019 में लव मैरिज शादी की थी। उनका चार साल का एक बेटा भी है।  Latest News in Hindi Today Hindi Wife Scams Husband for Lover, Man Ends Life Over Betrayal #wifecheated #husbandsuicide #lovebetrayal #crimecase #indianews #extramarital #tragicend

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