Hindi language rule

Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools: महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा

बीते दिनों महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी भाषा को लेकर जारी विवाद पर देवेंद्र फडणवीस सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। दरअसल, स्कूल में हिंदी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाने के फैसले के बाद से राजनीति शुरू हो गई थी। मराठी वोट बैंक खिसकता देख अब सरकार ने फैसला लिया है कि कक्षा 1 से 3 तक हिंदी को अनिवार्य नहीं रखा जाएगा। अब सामान्य रूप से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा। बता दें कि इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बाकायदा नया सरकारी आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा 2024 के लिए राज्य पाठ्यक्रम योजना के अनुसार, मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के लिए हिंदी अब तीसरी भाषा (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) होगी।  सभी माध्यम के स्कूलों में मराठी अनिवार्य भाषा (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) होगी सरकारी फरमान के मुताबिक, कक्षा1 से त्रिभाषा फॉर्मूला अपनाया जाएगा। आदेश के मुताबिक यदि कक्षा में 20 से अधिक छात्र हिंदी के बजाय अन्य भाषा सीखना चाहते हैं, तो शिक्षक इसे उपलब्ध कराएंगे। अथवा भाषा विषय को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। अगर छात्र हिंदी के बजाय तीसरी भाषा के रूप में किसी अन्य भारतीय भाषाओं में से किसी एक को सीखने की इच्छा रखते हैं, तो उन छात्रों को तीसरी भाषा के रूप में उस भाषा को सीखने की मंजूरी दी जाएगी। बशर्ते, उस कक्षा में कम से कम छात्र 20 होने चाहिए, जो तीसरी भाषा के रूप में हिंदी के बजाय अन्य भाषाएं सीखना चाहते हैं। इस हिसाब से यदि कम से कम 20 छात्र हिंदी के अलावा किसी अन्य तीसरी भाषा को सीखना चाहते हैं, तो उस भाषा को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा, वरना वह भाषा ऑनलाइन पढ़ाई जाएगी। सभी माध्यम के स्कूलों में मराठी अनिवार्य भाषा (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) होगी।  किसी अन्य भाषा को पढ़ाने के लिए कक्षा में कम से कम 20 छात्र होने (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) चाहिए नए आदेश के मुताबिक मराठी और इंग्लिश माध्यम के स्कूलों में पहली से पांचवीं तक हिंदी सामान्यतः तीसरी भाषा होगी, लेकिन अगर कोई विद्यार्थी हिंदी के स्थान पर किसी अन्य भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ना चाहता है, तो उसे इसकी अनुमति दी (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) जाएगी। हालांकि, इसके लिए कम से कम 20 विद्यार्थियों की इच्छा आवश्यक होगी। यानी किसी अन्य भाषा को पढ़ाने के लिए कम से कम 20 छात्रों की इच्छा होनी चाहिए। इस फरमान के बाद सभी माध्यमों के स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य होगी। बता दें कि इस फैसले पर अमल करने की ज़िम्मेदारी शिक्षा आयुक्त, महाराष्ट्र शासन, पुणे को दी गई है। मराठी और इंग्लिश माध्यम के अलावा अन्य माध्यमों के स्कूलों में भी पहली से पांचवीं तक माध्यम भाषा, मराठी और इंग्लिश ये तीनों भाषाएं पढ़ाई जाएंगी। कक्षा छठी से दसवीं कक्षा तक की भाषा नीति राज्य पाठ्यक्रम ढांचे के अनुसार होगी।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक राजनीतिक दलों ने विरोध के चलते सरकार ने पलटा अपना ही (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) फैसला  गौरतलब हो कि देवेंद्र फडणवीस सरकार ने पहले कक्षा 1 से ही त्रिभाषा फार्मूला लागू करने का फैसला किया था। फैसले के मुताबिक मराठी और इंग्लिश माध्यम के स्कूलों में तीसरी भाषा हिंदी अनिवार्य होगी। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल के साथ राज्य पाठ्यक्रम ढांचे को लागू करते हुए लिया गया था। ये तो ठीक, लेकिन इस पर कई राजनीतिक दलों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। विरोध बढ़ता देख सूबे के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने घोषणा की कि सरकार यह निर्णय वापस ले (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools #MaharashtraEducation #HindiLanguage #ThirdLanguagePolicy #SchoolCurriculum #EducationReform

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₹100 ₹200 withdrawal from ATM

RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs: RBI के इस आदेश के बाद अब आसानी से एटीएम से निकलेंगे 100 और 200 रुपये के नोट

अक्सर जब हम एटीएम से कैश न‍िकालते हैं, तो अमूमन 500-500 रुपये के ही नोट न‍िकलते हैं। 500 रुपये के नोट न‍िकलने पर लोगों की आमतौर पर छोटे नोटों को लेकर श‍िकायत रहती थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने आम लोगों की इन्हीं समस्याओं पर गौर करते हुए एटीएम से 100 और 200 रुपये नोटों की संख्या को बढ़ाने हेतु 30 सितंबर 2025 की गाइडलाइन दी (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) थी। इस गाइडलाइन जिसमें कहा गया था 30 सितंबर 2025 तक देश के 75 प्रतिशत ATM से 100 और 200 रुपये के नोट निकलने चाहिए। करने की जरूरत नहीं, आरबीआई के इस फैसले का अब धरातल पर असर दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक देश के तकरीबन 73 प्रतिशत एटीएम के एक कैसेट से 100-200 रुपये के नोट निकलना शुरू हो गए हैं।  60% लोग अभी भी अपनी रोजमर्रा की जरूरत का खर्च नकद में ही (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) करते हैं भारत की सबसे बड़ी नकदी प्रबंधन कंपनी सीएमएस इन्फो सिस्टम्स के अनुसार, यह दिसंबर 2024 में 65 प्रतिशत से बढ़ोतरी को (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) दर्शाता है। बता दें कि सीएमएस इन्फो सिस्टम्स देश में 215,000 एटीएम में से 73,000 का संचालन करती है। यही नहीं इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएमएस इंफो सिस्टम्स के नकदी प्रबंधन के अध्यक्ष अनुष राघवन ने कहा 60% लोग अभी भी अपनी रोजमर्रा की जरूरत का खर्च नकद में ही करते हैं। खासकर छोटे शहरों और गांवों में 100 से 200 रुपये के नोट छोटे-मोटे लेनदेन के लिए बहुत जरूरी हैं। इन नोटों की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में आसानी होगी। खासतौर पर गांव और कस्बों में 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता से दिन-प्रतिदिन की लेन-देन संबंधी जरूरतें सीधे तौर पर पूरी हो रही हैं।   बैंकों की तरफ से तय लक्ष्य का 73% हास‍िल कर लिया (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) गया है बता दें कि आरबीआई की तरफ से इस साल अप्रैल 2025 में बैंकों को निर्देश दिया गया था क‍ि वे अपने एटीएम में 100 या 200 के नोटों की उपलब्धता बढ़ाएं। गौरतलब हो कि अप्रैल 2025 के अंत में जारी किए गया सर्कुलर में, आरबीआई ने सभी बैंक्स को ऑर्डर दिया कि 30 सितंबर, 2025 तक कम से कम 75% एटीएम में कम से कम एक कैसेट से 100 या 200 रुपये के नोट्स डिस्पेंस होने (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) चाहिए। इस निर्देश का लक्ष्य आमजन तक छोटे नोट्स को बढ़ाना था। बड़ी बात यह कि डेडलाइन को पूरा होने में तीन महीने से ज्‍यादा का समय बचा है और बैंकों की तरफ से तय लक्ष्य का 73% हास‍िल कर लिया गया है। सीएमएस (CMS) इंफोस‍िस्‍टम्‍स के डाटा से जानकारी म‍िली है क‍ि बैंकों ने इस पर काफी तेजी से प्रगति की है। आरबीआई के मुताबिक 30 सितंबर 2025 तक 75% एटीएम में 100 और 200 रुपये के छोटे नोट होने चाह‍िए। इसके बाद 31 मार्च 2026 तक 90% एटीएम में छोटे नोट देने का लक्ष्य रखा गया है।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार तीन फ्री ट्रांजैक्शंस के बाद आपको एक्स्ट्रा पे करना पड़ सकता है खैर, इसके साथ आरबीआई से जुड़ी एक और खबर (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) है। यह खबर आपकी जेब हल्की कर सकती है। दरअसल, आरबीआई ने एटीएम इंटरचेंज फीस बढ़ा दी है। इसके बढ़ने से 1 मई, 2025 से कैश निकालना महंगा साबित हो सकता है। ये खासकर उन लोगों के लिए अधिक नुकसानदायक होगा जो हर महीने फ्री ट्रांजैक्शंस की लिमिट क्रॉस करते हैं। बता दें कि इंटरचेंज फीस वो चार्ज है जो एक बैंक दूसरे बैंक को एटीएम ट्रांजैक्शंस प्रोसेस करने के लिए पे करता है। और ये चार्ज यूजली यूजर पर डाल दिया जाता है। एक उदाहरण से यदि समझे तो, मान लो अगर आईसीआईसीआई बैंक का यूजर तीन फ्री मंथली ट्रांजैक्शंस के बाद बैंक ऑफ़ इंडिया के एटीएम से कैश निकालता है, तो आईसीआईसीआई  एक्स्ट्रा विड्रॉल के लिए फीस चार्ज कर सकता है। यही कि तीन फ्री ट्रांजैक्शंस के बाद आपको एक्स्ट्रा पे करना पड़ सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi #RBI #ATMUpdate #200RupeeNote #100RupeeNote #CashWithdrawal #BankingNews #IndiaFinance

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Nishant Kumar

Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat: तो क्या इस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार?

बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी साल बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar assembly Election) होने हैं। चुनावी माहौल के बीच सभी राजनीतिक दल अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में ये भी चर्चा होने लगी है कि कौन सा नेता किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेगा। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में पदार्पण करने के कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि निशांत कुमार के आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के नेता निशांत कुमार के चुनाव लड़ने पर जोर दे रहे हैं। वो चुनाव लड़े इसलिए जनता दल यूनाइटेड के कई विधायकों ने उनके लिए अपनी सीट तक छोड़ने के लिए तैयार (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) है। यही नहीं, नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले जेडीयू नेता और सांसद कौशलेंद्र कुमार ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने न सिर्फ बड़ा बयान दिया है बल्कि यह भी बताया है कि निशांत कुमार किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।  अगर निशांत चुनाव लड़ते हैं तो नालंदा के लोग उन्हें जरूर (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) जिताएंगे बता दें कि सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा, निशांत कुमार अगर राजनीति में आते हैं तो इससे हमलोग काफी खुश होंगे। निशांत कुमार के इस्लामपुर से चुनाव लड़ने की मांग उठ रही है। अगर निशांत चुनाव लड़ते हैं तो नालंदा के लोग उन्हें जरूर (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) जिताएंगे। हालांकि उन्होंने इस हेतु नीतीश कुमार से अपील भी की है। गौरतलब हो कि कौशलेंद्र कुमार ने नीतीश कुमार से आग्रह करते हुए कहा, निशांत कुमार को इस्लामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए। जीत का दंभ भरते हुए उन्होंने कहा कि जनता जीत का ताज पहनाकर ही भेजेगी। यही नहीं उन्होंने आगे कहा, निशांत में वह क्षमता है।  कम बोलना और केवल बात का जवाब देना उन्हें आता (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) है जदयू सांसद ने कहा कि नालंदा के लोग यह कहते हैं कि नीतीश कुमार के पुत्र को राजनीति में लाएं। मैं भी युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहता हूं। जदयू पार्टी की कमान थामने के सवाल पर सांसद ने कहा कि निशांत में वह क्षमता है। निशांत की तारीफ करते हुए जदयू सांसद ने कहा कि वो लोगों का आदर करना जानते हैं। अमूमन अन्य नेताओं के बच्चों में नहीं होता है, लेकिन वो मैनें निशांत में देखा है। कम बोलना, बड़ों का आदर करना और उन्हें प्रणाम करना निशांत का स्वभाव है। कम बोलना और केवल बात का जवाब देना उन्हें आता (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) है। बता दें कि आये दिन निशांत कुमार के चुनाव लड़ने की चर्चाएं होती रहती है। लेकिन निशांत कुमार ने कभी इसपर सहमति अबतक नहीं जतायी है।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार तेजस्वी यादव ने भी निशांत को राजनीति में आने की (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) दी है सलाह बड़ी बात यह कि तेजस्वी यादव ने भी निशांत को राजनीति में आने की सलाह (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) दी है। खैर, इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को एक नये डिजिटल मंच की शुरुआत की और लोगों से ‘एक नया बिहार बनाने’ के लिए एक साथ आने का आग्रह किया। इस बीच तेजस्वी यादव ने कहा, राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं। इस सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। वे चुनाव में एक नई सरकार चुनना चाहते हैं। हम उनकी आवाज बनेंगे। उन्होंने कहा, लोगों को आगे आना चाहिए और इस डिजिटल मंच के माध्यम से एक नया बिहार बनाने में हमारा साथ देना चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat #NishantKumar #NitishKumar #BiharElections2025 #JDU #BiharPolitics #AssemblyPolls #PoliticalNews

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Yograj Singh BCCI controversy

Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’Careers: युवराज सिंह के पिता का बीसीसीआई पर बड़ा आरोप, लगाया इन क्रिकेटरों का करियर खत्म करने का आरोप

अपने विवदित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार  उन्होंने भारतीय पूर्व चयनकर्ताओं पर साधा है। दरअसल, इनसाइडस्पोर्ट से बात करते हुए पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने कहा, आप यानी बीसीआई ने इन लड़कों को बेवजह बिना किसी कारण के बर्बाद कर (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) दिया। जहीर खान, मोहम्मद कैफ, युवराज सिंह, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ जैसे लड़कों को। आपने 2011 के बाद उन्हें बस जाने दिया। बीसीसीआई पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आपने साल 2011 विश्व कप के बाद टीम को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। 7 खिलाड़ियों का करियर गटर में डाल दिया गया। इसीलिए हम संघर्ष कर रहे थे।  हार के कारण कई भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों को भारतीय टीम से बाहर होना (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) पड़ा गौरतलब हो कि साल 2011 विश्व कप के बाद टीम इंडिया को  इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी सीरीज में शर्मनाक हार मिली थी। दरअसल, 2011 विश्व कप जीतने के बाद, भारतीय टीम उथल-पुथल भरे बदलाव के दौर से गुजरी थी। इसी कड़ी में टीम इंडिया को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। हैरत यह कि हार के कारण कई भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों को भारतीय टीम से बाहर होना (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) पड़ा। हार के बाद साजिशन गंभीर, युवराज, जहीर और हरभजन जैसे खिलाड़ी एक-एककर धीरे-धीरे नेशनल टीम से बाहर होते गए। इसके अलावा द्रविड़ और लक्ष्मण ने अपने शानदार टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया। योगराज सिंह ने अमरनाथ की चयन समिति पर गंभीर आरोप लगाए (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) हैं इस तरह देखते-देखते 2011 विश्व कप जीतने वाली टीम के अहम सदस्य होने के बावजूद, युवराज, जहीर, गंभीर और हरभजन सभी 2015 विश्व कप आते-आते वनडे टीम से पूरी तरह से बाहर हो चुके थे। इन सभी का ठीकरा योगराज सिंह ने मोहिंदर अमरनाथ पर फोड़ा है। योगराज ने अमरनाथ पर उन खिलाड़ियों और उनके करियर को उस समय गलत तरीके से संभालने का आरोप लगाया। दरअसल, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर मोहिंदर अमरनाथ उस समय चयन समिति के प्रमुख लोगों में से एक थे। अब इन सभी को लेकर योगराज सिंह ने अमरनाथ की चयन समिति पर गंभीर आरोप लगाए (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) हैं। उस घटना पर विचार करते हुए योगराज सिंह ने अमरनाथ और कंपनी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, जब एमएस धोनी कप्तान थे तब हमने पांच सीरीज गंवाई और उन्हें बताया गया कि उनकी जगह मोहिंदर अमरनाथ लेंगे, लेकिन ऐसा करने का यह तरीका नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात करारी हारों के बाद धोनी को कप्तान के पद से हटाने का पूरा मन बना लिया गया (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) था हालांकि इससे पहले मोहिंदर अमरनाथ ने कहा था, उन करारी हारों के बाद धोनी को कप्तान के पद से हटाने का पूरा मन बना लिया गया था, लेकिन तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने उनके हटाए जाने को रोक दिया था। बता दें कि मोहिंदर अमरनाथ ने साल 2012 में एक न्यूज चैनल को बताया था, जब आप किसी व्यक्ति का सम्मान करते हैं तो आप सवाल नहीं पूछते। लेकिन मेरा सवाल यह है, अगर आपके पास एक चयन समिति है जो सोचती है कि भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे अच्छा क्या है, तो उन्हें पूरी छूट क्यों नहीं दी (Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers) जाती?” सोचनीय वाली गंभीर बात यह इस साल 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के महत्वपूर्ण सदस्य होने के बावजूद, 2015 विश्व कप तक गंभीर, युवराज, जहीर और हरभजन सभी को वनडे टीम से बाहर होना पड़ा था। कारण यही जो युवराज सिंह के पिता ने बीसीसीआई पर 2011 विश्व कप के बाद टीम को पूरी तरह से बर्बाद करने का आरोप लगाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Yograj Singh Accuses BCCI of Ending Players’ Careers #YograjSingh #BCCI #CricketNews #IndianCricket #CricketersCareer #CricketControversy

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cancer-fighting foods

कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं यह 6 फूड्स, इन्हें करें अपनी डायट में शामिल

कैंसर (Cancer) एक गंभीर बीमारी है जो सेल्स की असामान्य ग्रोथ और फैलने की वजह से होती है। कैंसर के कई प्रकार हैं और यह पूरे शरीर में फैल सकता है। इसका मुख्य कारण जेनेटिक म्यूटेशन को माना जाता है। हालांकि, इसके अन्य कई कारण भी हैं जैसे जीवनशैली में खराबी या एनवायरनमेंट फैक्टर्स आदि। कैंसर (Cancer) के रिस्क से बचाव पूरी तरह से संभव नहीं है। लेकिन, अपनी जीवनशैली में सही बदलाव से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। कुछ फूड्स को भी इसमें फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) के बारे में। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कुछ फूड्स खाने से कैंसर (Cancer) के विकसित होने का रिस्क कम हो सकता है और कैंसर ग्रोथ भी कम हो सकती है। इनमें सब्जियां, मसाले, फल आदि शामिल हैं। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) इस प्रकार हैं: डार्क चॉकलेट डार्क चॉकलेट में कोकोआ होता है जो फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स युक्त होता है। इससे कुछ कैंसरस का रिस्क कम होता है। यही नहीं इसमें पॉलीफेनोल और फ्लेवेनोल भी होते हैं, जो हेल्दी गट बैक्टीरिया के लिए अच्छे हैं। लेकिन, ध्यान रखें इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। लहसुन लहसुन को अपनी खुशबु और स्वाद के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल कुकिंग और मेडिसिन में किया जाता है। गार्लिक में एलिसिन होता है, जो एक प्रोटेक्टिव सल्फर कंपाउंड है। यह कैंसर (Cancer) को बढ़ने से रोकता है। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से इसका सेवन करने से कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होता है। हालांकि, इसके बारे में और अधिक स्टडी की जा रही है। बेरीज बेरीज यानी ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी आदि कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) में शामिल हैं। इनमें विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं जैसे एंथोसायनिन, एलाजिक एसिड और रेस्वेराट्रोल आदि। इन्हें खाने से डायजेस्टिव ट्रैक्ट के कैंसर (Cancer) के रोकथाम में मदद मिलती है। शोध यह बताते हैं कि रोजाना इनका सेवन करने से कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होने में भी हेल्प मिल सकती है। फिश मच्छी न्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन से भरपूर होती है खासतौर पर सालमोन, टूना आदि। यह मच्छलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का अच्छा स्त्रोत है। ऐसा माना गया है कि यह फिश इन्फ्लेमेशन को रोकती हैं और ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर (Cancer) से बचाव में फायदेमंद हैं।  मेवे कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि कुछ मेवे कैंसर (Cancer) के रिस्क को कम करते हैं। ऐसा माना गया है कि ब्राजील नट व अखरोट को कैंसर के रिस्क को कम करने में फायदेमंद हैं। अख़रोट में खासतौर पर कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसलिए, इनका सेवन कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम किया जा सकता है। नट्स को आप ऐसे भी खा सकते हैं या सलाद आदि में मिला कर भी इनका सेवन कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक साबुत अनाज साबुत अनाज का सेवन करना भी कैंसर (Cancer) जैसे कोलोरेक्टल कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। इनमे फाइबर के साथ ही अन्य मिनरल, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। इसलिए साबुत अनाज खाने से भी सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में सहायता मिल सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Cancer #CancerPrevention #HealthyEating #Superfoods #AntiCancerDiet #WellnessTips #EatClean #NutritionMatters

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UPSC Recruitment 2025

यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स

द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) यानी यूपीएससी (UPSC) भारत में वो संवैधानिक निकाय है, जो सरकार में अलग-अलग सिविल सर्विस पोजिशंस के लिए कैंडिडेट्स को चुनती है। यह एक प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था है। यह संस्था कई एग्जामिनेशन और इंटरव्यू कराती है, ताकि उपयुक्त कैंडिडेट को चुना जा सके। सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए एक अच्छी खबर है क्योंकि यूपीएससी (UPSC) ने 400 से अधिक पोस्ट्स निकाली हैं। अगर आप इनके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपके लिए यह अच्छा मौका है क्योंकि आप आसानी से ऑनलाइन इसके लिए आवेदन भर सकते हैं। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के बारे में विस्तार से। यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) ने  कंपनी प्रॉसिक्यूटर, स्पेशलिस्ट ग्रेड-III असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट डायरेक्टर, डिप्टी सुपरिटेंडेंट हॉर्टिकल्चरिस्ट,डिप्टी सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (टेक्निकल), मेडिकल फिजिसिस्ट, डिप्टी आर्किटेक्ट आदि के लिए लगभग 462 पोस्ट्स निकाली हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी इस प्रकार है: आयु सीमा यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए आयु सीमा हर पद के लिए अलग अलग है। इसके लिए मिनिमम एज लिमिट 30 साल और मैक्सिमम एज लिमिट 50 साल निर्धारित की गयी है। हालांकि, अनुसूचित जाति, जनजाति और आरक्षित वर्गों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है जिसके बारे में अधिक जानकारी आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  शैक्षणिक योग्यता आयु सीमा की तरह ही यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए शैक्षिणक योग्यता अलग-अलग है। पोस्ट्स के अनुसार कैंडिडे के पास ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, एमबीबीएस आदि डिग्री होनी अनिवार्य है। कौन सी पोस्ट के लिए क्या क्वालिफिकेशन जरूरी है, यह डिटेल भी आपको वेबसाइट पर मिल जाएगी। फीस  यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए अप्लाई करना है तो फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। यह फीस भी हर वर्ग के लिए अलग-अगल है। आप ऑनलाइन आसानी से इसे पे कर सकते हैं। अगर आप जनरल या ओबीसी वर्ग से हैं तो यह आवेदन शुल्क आपके लिए केवल 25 रुपए है। जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों के लिए इसमें छूट दी गयी है।  अगर आप इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि इसके लिए लास्ट डेट 3 जुलाई है। यानी, आप इससे पहले अप्लाई करें। द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) इन पोस्ट्स के लिए रिटेन एग्जाम के साथ ही इंटरव्यू भी लेंगे। रिटेन क्लियर करने वाले कैंडिडेट्स को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसलिए, कैंडिडेट्स को दोनों के लिए पूरी तरह से प्रिपेयर रहने की आवश्यकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स के लिए कैसे करें अप्लाई अगर आप इन पोस्ट्स के लिए आवेदन भरना चाहते हैं तो आप देर न करें क्योंकि 3 जुलाई के बाद यह आवेदन नहीं लिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए आप यूपीएससी (UPSC) की वेबसाइट के साथ ही ऑफिशियल नोटिफिकेशन आदि की भी जांच कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news The union public service commission #UPSCRecruitment2025 #GovernmentJobs #UPSCVacancy #UPSCNotification #ApplyNow

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Donald Trump Iran attack,

जी-7 शिखर सम्मेलन बीच में छोड़ अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, क्या ईरान पर फाइनल अटैक की हो रही तैयारी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) को बीच में छोड़ वापस लौट गए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब इजरायल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War) अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से जबरदस्त बमबारी हो रही है। जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। कहा जा रहा है कि इजरायल अब अमेरिका के सहयोग से ईरान पर फाइनल अटैक करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) वापस अमेरिका चले गए।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) से काफी कुछ हासिल किया गया है और आगे भी इसका फायदा मिलता रहेगा, लेकिन इजरायल और ईरान संघर्ष (Israel-Iran War) के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद शिखर सम्मेलन को छोड़ वापस आ गए हैं।’  बता दें कि विश्व के कई प्रमुख नेता शांति और विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए कनाडा में एकत्र हुए हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सुबह कनाडा पहुंच गए हैं। कहा जा रहा था कि इस सम्मेलन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इजरायल-ईरान युद्ध के कारण जी-7 शिखर (Benjamin Netanyahu) सम्मेलन प्रभावित हो रहा है। इजरायल और ईरान युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और अनियंत्रित होकर आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से ट्रंप को वापस अमेरिका लौटना पड़ा है।  तेहरान को तत्काल खाली करें- ट्रंप  कनाडा पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। यहां पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि हर किसी को तत्काल तेहरान को खाली कर देना चाहिए!’ इसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि, ‘‘ईरान को उस समझौते पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने उनसे कहा था। उन्होंने यह न करके स्थिति को शर्मनाक बना लिया है। अब बेवजह मानव जीवन का नुकसान हो रहा है। मैं कई बार कह चुका हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को तत्काल तेहरान छोड़ देना चाहिए।’ इसके तुरंत बाद ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को छोड़ कर चले गए।   खामेनेई की मौत से रूकेगा संघर्ष- नेतन्याहू  वहीं, दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि इस संघर्ष की समाप्ति ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत के बाद होगा। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि खामेनेई की हत्या से यह संघर्ष बढ़ेगा नहीं, बल्कि संघर्ष समाप्त होने वाला है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल वास्तव में खामेनेई को मारना चाहता है तो, नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि “हम वही कर रहे हैं, जो हमें करना चाहिए।” इजरायल संघर्ष शुरू होने के समय से ही ईरान के टॉप लीडरशिप, परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है।   इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार अब तक ईरान ने इजरायल पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है  इजरायल ने बताया कि शुक्रवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने उस पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है। ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को इजराइल ने हवा में ही मार गिराया, लेकिन कई मिसाइल अपने टारगेट पर गिरी हैं। जिसकी वजह से 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 500 लोग घायल हैं। बीती रात भी ईरान ने कई शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। ईरान के इन हमलों में तेल अवीव में मौजूद अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि यहां पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।       Latest News in Hindi Today Hindi news Benjamin Netanyahu #Trump #G7Summit #USA #IranAttack #WorldNews #MiddleEast #CrisisAlert

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Sonam black magic

राजा को वश में करने के लिए सोनम करती थी ‘ब्लैक मैजिक’!, पिता ने हत्या को लेकर किया बड़ा खुलासा

राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या को 13 दिन पूरे हो गए। सोमवार को इंदौर में तेरहवीं कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) के पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि, मुझे पूरा विश्वास है कि सोनम तंत्र-मंत्र करती थी और इसका इस्तेमाल उसने उनके बेटे राजा पर भी किया था। जिसकी वजह से ही सोनम जो भी सही-गलत कहती, वह उसे करता था।  बता दें कि राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) के साथ मनीमून मनाने मेघालय गए थे। जहां पर सोनम ने साजिश रच राजा की हत्या करा दी। इस आरोप में मेघालय पुलिस (Meghalaya Police) ने पत्नी सोनम, इसके प्रेमी राज कुशवाह और इसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सोनम (Sonam Raghuvanshi) ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, लेकिन आरोपियों को पूरे पैसे अभी नहीं मिले थे। पुलिस इन आरोपियों से अभी पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही कई दूसरे बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।  सोनम ने राजा से घर के मुख्य दरवाजे पर टांगवाई थी पोटली- पिता राजा रघुवंशी के पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम के तंत्र-मंत्र (sonam black magic )का जिक्र करते हुए कहा, “सोनम शादि के बाद जब घर आई, तभी से कुछ न कुछ टोना-टोटका करती रहती थी। उसके कहने पर ही राजा ने हमारे घर के मुख्य द्वार पर एक पोटलीनुमा चीज टांग दी थी। उस समय जब सोनम से इस बारे में घर वालों ने पूछा तो उसने कहा था कि इसे टांगने से घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती और तरक्की आती है।” राजा के पिता ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सोनम तंत्र-मंत्र पर विश्वास करती थी और इससे ही उसने मेरे बेटे को अपने वश में किया। उसने मेरे बेटे की हत्या में भी इसका इस्तेमाल किया है। अशोक रघुवंशी ने कहा कि राजा की मौत के बाद घर के दरवाजे पर टंगी उस पोटलीनुमा चीज को हटा दिया गया था। उन्होंने मांग की कि उनके बेटे की हत्या में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।  मां ने कहा- सोनम मिली तो जरूर पूछूंगी एक सवाल वहीं, राजा रघुवंशी की मां उमा ने भी मीडिया से बातचीत की और कहा कि उनका बेटा राजा और सोनम दोनों मांगलिक थे और पारंपरिक तौर-तरीके से दोनों की शादी सोनम के परिवारिक ज्योतिषी द्वारा निकाले गए मुहूर्त के अनुसार हुई थी। उमा ने कहा, “सोनम शादी के बाद ससुराल आई और मात्र चार दिन यहां रही और फिर मायके चली गई थी। हमने उसे हंसी-खुशी मायके विदा की थी। अगर वह मुझे कभी मिलती है, तो मैं उससे यह जरूर पूछूंगी कि मेरे बेटे ने ऐसी क्या गलती की थी, जो उसकी हत्या करा दी? अगर साथ नहीं रहना था तो छोड़ भी सकती थी। उसे उसके अपराध की सजा जरूर मिलनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक सोनम के भाई का नार्को टेस्ट कराने की मांग  इस हत्याकांड के सोनम ( sonam black magic )का भाई गोविंदा भी चर्चा में है। गोविंदा कभी राजा की मां से गले मिलकर रोता और माफी मांगते हुए नजर आ रहा है तो कभी अपने जीजा राजा का तर्पण करने उज्जैन चला जाता है। गोविंदा बिना बुलाए राजा की तेरहवीं में भी पहुंचा गया। इस घटना के बाद भी उसका राजा के घर बार-बार जाना अब राजा के परिजनों को खटकने लगा है। राजा के परिजनों ने गोविंद का नार्को टेस्ट कराने और उससे पूछताछ करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि शिलांग पुलिस जल्द ही गोविंदा से भी पूछताछ कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi sonam black magic #Sonam #BlackMagic #RajaMurder #CrimeNews

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Sheetal Chaudhary murder,

Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder: ब्‍वॉयफ्रेंड ही निकला हरियाणवी मॉडल शीतल चौधरी का कातिल, इस तरह पुलिस ने किया गिरफ्तार

हरियाणवी मॉडल शीतल चौधरी हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका ब्‍वॉयफ्रेंड सुनील ही है। शीतल गानों के वीडियो में काम करती थी और पानीपत में अपनी बहन के साथ रहती थी। वह 14 जून को एक शूटिंग के लिए घर से निकली थी। वो शूटिंग के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी देर होने के बाद परिजनों ने 15 जून को थाना मतलौडा में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच पुलिस को देर रात एक महिला के शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान 24 वर्षीय शीतल के रूप में हुई। पुलिस को शीतल के शरीर पर कई निशान मिले (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) थे। पीजीआई खानपुर में पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। बता दें कि शीतल का शव सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र की नहर से बरामद हुआ था।  शीतल, हरियाणवी एल्बमों में मॉडलिंग करती (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) थी शीतल की बहन नेहा ने बताया कि शनिवार देर रात डेढ़ बजे शीतल ने उसे वॉट्स एप पर वीडियो कॉल कर बताया था कि सुनील उसके साथ मारपीट कर रहा है। इसके बाद से शीतल का मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। इस बीच अगले दिन रविवार सुबह पानीपत के पास नहर में सुनील की कार मिली। लेकिन शीतल नहीं मिली। सोमवार सुबह शीतल का शव सोनीपत के पास खरख़ौदा में नहर में मिला। जो करीब 80 किलोमीटर बहकर गया था। शीतल के शव की पहचान उसके हाथ और छाती में बने टैटुओं से हुई। सीआईए वन प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर संदीप के अनुसार 15 जून को पानीपत के सतकरतार कॉलोनी निवासी एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी बहन शीतल, जो हरियाणवी एल्बमों में मॉडलिंग करती (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) थी, 14 मई को शूटिंग के लिए अहर गांव गई थी और वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी खुद तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 127(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद जाकर इस हत्याकांड का खुलासा हुआ। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक सुनील पहले से शादीशुदा है और 2 बच्चों का (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) पिता है हैरतअंगेज यह कि सुनील एक पानीपत के एक अस्पताल में भर्ती मिला। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया, उसकी गाड़ी नहर में गिर गई थी। पहले तो उसने हत्या को हादसा साबित करने का नाटक किया। वह पुलिस को गुमराह करता रहा। हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए उसने गाड़ी नहर में गिराने का नाटक भी किया, लेकिन सब धरा का धरा रह गया। पुलिस ने जब अपने अंदाज में पूछताछ की तो वो टूट (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सुनील ने शीतल पर चाकू से कई वार शीतल पर किए थे। शीतल करीब 6 साल से सुनील को जानती थी। पहले वो करनाल में सुनील के होटल में नौकरी करती थी। सुनील पहले से शादीशुदा है और 2 बच्चों का पिता है। इसी वजह से शीतल ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया था, लेकिन वो शीतल के पीछे पड़ा हुआ था। फ़िलहाल हरियाणवी मॉडल शीतल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 24 वर्षीय शीतल की चाकू से हत्या करने के आरोप में सीआईए वन पुलिस टीम ने सोमवार शाम को इसराना निवासी सुनील को हिरासत में लिया। इस पूरे मामले पर प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस उससे गहन पूछताछ करेगी और वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू की बरामदगी का प्रयास करेगी। Latest News in Hindi Today Hindi Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder #SheetalChaudhary #ModelMurder #HaryanaCrime #BoyfriendArrested #CrimeNews

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India Digital Census 2025

India Announces Fully Digital Census in Two Phases: जनगणना के लिए गजट अधिसूचना जारी, पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया, दो फेज में की जाएगी पूरी 

देश में हर 10 साल में जनगणना की जाती है। आखिरी बार जनगणना साल 2011 में हुई थी। इसके बाद अगली जनगणना साल 2021 में की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह नहीं हो सकी थी। वैसे भी काफी लंबे समय से विपक्ष की ओर से जनगणना और जातीय जनगणना को लेकर संसद में मांग उठाई जा रही थी। देश को लंबे समय से जनगणना का इंतजार भी था। अब जाकर इस इंतजार पर पूर्णविराम लगा है। इस हेतु चार साल बाद अब गृह मंत्रालय की ओर से जातिगत गणना को लेकर एक आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है। जनगणना के लिए सरकार की ओर से व्यापक तैयारी की जा रही है। डिजिटल युग में इस बार जनगणना भी डिजिटली की (India Announces Fully Digital Census in Two Phases) जाएगी। 35 लाख से अधिक कर्मचारी डिजिटली काम करेंगे। इसके लिए बाकायदा मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा। ध्यान देने वाली बात यह कि इस एप जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी एकत्र की जाएंगी। ऐप 16 भाषाओं में होगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरकारी की ओर से जो प्लान तैयार किया जा रहा है, उसके तहत जनगणना की प्रक्रिया दो फेज में पूरी की जाएगी। पहले फेज में एक अक्टूबर 2026 तक में कार्य पूरा किया जाएगा। और फिर दूसरे फेज में एक मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।  1 मार्च 2027 तक जनगणना की प्रक्रिया पूरी कर दी (India Announces Fully Digital Census in Two Phases) जाएगी गौरतलब हो कि सोमवार को गृह मंत्रालय की ओर से जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना और जातीय जनगणना से संबंधित आधिकारिक गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया। कहने की जरूरत नहीं, गैजेट नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही जनगणना से जुड़ी एजेंसियां भी सक्रिय हो (India Announces Fully Digital Census in Two Phases) जाएंगी। बता दें कि जनगणना प्रक्रिया पूरा करने हेतु सरकार की ओर से डिजिटली कार्य शुरू भी कर दिया जाएगा। इसके तहत 1 मार्च 2027 तक जनगणना की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि जनगणना का प्राइमरी डेटा भी मार्च 2027 तक जारी किया जा सकता है। खैर, विस्तृत डेटा जारी किए जाने में दिसंबर 2027 तक का समय लग सकता है। इसके अलावा 2028 तक लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन भी शुरू किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार मोबाइल ऐप में जनगणना संबंधी सभी जानकारियां एकत्र की (India Announces Fully Digital Census in Two Phases) जाएंगी ध्यान देने वाली बात यह कि जनगणना के लिए ट्रेनिंग, स्टाफ की नियुक्ति, और फील्ड वर्क से जुड़ें कार्यों को लेकर विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। यह पहली बार होगा जबकि जनगणना और जातिगत जनगणना दोनों साथ ही कराई जाएंगी। यही नहीं, जनगणना के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब जनगणना कार्य के लिए एक मोबाइल ऐप बनाया जाएगा, जिसमें जनगणना संबंधी सभी जानकारियां एकत्र की (India Announces Fully Digital Census in Two Phases) जाएंगी। अंदाजन 21 महीनों में जनगणना प्रक्रिया पूरी की जाने की संभावना है। इस कार्य में कुछ नहीं तो 35 लाख कर्मचारी एक साथ डिजिटली कार्य करेंगे। बता दें कि इस जनगणना में एक मार्च 2027 की आधी रात तक रेफरेंस डेटा मान्य किया जाएगा। इसका मतलब यह कि उस समय तक देश की जनसंख्या का जो भी आंकड़ा होगा, वह रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi  India Announces Fully Digital Census in Two Phases #IndiaDigitalCensus2025 #GazetteNotification #TwoPhaseCensus #DigitalIndia #PopulationSurvey #GovernmentOfIndia #Census2025

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