man marries dead girlfriend

Man Marries Dead Girlfriend: मर चुकी प्रेमिका से प्रेमी ने रचाई शादी, मंजर देख गमगीन हुए लोग

बीते दिनों एक तरफ जहां प्रेमी के चक्कर में पतियों की मौत की ख़बरों ने लोगों के मन में दहशत भर दी थी तो, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में दिल को झकझोर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने लोगों के मन यह भरोसा करने लायक भरोसा जता दिया है कि सच्चा प्रेम और सच्चे प्रेमी अभी हैं। बात है महराजगंज के एक स्थानीय कस्बे की जहाँ एक प्रेमी ने अपनी मृत प्रेमिका से शादी रचा ली। सिर्फ अपना आखिरी वादा निभाने के लिए उसने अपनी मर चुकी प्रेमिका से शादी (Man Marries Dead Girlfriend) की। दरअसल, निचलौल थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे में युवक अपनी एक छोटी सी किराए की दुकान के सहारे अपना जीवनयापन कर रहा था। इसी दरम्यान से मकान मालिक की लड़की से प्यार हो जाता है। लड़की के घर वाले तो पहले नानुकुर करते रहे लेकिन दोनों का आपसी प्रेम देख उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा और शादी के लिए तैयार हो गए। फिर क्या था दोनों एक दूसरे के साथ अपनी गृहस्थी बसाने का सपना देखने लगे। कुछ दिनों बाद दोनों की शादी होनी थी। इससे पहले की दोनों की शादी हो पति एक रोज किसी बात को लेकर युवती ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। फिर क्या था, इसके बाद लड़की के घर में कोहराम मच गया।  साथ रहने का वादा भले ही पूरा नहीं हो पाया। लेकिन इसकी अर्थी सुहागन के रूप में ही (Man Marries Dead Girlfriend) उठेगी प्रेमिका की मौत की खबर मिलते ही प्रेमी बदहवास हो गया। इस बदहवासी में उसने कहा कि मैंने तुम्हें वचन दिया था कि तुम्हें अपनी दुल्हन बनाऊंगा। साथ रहने का वादा भले ही पूरा नहीं हो पाया। लेकिन इसकी अर्थी सुहागन के रूप में ही (Man Marries Dead Girlfriend) उठेगी। दोनों के प्रेम को देखते हुए रोते बिलखते परिजनों ने शव से शादी के लिए रजामंदी दे दी। बाकायदा वैदिक मंत्रों के बीच प्रेमी ने प्रेमिका की शव से शादी की। ध्यान देने वाली बात यह कि विवाह कराने आये पंडित ने उदास मन से मंत्र पढ़ शादी को सम्पन्न कराया। इस शादी में मंगल गीत गाने की जगह महिलाए रो रही थीं। हर आंख से आंसू झलक रहे थे। उसने उसकी मांग में सिंदूर भरा। युवती की अर्थी सुहागन के रूप में उठी। इसके बाद प्रेमी ने अंत्येष्टि स्थल पर पहुंच प्रेमी ने पति के रूप में मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक निचलौल थाना क्षेत्र की इस घटना ने सबको ग़मगीन कर दिया (Man Marries Dead Girlfriend) है जिले के इतिहास में यह पहली ऐसी घटना बताई जा रही है। यह पहली घटना है जहां किसी शव के साथ किसी की शादी हुई हो। कहने की जरूरत नहीं, निचलौल थाना क्षेत्र की इस घटना ने सबको ग़मगीन कर दिया (Man Marries Dead Girlfriend) है। इस पूरे मामले पर थानाध्यक्ष निचलौल, अखिलेश वर्मा ने कहा, एक लड़की द्वारा आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिवार को सौंप दिया गया। फ़िलहाल मौत के कारणों का पता अभी नही चल सका है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Man Marries Dead Girlfriend #manmarriesdeadgirlfriend #shockingwedding #viralnews #emotionalmoment #heartbreakingscene #unusualmarriage #lovestory #trendingnews

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Pakistan nuclear attack

Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel: क्या सच में पाकिस्तान इजरायल पर कर देगा परमाणु हमला?

ईरान और इजरायल के बीच तनावपूर्ण माहौल है। गुजरते समय के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच तनाव है कि बढ़ता जा रहा है। इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलें बरसा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच अब पाकिस्तान की इंट्री हो गई है। इसी बीच ईरान ने इजरायल को परमाणु बम की धमकी दे डाली है। दरअसल, ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान ईरान के सपोर्ट में खड़ा है। एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान ने इजरायल को परमाणु हमले की धमकी दी (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) है। तुर्किए टुडे की एक खबर की माने तो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सीनियर जनरल और ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य मोहसेन रेजाई ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, पाकिस्तान ने हमें भरोसा दिलाया है कि अगर इजरायल परमाणु मिसाइलों से अटैक करता है, तो हम भी उस पर परमाणु हथियारों से हमला करेंगे।  इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है पलटवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनरल मोहसेन रेजाई एक टीवी शो में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैमरे के सामने दावा किया कि इजरायल कुछ भी नहीं कर सकता है। अगर इस तनाव के बीच इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर पलटवार (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है। मोहसेन रेजाई ने कहा, ईरान के पास कई छिपी रणनीतियां और क्षमताएं हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि रेजाई के इन दावों में कितना दम है? पाकिस्तान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ईरान का समर्थन करने की बात कही थी। उन्होंने 14 जून को नेशनल असेंबली में कहा कि मुस्लिम देशों को इजरायल के खिलाफ एकता दिखानी चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने कहा, इजरायल ने ईरान, फिलिस्तीन और यमन को निशाना बनाया है। अगर मुस्लिम देश अब एकजुट नहीं हुए, तो सभी का यही हाल होगा। हालांकि ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ सभी डिप्लोमेटिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। इस बीच उन्होंने इजरायल के खिलाफ रणनीति बनाने की भी बात कही।  इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था फूल प्रूफ प्लान  गौरतलब हो कि इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर उसके न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी निशाना बनाया। ईरान ने इसका जवाब दिया और उसने इजरायल में कई जगहों पर ड्रोन से अटैक किया। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए और 370 से अधिक अन्य घायल हो गए। खैर, अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का फूल प्रूफ प्लान बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीटो कर दिया है। कमाल यह कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन खबरों पर चुप्पी साध रखी है। खैर, कुछ भी हो, पाकिस्तान सिर्फ ईरान को धोखे में रख रहा है। इजरायल से टकराने की हिम्मत अकेले न तो पाकिस्तान में है और न ही ईरान में। पकिस्तान तो वैसे भी चाहकर कुछ नहीं कर सकता, इसकी बड़ी वजह यह कि जब तक अमेरिका का हाथ इजरायल के सिर पर रहेगा तब तक इजरायल का बाल भी बांका नहीं हो सकता और पाकिस्तान में इतनी कूवत नहीं है कि वो अमेरिका के खिलाफ जाकर इजरायल से सीधी टक्कर ले। और वैसे भी ऑपरेशन सिन्दूर ने समूची दुनिया को दिखा ही दिया है कि पाकिस्तान कितने पानी में है। रही बात इजरायल पर परमाणु हमला करने की तो वो सिर्फ कहने के लिए ठीक भर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel #pakistan #israel #nuclearattack #worldwar3 #middleeastcrisis #breakingnews #globaltension #nuclearwar #pakistanvsisrael #warnews

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Maharashtra civic polls spark new alliances.

महाराष्‍ट्र निकाय चुनाव को लेकर बदल रहा सियासी समीकरण, भाजपा, NCP, शिवसेना और MNS क्‍या बना रहे प्‍लान? 

महाराष्‍ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) इस साल के अंत तक होने के संभावना है, लेकिन इससे पहले ही राज्य की राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है। राजनीतिक पार्टियां निकाय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) में जीत हासिल करने के लिए सियासी जोड़तोड़ में जुटी हैं। राज्य की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) के बदले तेवर देख इंडिया ब्लॉक में पहले से ही हलचल मची हुई है। वहीं महाराष्‍ट्र मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और राज ठाकरे की हुई ह‍ालिया मुलाकात से महागठबंधन को बेचैन कर दिया है।  तीनों पार्टियों स्‍थानीय चुनाव को लेकर जोर-शोर से कर रही हैं अपनी तैयारियां बता दें कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) गुट शामिल हैं। ये तीनों दल पिछला लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ी थी, लेकिन स्‍थानीय निकाय चुनाव एक साथ लड़ने को लेकर उत्‍सुक नजर नहीं आ रही हैं। तीनों पार्टियों स्‍थानीय चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां जोर-शोर से कर रही हैं, लेकिन अभी तक तीनों के बीच इस चुनाव को लेकर कोई संयुक्‍त बैठक नहीं हुई है। जिससे साफ पता चलता है कि स्थानीय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) को लेकर महागठबंधन में दरार पड़ चुका है।   शरद पवार की NCP के लिए करो या मरो की लड़ाई! राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शरद पवार (Sharad Pawar) की एनसीपी के लिए यह चुनाव लड़ो या मरो वाला है। इसलिए शरद पवार (Sharad Pawar) अपने लिए बेहतर से बेहतर विकल्‍प की तलाश कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में तो यहां तक दावा किया जा रहा है कि शरद पवार आगामी स्थानीय चुनाव से पहले भाजपा (BJP) को छोड़कर अन्‍य किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकते हैं। पवार की सबसे ज्यादा कोशिश अपने भतीजे अजित पवार के साथ गठबंधन करने की है। इसके लिए दोनों गुट के बीच बातचीत भी चल रही है।  पिछले कुछ दिनों से चाचा और भतीजे के बीच दूरियां कम होती भी नजर आ रही है। दोनों अब सार्वजनिक मंचों पर एक साथ नजर आ रहे हैं। हालही में हुई अजित पवार के बेटे की शादी में पूरा पवार परिवार वर्षों बाद एक साथ नजर आया था। जिसके बाद से ही कायस लगाया जा रहा है कि जल्द ही चाचा-भतीजे फिर से एकसाथ आने की घोषणा कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार राज का उद्धव से दूरी बना भाजपा के साथ आने की अटकलें!  वहीं दूसरी तरफ शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और चचेरे भाई राज ठाकरे (Raj Thackeray) के बीच भी भरत मिलाप की अटकलें लगाई जा रही थी। दोनों भाईयों के साथ में आने को लेकर मुंबई में कई जगहों पर पोस्टर भी लग गए थे। उद्धव ठाकरे ने भी संकेत दिया था कि “मामूली मुद्दों” को नजरअंदाज कर वे निकाय चुनाव से पहले साथ आ सकते हैं। लेकिन बीते सप्‍ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बीच हुई मुलाकात के बाद कहा जा रहा है कि राज ठाकरे शायद अब भाजपा के साथ आ सकते हैं।  महायुति गठबंधन में पहले से ही भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित गुट) शामिल हैं। ऐसे में राज ठाकरे के आ जाने से यह गुट और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी, लेकिन इससे सीट बंटवारे को लेकर टकराव बढ़ने का भी अंदेशा है।  Latest News in Hindi Today Hindi Devendra Fadnavis #maharashtrapolitics #civicpolls2025 #bjp #ncp #shivsenanews #mnsupdates #politicalstrategy #electionnews #breakingnews

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Hajj Pilgrims

250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport: इस तरह लखनऊ एयरपोर्ट पर 250 हज यात्रियों से भरा विमान बचा बड़े हादसे से, जरा सी चूक पड़ सकती थी भारी

अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद से देश की सभी एयरलाइन्स चौकन्ना हैं। कारण यही जो कंपनियां हर संभव सतर्कतता बरत रही हैं। यह इसी सतर्कतता का कमाल था जो चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दरअसल, सऊदिया एयरलाइंस की फ्लाइट SV 3112 में लैंडिंग के दौरान ही तकनीकी खराबी आ (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) गई। जानकारी के मुताबिक इस विमान में कुल 250 हज यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। यह विमान जेद्दा से लखनऊ पहुंचा था। फ़िलहाल सभी यात्री और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बता दें कि रविवार सुबह तकरीबन 6:30 बजे सऊदिया एयरलाइंस की फ्लाइट SV 3112 ने लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। लैंडिंग के बाद टैक्सी वे पर जाते समय विमान के पहिए से अचानक चिंगारी और धुआं निकलने लगा। पायलट ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत विमान को रोक दिया।  20 मिनट की मशक्कत के बाद स्थिति पर पूरी तरह काबू पा (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) लिया इस बीच एयरपोर्ट की फायर टीम को तत्काल सूचना दी गई। फायर टीम ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद स्थिति पर पूरी तरह काबू पा (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) लिया। प्रारंभिक जांच-पड़ताल में पता चला कि विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में रिसाव के कारण यह खराबी आई थी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक यदि यह खराबी टेकऑफ के दौरान हुई होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट की आपातकालीन टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को रोक दिया। यह पायलट की सतर्कतता का ही कमाल था जो संभावित हादसा होते-होते टल गया और विमान में सवार सभी 250 हज यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। न सिर्फ उन्हें सुरक्षित निकाला गया बल्कि उनकी सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार फ्लाइट SV 3112 में तकनीकी खराबी की वजह से लैंडिंग के बाद यह स्थिति उत्पन्न (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) हुई फ़िलहाल घटना की पुष्टि करते हुए सऊदिया एयरलाइंस ने कहा, फ्लाइट SV 3112 में तकनीकी खराबी की वजह से लैंडिंग के बाद यह स्थिति उत्पन्न (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) हुई। एयरलाइंस ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के बाद विमान में सवार हज यात्रियों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत यात्रियों को शांत किया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। लखनऊ एयरपोर्ट के निदेशक ने कहा, हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। हालांकि तकनीकी खराबी की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। इस घटना पर विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हाइड्रोलिक रिसाव उड़ान भरते समय होता, तो संभवतः लैंडिंग गियर या ब्रेक फेल हो सकता था या फिर विमान की आपातकालीन लैंडिंग कराने तक की नौबत आ सकती थी। यात्रियों की जान खतरे में पड़ती वो अलग। कुछ भी हो बड़ा हादसा हो सकता था। कारण यही जो इस घटना को पायलट की सतर्कता और एयरपोर्ट स्टाफ की त्वरित प्रतिक्रिया की मिसाल के दौरपर देखा जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi 250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport #lucknowairport #hajjpilgrims #aviationnews #breakingnews #indiaaviation #flightsafety #lucknownews #majorincident

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Tejaswi Yadav

तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला: बिहार में आयोगों की नियुक्तियों को बताया परिवारवाद

बिहार में महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) समेत विभिन्न आयोगों में हुई नियुक्तियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर हमला बोला है। तेजस्वी ने इन नियुक्तियों को पारदर्शिता और योग्यता के विरुद्ध बताते हुए सरकार पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने उठाई ‘जमाई आयोग’ बनाने की मांग तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार को एक जमाई आयोग का गठन करना चाहिए क्योंकि यहां आयोगों की नियुक्तियां पारिवारिक रिश्तों के आधार पर की जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के दामाद, जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के दामाद और अशोक चौधरी (Ashok Chaudhari) के दामाद को आयोगों में नियुक्त किया गया है। यह स्पष्ट रूप से परिवारवाद को दर्शाता है और इससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने विशेष रूप से बिहार महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार (Deepak Kumar) की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षाविद् के रूप में नियुक्त किया गया है, लेकिन क्या बिहार में कोई और योग्य शिक्षाविद नहीं था? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार की पत्नी ने आवेदन में अपने पति का नाम छुपाकर पिता का नाम लिखा है, जो संदेह पैदा करता है। “मुख्यमंत्री अचेत हैं या शामिल?” तेजस्वी ने सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन नियुक्तियों से अनजान हैं या वे स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय में दलित और अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता के लोग काबिज हो चुके हैं और बीजेपी के वफादार कार्यकर्ताओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार “बिहार में हो रहा है मलाई का बंटवारा” तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के परिवारवाद विरोधी भाषणों को भी खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में गुपचुप तरीके से सरकार की मलाई बांटी जा रही है और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री दोनों मिलकर स्पेशल अरेंजमेंट कमीशन (Special Arrangement Commision) चला रहे हैं, जहां केवल खास लोगों के बेटा, दामाद और पत्नी को ही मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला अगर यूं ही चलता रहा तो बिहार का प्रशासन और सचिवालय दोनों ही बर्बाद हो जाएंगे। तेजस्वी ने सरकार से अपील की कि वह पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखे ताकि योग्य युवाओं को भी अवसर मिल सके। तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के इस बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है। उन्होंने ना केवल नीतीश सरकार (Nitish Kumar) के निर्णयों पर सवाल उठाए, बल्कि परिवारवाद के खिलाफ व्यापक बहस को भी हवा दी है। आने वाले चुनावी माहौल में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #tejashwiyadav #nitishkumar #biharpolitics #familyism #nepotism #biharnews #indiapolitics #breakingnews #latestupdate #politicalnews

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Indrayani River bridge in Pune collapses,

Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990: पुणे जिले में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढहा, 6 लोगों की मौत कई लापता, 1990 में बने ब्रिज का कभी हुआ ही नहीं ऑडिट

रविवार को महाराष्ट्र के पुणे जिले में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढह जाने से उफनती नदी में गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और 25 से 30 लोग बह गए हैं।। मावल में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे इंद्रायणी का जलस्तर बढ़ गया। इसी वजह से यह हादसा हुआ। गौरतलब हो कि कुंदमाला एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां मानसून के दौरान काफी संख्या में पर्यटक आते हैं। छुट्टी का दिन होने के कारण पर्यटकों की संख्या अधिक थी। यह पुल इतना संकरा था कि एक समय में सिर्फ एक दोपहिया वाहन और दो व्यक्ति ही उस पर से जा सकते हैं। लेकिन हादसे के समय पुल पर करीब 7 से 8 दोपहिया थीं। इस वजह से पुल पर जाम लग गया और बाहर निकलना संभव नहीं हो (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) पाया। लोगों की बढ़ती भीड़ देख गांववालों ने रविवार दोपहर 12 बजे के करीब पुलिस इस बात की जानकारी दी गई। जिसके बाद करीब चार पुलिसकर्मी पुल पर आए थे और उन्होंने वहां घूमने आए लोगों को वापस जाने को कहा था। हादसे के समय पुल पर 100 से अधिक पर्यटक मौजूद थे।  6 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 25 से 30 लोग बह गए (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हैं- सुनील शेल्के (स्थानीय विधायक) खैर, पुल खाली करवाने के कुछ देर बाद पुलिस वाले वापस चले गए थे। लेकिन उसके बाद फिर से लोगों का यहां आना शुरू हो गया और कुछ ही घंटों में ये पुल टूट गया। बचावकर्मी के मुताबिक पुल उस समय ढह गया जब लोग इसे पार कर रहे थे। स्थानीय विधायक सुनील शेल्के के मुताबिक 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 25 से 30 लोग बह गए (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हैं। इस बीच एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम नदी में बहे पर्यटकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। घायलों को पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये पुल 35 साल पहले यानी साल 1990 में बना था। कमाल यह कि उसके बाद से कभी भी इसका स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ ही नहीं।  हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हो गई है अलर्ट  बताया तो यह भी जा रहा है कि पांच साल पहले पीडब्लूडी से मांग की गई थी कि इस पुल को बंद कर दिया जाए। यही नहीं गावंवालों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत को दो साल पहले ही पत्र लिखकर पुल की मरम्मत करने और पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। खैर, इस हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार अलर्ट (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को तत्काल उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुराने पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश भी दिया। इस हादसे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस संदर्भ उन्होंने डिविजनल कमिश्नर, तहसीलदार और पुलिस कमिश्नर तत्परता से बचाव कार्य सुनिश्चित करने और नदी में बहे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के आदेश दिए हैं। यही नहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार पुल हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य सरकार घायलों के इलाज का खर्च भी वहन करेगी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार सरकार विकास की बातें तो करती हैं, लेकिन एक मजबूत पुल तक नहीं बना सकी- उद्धव ठाकरे, (पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)  कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने न सिर्फ प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इसे लेकर राजनीति भी गरमा गई है। शिवसेना-यूबीटी के  प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना पर शोक जताते हुए इसे सरकार की आपराधिक लापरवाही करार (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) दिया है। सूबे की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ने कहा कि सरकार विकास की बातें तो करती हैं, लेकिन एक मजबूत पुल तक नहीं बना सकी। उस पुराने जर्जर पुल से 44 पर्यटक बह गए, यह अत्यंत दुखद और निंदनीय है। ठाकरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार इस तरह की घटनाओं की जिम्मेदारी कब लेगी? इस बीच उन्होंने राजकोट किले में छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा के चबूतरे की जमीन धंसने की घटना को उठाते हुए कहा, पहले प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित की गई प्रतिमा गिर चुकी है और अब नई प्रतिमा के चबूतरे की जमीन ही धंस गई है। यह दर्शाता है कि शिवरायों की स्मृति के साथ भी घोर लापरवाही हो रही है। सरकार अब किस मुंह से सफाई देगी?  Latest News in Hindi Today Hindi Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990 #pune #bridgecollapse #indrayaniriver #newsupdate #puneaccident #breakingnews #tragedy #infrastructure #india #disaster

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PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000

PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000: यदि आप भी हैं पैन कार्ड धारक, तो यह गलती आपको लगा सकती है 10,000 रुपए की चपत

पैन कार्ड का इस्तेमाल बैंक से जुड़े कार्यों के साथ-साथ आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने, निवेश, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, लोन लेने और अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए भी होता है। ऐसे में यदि आप भी पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। पैन कार्ड से जुड़ी जरा सी लापरवाही आपको आर्थिक नुकसान और कानूनी पचड़े में डाल सकती (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) है। इसलिए समय रहते अपने पैन कार्ड का स्टेटस जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाएं। दरअसल, आयकर विभाग ने अब उन पैन कार्ड धारकों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है जिनका कार्ड इनएक्टिव (निष्क्रिय) हो चुका है। ऐसे लोगों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह कि कई लोग इस बात से अनजान हैं कि उनका पैन कार्ड अब वैध ही नहीं रहा। इसके बावजूद वे पहले की तरह इसका उपयोग कर रहे हैं। लेकिन यह गलती अब भारी पड़ सकती है।  आयकर विभाग की धारा 272B के तहत 10,000 रुपए तक का लगाया जा सकता (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) है जुर्माना  ऐसे में यदि किसी का पैन कार्ड इनएक्टिव हो गया है और वह व्यक्ति इसे जानबूझकर या फिर अनजाने में इस्तेमाल करता है, तो आयकर विभाग की धारा 272B के तहत उस पर 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पैन कार्ड इनएक्टिव होता कब है? तो बता दें कि आमतौर पर पैन कार्ड इनएक्टिव तब होता है जब वह आधार से लिंक नहीं होता या फिर लिंकिंग प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। हालाँकि सरकार की ओर से पहले ही सभी पैन कार्ड को आधार से लिंक कराने निर्देश दिया गया था। यह सभी के लिए अनिवार्य था। आधार से लिंक न कराने पर पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाता है। ध्यान रहे पैन  कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ आयकर रिटर्न भरने के लिए ही नहीं बल्कि बैंकिंग, निवेश, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, लोन लेने और अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए भी जरूरी होता है। इसलिए इसका वैध होना जरूरी है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक आप इसे घर बैठे आसानी से कर सकते (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) हैं पता  बड़ा सवाल यह कि सामान्य नागरिक को पता कैसे चलेगा कि उसका पैन एक्टिव है भी या नहीं या फिर जो पैन कार्ड वो इस्तेमाल कर रहा है वो एक्टिव है या इनएक्टिव? यदि कोई भी शख्स यह फिर आप ही जानना चाहते हैं कि उसका पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं, तो आप इसे घर बैठे आसानी से पता कर सकते (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) हैं। पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं इसे जानने के लिए आपको सबसे पहले आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर वेरीफाई योर पैन (Verify Your PAN) के विकल्प पर क्लिक करना होगा। फिर वहां अपना पैन नंबर, पूरा नाम, जन्मतिथि और वह मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा जो आपके पैन और आधार से लिंक है। ओटीपी दर्ज करने के बाद आपका पैन स्टेटस स्क्रीन पर दिख जाएगा। यदि आपका पैन इनएक्टिव दिख रहा है तो उसे तुरंत आधार से लिंक करें। और यदि पहले ही लिंक कर चुके हैं तो स्टेटस एक बार जरूर चेक करें कि लिंकिंग वैध है या नहीं। साथ ही अगर गलती से आपके पास दो पैन नंबर हैं, तो उनमें से एक को सरेंडर करें। सरेंडर की प्रक्रिया आप एनएसडीएल या यूटीआई आईटीएसएल की वेबसाइट से पूरी कर सकते हैं। गौरतलब हो कि दो पैन नंबर रखना और इस्तेमाल करना कानूनन जुर्म है। पकड़े जाने पर 10 हजार का जुरमाना लगा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000 #pancard #pancardmistake #penalty #taxrules #incometax #financialnews #indiatax #pancardupdate #10000fine #stayupdated

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Ram Mohan Naidu

 Ahmedabad Plane Crash: उड़ान भरने के तुरंत बाद 650 फीट की ऊंचाई पर आई तकनीकी खराबी

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा लिया है। इस हादसे को लेकर आज नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें अहम जानकारी साझा की गई है। यह हादसा दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था, जब विमान एयरपोर्ट से महज दो किलोमीटर की दूरी पर मेघानी नगर इलाके में क्रैश हो गया। क्या हुआ था उस दिन? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें दोपहर करीब 2 बजे मिली थी। जब विमान करीब 650 फीट की ऊंचाई पर था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आई और पायलट ने तुरंत ATC (Air Traffic Control) को इमरजेंसी कॉल दी। विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक ऑफ किया था और महज एक मिनट के भीतर ही इमरजेंसी की सूचना दे दी गई थी। ATC ने जब विमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला और अगले ही मिनट में विमान दुर्घटना (Plane accident) घट गई। यह विमान हाल ही में पेरिस से दिल्ली और दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हादसे के ठीक पहले तक कोई समस्या सामने नहीं आई थी। View this post on Instagram A post shared by Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@rammnk) ब्लैक बॉक्स मिला, जांच जारी हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। विमान में लगी आग पर शाम 6 बजे तक काबू पा लिया गया। मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि ब्लैक बॉक्स शुक्रवार शाम 5 बजे घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है, लेकिन उसकी जांच अभी चल रही है और हादसे की असली वजह सामने आने में थोड़ा समय लग सकता है। एयरपोर्ट 5 बजे फिर शुरू हुआ इस हादसे के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट (Ahmedabad Airport) को दोपहर 2:30 बजे बंद कर दिया गया था। सभी सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल को पूरा करने के बाद एयरपोर्ट को शाम 5 बजे फिर से संचालन के लिए खोल दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि विमान ने टेक ऑफ के महज एक मिनट बाद ही तकनीकी खराबी आई। जांच के लिए गठित की गई हाईलेवल समिति इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक हाईलेवल जांच समिति का गठन किया है। यह समिति DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और अन्य संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से इस घटना की बारीकी से जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स की जानकारी और डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तकनीकी खराबी किस कारण से आई और क्या इसमें मेंटेनेंस या अन्य मानवीय चूक की भूमिका थी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब भारत की विमानन इंडस्ट्री तेज़ी से विकास कर रही है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने यह साफ किया कि भारत में विमानन सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं और किसी भी हादसे के बाद विस्तृत जांच करना हमारी प्राथमिकता होती है। उन्होंने कहा कि “जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।” अहमदाबाद विमान हादसा  (Ahmedabad Plane Crash) एक गंभीर चेतावनी है कि चाहे विमानन प्रणाली कितनी भी उन्नत क्यों न हो, तकनीकी चूक या असामान्य परिस्थितियाँ कभी भी किसी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और विमानन विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही आगे की नीतियों और प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे। इस बीच, पूरे देश की नजर इस जांच पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Ram Mohan Naidu  #AhmedabadPlaneCrash #AirIndia #PlaneCrash #DGCA #RamMohanNaidu #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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India May Miss WTC Finals for 6 Years: इस वजह से अगले 6 सालों तक WTC Final नहीं करा पाएगा भारत

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (डब्लूटीसी फाइनल) होस्ट करने का सपना कुछ वर्षों तक अधर में लटक (India May Miss WTC Finals for 6 Years) सकता है। दरअसल, बीसीसीआई को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की तरफ से तगड़ा झटका लगा है। गौरतलब हो कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत से ही फाइनल मैच इंग्लैंड में ही हो रहे हैं। इस बीच बीसीसीआई ने भारत में डब्लूटीसी फाइनल कराने की बात आईसीसी के सामने रखी थी। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन डब्लूटीसी फाइनल भी इंग्लैंड ही होस्ट करेगा। ऐसा नहीं है कि भारत कोशिश नहीं कर रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पिछले छह सालों से लगातार कोशिश कर रहा है कि इंडिया को डब्लूटीसी फाइनल की होस्टिंग मिले। लेकिन बीसीसीआई के वर्ल्ड क्रिकेट में लगातार बढ़ते प्रभाव के बाद भी होस्टिंग नहीं मिल पाई। ध्यान देने वाली बात यह कि बीसीसीआई के पूर्व सेक्रेटरी जय शाह इस समय आईसीसी के चेयरपर्सन हैं, बावजूद इसके ये मौका भारत को नहीं मिल पा रहा है।  भारत को डब्लूटीसी फाइनल होस्ट करने के लिए तकरीबन आठ वर्षों का इंतजार करना (India May Miss WTC Finals for 6 Years) पड़ेगा ऐसे में यदि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की कमान 2029-31 सीजन तक इंग्लैंड के पास ही रहती है, तो भारत को डब्लूटीसी फाइनल होस्ट करने के लिए तकरीबन आठ वर्षों का इंतजार करना (India May Miss WTC Finals for 6 Years) पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2025 में सिंगापुर में होने वाली आईसीसी की एनुअल कॉन्फ्रेंस में इस बात का ऐलान किया जा सकता है कि अगले तीन बार भी डब्लूटीसी फाइनल की होस्टिंग इंग्लैंड ही करेगा। बता दें कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का पहला फाइनल साल 2021 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में खेला गया था। तो वहीं दूसरा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के ओवल ग्राउंड पर खेला गया और वहीं अब तीसरा फाइनल लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार कैच पकड़ने के नियमों में हुआ यह बड़ा बदलाव खैर, इस बीच आपको बता दें कि क्रिकेट मैच में कोई भी फील्डर अब बाउंड्री लाइन के बाहर गेंद को सिर्फ एक बार ही हवा में उछाल सकता है। अब बाउंड्री पर कैच लेने के नए नियम बनाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी अगले महीने से नियमों में शामिल करेगा। दरअसल, पहले फील्डर बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर गेंद को हवा में उछाल देते थे। इसके बाद बाउंड्री लाइन के बाहर जाकर गेंद को हवा में फेंकते थे और उस वक्त उनके पैर भी हवा में रहते थे। गेंद तब तक हवा में ही रहती थी। इसके बाद फील्डर्स आसानी से कूदकर बाउंड्री लाइन के अंदर आकर कैच पकड़ लेते थे। लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब फील्डर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर जाने के बाद सिर्फ एक बार ही हवा में उछाल सकते हैं। यानी के गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर हवा में उछाने के बाद उसको सीधे बाउंड्री लाइन के अंदर जंप करना होगा। तभी कैच मान्य होगा, वर्ना कैच अमान्य होगा। इसके अलावा पहले कोई फील्डर गेंद को पकड़कर दूसरे फील्डर को दे देता था और खुद बाउंड्री से बाहर चला जाता था। फिर आराम से बाउंड्री के अंदर आता था। लेकिन अब दूसरे खिलाड़ी के बाउंड्री के अंदर कैच पकड़ने से पहले उस खिलाड़ी को भी मैदान के अंदर आना होगा, तभी ये कैच मान्य होगा। कुल मिलाकर कैच मान्य करने के दोनों प्लेयर्स को बाउंड्री के अंदर ही रहना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news India May Miss WTC Finals for 6 Years #indiawtcfinals #iccworldtestchampionship #wtc2025 #cricketnews #bcciupdate #cricketfans #wtcnews

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Assam CM Himanta Biswa Sarma

Assam CM Orders Shoot-at-Sight: एक्शन में असम के CM सरमा, इस वजह से दिया गोली मारने के आदेश, रातोंरात 38 गिरफ्तार

असम धुबरी में गोमांस कांड में बड़े एक्शन के बाद रातोंरात 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, धुबरी कस्बे में रविवार को एक मंदिर के पास मांस के टुकड़े मिलने के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इलाके में सोमवार को निषेधाज्ञा लागू की गई थी, जिसे मंगलवार को हटा लिया गया। असम के मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को धुबरी का दौरा किया। उन्होंने कहा, मेरे गुवाहाटी पहुंचते ही देखते ही गोली मारने का आदेश आज जारी कर दिया (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) जाएगा तथा रात में बाहर निकलने वाले या पत्थरबाजी की घटना में संलिप्त व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू होंगे, क्योंकि एक सांप्रदायिक समूह अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।  पिछले एक सप्ताह से धुबरी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) बनी हुई है मुख्यमंत्री (CM Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि जिले में त्वरित कार्रवाई बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) जाएगा। धुबरी में सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। सरमा ने आगे कहा कि जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिये हैं, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से धुबरी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दरअसल, बकरीद के अगले दिन सात जून को धुबरी जिला मुख्यालय में हनुमान मंदिर के सामने एक गाय का सिर मिला था। फिर क्या था, इसके बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने शांति और सद्भाव की अपील की थी। तनाव बढ़ता देख इस पूरे मामले पर सरमा ने बताया कि हालांकि अगले दिन फिर से मंदिर के सामने गाय का सिर रखा गया और रात में पत्थरबाजी की गई। जानकारी के मुताबिक बकरीद से एक दिन पहले नबीन बांग्ला नामक संगठन ने भड़काऊ पोस्टर चिपकाए थे, जिनमें धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने की मंशा जाहिर की गई थी।  इसे भी पढ़ें: माई बहन मान योजना बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए अमृत: डॉ मनोज पांडेय जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) रहेगा इस हरकत पर मुख्यमंत्री (CM Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि धुबरी में अशांति फैलाने के लिए एक सांप्रदायिक समूह सक्रिय हो गया है। इसके बारे में पता चलने के बाद मैं धुबरी आया हूं तथा जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) रहेगा। धुबरी में सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा और जिन लोगों ने कानून को अपने हाथ में लिया है, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। सीएम सरमा ने कहा, पहले बकरीद पर लोगों का एक वर्ग बीफ खाता था, लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी लाए गए हैं और धुबरी में एक नया बीफ माफिया उभरा है। जिसने त्योहार से ठीक पहले हजारों जानवरों की खरीद की है। यह बात मेरी जानकारी में आई है। मैंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे उन लोगों को गिरफ्तार करें, जिन्होंने यह मवेशी व्यापार शुरू किया है। अगले साल वह स्वयं ईद के दिन धुबरी जाएंगे और अगले दिन भी वहीं रहेंगे। यही नहीं सरमा ने कहा कि हम समुदाय के एक वर्ग को इस तरह की गड़बड़ी करने की अनुमति नहीं दे सकते। हमारी सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। और धुबरी को हमारे हाथों से जाने नहीं देगी। यदि आवश्यकता पड़ी, तो वह पूरी रात हनुमान मंदिर की रखवाली करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi CM Himanta Biswa Sarma #assam #cmhimantabiswasarma #shootatsight #assamnews #lawandorder #latestnews #india #breakingnews

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