Before Bihar elections

बिहार चुनाव से पहले RJD में बड़ा बदलाव: मंगनी लाल मंडल होंगे नए प्रदेश अध्यक्ष

बिहार की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election) से पहले बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन की घोषणा होने जा रही है, जो पार्टी की रणनीति और सामाजिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। वरिष्ठ नेता मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) को RJD का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा रहा है। वे मौजूदा अध्यक्ष जगदानंद सिंह की (Jagdanand Singh) जगह लेंगे। इस बदलाव को पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की स्वीकृति प्राप्त है। 19 जून को होगा औपचारिक ऐलान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह निर्णय 19 जून को होने वाली राज्य परिषद की बैठक में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। उसी दिन चुनाव परिणाम आने के बाद वे आधिकारिक तौर पर नए प्रदेश अध्यक्ष बन जाएंगे। यह जानकारी पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक चुनावों के बीच सामने आई है। इस प्रक्रिया को राजद के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. रामचंद्र पुरबे ने भी मंजूरी दे दी है। मंगनी लाल मंडल: अनुभव और सामाजिक समीकरण का संगम हालांकि बीच में वे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की JDU में शामिल हो गए थे, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) में टिकट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने JDU छोड़ दी और 6 जनवरी 2025 को RJD में दोबारा शामिल हो गए। RJD को कैसे होगा फायदा? बिहार में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) होने हैं और ऐसे समय में मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना एक सोच-समझी रणनीति मानी जा रही है। सामाजिक समीकरण: मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) EBC समुदाय से आते हैं, जो बिहार में बड़ी संख्या में मौजूद है। RJD इस समुदाय को साधकर अपना सामाजिक आधार और मज़बूत करना चाहती है। राजनीतिक अनुभव: उनका लंबा अनुभव और प्रशासनिक पकड़, पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती देने में मदद करेगी। तेजस्वी यादव का समर्थन: तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की युवा नेतृत्व क्षमता और मंडल के अनुभवी राजनीतिक कौशल का मेल पार्टी को आने वाले चुनाव में बेहतर स्थिति में ला सकता है। इसे भी पढ़ें: माई बहन मान योजना बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए अमृत: डॉ मनोज पांडेय जगदानंद सिंह की विदाई अब तक RJD के प्रदेश अध्यक्ष रहे जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) को पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं में गिना जाता है, लेकिन हाल के महीनों में पार्टी के भीतर कुछ असंतोष की खबरें सामने आई थीं। मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) की नियुक्ति इस असंतोष को शांत करने और नए उत्साह के साथ चुनाव में जाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) को RJD की कमान सौंपना केवल एक नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि एक चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उनका सामाजिक आधार, राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक समझ, RJD को आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Election) में एक मज़बूत विकल्प बना सकता है। अगर यह दांव सफल रहता है, तो RJD न सिर्फ सत्ता में वापसी का रास्ता तय कर सकती है, बल्कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में एक नया समीकरण भी बना सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi #biharelection2025 #rjdnews #mangnilalmandal #biharpolitics #laluprasad #nitishkumar #biharupdate #breakingnews #politicalnews

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Iran Attacks Israel: ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार

ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। शुक्रवार सुबह-सुबह आईडीएफ ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए और ईरान के 20 शीर्ष कमांडर मार गिराए थे। इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख की भी मौत हुई। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया (Iran Attacks Israel) है। इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने शुक्रवार रात ट्रू प्रॉमिस 3 सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत ईरान ने 150 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दागी है। इनमें से 6 मिसाइलें राजधानी तेल अवीव में गिरी, जिसमें 1 महिला की मौत हो गई। वहीं, 63 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यही नहीं, ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर वार्ता से भी इनकार कर दिया है। ईरान की इस हरकत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ईरान के पास अभी भी समय है। हमने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था। आज 61वां दिन था। खैर, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाने का दावा किया गया। ईरान की ओर से हमले की आशंका के चलते इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया था। शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ किया (Iran Attacks Israel) था जवाबी हमला  बता दें कि शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ जवाबी हमला किया (Iran Attacks Israel) था। जिसमें कई लोग घायल हो गए और कई इमारतें नष्ट हो गईं। इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा। दरअसल, नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में हमने शीर्ष सैन्य कमांडरों, वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों, महत्वपूर्ण संवर्धन सुविधा और उसके बैलिस्टिक मिसाइल शस्त्रागार के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि और भी हमले होने वाले हैं। शासन को नहीं पता कि उन्हें क्या मारा, या क्या मारा जाएगा यह पहले कभी इतना कमजोर नहीं रहा। यही नहीं, ईरान को चेताते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी लोगों के लिए अपने झंडे और ऐतिहासिक विरासत के इर्द-गिर्द एकजुट होने का समय आ गया है, ताकि वे दुष्ट और दमनकारी शासन से अपनी आजादी के लिए खड़े हो सकें। उन्होंने कहा, हम इतिहास के सबसे महान सैन्य अभियानों में से एक ऑपरेशन राइजिंग लायन के बीच में हैं।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार  ईरान परमाणु हथियार बना पाता इससे पहले ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे इस आत्मघाती हमले पर इजराइल ने कहा, इससे पहले ईरान परमाणु हथियार बना पाता ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे। खैर, हमलों के बीच इजराइली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों में जाने का आग्रह किया है। इस दरम्यान इजराइली सेना ने बताया कि ईरान ने फिर से मिसाइल हमला शुरू कर दिया है। उत्तरी इजराइल और इजराइल के कंट्रोल वाले गोलान हाइट्स में सायरन बजे रहे हैं। लोगों से बम शेल्टर्स में जाने की अपील की गई है। सेना का कहना है कि उसने ईरान से लॉन्च की गई कई मिसाइलों का पता लगाया है। वायुसेना हमलों को नाकाम करने के लिए काम कर रही है। ईरान की तरफ से दूसरे दिन किए गए हमलों में घायल हुए सात लोगों का तेल अवीव के एक अस्पताल में इलाज किया गया। घायलों में एक की हालत गंभीर है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Attacks Israel #iranattack #israelnews #middleeastconflict #iranvsisrael #nucleardeal #breakingnews #worldnews #globaltensions #iranmissile #israelunderattack

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Khalistanis in Canada,

India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case: इसलिए राजा रघुवंशी के भाई ने की सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट करवाने की मांग

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद मेघालय पुलिस ने भले ही हत्या में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस हत्याकांड का पूरा सच उजागर हो सके इसलिए राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने दो प्रमुख आरोपियों-सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) की है। दरअसल, सोनम पर आरोप है कि उसने राज कुशवाह और उसके तीन दोस्तों की मदद से अपने पति की हत्या कराई। इस दौरान राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में पीटीआई-भाषा से हुई बातचीत में कहा, हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए, ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके। सचिन ने यह भी कहा कि सोनम और कुशवाह से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों की मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं।  दोषी पाए जाने वाले लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) जाए हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि सोनम और कुशवाह अपने दम पर उनके भाई की हत्या की साजिश को अंजाम नहीं दे सकते थे। बातचीत में सचिन ने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं। यही नहीं, राजा रघुवंशी के भाई ने हत्याकांड की विस्तृत जांच की मांग करते हुए यह संदेह भी जताया कि सोनम और राज के कथित करीबी रिश्ते के बारे में सोनम के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था। लेकिन पता होने के बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई। इसके अलावा उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) जाए। कुल मिलाकर राजा रघुवंशी हत्याकांड का सच पता लगाने के लिए राजा के बड़े भाई सचिन ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। साथ ही सचिन ने सोनम के परिवार पर भी पूरे मामले में शामिल होने का शक जताया है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ शादी से ठीक पहले ही इंदौर में रची गई (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) थी। खैर, देश भर में चर्चा का केंद्रबिंदु बने हत्याकांड के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं जिनसे पूछताछ के जरिये इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इस बीच मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने गुरुरवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ शादी से ठीक पहले ही इंदौर में रची गई (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) थी। इसका मास्टरमाइंड कुशवाह है। सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी। बता दें कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में भाड़े के हत्यारे होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case #rajaraghuvanshi #narcotest #sonam #rajkushwaha #breakingnews #crimeinvestigation #latestupdates #news

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Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story: जाको राखे साईंया मार सके ना कोय, किसी चमत्कार से कम नहीं है अहमदाबाद प्‍लेन क्रैश में जिंदा बचना

गुरुवार को गुजरात के अमहदाबाद में हुए भयानक हादसे के बाद पूरी दुनिया सन्न है। हादसे का मंजर इतना खौफनाक है कि जिसने भी इसे देखा उसका कलेजा मुंह में आ गया। इस दर्दनाक हादसे ने देश के हर शख्स को गमगीन कर दिया।  एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर प्लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के चंद मिनटों बाद ही क्रैश हो गया। प्लेन में कुल 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 पैसंजर्स, 10 क्रू और दो अनुभवी पायलट सवार थे। इस प्लेन क्रैश में अभी तक कुल 265 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। जिस बिल्डिंग से प्लेन क्रैश हुआ, वहां मेडिकल कॉलेज के कई स्टूडेंट खाना खा रहे थे। वो भी इस हादसे का शिकार हो गए। प्लेन में सवार बस एक ही यात्री जीवित बचा। आपको जानकर यकीन नहीं होगा, जहाँ प्लेन क्रैश में किसी के जिन्दा बचने की कोई उम्मीद नहीं होती, ऐसे में वहां विश्‍वास रमेश का जिंदा बचना किसी चमत्‍कार से कम नहीं (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) है।  विश्‍वास रमेश का क्रैश में जिंदा बचना और खुद पैदल चलकर आना अपने आप में अविश्विनीय (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) है खैर, दमकल कर्मियों ने बताया कि विमान के क्रैश होने के बाद आग लगने से वहां का तापमान काफी बढ़ गया था। ऐसे में विश्‍वास रमेश का क्रैश में जिंदा बचना और खुद पैदल चलकर वहां से बाहर आना अपने आप में अविश्विनीय (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) है। लेकिन विश्‍वास रमेश ने बताया कि उनकी आंखों के सामने लोग मर रहे थे। विमान में आग लग गई थी। फिर भी वह विमान से बाहर निकल आए और बच गए। बता दें कि विमान के बीजे हॉस्‍टल की छत पर क्रैश होने के बाद जोरदार धमाका हुआ था। इस हादसे में एकलौते बचे विश्‍वास रमेश ने डीडी न्‍यूज को बताया कि सब मेरी नजरों के सामने हुआ था, लेकिन मुझे खुद नहीं पता कि आखिर कैसे मैं जीवित बच गया हूं। थोड़े टाइम के लिए मुझे लगा था कि मैं भी मरने वाला हूं। लेकिन आंख खुली, तो मैं जिंदा था। मैंने अपनी सीट बेल्‍ट निकालने की कोशिश की। इसके बाद मैं वहां से निकल गया। मेरी आंखों के सामने एयरहोस्‍टेज और दूसरे लोग मर गए थे। विश्वास ने आगे बताया टेकऑफ के बाद 5-10 सेकंड के अंदर ही सबकुछ हो गया। विमान के टेक ऑफ होते ही ऐसा लगा कि सबकुछ रुक गया हो। मुझे लगा कि कुछ तो हुआ है। इसके बाद विमान में हरी और सफेद रंग की लाइट ऑन हो गई। इसके बाद ऐसे लगा कि पायलट ने विमान को ऊंचा उठाने के लिए रेस बढ़ाई है। इतने में ही विमान गिर गया। मुझे नहीं पता कि विमान कहां गिरा था।   इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक विश्‍वास कुमार का इस हादसे में बचना किसी चमत्‍कार से कम (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) नहीं हैं बेशक इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि विश्‍वास कुमार का इस हादसे में बचना किसी चमत्‍कार से कम (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) नहीं हैं। डीडी न्यूज़ से बात करते हुए उन्‍होंने बताया,मैं हॉस्‍टल पर गिरे विमान के हिस्‍से में नहीं था। मैं ग्राउंड पर गिरा था। वो हॉस्‍टल की छत नहीं थी। दूसरों के बारे में मुझे पता नहीं, लेकिन मैं जहां गिरा, वो जमीन थी। विमान जब नीचे गिरा और मैंने देखा कि थोड़ा-सा स्‍पेस है। इस स्‍पेस से मैंने निकलने की कोरिश की और मैं कामयाब हो गया। उन्होंने आगे बताया कि दूसरी साइड बिल्डिंग की दीवार थी। शायद वहां से कोई निकल नहीं सका होगा। सबसे ज्यादा नुकसान वहीं पर हुआ था। मैं जहां था, वहीं थोड़ा स्‍पेस था, इसलिए मैं निकल पाया, लेकिन मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बच पाया. इसके बाद मैं वहां से पैदल चलकर बाहर आ गया. विमान में जब मैं फंसा हुआ था, तब वहां आग लग गई थी, तो इसकी वजह से मेरा एक हाथ भी जल गया। हादसे की जगह से बाहर आने के बाद मुझे एंबुलेंस हॉस्पिटल तक लेकर आई। यहां हॉस्पिटल में बहुत अच्‍छा इलाज हो रहा है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जाकर घटनास्‍थल का जायजा लिया। इसके बाद वह इस हॉस्पिटल में पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने विश्‍वास रमेश से भी मुलाकात की। विश्‍वास ने बताया कि पीएम सर ने उनका हालचाल पूछा,बोले क्‍या हुआ था, कैसे हुआ, आप ठीक हो ना?  Latest News in Hindi Today Hindi  Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story #ahmedabadplanecrash #miraclesurvival #planeaccident #breakingnews #aviationnews #indianews #luckyescape #jakhorakhesaiyan

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Iran nuclear site attack

Israel Strikes Iran Nuclear Site: इजरायल ने किया ईरान के परमाणु संयत्र पर हमला, ईरानी जनरल हुसैन सलामी की मौत, भड़के खामनेई

इज़राइल और हमास के बीच जारी जंग अब ईरान तक पहुंच गई है। दरअसल, ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के उद्देश्य से इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत शुक्रवार की सुबह तेहरान समेत कई ईरानी इलाकों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इसे 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा (Israel Strikes Iran Nuclear Site) है। कहने की जरूरत नहीं, इज़राइल द्वारा तेहरान में मिसाइल हमला किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल के इस एयर स्ट्राइक में नतांज स्थित ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र सहित अन्य ठिकानों तबाह हो गए। इजरायल ने एक के बाद एक एयर स्ट्राइक और मिसाइल से हमला कर ईरान के परमाणु संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया। इस हमले के बाद ईरान ने इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल को कड़ी सजा दी जाएगी।  इजरायल को दी (Israel Strikes Iran Nuclear Site) जाएगी कड़ी सज़ा- खामनेई  इस हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा कि उनके देश पर हमले के लिए इजरायल को कड़ी सज़ा दी (Israel Strikes Iran Nuclear Site) जाएगी। बता दें कि ईरान की सरकारी सामाचार एजेंसी आईआरएनए ने खामनेई के बयान को जारी किया। इसने पुष्टि की कि हमले में सेना के शीर्ष अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए हैं। हमले से बौखलाए खामनेई ने कहा, उनके देश में हुए इस अपराध में इजरायल के शैतानी और रक्त-रंजित हाथ शामिल हैं। उन्होंने चेताते हुए कहा कि इजरायल ने आवासीय इलाकों पर हमला करके अपनी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को उजागर किया है। जानकारी के मुताबिक इजरायल के हमले में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी की मौत हो गई।  ईरान ने इजरायल की ओर 100 से अधिक दागे (Israel Strikes Iran Nuclear Site) हैं ड्रोन  इस बीच इजरायली सेना ने दावा किया कि ईरान उस पर किए गए हमलों के जवाब में इजरायल पर ड्रोन दाग रहा है। इजरायल के मुख्य सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में ईरान ने इजरायल की ओर 100 से अधिक ड्रोन दागे (Israel Strikes Iran Nuclear Site) हैं। सभी रक्षा प्रणालियां हमलों को रोकने के लिए काम कर रही हैं। डेफ्रिन ने कहा कि लगभग 200 इजरायली लड़ाकू विमान अभियान में शामिल थे और लगभग 100 लक्ष्यों पर हमला किया गया तथा हमले अब भी जारी हैं। जॉर्डन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि देश का हवाई क्षेत्र सभी उड़ानों के लिए बंद रहेगा। जॉर्डन समाचार एजेंसी ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।  भारत ने अपने नागरिकों को (Israel Strikes Iran Nuclear Site) किया सतर्क  इसी बीच दोनों देशों के बीच जारी तनाव को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क कर (Israel Strikes Iran Nuclear Site) दिया है। बता ईरान पर इजरायल द्वारा हमला किए जाने के बाद भारतीय दूतावास ने इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और गैर जरूरी यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। साथ ही ईरान में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को देश में मौजूद भारतीयों को इजराइल के हमलों के बाद सतर्क रहने, सभी अनावश्यक गतिविधियों से बचने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी। खैर, इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि इन हमलों में उसका कोई हाथ नहीं है, साथ ही उसने अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना बनाकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई किए जाने के प्रति चेतावनी दी है।  नेतन्याहू का ऐलान; ईरानी खतरे के खत्म होने तक जंग रहेगी जारी इजराइल ने ईरान के 6 शहरों पर हवाई हमला किया है। इस हमले में 2 परमाणु वैज्ञानिक व 2 सेना के बड़े अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। स्ट्राइक के सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। क्रैश साइट पर पहुंचे PM मोदी ने की घायलों से मुलाकात पीएम मोदी प्लेन क्रैश का जायजा लेने के लिए अहमदाबाद पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से भी मुलाकात की। पीएम मोदी हादसे को लेकर समीक्षा बैठक करने वाले हैं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील लापरवाही के कारण हुआ अहमदाबाद में प्लेन क्रैश अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। इसमें पक्षियों के टकराने से लेकर इंजन की खराबी की बात कही जा रही है। हादसे का असली खुलासा ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही होगा। अहमदाबाद प्लेन हादसे में खत्म हो गया NRI का पूरा परिवार  एयर इंडिया प्लेन हादसे में जावेद अली और उनकी पत्नी समेत परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। वह अपने दो बच्चों और परिवार के साथ लंदन जा रहे थे।  सोनम नहीं बल्कि राज है राजा रघुवंशी हत्याकांड का मास्टरमाइंड चौंकाने वाले खुलासे में पता चला है कि राजा रघुवंशी की हत्या किसी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की वजह से नहीं बल्कि राज कुशवाहा द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। राज ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर सोनम की मदद से कई चरणों में साजिश रची थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Israel Strikes Iran Nuclear Site #israeliranconflict #iranattack #nuclearsite #husseinsalami #khamenei #breakingnews #middleeast #israelnews #worldwar3 #globaltensions

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Vijay Rupani death

गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी का लकी नंबर 1206 ही बन गई मौत की तारीख, जानें क्यों था खास?

अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) में जान गंवाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अपने जीवन में नंबर्स को काफी अहम मानते थे। वो एक नंबर को अपने लिए बेहद लकी मानते थे। यह खास नंबर था ‘1206’। यह नंबर विजय रूपाणी (Vijay Rupani) के जीवन से बेहद गहराई के साथ जुड़ा था। वो इस नंबर को अपने लिए सौभाग्यशाली मानते थे। यही वजह है कि विजय रूपाणी (Vijay Rupani) के हर गाड़ी का नंबर प्लेट पर यही नंबर है, चाहे वह स्कूटर हो या फिर कार। विजय रूपाणी को करीब से जानने वाले लोगों का कहना था कि इस नंबर से उन्हें हद से ज्यादा लगाव था, लेकिन 12/06 तारीख को यह लकी नंबर दुनिया के लिए एक त्रासदी में बदल गया। क्योंकि इस तारीख को विजय रूपाणी जिस फ्लाइट से लंदन अपनी पत्नी और बेटी से मिलने जा रहे थे, वह अहमदाबाद से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई।  साधारण जीवन, लेकिन असाधारण जनसेवा गुजरात के पूर्व सीएम 68 वर्षीय विजय रूपाणी (Vijay Rupani) का जन्म म्यांमार में 2 अगस्त 1956 को हुआ था। जैन परिवार से आने वाले रूपाणी सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। म्यांमार में जब राजनीतिक उथल-पुथल शुरू हुई तो उनका परिवार साल 1960 में वापस राजकोट लौट आया। रूपाणी ने यहीं से अपनी शिक्षा पूरी की और राजनीति में कदम रखा। इमरजेंसी के दौरान रूपाणी 11 माह जेल में रहे और 1987 में वह पहली बार राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के पार्षद बने। वो साल 1996 से 1997 तक राजकोट के मेयर और 2006 से 2012 तक राज्यसभा सांसद रहे। इसके बाद रूपाणी राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए और साल 2014 में पहली बार विधायक बनने के साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर भी शपथ लिया। रूपाणी को अगस्त 2016 में आनंदीबेन पटेल की जगह सीएम की जिम्‍मेदारी मिली। हालांकि रूपाणी ने सितंबर 2021 में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।   राजनीतिक करियर में अहम था यह नंबर  विजय रूपाणी (Vijay Rupani) 1206 को अपना लकी नंबर क्यों मानते थे, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन उनको करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें इस नंबर से जुड़ाव राजनीति के शुरुआती दौर से ही रहा है। यही वजह है कि विजय रूपाणी के पहली स्कूटी से लेकर अब तक मौजूद सभी गाड़ियों में यही नंबर प्लेट है। बताया जा रहा है कि रूपाणी इस नंबर को अपने राजनीतिक करियर में बेहद अहम मानते थे, लेकिन 12/06 तारीख को यही नंबर उनकी जिंदगी का आखिर दिन बन गया।    इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक विजय रूपाणी ने कई बार टाली थी लंदन यात्रा भाजपा ने इस समय विजय रूपाणी को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी बना रखा था। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने हादसे के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि विजय रूपाणी जी पहले यह यात्रा 5 जून को करने वाले थे, लेकिन लुधियाना वेस्ट उपचुनाव प्रचार के कारण उन्होंने इसे टाल दिया। इसके बाद 9 जून को जाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन आखिर में वो 12 जून को लंदन के लिए रवाना हुए। सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर वे इससे पहले ही लंदन चले जाते, तो शायद वो बच जाते। रूपाणी की मौत के बाद से राजकोट समेत पूरा गुजरात शोक में डूबा है। इनके कार्यकाल में हुए विकास के कई कार्यकाल के लिए इन्हें याद किया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi Vijay Rupani #vijayrupani #gujaratpolitics #luckynumber #breakingnews #rip #vijayrupaninews #indiaupdates #gujaratexcm #latestnews

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Hepatitis A Kerala

केरल में हेपेटाइटिस ए का प्रकोप, जानिए इसके लक्षण और बचाव के बारे में

हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) का कारण है हेपेटाइटिस ए वायरस, जो बहुत अधिक संक्रामक होता है। यह वो वायरस है जिसके कारण लिवर में समस्या हो सकती है और लिवर का कार्य प्रभावित होता है। ऐसा माना गया है कि यह बीमारी गंदे पानी या खाने से होती है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ कर भी यह समस्या हो सकती है। केरल में हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Kerala) के केसेस लगातार बढ़ रहे हैं, जो एक चिंता का विषय है। अब तक इसके 3000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 16 मौते भी हो चुकि हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इससे बचाव के लिए साफ पानी पीने और सही आहार का सेवन करना जरूरी है। आइए जानें केरल में हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Kerala) के बारे में विस्तार से। केरल में हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Kerala): पाएं जानकारी जैसा की पहले ही बताया गया है कि केरल में हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Kerala) के मामले बढ़ते जा रहे हैं खासतौर पर केरल के एर्नाकुलम, मलप्पुरम, कोझिकोड और त्रिशूर जिलों में। इससे पब्लिक हेल्थ के लिए चिंता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। मानसून के आते ही बढ़ते इन मामलों में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने भी और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। अप्रैल तक इसके 3,227 मामले आये थे जबकि सिर्फ मई के महीने में 50 से अधिक केसेस आ चुके हैं। एक्सपर्ट्स ने इसका कारण दूषित पानी और खाने को माना है। हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) से बचाव से पहले इसके लक्षणों के बारे में जान लेते हैं।  हेपेटाइटिस ए के लक्षण (Hepatitis A Symptoms) यू एस. सेंटर्स फॉर डिजीज (U.S. Centers for disease) के अनुसार इस रोग के लक्षण हर रोगी के लिए एक जैसे नहीं होती है। हेपेटाइटिस ए के लक्षण (Hepatitis A Symptoms) वायरस के संपर्क में आने के कुछ हफ्तों बाद नजर आ सकते हैं। हेपेटाइटिस ए के लक्षण (Hepatitis A Symptoms) इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक हेपेटाइटिस ए से बचाव  हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) से बचने का सबसे अच्छा तरीका है इसकी वैक्सीन। इनकी दो डोज लगवाना जरूरी है। अगर आप किसी ऐसी जगह पर ट्रैवल करने वाले हैं, जहां इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है, तो ट्रेवल से दो हफ्ते पहले वैक्सीनेशन जरुरी है। हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) से बचाव के कुछ तरीके इस प्रकार हैं: बाहर का खाना खाने से बचें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Hepatitis A #keralaoutbreak #hepatitisa #keralahealth #viralhepatitis #healthalert #hepatitissymptoms #diseaseprevention #keralanews #waterbornedisease

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Ahmedabad plane crash

क्या ‘कॉन्फिगरेशन एरर’ से हुआ अहमदाबाद विमान हादसा? एविएशन एक्सपर्ट ने बताए हादसे के चार संभावित कारण

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के क्रैश (Ahmedabad Plane Crash) होने से सैकड़ों लोगों की जान चली गई। मृतकों में फ्लाइट में सवार 241 लोगों के अलावा जमीन पर मौजूद दर्जनों लोग भी शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे ने लोगों को यह समझने का मौका दिया कि एक छोटी सी तकनीकी या ऑपरेशन गलती (कॉन्फिगरेशन एरर) से कैसे एक बड़ा विमान हादसा हो सकता है। इस विमान के दोनों पायलट काफी अनुभवी थे और मौसम भी बिल्कुल साफ था, लेकिन इसके बाद भी हादसा होना कॉन्फिगरेशन एरर (Configuration Error) की तरफ संकेत कर रहा है। आइये जानते हैं कि कॉन्फिगरेशन एरर क्या होती है?  कॉन्फिगरेशन एरर किसे कहा जाता है? विमान के टेकऑफ के समय विमान को उड़ाने के लिए कई सेटिंग्स करनी पड़ती है, इन सेटिंग्स में होने वाली गलती को ही कॉन्फिगरेशन एरर (Configuration Error) कहा जाता है। पायलट से होने वाली एक छोटी सी गलती भी विमान को सही ढंग से उड़ान भरने से रोक देती हैं। इसमें तय स्पीड से पहले टेकऑफ (रोटेशन) करना, फ्लैप्स की गलत सेटिंग, कम थ्रस्ट या लैंडिंग गियर का सही समय पर उठाना जैसी गलतियां शामिल होती हैं। इनमें से एक गलती विमान को उड़ान भरने से रोक सकता है, जिससे पायलट विमान से नियंत्रण खो देता है। यह विमान जिस तरह टेकऑफ के समय ही हादसे का शिकार हुआ, उसे देखते हुए कॉन्फिगरेशन एरर (Configuration Error) को ही सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। आइये जानते हैं क्या हो सकती हैं संभावित गलतियां।   मानवीय चूक की संभावना इस हादसे को लेकर कई एविएशन एक्सपर्ट मानवीय चूक होने का अनुमान लगा रहे हैं। इन एविएशन एक्सपर्ट (Ahmedabad Plane Crash) का मानना है कि हो सकता है टेकऑफ के समय पायलट्स किसी अलर्ट या एटीसी के संदेश को सुनने में उलझ गया हो या दोनों पायलट ने आपसी तालमेल से सेटिंग्स को सही से क्रॉसचेक न कर पाए हों। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ हो। बोइंग 787 में भले ही  इलेक्ट्रॉनिक चेकलिस्ट होती है, लेकिन अहमदाबाद के गर्म मौसम में बहुत ज्यादा जांच की जरूरत पड़ता है।  विमान में थ्रस्ट में कमी भीषण गर्मी के कारण इंजन की पावर कम हो जाती है, इसलिए विमान के टेकऑफ के लिए सही थ्रस्ट सेट करना बहुत जरूरी होता है। एविएशन एक्सपर्ट का मानना है कि अगर पायलट्स ने कम थ्रस्ट में ही विमान को उड़ाने की कोशिश की हो या वजन का गलत हिसाब लगाया हो, तो विमान उड़ान भरने लायक उंचाई पर नहीं पहुंच पाएगा। इसकी वजह से विमान नीचे आ सकता है।  समय से पहले रोटेशन रोटेशन का मतलब उड़ान भरते समय विमान की नोज को ऊपर उठाना ताकि विमान ऊपर उठ सके। रोटेशन के लिए 787 जैसे विमान को आमतौर पर 140-160 नॉट्स की स्पीड चाहिए होती है। अगर विमान इससे पहले ही ऊपर उठने की कोशिश करता है, तो उसे ठीक से लिफ्ट नहीं मिल पाती। इससे विमान पूरा जोर लगाने के बाद भी हवा में अस्थिर होकर गिर सकता है।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार ऑटोमेशन पर भरोसा अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ 787 विमान (Ahmedabad Plane Crash) काफी एडवांस है। इसमें लगा फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम (FMS) टेकऑफ से जुड़ी गणनाएं खुद करता है। लेकिन अगर विमान के एफएमएस (FMS) में तापमान और वजन की गलत जानकारी फिड कर दी जाए तो इस सिस्टम की सारी गणनाएं गलत हो सकती है। पायलट्स कई बार  जल्दबाजी में इस मशीन पर ही पूरी तरह से भरोसा कर लेते हैं और मैन्युअली जांच नहीं करते। ऐसे में हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इस विमान को उड़ा रहे दोनों पायलट काफी अनुभवी थे, ऐसे में मशीन पर अंधविश्वास करने की संभावना कम है।  Latest News in Hindi Today Hindi Ahmedabad Plane Crash #ahmedabadplanecrash #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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Vice Principal Recruitment 2025

वाईस प्रिंसिपल भर्ती 2025, जाने क्या है योग्यता और कैसे करें अप्लाई

बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन (Bihar Public Service Commission) यानी बीपीएससी (BPSC) द्वारा वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स (Vice Principal Posts) के लिए नोटिफिकेशन जारी की गई हैं। यह रिक्रूटमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यानी आईटीआई के लिए है। अगर अप इसके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपको बता दें कि इसके लिए कुल 50 पोस्ट्स निकाली गई हैं। आप इसके लिए आसानी से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है और इसके बारे में अधिक जानकारी आपको बीपीएससी (BPSC) की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। यह जानकारी भी आवश्यक है कि इसके लिए आवेदन 10 जून से लिए जाने शुरू हो गए हैं। आइए जानें बीपीएससी द्वारा निकाली वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स (Vice Principal posts by BPSC) के बारे में। बीपीएससी द्वारा निकाली वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स (Vice Principal posts by BPSC) अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि इसके लिए आप 3 जुलाई तक ही अप्लाई कर सकते हैं। इसके बाद आप इसके लिए एप्लीकेशन्स नहीं भेज सकते हैं। जानिए इसके बारे में और अधिक: आयु सीमा बीपीएससी द्वारा निकाली वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स (Vice Principal posts by BPSC) के लिए एज लिमिट मिनिमम 22 साल निर्धारित की गई है। जनरल श्रेणी के पुरुषों के लिए इसके लिए मैक्सिमम एज 37 साल है जबकि जनरल श्रेणी की महिलाओं के लिए यह उम्र सीमा 40 साल है। एससी और इबीसी के पुरुषों और महिलाओं के लिए यह उम्र सीमा 40 साल रखी गई है। अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए यह एज लिमिट 42 साल है। अधिक जानकारी के लिए बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन (Bihar Public Service Commission) की ऑफिशियल वेबसाइट विजिट करें। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन  वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स  (Vice Principal Posts) के लिए एलिजिबल कैंडिडेट्स के लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से इंजीनियर डिग्री या इसके समान डिग्री होना जरूरी है। विशिष्ट क्वालिफिकेशन के तौर पर एमटेक डिग्री अथवा एमई या एमएस होना भी आवश्यक है। फीस  बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन (Vice Principal posts by BPSC) द्वारा वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स (Vice Principal Posts) के लिए अप्लाई करने के लिए जनरल कैटोगरी और बिना आरक्षण के कैंडिडेट्स के लिए फीस 750 रुपए निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति और जनजाति के कैंडिडेट्स, बिहार की महिलाओं और डिसेबल लोगों के लिए यह फीस केवल 200 रुपए है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बीपीएससी (BPSC) द्वारा निकाली वाईस प्रिंसिपल पोस्ट्स (Vice Principal Posts) के लिए कैसे करें अप्लाई? नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Vice Principal posts by BPSC #viceprincipalrecruitment2025 #govtjobs2025 #educationjobs #applyonline #sarkarinaukri #jobvacancy #eligibilitycriteria #careerupdate

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