US law and order

Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident: लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर खासे चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को मास्क पहने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने का आदेश (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अवैध प्रवासियों को पहचानने और उन्हें अमेरिका से बाहर भेजने हेतु इमिग्रेशन ऑफिसर छापे मार रहे हैं। ट्रंप के इस आदेश का खुलकर विरोध देखने मिल रहा है। विरोध में लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। आदेश के विरोध में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को भी बेवजह परेशान किया जा रहा। जानबूझकर समाज में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि रविवार को राज्य सरकार की घोर आपत्तियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश निकालकर लॉस एंजिल्स की सड़कों पर 2000 सैनिक उतार दिए थे। ट्रंप के फैसले का पूरे लॉस एंजिल्स में विरोध हो रहा है। देखते ही देखते आव्रजन कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजिल्स में तनाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर आगजनी और हिंसा भी हुई है। चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करो गिरफ्तार  इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों या सैनिकों पर थूकते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि लॉस एंजिल्स पर अवैध विदेशियों और अपराधियों ने आक्रमण करके कब्जा कर लिया है। हिंसक, विद्रोही भीड़ हमारे फेडरल एजेंट्स पर हमला कर रही है और हमारे निर्वासन अभियानों को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये अराजक दंगे हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत गिरफ्तार (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करें। हिंसा पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब से, विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संघीय सरकार के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार है भी या नहीं। खैर, प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छुपाने और पुलिस के हथियारों से निकलने वाले धुएं से खुद को बचाने के लिए मास्क पहन रहे हैं। इस बीच कैलिफोर्निया के शहर लॉस एंजिल्स के गवर्नर गेविन न्यूसोम ने कहा, उन्होंने ट्रंप प्रशासन से लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड की तैनाती को रद्द करने का औपचारिक अनुरोध किया है। न्यूसोम ने सैनिकों की तैनाती को राज्य संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  1965 के बाद यह पहली बार है जब नेशनल गार्ड फोर्स को (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है सक्रिय  ध्यान देने वाली बात यह कि साल 1965 के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस राज्य के राज्यपाल के अनुरोध के बिना किसी राज्य के नेशनल गार्ड फोर्स को सक्रिय (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने मॉन्टगोमरी, अलबामा में नागरिक अधिकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सेना भेजी थी। गौरतलब हो कि नेशनल गार्ड अमेरिका की एक रिजर्व सेना है। नेशनल गार्ड के पास कई जिम्मेदारियां हैं, मसलन घरेलू आपदा राहत और सुरक्षा के साथ अमेरिका की जमीन की रक्षा और नागरिक अशांति की रोकथाम करना शामिल है। और इसके साथ ही विदेशों में अमेरिकी सैन्य तैनाती के लिए रिजर्व फोर्स के रूप में काम भी करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #donaldtrump #losangelesviolence #trumpnews #lawandorder #breakingnews #usa #trumpwarning

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Thane train accident,

4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy: इस वजह से ठाणे में चलती ट्रेन से गिरे यात्री, 4 की मौत अन्य घायल 

देश में ट्रेन के हादसे कोई नई बात नहीं है। आये दिन लोगों और प्रशासन की लापरवाही के चलते हादसे होते रहते हैं। इस क्रम में महाराष्ट्र स्थित ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हुआ। जानकारी के मुताबिक सुबह तकरीबन 9:20 बजे कसारा से खचाखच भीड़ से भरी फ़ास्ट लोकल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की ओर जा रही थी। जब यह ट्रेन मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी 10 यात्री चलती ट्रेन से पटरी पर गिर गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है। जबकि छह यात्री घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कलवा में भर्ती कराया गया है।  हवा का दबाव इतना जोरदार था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटक रहे यात्री अपना संतुलन खो (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) बैठे शुरूआती जांच में चौकाने वाले तथ्य आये हैं। दरअसल, सुबह के व्यस्त समय में लोकल ट्रेन में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री दरवाजों से लटककर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जब तेज गति से मुंब्रा के पास फास्ट ट्रैक पर थी, तभी सामने से विपरीत दिशा में पुष्पक एक्सप्रेस आ रही थी। उसी वक्त अचानक तेज रफ्तार में दोनों ट्रेनों की पासिंग के दौरान पैदा हुआ हवा का दबाव इतना जोरदार था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटक रहे यात्री अपना संतुलन खो (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) बैठे। इस बीच हादसा होते ही सामने से जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के गार्ड ने ट्रैक के किनारे घायल पड़े लोगों को देखते ही तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और बचाव दल मौके पर जा पहुंचे। और पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अस्पताल में चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।  अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए- सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के कहा जा रहा है कि शुरुआत में तो अधिकारियों को यह भी स्पष्ट नहीं था कि यात्री गिरे किस ट्रेन से, लेकिन बाद में ठाणे कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में यह पुष्टि हुई कि हादसा कसारा-सीएसएमटी लोकल ट्रेन में हुआ। और पुष्पक एक्सप्रेस की तेज गति और उससे उत्पन्न दबाव इस हादसे का कारण बना। घटना पर घोर दुख जताते हुए ठाणे के लोकसभा सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने जांच की मांग करते (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हुए यह कहा कियहाँ यह समझना जरूरी है कि क्या यात्री आपसी धक्का-मुक्की में गिरे या किसी और कारण से? उन्होंने कहा, अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। इसके अलावा विधान परिषद में नेता विपक्ष अम्बादास दानवे ने भी घटना को ‘दिल दहला देने वाली करार दिया। उन्होंने न सिर्फ घटना को दिल दहला देने वाली करार दिया बल्कि मुंबई की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिन्ह भी निर्माण किया।  इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण मुंबई की लोकल ट्रेनें देश की सबसे व्यस्ततम ट्रेनों में से एक (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हैं रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक  प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसा ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ। इस हादसे की एक बड़ी वजह लोकल ट्रेनों में दरवाजों का आटोमेटिक न होना है। और तो और पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर होते रहते हैं। बता दें कि मुंबई की लोकल ट्रेनें देश की सबसे व्यस्ततम ट्रेनों में से एक (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy)  हैं। रोजाना लाखों यात्री लोकल से सफर करते हैं। लेकिन, अत्यधिक भीड़ और बुनियादी सुरक्षा की कमी के चलते इस तरह की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस हादसे पर सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर स्वप्निल नीला ने खेद जताते हुए कहा कि कसारा लोकल ट्रेन के गार्ड ने सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Thane Train Accident Tragedy #thaneaccident #traintragedy #mumbailocal #railwaynews #breakingnews #indianrailways #thane #trainaccident #trendingnews

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Manipur violence 2025

फिर जला उठा मणिपुर, कई जिलों में कर्फ्यू, जानें क्यों और कैसे भड़की हिंसा?

मणिपुर में कुछ माह शांति के बाद एक बार फिर से हिंसा (Manipur Violence) भड़क उठी है। इस बार हिंसा का कारण मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लड़ाई नहीं, बल्कि मैतेई समुदाय का प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन है। दरअसल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने शनिवार को मैतेई समुदाय के संगठन अरम्बाई टेंगोल (Arambai Tengol) के एक नेता को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से ही राज्य कके मैतेई बहुल जिलों में उग्र प्रदर्शन (Manipur Violence) शुरू हो गया, जो कुछ ही देर में हिंसा में बदल गई। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से राज्य में हिंसा फैलाने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर रही हैं। यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही है। बीते शनिवार को भी एनआई (NIA) की टीम ने दो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। साथ ही टेंग्नौपाल जिले में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद किया। बताया जा रहा है कि इन गिरफ्तार उग्रवादियों में एक कानन सिंह भी है। यह अरम्बाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) में अहम भूमिका निभाता है। इस गिरफ्तारी की खबर जैसे ही मणिपुर में फैली, उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया। एक प्रदर्शनकारी की मौत, दर्जनों लोग घायल  कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें सुरक्षाकर्मियों समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इंफाल ईस्ट जिले में हिंसक भीड़ ने बसों में आग लगा दी। क्वाकेथेल में प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से कई राउंड गोलियां भी चलाई गई। इम्फाल एयरपोर्ट के बाहर भी हिंसक प्रदर्शन (Manipur Violence) हुआ। प्रदर्शनकारियों को सूचना मिली थी कि उनके गिरफ्तार नेता को सुरक्षा बल राज्य से बाहर ले जा रहे हैं। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट को घेर लिया। इसके अलावा कई दूसरी जगहों पर भी सुरखा बलों और प्रदर्शकारियों में हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की गई लाठी चार्ज में कथित तौर पर एक व्यक्ति की मौत हो गई। बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर जिले और काकचिंग घाटी में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के साथ कर्फ्यू लागू कर दिया है।   इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  क्या है अरमबाई टेंगोल और क्या करता है काम? बता दें कि जिस नेता को गिरफ्तार करने से यह हिंसा भड़की है, वह अरमबाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) से जुड़ा हुआ है। यह मैतेई समुदाय का एक संगठन है, जो सांस्कृतिक पुनरुत्थानवादी समूह के रूप में कार्य करता था। लेकिन राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही यह संगठन एक उग्रवादी संगठन बन गया और इससे जुड़े सदस्यों पर बड़े पैमाने पर जातीय हिंसा (Manipur Violence) को अंजाम देने का आरोप लगा। इस संगठन के कई सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कई सदस्य हाल ही में राज्यपाल के सामने आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, इस संगठन के सैकड़ों सदस्य अब भी राज्य में हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिसके कारण ही सुरक्षा एजेंसियां अब इस संगठन के बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने में जुटी हैं। जिस कानन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद यह हिंसा भड़की है, वह संगठन का कोर मेंबर था। कहा जा रहा है कि वह संगठन के सदस्यों तक हाथियारों पहुंचाने और हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने का कार्य करता था। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस उग्रवादी नेता को गिरफ्तार कर गुवाहाटी लाया गया है और वहीं पर उससे पूछताछ की जा रही है।    Latest News in Hindi Today Hindi news  #Manipur #Violence #Curfew #EthnicConflict #IndiaNews #ManipurNews #NorthEastIndia #ManipurClashes #LatestUpdate

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Ghazipur Crime News

Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband: सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

विगत 17 दिनों से लापता सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwanshi) ने आखिरकार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर ही (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) दिया। बता दें कि शादी के बाद 20 मई को सोनम और राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) राजी ख़ुशी मध्य प्रदेश से हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग गए थे। इस बीच 23 मई को नोंग्रियाट गांव के डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए। दो राज्यों का मामला होने के नाते पुलिस पर प्रेशर बहुत था। कई दिनों की खोजबीन के बाद 2 जून को राजा का शव सोहरा के पास वेईसावडॉन्ग झरने की खाई से बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि हुई। हालाँकि सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला था। सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय सरकार और शिलांग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शिलांग पुलिस ने पहले दिन से ही इस मामले में लापरवाही बरती। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद मेरी बेटी आज सुरक्षित होती। लेकिन सारे के सारे कयास और आरोप धरे के धरे रह गए। दरअसल, सोनम अपने ही पति राजा रघुवंशी की कातिल निकली। उसने ही सुपारी देकर राजा की हत्या करवाई थी।  पत्नी सोनम (Sonam Raghuwanshi) ने सुपारी देकर कराई (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) थी पति की हत्या  इस पूरे मामले पर मेघालय डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार सुबह बताया कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) की हत्या कथित तौर पर मेघालय में हनीमून के दौरान उनकी पत्नी सोनम (Sonam Raghuwanshi) ने सुपारी देकर कराई (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) थी। इस मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए डीजीपी ने कहा, सोनम ने उत्तर प्रदेश के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कहने की जरूरत नहीं, डीजीपी ने सनसनीखेज खुलासा कर हर किसी को हक्का-बक्का कर दिया। डीजीपी ने बताया की कि सोनम ने तीन अन्य हमलावरों को रात भर की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को एसआईटी ने इंदौर से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों ने खुलासा किया है कि सोनम ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी थी। अपराध में शामिल कुछ और लोगों को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश में अभियान अभी भी जारी है। तो वहीं मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने देश को झकझोर देने वाले मामले को सुलझाने हेतु पुलिस को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राजा हत्या मामले में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है। एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है… बहुत बढ़िया।  इसे भी पढ़ें:- बॉयफ्रेंड के खातिर पति और बच्चे को छोड़ मुस्लिम लड़की ने त्यागा इस्लाम, सायमीन से बनी श्रुति, रचाई हिंदू प्रेमी से शादी यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) 17 दिन से लापता सोनम रघुवंशी कहने की जरूरत नहीं, राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। बेशक पत्नी सोनम के मिल जाने से उम्मीद जगी है कि केस के सभी आरोपी जल्द गिरफ्त में आ जाएंगे और साथ ही राजा रघुवंशी की मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी। फ़िलहाल गाजीपुर पुलिस के मुताबिक,17 दिन से लापता सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwanshi) यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) है। पुलिस के मुताबिक वह बदहवास हालत में थी। अभी इस घटना पर कुछ भी बोल नहीं रही है। बता दें कि बीकॉम तक पढ़ी सोनम इंदौर के गोविंद कॉलोनी की निवासी है। 11 मई को हिंदू रीति-रिवाजों से उसकी शादी राजा से हुई थी। शादी के बाद यह कपल शिलांग चला गया था. राजा की लाश शिलांग के पहाड़ पर मिली थी. सोनम और राजा पहले कामाख्या देवी दर्शन करने गए थे। इसके बाद यहां से दोनों शिलांग पहुंचे। फिर दोनों अचानक वहां से गायब हो गए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband #SonamRaghuwanshi #RajaMurderCase #GhazipurNews #UPCrime #WifeKillsHusband

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History of idli

Idli Origin Story: दक्षिण भारत से नहीं बल्कि इस देश जुड़ा है आपकी फेवरेट डिश ‘इडली’ का इतिहास

इडली को न सिर्फ दक्षिण भारत बल्कि समूचा भारत बड़े चाव से खाता है। यह फ़ूड इतना टेस्टी है कि गरमा-गरम इडली सांभर और नारियल की चटनी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। दक्षिण भारत में तो यह वहां का पारंपरिक फ़ूड है। सुबह का नास्ता इससे बेहतर क्या ही हो सकता है। खाते तो हम सभी हैं इसे, लेकिन क्या अपने कभी सोचा है कि इडली कहाँ का व्यंजन है? अगर आपको ऐसा लगता है कि इसका संबंध दक्षिण भारत से है तो आप गलत (Idli Origin Story) हैं। जी, हाँ आपने सही पढ़ा। इडली दक्षिण भारत का व्यंजन नहीं है। हम सभी को यही लगता था कि इडली साउथ की देन है। लेकिन सच्चाई तो यह है कि आपकी पसंदीदा, नरम-मुलायम इडली दक्षिण भारत से है ही नहीं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि इडली यदि दक्षिण भारत की नहीं तो फिर कहाँ की है? इस पर इतिहासकारों का मानना है कि इडली की शुरुआत इंडोनेशिया में हुई थी।  इंडोनेशिया में केडली नामका एक डिश बड़ी मशहूर (Idli Origin Story) थी दरअसल, ऐसा माना जाता है कि 800 से 1200 ईस्वी के दौरान, इंडोनेशिया में केडली नामका एक डिश बड़ी मशहूर (Idli Origin Story) थी। जो काफी हद तक इडली की ही तरह थी। उस दौर में इंडोनेशिया में चावल और फर्मेंटेशन के प्रोसेस का इस्तेमाल खाने में काफी होता था। कुछका तो यह भी मानना है कि इडली अरब देशों से आई है। और दौर में अरब व्यापारी भारत आया-जाया करते थे। और वो वहां से अपने साथ खमीर उठाने की विधि लाए थे, जो कालांतर में चलकर इडली के रूप में परिवर्तित हुई। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब इडली इंडोनेशिया में मश्हूर थी तो भारत कैसे पहुंची? और भारत में पहुंची भी तो दक्षिण भारत में ही क्यों और कैसे मशहूर हुई? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इडली का जिक्र 920 ईस्वी में कन्नड़ साहित्य में (Idli Origin Story) मिलता है इतिहासकारों का मानना है कि इंडोनेशिया से जो लोग भारत आए, वे अपने साथ इस डिश को बनाने की विधि भी लेकर आये। भारत आकर इसमें थोड़े बहुत बदलाव किये और इसे स्थानीय मसालों और तरीकों के जरिये बनाना शुरू किया। आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि सबसे पहले इडली का जिक्र 920 ईस्वी में कन्नड़ साहित्य (Idli Origin Story) में मिलता है। वहां इसे इड्डलिगे कहकर संबोधित किया गया था। ध्यान देने वाली बात यह कि उस दौरान उड़द दाल को छाछ में भिगोकर और कुछ मसालों के साथ बनाया जाता था। उस समय इसमें खमीर नहीं उठाया जाता था और न ही चावल का ही इस्तेमाल होता था। इस बीच समय बीतता गया और 17वीं शताब्दी तक इडली ने अपने आपको पूरी तरह बदल लिया। आज के दौर में इसमें चावल को शामिल किया गया और खमीर उठाने की प्रक्रिया भी जोड़ी गई। इसके चलते इडली और भी मुलायम और स्वादिष्ट बन गई। दक्षिण भारत की गर्म और नम जलवायु खमीर उठाने के लिए एकदम सही थी। कारण यही जो यह यहां बड़ी तेजी से मशहुर हुई। Latest News in Hindi Today Hindi  Idli Origin Story #IdliOrigin #SouthIndianFood #IndianCuisine #FoodHistory #SurprisingFacts #Idli #BreakfastLove

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retirement planning in India

Private Sector Lacks Retirement Planning: इसलिए प्राइवेट सेक्टर के आधे से अधिक कर्मचारियों के पास नहीं है रिटायरमेंट की कोई प्लानिंग

भारत में निजी यानी प्राइवेट सेक्टर (Private Sector) में काम करने वालों की तादाद करोड़ों में है। ऐसे में एक बात तो तय है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को पेंशन की सुविधा तो नहीं ही मिलने वाली। प्राइवेट सेक्टर में तनख्वाह तो मोटी मिलती है लेकिन लोग अपने भविष्य हेतु बचत पर अधिक ध्यान नहीं देते, जो कि चिंता का सबब है। दरअसल, ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक सर्वे में आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लगभग आधे से अधिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट के लिए बहुत ही कम बचत कर (Private Sector Lacks Retirement Planning) रहे हैं। बाकी बचे आधे सिर्फ अपनी तनख्वाह का 1% से 10% हिस्सा ही पेंशन फंड में निवेश कर रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं, यह रुझान बताता है कि लोगों में बचत को लेकर सतर्कता तो है, लेकिन या तो उनकी आय सीमित है या फिर उनकी प्राथमिकताएं अलग हैं, जिससे रिटायरमेंट प्लानिंग को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। हालांकि अधिक आमदनी वाले लोग रिटायरमेंट से जुड़ी योजनाओं में थोड़ा अधिक योगदान करते हैं। लेकिन कुल मिलाकर ज़्यादातर लोगों की बचत अपेक्षाकृत बहुत ही कम है। यह दर्शाता है कि अधिकतर भारतीय अपने रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त धन नहीं जुटा पा रहे हैं।  सिर्फ 11 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें लगता है उनकी मौजूदा बचत इतनी पेंशन के लिए पर्याप्त है रिपोर्ट के मुताबिक, तकरीबन 55 प्रतिशत प्रतिभागी रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा पेंशन की उम्मीद रखते हैं। सिर्फ 11 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें लगता है उनकी मौजूदा बचत इतनी पेंशन के लिए पर्याप्त है। यह अंतर इस बात की ओर साफ़ इशारा करता है कि भारत में रिटायरमेंट की योजना और उसकी तैयारी के बीच बहुत बड़ा गैप है और इसे जिसे बेहतर योजना के ज़रिए भरने की ज़रूरत (Private Sector Lacks Retirement Planning) है। गौरतलब हो कि मोटा-मोटी 83% कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट जरूरतों के लिए ईपीएफ, ग्रैच्युटी और एनपीएस जैसे पारंपरिक स्कीम्स पर ही निर्भर हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है लोगों का झुकाव नए विकल्पों की ओर जरा भी नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण है आर्थिक जागरूकता की कमी हो सकती है।  इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? अधिकतर युवाओं को लगता है कि अभी वक़्त रिटायरमेंट की चिंता करने का (Private Sector Lacks Retirement Planning) नहीं है दरअसल, बहुत से ऐसे लोग हैं जो यह मानते हैं कि पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या कंपनी की ओर से मिलने वाला ग्रैच्युटी फंड ही काफी (Private Sector Lacks Retirement Planning) होगा, जबकि वास्तविकता में स्वास्थ्य खर्च, बढ़ती महंगाई और लंबी उम्र के चलते ये रकम अक्सर काफी नहीं ही होती। कुछ लोग निवेश की प्रक्रिया को बड़ा जटिल मानते हैं। कुछ तो ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी मौजूदा सैलरी से बचत निकालना ही पहाड़ लगता है। इस मामले में युवा जरा भी चिंतित नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकतर युवाओं को लगता है कि अभी वक़्त रिटायरमेंट की चिंता करने का नहीं है। यह एक खतरनाक भ्रम है। फाइनेंसियल एक्सपर्टों का कहना है कि रिटायरमेंट की योजना जितनी जल्दी शुरू की जाए, उतना बेहतर होता है। 25-30 की उम्र में अगर सही दिशा में निवेश शुरू किया जाए तो 60 की उम्र तक अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। अच्छे फंड के लिए नेशनल पेंशन स्कीम, म्यूचुअल फंड एसआईपी और पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसे विकल्प प्रभावशाली हो सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Private Sector Lacks Retirement Planning #RetirementPlanning #PrivateSectorIndia #FinancialFreedom #EmployeeBenefits #FutureSecurity

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Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

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Russia Attacks Ukraine With 400 Drones: रूस ने 400 ड्रोन और 40 बैलिस्टिक मिसाइलों ने मचाई यूक्रेन में तबाही, सहमे यूक्रेनी राष्ट्रपति

विगत 3 वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध बढ़ते समय के साथ-साथ और भी आक्रामक होता जा रहा है। साल 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध 2025 आते-आते चरम पर आ पहुंचा है। यूक्रेन द्वारा रूस को दहलाने के बाद रूस ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में रूस ने यूक्रेन के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर 400 से अधिक ड्रोन और 40 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक के बाद एक ताबड़तोड़ भीषण हमला (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) किया। यकायक हुए इस हमले रूस ने यूक्रेन के वोलिन, टेरनोपिल, कीव, सुमी, लविवि, पोल्टावा, खमेलनित्सकी, चर्कासी और चेर्निहिव को निशाना बनाया है। रूस के उस पलटवार से डरे सहमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक और आक्रोशित बयान जारी किया। जारी इस बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी वायुसेना ने कई मिसाइलों और ड्रोन को गिराने में सफलता पाई। तीन आपातकालीन सेवा कर्मचारियों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। मलबे की सफाई और बचाव अभियान जारी है।  आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है-  यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की  रूस के इस पलटवार पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आगे कहा, रूस अपनी नीति नहीं बदल रहा है। वह आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है। यह युद्ध अब सिर्फ यूक्रेन का नहीं, बल्कि मानवता का युद्ध बन गया है। रूस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि रूस को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के तहत लाना चाहिए। अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया को अब निर्णायक दबाव बनाना होगा। अगर वैश्विक नेता चुप हैं तो यह भी एक तरह की मिलीभगत है। अब निर्णायक कार्यवाही का समय है। केवल समर्थन से युद्ध रुकने वाला नहीं है। हालांकि यूक्रेन ने शुरू से ही यह स्पष्ट किया है कि वह अकेले लड़ते-लड़ते अब थक चुका है। उसने नाटो, यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से अपेक्षा की है कि वे रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को और कठोर करें। इसके अलावा हथियारों और सैन्य संसाधनों की आपूर्ति तेज करें। राजनयिक स्तर पर दबाव बनाए और रूस को बातचीत के लिए मनाएं।  इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं बता दें कि रूस के खिलाफ युद्ध में कई लोगों ने यूक्रेन को मदद पहुंचाई है, अन्यथा रूस से लड़ पाना यूक्रेन के बस की बात ही नहीं थी। खबर के मुताबिक इस दौरान अमेरिका की तरफ से लगातार मौकों पर सुरक्षा सहायता पैकेज दिया गया। तो वहीं, यूरोप ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराया है और इसके अलावा नाटो की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि, इसके बावजूद यूक्रेनी राष्ट्रपति को लगता है कि उन्हें मिलने वाला सहयोग इस युद्ध के लिए पर्याप्त नहीं है। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल 2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। इससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असल मायनों में देखा जाये तो युद्ध से यूक्रेन को सिवाय नुकसान के कुछ भी हाथ नहीं लगा है। और तो और यूक्रेन भलींभाँति जनता भी है कि अंततः हार उसी की ही होनी है, बावजूद इसके वो न हार मानने के लिए तैयार हो रहा है और न ही शांति समझौते के लिए तैयार हो रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Russia Attacks Ukraine With 400 Drones #RussiaUkraineWar2025 #DroneAttack #BallisticMissile #Zelensky

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PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge: पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान 

दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कटरा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह ब्रिज भारत की इच्छाशक्ति का विराट उत्सव और कश्मीर के नए सामर्थ्य की पहचान है। पीएम ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लोगों का सपना साकार हुआ है। अंजी ब्रिज भी भारत की शक्ति का प्रतीक है। ये दोनों ब्रिज भारत की उभरती शक्ति की गर्जना हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। कटरा से श्रीनगर पहली वंदे भारत ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद पीएम ने यहां रैली को संबोधित किया। इस दौरान चिनाब ब्रिज की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। अब लोग चिनाब ब्रिज के जरिए कश्मीर देखने तो जाएंगे। यह ब्रिज भी अपने आप में एक आकर्षक पर्यटक केंद्र बनेगा। हमारा अंजी ब्रिज भी इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है। ये ब्रिज विकसित भारत की सीधी गर्जना हैं। यह हमारा सामर्थ्य है। चिनाब ब्रिज हो या अंजी ब्रिज ये जम्मू-कश्मीर दोनों क्षेत्रों के समृद्धि का जरिया बनेंगे। प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के लिए पीएम ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों, कश्मीरियत पर हमला किया। वह मानवता विरोधी देश है। उसने यहां की रोजी-रोटी को निशाना बनाया। वह पर्यटन विरोधी देश भी है। पीएम ने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर को आज दो वंदेभारत ट्रेनें मिली हैं। रास्ते में आने-जाने की मुश्किलें, मौसम की परेशानी ये प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था। हमारी सरकार ने चुनौती को ही चुनौती देने का रास्ता चुना है। आज जम्मू कश्मीर में बन रहे अनेक ऑल वेदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इसके उदाहरण हैं। कुछ दिनों पहले सोनमर्ग टनल शुरू हुआ है। इन पुलों पर चलते हुए मैंने भारत के बुलंद इरादों को, हमारे श्रमिकों, इंजीनियरों के हौसले को महसूस किया है। उन्होंने कहा, ‘इससे पर्यटन तो बढ़ेगा ही अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों को भी लाभ होगा। अब कश्मीर के सेब देश के बड़े बाजारों तक समय पर पहुंच पाएंगे। सूखे मेवे हों या पशमीना शॉल यहां का हस्तशिल्प आसानी से देश के हिस्सों तक पहुंच पाएगा। यहां के लोगों का आना-जाना भी बहुत आसान है। यह ट्रेन सेवा हर मौसम में लोगों की मदद करेगी।  इसे भी पढ़ें:-‘दोगले पाकिस्तान से देश में आतंकी हमले का खतरा बना रहेगा’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कह दी बड़ी बात इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मिलेगी (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) मदद  मोदी ने कहा कि यह ब्रिज वह राष्ट्र को समर्पित करते हैं। इस पुल के निर्माण से यात्रियों का सफर आसान होगा और उनका समय भी ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) बचेगा। चिनाब पुल के उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सीएम उमर अब्दुल्ला और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। बता दें कि ये रेल ब्रिज कटरा से श्रीनगर को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस ब्रिज की एक बड़ी खासियत यह कि इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। यह ब्रिज इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि 260 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवा से भी प्रभावित नहीं होगा। खास बात यह कि यह रेल ब्रिज भारतीय इंजीनियर का अनोखा उदाहरण है। यह ब्रिज दो पहाड़ों के बीच बना है। इसे इस प्रकार से बनाया गया है कि यदि इसके कोई पिलर क्षतिग्रस्त भी हो जाएं तो यह गिरेगा नहीं। इस दौरान वंदेभारत ट्रेन को रवाना करने से पहले पीएम ने प्लेटफॉर्म पर घूम-घूम कर तिरंगा लहराया। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge #ChenabRailBridge #PMModi #IndianRailways #KashmirDevelopment

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RBI Repo Rate

RBI ने रेपो रेट में 0.50% की कटौती, होम लोन और EMI होंगे सस्ते

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 जून 2025 को अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंकों से लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। RBI ने रेपो रेट (Repo Rate) में 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50% की कटौती का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही रेपो रेट अब घटकर 5.50% पर आ गया है। यह 2025 की पहली छमाही में तीसरी बार रेपो रेट में कटौती है और अब तक की सबसे बड़ी। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में 25-25 बेसिस पॉइंट की कटौतियां की गई थीं। कुल मिलाकर इस साल अब तक 100 बेसिस पॉइंट की कटौती हो चुकी है। क्या है रेपो रेट? रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है जिस पर आरबीआई (RBI) वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट घटती है तो बैंकों को कम ब्याज पर कर्ज मिलता है, जिससे वे भी उपभोक्ताओं को सस्ते लोन दे सकते हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और निवेश तथा उपभोग को प्रोत्साहन मिलता है। कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में भी कटौती RBI ने कैश रिजर्व रेशियो यानी CRR में भी 1% की कटौती कर इसे 3% कर दिया है। इसका मतलब है कि अब बैंक अपनी जमा राशि का छोटा हिस्सा ही आरबीआई के पास रिजर्व में रखेंगे और उनके पास लोन देने के लिए ज्यादा पूंजी उपलब्ध होगी। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर होम लोन (Home Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) की दरों में गिरावट के रूप में। EMI में राहत: आम आदमी को सीधा फायदा रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती का सबसे बड़ा फायदा होम लोन लेने वालों को मिलेगा। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये का होम लोन 8.5% ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है, तो उसकी मौजूदा EMI 43,391 रुपये बनती है। नई दर के अनुसार अगर ब्याज 7.5% हो जाता है, तो EMI घटकर 40,280 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने करीब 3,111 रुपये और सालभर में लगभग 37,000 रुपये की बचत होगी। टेन्योर घटाएं या EMI? विशेषज्ञों की मानें तो अगर ग्राहक EMI को जस का तस बनाए रखते हैं और टेन्योर घटा लेते हैं, तो उन्हें ब्याज पर अधिक बचत मिलेगी। ऊपर दिए उदाहरण में लोन की अवधि लगभग 3 साल कम हो सकती है और कुल ब्याज में 15.44 लाख रुपये तक की बचत संभव है। यह लंबे समय में बेहतर वित्तीय निर्णय साबित हो सकता है। क्या करें लोन धारक? अगर आपका होम लोन EBLR (External Benchmark Lending Rate) से जुड़ा है — जो कि अधिकतर बैंकों में रेपो रेट (Repo Rate) होता है — तो आपको इस कटौती का सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले महीनों में बैंक आपकी EMI या टेन्योर को फिर से निर्धारित कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपका लोन अभी भी MCLR या बेस रेट से जुड़ा है, तो विशेषज्ञों की सलाह है कि आप उसे EBLR आधारित लोन में कन्वर्ट करवा लें, ताकि ब्याज दरों में गिरावट का फायदा तुरंत मिल सके। कुछ बैंक इस प्रक्रिया के लिए मामूली शुल्क लेते हैं, लेकिन दीर्घकालिक बचत के लिए यह एक समझदारी भरा कदम है। RBI का यह फैसला क्यों? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह फैसला देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है। अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 3.16% पर आ गई है, जो पिछले 6 वर्षों में सबसे कम है। इसके अलावा, मानसून की अच्छी शुरुआत और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने की जरूरत महसूस की गई। इन कारकों को ध्यान में रखते हुए रेपो रेट और CRR में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ? इस मौद्रिक नीति (Credit Policy) बदलाव से खासकर हाउसिंग, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कारोबारियों को सस्ता कर्ज मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। RBI की यह नीतिगत घोषणा आम आदमी, उद्योगों और पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सस्ती दरों पर कर्ज की उपलब्धता उपभोग और निवेश को बढ़ावा देगी, जिससे देश की आर्थिक विकास दर को मजबूती मिल सकती है। आने वाले दिनों में इस राहत का असर आम लोगों की जेब से लेकर देश की वित्तीय प्रणाली तक साफ दिखेगा। Latest News in Hindi Today Hindi  #CreditPolicy #RBI #EMI #MSME #CRR

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