India action Bangladesh reaction

India’s Action Shakes Bangladesh: भारत के एक्शन से डरा बांग्लादेश, कहा- “हमसे हो जाती है गलती”

बांग्लादेश में जब से शेख हसीना का तख्ता पलट हुआ है तब से भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं। लेकिन अब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस भारत के साथ तनाव नहीं चाहते। भारत से लेकर संबंधों पर उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती रही, लेकिन हमेशा कुछ न कुछ गलत हो जाता (India’s Action Shakes Bangladesh) है। दरअसल, बुधवार को लंदन में चाथम हाउस थिंक टैंक के निदेशक ब्रोनवेन मैडॉक्स के साथ हुई बातचीत में यूनुस ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और देश के लिए लोकतांत्रिक रोडमैप सहित कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ तनाव कम करने की मंशा जाहिर की। बता दें कि यूनुस ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए भारत को जारी किए गए एक अनौपचारिक राजनयिक नोट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह जारी रहेगा। हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया बहुत कानूनी, बहुत उचित हो। हम भारत के साथ बेहतरीन संबंध बनाना चाहते हैं। यह हमारा पड़ोसी है, हम नहीं चाहते कि उनके साथ किसी भी तरह की बुनियादी समस्या हो। भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती है इस दौरान मुहम्मद यूनुस ने कहा, लेकिन भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती हैं और कई लोग कहते हैं कि इसका संबंध शीर्ष पर बैठे नीति निर्माताओं से है। यूनुस ने कहा, तो, यही बात बांग्लादेश को बहुत बेचैन और बहुत नाराज करती है। हम इस गुस्से से उबरने की कोशिश करते हैं, लेकिन साइबरस्पेस में बहुत सी चीजें होती रहती हैं। हम इससे बच नहीं सकते। अचानक वे कुछ कहते हैं, कुछ करते हैं, फिर से गुस्सा आ जाता है। आगे यूनुस ने कहा, हमारे लिए यह बड़ा काम है कि हम कम से कम एक शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। ऐसा जीवन जिसका हम सपना देख रहे हैं। इस बीच  यूनुस ने कहा, हम भारत को शेख हसीना को लौटाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। हम कानूनी तरीके से कोशिश कर रहे हैं। तनाव नहीं चाहते, लेकिन हमसे हर बार कोई न कोई गलती हो जाती है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता इस बीच पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा, जब मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करने का मौका मिला, तो मैंने बस इतना कहा, आप उनकी मेजबानी करना चाहते हैं, मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता। लेकिन यह सुनिश्चित करने में हमारी मदद करें कि वह बांग्लादेशी लोगों से उस तरह बात न करें जिस तरह वह ऑनलाइन कर रही हैं। वह इस तरह तारीख, इस तरह समय की घोषणा करती हैं कि वह बोलेंगी और पूरा बांग्लादेश बहुत गुस्सा हो जाता है। गौरतलब हो कि हसीना के निष्कासन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश के लिए अपनी जमीनी सीमा को बंद कर दिया था। इससे बांग्लादेश को अरबों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India’s Action Shakes Bangladesh #india #bangladesh #tension #breakingnews #politics #diplomacy #internationalnews #latestupdate #regionalnews #southasia

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Air India Flight Crashes: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार

गुजरात के अहमदाबाद में दिल को दहला देने वाला हादसा हुआ है। एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही क्रैश हो गई। इस फ्लाइट में 242 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के महज 9 मिनट 42 सेकेंड्स में ही फ्लाइट दुर्घटना का शिकार हो गई। दरअसल, अहमदाबाद से लंदन-गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (AI171) टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। खबर के मुताबिक इस विमान में 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य थे। बता दें कि यह दुर्घटना दोपहर 1:17 बजे (Air India Flight Crashes) हुई। विमान रनवे से उड़ा और तुरंत बाद धुएं का गुबार उठता दिखा। देखते ही देखते विमान अहमदाबाद के रिहायशी एरिया में जा गिरा। यह हदसा होते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे  के बाद चारों तरफ धुआं और धुआं ही दिखाई देने लगा। एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के मुताबिक शुरुआती जांच में विमान ने टेकऑफ के 51 सेकंड बाद (8:08:51 UTC) रडार से संपर्क खो दिया। फ्लाइटरडार 24 के अनुसार, विमान ने सामान्य उड़ान प्रक्रिया का पालन किया, लेकिन अचानक ऊंचाई खो दी और मेघानीनगर के पास क्रैश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान के जमीन पर गिरते ही जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे आग और काला धुआं फैल गया।  विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार (Air India Flight Crashes) थे मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक कुल 30 लोगों की मौत हो चुकी है। इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार (Air India Flight Crashes) थे। विजय रूपाणी सीट नंबर 2-D पर बैठे थे। इस विमान हादसे में विजय रूपाणी बचे हैं या नहीं फ़िलहाल इसे लेकर कोई आधिकारि बयान नहीं आया है। जानकारी के मुताबिक विजय रूपाणी की पत्नी ब्रिटेन में हैं। उन्हीं को लाने के लिए विजय रूपाणी लंदन जा रहे थे। तभी अहमदाबाद में टेक ऑफ के दौरान विमान हादसे का शिकार हो गया। अब तक उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। घटना के बाद पीएम मोदी ने नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से बात की है। इस दौरान मंत्री नायडू ने पीएम मोदी को हादसे के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही मंत्री राम मोहन नायडू खुद हादसे की निगरानी के लिए अहमदाबाद जा रहे हैं। यही नहीं, हादसे की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अहमदाबाद जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक विमान का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद करने की कोशिश की जा रही (Air India Flight Crashes) है इस भीषण हादसे के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने जांच के लिए दिल्ली से एक विशेष टीम अहमदाबाद भेजी है। और बोइंग की तकनीकी टीम भी सहायता कर रही है। विमान का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद करने की कोशिश की जा रही (Air India Flight Crashes) है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और पुलिस आयुक्त जीएस मलिक से बात कर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। खैर, इस बीच अहमदाबाद के फायर ऑफिसर जयेश खड़िया ने कहा, विमान में आग लग गई थी और सात फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। बचाव कार्य में दर्जनों एम्बुलेंस और आपातकालीन टीमें तैनात की गईं हैं। इस बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हादसे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, अहमदाबाद में विमान दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध और स्तब्ध हूं। हम उच्चतम अलर्ट पर हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं और सभी विमानन और आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों को त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बचाव दल को तैनात कर दिया गया है, और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि चिकित्सा सहायता और राहत सहायता साइट पर पहुंचाई जाए। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं विमान में सवार सभी लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Air India Flight Crashes #airindiacrash #ahmedabadtolondon #flightaccident #breakingnews #aviationdisaster #airindia2025 #worldnews

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Trump warns Iran

Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- तेहरान नहीं बना सकता परमाणु बम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर खुली धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा स्पष्ट रूप से कह दिया है कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है। अमेरिका ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा। अमेरिका ने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि पश्चिम एशिया जंग की चपेट में आ सकता है। हैरत यह कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया से अपने कर्मचारियों को बाहर निकालने की कवायद भी शुरू कर (Trump Warns Iran) दी है। यही नहीं, हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बात की ओर इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ कोई खतरनाक कदम उठा सकता है। अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला भी कर सकता है। खैर, इन सब के बीच ट्रंप ईरान को धमकी भरे लहजे में कहा कि मैंने जो कहा है वो सिर्फ बयान नहीं है बल्कि ईरान के लिए सीधी चेतावनी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। इस दरम्यान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था, मैंने उनसे कहा कि अभी ऐसा करना अनुचित होगा क्योंकि हम समाधान के बहुत करीब हैं। सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है इस बीच तेजी से बदलते हालात को देख अमेरिका के विदेश विभाग और सेना ने कहा है, पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए अमेरिका इस क्षेत्र में अपने दूतावासों में उन कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है जिनकी वहां जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है। विदेश विभाग ने इस क्षेत्र को लेकर लेवल 4 कैटेगरी की चेतावनी भी जारी की है और अपने लोगों से इन इलाकों की यात्रा ना करने को कहा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय कमान पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पर पैनी नजर रख रही है। बुधवार शाम को वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें वहां से हटाया जा रहा है क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है। हमने वहां से हटने के लिए नोटिस दे दिया है और हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील  अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा गौरतलब है कि, अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर ईरान पर लगातार दबाव बनाते रहे हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को लेकर कहा था कि आप कौन होते हैं तेहरान को यह बताने वाले कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं। अमेरिका का परमाणु प्रस्ताव हमारी शक्ति के सिद्धांत के 100 फीसदी खिलाफ है। खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा। खैर, यह सब चल ही रहा था कि इस बीच ईरान ने आग में घी डालने का काम करते हुए बड़ा बयान दिया है। ईरान ने हाल ही में दावा किया था उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है। बता दें कि ईरान ने  यह भी कहा था कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। ईरान ने सीधे धमकी देते हुए कहा था कि अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran #trump #iran #donaldtrump #nuclearbomb #iranthreat #usnews #worldnews #breakingnews #internationalnews #globaltensions

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IGDTUW admissions 2025

IGDTUW में एडमिशन हुई शुरू: मिल रही है 7,000 से ₹5 लाख तक की स्कॉलरशिप

अच्छे भविष्य के लिए लोग आजकल इस बात कर बहुत अधिक ध्यान देते हैं कि उन्हें कौन से कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेनी चाहिए। एक अच्छी यूनिवर्सिटी हमें बेहतरीन शिक्षा, पर्सनल डेवलप्मेंट, रोजगार के अवसर प्रदान करती है। यानी, सफलता की दिशा की तरफ ले जाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अच्छी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए ऑनलाइन रिसर्च की जाती है व एडमिशन टेस्ट और इंटरव्यू की तैयारी भी की जाती है। महिलाओं के लिए इससे संबंधित एक अच्छी खबर है क्योंकि इंदिरा गाँधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन (Indira Gandhi Delhi Technical University for Women) यानी आईजीडीटीयूडब्ल्यू (IGDTUW) ने इस साल के लिए पोस्ट ग्रेजुएट और अन्य प्रोग्रामों के लिए एडमिशन प्रोसेस को शुरू कर दिया है। इसमें छात्रों को स्कॉलरशिप देने का भी प्रावधान किया गया है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। इंदिरा गाँधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन (Indira Gandhi Delhi Technical University for Women) में एडमिशन: पाएं जानकारी जैसे की पहले ही बताया गया है कि आईजीडीटीयूडब्ल्यू (IGDTUW) में इस साल के लिए एडमिशंस स्टार्ट हो चुकी हैं। अगर कोई कैंडिडेट्स इसमें इंटरस्टेड हैं तो इसमें वो किसी भी कोर्स में एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकता है जैसे इंजीनियरिंग, साइंस, ह्यूमैनिटीज, मैनेजमेंट आदि। यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है कि इसके लिए अंतिम तिथि 12 जून है। उसके बाद आप अप्लाई नहीं कर सकते हैं। समय बहुत कम है इसलिए बिना देर किए तुरंत इसके लिए आवेदन भेजें। आप अपनी एप्लीकेशन्स को आसानी से ऑनलाइन भेज सकते हैं। आईजीडीटीयूडब्ल्यू में स्कॉलरशिप (Scholarship at IGDTUW) भी दी जा रही है। आइए जानें इसके बारे में। आईजीडीटीयूडब्ल्यू में स्कॉलरशिप (Scholarship at IGDTUW) आईजीडीटीयूडब्ल्यू में स्कॉलरशिप (Scholarship at IGDTUW) की डिटेल इस प्रकार है:  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इस युनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएशन जैसे एमबीए, एमटेक  आदि के लिए भी कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप इनमें से किसी भी प्रोग्राम में एडमिशन लेना चाहते हैं तो जल्दी ही इसके लिए अप्लाई करें। इनके बारे में पूरी जानकारी आपको यूनिवर्सिटी यानी आईजीडीटीयूडब्ल्यू (IGDTUW) की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। इन कोर्सों के लिए कॉउंसलिंग के बारे में अधिक इनफार्मेशन अभी नहीं दी गयी है। उम्मीद है की जल्दी ही इनके बारे में जानकारी दी जाएगी। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Scholarship at IGDTUW #igdtuw #admissions2025 #scholarship #engineeringcollege #delhiuniversity #girlseducation #higherstudies

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heatwave advisory

हीटवेव से बचाव, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, जानें क्या करें और क्या न करें

हीट वेव (Heat wave) यानी गर्मी की लहर उस पीरियड को कहा जाता है, जब किसी जगह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। हमारे देश में हीट वेव पीरियड को मार्च से लेकर जून तक माना जाता है। आमतौर पर हमारे देश में हीट वेव (Heat wave) की घोषणा तब की जाती है जब कुछ दिनों तक मैदानी स्थानों में टेम्प्रेचर 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है या पहाड़ी क्षेत्रों में यह तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो। हाल ही में हेल्थ डिपार्टमेंट (Health department) ने दिल्ली के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें यह कहा गया है कि हीट वेव (Heat wave) के कारण लोग जितना हो सके घर के अंदर ही रहें। आइए जानें हेल्थ डिपार्टमेंट की हीट वेव से संबंधित एडवाइजरी (Health Department advisory regarding heat wave) के बारे में। हीट वेव से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानें।  हेल्थ डिपार्टमेंट की हीट वेव से संबंधित एडवाइजरी (Health Department advisory regarding heat wave): पाएं जानकारी इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट यानी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दिल्ली में दिन के समय 45 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। रात का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। इसलिए हेल्थ डिपार्टमेंट (Health department) ने लोगों से आग्रह किया है कि वो उस समय घर पर रहें जब धूप बहुत तेज होती है। यही नहीं, अधिक पेय पदार्थों का सेवन करना भी न भूलें। हेल्थ डिपार्टमेंट की हीट वेव से संबंधित एडवाइजरी (Health Department advisory regarding heat wave) जारी करने के साथ ही उन्होने लोगों को यह सलाह भी दी है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक हीट वेव से बचने के लिए अपनाएं यह उपाय हीट वेव (Heat wave) से बचाव के लिए जरूरी है घर में ही रहना और धूप से बचना। इसके साथ ही इन चीजों का भी ध्यान रखें: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi heat wave #heatwave #healthministry #summer2025 #heatstrokeprevention #staycool #healthtips #summeradvisory #doanddont #heatwavealert

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Who Planned Raja's Murder

राजा की हत्या कि किसने बनाया प्लान, किलर्स को कितने पैसे दिए, पुलिस से बचने की क्या थी योजना? सोनम से पूछताछ के लिए सवालों की लिस्ट तैयार

मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी हत्या (Raja Raghuvanshi Murder) मामले में आरोपी पत्नी सोनम, राज, विशाल, आनंद और आकाश को कोर्ट ने पूछताछ के लिए 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस राजा हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder) की जांच कर रही मेघालय की एसआईटी (SIT) इन सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर हत्याकांड के रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिश करेगी। एसआईटी (SIT) की टीम ने इन सभी आरोपियों से पूछताछ के लिए प्रश्नों की एक लंबी लिस्ट तैयार की है। इस पूछताछ के दौरान आरोपियों का एक दूसरे से आमना-सामना भी कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, हमारे पास पहले से ही कई पुख्ता सबूत हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने पूछताछ के लिए जो लिस्ट तैयार की है, उसमें सबसे ज्यादा प्रश्न सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) के लिए हैं।  आइये जानते हैं कि पुलिस सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) से किस तरह के सवाल पूछ सकती है?  1. मेघालय में हनीमून मनाने का प्लान कब और किसके साथ बनाई? 2. मेघालय से वापसी के टिकट क्यों नहीं बुक कराया? क्या यह हत्या के साजिश का हिस्सा था? 3. आप राज कुशवाह को कब से जानती हैं और उसके साथ आप लगातार संपर्क में क्यों थी?  4. एन्क्रिप्टेड ऐप चैट से हमें पता चला है कि हनीमून के दौरान आपके और राज कुशवाहा के बीच बातचीत हो रही थी। आप दोनों किस मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे?  5. आप अपनी लाइव लोकेशन क्यों आरोपियों को शेयर कर रही थी? 6. आपको और राजा को मावलखियात में 23 मई को तीन ऐसे लोगों के साथ देखा गया था, जो हिन्दी बोल रहे थे। वो कौन लोग थे?  7. स्थानीय गाइड अल्बर्ट पड़े ने हमें बताया है कि आपने 22 और 23 मई को गाइड लेने से इंकार कर दिया था। ऐसा आपने क्यों किया था? 8. गाइड अल्बर्ट ने मावलखियात में आपके साथ मौजूद उन तीन लोगों की पहचान राज रघुवंशी हत्याकांड के आरोपी के तौर पर की है। क्या आपने ही राजा की हत्या के लिए उन्हें हायर किया था? 9. राजा रघुवंशी की हत्या कराने के लिए हत्यारों से सबसे पहले किसने संपर्क किया था? 10. राजा की हत्या के लिए किलर्स को कितने पैसे देने थे, कितने पैसे दिए गए और किसने दिए? 11. आपने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए मेघालय को ही क्यों चुना? क्या आपने मेघालय के अलावा किसी दूसरी जगह पर जाने की प्लानिंग की थी? 12. राजा रघुवंशी की हत्या करने के लिए राज कुशवाहा मेघालय (Raja Raghuvanshi Murder) क्यों नहीं आया? 13. राजा रघुवंशी की हत्या करने के बाद आप सबसे पहले कहां गई और 17 दिनों तक कहां कहां रही? इस दौरान पुलिस से छिपने में आपकी किसने मदद की? इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण 14. राजा की हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए आपने क्या प्लान बनाया था और इसके बारे में किसे-किसे पता था? 15. पुलिस को हत्या वाली जगह से राजा की स्मार्टवॉच और फोन के अलावा आपके भी गहने मिले हैं, लेकिन राजा का करीब 10 लाख रुपये का सोना गायब है। इसके बारे में बताइए?  16. राजा रघुवंशी की हत्या के लिए हथियार को किसने, कहां से और कितने में खरीदा गया? 17. क्या आपने राज कुशवाह के साथ मिलकर शादी के बाद ही राजा की हत्या की योजना बना ली थी? Latest News in Hindi Today Hindi news Raja Raghuvanshi Murder #rajamurdercase #sonaminterrogation #crimeupdate #mysteryunfolds #latestnews #breakingnews #investigation #murderplot #crime2025

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Millennials Face Rising Appendix Cancer Risk

मिलेनियल्स में बढ़ रहा है एपेंडिक्स कैंसर खतरा, जानिए कैसे बचें इस दुर्लभ बीमारी से

एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) एक दुर्लभ बीमारी है, जिसे एपेंडिसियल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या तब होती है जब हमारे एपेंडिक्स में मौजूद सेल्स में बदलाव होता है और इनकी ग्रोथ असामान्य हो जाती है। अगर बात की जाए एपेंडिक्स की, तो यह हमारे डायजेस्टिव सिस्टम का भाग है। यह अंग पेट के दाई तरफ होता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक आजकल युवाओं यानी मिलेनियल्स में इस कैंसर (Cancer) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मिलेनियल्स उस जनरेशन को कहा जाता है जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच में हुआ हो। यही नहीं यह भी पाया है कि 1980 से 1985 के बीच पैदा हुए लोगों में यह मामले तीन गुना बढ़ गए हैं। आइए जानें मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर (Appendix Cancer in Millennials) के बारे में। मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर (Appendix Cancer in Millennials): क्या कहती है स्टडी? कैंसर काउंसिल (Cancer Council) के अनुसार इस कैंसर (Cancer) के कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। यही नहीं, इसके रिस्क फैक्टर्स भी नहीं हैं लेकिन ऐसे माना गया है कि यह समस्या जेनेटिक हो सकती है। उम्र के बढ़ने से भी इसका जोखिम बढ़ सकता है। एक स्टडी के अनुसार मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर ((Appendix Cancer in Millennials)) का रिस्क बढ़ता जा रहा है और इसका कारण खराब जीवनशैली, एनवायर्नमेंटल रिस्क और जेनेटिक को माना जा रहा है। चिंत्ता का विषय यह है कि एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) का शुरू में पता नहीं चलता, जिससे इलाज थोड़ा मुश्किल हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवाओं में इस कैंसर (Cancer) में बढ़ोतरी एक गंभीर हेल्थ रिस्क है। ऐसे में जरूरी है कि सभी अपनी जीवनशैली में सुधार करें। हेल्दी खाएं और जंक फ़ूड से बचें। यही नहीं, लक्षणों को पहचानें और नियमित चेकअप कराएं। आइए जानें कि एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण (Appendix cancer symptoms) क्या हो सकते हैं? एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण (Appendix cancer symptoms) जैसा की पहले ही बताया गया है कि इस एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण  (Appendix cancer symptoms) अधिकतर रोगियों में नजर नहीं आते हैं। लेकिन, इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: कई बार एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) के साथ एक दुर्लभ स्थिति भी हो सकती है, जिसे स्यूडोमाइक्सोमा पेरिटोन कहा जाता है, जिसमें कैंसर सेल्स जैली जैसे पदार्थ को निकालते हैं, जो एपेंडिक्स परेशानी का कारण बन सकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एपेंडिक्स कैंसर से बचाव हालांकि, एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) से पूरी तरह से बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ चीजों का ध्यान रख कर इसकी संभावना को कम किया जा सकता है। एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: इसके साथ ही नियमित चेकअप और जेनेटिक काउन्सलिंग व टेस्टिंग भी जरूरी है। एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) के बारे में पूरी जानकारी और जल्दी निदान से सही उपचार में मदद मिल सकती है।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Appendix cancer #Appendixcancer #cancer #appendixcancersymptoms #appendixcancerprevention #appendixcancerinmillennials

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Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

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Rahul Gandhi letter to PM Modi

Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue: बिहार के इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने PM मोदी को पत्र लिख की यह मांग

बिहार में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के तहत रायबरेली सांसद राहुल गाँधी इन दिनों बिहार पर अपना फोकस जमाए हुए हैं। इसीके मद्देनजर हाल ही में वो बिहार दौरे के दौरान दरभंगा पहुंचे थे। यहां वह अंबेडकर छात्रावास पर पहुंचे थे, जहां छात्रों ने अपनी परेशानियों से उनको अवगत कराया। फिर क्या था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों को शिक्षा हासिल करने में आ रही समस्याओं का निवारण करने का अनुरोध (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) किया है। युवा नेता ने अपने पत्र में बिहार के दरभंगा स्थित अंबेडकर छात्रावास में छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की गुजारिश की। बता दें कि राहुल ने पीएम मोदी से कहा, मैं आपसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने का अनुरोध करता हूं, जो वंचित समुदायों के 90 प्रतिशत छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों में बाधा डालते हैं। सबसे पहले, दलित, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए आवासीय छात्रावासों की स्थिति बहुत खराब है।  इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की कि एक ही कमरा है जिसमें 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं। पीने का पानी स्वच्छ नहीं है। मेस की सुविधा नहीं है। और पुस्तकालयों या इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। उन्होंने दूसरे मुद्दे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरे, हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और इसमें विफलताएं भी मिल रही हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, बिहार में, छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक काम नहीं कर रहा था और 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके बाद भी, छात्रवृत्ति पाने वाले दलित छात्रों की संख्या में लगभग आधी गिरावट आई। जो वित्त वर्ष 23 में 1.36 लाख से घटकर वित्त वर्ष 24 में 0.69 लाख रह गई। छात्रों की शिकायत है कि छात्रवृत्ति की राशि अपमानजनक रूप से कम है। मैंने बिहार के उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसी विफलताएं पूरे देश में फैली हुई हैं। यही नहीं, राहुल गांधी ने पत्र में आगे कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता- राहुल गाँधी  राहुल ने दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास का ऑडिट करवाया जाने की बात कही ताकि स्वच्छता, भोजन, अच्छी अवसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) सकें। तथा साथ ही कमियों को दूर करने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति का समय पर वितरण तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करते हुए क्रियान्वयन में सुधार किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता।खैर , उन्होंने इन विषयों पर पीएम मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की है। Latest News in Hindi Today Hindi Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue #rahulgandhi #pmmodi #biharissue #politics #breakingnews #biharnews #indianpolitics

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Pakistani soldiers killed

बलूचिस्तान में भीषण जंग, BLA लड़ाकों के हमले में 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 9 बलूच लड़ाकों की भी मौत

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के युद्ध के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बलूच विद्रोहियों का हमला लगातार जारी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बड़ा हमला बोला है। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 जवान मारे गए हैं। साथ ही इस मुठभेड़ में बलूच लिबरेशन आर्मी के भी 9 लड़ाकों की मौत हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जायंद बलूच ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि एक बड़ी मुठभेड़ गोनी पारा इलाके में हुई। यहां पर पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को अपने सैनिकों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर से कमांडो तक उतारने पड़ गए।  मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की हो चुकी है मौत  बीएलए (BLA) प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाके मस्तंग के इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जिससे सेना के साथ मुठभेड़ भी तेज हो रही है। इस इलाके में मंगलवार से भी बीएलए (BLA) लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हो रही है और अब तक 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई घायल हैं। इसके अलावा गोनी पारा समेत दूसरे इलाकों में भी तेज झड़प हो रही है। बीएलए प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की मौत हो चुकी है और उसके सैकड़ों सैनिक घायल हैं। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी अभी भी जारी है।  बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर पड़ रहे हैं भारी  बता दें कि बलूचिस्तान में अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने 6 जून से अपनी लड़ाई तेज कर दी है। ये लड़ाके मस्तंग इलाके में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इन लड़ाकों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारी संख्या में अपने जवानों को उतारा है, लेकिन इसके बाद भी बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर  भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई शहरों पर धावा बोलकर कब्जा जमा लिया था। साथ ही कई हाईवे को भी बंद कर दिया। इससे तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों पर हमला किया और कई नागरिकों को अपने साथ उठा ले गई। बलूच नागरिक समूहों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने पासनी और दश्त बालनिगोर जिले में छापेमार कार्रवाई करते हुए 9 बलूच लोगों को उठा ले गई, जो अब लापता हैं।  बलूचिस्तान में बलूच लोगों को पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन उठा ले जाना और फिर उन्हें गायब कर देना बड़ी समस्या रही है। यहां के हजारों लोग कई सालों से गायब हैं, जिसका सीधा आरोप पाकिस्तानी सेना पर है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार कर रहे हैं हमले  मानवाधिकार संगठन पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब करने का आरोप लगाते हैं। पाकिस्तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई के कारण ही बलूचिस्तान में विद्रो हो रहा है। बलूचिस्तान में हजारों लोग अब हथियार उठा चुके हैं और पाकिस्तानी सेना से लड़ रहे। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन बीएलए के लड़ाके हार मानने को तैयार नहीं। पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं। जिसकी वजह से इस राज्य में पाकिस्तान की पकड़ अब बेहद कमजोर हो चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बलूचिस्तान #balochistan #blaattack #pakistaninews #soldierskilled #balochfighters #breakingnews #pakistanviolence #conflictupdate #worldnews

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