खान सर मीडिया से बातचीत करते हुए

खान सर को बड़ी राहत, पटना कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

पटना देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर को पटना कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोचिंग संस्थान से जुड़े एक मामले में अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल खान सर को तत्काल गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ेगा, जबकि मामले की जांच जारी रहेगी। हाल के दिनों में खान सर और उनके संस्थान से जुड़ा मामला चर्चा का विषय बना हुआ था। इसी मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है। खान सर की ओर से अदालत में अग्रिम राहत की मांग की गई थी, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार यह मामला पटना स्थित एक कोचिंग संस्थान के बाहर हुए विवाद और कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान खान सर का नाम भी सामने आने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि खान सर की ओर से लगातार कहा गया कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे और कानून का सम्मान करते हैं। कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के तथ्यों और प्रस्तुत दलीलों पर विचार किया। इसके बाद कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से मामले की प्रगति रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी मांगे हैं। अब मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। खान सर की प्रतिक्रिया खान सर की कानूनी टीम का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वकीलों के अनुसार खान सर जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने किसी भी जांच प्रक्रिया से बचने की कोशिश नहीं की है। समर्थकों का कहना है कि अदालत के फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वहीं मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। छात्रों के बीच चर्चा का विषय खान सर देश के लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं और लाखों छात्र उनके शैक्षणिक वीडियो देखते हैं। ऐसे में यह मामला छात्रों और शिक्षा जगत के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामले की अंतिम स्थिति जांच और अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। आगे क्या होगा? फिलहाल पुलिस अपनी जांच जारी रखेगी और अदालत को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगी। वहीं खान सर को मिली अंतरिम राहत अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। निष्कर्ष पटना कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाए जाने से खान सर को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि मामला अभी जांच के अधीन है और अंतिम फैसला आना बाकी है। आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

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शिवांगी सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिला सशक्तिकरण की सबसे चमकदार मिसाल हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि आकाश की ऊंचाईयों में कोई सीमा नहीं होती।

भारत की पहली महिला राफेल पायलट अब बनाएंगी अगली पीढ़ी के फाइटर पायलट

वाराणसी की बेटी विंग कमांडर शिवांगी सिंह ने एक बार फिर इतिहास रचा है। देश की पहली एकमात्र महिला रफाल पायलट (India first female Rafale pilot) अब भारतीय वायुसेना के भावी फाइटर पायलटों को तैयार करने वाली ट्रेनर बन गई हैं। हाल ही में उन्हें हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर (Hawk AJT) बेड़े में ट्रांजिशन कर दिया गया है, जहां उनकी जिम्मेदारी प्रशिक्षु पायलटों को उच्च स्तर का कॉम्बैट ट्रेनिंग देना होगी। यह नया पद उन्हें सीधे अगली पीढ़ी के फाइटर पायलट तैयार करने की कमान सौंपता है। सफर की शुरुआत से शिखर तक2017 में भारतीय वायुसेना की दूसरी बैच की महिला फाइटर पायलट के रूप में कमीशन होने के बाद शिवांगी सिंह ने अपना करियर सबसे चुनौतीपूर्ण विमानों में से एक, MiG-21 बाइसन से शुरू किया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने असाधारण कौशल दिखाया। 2020 में जब भारत ने फ्रांस से पहली खेप के रफाल फाइटर जेट प्राप्त किए, तब अंबाला एयरबेस की 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में शामिल होकर शिवांगी ने रफाल पर उड़ान प्रशिक्षण लिया। वे पूरे इंडक्शन फेज़ में रफाल उड़ाने वाली देश की इकलौती महिला पायलट बनीं। उनके ऑपरेशनल अनुभव में हाई-टेम्पो मिशन, बड़े पैमाने पर वायुसेना अभ्यास, फ्रंटलाइन ऑपरेशंस और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास शामिल रहे हैं. इसी साल जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रफाल में सॉर्टी की थी, तब भी शिवांगी सिंह उस स्क्वाड्रन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। सबसे कठिन कोर्स को किया पारहाल ही में उन्होंने तांबरम एयर फोर्स स्टेशन में Flying Instructors’ Course (FIC) सफलतापूर्वक पूरा किया। यह कोर्स भारतीय वायुसेना का सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम माना जाता है, जिसमें केवल चुनिंदा पायलट ही सफल हो पाते हैं। इस कोर्स के बाद उन्हें Qualified Flying Instructor (QFI) का दर्जा मिला है। नई पीढ़ी को दिशा देंगीअब विंग कमांडर शिवांगी सिंह हॉक AJT पर प्रशिक्षु पायलटों को बेसिक से लेकर एडवांस्ड कॉम्बैट मैन्यूवर्स तक सिखाएंगी। रफाल जैसे 4.5 जेनरेशन फाइटर का गहरा अनुभव रखने वाली एक महिला प्रशिक्षक का होना न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाली महिला फाइटर पायलटों के लिए यह एक जीता-जागता प्रेरणा स्रोत भी है। शिवांगी सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिला सशक्तिकरण की सबसे चमकदार मिसाल हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि आकाश की ऊंचाईयों में कोई सीमा नहीं होती। भारतीय आसमान अब और सुरक्षित और प्रेरणादायक है क्योंकि शिवांगी सिंह जैसी बेटियां इसे नई दिशा दे रही हैं।

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RSS के तीसरे सरसंघचालक बालासाहब देवरस के जयंती पर अमित शाह ने किया नमन

आज RSS के तृतीय सरसंघचालक बालासाहब देवरस की जयंती है इस अवसर पर अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कोटि-कोटि नमन किया। गृह मंत्री अमित शाह सोशल मीडिया एक्स पर उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बालासाहब के अमूल्य योगदान को किया याद केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हेंडल पर लिखा, ‘ संघ के तृतीय सरसंघचालक, सामाजिक समरसता के प्रतीक बालासाहब देवरस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।’ उन्होंने बालासाहब के योगदानों को याद करते हुए आगे लिखा कि संघ की शुरुआत से लेकर उसे एक विशाल संगठन बनाने और देशभर में विस्तार देने में बालासाहब देवरस जी का अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया। वो युवाओं को चरित्र निर्माण और राष्ट्र प्रथम के लिए प्रेरित करते रहे है। अमित शाह ने आगे कहा कि सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाले बालासाहब जी का स्पष्ट मानना था कि यदि दुनिया में अस्पृश्यता पाप नहीं है, तो फिर कुछ भी पाप नहीं है। देश के राष्ट्रीय-सामाजिक जीवन में वे सदैव एक दीपस्तंभ के समान प्रकाशमान रहेंगे। कौन है बालासाहब देवरस? बालासाहब देवरस ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संगठन के प्रमुख श्रीगुरू के स्वर्गवास के बाद सरसंघचालक के दायित्व को ग्रहण किया। इस पद पर नियुक्ति होने के बाद वो संघठन के तीसरे प्रमुख के तौर पर सामने आए। उन्होंने 1973 से 1994 तक संगठन का नेतृत्व कर देश में उसके विस्तार को बढ़ाया. वे केवल एक विचारक ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी नेता और समाजिक समरसता के प्रतीक रहे हैं। इसके अलावा, 1975 में लगे अपातकाल में जब संघ पर प्रतिबंध तो इन्होंने संघ को एक नई दिशा दी और एक विशाल सत्याग्रह चलाया। यही नहीं, उन्होंने सामाजिक भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और युवाओं को देश की सेवा के लिए प्रेरित किया।

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कांग्रेस के घाव पर नमक! कर्नाटक के बाद पंजाब में सियासी संकट, क्यों एक्टिव हुए राहुल गांधी?

कांग्रेस में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही. एक तरफ कर्नाटक में मामला गर्माया हुआ है. हाई कमान से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक इसपर कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं. दूसरी ओर अब नया बघेड़ा पंजाब में खड़ा हो गया है. बताया जा रहा है इसे लेकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी एक्टिव हो गए हैं. कर्नाटक के बाद अब पंजाब इकाई (Punjab Congress) में नेताओं के बीच तनातनी जारी है. खबर है कि हालात संभालने के लिए कांग्रेस आलाकमान सक्रिय हो गया है. कहा जा रहा है कि सांसद राहुल गांधी ने भी इस संबंध में बैठक बुलाई थी. इस बीच पंजाब में आरोप प्रत्यारोप का दौर चला है. नवजोत कौर सिद्धू का बयान बढ़ा तनावनवजोत कौर सिद्धू के बयान के बाद कांग्रेस की पंजाब इकाई में तनाव बढ़ गया है. कौर ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष (Punjab Congress Leader) अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर तीखा हमला करते हुए उन पर पार्टी को ‘बर्बाद’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नोटिस ऐसी जगह से जारी किए जा रहे हैं जिसका कोई आधार ही नहीं है. उन्होंने वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 ‘कुशल, ईमानदार और वफादार’ नेता उनके संपर्क में हैं, जिन्हें वडिंग ने कांग्रेस पार्टी से अलग कर दिया है. सिद्धू की नाराजगी क्यों?नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं. उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है. ऐसा इसलिए कि उन्होंने CM की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये वाली बात कही थी. हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान से इनकार किया और कहा कि उसे गलत तरीके से पेश किया गया है.सुखजिंदर सिंह रंधावा का जवाब सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों पर कहा कि अब वह कोर्ट में बात करेंगे. उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसी बातें होती रहती हैं, इसमें नया कुछ नहीं है. खैर अब देखना होगा की राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के एक्टिव होने से पंजाब में कांग्रेस की नाव किस डगर जाती है.

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पीएम मोदी ने सोनिया गांधी को 79वें जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं, लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे जीवन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. उन्हें लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.” सोनिया गांधी का कांग्रेस में उदय बता दें कि सोनिया गांधी औपचारिक रूप से 1997 में कलकत्ता पूर्ण सत्र में कांग्रेस पार्टी की सदस्य बनी थीं. इसके बाद पहली बार 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं. उस समय, पार्टी नेतृत्व संकट, आंतरिक कलह और चुनावी हार से जूझ रही थी. कांग्रेस केवल तीन राज्यों मध्य प्रदेश, ओडिशा और मिजोरम में सत्ता में थी. वे जल्दी ही कांग्रेस का एक मुख्य चेहरा और राष्ट्रीय राजनीति में एक अहम प्रभावशाली हस्ती बन गईं. हालांकि, उनका उदय बिना विवाद के नहीं हुआ. मई 1999 में, कई सीनियर नेताओं ने उनके विदेशी मूल पर सवाल उठाए. उन्होंने कुछ समय के लिए इस्तीफा देने की पेशकश की, लेकिन पार्टी के अंदर भारी समर्थन ने उनकी स्थिति को मजबूत किया. सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने लगातार दो आम चुनाव जीते और 2000 के दशक में 16 राज्यों में शासन किया. इसके बाद सोनिया गांधी ने 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. वह फिलहाल राज्यसभा की सदस्य हैं. सोनिया गांधी का कांग्रेस मार्गदर्शन जारी कांग्रेस पार्टी ने उनके जन्मदिन पर कहा कि सोनिया गांधी का हौसला और समर्पण हमें हर दिन प्रेरित करता है. गहरे सम्मान, प्रशंसा और प्यार के साथ, हम उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, अच्छे स्वास्थ्य और अनंत खुशियों की कामना करते हैं. उम्र और स्वास्थ्य कारणों से, सोनिया गांधी ने घोषणा की कि वह 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी और इसके बजाए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी का मार्गदर्शन करेंगी. बता दें कि सोनिया गांधी इटली से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से शादी की थी.

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OMG! विक्रम भट्ट गिरफ्तार – 30 करोड़ का IVF घोटाला, पत्नी भी जेल, बॉलीवुड में भूचाल!

मुंबई/उदयपुर, 8 दिसंबर 2025: बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने 30 करोड़ रुपये के एक बड़े फ्रॉड केस में गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) से जुड़ा एक निवेश घोटाले का है, जिसमें उदयपुर के प्रमुख डॉक्टर अजय मुर्दिया को धोखा देकर पैसे ऐंठे गए। गिरफ्तारी के बाद उदयपुर पुलिस ने दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया है, और वे 9 दिसंबर तक हिरासत में रहेंगे। यह खबर बॉलीवुड सर्कल में भूचाल ला रही है, क्योंकि विक्रम भट्ट जैसी हस्ती का नाम ऐसे विवाद में जुड़ना किसी के लिए चौंकाने वाला है। IVF फ्रॉड केस का पूरा मामला: कैसे हुआ धोखा? कहानी की शुरुआत तब हुई जब डॉ. अजय मुर्दिया, इंदिरा IVF हॉस्पिटल के फाउंडर, ने विक्रम भट्ट की एक फिल्म प्रोजेक्ट में निवेश करने का फैसला किया। आरोप है कि भट्ट दंपति ने डॉ. मुर्दिया को लुभाने के लिए झूठे वादे किए और IVF टेक्नोलॉजी से जुड़े एक कथित प्रोजेक्ट में 30 करोड़ रुपये निवेश करवाए। लेकिन पैसा मिलने के बाद न तो फिल्म बनी और न ही IVF प्रोजेक्ट आगे बढ़ा। डॉ. मुर्दिया ने जब पैसे वापस मांगे, तो उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। उदयपुर पुलिस के अनुसार, यह ठगी का केस पिछले कई महीनों से चल रहा था। डॉ. मुर्दिया की शिकायत पर FIR दर्ज हुई, जिसमें विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी और छह अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने पहले ही दो अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद भट्ट दंपति को विदेश यात्रा पर रोक लगा दी गई थी, और उन्हें 8 दिसंबर तक पेश होने का आदेश दिया गया था। लेकिन वे मुंबई में छिपे हुए थे, जहां राजस्थान और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने उनकी सिस्टर-इन-लॉ के घर पर छापा मारा। बॉलीवुड कनेक्शन: विक्रम भट्ट कौन हैं? विक्रम भट्ट हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्देशक-निर्माता हैं, जिन्होंने ‘राज़’, ‘1920’, ‘हॉन्टेड’ जैसी हिट हॉरर फिल्में बनाई हैं। वे भट्ट फैमिली के हिस्सा हैं, जिसमें मकड़ भट्ट और पूजा भट्ट जैसे नाम शामिल हैं। उनकी पत्नी श्वेतांबरी भी प्रोडक्शन से जुड़ी हुई हैं। इस गिरफ्तारी ने पूरे इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर #VikramBhattArrested ट्रेंड कर रहा है, और कई सितारे चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस की अगली कार्रवाई: क्या होगा कोर्ट में? बांद्रा कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी को उदयपुर ले जाया जाएगा, जहां आगे की पूछताछ होगी। पुलिस का दावा है कि फ्रॉड के सबूत मजबूत हैं, जिसमें बैंक ट्रांजेक्शन और कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल हैं। अगर आरोप साबित हुए, तो दोनों को लंबी सजा हो सकती है। उदयपुर SP ने कहा, “यह केस मनी लॉन्ड्रिंग और चीटिंग से जुड़ा है, हम पूरी सख्ती से जांच करेंगे।” प्रभाव: IVF इंडस्ट्री पर असर? यह मामला न केवल बॉलीवुड बल्कि IVF सेक्टर को भी प्रभावित कर सकता है। डॉ. मुर्दिया जैसे बड़े नाम का फंसना निवेशकों के बीच अविश्वास पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे घोटाले स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को हतोत्साहित करेंगे। सोशल मीडिया पर रिएक्शन: फैंस स्तब्ध ट्विटर (X) पर यूजर्स विक्रम भट्ट की पुरानी फिल्मों के क्लिप शेयर कर रहे हैं, साथ ही सवाल उठा रहे हैं कि “क्या हॉरर फिल्मों के बाद असली हॉरर उनकी जिंदगी में आ गया?” कई मीम्स वायरल हो रहे हैं, जो इस घटना को सिनेमा से जोड़ रहे हैं। यह ब्रेकिंग न्यूज लगातार अपडेट हो रही है। अगर आपके पास कोई अतिरिक्त जानकारी है, तो कमेंट्स में शेयर करें। विक्रम भट्ट गिरफ्तार केस की लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमसे जुड़े रहें। कीवर्ड्स: विक्रम भट्ट गिरफ्तार, IVF फ्रॉड केस, 30 करोड़ ठगी, उदयपुर पुलिस, बॉलीवुड न्यूज, ब्रेकिंग न्यूज 8 दिसंबर 2025

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देशभर में इंडिगो फ्लाइट्स पर संकट, 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द, सरकार ने जांच समिति बनाई

भारत की सबसे बड़ी IndiGo Airline के उड़ानों में कई दिनों से परेशानियां चल रही है. कल यानी शुक्रवार को देश में इंडिगो की 550 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को रद्द किया गया. अब इंडिगो की सेवाओं में आने वाली बाधाओं की जांच के लिए भारत सरकार ने समिति का गठन किया है. इससे कारणों की पहचान कर जवाबदेही तय की जाएगी. इस समस्या के चलते देशभर में भारी संख्या में उड़ाने रद्द हुई, यात्रियों को लंबे समय तक फ्लाइट्स का इंतजार करना पड़ रहा. इसके कारण एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ लग रही है. वहीं, घरेलू किरायों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली. सरकार ने जारी किया दिशानिर्देश सिविल एविएशन मंत्री (MoCA) ने तुरंत कदम उठाते हुए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया हो और उड़ानों के लिए दिशानिर्देश जारी किए. साथ ही टेम्पररी रेगुलेटरी छूट प्रदान की है और जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक उपायों के लिए उच्च-स्तरीय जांच शुरू की है. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही व्यवस्थाएं स्थिर होना शुरू हो जाएगी. बता दें कि जांच के लिए सरकार ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसमें संजय के. ब्रम्हणे (जॉइंट डायरेक्टर जनरल), अमित गुप्ता (डिप्टी डायरेक्टर जनरल), कैप्टन कपिल मंगलीक (SFOI)और कैप्टन लोकेश रामपाल (FOI)शामिल है. 15 दिनों में देना होगा रिपोर्ट ये समिति व्यवधान के कारणों की जांच करेगी, नए FDTL CAR 2024 के तहत मानव-संसाधन योजना और रोस्टरिंग की समीक्षा करेगी. साथ ही ये समिति, अनुपालन में आई कमियों को देखेगी और योजना संबंधी असफलताओं की जवाबदेही तय करेगी. समिति को पुनर्स्थापन उपायों की निगरानी कर 15 दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट DGCA को सौंपनी होगी. सेवाएं सामान्य होने की संभावना सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिए हैं कि वे उड़ान सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करें और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो. उम्मीद है कि कल से शेड्यूल स्थिर होना शुरू हो जाएगा और तीन दिनों के भीतर सेवाएं पूरी तरह बहाल हो जाएंगी. इसके साथ ही सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापू ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी दिक्कतों को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे. FDTL नियमों में बदलाव जुलाई और नवंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू हुए नए FDTL नियमों में पायलटों के आराम के समय को बढ़ाया गया और रात की ड्यूटी पर सीमाएं लागू की गई. बार-बार चेतावनी के बावजूद इंडिगो अपने रोस्टर और मानव-संसाधन योजना को समय पर संशोधित नहीं कर पाया, जिससे बड़े पैमाने पर देरी और रद्दीकरण हुए. इंडिगो के CEO का बयान इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कहा कि उड़ानों में गंभीर परेशानियां आई हैं और स्थिति ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा. उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर सबसे अधिक प्रभावित दिन था, जिसके कारण उस दिन 1000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. साथ ही में अपने यात्रियों से आई दिक्कतों के लिए माफी चाहता हुं. DGCA द्वारा दी गई टेम्पररी FDTL छूट से उड़ाने स्थिर करने में मदद मिली है. CEO को उम्मीद है कि 10–15 दिसंबर के बीच उड़ान सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी. हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी बता दें कि उड़ानों में आई परेशानियों के कारण घरेलू फ्लाइट्स के किराए में बढ़ोतरी देखने को मिली है. दिल्ली-मुंबई का किराया ₹36,000, दिल्ली से चेन्नई तक का फेयर ₹69,000 और दिल्ली-बेंगलुरु का किराया ₹40,000 से भी अधिक हो गया है.

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मेरठ में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने साले को गोली मारकर मौत के घाट उतारा

उत्तर प्रदेश के मेरठ के सदर बाजार इलाके में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात हुई. यहां एक युवक ने अपने ही साले को उसकी मां के सामने गोली मार दी. 23 वर्षीय मृतक केशव सोनकर एलएलबी का छात्र था. पुलिस ने मुख्य आरोपी जीजा अंश और उसके साथी आयुष को गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से तमंचा और स्कूटी भी बरामद की गई है. परिवारिक विवाद बना वजह वेस्टर्न रोड निवासी राधेश्याम सोनकर एमडीए में कर्मचारी हैं. उनका बेटा केशव एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था. राधेश्याम की बेटी टीना ने जनवरी 2025 में फाजलपुर निवासी अंश से कोर्ट मैरिज की थी. परिवार इस शादी के खिलाफ था और उस समय अपहरण का केस भी दर्ज कराया गया था. करीब तीन महीने पहले टीना को परिजन घर वापस ले आए थे, जिसके बाद उसका अंश से संपर्क टूट गया. इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में तनाव बढ़ गया था. परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले अंश और उसके साथियों ने केशव को धमकी भी दी थी. सीने में मारी गोली गुरुवार रात अंश ने फोन कर केशव को घर के बाहर बुलाया. जैसे ही वह बाहर आया, अंश अपने साथियों के साथ पहले से मौजूद था. बहस के दौरान अंश ने अचानक तमंचा निकालकर केशव के सीने में गोली मार दी. मां सोनू यह सब अपनी आंखों के सामने देख रही थीं. घायल केशव को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इलाके में तनाव और विरोध हत्या की सूचना फैलते ही माहौल गरम हो गया. शुक्रवार को परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में फाजलपुर स्थित आरोपियों के घर पहुंच गए. भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की और आग लगाने की कोशिश भी की. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया. परिजनों ने वेस्टर्न रोड पर जाम भी लगाया और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग की. पुलिस की कार्रवाई परिजनों का कहना है कि पहले भी अंश ने तमंचा दिखाकर धमकी दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. वहीं, SSP मेरठ डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मुख्य आरोपी अंश और आयुष को गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ में अंश ने स्वीकार किया कि विवाद और गाली-गलौज के चलते उसने गोली चलाई. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और मामले की जांच जारी है.

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दिल्ली MCD उपचुनाव में BJP-AAP में बनी रही तकरार, BJP ने 7 सीटों पर हासिल की जीत पर खो दी अपनी पारंपरिक सीट

दिल्ली MCD उपचुनाव में BJP-AAP में बनी रही तकरार, BJP ने 7 सीटों पर हासिल की जीत पर खो दी अपनी पारंपरिक सीट

दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के झोली में चली गई. भाजपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि आप तीन सीटों पर सिमट गई. वहीं, कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल कर अपना खाता खोला और एक सीट ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के खाते में गई. कैसे रहे नतीजे? बता दें कि उपचुनाव से पहले भाजपा के पास नौ और आप के पास तीन सीटें थीं, लेकिन इस बार भाजपा केवल सात सीटों पर ही सिमट गई. साथ ही, पार्टी ने एक ऐसा वार्ड भी जीता, जहां से पहले जीत नहीं मिली थी. वहीं, चांदनी चौक में भाजपा ने 1182 वोटों से जीत हासिल की, जिससे AAP को एक करारा झटका लगा है. साथ ही संगम विहार में भी आप तीसरे स्थान पर रही, और यहां कांग्रेस ने भाजपा से सीट छीन ली. भाजपा ने खोया पारंपरिक सीट आपको बता दें कि कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव लाभदायक साबित हुआ, क्योंकि उसने भाजपा की पारंपरिक मानी जाने वाली संगम विहार सीट पर जीत दर्ज की. भाजपा के विधायक चंदन चौधरी के इस्तीफे और स्थानीय नाराजगी ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया. मुंडका और नारायणा में AAP ने जीत हासिल की. आइए जानते हैं MCD के इस उपचुनाव में किसको किस सीट पर हार का स्वाद चखना पड़ा: शालीमार बाग बी वार्ड भाजपा: अनीता जैन (जीती)आप: बबीता राणा (हारी) मुंडका वार्डआप: अनिल लाकड़ा (जीते)भाजपा: जयपाल सिंह दराल (हारे) अशोक विहार वार्ड आप: सीमा विकास गोयल (जीती)भाजपा: नीलम असीजा (वीना असीजा) (हारी) द्वारका B वार्ड भाजपा: मनीषा देवी (राजपाल सहारावत) (जीती)आप: राजपाल सेहरावत (राजबाला सहारावत) (हारे) चांदनी चौक वार्ड भाजपा: सुमन कुमार गुप्ता (जीते)आप: हर्ष शर्मा चिंटू (हारे) चांदनी महल एआईएफबी – मोहम्मद इमरान (जीते)आप – मुदस्सर उस्मान (हारे) ढिंचाऊं कलां वार्ड भाजपा: रेखा रानी (जीती)आप: नीतू केशव चौहान (हारी) नारायणा वार्ड आप: राजन अरोड़ा (जीते)भाजपा: अंजुम मंडल (चंद्रकांता शिवानी) (हारी) विनोद नगर वार्ड भाजपा: सरला चौधरी (जीती)आप: गीता रावत (हारी) संगम विहार A वार्ड कांग्रेस: सुरेश चौधरी (जीते)भाजपा: शुभ्रजीती गौतम (हारी)आप: अनुज कुमार शर्मा (हारे) दक्षिणपुरी वार्ड आप: रामस्वरूप कनौजिया (जीते)भाजपा: रोहिणी राज (हारी) ग्रेटर कैलाश वार्ड भाजपा: अंजुम मंडल (जीती)आप: ईशना गुप्ता (हारी) विनोद नगर वार्ड भाजपा: सरला चौधरी (जीती)आप: गीता रावत (हारी)

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उत्तर में सर्दी की दस्तक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, जानें IMD का ताजा पूर्वानुमान

अक्टूबर का आखिरी हफ्ता आते-आते मौसम ने पूरे देश में करवट ले ली है. जहां उत्तर भारत में सुबह-शाम की ठंड अब खुलकर महसूस की जाने लगी है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बादल भारी पड़ने को तैयार हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 30 अक्टूबर के लिए जो ताजा अपडेट जारी किया है, उसके मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्सों में चक्रवाती असर के चलते कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. उत्तर भारत में सर्दी की दस्त दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अब सर्दी की शुरुआती दस्तक महसूस हो रही है. सुबह और देर शाम हल्की ठंडक के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं. दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह हल्का कोहरा या धुंध देखने को मिल सकता है. हालांकि दिन में आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. हवा की गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में रहने की संभावना जताई गई है, इसलिए सुबह की वॉक या आउटडोर गतिविधियों के दौरान सतर्क रहना बेहतर रहेगा. दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट दूसरी तरफ दक्षिण भारत में मौसम पूरी तरह उलट गया है. तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं. समुद्र के ऊपर बन रहे चक्रवाती सिस्टम के कारण अगले 24 घंटे इन राज्यों के लिए चुनौती भरे साबित हो सकते हैं. कई इलाकों में बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. पहाड़ों में बर्फबारी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है. इससे वहां के पर्यटक स्थलों की खूबसूरती तो बढ़ी है, लेकिन इसके साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. इस बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है. यूपी और पूर्वोत्तर में बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज़ हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से) चलने की संभावना भी जताई गई है. वहीं, पूर्व और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और नागालैंड में भी बिजली गिरने और बरसात की गतिविधियां बनी रहेंगी.

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