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North Korea रूस में और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा? South Korea Defence Ministry का बड़ा दावा

सियोल: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उत्तर कोरिया और रूस की बढ़ती सैन्य साझेदारी को लेकर एक नया दावा सामने आया है। South Korea Defence Ministry ने कहा है कि North Korea रूस में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी जारी रखे हुए है। हालांकि दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि नई troop deployment तुरंत होने वाली है। यह आकलन ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un की बहन Kim Yo Jong ने कुछ दिन पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskiy के उस दावे को खारिज किया था जिसमें कहा गया था कि Pyongyang रूस की मदद के लिए हजारों अतिरिक्त सैनिक भेज सकता है। South Korea Defence Ministry ने क्या कहा? Reuters की 24 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक South Korea Defence Ministry ने सांसद Yu Yong-weon के कार्यालय को बताया कि North Korea रूस में और सैनिक भेजने की तैयारियां कर रहा है। हालांकि Defence Ministry ने यह भी साफ किया कि अभी तक ऐसी कोई movement या operational indication नहीं मिली है जिससे यह कहा जा सके कि नई deployment बहुत जल्द होने वाली है। यानी फिलहाल मामला तैयारी और संभावित deployment का है, किसी confirmed troop movement का नहीं। Zelenskiy ने किया था 50,000 सैनिकों का दावा इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskiy का हालिया दावा भी है। Zelenskiy ने कहा था कि North Korea रूस के समर्थन में 50,000 तक अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी कर सकता है। इस दावे को Pyongyang ने सिरे से खारिज कर दिया। Kim Yo Jong ने इसे “बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि यूक्रेन इस तरह के आरोपों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए फिलहाल Seoul और Pyongyang के दावे एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। North Korea पहले भी भेज चुका है सैनिक South Korean, Ukrainian और Western assessments के मुताबिक North Korea पहले भी रूस में सैनिक भेज चुका है। Reuters के अनुसार Pyongyang ने 2024 से रूस में troops deploy करना शुरू किया था, जबकि artillery ammunition और missiles की supply 2023 से जारी बताई जाती है। North Korean सैनिकों की मौजूदगी खास तौर पर Russia के Kursk क्षेत्र से जुड़ी लड़ाइयों के संदर्भ में सामने आई थी। उत्तर कोरिया और रूस ने पहले हथियारों के transfers के आरोपों से इनकार किया था, लेकिन दोनों देशों की defence partnership पिछले दो वर्षों में काफी मजबूत हुई है। 15 Million से ज्यादा Artillery Rounds देने का दावा South Korea Defence Ministry ने सिर्फ troop deployment ही नहीं, बल्कि weapons supply को लेकर भी बड़ा दावा किया है। मंत्रालय के आकलन के मुताबिक North Korea रूस को 15 million से ज्यादा artillery ammunition rounds उपलब्ध करा चुका है। यह अनुमान 152-mm shells के equivalent में लगाया गया है। इसके अलावा Pyongyang की ओर से रूस को short-range ballistic missiles और अन्य military systems देने के भी आरोप लगाए गए हैं। अगर ये आंकड़े सही हैं तो North Korea रूस के लिए artillery ammunition के महत्वपूर्ण suppliers में शामिल हो चुका है। Ukraine War से North Korean Missiles बेहतर हुए? South Korea की Defense Intelligence Agency ने एक और महत्वपूर्ण assessment दिया है। उसके अनुसार Ukraine युद्ध में इस्तेमाल किए गए North Korean missiles ने battlefield data के जरिए अपनी accuracy में सुधार हासिल किया हो सकता है। Seoul का मानना है कि इसमें Russian technical advice और components support की भूमिका भी हो सकती है। अगर ऐसा है तो रूस और उत्तर कोरिया का सहयोग केवल ammunition supply तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि Pyongyang को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों से weapons-development data भी मिल सकता है। South Korea के लिए क्यों है चिंता? North Korea की military technology में सुधार सीधे South Korea की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। Seoul के मुताबिक North Korea के कुछ ballistic missiles और multiple rocket launcher systems का development अब completion के करीब पहुंच रहा है। इन systems को Korean Peninsula पर संभावित conflict में इस्तेमाल किए जाने के लिए तैयार माना जा रहा है। इसका मतलब है कि Ukraine war में मिली operational learning भविष्य में Korean Peninsula की military balance को भी प्रभावित कर सकती है। Guam तक पहुंचने वाली Hwasong-12 Missile पर भी Update South Korean Defence Ministry ने North Korea की Hwasong-12 intermediate-range ballistic missile को लेकर भी नया assessment दिया है। मंत्रालय के मुताबिक Hwasong-12 को operational deployment के लिए तैयार किया जा रहा है। यह missile अमेरिकी territory Guam तक पहुंचने की क्षमता रखती है। Guam Pacific region में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण military hub है और वहां US Air Force तथा Navy की strategic presence मौजूद है। इस वजह से Hwasong-12 की operational readiness केवल South Korea या Japan ही नहीं, बल्कि United States के लिए भी महत्वपूर्ण security concern है। US Mainland तक पहुंचने की क्षमता, लेकिन एक बड़ी कमी South Korea का assessment है कि North Korea की intercontinental ballistic missiles यानी ICBMs के पास इतनी flight capability है कि वे अमेरिकी mainland तक पहुंच सकती हैं। हालांकि Seoul का कहना है कि warhead re-entry technology समेत कुछ महत्वपूर्ण technical capabilities अभी independently verify नहीं की गई हैं। North Korea ने अधिकतर ICBM tests lofted trajectory पर किए हैं, जिसमें missile को बहुत ऊंचाई तक ले जाकर अपेक्षाकृत कम horizontal distance पर गिराया जाता है। इसलिए full-range operational capability को लेकर अभी भी uncertainty बनी हुई है। Russia-North Korea Partnership लगातार मजबूत Russia और North Korea के संबंध Ukraine war के बाद तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने strategic partnership बढ़ाई है और Moscow तथा Pyongyang के बीच defence, weapons और military cooperation को लेकर लगातार नई रिपोर्टें सामने आ रही हैं। 18 अगस्त को Russian Foreign Minister Sergei Lavrov ने भी Russia-North Korea relations की तारीफ करते हुए दोनों देशों की partnership को नए global order से जोड़ा था। Western और South Korean officials को चिंता है कि रूस को ammunition और manpower देने के बदले Moscow North Korea को missile, satellite या अन्य military technology में सहायता दे सकता है। क्या North Korea तुरंत सैनिक भेजने वाला…

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India-UK CETA 2026 लागू, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुआ Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) आज आधिकारिक रूप से लागू हो गया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवा क्षेत्र में सहयोग का नया दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत-यूके संबंधों के लिए “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया, जबकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों, MSME, किसानों, स्टार्टअप और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। क्या है India-UK CETA? India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, निवेश बढ़ाना और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाना है। समझौते के लागू होने के बाद हजारों उत्पादों पर सीमा शुल्क (Tariff) में तत्काल या चरणबद्ध कमी की जाएगी। इससे दोनों देशों के कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। भारतीय निर्यातकों को सबसे बड़ा फायदा सरकार के अनुसार, समझौते से भारत के कई प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें— ब्रिटेन बड़ी संख्या में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिससे भारतीय सामान वहां अधिक प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध होंगे। सेवा क्षेत्र और पेशेवरों को भी लाभ समझौते में आईटी, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा, बीमा, कानूनी सेवाओं और अन्य पेशेवर क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा (Social Security Agreement) के लागू होने से ब्रिटेन में काम करने वाले कई भारतीय पेशेवरों को दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान (Double Contribution) से राहत मिलेगी। निवेश और रोजगार में आएगी तेजी विशेषज्ञों का मानना है कि CETA लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में वृद्धि होगी। इससे विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवाओं और निर्यात आधारित उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती देगा। पहले ही दिन दिखा असर वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, समझौते के लागू होने के पहले ही दिन भारत से 140 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पाद ब्रिटेन को बिना आयात शुल्क के निर्यात किए गए। यह इस समझौते के तत्काल प्रभाव और भारतीय निर्यातकों के उत्साह को दर्शाता है। उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा? विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में कुछ ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क में कमी के कारण भारतीय उपभोक्ताओं को भी लाभ मिल सकता है। वहीं प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उत्पादों की गुणवत्ता और विकल्पों में भी सुधार होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CETA के लागू होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, निवेश, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में दीर्घकालिक अवसर पैदा होंगे। निष्कर्ष India-UK CETA 2026 का लागू होना भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। शुल्क में कमी, निर्यात को बढ़ावा, निवेश में वृद्धि और सेवा क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह समझौता भारत के वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास को नई गति देगा। Source: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारत-यूके आधिकारिक व्यापार समझौता। Original Report: भारत सरकार एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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विदेश मंत्रालय ने MEA के नाम से चल रहे फर्जी X अकाउंट को लेकर जारी की सार्वजनिक चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर मंत्रालय के नाम से संचालित किए जा रहे एक फर्जी अकाउंट को लेकर सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि @MEABharat नामक X अकाउंट का विदेश मंत्रालय से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि यह अकाउंट सरकारी पहचान का दुरुपयोग करते हुए लोगों को भ्रमित कर रहा है और सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। मंत्रालय ने जारी किया फैक्ट-चेक विदेश मंत्रालय की आधिकारिक MEA FactCheck इकाई ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि @MEABharat नाम का अकाउंट मंत्रालय का आधिकारिक अकाउंट नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अकाउंट से साझा की जाने वाली जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें। लोगों को भ्रमित करने की कोशिश मंत्रालय के अनुसार, फर्जी अकाउंट सरकारी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों के बीच गलत सूचना फैलाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे अकाउंट न केवल नागरिकों को गुमराह कर सकते हैं, बल्कि सरकारी संस्थानों की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करते हैं। इसी कारण विदेश मंत्रालय ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। केवल आधिकारिक अकाउंट पर करें भरोसा विदेश मंत्रालय ने कहा कि मंत्रालय के सभी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्क विवरण उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। किसी भी सूचना की पुष्टि करने से पहले नागरिकों को मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल का ही उपयोग करना चाहिए। पहले भी जारी हो चुकी हैं चेतावनियां यह पहली बार नहीं है जब विदेश मंत्रालय ने फर्जी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर लोगों को आगाह किया है। इससे पहले भी मंत्रालय ने ऐसे व्यक्तियों और अकाउंट्स के खिलाफ चेतावनी जारी की थी जो स्वयं को मंत्रालय का सलाहकार बताकर या मंत्रालय से जुड़े होने का दावा करके लोगों से संपर्क कर रहे थे। कुछ मामलों में ऐसे फर्जी हैंडल पैसे लेकर सलाह और सेवाएं देने का भी दावा कर रहे थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि इन व्यक्तियों का मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर बढ़ रहा है प्रतिरूपण का खतरा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी विभागों, सार्वजनिक संस्थानों और प्रतिष्ठित संगठनों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा देने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे अकाउंट अक्सर आधिकारिक लोगो, नाम और प्रोफाइल का उपयोग करके विश्वसनीय दिखने की कोशिश करते हैं। इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को साझा करने या उस पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना आवश्यक है। नागरिकों के लिए मंत्रालय की सलाह विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट से सतर्क रहें। यदि कोई अकाउंट सरकारी विभाग के नाम से संचालित होने का दावा करता है, तो पहले उसकी सत्यापित पहचान (Verified Account) और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी से मिलान करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित प्लेटफॉर्म और संबंधित सरकारी एजेंसी को दी जानी चाहिए। निष्कर्ष डिजिटल युग में सोशल मीडिया सूचना का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है, लेकिन इसके साथ फर्जी अकाउंट और गलत जानकारी का खतरा भी बढ़ा है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी यह चेतावनी नागरिकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करने का महत्वपूर्ण संदेश देती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि @MEABharat नामक अकाउंट विदेश मंत्रालय का आधिकारिक अकाउंट नहीं है और लोगों को इससे सावधान रहना चाहिए। Source: विदेश मंत्रालय (MEA) फैक्ट चेक, आधिकारिक सार्वजनिक सूचना। Original Report: विदेश मंत्रालय द्वारा जारी फैक्ट-चेक और आधिकारिक बयान के आधार पर। Jai Rashtra News

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बारुईपुर बलात्कार-हत्या मामला: पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच तेज की; झोपड़ी को संभावित अपराध स्थल के रूप में जांचा जा रहा है

पोस्टमार्टम से पता चलता है कि शव को फेंके जाने के समय पीड़ित जीवित था। रविवार को पुलिस ने जिले के बारुईपुर इलाके में किशोरी के घर के पास एक तालाब से उसका शव बरामद किया , जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। क्रोधित भीड़ ने घटना में संलिप्तता के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामला सामने आते ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था या उसे किसी कठोर सतह पर पटका गया था। इसके अलावा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि बच्ची को जब तालाब में फेंका गया था तब वह जीवित थी, क्योंकि उसके फेफड़ों और पेट में पानी पाया गया था। पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि सिर में गंभीर चोट लगने और डूबने से अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की मौत हुई। सोमवार को पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, इससे पहले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका था। घटना के संबंध में तीन अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। एसआईटी ने जांच तेज की रविवार को इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। बलात्कार-हत्या और पीट-पीटकर हत्या की घटना की चल रही जांच के तहत अधिकारियों ने चार एफआईआर भी दर्ज की हैं। समाचार एजेंसी ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया, “जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है। हम सभी सबूतों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुष्टि जांच के दौरान एकत्र की गई अन्य सामग्री से की जा रही है।” इसके अलावा, जांचकर्ता उस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं जिसमें कथित तौर पर चार लोग 12 वर्षीय बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की पहचान करने और अपराध में उनकी भूमिका निर्धारित करने के लिए फुटेज का विश्लेषण भी कर रही है। कथित बलात्कार और हत्या को लेकर जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत बरुइपुर और आसपास के इलाकों के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी लड़की के पिता से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। बातचीत के दौरान, पिता ने कथित तौर पर आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की।

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अयोध्या राम मंदिर कथित दान गबन मामला: SIT जांच तेज, ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव

अयोध्या, 7 जुलाई। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित गबन मामले की जांच अब और तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) वित्तीय रिकॉर्ड, दान संग्रह प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच कर रहा है। इस बीच मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। जांच में कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए SIT की प्रारंभिक जांच में दान की गणना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार दान संग्रह, नकदी प्रबंधन, CCTV निगरानी और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जा रही है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन किए गए हैं। ट्रस्ट ने नए प्रशासनिक ढांचे की दिशा में कदम उठाते हुए अंतरिम व्यवस्थाएं लागू की हैं तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत जांच के साथ-साथ मंदिर परिसर में दान प्रबंधन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। नकदी गणना कक्ष की निगरानी, CCTV कवरेज, कर्मचारियों की जांच और दान प्रक्रिया में अतिरिक्त नियंत्रण जैसे उपायों पर काम चल रहा है। आठ आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। साथ ही कथित गबन की वास्तविक राशि और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जांच एजेंसियों ने मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की दोबारा समीक्षा का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं पहले भी किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वहीं ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा। आगे की राह SIT आने वाले दिनों में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं की वास्तविक प्रकृति क्या थी और यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। स्रोत:उत्तर प्रदेश पुलिस, विशेष जांच दल (SIT), श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तथा आधिकारिक सार्वजनिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने अगले कुछ घंटों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की

नई दिल्ली, 27 जून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए अगले कुछ घंटों में मौसम के अचानक बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। कई राज्यों में अलर्ट जारी IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी आने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में हवा की गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना भारी बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। किसानों और मछुआरों के लिए सलाह IMD ने किसानों से खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं जिन क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट है, वहां मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी निर्देश मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि तेज आंधी या बिजली कड़कने की स्थिति बने तो सुरक्षित भवन के अंदर रहें। मोबाइल फोन चार्ज रखें, मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। मानसून ने पकड़ी रफ्तार IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्मी और उमस बनी रह सकती है, जिससे मौसम का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखाई देगा। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय मूल रिपोर्ट:IMD मौसम बुलेटिन एवं विभिन्न राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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NEET Re-Exam के बाद Answer Key और Counselling प्रक्रिया सबसे बड़ा शिक्षा विषय

जय राष्ट्र न्यूज़ | शिक्षा एवं रोजगार डेस्क | 22 जून 2026 मुख्य समाचार NEET-UG 2026 री-एग्जाम के संपन्न होने के बाद अब शिक्षा जगत में सबसे ज्यादा चर्चा Answer Key, Result और Counselling प्रक्रिया को लेकर हो रही है। देशभर के लाखों अभ्यर्थी अपने संभावित स्कोर का आकलन करने और मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरण की तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ सप्ताह छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की आगामी घोषणाओं पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की नजर बनी हुई है। Answer Key का इंतजार परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों की पहली प्राथमिकता आधिकारिक Answer Key होती है। Answer Key जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर संभावित अंक का अनुमान लगा सकते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोविजनल Answer Key जारी होने के बाद छात्रों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी मिल सकता है, जिसके बाद अंतिम Answer Key प्रकाशित की जाएगी। OMR शीट और Response Sheet की भूमिका Answer Key के साथ OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स भी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन दस्तावेजों की मदद से अभ्यर्थी अपने प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के विश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रिजल्ट पर टिकी निगाहें Answer Key प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों का ध्यान रिजल्ट पर केंद्रित होगा। NEET स्कोर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। लाखों छात्र अपने प्रदर्शन के आधार पर संभावित रैंक और कटऑफ का अनुमान लगाने में जुटे हुए हैं। Counselling प्रक्रिया बनेगी अगला बड़ा चरण रिजल्ट जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्राधिकरण प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेंगे। MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में सीट आवंटन इसी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को Counselling से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित नजर रखनी चाहिए। छात्रों में उत्सुकता और तैयारी देशभर में कई छात्र संभावित कॉलेज विकल्पों, कटऑफ रुझानों और सीट मैट्रिक्स का अध्ययन कर रहे हैं। कोचिंग संस्थान और करियर सलाहकार भी छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सही जानकारी और समय पर निर्णय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। मेडिकल शिक्षा का बढ़ता महत्व भारत में मेडिकल शिक्षा के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। NEET देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और हर वर्ष लाखों छात्र इसमें भाग लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के कारण प्रतियोगिता भी लगातार बढ़ रही है। निष्कर्ष NEET-UG 2026 री-एग्जाम के बाद Answer Key, Result और Counselling प्रक्रिया शिक्षा जगत का सबसे बड़ा विषय बन चुकी है। लाखों छात्र अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की तैयारी में जुटे हैं। आने वाले दिनों में NTA और काउंसलिंग प्राधिकरणों की घोषणाएं छात्रों के भविष्य की दिशा तय करेंगी। स्रोत: National Testing Agency (NTA) मूल रिपोर्ट:https://neet.nta.nic.in जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में 12 साल की सबसे कम जून बारिश, झीलों का जलस्तर घटने से जल संकट गहराया, BMC कर सकती है पानी कटौती

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) पर इस साल पानी का बड़ा संकट मंडराता हुआ नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय नगर निकाय के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में इस साल जून के महीने में पिछले 12 वर्षों की सबसे कम बारिश (Lowest June Rainfall) दर्ज की गई है। जून आधा बीत जाने के बाद भी मानसून की इस बेरुखी ने न केवल उमस और गर्मी बढ़ा दी है, बल्कि शहर के सामने गंभीर जल संकट (Water Crisis) खड़ा कर दिया है। मुंबई और इसके आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में बारिश न होने के कारण शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों प्रमुख झीलों का कुल जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है। स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पूरे मुंबई महानगर में 10% से 15% तक पानी की कटौती लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। झीलों में बचा है सिर्फ कुछ दिनों का पानी मुंबई को रोजाना लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों (अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी) की स्थिति इस समय काफी नाजुक है। पिछले 5 वर्षों में जून की बारिश का हाल (सांताक्रुज वेदर स्टेशन के अनुसार) वर्ष 1 से 18 जून तक हुई कुल बारिश (mm) स्थिति 2026 68.4 mm 🚨 12 साल में सबसे कम 2025 185.2 mm सामान्य से कम 2024 310.5 mm सामान्य 2023 245.0 mm सामान्य 2022 412.1 mm भारी बारिश मौसम विभाग (IMD) का क्या है कहना? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल मानसून ने मुंबई में अपने तय समय पर दस्तक तो दी थी, लेकिन उसके तुरंत बाद ‘अल नीनो’ (El Niño) के बचे हुए प्रभाव और अरब सागर में बने एक कमजोर मौसमी सिस्टम के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। राहत की उम्मीद: हालांकि, आईएमडी मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक ने आश्वासन दिया है कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर कोंकण तट और मुंबई के इलाकों में मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो रही हैं। 20 जून के बाद शहर और झीलों वाले इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे जलस्तर में सुधार हो सकता है। बीएमसी की मुंबईकरों से अपील: “पानी की हर बूंद बचाएं” जल संकट के इस गंभीर दौर को देखते हुए बीएमसी कमिश्नर ने मुंबई के नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से पानी का बेहद किफायती इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रशासन ने साफ किया है कि गाड़ियों को धोने, सोसायटियों के लॉन में पानी डालने और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पीने के पानी की बर्बादी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा। Source: Hindustan Times Original report: Hindustan Times – Mumbai faces water crisis as June rain hits 12 year low lakes touch critical level Publication: jairashtranews

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‘Drishyam 3’ आज OTT पर रिलीज, थिएटर्स में ₹330 करोड़ पीटने के बाद प्राइम वीडियो पर जॉर्जकुट्टी का धमाका, फैंस में भारी उत्साह

मनोरंजन डेस्क: सस्पेंस, थ्रिलर और सस्पेंस प्रेमियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे सफल और लोकप्रिय सस्पेंस फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण चैप्टर यानी ‘दृश्यम 3’ (Drishyam 3) आज से ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गया है। सुपरस्टार मोहनलाल (Mohanlal) और निर्देशक जीथू जोसेफ (Jeethu Joseph) की इस जोड़ी ने सिनेमाघरों के बाद अब डिजिटल दुनिया में भी तहलका मचाने के लिए दस्तक दे दी है। थिएटर्स में रिलीज होने के महज एक महीने के भीतर इस ब्लॉकबस्टर फिल्म को अमेज़न प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर स्ट्रीम कर दिया गया है। फिल्म अपनी मूल भाषा मलयालम के साथ-साथ हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में भी डबिंग के साथ उपलब्ध है। बॉक्स ऑफिस पर तोड़े सारे रिकॉर्ड, कमाए ₹330 करोड़ बता दें कि ‘दृश्यम 3’ सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लेकर आई थी। फिल्म ने रिलीज के महज 30 दिनों के भीतर दुनिया भर में 330 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक ग्रॉस कलेक्शन किया, जिसने इसे साल की सबसे कमाऊ मलयालम फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया है। इस सफलता पर आभार जताते हुए मोहनलाल ने सोशल मीडिया पर लिखा: “केरल की एक छोटी सी कहानी ने भाषाओं, सरहदों और करोड़ों दिलों में अपनी जगह बनाई। 13 साल और 3 चैप्टर्स के बाद भी यह सफर इतिहास रच रहा है। इस कहानी को अपना बनाने के लिए दुनिया भर के दर्शकों का धन्यवाद।” क्या है इस बार की कहानी? (बिना स्पॉइलर के) ‘दृश्यम 2’ के अंत में जहां दर्शकों को लगा था कि जॉर्जकुट्टी ने अपने परिवार को हमेशा के लिए सुरक्षित कर लिया है और अपनी कहानी पर एक फिल्म भी बना ली है, ‘दृश्यम 3’ की कहानी वहीं से नया मोड़ लेती है: क्यों खास है ‘दृश्यम 3’? निर्देशक जीथू जोसेफ ने बताया कि इस बार उनका ध्यान सिर्फ सस्पेंस और ट्विस्ट पर नहीं था, बल्कि वे जॉर्जकुट्टी के दिमाग की गहराइयों में उतरना चाहते थे। लगातार डर, संशय और पुलिस के खौफ के साए में जीने के कारण एक पिता और उसके परिवार पर क्या मनोवैज्ञानिक असर (Psychological Toll) पड़ता है, इसे फिल्म में बेहद भावुक और संजीदा तरीके से दिखाया गया है। फिल्म में मीना (Rani), अंसिबा हसन (Anju), एस्तेर अनिल (Anu) और सिद्दीकी ने एक बार फिर अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों को बांध रखा है। यदि आप भी वीकेंड से पहले किसी बेहतरीन क्राइम-थ्रिलर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो प्राइम वीडियो पर ‘दृश्यम 3’ आपके लिए बेस्ट चॉइस है। Source: The Times of India Original report: The Times of India – ‘Drishyam 3’ OTT release: Mohanlal and Jeethu Joseph’s thriller starts streaming Publication: jairashtranews

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QS World University Rankings 2027 में IIT Delhi बना भारत का शीर्ष संस्थान, वैश्विक स्तर पर लगाई लंबी छलांग

नई दिल्ली: भारतीय उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027’ (QS World University Rankings 2027) की घोषणा हो गई है, जिसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए भारत में पहला स्थान हासिल किया है। आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक सूची में 5 पायदान की छलांग लगाते हुए 118वां स्थान हासिल किया है। यह न केवल संस्थान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, बल्कि क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग के इतिहास में किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल की गई अब तक की सबसे ऊंची रैंक की बराबरी है। भारत का अब तक का सबसे दमदार प्रदर्शन, 52 संस्थान शामिल इस साल की रैंकिंग भारत के लिए ऐतिहासिक रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लागू होने के बाद से यह भारत का सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। भारत के टॉप 5 शिक्षण संस्थान और उनकी वैश्विक रैंक भारतीय संस्थान वैश्विक रैंक 2027 स्थिति (पिछले वर्ष के मुकाबले) IIT Delhi 118 ⬆️ 5 पायदान का सुधार (पहले 123) IIT Bombay 134 ⬇️ 5 पायदान की गिरावट (पहले 129) IIT Madras 170 ⬆️ 10 पायदान का सुधार (पहले 180) IIT Kharagpur 205 ⬆️ बड़ा सुधार IISc Bengaluru 221 📊 शीर्ष अनुसंधान संस्थान किन पैमानों पर IIT Delhi ने मारी बाजी? क्यूएस रैंकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी दिल्ली के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े संकेतक (Indicators) रहे हैं: “रैंकिंग एक परिणाम है, उद्देश्य नहीं” आईआईटी दिल्ली के रैंकिंग सेल के प्रमुख और डीन प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा: “आईआईटी दिल्ली दुनिया भर के विद्वानों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बनने और किफायती तकनीकी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा नया पाठ्यक्रम और बेहतर बुनियादी ढांचा आने वाले वर्षों में हमारे प्रभाव को और बढ़ाएगा। हम रैंकिंग को एक परिणाम के रूप में देखते हैं, उद्देश्य के रूप में नहीं। अगर हम सही कारणों के लिए सही काम करेंगे, तो रैंकिंग स्वाभाविक रूप से मिलेगी।” गैर-आईआईटी (Non-IIT) और निजी विश्वविद्यालयों का भी जलवा इस बार की खास बात यह रही कि भारत की इस सफलता में केवल आईआईटी ही नहीं, बल्कि निजी और राज्य विश्वविद्यालय भी आगे रहे। वेलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) ने रिकॉर्ड 94 पायदान का सुधार करते हुए 597वीं रैंक हासिल की। वहीं बिट्स पिलानी (BITS Pilani) 93 पायदान चढ़कर 575वें और शूलिनी यूनिवर्सिटी 51 पायदान के सुधार के साथ 452वें स्थान पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर बात करें तो अमेरिका का मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) लगातार 15वें साल दुनिया का नंबर-1 विश्वविद्यालय बना हुआ है, जबकि इंपीरियल कॉलेज लंदन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। Source: Times of India Original report: Times of India – IIT Delhi becomes India’s top-ranked institution in QS World University Rankings 2027 Publication: jairashtranews

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