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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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ICU में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट का आरोप, BHU Medical Board ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वाराणसी, 8 सितंबर 2026: Banaras Hindu University (BHU) के Sir Sunderlal Hospital में भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री सम्मानित और Professor Emeritus डॉ. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट का मामला चर्चा में है। परिवार की ओर से भेजी गई शिकायत में अस्पताल के एक डॉक्टर पर डॉ. लहरी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया गया था। हालांकि BHU द्वारा गठित Medical Board ने अपनी जांच के बाद इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। 29 अगस्त की घटना का लगाया गया था आरोप शिकायत में दावा किया गया था कि 29 अगस्त को Sir Sunderlal Hospital के super-speciality block में इलाज के दौरान डॉ. लहरी के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार हुआ। बाद में उनकी आंख में blood clot और चेहरे पर निशान वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। 1 सितंबर को परिवार ने भेजी शिकायत डॉ. लहरी के परिवार की ओर से BHU Vice-Chancellor, IMS-BHU Director और Medical Superintendent सहित अधिकारियों को email के जरिए शिकायत भेजी गई। इसमें घटना की निष्पक्ष जांच, medical examination और डॉ. लहरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। BHU ने गठित किया Medical Board शिकायत मिलने के बाद BHU प्रशासन ने मामले की जांच के लिए specialists का Medical Board गठित किया। इसमें cardiology, general medicine, psychiatry, geriatrics, neurology, critical care और chest diseases से जुड़े विशेषज्ञ शामिल किए गए। Board ने डॉ. लहरी की health condition और उपलब्ध medical evidence की जांच की। जांच के बाद Sir Sunderlal Hospital के Medical Superintendent ने assault या misconduct के आरोपों को baseless बताया। डॉ. लहरी ने भी घटना से किया इनकार मामले में सबसे महत्वपूर्ण नया अपडेट यह है कि Uttar Pradesh के मंत्री Ravindra Jaiswal जब डॉ. लहरी से मिलने अस्पताल पहुंचे, तो बातचीत के दौरान डॉ. लहरी ने कथित तौर पर कहा कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इसके बाद मामला और जटिल हो गया, क्योंकि परिवार की शिकायत और वायरल तस्वीरों में लगाए गए आरोप तथा डॉ. लहरी के बयान में अंतर सामने आया है। निष्पक्ष जांच के लिए Joint Team का निर्देश Ravindra Jaiswal ने BHU officials के साथ district administration और police representatives को शामिल करते हुए एक joint investigation team बनाने का निर्देश दिया है, ताकि आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके। परिवार ने जताया BHU की देखभाल पर संतोष सोमवार को डॉ. लहरी की उनकी बहन और परिवार से video call पर बातचीत भी कराई गई। इसके बाद परिवार की ओर से भेजे गए नए email में BHU administration द्वारा उनकी देखभाल पर संतोष जताया गया। हालांकि परिवार ने साथ ही मांग की कि पूरे घटनाक्रम की impartial inquiry, नियमित health updates और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की तत्काल जानकारी परिवार को दी जाए। जनवरी से अस्पताल में भर्ती हैं डॉ. लहरी डॉ. टीके लहरी को 27 जनवरी 2026 को chest-related health problems के बाद Sir Sunderlal Hospital में भर्ती कराया गया था। वह लंबे समय से अस्पताल में treatment और medical supervision में हैं। कौन हैं डॉ. टीके लहरी? डॉ. टीके लहरी BHU के Institute of Medical Sciences से जुड़े वरिष्ठ cardiothoracic surgeon और Professor Emeritus हैं। वह 2003 में retire हुए थे, लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक मरीजों को मुफ्त medical consultation देते रहे। चिकित्सा और समाज सेवा में योगदान के लिए उन्हें 2016 में Padma Shri से सम्मानित किया गया था। मामले की अंतिम तस्वीर अभी बाकी फिलहाल BHU Medical Board ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है और डॉ. लहरी ने भी किसी अप्रिय घटना से इनकार किया है। दूसरी ओर परिवार ने वायरल तस्वीरों और अपनी शुरुआती शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच जारी रखने की मांग की है। ऐसे में allegations की अंतिम स्थिति joint inquiry और आगे उपलब्ध होने वाले evidence के बाद ही स्पष्ट होगी। source – Times of India / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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Tamil Nadu Alliance पर Congress की Red Line—Rahul Gandhi ही PM Face, Vijay को लेकर अटकलों के बीच बड़ा बयान

चेन्नई, 7 सितंबर 2026: Tamil Nadu की सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीति में 2029 के Prime Minister face को लेकर नई बहस तेज हो गई है। Congress ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले Lok Sabha चुनाव में Rahul Gandhi ही पार्टी और विपक्षी नेतृत्व का प्रमुख चेहरा होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के कुछ नेता मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं। K.C. Venugopal ने साफ किया Congress का रुख Congress General Secretary K.C. Venugopal ने कहा कि Rahul Gandhi 2029 में INDIA bloc का नेतृत्व करेंगे। Vijay को PM candidate के रूप में पेश किए जाने से जुड़ी चर्चाओं को उन्होंने Congress के आधिकारिक रुख से अलग बताया। Manickam Tagore ने भी दोहराई Rahul Gandhi की दावेदारी Tamil Nadu Congress President Manickam Tagore ने भी कहा कि Rahul Gandhi ही Congress के Prime Ministerial candidate हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर alliance arrangements और national leadership के सवाल को आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए। TVK में उठ रही ‘Vijay for PM’ की मांग TVK के कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने Vijay को 2029 के लिए संभावित PM candidate के रूप में project करना शुरू किया है। इसी वजह से Congress और TVK के बीच national leadership को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हुई है। हालांकि Vijay की ओर से इस पर कोई formal PM candidature announcement नहीं की गई है। 9 सितंबर की Alliance Meeting अहम Vijay ने 9 सितंबर को alliance partners की बैठक बुलाई है। इस meeting में गठबंधन के formal नाम और Common Minimum Programme पर चर्चा होने की उम्मीद है। Congress ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। Left Parties ने बनाई दूरी Reports के मुताबिक CPI और CPI(M) ने इस बैठक में शामिल होने को लेकर दूरी बनाई है। इससे alliance के अंदर आगे की राजनीतिक दिशा और 2029 की national strategy पर नए सवाल खड़े हुए हैं। Congress के लिए Rahul Gandhi पर कोई समझौता नहीं Congress का संदेश साफ है कि Tamil Nadu में Vijay के साथ सत्ता साझेदारी होने के बावजूद national level पर party Rahul Gandhi की leadership से पीछे नहीं हटेगी। इसी वजह से इसे Congress की political “red line” के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल Alliance टूटने के संकेत नहीं मतभेद के बावजूद फिलहाल Congress ने TVK-led सरकार या alliance से अलग होने का कोई संकेत नहीं दिया है। दोनों पक्ष 9 सितंबर की meeting से पहले बातचीत जारी रखे हुए हैं। इसलिए मौजूदा विवाद को alliance breakdown की बजाय leadership positioning के रूप में देखना ज्यादा सही होगा। source – The Indian Express / Economic Timesजय राष्ट्र न्यूज़

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Iran का बड़ा ऐलान—Gulf में जल्द बनेगा नया Restricted Zone, Strait of Hormuz के लिए जारी होगा नया नक्शा

तेहरान, 7 सितंबर 2026: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच Tehran ने Persian Gulf में नया restricted maritime zone बनाने का ऐलान किया है। Iran के Supreme National Security Council के प्रमुख Mohsen Rezaei ने कहा कि आने वाले दिनों में इस zone की औपचारिक घोषणा की जाएगी और Strait of Hormuz से गुजरने वाले नए international shipping corridor का नक्शा भी सार्वजनिक किया जाएगा। Strait of Hormuz के पास बनेगा Restricted Zone Iran के मुताबिक नया restricted area उस क्षेत्र से जुड़ा होगा जहां अमेरिकी naval blockade शुरू होता है। Rezaei ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले vessels को Iranian sanctions का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि zone की exact geographical boundaries अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं। नए Shipping Corridor का Map होगा जारी Tehran ने यह भी कहा है कि Strait of Hormuz से international commercial shipping के लिए एक नया corridor तैयार किया जाएगा और उसका official map आने वाले दिनों में जारी होगा। Iran का दावा है कि इस shipping corridor के management को लेकर Oman के साथ भी coordination हुआ है। US के साथ तनाव के बीच आया फैसला यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब Gulf और Strait of Hormuz में US-Iran tensions फिर तेजी से बढ़ गए हैं। हालिया confrontation में अमेरिकी forces ने Iranian oil tankers को निशाना बनाया, जबकि Iran के Revolutionary Guards ने भी जवाबी maritime और missile actions किए। Iran ने US के सामने रखी शर्त Iranian officials का कहना है कि Strait of Hormuz में सामान्य access और shipping arrangements तभी स्थिर रह सकते हैं जब अमेरिका Tehran के खिलाफ military attacks और hostile actions बंद करे। Iran ने संकेत दिया है कि वह strategic waterway पर अपनी monitoring और control को और मजबूत करना चाहता है। Global Oil Supply के लिए बेहद अहम Strait of Hormuz Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy shipping routes में से एक है। बड़ी मात्रा में global crude oil और petroleum products इसी narrow waterway से गुजरते हैं। इसी कारण यहां किसी भी military escalation या shipping restriction का असर crude prices, freight costs और global energy supply पर तेजी से पड़ सकता है। Oil Prices में भी दिखा असर Iran के नए restricted zone के ऐलान और US-Iran maritime clashes के बीच international crude prices में तेजी देखी गई। Brent crude सोमवार को करीब सात सप्ताह के उच्च स्तर के पास पहुंच गया। अभी Final Map और Rules का इंतजार फिलहाल Iran ने नई maritime zone की पूरी सीमा, commercial vessels के लिए detailed rules या इसे लागू करने की exact date घोषित नहीं की है। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नए restrictions international commercial shipping को कितनी हद तक प्रभावित करेंगे। आने वाले दिनों में Tehran की ओर से जारी होने वाला map और navigation rules इस पूरे plan की असली तस्वीर साफ करेंगे। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

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Women’s Asia Cup Final में Mohsin Naqvi होंगे Chief Guest, Trophy Presentation को लेकर फिर बढ़ी चर्चा

दुबई, 7 सितंबर 2026: Women’s Asia Cup 2026 के final से पहले trophy presentation को लेकर चर्चा तेज हो गई है। Reports के मुताबिक Asian Cricket Council (ACC) President और Pakistan Cricket Board Chairman Mohsin Naqvi 13 सितंबर को Dubai में होने वाले tournament final की closing ceremony में chief guest के तौर पर मौजूद रह सकते हैं। 13 सितंबर को खेला जाएगा Final Women’s Asia Cup 2026 का final 13 सितंबर को Dubai में खेला जाएगा। Harmanpreet Kaur की कप्तानी वाली भारतीय टीम group stage में शानदार प्रदर्शन करते हुए semifinal में पहुंच चुकी है। भारत ने Thailand, Hong Kong और Pakistan के खिलाफ अपने तीनों group matches जीते और Group A में unbeaten रहते हुए knockout stage में जगह बनाई। India अभी Final में नहीं पहुंचा इस खबर में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि Team India ने अभी final के लिए qualification हासिल नहीं किया है। भारत को पहले 10 सितंबर को semifinal मुकाबला खेलना है। Final और संभावित trophy presentation का सवाल भारत के semifinal जीतने की स्थिति में ही सामने आएगा। Mohsin Naqvi की मौजूदगी से क्यों बढ़ी चर्चा? Mohsin Naqvi ACC President होने के साथ PCB Chairman और Pakistan के Interior Minister भी हैं। अगर India final में पहुंचकर Asia Cup जीतता है और Naqvi trophy presentation में शामिल होते हैं, तो पिछले साल जैसा विवाद दोबारा खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। 2025 Men’s Asia Cup में क्या हुआ था? पिछले साल Men’s Asia Cup final में India ने Pakistan को हराकर title जीता था, लेकिन Indian team ने Mohsin Naqvi के हाथों trophy स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद presentation ceremony लंबी देर तक रुकी रही और भारतीय खिलाड़ियों ने podium पर बिना trophy के जीत का जश्न मनाया। यही वजह है कि Women’s Asia Cup final से पहले एक बार फिर trophy presentation चर्चा का विषय बन गई है। BCCI ने अभी साफ नहीं किया अपना रुख फिलहाल BCCI या Indian women’s team की ओर से कोई official statement नहीं आया है कि अगर India tournament जीतता है और Naqvi presentation ceremony में trophy देने आते हैं, तो टीम का क्या रुख होगा। इसलिए अभी किसी नए “trophy refusal” को तय मानना सही नहीं होगा। Pakistan को बड़े अंतर से हरा चुका है India इस tournament के group stage में India और Pakistan पहले ही आमने-सामने हो चुके हैं। India ने Pakistan को सिर्फ 55 runs पर all out करने के बाद लक्ष्य 8.4 overs में हासिल कर सात विकेट से बड़ी जीत दर्ज की थी। फिलहाल Focus Semifinal पर Trophy presentation को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन Team India का पहला लक्ष्य semifinal जीतकर final में जगह बनाना होगा। Mohsin Naqvi की संभावित मौजूदगी से जुड़ा ceremonial सवाल तभी वास्तविक रूप लेगा जब India 13 सितंबर के title clash में पहुंचे और जीत दर्ज करे। source – Times of India / Hindustan Times / India Todayजय राष्ट्र न्यूज़

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Private-Sector Push पर ISRO की सफाई—‘हमारी भूमिका कम नहीं होगी, यह Privatisation नहीं Ecosystem Expansion है’

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: भारत के space sector में private companies की बढ़ती भागीदारी को लेकर कर्मचारियों की चिंताओं के बीच Indian Space Research Organisation (ISRO) ने स्पष्ट किया है कि agency का निजीकरण करने या उसकी भूमिका कम करने की कोई योजना नहीं है। ISRO ने कहा कि space-sector reforms का उद्देश्य एक बड़ा और ज्यादा competitive national space ecosystem तैयार करना है, जिसमें private industry ISRO की capabilities को complement करेगी। ‘ISRO का न तो Privatisation होगा, न Importance कम होगी’ ISRO ने अपने official statement में कहा कि ऐसी अटकलें पूरी तरह गलत हैं कि agency को privatise किया जा रहा है या उसकी जिम्मेदारियां सीमित की जाएंगी। Agency ने स्पष्ट किया कि वह advanced space research, technology development, national और strategic missions, space science, exploration तथा critical frontier capabilities में भारत की प्रमुख संस्था बनी रहेगी। Private Sector का काम ISRO को Replace करना नहीं ISRO के मुताबिक private-sector participation का उद्देश्य उसकी भूमिका कम करना नहीं, बल्कि mature technologies को industry के जरिए बड़े पैमाने पर manufacture और commercialise करना है। इससे ISRO के वैज्ञानिक और technical teams को next-generation technologies, advanced research और complex national missions पर ज्यादा ध्यान देने का अवसर मिलेगा। ‘Ecosystem Expansion and Capability Multiplication’ ISRO ने साफ कहा कि reforms को privatisation नहीं, बल्कि ecosystem expansion और capability multiplication के रूप में देखा जाना चाहिए। 2020 से शुरू हुए space-sector reforms और Indian Space Policy 2023 के तहत startups, private industry और academia को launch vehicles, satellites, propulsion, communication और space applications जैसे क्षेत्रों में ज्यादा भागीदारी दी जा रही है। कर्मचारियों के Letter के बाद आई सफाई यह clarification तब आया जब ISRO के विभिन्न centres से जुड़े नौ employee associations ने Chairman V. Narayanan को पत्र लिखकर private-sector shift पर written clarity मांगी थी। कर्मचारियों ने सवाल उठाया था कि अगर rockets और satellites की mature manufacturing private industry को transfer होती है, तो भविष्य में ISRO की core role, recruitment और workforce पर क्या असर पड़ेगा। IN-SPACe Chief ने भी दिया भरोसा IN-SPACe Chairman Pawan Goenka ने भी कर्मचारियों की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ISRO भारत के space sector का “bedrock” बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ISRO frontier research, next-generation missions, strategic capabilities और advanced technology development में central role निभाता रहेगा, जबकि private industry mature systems की manufacturing और scaling में बड़ी भूमिका निभाएगी। 2030 तक 50 Launches सालाना का लक्ष्य Pawan Goenka के मुताबिक भारत का लक्ष्य 2030 तक सालाना 50 space launches करने का है। इतने बड़े scale को सिर्फ एक organisation के जरिए हासिल करना मुश्किल होगा, इसलिए government agencies और private companies दोनों को मिलकर काम करना होगा। Gaganyaan और Bharatiya Antariksh Station पर रहेगा ISRO का Focus ISRO का कहना है कि उसका focus आने वाले वर्षों में human spaceflight, next-generation launch systems, deep-space और planetary missions जैसी advanced capabilities पर और मजबूत होगा। इनमें Gaganyaan, 2035 तक प्रस्तावित Bharatiya Antariksh Station, 2040 तक Indian crewed Moon mission और sustained lunar तथा planetary exploration जैसे बड़े programmes शामिल हैं। Critical Space Infrastructure सरकार के Control में रहेगा ISRO ने यह भी स्पष्ट किया कि strategic और nationally critical space infrastructure का ownership और control सरकार के पास ही रहेगा। Private companies को जहां उपयुक्त होगा वहां operations और services में भागीदारी दी जाएगी, लेकिन national security और safety requirements लागू रहेंगी। 450 से ज्यादा Space Startups ISRO के मुताबिक 2020 में भारत में केवल कुछ ही space startups थे, लेकिन अब इनकी संख्या 450 से ज्यादा हो चुकी है। ये कंपनियां launch vehicles, satellites, propulsion, Earth observation और communication जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। ISRO का संदेश साफ है कि आने वाले वर्षों में private sector की भूमिका बढ़ेगी, लेकिन इसका मतलब agency को छोटा करना नहीं है। नई व्यवस्था में ISRO advanced science और frontier missions को lead करेगा, जबकि industry mature technologies को बड़े scale पर आगे बढ़ाएगी। source – ISRO / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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Hospitals में Syringes के भारी Margins पर Maharashtra FDA सख्त, 747% तक का अंतर मिला; Price Control का Proposal

मुंबई, 7 सितंबर 2026: महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने hospitals में इस्तेमाल होने वाली syringes, IV sets, nebuliser masks और दूसरे medical consumables की कीमतों में भारी अंतर को लेकर चिंता जताई है। FDA Commissioner Tukaram Mundhe ने बताया कि विभाग की जांच में कई products की hospital purchase price और Maximum Retail Price (MRP) के बीच सैकड़ों से लेकर हजारों प्रतिशत तक का अंतर मिला है। ₹6.75 की Syringe, MRP ₹57.20 FDA की study में 10 ml Lifelong Meditech syringe की purchase price ₹6.75 पाई गई, जबकि उस पर MRP ₹57.20 दर्ज थी। यानी purchase price और MRP के बीच करीब 747% का अंतर था। IV Set में 2,841% तक Margin एक Medifusion IV set की खरीद कीमत ₹11.05 बताई गई, जबकि उसका MRP ₹325 था। FDA Commissioner के मुताबिक यह करीब 2,841% का margin बनता है। इसी तरह एक autofusion set की purchase price ₹70 और MRP ₹393 मिली, जो लगभग 461% का अंतर है। Oxygen और Nebuliser Masks में भी बड़ा अंतर जांच में nebuliser और oxygen masks की purchase price करीब ₹40–₹45 पाई गई, जबकि उनकी MRP ₹650 से ₹715 तक थी। इस हिसाब से price gap लगभग 1,300% से 1,600% तक पहुंच रहा था। NPPA को भेजा Price Regulation Proposal Maharashtra FDA ने इस समस्या को लेकर National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) को policy proposal भेजा है। FDA चाहता है कि hospitals में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख devices और consumables को Drug Price Control Order, 2013 की Section 4 के तहत price regulation के दायरे में लाया जाए। Affordable Healthcare पर FDA का जोर Tukaram Mundhe ने कहा कि medicines और medical consumables की affordability public health का बड़ा मुद्दा है। उनके मुताबिक कई essential products ऐसे हैं जिन पर केवल MRP declaration की requirement है, लेकिन effective price control नहीं है। इससे patient और hospital के बीच information asymmetry पैदा होती है। Pharma Sector में पहले से तेज कार्रवाई FDA ने पिछले तीन महीनों में pharmaceutical manufacturers, blood centres, storage facilities और laboratories की 2,485 inspections की हैं। इनमें 230 establishments के licences suspend और 38 licences cancel किए गए। इसके अलावा medical shops और pharmacies की 11,780 inspections हुईं, जिनमें 2,075 licences suspend और 394 cancel किए गए। अभी Final Price Cap नहीं Patients के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि syringes या दूसरे hospital consumables पर अभी कोई नया final price cap लागू नहीं हुआ है। FDA ने फिलहाल NPPA के सामने regulatory proposal रखा है। आगे price control लागू होगा या नहीं, इसका फैसला केंद्रीय pricing authority की प्रक्रिया के बाद होगा। source – The Indian Express / Maharashtra FDAजय राष्ट्र न्यूज़

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22 साल बाद Shaurya Chakra लौटाने को तैयार शहीद की मां, सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप

लखनऊ, 7 सितंबर 2026: मणिपुर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए Shaurya Chakra विजेता पूर्व Assistant Commandant Vivek Saxena की 80 वर्षीय मां सावित्री सक्सेना ने बेटे को मिले पदक और सम्मान राशि सरकार को वापस करने की पेशकश की है। परिवार का आरोप है कि शहादत के 22 साल बाद भी जमीन और memorial park से जुड़े सरकारी आश्वासन पूरे नहीं हुए हैं। 2003 में मणिपुर में शहीद हुए थे Vivek Saxena विवेक सक्सेना 8 जनवरी 2003 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। उनकी वीरता के लिए उन्हें बाद में Shaurya Chakra और President’s Police Medal से सम्मानित किया गया। परिवार का दावा—जमीन और Memorial Park का था वादा विवेक के बड़े भाई रंजीत सक्सेना के मुताबिक शहादत के बाद सरकार ने परिवार को rural quota के तहत जमीन देने और विवेक की स्मृति में memorial park विकसित करने का आश्वासन दिया था। परिवार का कहना है कि दो दशक से ज्यादा समय बीतने के बावजूद ये वादे पूरे नहीं हुए। 2016 में शुरू हुई थी कार्रवाई परिवार के अनुसार 2016 में तत्कालीन Lucknow District Magistrate Raj Shekhar ने मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने संबंधित विभागों को आवेदन पर कार्रवाई करने और Additional District Magistrate को जांच कर जमीन आवंटन तथा memorial की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। Domicile को लेकर अटक गया मामला रंजीत सक्सेना का आरोप है कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया के दौरान परिवार से Uttar Pradesh का domicile साबित करने को कहा गया। परिवार ने जरूरी affidavit और documents जमा किए, लेकिन इसके बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। परिवार ने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार पहले उसी Lucknow address पर आर्थिक सहायता दे चुकी थी, तो बाद में domicile पर आपत्ति क्यों उठाई गई। Shaurya Chakra की सम्मान राशि के लिए भी लंबा इंतजार परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि Shaurya Chakra से जुड़ी monetary award राशि पाने के लिए उन्हें 2024 तक इंतजार करना पड़ा। रंजीत का कहना है कि file लंबे समय तक अलग-अलग सरकारी offices और desks के बीच घूमती रही। 80 वर्षीय मां बोलीं—अब दफ्तरों के चक्कर लगाने की ताकत नहीं सावित्री सक्सेना ने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में अब उनमें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की ताकत नहीं बची है। उन्होंने कहा कि यदि बेटे की शहादत के इतने वर्षों बाद भी परिवार को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़े, तो सरकार Shaurya Chakra, दूसरे medals और सम्मान राशि वापस ले सकती है। President और मुख्यमंत्री से मांगा मिलने का समय शहीद की मां ने अब President और Uttar Pradesh Chief Minister से मिलने का समय मांगा है। परिवार चाहता है कि लंबित जमीन और memorial से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय लिया जाए। SDM ने एक सप्ताह में समाधान के दिए निर्देश मामला grievance redressal programme में उठाए जाने के बाद Sub-Divisional Magistrate ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच करने और एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल परिवार की मांगों पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। source – India Today / ANIजय राष्ट्र न्यूज़

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Russia-Ukraine शांति प्रयासों में भारत की बड़ी भूमिका क्यों जरूरी—Moscow से Kyiv तक Diplomacy पर नई बहस

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: Russia-Ukraine war को खत्म करने की नई diplomatic कोशिशों के बीच भारत की संभावित भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री Narendra Modi की Vladimir Putin से बातचीत, विदेश मंत्री S. Jaishankar की Kyiv यात्रा और Moscow तथा Kyiv दोनों के साथ लगातार संपर्क ने यह सवाल फिर सामने ला दिया है कि क्या भारत दोनों पक्षों के बीच meaningful dialogue आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। Moscow और Kyiv दोनों तक भारत की सीधी पहुंच भारत की सबसे बड़ी diplomatic strength यह है कि उसके Russia और Ukraine दोनों के साथ working relations बने हुए हैं। Jaishankar ने हाल में स्पष्ट कहा कि भारत दोनों पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है और ऐसे ideas तलाश रहा है जो conflict को कम करने या अंततः समाप्त करने में मदद कर सकें। Kyiv में उन्होंने President Volodymyr Zelenskyy से मुलाकात कर भारत की ओर से किसी भी उपयोगी भूमिका के लिए तैयार रहने की बात भी कही। Modi ने Putin से कहा—युद्ध को खत्म करने की दिशा में बढ़ना होगा 31 अगस्त को Bishkek में SCO summit के दौरान PM Narendra Modi ने Russian President Vladimir Putin से कहा कि लगातार युद्ध मानवता को पीछे ले जाता है और दुनिया को hostilities खत्म करने की दिशा में बढ़ना चाहिए। Modi ने यह भी दोहराया कि भारत हर credible peace effort का समर्थन करेगा। US ने भी फिर तेज की Peace Diplomacy इस समय भारत अकेला देश नहीं है जो diplomatic रास्ता तलाश रहा है। अमेरिकी envoys Steve Witkoff और Jared Kushner ने Moscow में Putin से बातचीत करने के बाद Kyiv जाकर Zelenskyy से मुलाकात की है। US negotiators ने जल्द नई trilateral talks की उम्मीद जताई है, हालांकि अभी तक कोई निर्णायक breakthrough नहीं हुआ है। ऐसे में भारत क्यों हो सकता है अहम? भारत पश्चिमी देशों की तरह Ukraine का military ally नहीं है और Russia के खिलाफ sanctions regime का हिस्सा भी नहीं है। साथ ही New Delhi ने Ukraine की territorial integrity और dialogue-diplomacy की जरूरत पर लगातार जोर दिया है। इसी strategic balance के कारण भारत उन चुनिंदा बड़े देशों में है जो Moscow और Kyiv—दोनों से उच्च स्तर पर बातचीत कर सकता है। सिर्फ Ceasefire नहीं, Confidence-Building Measures भी जरूरी तत्काल comprehensive peace agreement मुश्किल हो सकता है क्योंकि Russia और Ukraine के बीच territory, Donbas और security guarantees जैसे मूल मुद्दों पर अभी बड़ा अंतर है। ऐसे में शुरुआती कदम के तौर पर civilian infrastructure, energy facilities और Black Sea commercial shipping को हमलों से बचाने जैसे confidence-building measures आगे बढ़ाए जा सकते हैं। आज के Indian Express editorial ने भी भारत से ऐसे practical measures के लिए अधिक सक्रिय प्रयास करने की वकालत की है। आगामी BRICS Summit बन सकता है बड़ा मंच भारत के सामने आगामी BRICS summit भी एक diplomatic opportunity हो सकता है। Russia के President Vladimir Putin और China के President Xi Jinping के summit में शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में New Delhi ceasefire और confidence-building measures पर broader international consensus तैयार करने की कोशिश कर सकता है। भारत के सामने चुनौतियां भी कम नहीं भारत की भूमिका आसान नहीं होगी। Russia और Ukraine अभी भी कई core issues पर दूर हैं। Russia अपनी शर्तों पर settlement चाहता है, जबकि Kyiv territory और security guarantees को लेकर समझौता करने को तैयार नहीं दिखता। दूसरी ओर भारत की Russian oil purchases और Moscow के साथ पुराने strategic संबंधों को लेकर पश्चिम और Ukraine में समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। Mediator नहीं, Facilitator की भूमिका ज्यादा व्यावहारिक फिलहाल भारत को औपचारिक mediator कहना जल्दबाजी होगी। न Russia और न Ukraine ने भारत को formal mediator नियुक्त किया है। लेकिन दोनों से संवाद बनाए रखने वाला एक facilitator बनकर New Delhi proposals, back-channel communication और confidence-building initiatives को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकता है। यह भूमिका भारत की मौजूदा diplomatic position के ज्यादा करीब है। युद्ध जितना लंबा, दुनिया पर उतना ज्यादा असर Russia-Ukraine conflict अब पांचवें वर्ष में है। इसका असर केवल battlefield तक सीमित नहीं है; food, fuel, fertiliser और global supply chains पर भी इसका दबाव पड़ा है। Jaishankar ने हाल में कहा कि ऐसे युद्धों में कोई वास्तविक विजेता नहीं होता और हर अतिरिक्त दिन अधिक मौत, तबाही और आर्थिक नुकसान लेकर आता है। भारत के लिए यही वह समय है जब Moscow और Kyiv दोनों तक अपनी diplomatic access का उपयोग केवल संदेश पहुंचाने के बजाय ठोस confidence-building proposals आगे बढ़ाने में किया जा सकता है। हालांकि अंतिम peace settlement रूस और यूक्रेन को ही स्वीकार करना होगा, New Delhi बातचीत की राह आसान करने वाले देशों में महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है। source – The Indian Express / Reutersजय राष्ट्र न्यूज़

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