Iran nuclear strikes

Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes: ईरान के न्यूक्लियर साइट्स तबाह करने के बाद इस वजह से ट्रंप ने दिए खामेनेई को सत्ता से बेदखल करने के संकेत 

13 जून से ईरान-इजरायल के बीच जारी युद्ध है की थमने के नाम ही नहीं ले रहा है। तेहरान को न्यूक्लियर वेपन हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया था। अक्टूबर 2023 से गाजा में इजरायल के लंबे युद्ध के बाद पहले से ही चरम पर है ऊपर से ईरान और इजरायल युद्ध ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। इस दरम्यान दोनों के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका की भी इंट्री हो गई। सरेंडर करने की हिदायत को अनदेखा करने के बाद अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर बी 2 बॉम्बर के जरिए अटैक किया। दरअसल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केन्द्रों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर यह हमला किया। इस अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की तारीफ की। ध्यान देने वाली बात यह कि इस हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना को अमेरिका के साथ काम करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर भी बड़ा चौंकाने वाला बयान दिया (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) है। बयान के मुताबिक उन्होंने खामेनेई को सत्ता से बाहर करने का स्पष्ट संकेत दिया है।  ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा शासन परिवर्तन? रविवार को ईरान की परमाणु साइट्स पर अमेरिका के बड़े पैमाने पर सटीक हमलों के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने  इस्लामी गणराज्य में शासन परिवर्तन की संभावना का न सिर्फ संकेत दिया बल्कि देश की मौजूदा नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाया। दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किये एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, शासन परिवर्तन शब्द का उपयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा? MIGA (मेक ईरान ग्रेट अगेन) यही नहीं, अपने एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, ईरान में परमाणु स्थलों को हुआ नुकसान बड़ा है। हमले कठोर और सटीक थे। हमारी सेना ने शानदार कौशल दिखाया। ट्रंप ने कहा, महान बी-2 पायलट अभी-अभी मिसौरी में सुरक्षित रूप से उतरे हैं। बेहतरीन काम के लिए धन्यवाद! डोनाल्ड जे. ट्रंप, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति। बड़ी बात यह कि ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा ऑपरेशन मिडनाइट हैमर शुरू करने के एक दिन बाद आई है।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) थे स्पष्ट आदेश- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ इसके अलावा रविवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान में अमेरिका द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन की सफलता की (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) पुष्टि की। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी सैनिकों या नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। बता दें कि संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ एयर फोर्स के अध्यक्ष जनरल डैन कैन के साथ मीडिया से रूबरू होते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फ़हान और नतांज में सफलतापूर्वक सटीक हमले किए हैं। पिछली रात, राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों- फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने या उसे गंभीर रूप से सीमित करने के लिए आधी रात को सटीक हमला किया। यह एक अविश्वसनीय और जबरदस्त सफलता थी। हेगसेथ ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के आदेश स्पष्ट थे। उन्होंने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नष्ट कर दिया। हमारे कमांडर-इन-चीफ से हमें जो आदेश मिला वह केंद्रित था, यह शक्तिशाली था, और स्पष्ट था। हमने ईरानी परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes #Trump #Khamenei #IranStrike #USIranTensions #NuclearSiteAttack #MiddleEastCrisis #BreakingNews

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solar eclipse 2025

Solar Eclipse: क्या भारत में भी दिखेगा 21 सितंबर को लगने वाला साल का दूसरा सूर्य ग्रहण?

साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) 21 सितंबर को लगने जा रहा है। इससे पहले इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को चैत्र अमावस्या के दिन पड़ा था, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं दिया था, इसलिए उस ग्रहण का सूतक काल भी प्रभावी नहीं था। अब जो आगामी सूर्य ग्रहण होगा, वह खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण तो है, लेकिन इसका भारतवासियों की धार्मिक और दैनिक गतिविधियों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं होगा। 21 सितंबर की रात लगभग 11 बजे यह सूर्य ग्रहण प्रारंभ होगा और 22 सितंबर की सुबह 4 बजे तक चलेगा। चूंकि यह ग्रहण पूरी तरह रात्रिकालीन होगा और भारत में कहीं से भी दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। भारतीय पंचांग और शास्त्रों के अनुसार, जब कोई ग्रहण किसी देश या स्थान पर दृश्य नहीं होता, तो उस ग्रहण का सूतक काल और धार्मिक प्रभाव उस स्थान पर मान्य नहीं माना जाता। सूतक काल, ग्रहण की शुरुआत से कुछ घंटे पहले का वह समय होता है जब धार्मिक कार्य, मंदिर में पूजा-पाठ, भोजन आदि पर कुछ रोक लगाई जाती है। लेकिन चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई धार्मिक प्रतिबंध या सावधानी आवश्यक नहीं मानी गई है। आम लोग अपने दैनिक कार्य बिना किसी व्यवधान के कर सकते हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी यह ग्रहण भारतवासियों के लिए विशेष प्रभाव नहीं रखता। ग्रहण का प्रभाव मुख्यतः उन क्षेत्रों पर पड़ता है जहां से वह प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। 21 सितंबर को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध के कुछ क्षेत्रों में, जैसे अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा। ऐसे में यह सूर्य ग्रहण भारत के धार्मिक और ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य में कोई विशेष महत्व नहीं रखता। फिर भी, खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से यह एक अहम खगोलीय घटना होगी, जिसे दुनिया के अन्य हिस्सों में वैज्ञानिक और शोधकर्ता अध्ययन हेतु महत्व देंगे। संक्षेप में, 21 सितंबर की रात लगने वाला यह सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) भारत में न तो दृश्य होगा, न ही इसका सूतक काल मान्य होगा और न ही यह किसी धार्मिक क्रिया पर प्रभाव डालेगा। अतः भारतवासी इस दिन अपने धार्मिक और पारंपरिक कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं। फिर भी अगर कोई व्यक्ति व्यक्तिगत आस्था या सतर्कता के चलते सामान्य सावधानियां रखना चाहता है, तो वह अपनी श्रद्धा अनुसार कर सकता है। कहां-कहां दिखाई देगा यह ग्रहण? यह सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, न्यूजीलैंड और प्रशांत एवं अटलांटिक महासागर के कुछ भागों में देखा जा सकेगा। विशेष रूप से अंटार्कटिका और न्यूजीलैंड के कुछ इलाकों में यह ग्रहण स्पष्ट रूप से दृश्य रहेगा। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय ग्रहण के समय इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान  Latest News in Hindi Today Hindi news Solar Eclipse #SolarEclipse2025 #SeptemberEclipse #EclipseInIndia #SkyEvents2025 #AstronomyNews

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Sleep Tourism: The New Trend in Restful Travel

Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest: स्‍लीप टूर‍िज्‍म, इसलिए ट्रैवल का यह नया ट्रेंड इन द‍िनों खूब क‍िया जा रहा है पसंद

अमूमन टूरिज्म का नाम सुनते ही मन में बैग पैक कर कहीं घूमने अथवा सैर-सपाटे का ही दृश्य नजर आता है। लेकिन स्लीप टूरिज्म में ऐसा नहीं है। स्लीप टूरिज्म यानी एक ऐसी ट्रिप्स या छुट्टियां जहां फोकस घूमने के बजाय अच्छी नींद पर होता है। आपको जानकर तज्जुब होगा कि अब लोग सिर्फ सोने के लिए सैर पर निकल रहे हैं। इस नए चलन को स्लीप टूरिज्म का नाम दिया गया है। इसमें नींद को सुधारने की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा मेडिकल जांच और इलाज या फिर ऐसे स्पा ट्रीटमेंट्स दिए जाते हैं जो नींद लाने में मदद करते (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में ये इंडस्ट्री लगभग 690 बिलियन डॉलर की हो चुकी है और तो और साल 2028 तक इसमें 400 बिलियन डॉलर की और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके पीछे की वजह यह कि अब लोग हेल्थ को सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज के रूप में ही नहीं देख रहे बल्कि वो नींद को भी अहमियत देने लगे हैं।   दुनिया भर में कई तरह के स्लीप-फोकस्ड ट्रिप्स मिल रहे (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं हालाँकि देखा यह भी गया है कि अब जब लोग जब छुट्टियों पर जाते हैं, तो वे काम से कोसों दूर रहते हैं और बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं। अधिकतर लोग परिवार के बाद नींद को प्राथमिकता देना चाहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि होटल्स भी इसीलिए नींद को लेकर नए-नए प्रोग्राम्स बना रहे हैं। इस नए ट्रेंड के तहत दुनिया भर में कई तरह के स्लीप-फोकस्ड ट्रिप्स मिल रहे (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं। स्पेन के कई वेलनेस क्लिनिक में तो मेडिकल स्लीप प्रोग्राम मिलता है। यहां डॉक्टर सबसे पहले आपकी नींद की जांच करते हैं। जैसे, बार-बार नींद खुलना या खर्राटे। इसके बाद फिर वो आपकी लाइफस्टाइल, डाइट और कुछ तकनीकों से नींद बेहतर करने की प्लानिंग करते हैं। यूके में 74% लोग नींद न आने की बीमारी से ग्रसित (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं  इस बात इंकार नहीं किया जा सकता कि नींद की कमी अब एक आम समस्या बन चुकी है। दुनिया भर में लोग नींद न आने की बीमारी से पीड़ित हैं। एक आकड़ें के मुताबिक तो यूके में 74% लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। यहाँ तक 5 से 7 % लोग तो नींद पूरी न होने के चलते थकान की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास जा रहे हैं। बेशक आज के युग में अच्छी नींद को अब एक लक्जरी माना जाने लगा है। ध्यान देने वाली बात यह कि लोग इसे पाने हेतु बड़ी कोशिश भी कर रहे (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं। कारण यही जो आजकल एक नया ट्रेंड काफी मशहूर हो रहा है। जिसे स्लीप टूरिज्म कहा जा रहा है। यह इस कदर मशहूर हो रहा है कि इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं जहाँ एक तरफ सोशल मीडिया पर लोकबाग सुबह योगा करते दिखते हैं, वहीं कई लोग अपनी नींद से जुड़ी रिपोर्ट्स भी शेयर कर रहे हैं। है न, हैरत वाली बात? नीदं से जुड़ी रिपोर्ट्स।   इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार  टेक्नोलॉजी से नींद को बेहतर बनाने की दिशा में भी (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हो रहा है प्रयास  गौरतलब हो कि स्लीप और ड्रीम एक्सपर्ट चार्ली मॉर्ली ने लंदन के किम्पटन होटल के साथ एक प्रोग्राम बनाया है। उनके इस प्रोग्राम में मेहमान वीआर हेडसेट लगाकर गाइडेड मेडिटेशन करते हैं। और इस दौरान खास हर्बल टी पीते हैं। बहुत मुमकिन है भविष्य में स्लीप टूरिज्म में स्मार्ट बेड्स, डेटा एनालिसिस और टेक्नोलॉजी से ये भी देखा जा सकेगा कि क्या तरीका आपके लिए सबसे असरदार (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) है। इसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि भले ही टेक्नोलॉजी नींद खराब करने का कारण बनती हो, लेकिन बड़ी बात यह कि उसी टेक्नोलॉजी से नींद को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास हो रहा है। ऐसे में यदि आप भरपूर नींद का मजा एक सुंदर नजारे को देखते हुए लेना चाहते हैं, तो भारत में ये जगह इसके ल‍िए बेस्‍ट मानी गई हैं। इसमें मनाली, ऋष‍िकेश, गोवा, कुर्ग और मैसूर हैं। जहाँ सुकून की नींद के मजे ले सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest #SleepTourism #WellnessTravel #TravelTrends2025 #RestfulVacations #Sleepcation #MindfulTravel #SleepRetreats

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BPSC Special Teacher Vacancy 2025

BPSC ने निकाली स्पेशल टीचर पोस्ट्स, 7279 पदों पर निकली भर्ती, जानें कैसे करें आवेदन

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी बीपीएससी (BPSC) एक स्टेट लेवल रिक्रूटमेंट एजेंसी है, जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम लेती है और बिहार में कई सरकारी पदों के लिए सही कैंडिडेट्स को चुनती है। बीपीएससी (BPSC) यह भी सुनिश्चित करती है कि यह परीक्षाएं पूरी पारदर्शित्ता और निष्पक्षता के साथ हों। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी की है। इसमें यह बताया गया है कि अध्यापकों की सात हजार से भी अधिक पोस्ट्स निकाली गई हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी आप को बीपीएससी (BPSC) की वेबसाइट पर मिल जाएगी। आइए जानें कि आप इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं? इसके साथ ही बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए, यह भी जानें? बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) जैसा की पहले ही बताया गया है कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) द्वारा स्पेशल टीचर (Special teacher) की नियुक्ति की जा रही है। जब भी इसकी रेजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू होगी, इच्छुक कैंडिडेट्स इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए कैंडिडेट्स की योग्यता के बारे में जानें: क्वालिफिकेशन इन पोस्ट्स के लिए कुल 7279 पदों पर स्पेशल टीचर्स (Special teacher) की भर्ती की जाएगी। इनमे से 5534 पोस्ट्स पहली से पांचवीं कक्षा के लिए हैं जबकि 1754 पोस्ट्स छठी से आठवीं कक्षा के लिए हैं। इन पदों के लिए सिलेक्शन रिटेन एग्जाम के आधार पर की जाएगी और इसमें इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। फीस  बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए भी आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। यह 2 जुलाई से शुरू होंगे और 28 जुलाई तक आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद यह प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। यह बात ध्यान में रखें कि आप इस डेट के बाद आवेदन नहीं कर सकते हैं। अगर बात करें फीस की तो स्पेशल टीचर (Special teacher) के लिए सामान्य और अनारक्षित श्रेणी के लोगों के लिए यह फीस 750 रुपये है जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं आदि को इसमें छूट दी गई है। उनके लिए यह फीस केवल 200 रुपये है।  इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? Latest News in Hindi Today Hindi news Teachers posts by BPSC #BPSC #TeacherRecruitment #BiharJobs #GovernmentJobs #BPSC2025 #EducationJobs

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wiper blade replacement

Car wiper and windshield: कार की विंडशील्ड और वाइपर की मानसून में मेंटेनेंस गाइड

भारत में मानसून का मौसम एक तरफ जहां राहत और हरियाली लेकर आता है, वहीं यह कार चालकों के लिए कुछ गंभीर चुनौतियाँ भी पैदा करता है। तेज़ बारिश, फिसलन भरी सड़कें और लो विजिबिलिटी के कारण कार ड्राइव करने वालों के सामने कई परेशानियां खड़े कर देती है। बारिश के मौसम में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं कार के वाइपर और विंडशील्ड (Car wiper and windshield) क्योंकि यही दो चीज़ें आपको बारिश के दौरान सामने साफ देखने में मदद करती है। अगर इनकी देखभाल समय रहते नहीं की गई, तो ये न केवल आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं बल्कि आपकी कार को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। भारत में मानसून का मौसम जून से सितंबर तक रहता है। खासतौर पर मुंबई, केरल, असम, उत्तराखंड और कोलकाता जैसे इलाकों में भारी बारिश होती है। ऐसे में ड्राइविंग के दौरान सामने ठीक से ना दिखना परेशानी पैदा करती है। इसीलिए विंडशील्ड का अच्छा  होना बेहद ज़रूरी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हर साल सड़कों पर बारिश की वजह से हजारों एक्सीडेंट दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से अधिकतर सामने साफ ना देखपाना और गाड़ी की ख़राब स्थिति की वजह से होते हैं। Car wiper and windshield: कार की विंडशील्ड और वाइपर से जुड़ी जरूरी बातें  साफ़ और स्क्रैच-फ्री विंडशील्ड  (Car wiper and windshield) इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? वाइपर की देखभाल  कुछ अतिरिक्त कार केयर टिप्स मानसून के लिए मानसून में कार की विंडशील्ड और वाइपर (Car wiper and windshield) का मेंटेनेंस कोई ऐच्छिक काम नहीं, बल्कि एक आवश्यक सुरक्षा कदम है। जैसे-जैसे भारतीय सड़कों पर बारिश तेज़ होती है, वैसे-वैसे इन दो भागों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। साफ़ विंडशील्ड और सही वाइपर न केवल आपको एक बेहतर दृश्य देते हैं, बल्कि आपके और आपके परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi  Car wiper and windshield #MonsoonCarCare #WiperMaintenance #WindshieldCare #RainySeasonTips #SafeDriving

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Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav

Bihar Assembly Election 2025: बदलते समीकरणों में 2025 के चुनाव में बिहार की जनता किसका देगी साथ?

बिहार, ऐतिहासिक दृष्टि से भारत की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहां की राजनीति में जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अस्मिता और विकास के मुद्दे हमेशा प्रभावी भूमिका निभाते रहे हैं। जैसे-जैसे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) नज़दीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों से चुनाव जीतने का मौका तलाश रहें हैं। राजनीतिक परिदृश्य मौजूदा समय में बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सत्ता में है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) एक बार फिर से NDA का चेहरा हैं, जो अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व में एकजुटता लाने की कोशिश हो रही है, जिसमें कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भी शामिल हो सकते हैं। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के प्रमुख मुद्दे 2025 के विधानसभा चुनाव में कई मुद्दे चर्चा में रहेंगे: विकास और बेरोजगारी- बिहार में शिक्षा और युवाओं की बेरोजगारी (Unemployment) लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। RJD जहां सरकार की बेरोजगारी नीति पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार यह दावा कर रही है कि नए उद्योगों और योजनाओं के ज़रिए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय- जातीय जनगणना (Caste Census) एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे RJD और अन्य विपक्षी दल जोरशोर से उठा रहे हैं। यह सवाल न केवल वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा है, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के पुनर्गठन की मांग भी जुड़ी हुई है। कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा- हाल के वर्षों में बढ़ते अपराध और महिला उत्पीड़न के मामले भी चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनने वाले हैं। माई समीकरण और नया जनाधार- RJD अपने पारंपरिक M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण को मजबूत करने में जुटी है, वहीं BJP ने महिला वोटर्स, अति पिछड़े वर्गों और दलितों पर ज़ोर देना शुरू कर दिया है। नए गठजोड़ और समीकरण- राजनीति में कोई स्थायी मित्र या दुश्मन नहीं होता। इसी सिद्धांत पर बिहार की राजनीति (Bihar Politics) आगे बढ़ती रही है। जहां एक ओर JDU और BJP के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी देखा गया है कि RJD और कांग्रेस के बीच तालमेल में कई बार दरार आती है। बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में यह देखना रोचक होगा कि क्या तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD एक प्रभावशाली विपक्ष खड़ा कर पाएगी या फिर नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) अपने शासन के अनुभव और विकास योजनाओं के दम पर एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बिहार में NDA की चुनावी रणनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की लोकप्रियता एक बड़ा फैक्टर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2025) में भी भाजपा ने बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसे वह विधानसभा में दोहराना चाहेगी। पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा बिहार को दी जा रही विकास परियोजनाएं, जैसे कि रेलवे, सड़कों और प्रधानमंत्री आवास योजना, लोगों के बीच में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा युवा और महिला मतदाता 2025 का चुनाव युवाओं और महिलाओं के रुझान पर बहुत हद तक निर्भर करेगा। युवा मतदाता शिक्षा, रोज़गार और टेक्नोलॉजी से जुड़ी नीतियों की ओर देख रहे हैं, जबकि महिला मतदाता सुरक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं में भागीदारी के आधार पर वोट कर सकती हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) महज सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मौका होगा। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि अब मतदाता केवल जाति और परंपरा के आधार पर वोट नहीं करते, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। आगामी चुनाव में किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) एक बार फिर देशभर के लिए चर्चा का केंद्र बनने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi  Chief Minister Nitish Kumar #BiharElection2025 #NitishKumar #TejashwiYadav #BiharPolitics #BJPvsRJD #BiharVoters #INDIABloc #NDABihar

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Motorola Edge 60

मोटोरोला एज 60 हुआ लांच: जानें इसकी कीमत, प्राइस और फीचर्स के बारे में

मोटोरोला (Motorola) एक अमेरिकी कंपनी है जो स्मार्टफोन (Smartphone) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस आदि का निर्माण करती है। यह कंपनी अपनी हाई क्वालिटी प्रोडक्ट्स और नई टेक्निक्स आदि के लिए जानी जाती है। यही कारण है कि लोगों में यह कंपनी बहुत प्रसिद्ध है। मोटोरोला (Motorola) समय-समय पर नए प्रोडक्ट बाजार में लाती है। इन्ही में से एक है मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60), जिसे हाल ही में भारत में लांच किया गया है। इसे कस्टमर्स 18 जून से खरीद सकते हैं। अगर आप एक नया स्मार्टफोन ढूढ़ रहे हैं, तो आपके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आइए जानें मोटोरोला एज 60 के फीचर्स के बारे में। इसकी कीमत के बारे में भी जानना न भूलें। मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60): पाएं जानकारी मोटोरोला एज 60 न केवल अपने फीचर्स बल्कि परफॉरमेंस के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्मार्टफोन (Smartphone) लेदर फिनिश के साथ है और दो रंगों में उपलब्ध है एक पैनटोन जिब्राल्टर सी और दूसरा पैनटोन शमरॉक। यह दोनों ही रंग यूजर की पसंद के अनुसार बनाया गया है। आप अपनी पसंद का फोन चुन सकते हैं। इसकी कुछ विशेषताएं इस प्रकार हैं, जो इसे अन्य स्मार्टफोन से अलग बनाती हैं। यह फीचर्स इस प्रकार हैं: कैमरा मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) ट्रिपल कैमरा सिस्टम के साथ आता है। इसमें 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। इसके साथ ही इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस भी है। इसमें 4के वीडियो रिकॉर्डिंग है। संक्षेप में कहा जाए तो अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो मोटोरोला (Motorola) का यह फोन आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है। वीडियो और रील्स आदि में भी यह अच्छे परिणाम प्रदान कर सकता है। डिस्प्ले मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) में क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है जो 6.7 इंच का है। यही नहीं, यह 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ मिल रहा है। यानी, इस स्मार्टफोन से आप बेहतरीन और लग्जरी अनुभव  मिलता है। गेमिंग के अनुभव को भी यह स्मार्टफोन (Smartphone) बेहतरीन बना सकता है।  परफॉर्मेस अगर मोटोरोला (Motorola) के इस इस फोन की परफॉरमेंस के बारे में बात करें तो इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 7400 चिपसेट हैं। यही नहीं, इसमें 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज भी है। इसमें RAM बूस्ट 4.0 है जिससे यूजर्स को 24 जीबी तक की वर्चुअल रैम मिलेगी। इसकी बैटरी भी बहुत पावरफुल है। सिर्फ कुछ मिनटों तक चार्ज करने पर यह फोन पूरा दिन आपका साथ देगा। मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) फोन में 68W टर्बोपावर चार्जर और 5500mAh की बैटरी आपको मिलेगी।  कीमत मोटोरोला का यह फोन केवल 25,999 रुपए है।  फ्लिपकार्ड या अन्य वेबसाइट्स पर यह आपको मिल जाएगा। इसके साथ ही रिटेल स्टोर्स में भी यह आसानी से उपलब्ध है। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से इसे खरीद सकते हैं। इसके साथ ही कस्टमर्स को बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है, जो लिमिटेड समय के लिए ही है और कुछ ग्राहकों को ही मिलेगा। यह डिस्काउंट 1000 रुपए तक का है। यानी, इससे मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) आपको 25,999 रुपए की जगह 24,999 रुपए में मिल सकता है। यह ग्राहकों के लिए एक सुनहरे मौके की तरह है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एक्सचेंज ऑफर्स के साथ भी इसे खरीद सकते हैं फोन  अगर आप चाहें तो आप एक्सचेंज ऑफर्स के साथ भी इसे खरीद सकते हैं। पुराने फोन के साथ एक्सचेंज कर के इसे खरीदने से भी आपको इसके लिए अधिक पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही आपको कंपनी इएमआई ऑफर्स भी  मिलेंगे। अधिक जानकारी के लिए आप मोटोरोला की ऑफिशियल वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Motorola Edge 60 #MotorolaEdge60 #MotorolaLaunch #Smartphone2025 #TechNews #Edge60Features

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आषाढ़ अमावस्या

आषाढ़ अमावस्या 2025: पितृ तर्पण और लक्ष्मी कृपा पाने का दुर्लभ संयोग

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह की अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। यह दिन पितृ तर्पण, दान-पुण्य और देवी-देवताओं की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। साल 2025 में आषाढ़ अमावस्या 25 जून, बुधवार को मनाई जाएगी। यह दिन न केवल पितरों की शांति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने का भी उत्तम अवसर है। मान्यता है कि यदि इस दिन कुछ विशेष कार्य कर लिए जाएं, तो घर में सुख-समृद्धि और धन की वर्षा होती है। यही नहीं, इस दिन विशेष उपाय करने से पितृ भी खुश होते हैं और पितृ दोष से राहत मिलती है।  आषाढ़ अमावस्या 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि की शुरुआत 24 जून की शाम 7:00 बजे से हो रही है, जो 25 जून को शाम 4:02 बजे तक रहेगी। चूंकि अमावस्या की तिथि का निर्धारण उदयातिथि के आधार पर होता है, इसलिए 25 जून को ही आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी। बन रहे हैं शुभ योग इस वर्ष आषाढ़ अमावस्या पर तीन शुभ योगों का संयोग बन रहा है: इन शुभ योगों में किया गया दान, पूजा और जप कई गुना फल प्रदान करता है। अतः यह दिन आध्यात्मिक साधना और पितृ तर्पण के लिए अत्यंत शुभ है। क्यों खास है आषाढ़ अमावस्या? आषाढ़ अमावस्या का संबंध विशेष रूप से पितरों की शांति से जुड़ा होता है। इस दिन जल में तिल, पुष्प और जल अर्पित कर पितरों का तर्पण करने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। साथ ही, घर में दरिद्रता, क्लेश और रोग जैसे दोषों से मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु, पीपल के वृक्ष और मां लक्ष्मी की पूजा से घर में धन, वैभव और सौभाग्य का वास होता है। आषाढ़ अमावस्या पर करें ये कार्य: 1. पीपल वृक्ष की पूजा करें सुबह स्नान करके पीपल वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाएं, दीपक जलाएं और परिक्रमा करें। मान्यता है कि पीपल में विष्णु और पितरों का वास होता है। इससे पितृ दोष और दरिद्रता दूर होती है। आषाढ़ अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।  2. तिल और जल से पितृ तर्पण करें पवित्र जल में तिल, पुष्प डालकर पितरों को अर्पित करें। यह उन्हें शांति और मोक्ष प्रदान करता है। साथ ही पितरों का आशीर्वाद सुख-समृद्धि लेकर आता है। आषाढ़ अमावस्या के दिन तिल और जल से पितृ तर्पण करने से पितृ खुश होते हैं।  3. गरीबों और ब्राह्मणों को दान करें इस दिन अन्न, वस्त्र, तांबा, तिल, घी, धन और जरूरत की चीजें दान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि आषाढ़ अमावस्या के गरीबों और ब्राह्मणों को दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।  4. मां लक्ष्मी की विशेष आराधना करें गाय के घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी का पूजन करें। घर के उत्तर-पूर्व कोण को स्वच्छ करके वहां लाल वस्त्र बिछाएं, लक्ष्मी यंत्र या चित्र स्थापित करें, फिर कमलगट्टे की माला से “श्रीं” बीज मंत्र का जाप करें। इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है।  5. शंख और झाड़ू खरीदना शुभ आषाढ़ अमावस्या के दिन शंख और झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इसे घर में रखने से लक्ष्मी जी का स्थायी वास होता है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।  इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय क्या न करें इस दिन? Latest News in Hindi Today Hindi news लक्ष्मी #AshadhaAmavasya2025 #PitrTarpan #LakshmiBlessings #AmavasyaRituals #SpiritualIndia #VedicTraditions

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Saturday Shani remedies

शनिदेव की कृपा पाना चाहते हैं? शनिवार को करें ये विशेष पूजा और उपाय

हिंदू धर्म में शनिदेव (Shani Dev) को न्याय के देवता माना जाता है। वह प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनिदेव की कृपा जहां जीवन में खुशहाली और तरक्की लाती है, वहीं उनकी नाराजगी जीवन में दुख, बाधा और आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकती है। यही कारण है कि शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष रूप से शनिवार के दिन पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके जीवन से दुखों का अंत हो, नौकरी-धंधे में तरक्की हो और शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव कम हो जाए, तो शनिवार को शनिदेव की विशेष पूजा विधि को अपनाना चाहिए। आइए जानते हैं शनिदेव (Shani Dev) की पूजा की सही और प्रभावशाली विधि, जिससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। शनिदेव पूजा की विधि (Shani Dev Puja Vidhi) शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर पूरे घर की अच्छे से सफाई करें। फिर स्नान कर साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनें, विशेष रूप से काले या गहरे नीले रंग के कपड़े धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर में किसी शांत और साफ स्थान या मंदिर में एक चौकी स्थापित करें, जिस पर काले रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर शनिदेव की मूर्ति रखें। यदि लोहे की मूर्ति है, तो उसे पंचामृत से स्नान कराकर, चावलों से बने चौबीस पंखुड़ी वाले कमल पर स्थापित करें। साथ में भगवान शिव और हनुमान जी की मूर्तियों को भी स्थान दे सकते हैं, क्योंकि शनिवार को इनकी पूजा का भी महत्व है। पूजा से पहले व्रत और पूजन का संकल्प लें। फिर शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक, अगरबत्ती और धूप जलाएं। इसके बाद उन्हें सरसों का तेल अर्पित करें और काले तिल, काली उड़द दाल, नीले फूल, शमी और पीपल के पत्ते तथा काले वस्त्र अर्पित करें। पूजा पूर्ण होने पर शनिदेव की आरती करें और उनसे अपने द्वारा अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा मांगें। इसके पश्चात गरीबों और जरूरतमंदों को काले वस्त्र, तिल, उड़द की दाल या भोजन का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, चींटियों को आटा डालना भी लाभकारी होता है। यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो दिनभर फलाहार करें और शाम को उड़द की दाल की खिचड़ी खा सकते हैं। इस विधि से पूजा करने पर शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। व्रत कब शुरू करें? हिंदू धर्म में शनि देव (Shani Dev) को कर्मों का न्यायकर्ता माना गया है। मान्यता है कि वे किसी के साथ न तो अन्याय करते हैं और न ही पक्षपात, बल्कि हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुरूप फल प्रदान करते हैं। शनिवार का व्रत किसी भी समय शुरू किया जा सकता है, लेकिन यदि इसे श्रावण मास के शनिवार से आरंभ किया जाए, तो इसका विशेष महत्व होता है। इसके अलावा, यह व्रत किसी भी शुक्ल पक्ष के शनिवार से भी शुरू किया जा सकता है। माना जाता है कि शनिवार का व्रत करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य, करियर और जीवन की अन्य समस्याओं में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।  शनि मंत्रों का जाप करें:शनि देव (Shani Dev) को प्रसन्न करने के लिए निम्न मंत्रों का जाप करें: कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इससे शनि देव की कृपा जल्दी प्राप्त होती है। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय क्या करें दान? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Shani Dev #ShaniDev #SaturdayPuja #ShaniRemedies #ShaniBlessings #HinduRituals #SpiritualTips #ShaniDosh

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Nitish Kumar boosts pension by ₹700

चुनाव से पहले नीतीश का मास्टरस्ट्रोक, पेंशन में 700 रुपये की बढ़ोतरी

बिहार सरकार (Bihar Government) की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत विधवाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों को दी जाने वाली मासिक पेंशन (Monthly Pension) की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर अब 1,100 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने इस फैसले की घोषणा की है, जो कि चुनाव से पहले राज्य में करोड़ों वंचित वर्गों को सोच-समझकर लिया गया फैसला है।   पेंशन वृद्धि का उद्देश्य और सुविधा बढ़ी हुई वित्तीय सहायता बजट में बढ़त  राजनीतिक रणनीति यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से कुछ ही महीने पहले किया गया है। ऐसे में नीतीश सरकार (Nitish Government) के इस निर्णय को चुनावी रणनीति के साथ भी जोड़कर में देखा जा सकता है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने हालांकि 1,500 रुपये तक पेंशन बढ़ाने की मांग की थी, वहीं भाजपा (BJP) की कांग्रेस और राजद (Congress and RJD) ने इस कदम की सराहना की है।  सामाजिक-आर्थिक प्रभाव क्या हैं इसके राजनीतिक परिदृश्य?  राजद (RJD) का प्रस्ताव कांग्रेस ने भी पैकेज का किया ऐलान  नीतीश सरकार का सम्पूर्ण दृष्टिकोण इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या होंगी चुनौतियां?   बिहार सरकार (Bihar Government) द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में 700 रुपये की वृद्धि एक मजबूत और स्वागत योग्य कदम है, जो राज्य के गरीब, बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग वर्ग को आर्थिक राहत उपलब्ध कराएगा। यह कदम चुनावी रणनीति का भी एक हिस्सा प्रतीत होता है, लेकिन साथ ही यह वास्तविक आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है। सरकारी बजट और सामाजिक योजनाओं की सक्रियता यह दर्शाती है कि बिहार में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों तक सही समय पर सहायता पहुंचाना प्राथमिकता बना हुआ है। आगे जनता और प्रशासन दोनों को इस योजनाओं के कार्यान्वयन की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि यह पहल सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक बदलाव एवं सामाजिक न्याय का वाहन बने। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #NitishKumar #PensionHike #BiharElections2025 #PoliticalMasterstroke #BiharPolitics #SeniorCitizenBenefits

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