ATM Withdrawal Fees to Increase from May 1, 2025​

1 मई 2025 से ATM से पैसे निकालना हो सकता है महंगा, लेकिन क्यों? 

आज के डिजिटल वर्ल्ड में एटीएम (ATM) का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लोग जब भी पैसों की जरूरत महसूस करते हैं, तो सबसे पहले एटीएम का रुख करते हैं। बैंक में लंबी लाइन लगने के बजाय 24×7 उपलब्ध एटीएम से आसानी से पैसे निकाल लेते हैं। लेकिन अब यह सुविधा भी थोड़ी महंगी होने वाली है। दरअसल 1 मई 2025 से एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा फी देना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत ATM से बार-बार पैसे निकालना कितना कॉस्टली होगा। कैश निकालने पर बढ़ेगी फी  अब तक बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन (Free Transaction) की सुविधा देते थे। यदि कोई ग्राहक इस निर्धारित सीमा से अधिक पैसे निकालता है, तो उसे अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। अब नई रिपोर्ट के अनुसार एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज (ATM Transaction Charge) बढ़ाने का फैसला भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा लिया गया है। अभी तक एक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर बैंक 17 रुपये शुल्क लेता था, लेकिन अब यह बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। कब से लागू होंगे नए नियम? नए एटीएम शुल्क 1 मई 2025 से लागू होने की संभावना है। सिर्फ कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने पर भी चार्ज बढ़ सकता है। वर्तमान में, इन सेवाओं पर 6 रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 7 रुपये किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि बैलेंस चेक करने पर भी कटते हैं पैसे? कई लोग एटीएम (ATM) में जाकर बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसके लिए भी शुल्क लिया जाता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे बार-बार एटीएम का उपयोग करना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। एक महीने में कितनी ट्रांजेक्शन फ्री? बैंकों ने ग्राहकों को कुछ निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा दी हुई है। स्वयं के बैंक के एटीएम से: ग्राहक प्रत्येक महीने तीन बार तक बिना किसी शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम से: यदि आप अपने बैंक के एटीएम (ATM) के अलावा किसी अन्य बैंक के एटीएम का उपयोग करते हैं, तो केवल तीन बार तक मुफ्त निकासी की अनुमति होती है। इसके बाद इंटरचेंज फीस (Interchange Fees) देनी होती है। इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? बढ़ते शुल्क का असर आम जनता पर बढ़ते एटीएम चार्ज (ATM Charge) का असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ेगा, जो बार-बार नकद पैसे निकालते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि लोग ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) का अधिक इस्तेमाल करें। अगर आप एटीएम चार्ज (ATM Charge) से बचना चाहते हैं, तो डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का अधिक उपयोग करें। यह न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा, बल्कि आपको अतिरिक्त चार्ज से भी बचाएगा।  1 मई 2025 से एटीएम से पैसे निकालने और अन्य सेवाओं पर बढ़े हुए शुल्क लागू हो सकते हैं। अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 19 रुपये और बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने पर 7 रुपये का शुल्क देना होगा। ऐसे में बेवजह एटीएम का उपयोग करने से बचें और डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर रुख करें, ताकि आपका पैसा बच सके। Latest News in Hindi Today Hindi News   #ATMWithdrawalCharges #RBIInterchangeFee #ATMFees2025 #BankingUpdates #CashWithdrawalCost #ATMTransactionFees #ReserveBankOfIndia #FinancialNews #BankCharges #DigitalBanking

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Newborn Deaths Rising The Tragic Reality of Abandoned Babies

Newborns Found Dead: आखिर क्यों दम तोड़ रही है माँ की ममता, एक के बाद एक कई जगह मिले नवजात शिशुओं के शव

बच्चे भगवान का रूप होते हैं। इस दुनिया में एक तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो एक अदद संतान के लिए पूजास्थलों से लेकर अस्पतालों की ठोकरे खा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने जिगर के टुकड़े को जन्म देने के बाद लावारिस मरने के (Newborns Found Dead) लिए छोड़ दे रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं, मासूम बच्चों को रोता देखकर दिल दहल जाता है। ऐसे में यदि मासूमों को मां की गोद के बजाय यदि उन्हें लावारिस स्थानों पर दम तोड़ने के लिए छोड़ दिया जाए तो क्या कहिएगा। पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न इलाकों से एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से मिले नवजात बच्चों के शवों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वो कौन कलयुगी माँ है, जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को इस कदर मरने के लिए छोड़ दिया? आखिर किस मजबूरी के चलते यह कदम उठाना पड़ा?  मुंबई एयरपोर्ट के टॉयलेट में मिली (Newborns Found Dead) एक नवजात शिशु की लाश  दरअसल, मंगलवार रात करीब 10:30 बजे मुंबई एयरपोर्ट के टॉयलेट में एक नवजात बच्चे की लाश (Newborns Found Dead) मिली। बच्चे की लाश टॉयलेट के डस्टबिन में पड़ी थी। तभी वहां से गुजार रहे एयरपोर्ट के एक सुरक्षाकर्मी की नजर नवजात बच्चे पर पड़ी। इसके बाद आनन-फानन में नजदीकी पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को अपने कब्जे में लेकर हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। इस बीच डॉक्टर ने चेक करते ही नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मुंबई की सहार पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुट गई है। ये बच्चा किसने फेंका, मुंबई पुलिस इसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि इस बच्चे को डस्टबीन में किसने रखा? इसके लिए पुलिस एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की खाक छान रही है। इसके अलावा उस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।   पुणे में प्लास्टिक की जार में मिला (Newborns Found Dead) 7 नवजात शिशुओं का शव मुंबई के बाद इसी तरह की एक घटना महाराष्ट्र के पुणे जिले से भी प्रकाश में आई। खबर के मुताबिक पुणे स्थित दौंड कस्बे के बोरावकेनगर इलाके में कचरे के ढेर में 6 से 7 नवजात शिशुओं के शव (Newborns Found Dead) मिले हैं। दरअसल, मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि बोरावकेनगर में प्राइम टाउन के पीछे कचरे के ढेर में नवजात शिशु और मानव अवशेष मिले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि उन्हें 6-7 नवजात शिशु मिले। वे प्लास्टिक के जार में भरकर फेंके गए थे। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन शिशुओं को यहां कौन और क्यों फेंक गया। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। दरअसल, एक शख्स सुबह टहलने निकला था, तभी उसकी नजर कूड़े के ढेर पर पड़ी। उसे कचरे के ढेर में नवजात शिशुओं के शव दिखे। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने इन शवों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस इसे गर्भपात के मामले से भी जोड़कर देख रही है। इस घटना के बाद इलाके के लोग हैरान हैं कि कोई भला ऐसा कैसे कर सकता है? ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाले ‘कपलर’ पर मिला (Newborns Found Dead) नवजात शिशु का शव  आपको जानकर हैरत होगी कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास खड़ी ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाले कपलर पर एक नवजात शिशु का शव (Newborns Found Dead) मिला था। बच्चे का शरीर खून से लथपथ था। उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी। पुलिस के मुताबिक पहली नजर में देखकर ऐसा लगा मानो, नवजात को जन्म के तुरंत बाद ही उसे वहां फेंक दिया गया था। पुलिस के मुताबिक नवजात का शव रेलवे स्टेशन के पास राजधानी कॉम्प्लेक्स में खड़ी ट्रेन के दो डिब्बों के बीच कपलर पर पड़ा मिला था। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) को शव मिलने के बाद पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शिशु को सावधानीपूर्वक निकालकर कलावती अस्पताल भेजा दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या ऑनलाइन वीडियो देखकर खुद डिलीवरी की और नवजात बच्ची को जिंदा (Newborns Found Dead) कूड़ेदान में फेंका  ऐसी ही दिल दहलाने वाली घटना उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से भी आई। सीतापुर के वामहमूदपुर गांव के मजरा हाता में देवस्थान के पास एक नवजात का शव पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। पुलिस यह  पता लगाने में जुट है कि बच्चे की मां कौन थी और उसे वहां क्यों छोड़ा? यही नहीं, कुछ इसी तरह की एक घटना कर्नाटक के बेलगावी जिले में भी घटी। जहां कूड़ेदान में एक नवजात का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पाकर जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो देखा कि नवजात का शव एक कूड़ेदान पड़ा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल में भेज दिया। और आगे की पड़ताल में जुट गई। इस बीच पुलिस सोमवार को एक जोड़े को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक़ 31 वर्षीय महाबालेश कामोजी 22 वर्षीय सिमरन उर्फ मुस्कान पिछले तीन साल से रिश्ते में थे। किट्टूर के पास अबादगट्टी गांव के रहने वाले इस जोड़े का लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उन्होंने पारिवारिक विरोध के बावजूद शादी करने का फैसला किया था।  अपनी मौजमस्ती को ज़माने से छुपाने के लिए नवजातों शिशुओं का घोंट रहे हैं गला  खैर, इस बीच शादी हो पाती कि इससे पहले ही मुस्कान गर्भवती हो गई। पुलिस के मुताबिक मुस्कान के परिवार को उसकी गर्भावस्था की भनक तक नहीं लगी। इस दरम्यान 5 मार्च को अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उसने अकेले बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया। पुलिस अधीक्षक भीमाशंकर गुलेद ने बताया कि “मुस्कान ने ऑनलाइन वीडियो देखकर खुद… Read More

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Donald Trump’s Big Change in US Voting System Revealed

Donald Trump voting changes: अमेरिका में वोट देने के तरीके में यह बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप  

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार (25 मार्च) को अमेरिका में होने वाले चुनावों में व्यापक बदलाव की मांग वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए। दरअसल, ट्रंप ने वहां के फेडरल चुनावों (केंद्रीय) में वोटिंग के रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना अनिवार्य (Donald Trump voting changes) कर दिया है। यानी जिस तरह भारत में हम मतदान के समय आधार कार्ड या वोटर कार्ड जैसे आधिकारिक आईडी प्रूव देते हैं। ठीक उसी तरह अब अमेरिकी नागरिकों को भी अपनी आईडी प्रूफ दिखाना होगा। आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही वो वोट डालने हेतु रजिस्टर कर सकेगा। इस बीच भारत और कुछ अन्य देशों का हवाला देते हुए इस आदेश में कहा गया है कि “अमेरिका, स्वशासन वाले अग्रणी देश होने के बावजूद, आधुनिक, विकसित और विकासशील देशों द्वारा उपाय में लाए जाने वाले बुनियादी और आवश्यक चुनाव सुरक्षा को लागू करने में विफल रहा है। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “उदाहरण के लिए, भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए यह काफी हद तक स्व-सत्यापन पर ही निर्भर है।” अब अमेरिकी मतदाताओं को देना होगा नागरिकता का सबूत (Donald Trump voting changes) प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा। जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजी) को सौंप देना चाहिए। इस बीच आदेश में चुनाव के दिन तक वोट डालने और उसे प्राप्त करने को आवश्यक बताया गया है। कहा गया है कि फेडरल फंडिंग उस समय सीमा के राज्य अनुपालन पर सशर्त होनी चाहिए। इसके अलावा आदेश में चुनाव सहायता आयोग को चुनावी अखंडता की रक्षा के उद्देश्य से वोटिंग सिस्टम के लिए अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करने का निर्देश दिया गया। जानकारी के मुताबिक इसमें यह मार्गदर्शन शामिल होगा कि वोटिंग सिस्टम को उन मतपत्रों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए जो मतगणना प्रक्रिया में बारकोड या क्यूआर कोड का उपयोग करते हैं। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप के आदेश में विदेशी नागरिकों को अमेरिकी चुनाव में योगदान देने या चंदा देने पर भी रोक लगा दी गई है।  इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन कई अमेरिकी चुनावों में मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान करने की है सुविधा (Donald Trump voting changes) बता दें कि आदेश में डेनमार्क और स्वीडन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये देश व्यक्तिगत रूप से मतदान करने में असमर्थ लोगों के लिए मेल-इन वोटिंग को समझदारी से सीमित करते हैं और पोस्टमार्क की तारीख की परवाह किए बिना देर से आने वाले वोटों की गिनती नहीं करते हैं, लेकिन कई अमेरिकी चुनावों में अब मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान की सुविधा है (Donald Trump voting changes)। कई अधिकारी बिना पोस्टमार्क वाले या चुनाव की तारीख के बाद प्राप्त मतपत्रों को स्वीकार करते हैं। जनवरी में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को पटखनी देकर सत्ता में लौटे राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि “धोखाधड़ी, त्रुटियों या संदेह से मुक्त स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव हमारे संवैधानिक गणतंत्र को बनाए रखने के लिए मौलिक हैं।” इस बीच ट्रंप ने कहा कि “अमेरिकी नागरिकों का अपने वोटों को अवैध रूप से कमजोर किए बिना उचित ढंग से गिनती और सारणीबद्ध करने का अधिकार, चुनाव के असली विजेता का निर्धारण करने के लिए महत्वपूर्ण है।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump voting changes #DonaldTrump #USVoting #Election2024 #TrumpPolicies #VotingChanges #TrumpCampaign #USElections #BallotReform #TrumpNews #VotingRights

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Breast Cancer

नैनोटेक्नोलॉजी का कैंसर पर हमला! ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में नई उम्मीद

ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें असमान्य ब्रेस्ट सेल्स अनियंत्रित रूप से ग्रो होते हैं और ट्यूमर का रूप ले लेते हैं। अगर इसकी सही जांच न हो पाए ,तो यह ट्यूमर पूरे शरीर में फैल जाता है और घातक हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर सेल्स की शुरुआत मिल्क डक्ट्स के मिल्क प्रोड्यूसिंग लोब्यूल्स के अंदर होती हैं।  ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) के इलाज के कई विकल्प हैं और यह मरीज की उम्र, हेल्थ, कैंसर टाइप आदि पर निर्भर करते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी यह बताती है कि नैनोटेक्नोलॉजी में एक महत्वपूर्ण सफलता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज में सुधार कर सकती है। आइए जानें नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) के बारे में। नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर: पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार स्किन कैंसर के बाद ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) महिलाओं में होने वाला सामान्य कैंसर है। लेकिन ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को नहीं होता बल्कि यह समस्या पुरुषों को भी हो सकती है। हर कोई कुछ ब्रेस्ट टिश्यूज के साथ पैदा होता है इसलिए यह समस्या किसी को भी हो सकती है। यह एक गंभीर समस्या है। जैसा कि पहले ही बताया गया है ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) एक गंभीर समस्या है और इसके उपचार के कई विकल्प मौजूद हैं। इसके लिए शोधकर्ता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के अभी मौजूद ट्रीटमेंट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नेक्स्ट जनरेशन नैनोपार्टिकल्स को डेवलेप कर रहे हैं। ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) इस रोग का सबसे घातक रूप है। अब जानिए नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) के बारे में। नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) ऑस्ट्रेलिया में वैज्ञानिक एक नए और एडवांस तरीके से ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए नए नैनोपार्टिकल्स बनाना है। ये नैनोपार्टिकल्स बहुत छोटे हैं। इन नैनोपार्टिकल्स को शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने और कैंसर सेल्स को पहचानने और हमला करने में मदद करने के लिए बनाया किया गया है। इस शोध को 3 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के ग्रांट से सपोर्ट मिला है और यह ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के अलावा अन्य मुश्किल इलाज योग्य कैंसर के इलाज में भी मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रिसर्च ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज में बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे इस खतरनाक बीमारी का जल्दी प्रभावी इलाज विकसित कर सकते हैं। यह इलाज उन महिलाओं के लिए आशा की किरण हो सकता है, जो इस बीमारी का सामना कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: मां बनने की उम्र का लग सकता है अंदाजा: अब एक टेस्ट से पता चलेगा महिला के शरीर में कितने एग बचे हैं? क्या ब्रेस्ट कैंसर से बचाव संभव है? हालांकि, ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) से बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके डेवलेप होने के रिस्क को कम किया जा सकता है। इसके लिए नियमित जांच और मैमोग्राम्स जरुरी है ताकि ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी निदान हो सके। लेकिन, कुछ अन्य तरीकों से इसके रिस्क को कम किया जा सकता है: कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का जोखिम इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों को यह बीमारी है या इसका कारण जेनेटिक म्युटेशन है। अगर आपकी स्थिति भी ऐसी ही है, तो आपको निम्नलिखित बातों पर विचार करना चाहिए: अगर आपको ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का अधिक खतरा है, तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में बात करें ताकि जल्दी निदान या बचाव की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Breast Cancer #Studyonnanotechnologyandbreastcancer #Triple-NegativeBreastCancer #breastcancer #cancer

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Atal Canteen Yojana Affordable Meals for Everyone

क्या है अटल कैंटीन योजना?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। यह बजट खासतौर पर दिल्ली के बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सशक्तीकरण और गरीब वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। यह बजट खास इसलिए भी है क्योंकि बीजेपी के 27 साल बाद सत्ता में लौटने के बाद यह पहला बजट है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इसमें कई बड़े ऐलान किए, जिनमें सबसे चर्चित योजना अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित अटल कैंटीन योजना  (Atal Canteen Scheme), तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन (Amma Canteen Scheme) और कर्नाटक की इंदिरा कैंटीन  (Indira Canteen) की तर्ज पर बनाई गई है। इस योजना के तहत दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में 100 अटल कैंटीन खोली जाएंगी। हर कैंटीन में 5 रुपये में गरम, ताजा और पौष्टिक भोजन (Healthy Food) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। यह कैंटीन खासकर रिक्शा चालक, मजदूर, फुटपाथ पर काम करने वाले लोग और अन्य दिहाड़ी मजदूरों के लिए मददगार साबित होगी। किन लोगों को मिलेगा अटल कैंटीन योजना का लाभ? झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवार रिक्शा चालक, मजदूर और फुटपाथ पर काम करने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर, सफाई कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग ऐसे लोग जो अत्यधिक महंगाई के कारण पौष्टिक भोजन नहीं ले पाते हैं योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सरकार इस योजना के तहत स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण की समस्या को दूर करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, इससे दिल्ली में भोजन की बर्बादी को भी कम करने में मदद मिलेगी। बजट में अन्य प्रमुख घोषणाएं 1. यमुना की सफाई और पुनरुद्धार दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई और पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। इस परियोजना को अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से प्रेरित बताया जा रहा है। इसके तहत यमुना नदी के किनारे सौंदर्यीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और जल की शुद्धता बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। 2. दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। इस बजट में सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं: इसे भी पढ़ें:-आगरा और पानीपत में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य ‘शिव स्मारक, CM फडणवीस ने बताया इस फैसले का कारण? 3. महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा की: 4. बुनियादी ढांचा विकास और परिवहन सुधार सरकार ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 28,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। 5. व्यापार और उद्योग को बढ़ावा नई औद्योगिक नीति लागू होगी। दिल्ली सरकार (Delhi Government) का यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। गरीबों के लिए अटल कैंटीन (Atal Canteen), महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं, पर्यावरण सुधार के लिए यमुना पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण तथा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति जैसे कई अहम फैसले इस बजट का हिस्सा हैं। बीजेपी सरकार (BJP Government) ने इस बजट के जरिए दिल्ली की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका ध्यान सिर्फ बुनियादी विकास ही नहीं बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं के समाधान पर भी है। अब देखना यह होगा कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव डालती हैं और दिल्ली के विकास में कितना योगदान देती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Atal Canteen Scheme #AtalCanteenYojana #AffordableMeals #SubsidizedFood #GovtScheme #BudgetMeals #PublicWelfare #FoodForAll #IndiaGovt #CanteenScheme #CheapMeals

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Yuzvendra Chahal and Dhanashree Verma Divorce

Yuzvendra Chahal divorce reason: क्या इस वजह से हुआ युजवेंद्र चहल का तलाक?

20 मार्च, 2025 को भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर धनाश्री वर्मा ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया। इस तलाक से उनके फैंस चौंक गए। युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा के फैन्स तब चौंक गए जब उनके तलाक की खबरें पहली बार सुर्खियों में आईं थी। हालांकि शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के अलग-अलग रहने की अफवाहें फैलने लगी थी। बता दें कि दिसंबर 2020 में युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा ने गुड़गांव में एक इंटिमेट सेरेमनी में शादी की थी। शादी के कुछ ही महीनों बात दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी। शुरूआती अफवाहों के बीच उनके फैंस को यकीन नहीं हो रहा था कि शादी के साल भीतर ही दोनों के बीच अलग रह रहे हैं। खैर, इस बीच उनके बीच तलाक की लेने की अफवाहों ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया। मार्च 2025 में, सेलेब्स ने ऑफीशियली तलाक ले लिया। तलाक के बाद बड़ा सवाल यह कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसके चलते दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी से अलग होने का फैसला (Yuzvendra Chahal divorce reason) किया। इस बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ का मानना है कि दोनों ने एक दूसरे को चीट किया तो कुछ का मानना है कि चहल ने धनश्री के साथ गलत किया तो कुछ धनश्री को दोषी ठहरा रहे हैं।  मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का था मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण खैर इस बीच वरिष्ठ पत्रकार विक्की लालवानी ने कपल के अलग होने की असली वजह के बारे में बताया। दरअसल, विक्की लालवानी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि चहल और वर्मा अपनी पर्सनैलिटी में अंतर की वजह से एक साथ नहीं रहा करते थे। लेकिन इस बीच जब धनाश्री ने युजवेंद्र से हरियाणा से हमेशा के लिए मुंबई जाने को कहा तो चीजें बिगड़ गईं। लालवानी के मुताबिक, शादी के बंधन में बंधने के बाद दोनों हरियाणा स्थित यजुवेंद्र चहल के माता-पिता के साथ रहने लगे थे। हालाँकि इस दरम्यान अक्सर मुंबई आया-जाया करते थे। लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। लालवानी ने अपनी पोस्ट में कहा कि “मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का एक मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण था।, क्योंकियजुवेंद्र चहल ने साफ किया था कि “वह अपने माता-पिता के घर और आस-पास के माहौल से खुद को अलग नहीं करेंगे।” हालांकि रिपोर्ट में साफ तौर से कहा गया था कि यह कपल तलाक लेने जा रहा है। लेकिन इस खबर की पुष्टि तब हुई जब दोनों को तलाक की सुनवाई के लिए अपनी कानूनी टीम के साथ बांद्रा फैमिली कोर्ट में देखा गया।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात  अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है, अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं (Yuzvendra Chahal divorce reason) बता दें कि इससे पहले, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें छह महीने की कूलिंग-ऑफ ड्यूरेशन से छूट दे दी थी। इसलिए अंतिम सुनवाई 20 मार्च, 2025 को हुई। इसके पीछे का बड़ा कारण यह कि चहल आईपीएल 2025 में हिस्सा लेने के चलते 21 मार्च, 2025 से व्यस्त रहेंगे। कार्यवाही के बाद चहल के वकील नितिन कुमार गुप्ता ने दोनों के तलाक की पुष्टि (Yuzvendra Chahal divorce reason) की। तलाक की पुष्टि करते हुए चहल के वकील ने कहा कि “अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है। अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं।” हालांकि बार और बेंच ने यह भी बताया कि “भारतीय क्रिकेटर अपनी अलग हो चुकी पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में 4.75 करोड़ रुपये देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yuzvendra Chahal divorce reason #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #DhanashreeDivorce​#YuzvendraDhanashree​

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PBKS vs GT

PBKS won by 11 runs:आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात 

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 11 रनों से हरा (PBKS won by 11 runs) दिया। गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया मुकाबला काफी रोमांचक रहा। दरअसल, जीत के इरादे से मैदान में उतरी पंजाब किंग्स की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 243 रन बनाए। जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 97 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम ने शानदार शुरुआत की और ऐसा लग रहा था कि वेवो बड़ी आसानी से 244 रन के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे, लेकिन मैच के अंतिम ओवरों में विजय कुमार वय्शक ने ऐसी धारदार गेंदबाजी की कि खेल का समीकरण ही बदल गया। उनके कहर बरपाते यॉर्कर और बेहतरीन लाइन-लेंथ के सामने गुजरात के बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं। पूरी की  पूरी टीम  सिर्फ 232 रन ही बना सकी। जिसके चलते पंजाब ने 11 रन से यह मुकाबला जीत लिया।  इस जीत (PBKS won by 11 runs) के बाद पंजाब किंग्स प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच तो गई गौर करने वाली बात यह कि इस जीत (PBKS won by 11 runs) के बाद पंजाब किंग्स प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच तो गई है लेकिन पंजाब किंग्स की जीत के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद टॉप पर बनी हुई है। बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर पॉइंट टेबल में दूसरे नंबर पर है। यही नहीं, मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत दर्ज करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स चौथे नंबर पर है। इसके अलावा दिल्ली कैपिटल्स पॉइंट टेबल में पांचवें नंबर पर है। इन सभी टीमों के 2-2 अंक हासिल किए हैं। लेकिन, नेट रन रेट के आधार पर एक दूसरे से आगे-पीछे हैं। ध्यान देने वाली अहम बात यह कि लखनऊ सुपर जायंट्स, मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स को इस सीजन की अपनी पहली जीत का इंतजार है। अब तक हुए मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स ने हराया है। मुंबई इंडियंस को चेन्नई सुपर किंग्स ने, पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस ने और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराया। इसके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को करारी शिकस्त दी है। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन ही बना सकी (PBKS won by 11 runs)  खैर, बात करें इस मुकाबले कि तो पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 11 रन से हरा (PBKS won by 11 runs) दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन बनाए। इस बीच पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने 42 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन ही बना सकी। गुजरात टाइटंस की ओर से सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन ने 41 गेंदों पर सर्वाधिक 74 रन बनाए। ध्यान देने वाली बात यह कि दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने मिली। टक्कर इस कदर थी कि मैच कभी पंजाब किंग्स के पाले में तो कभी गुजरात टाइटंस में जाता दिख रहा था। अंततः पंजाब किंग्स ने गुजरात के जबड़े से जीत छीन ही ली। गुजरात को हराने के साथ ही पंजाब किंग्स को प्वाइंट्स टेबल में भी फायदा हुआ। कहने की जरूरत नहीं शुरुआती टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत करना किसी भी टीम के लिए बेहतर होता है। जाहिर सी बात है, आगे जाकर यह जीत पंजाब किंग्स को फायदा दे सकती है। हालांकि अभी शुरुआती चरण है, लेकिन इस टूर्नामेंट में खुद को बनाए रखने हेतु हर जीत अहम है।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 PBKS won by 11 runs #PBKSvsGT #PunjabKings #GTvsPBKS #IPL2024 #CricketBuzz #TATAIPL #GT #PunjabKingsWin #IPLThriller #CricketFever

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Vinayak Chaturthi 2025

Vinayak Chaturthi 2025: जानें तिथि, पूजा विधि और इस दिन का महत्व

भारतीय संस्कृति और परंपराओं में विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का विशेष महत्व है। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। विनायक चतुर्थी हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में विनायक चतुर्थी 26 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तगण गणेश जी (Lord Ganesha) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि 26 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 25 अगस्त 2025 को रात 10:15 बजे से होगा और इसका समापन 26 अगस्त 2025 को रात 08:32 बजे तक होगा। इस दिन गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का व्रत रखा जाता है और शुभ मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना की जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का महत्व विनायक चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने गणेश जी की रचना की थी। गणेश जी (Ganesh Ji) को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग लगाए जाते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी की पूजा विधि विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी (Ganesh Ji) की पूजा विधि-विधान से की जाती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद गणेश जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें। गणेश जी की मूर्ति को लाल कपड़े पर स्थापित करें और उन्हें फूल, अक्षत, रोली और चंदन से सजाएं। गणेश जी को मोदक, लड्डू और अन्य मिष्ठान्न का भोग लगाएं। इसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा (एक प्रकार की घास) अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। पूजा के बाद गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करना भी आवश्यक होता है। विसर्जन के समय भक्तगण “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या” का जाप करते हैं और गणेश जी से अगले वर्ष फिर से आने का आग्रह करते हैं। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? विनायक चतुर्थी व्रत कथा विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) के दिन व्रत कथा सुनने और पढ़ने का भी विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने स्नान करने से पहले अपने शरीर के मैल से एक बालक की रचना की और उसे अपना द्वारपाल बना दिया। उन्होंने बालक को आदेश दिया कि वह किसी को भी अंदर न आने दे। जब भगवान शिव वहां आए तो बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर क्रोधित होकर भगवान शिव ने बालक का सिर काट दिया। जब माता पार्वती को इस बात का पता चला तो वे बहुत दुखी हुईं। भगवान शिव ने उन्हें खुश करने के लिए एक हाथी के बच्चे का सिर बालक के धड़ पर लगा दिया और उसे जीवित कर दिया। इस तरह गणेश जी का जन्म हुआ और उन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूज्य का दर्जा मिला। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व विनायक चतुर्थी न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह त्योहार समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर गणेश जी की पूजा करते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। गणेश उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक के माध्यम से गणेश जी की महिमा का गुणगान किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Vinayak Chaturthi 2025 #VinayakChaturthi #VinayakChaturthi #HinduFestival #Ganeshji

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Chanakya Niti

चाणक्य नीति के अनुसार किन जगहों पर जाने से बढ़ सकती मुसीबत?

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) भारतीय इतिहास और दर्शन का एक अमूल्य ग्रंथ है, जो जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करता है। चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताया है, जहां भूलकर भी नहीं जाना चाहिए। इन जगहों पर जाने से व्यक्ति को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी जगहें हैं और क्यों इनसे दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति: वे 5 जगहें, जहां भूलकर भी कभी नहीं जाना चाहिए वरना झेलेंगे बड़ा नुकसान 1. जहां लोगों में संस्कार की कमी हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां लोगों में संस्कार की कमी हो। संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को आकार देते हैं। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार पैदा हो सकते हैं और उसका चरित्र भी प्रभावित हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, संस्कारहीन लोगों के साथ रहने से व्यक्ति का नैतिक पतन हो सकता है और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 2. जहां रोजगार न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां रोजगार के अवसर न हों। रोजगार व्यक्ति के जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन में स्थिरता नहीं आ सकती। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और उसका जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, रोजगार के अभाव में व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है और उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 3. जहां शिक्षा का माहौल न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां शिक्षा का माहौल न हो। शिक्षा व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देती है और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का बौद्धिक विकास रुक सकता है और उसके जीवन में अज्ञानता का अंधकार छा सकता है। चाणक्य के अनुसार, शिक्षा के अभाव में व्यक्ति का भविष्य अंधकारमय हो सकता है और उसे सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 4. जहां अपने न रहते हों चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां अपने लोग न रहते हों। अपने लोगों का साथ व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक सहारा देता है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को अकेलापन और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, अपनों के बिना जीवन नीरस और अधूरा हो सकता है और व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत 5. जहां इज्जत न मिले चाणक्य ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां इज्जत न मिले। इज्जत व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा धन है और इसके बिना जीवन अधूरा है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का आत्मसम्मान घट सकता है और उसे सामाजिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, इज्जत के बिना जीवन निरर्थक हो सकता है और व्यक्ति को हमेशा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति का महत्व चाणक्य नीति (Chanakya Niti) जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करती है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि व्यावसायिक और सामाजिक जीवन में भी मार्गदर्शन प्रदान करती है। चाणक्य की नीतियां व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाती हैं और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती हैं। चाणक्य ने जिन जगहों और स्थितियों से दूर रहने की सलाह दी है, उनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chanakya Niti #5Places #ChanakyaNiti #Chanakya #Places

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Wife kills husband

Wife kills husband: बेंगलुरु में शक के चलते पत्नी ने मां संग मिलकर धारदार हथियार से रेता पति का गला 

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह से अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या की, उसके बाद से एक के बाद एक अनगिनत मिलते जुलते मामले सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। ताजा मामला है बेंगलुरु का, जहाँ एक महिला ने अपने पति की गाला रेतकर (Wife kills husband) हत्या कर दी और शव को लावारिस अवस्स्था में छोड़कर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक महिला ने अपने पति के कई अवैध संबंधों और धंधों से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड में महिला ने अपनी माँ का भी सहारा लिया। अपनी मां के साथ मिलकर सबसे पहले उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर अपने पति को दी। और फिर बेहोश होने पर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी लोकनाथ सिंह की हत्या के आरोप में मां और बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि “यह घटना तब सामने आई जब शनिवार को चीक्कबनावारा के एक सुनसान इलाके में एक लावारिस कार में कुछ लोगों की नजर एक शव पर पड़ी। नजर पड़ते लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी।  बेहोशी की हालत में सूनसान जगह पर ले जाकर चाकू से रेता पति का गला (Wife kills husband)  पुलिस ने खुलासा किया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले व्यक्ति के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं ताकि वह बेहोश हो जाए। फिर वे उसे एक सुनसान इलाके में ले गए और सूनसान इलाके में ले जाकर चाकू से उसका गला (Wife kills husband) रेत दिया। और गला रेतने के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हत्या का कारण पीड़ित के कथित अवैध संबंध और गैरकानूनी व्यापारिक लेन-देन बताया गया है। बता दें कि उत्तर बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) सैदुल अदावथ ने मीडिया को बताया कि “हमें शनिवार शाम 5:30 बजे 112 पर एक आपातकालीन कॉल मिली, जिसमें शव के बारे में जानकारी दी गई। फिलहाल हमने उसकी पत्नी और मां को अपराध के लिए गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।” तो, वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि “लोकनाथ का दो साल से महिला के साथ संबंध था और उन्होंने दिसंबर में कुनिगल में शादी की थी। हालांकि, उम्र अधिक होने के चलते परिवार वालों ने इस रिश्ते का विरोध किया था।  इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या  धमकी के बाद उसकी माँ-बेटी ने मिलकर बनाई (Wife kills husband) रास्ते से हटाने की योजना  गौर करने वाली बात यह कि किसी को भी इस शादी की जानकारी नहीं थी। और तो और शादी के तुरंत बाद, लोकनाथ ने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया था। कमाल की बात यह कि उसके परिवार को शादी के बारे में दो हफ्ते पहले ही पता चला। इसी दौरान लोकनाथ की पत्नी और ससुराल वालों को उसके कथित अवैध संबंधों और गैरकानूनी व्यापारिक गतिविधियों के बारे में पता चला गया। इस बीच दोनों का रिश्ता बिगड़ता गया क्योंकि दंपति अक्सर झगड़ते थे। उनका आपसी झगड़ा इस कदर बढ़ गया था कि बात तलाक तक जा पहुंची थी। खैर, इस दरम्यान स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर लोकनाथ ने अपने ससुराल वालों को धमकाना शुरू कर दिया। न सिर्फ उसने धमकाया बल्कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इस चेतावनी के बाद उसकी पत्नी और माँ ने उसे रास्ते से हटाने की योजना (Wife kills husband) बनाई। खैर, इस बीच पुलिस ने यह भी बताया कि “लोकनाथ बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच द्वारा एक धोखाधड़ी मामले में जांच के दायरे में था। कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने स्थानीय लोगों को सदमे में डाल दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife kills husband BengaluruCrime #BreakingNews #TrueCrime #IndiaNews #CrimeReport #DomesticDispute #ViralNews #BengaluruUpdates

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