Lalu Yadav expels son

Lalu Expels Son from Party: इस वजह से लालू ने अपने बड़े बेटे को निकाला पार्टी से, तेजस्वी यादव ने कही यह बात

अक्सर अपने बड़बोलेपन की वजह से अक्सर विवादों में रहने वाले राष्ट्रिय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल इन दिनों सुर्ख़ियों में बने हुए हैं।  राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से दूर करने की घोषणा की (Lalu Expels Son from Party) है। दरअसल, एक दिन पहले शनिवार को तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट का कथित पोस्ट वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पोस्ट में दावा किया गया था कि यह पोस्ट तेज प्रताप यादव ने किया हैं। उक्त पोस्ट में उन्हें एक युवती के साथ देखा गया था। इसमें लिखा गया था, “मैं तेज प्रताप यादव और मेरे साथ इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, उनका नाम अनुष्का यादव है। हम दोनों पिछले 12 सालों से एक-दूसरे को जानते हैं और प्यार भी करते हैं। हम लोग पिछले 12 साल से एक रिलेशनशिप में रह रहे हैं।” हालांकि, इस पोस्ट से जुड़े स्क्रीनशॉट के वायरल होने के कुछ घंटे बाद तेज प्रताप यादव की तरफ से सफाई भी आई। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि “मेरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हैक एवं मेरे तस्वीरों को गलत तरीके से एडिट कर मुझे और मेरे परिवार वालों को परेशान और बदनाम किया जा रहा है, मैं अपने शुभचिंतकों और फॉलोअर्स से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।” हम ऐसी चीजों को पसंद नहीं करते हैं और न बर्दाश्त हम कर सकते (Lalu Expels Son from Party) हैं- तेजस्वी यादव खैर, इस बीच तेज प्रताप यादव के पार्टी से निष्कासित करने को लेकर जब तेजस्वी यादव से पूछा गया (Lalu Expels Son from Party) तो जवाब में उन्होंने कहा कि “ऐसी चीजें को वो अनदेखा नहीं कर सकते हैं। बर्दास्त भी नहीं कर सकते हैं।” तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि “एक बात स्पष्ट है, जहां तक मेरी बात है, हमें ये सब चीजें न तो अच्छा लगती हैं, न बर्दाश्त करते हैं। दूसरी बात हम अपना काम कर रहे हैं, बिहार के प्रति समर्पित हैं और जनता के दुख-सुख में भाग ले रहे हैं। जनता के मुद्दे को उठा रहे हैं। हम नेता विरोधी दल हैं। जहां तक मेरे बड़े भाई की बात है। राजनीतिक जीवन में, निजी जीवन भी अलग होता है, तो निजी जीवन के फैसले और निर्णय, क्योंकि वो बालिग हैं, बड़े हैं, उनको अधिकार है। वो अपना निर्णय, क्या उनका सही होगा, क्या नुकसान होगा, ये अपना निर्णय वो खुद लें और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी दल के नेता हैं, उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है, जो उनकी भावनाएं थीं। हम ऐसी चीजों को पसंद नहीं करते हैं और न बर्दाश्त हम कर सकते हैं।” तेजप्रताप यादव को गैरजिम्मेदाराना (Lalu Expels Son from Party) व्यवहार के कारण छह साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित  तो वहीं लालू प्रसाद ने रविवार को अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को गैरजिम्मेदाराना (Lalu Expels Son from Party) व्यवहार के कारण छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यही नहीं, उनके साथ सभी पारिवारिक संबंध भी तोड़ दिए हैं। अपने फैसले पर लालू प्रसाद ने कहा कि “ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है। अपने निजी जीवन का भला-बुरा और गुण-दोष देखने में तेजप्रताप स्वयं सक्षम हैं। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूं। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है।” इसे भी पढ़ें:-लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर (Lalu Expels Son from Party) हो रही हैं वायरल  बता दें कि तेज प्रताप यादव, लालू यादव के बड़े बेटे हैं। हाल के दिनों में वो अपनी दूसरी (Lalu Expels Son from Party) शादी और प्रेम संबंधों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। अभी एक दिन पहले ही तेज प्रताप यादव के फेसबुक पेज से नए रिश्ते के बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि तेज प्रताप ने इससे साफ़ इनकार कर दिया है। यह तो ठीक, लेकिन जिस तरह से तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, उससे तो ऐसा लगता है कि लालू परिवार सकते में आ गया है। कारण यही जो, लालू यादव ने पार्टी और परिवार दोनों से अपने बड़े बेटे को दूर कर दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Lalu Expels Son from Party #LaluYadav #TejashwiYadav #TejPratapYadav #RJD #BiharPolitics #LaluExpelsSon #PoliticalDrama

आगे और पढ़ें
Kolkata Knight Riders vs Sunrisers

KKR Eliminated from IPL 2025: करारी शिकस्त के साथ ही कोलकाता नाइट राइडर्स का सफर हुआ खत्म, हैदराबाद ने दी 110 रनों से मात

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 68वां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइटराइडर्स को करारी शिकस्त (KKR Eliminated from IPL 2025) दी। बता दें कि इस आखिरी मैच में केकेआर को 110 रन से हार का सामना करना पड़ा। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 278 रन बनाए। गौरकरने वाली बात यह कि टूर्नामेंट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। और और दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल के टॉप चार हाई स्कोर का रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के नाम है। हेनरिक क्लासेन की धुंआधार नाबाद 105 रनों की पारी के बदौलत हैदराबाद ने 110 रनों से रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की। बता दें कि यह आईपीएल इतिहास में कोलकाता की सबसे बड़ी हार है। हेनरिक क्लासेन ने अपने करियर की खेली सर्वश्रेष्ठ (KKR Eliminated from IPL 2025) पारी बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए हेनरिक क्लासेन ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 39 गेंद में नौ छक्कों और सात चौकों की मदद से नाबाद 105 रन बनाए। इसके अलावा हेड ने 40 गेंदों पर छह छक्के और छह चौके की मदद से 76 रन बनाए, तो वहीं इशान किशन ने 29 रन बनाए। इस तरह सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 278 रन बनाए। 279 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की बल्लेबाजी कुछ खास कमाल नहीं कर (KKR Eliminated from IPL 2025) सकी। क्विंटन डिकॉक और सुनील नरेन ने केकेआर की तरफ से पारी का आगाज किया। हालाँकि सुनील नरेन ने कोलकाता नाइट राइडर्स को शानदार शुरुआत दिलाई। यह तो ठीक लेकिन वो अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। डिकॉक 9 रन बनाकर कैच आउट हो गए तो वहीं, नरेन ने 31 रन बनाए। रहाणे ने 15, रघुवंशी ने 14 रन बनाए. मनीष पांडे और हर्षित राणा ने अच्छी बल्लेबाजी की। दोनों ने क्रमश: 37 और 34 रन बनाए।  हैदराबाद की टीम ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी (KKR Eliminated from IPL 2025) की- अजिंक्य रहाणे इस तरह अपनी ख़राब बल्लेबाजी की वजह से केकेआर कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम 18.4 ओवर में 168 रनों पर ही सिमट गई। हैदराबाद की ओर से हर्ष दुबे ने 3 विकेट लिए। नाइट राइडर्स की ओर सुनील नारायण सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 42 रन देकर दो विकेट चटकाए। गौरतलब हो कि पिछले साल की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2025 में 14 मैचों में सिर्फ 5 मैच ही जीत सकी। इस सीजन में टीम को 7 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। 2 मैच बेनतीजा रहे। सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बाद अजिंक्य रहाणे ने हैदराबाद की तरफ सेके बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि “उन्हें लगता है कि हैदराबाद की टीम ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी (KKR Eliminated from IPL 2025) की। हां, हमने गेंदबाजी करते समय कुछ गलतियां कीं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, उन्होंने खराब गेंदों का फायदा उठाया और सभी अच्छी गेंदों पर भी शॉट लगाए। इसका श्रेय हैदराबाद के बल्लेबाजों को जाता है।”  इसे भी पढ़ें:-आईपीएल के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से दी करारी शिकस्त हम अगले साल और भी अधिक मजबूत होकर आएंगे वापस (KKR Eliminated from IPL 2025) की- अजिंक्य रहाणे रहाणे ने आगे कहा कि “हमने स्लोअर गेंद डालने की कोशिश की लेकिन हम अपनी योजनाओं को पूरी तरह से अमली जामा नहीं पहना (KKR Eliminated from IPL 2025) पाए। हमने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, यह लीग काफी कठिन है। लेकिन हमारे पास कई मौके भी आए थे लेकिन हम उन्हें भुना नहीं पाए। हमारे पास ऐसे मौके आए थे जिन्हें हम भुनाते तो पॉइट्स टेबल में पहले या दूसरे स्थान पर भी रह सकते थे। लेकिन हमें कोई अफसोस नहीं, इस सीजन से बहुत कुछ सीखने को मिला। सभी खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। हम अगले साल और भी अधिक मजबूत होकर वापस आएंगे।”  Latest News in Hindi Today Hindi news KKR Eliminated from IPL 2025 #KKREliminated #IPL2025 #SRHvsKKR #IPLPlayoffs #KKRvsSRH #KKRLoss #SunrisersWin #KKRKnockedOut

आगे और पढ़ें
Homemade Healthy Ice cream

Homemade Healthy Ice cream: न्यूट्रिशन से भरपूर आइसक्रीम बनाने का यह है आसान तरीका

समर सीजन आते ही जहां एक ओर गर्मी से हालत खराब होती है, वहीं दूसरी ओर गर्मी से बचने के लिए कई टेस्टी तरीके भी अपनाए जाते हैं। आइसक्रीम (Ice cream) एक ऐसी चीज है, जो बच्चों को तो पसंद आती ही हैं, लेकिन बड़े लोग भी इसे बड़े चाव से खाते हैं। गर्मी में आइसक्रीम खाने का मजा ही अलग है। क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाली अधिकतर आइसक्रीम्स, आइसक्रीम (Ice cream) नहीं बल्कि फ्रोजन डेजर्ट होता है? इसमें प्रिजर्वेटिव्स ओर चीनी भरपूर मात्रा में होते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो इन्हें खाना हमारी हेल्थ (Health) के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लेकिन, आप घर पर भी आसानी से हेल्दी आइसक्रीम (Healthy ice cream) बना सकते हैं। आइए जानें होममेड हेल्दी आइसक्रीम (Homemade healthy ice cream) के बारे में।  हेल्दी आइसक्रीम (Healthy ice cream): इस तरह से बनाएं इन गर्मियों में अगर आपको लगता है कि होममेड आइसक्रीम (Ice cream) हेल्दी नहीं होगी या इनसे आपको बाजार वाला स्वाद नहीं मिलेगा तो आप बिलकुल गलत हैं। आप बिना चीनी और हानिकारक पदार्थों के भी आसानी से आइसक्रीम बना सकते हैं। इस तरह से बना सकते हैं आप होममेड हेल्दी आइसक्रीम (Homemade healthy ice cream)।  सामग्री विधि:  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां आप इसे तरह से स्ट्राबेरी, मेंगो, कीवी आदि की हेल्दी आइसक्रीम (Healthy ice cream) बना सकते हैं। इनमें बस आप ड्राई चॉकलेट की जगह फ्रेश फलों का इस्तेमाल करें। यह आइसक्रीम (Ice cream) न केवल हेल्दी है बल्कि टेस्ट में भी बेहतरीन होगी। आपके बच्चों को यह अवश्य पसंद आएगी। अगर आप इस आइसक्रीम को और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो इसमें सामान्य दूध की जगह कोकोनट मिल्क का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह शुगर फ्री आइसक्रीम (Ice cream) डायबिटीज के रोगियों के सेवन के लिए भी अच्छी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Healthy ice cream #Homemadehealthyicecream #healthyicecream #icecream #Homemadeicecream

आगे और पढ़ें
Baba Khatu Shyam

कब जरुरी है बाबा खाटू श्याम के दरबार में हाजिरी लगाना

भारत के आध्यात्मिक और धार्मिक मान्यताओं में बाबा खाटू श्याम (Baba Khatu Shyam) का नाम विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ लिया जाता है। राजस्थान के खाटू गांव में स्थित बाबा के मंदिर में लाखों श्रद्धालु हर वर्ष आते हैं, अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति पाने के लिए। बाबा खाटू श्याम को भगवान कृष्ण (Lord Krishna) का अवतार माना जाता है, जो संकट में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उनका जीवन सुखमय बनाते हैं। बाबा खाटू श्याम का महत्व और इतिहास बाबा खाटू श्याम जी (Baba Khatu Shyam) का असली नाम बरद्वाज ऋषि का पुत्र बारद्वाज था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण के लिए युद्ध किया था। भगवान कृष्ण ने उनकी वीरता और भक्ति को देखते हुए अपने रूप में उनके नाम से खाटू श्याम जी का पूजन करने का आदेश दिया। इसीलिए उनके भक्त उन्हें “श्री खाटू श्याम” के नाम से पुकारते हैं। कब लगानी चाहिए बाबा के दरबार में हाजिरी? धार्मिक मान्यता है कि जीवन में जब भी संकट, परेशानी या कठिनाइयों का सामना हो, तब बाबा खाटू श्याम (Baba Khatu Shyam) के दरबार में हाजिरी लगाना शुभ और फलदायक होता है। लेकिन इसके साथ ही कुछ संकेत भी होते हैं, जिनके मिलने पर बाबा के दरबार में विशेष भक्ति और आराधना करनी चाहिए। आइए जानते हैं उन प्रमुख संकेतों के बारे में: 1. सपनों में बाबा का दर्शन यदि आपको सपने में बाबा खाटू श्याम का दर्शन होता है, तो इसे एक विशेष संकेत माना जाता है कि बाबा आपको अपनी ओर बुला रहे हैं। ऐसे अवसर पर आपको बाबा खाटू श्याम (Baba Khatu Shyam) के दर्शन अवश्य करने चाहिए और उनकी भव्य पूजा-अर्चना करनी चाहिए। धार्मिक विश्वास के अनुसार, बाबा खाटू श्याम की उपासना से साधक के जीवन में सकारात्मक बदलाव और शुभ फल प्राप्त होते हैं, साथ ही उनकी असीम कृपा सदैव बनी रहती है। 2. खाटू श्याम बाबा की कृपा से बदली जीवन की दिशा? जीवन में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जो हमारे मार्ग को बदल सकती हैं। यदि आपके जीवन में खाटू श्याम बाबा (Baba Khatu Shyam) की वजह से कोई सकारात्मक बदलाव आया है, तो इसे बाबा की ओर से बुलावे का संकेत समझना चाहिए। ऐसे समय में आपको अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए अवश्य खाटू श्याम मंदिर जाकर उनके दर्शन करने चाहिए। 3. खाटू श्याम मंदिर की समूह यात्रा के लिए आपको कोई संकेत या संदेश प्राप्त हुआ होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान अपने भक्तों तक विभिन्न माध्यमों से संकेत पहुँचाते हैं। यदि आपको खाटू श्याम मंदिर (Baba Khatu Shyam) की किसी सामूहिक यात्रा के बारे में कोई संदेश या सूचना प्राप्त होती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह समझना चाहिए कि यह बाबा खाटू श्याम की ओर से आपको उनके मंदिर में आने का आमंत्रण है। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां 4. बार-बार सुनाई दे रहा है खाटू श्याम बाबा का नाम अगर आप लगातार किसी न किसी रूप में खाटू श्याम बाबा का नाम सुनते रहते हैं, तो इसे एक संकेत माना जाता है कि बाबा आपको अपने पास बुला रहे हैं। ऐसे में आपको खाटू श्याम बाबा (Baba Khatu Shyam) से दर्शन करने के लिए खाटू धाम अवश्य जाना चाहिए। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Baba Khatu Shyam #BabaKhatuShyam #Krishna #LordKrishna #ShyamBhakti

आगे और पढ़ें
Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum

Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum: ताजा सर्वे में नितीश को लगा झटका, बीजेपी और तेजस्वी की बल्ले-बल्ले 

इस साल बिहार में चुनाव होना है। फ़िलहाल भारतीय चुनाव आयोग चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। अभी तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है। अक्टूबर-नवंबर होने वाले बिहार चुनाव में भाजपा-जदयू (एनडीए गठबंधन) का मुकाबला राजद-कांग्रेस के महागठबंधन से होगा। खैर, चुनाव होने में अभी तो महीनो बाकी है। इस बीच इंकइनसाइट द्वारा मई के शुरू में जारी एक नए ओपिनियन पोल ने नेताओं की नींद हराम कर दी है। सर्वे के मुताबिक सूबे की महिलाएं राज्य में सरकार बनाने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन को अपनी पहली पसंद बता (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) रही हैं। दरअसल, सर्वे में शामिल 45 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे नीतीश को फिर से सूबे के मुखिया के तौर पर देखना चाहती हैं। यही नहीं, सर्वे के मुताबिक बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से अधिक लोकप्रिय है। इस सर्वे में 60.4 प्रतिशत महिलाओं ने दावा किया है कि वो सत्तारूढ़ गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगी, जबकि 28.4 प्रतिशत ने महागठबंधन का समर्थन किया है।  18-29 आयु वर्ग के 42 प्रतिशत लोगों ने अगले सीएम के तौर पर तेजस्वी यादव को किया (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) पसंद   एक तरफ जहाँ नितीश कुमार बतौर महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं तो वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव युवाओं के बीच पहली पसंद बनकर उभरे हैं।  इंकइनसाइट के सर्वे में शामिल 18-29 आयु वर्ग के 42 प्रतिशत लोगों ने अगले सीएम के तौर पर नीतीश की जगह उन्हें पसंद किया (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) है। हालांकि, एनडीए अभी भी युवाओं के बीच पहली पसंद बनी हुई है। 18-29 आयु वर्ग के 44.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो एनडीए को वोट देंगे, वहीं 39.5 प्रतिशत ने कहा कि वे महागठबंधन को सत्ता में देखना पसंद करेंगे।” सिर्फ 0.76 प्रतिशत ने कहा कि “वो प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को वोट देंगे।” इस ओपिनियन पोल में शामिल 39 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो तेजस्वी यादव को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं तो वहीं 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो इस पद पर नीतीश कुमार को पसंद करेंगे।” बता दें कि ये दूसरा ओपिनियन पोल है जिसमें आरजेडी के तेजस्वी यादव को सीएम पद की पहली पसंद बताया गया है। गौरतलब हो कि “सी-वोटर के पहले के प्री-पोल सर्वे में तेजस्वी यादव को सीएम पद के लिए शीर्ष पसंद बताया गया था। उसमें प्रशांत किशोर दूसरे स्थान पर थे और उसके बाद नीतीश कुमार तीसरे स्थान पर थे।  इसे भी पढ़ें:-लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार तेजस्वी यादव सीएम के रूप में शीर्ष बने हुए (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं पसंद  गौर करने वाली बड़ी बात यह कि “सर्वे के मुताबिक, 30-39 वर्ष आयु वर्ग और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच तेजस्वी यादव सीएम के रूप में शीर्ष पसंद बने हुए (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं। दूसरी ओर, 40-49 वर्ष और 50-59 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं के बीच नीतीश कुमार शीर्ष पसंद हैं। दिलचस्प बात ये है कि अधिकांश 45.8 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि “वो तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद करेंगे।” कुल-मिलाकर इस सर्वे के मुताबिक महिलाओं के बीच, राज्य में एक और कार्यकाल के लिए सरकार बनाने हेतु एनडीए शीर्ष विकल्प बना हुआ है। इस सर्वे में 60.4 प्रतिशत ने दावा किया है कि वो सत्तारूढ़ गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगी, तो वहीं 28.4 प्रतिशत ने महागठबंधन का समर्थन किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum #NitishKumar #BiharPolitics #BJPVictory #TejashwiYadav #ElectionSurvey #PoliticalTwist #BJPvsJDU #IndiaElections #BiharUpdates #VoterMood

आगे और पढ़ें

Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed: झारखंड के इचाबार सलैया जंगल में भीषण एनकाउंटर, मारा गया 15 लाख का इनामी कुख्यात पप्पू लोहरा

झारखंड के लातेहार जिले के इचाबार सलैया जंगल में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के कुख्यात सरगना पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) और उसके एक साथी को मार (Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed) गिराया। यह वही पप्पू लोहरा था, जिसके सिर पर सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह मुठभेड़ लातेहार के उस इचाबार सलैया के जंगल में हुई जो कुछ साल पहले तक नक्सलियों का बड़ा गढ़ माना जाता था।  झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि हमें खुफिया इनपुट मिला था कि पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) अपने साथियों के साथ जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) के जवानों ने अर्ध सैनिक बलों के साथ मिलकर इचाबार सलैया जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों ने रात से ही इलाके की घेराबंदी शुरू की दी और सुबह होते ही दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। कई घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद जब फायरिंग थमी, तो सुरक्षा बलों को जमीन पर दो शव पड़े मिले। इनकी पहचान पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) और उसके साथी के रूप में की गई। पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी सफलता है।  पहले नक्सली था पप्पू लोहरा, फिर बना लिया अपना गैंग  पप्पू लोहरा का नाम झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका था। इसने एक आम नक्सली के तौर पर शुरुआत की की, लेकिन जब सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में मौजूद नक्सलियों को वहां से खदेड़ दिया तो इसने नक्सलियों से अलग होकर अपना एक नया संगठन जेजेएमपी (JJMP) बना लिया। इसके बाद यह क्षेत्र में अवैध वसूली, लूटपाट, धमकी और सरकारी प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाने जैसे काम करना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, लोहरा का गिरोह क्षेत्र में ठेकेदारों, व्यापारियों और ग्रामीणों को धमका कर उनसे वसूली करता था। इसने कई बार सुरक्षा बलों पर भी हमला किया। जिसकी वजह से ही सुरक्षा बल लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी।  एनकाउंटर के बाद जब सुरक्षा बलों को पता चला कि मारा गया उग्रवादी पप्पू लोहरा है, तो मौके पर मौजूद जवानों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन को झारखंड पुलिस और राज्य सरकार नक्सल विरोधी मुहिम में एक निर्णायक सफलता मान रही है। क्योंकि यह सिर्फ एक आतंकी के अंत की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों नागरिकों को उस भय और दबाव से छुटकारा दिलाने की थी, जो पप्पू लोहरा ने बना रखा था।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों की कमर टूट रही है बता दें कि सुरक्षा बलों ने इस समय नक्सलवाद के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने पिछले कुछ सप्ताह के अंदर ही 100 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया है। इसमें करोड़ों रुपये इनामी कई टॉप कमांडर भी शामिल हैं। इसके अलावा हजारों ने नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने हथियारों के साथ सरेंडर भी किया है। कहा जा रहा है कि देश में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ में पहुंच गई है। भारत सरकार ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर देने का वादा किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed #PappuLohra #JharkhandEncounter #NaxalNews #CRPFSuccess #SalaiyaJungle #15LakhReward #MaoistKilled #BreakingNews #LawAndOrder #IndianSecurityForces

आगे और पढ़ें
India Slams Pakistan on Terrorism at UN

UN में भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर धोया… सिंधु जल संधि पर भी कर दी बोलती बंद

संयुक्त राष्ट्र (UN) में चल रही अरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए (India Slams Pakistan on Terrorism at UN) उसके दोहरे चरित्र और सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) के उल्लंघन की तीखी आलोचना की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह न सिर्फ संधि का उल्लंघन कर रहा है, बल्कि भारत पर लगातार आतंकवादी हमले करवा कर हजारों निर्दोष नागरिकों की जान भी ले चुका है। जिसकी वजह से सिंधु जल संधि  (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया गया है।  पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 में सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को शांति और सद्भाव के आधार पर किया था। यह संधि उस समय भी लागू रही जब दोनों देशों के बीच तीन युद्ध हुए। भारत ने हर परिस्थिति में इस समझौते का सम्मान किया, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इस संधि को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा, “अब तक 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक आतंकवाद की वजह से मारे जा चुके हैं। हाल ही में पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है।” भारत के इस तीखे और तथ्यपूर्ण भाषण के बाद पाकिस्तान की स्थिति संयुक्त राष्ट्र में असहज हो गई। उसकी पहले से ही कमजोर पड़ चुकी अंतरराष्ट्रीय साख को और धक्का लगा।  तथ्यों के साथ पाकिस्तान की बोलती कर दी बंद संयुक्त राष्ट्र सभा को संबोधित करते हुए पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने यह भी याद दिलाया कि 2012 में जम्मू-कश्मीर में तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट पर आतंकियों ने हमला किया था। यह हमला न सिर्फ एक निर्माण परियोजना पर था, बल्कि यह पाकिस्तान की उस मंशा को भी जाहिर करता है कि, यह देश भारत के जल संसाधनों को नुकसान पहुंचाना और आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालना चाहता है। सिंधु जल संधि के अंतर्गत भारत को अपनी परियोजनाओं में आवश्यक तकनीकी सुधार और बदलाव करने का पूरा अधिकार है, ताकि संचालन सुरक्षित और प्रभावी हो सके। लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इन कार्यों में बाधा डाली।  इसे भी पढ़ें:- सेना से जारी तकरार के चलते मोहम्मद यूनुस दे सकते हैं इस्तीफा? आतंक और संधि अब एक साथ नहीं चल सकते भारतीय प्रतिनिधि ने सभा को यह भी बताया कि भारत ने पिछले दो वर्षों में कई बार संधि में संशोधन पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया, लेकिन पाकिस्तान का रवैया हर बार टकरावपूर्ण रहा। ऐसे में भारत के पास सीमित विकल्प ही बचे थे। यही वजह है कि भारत ने अब यह निर्णय लिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जाएगा। अब आतंक और संधि एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने हमेशा संयम और उदारता का प्रदर्शन किया है, लेकिन अब वह अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की जान को खतरे में नहीं डाल सकता। भारत के इस ठोस रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीतियों पर गंभीरता से विचार करे। Latest News in Hindi Today Hindi news India Slams Pakistan on Terrorism at UN IndiaVsPakistan #UNSpeech #TerrorismDebate #IndiaStandsStrong #SindhuWaterTreaty #PakExposed #ModiAtUN #IndiaUNResponse #DiplomaticStrike #GlobalTerrorTalk

आगे और पढ़ें
RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers

RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers: सनराइजर्स हैदराबाद से मिली करारी हार के बाद टॉप-2 में नहीं पहुंच पाएगी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 

23 मई को इंडियन प्रीमियर-2025 लीग ( IPL 2025) का 65वां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) के बीच खेला गया। लखनऊ स्थित भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 42 रनों से हरा (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) दिया। इस तरह हैदराबाद ने  बेंगलुरु की टॉप-2 में पहुंचने की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। दरअसल, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स की शुरुआत बड़ी अच्छी रही। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड के बीच पहले विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी हुई। अभिषेक शर्मा 34 रन बनाकर आउट हो गए। उनके आउट होते ही हेड भी 17 रन बनाकर चलते बने।  आरसीबी के लिए शेपर्ड ने 2 विकेट (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) झटके  इसके बाद इशान किशन, क्लासेन और अनिकेत वर्मा ने लड़खड़ाती पारी को (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) संभाला। क्लासेन 24 रन पर आउट हुए तो अनिकेत वर्मा भी 26 रन बनाकर चलते बने। इशान किशन ने 7 चौके और 5 छक्के की मदद से 48 गेंदों पर 94 रनों की पारी खेली। इस तरह कमिंस के 13 रनों के बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने 231 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया। बात करें आरसीबी की बल्लेबाजी की तो आरसीबी के लिए शेपर्ड ने 2,  एनगिडी ने 1, सुयश शर्मा ने 1, भुवनेश्वर कुमार ने 1 और क्रुणाल पांड्या ने 1 विकेट चटकाए। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) की बेहतर शुरुआत 231 रनों का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने बेहतर शुरुआत (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) की। पहले विकेट के लिए विराट कोहली और फिल साल्ट ने 80 रन बनाये। कोहली 43 रन बनाकर आउट हो गए। मयंक अग्रवाल ने 11 रन तो साल्ट 62 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।  तो वहीं रजत पाटीदार ने 18, जितेश शर्मा ने 24 रन बनाए। रजत पाटीदार के आउट होने के बाद आरसीबी का कोई भी बल्लेबाज कुछ ख़ास कमाल नहीं कर सका। फिर क्या था, एक के एक सभी आउट होते चले गए। इस तरह आरसीबी की पूरी टीम 189 पर ऑल आउट हो गई। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पैट कमिंस ने 3, ईशान मलिंगा ने 2, जयदेव उनादकट ने 1, हर्ष दुबे ने 1, हर्षल पटेल ने 1 विकेट चटकाए। कहने की जरूरत नहीं इस हार के बाद आरसीबी को टॉप-2 में पहुंचने के उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि इस हार के बाद आरसीबी अंक तालिका में दूसरे से तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। इसे भी पढ़ें:-आईपीएल के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से दी करारी शिकस्त 800 चौके लगाने वाले वो दुनिया के पहले बल्लेबाज बने विराट कोहली  आरसीबी को भले ही हार का मुंह देखना पड़ा (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) हो लेकिन इस मैच में विराट कोहली का बल्ला जमकर दहाड़ा। इस मैच में 25 गेंदों में सात चौके और एक छक्के की मदद से उन्होंने 43 रन बनाए। यह तो ठीक लेकिन इसके साथ ही विराट ने एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली।  उपलब्धि यह कि टी20 फॉर्मेट में एक टीम की तरफ से खेलते हुए 800 चौके लगाने वाले वो दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers RCBvsSRH #IPL2025 #RCBLoss #SunrisersWin #PlayoffRace #Top2Battle #CricketNews #T20League #RCBDownfall #SRHVictory

आगे और पढ़ें
Dos and Don’ts of Shaligram Puja

शालिग्राम पूजा के नियम: भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए जानें क्या करें और क्या न करें

हिंदू धर्म में शालिग्राम शिला को भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है। शालिग्राम की पूजा से घर में सुख-शांति, धन-समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है। यह शिला मुख्यतः नेपाल के गंडकी नदी से प्राप्त होती है और इसे अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। खासतौर पर वैष्णव संप्रदाय में शालिग्राम की उपासना अत्यधिक महत्व रखती है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि जिस घर में शालिग्राम की विधिवत पूजा की जाती है, वहां दुर्भाग्य, रोग और कलह प्रवेश नहीं करते। हालांकि, शालिग्राम जी की पूजा करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, अन्यथा पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। पुराणों के अनुसार, शालिग्राम भगवान (Lord Shaligram) के कुल 33 स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें से 24 शालिग्राम श्रीहरि विष्णु के 24 अवतारों के प्रतीक माने जाते हैं। उदाहरण स्वरूप, गोलाकार शालिग्राम को गोपाल स्वरूप का प्रतीक माना जाता है, वहीं मछली की आकृति वाला लंबा शालिग्राम मत्स्य अवतार का संकेत देता है। इसी तरह, कछुए जैसे आकार वाला शालिग्राम भगवान विष्णु के कूर्म या कच्छप अवतार का प्रतीक होता है। ऐसा कहा जाता है कि जहां शालिग्राम जी (Shaligram Ji)की पूजा होती है, वहां स्वयं भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। विष्णु पुराण में उल्लेख है कि जिस घर में शालिग्राम का वास होता है, वह स्थान तीर्थ के समान पुण्यदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, शालिग्राम को अर्पित पंचामृत को प्रसाद स्वरूप ग्रहण करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और वह मोक्ष की ओर अग्रसर होता है। शालिग्राम जी की पहचान शालिग्राम (Shaligram) एक काले रंग का गोल या अंडाकार पत्थर होता है, जिसमें प्राकृतिक रूप से चक्र और रेखाएं बनी होती हैं। इसे विशेष रूप से भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है। हर शालिग्राम में अलग-अलग लक्षण होते हैं, जैसे शंखचक्रधारी शालिग्राम, नृसिंह शालिग्राम, लक्ष्मी नारायण शालिग्राम आदि। शालिग्राम पूजन विधि: ध्यान देने योग्य बातें शालिग्राम जी (Shaligram Ji) की पूजा करते समय घर की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिस स्थान पर शालिग्राम विराजमान हों, उसे एक मंदिर की तरह पवित्र और सजावटी बनाना चाहिए। साथ ही अपने व्यवहार और विचारों को भी सात्विक बनाए रखें। शालिग्राम पूजन में नियमितता बहुत महत्वपूर्ण है। पूजन की प्रक्रिया किसी भी दिन नहीं टूटनी चाहिए — प्रतिदिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करना आवश्यक है। शास्त्रों में शालिग्राम पर कच्चे अक्षत (चावल) चढ़ाने की मनाही है। यदि चावल अर्पित करना चाहें, तो उन्हें पहले हल्दी से पीला रंग देकर ही चढ़ाएं। यह भी माना जाता है कि भगवान शालिग्राम की पूजा तुलसी दल के बिना अधूरी मानी जाती है। तुलसी अर्पित करते ही भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं। पूजा के दौरान शालिग्राम को जल से स्नान कराएं, फिर उन पर चंदन लगाएं और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। अंत में भोग लगाएं और आरती करें। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां इन गलतियों से बचेंशालिग्राम शिला को उपहार स्वरूप लेना वर्जित माना गया है। इसे किसी से भेंट स्वरूप प्राप्त करना अशुभ परिणाम दे सकता है। इसी प्रकार, पूजा के समय शालिग्राम पर कभी भी सफेद अक्षत यानी बिना रंगे चावल अर्पित नहीं करने चाहिए। इन नियमों का पालन करके आप नकारात्मक प्रभावों से बच सकते हैं और पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, शालिग्राम जी (Shaligram Ji) को गंगाजल अर्पित नहीं करना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि मां गंगा का उद्गम शालिग्राम शिला से हुआ है। इसलिए शालिग्राम पर गंगाजल चढ़ाना वर्जित माना गया है। पूजा करते समय शालिग्राम को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर उन पर चंदन का लेप करें और तुलसी दल अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Shaligram #ShaligramPuja #VishnuWorship #HinduRituals #Spirituality #VishnuBlessings #PujaRules #HinduTraditions #ShaligramDosAndDonts

आगे और पढ़ें
Asaduddin Owaisi

असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों कहा “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है”

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  के अंतर्गत भारतीय प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर के देशों में भेजा जा रहा है। यह मिशन न केवल पाकिस्तान की नापाक इरादे को उजागर कर रहा है बल्कि भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत को भी मजबूती दे रहा है। और अब इसी संदर्भ में एक राजनीतिक विवाद सुर्ख़ियों में है। दरअसल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की द्वारा कही बात सुर्ख़ियों में है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने लिखा था पत्र  भोपाल के कांग्रेस नेता और विधायक आरिफ मसूद (Congress Leader Arif Masood) ने कुछ दिन पहले चिट्ठी लिखी थी, जिसमें यह लिखा गया था कि ओवैसी के विदेश दौरे पर जा रहे सांसदों को कहा कि वे केंद्र सरकार से साफ करें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में दिए गए विवादित बयान पर यदि विदेशों में सवाल उठे तो उसका जवाब क्या दिया जाए। उनका तर्क था कि विदेशों में भारत की छवि पर असर न पड़े, इसलिए पहले से स्पष्टीकरण होना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी का तीखा पलटवार अब इसी विषय पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और ओवैसी ने अपने ही अंदाज़ में कहा कि  “दुनिया में कोई ऐसा माई का लाल पैदा  नहीं हुआ, जिसके सवाल का जवाब अल्लाह और उसके रसूल के सदके में ओवैसी न दे सके।” ओवैसी ने आरिफ मसूद को ‘छोटा भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा कि वह पूरी बेबाकी से हर मंच पर जवाब देने को तैयार हैं।  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार भी उनकी बेबाकी की कद्र करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है।” उनका इशारा था कि हर दल उनके निर्णयों पर टिप्पणी कर रहा है, मानो वे किसी के अपने नहीं। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) भारतीय राजनीति में एक प्रखर और मुखर नेता के रूप में जाने जाते हैं। AIMIM की स्थापना उनके दादा अब्दुल वहीद ओवैसी ने की थी, लेकिन इसे राष्ट्रीय पहचान असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मिली। वे हमेशा से मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को संसद और अन्य मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। उनकी पार्टी AIMIM ने हैदराबाद के बाहर भी उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। हालांकि उन पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि उनकी राजनीति ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है, लेकिन ओवैसी हमेशा यह कहते आए हैं कि वे सिर्फ संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर जब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो जाती है, तब असली फोकस छूटने लगता है। आरिफ मसूद की चिंता अपनी जगह वाजिब हो सकती है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने जिस तरह से आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, वह दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने को तैयार हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में  असदुद्दीन ओवैसी  (Asaduddin Owaisi) एक ऐसे नेता हैं, जो किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने विचारों को स्पष्ट और निर्भीकता से रखने से नहीं चूकते। उनकी यही शैली उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है – चाहे वह संसद हो या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय मंच। Latest News in Hindi Today Hindi news Asaduddin Owaisi  #AsaduddinOwaisi #Congress #ArifMasood #OperationSindoor

आगे और पढ़ें
Translate »