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Gujarat Assembly ने GST Amendment और Livestock Feed Regulation Bills पास किए

गांधीनगर, 11 सितंबर 2026: Gujarat Legislative Assembly ने अपने Monsoon Session के दौरान Gujarat Goods and Services Tax (Amendment) Bill, 2026 और Gujarat Livestock Feed, Poultry Feed and Mineral Mixture Regulation Bill, 2026 को मंजूरी दे दी। GST amendment का उद्देश्य tax compliance और refund process को आसान बनाना है, जबकि livestock feed law पशु आहार की quality और safety पर सख्त regulation लाएगा। GST Refund Process होगा तेज Finance Minister Kanubhai Desai के मुताबिक GST amendment को Central GST framework में हुए बदलावों के अनुरूप लाया गया है। नई provisions के तहत inverted duty structure वाले eligible businesses को application के बाद 90% provisional refund सात दिनों के भीतर जारी करने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले refund process में 60 दिन तक लग सकते थे। ₹1,000 की Minimum Refund Limit हटेगी Bill में exported goods पर paid tax के refund के लिए मौजूद ₹1,000 minimum threshold को हटाने का भी प्रावधान है। इस बदलाव के बाद exporters ₹1,000 से कम refund amount के लिए भी claim कर सकेंगे। Livestock Feed के लिए Licence होगा Mandatory Assembly ने Gujarat Livestock Feed, Poultry Feed and Mineral Mixture (Regulation of Production, Storage, Distribution, Sale and Quality Control) Bill, 2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत livestock और poultry feed की manufacturing, storage और sale के लिए licence लेना जरूरी होगा। Manufacturers को BIS और ICAR द्वारा तय quality standards का पालन करना होगा। मिलावट पर ₹10 लाख तक Fine और Jail Substandard feed बनाने पर ₹5 लाख तक जुर्माना और licence suspension का प्रावधान है। अगर adulterated feed के कारण किसी पशु की मौत होती है, तो licence cancellation के साथ 7 से 10 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक fine लगाया जा सकता है। Farmers को मिलेगी Exemption अपने पशुओं के लिए खुद feed तैयार करने वाले farmers और research purposes के लिए feed तैयार करने वाले institutions को licensing requirements से exemption दी गई है। सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य livestock health, milk productivity और farmers के हितों की सुरक्षा करना है। source – Gujarat Legislative Assembly / Times of India / DeshGujarat जय राष्ट्र न्यूज़

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BRICS Summit के चलते Delhi में आज से Traffic Restrictions लागू, 22 Diversion Points बनाए गए

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: BRICS Summit 2026 को देखते हुए Delhi Traffic Police ने आज से राजधानी के कई हिस्सों में traffic restrictions और diversions लागू कर दिए हैं। Central और South Delhi के महत्वपूर्ण routes पर traffic regulate किया जा रहा है और कुल 22 diversion points बनाए गए हैं। ये व्यवस्थाएं 11 से 13 सितंबर तक summit के दौरान लागू रहेंगी। आज 2 बजे से 8:30 बजे तक विशेष Restrictions Delhi Traffic Police की advisory के मुताबिक 11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक कई प्रमुख roads पर traffic movement नियंत्रित रहेगा। करीब 35 से ज्यादा roads restrictions या regulated movement के दायरे में आ सकती हैं। VVIP और foreign delegates की movement के अनुसार कुछ routes पर temporary diversion भी किया जाएगा। इन प्रमुख Roads पर पड़ सकता है असर Traffic restrictions से प्रभावित प्रमुख routes में: समेत Central और South Delhi के कई महत्वपूर्ण corridors शामिल हैं। 22 Diversion Points किए गए तय Traffic Police ने पूरे प्रभावित इलाके में 22 diversion points निर्धारित किए हैं। इनमें Patel Chowk, Janpath, RML Hospital, Dhaula Kuan Flyover, Moti Bagh Flyover, Mandi House और Lodhi Road के आसपास के कई junction शामिल हैं। इन locations पर security और traffic situation के आधार पर vehicles को alternate routes पर divert किया जा सकता है। Airport और Railway Station जाने वालों को सलाह Airport और railway stations जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। Delhi Traffic Police ने खासकर airport जाने वाले passengers को संभव हो तो Delhi Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। New Delhi, Old Delhi और Hazrat Nizamuddin Railway Stations के लिए भी alternative routes जारी किए गए हैं। Public Transport इस्तेमाल करने की अपील Authorities ने लोगों से unnecessary travel से बचने, restricted areas में जाने से पहले traffic updates check करने और जहां संभव हो public transport का इस्तेमाल करने को कहा है। Traffic conditions VVIP movement के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए commuters को official Delhi Traffic Police advisories follow करने की सलाह दी गई है। source – Delhi Traffic Police / The Indian Express / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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वैशाली में निर्माणाधीन पुल का Beam Launcher गिरा, 7 मजदूर घायल; NHAI ने शुरू की जांच

वैशाली, 11 सितंबर 2026: Bihar के Vaishali जिले में Bharatmala Pariyojana के तहत बन रहे NH-139W के four-lane Bakarpur–Manikpur project पर बड़ा हादसा हुआ। Lalganj क्षेत्र में construction के दौरान इस्तेमाल किया जा रहा भारी launching girder/beam launcher अचानक गिर गया, जिससे 7 मजदूर घायल हो गए। Launcher का Balance बिगड़ने से हादसा Vaishali SP Shubhank Mishra के मुताबिक हादसा उस समय हुआ जब launcher को construction site पर move किया जा रहा था। शुरुआती जांच में machine के असंतुलित होने या technical fault की आशंका सामने आई है। एक मजदूर का पैर मशीन के नीचे फंसा हादसे में एक मजदूर का पैर भारी structure के नीचे फंस गया था। Rescue personnel ने gas cutter की मदद से launcher का हिस्सा काटकर करीब डेढ़ घंटे बाद उसे बाहर निकाला। सभी सात मजदूरों को पहले Lalganj Referral Hospital ले जाया गया। इनमें से तीन को Sadar Hospital रेफर किया गया, जबकि चार को मामूली चोटें आईं। NHAI बोला—Bridge Structure को नुकसान नहीं NHAI ने स्पष्ट किया है कि हादसा launching girder system में technical issue के कारण हुआ और शुरुआती assessment में bridge के मुख्य structure को नुकसान होने की पुष्टि नहीं हुई है। Agency ने detailed technical assessment शुरू किया है और findings के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। Safety Arrangements पर भी सवाल स्थानीय लोगों ने construction site पर safety arrangements को लेकर सवाल उठाए हैं। Police ने कहा है कि investigation में इन safety-related concerns को भी देखा जाएगा और संबंधित NHAI departments से correspondence किया जाएगा। Tejashwi Yadav ने सरकार को घेरा RJD नेता Tejashwi Yadav ने घटना के बाद construction quality और corruption को लेकर Bihar सरकार पर आरोप लगाए। हालांकि हादसे की technical वजह की आधिकारिक जांच अभी जारी है। Project असल में Four-Lane NHAI के official records के अनुसार Bakarpur–Manikpur section of NH-139W करीब 38.8 km का four-laning project है। इसलिए इसे “6-lane bridge project” कहना official project description से मेल नहीं खाता। source – NHAI / The Indian Express / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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Gandhinagar Building Accident में सभी 15 Workers सुरक्षित Rescue, 12 Hospital में भर्ती

गांधीनगर, 10 सितंबर 2026: Gujarat के Gandhinagar स्थित Kudasan इलाके में under-construction commercial building का slab गिरने के बाद चलाया गया rescue operation पूरा हो गया है। हादसे में फंसे सभी 15 workers को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 9 सितंबर की रात हुआ हादसा यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे Kudasan इलाके में एक under-construction commercial complex में हुई। Construction work के दौरान slab गिर गया, जिससे वहां मौजूद workers मलबे में फंस गए। हादसे के तुरंत बाद Fire Department, Police और emergency teams मौके पर पहुंचीं। 12 Workers Hospitalised Gujarat Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi के मुताबिक rescue किए गए 15 workers में से 12 को Gandhinagar Civil Hospital में भर्ती कराया गया। तीन workers को major injury नहीं होने के कारण discharge कर दिया गया। Officials के अनुसार किसी की हालत critical नहीं है। रातभर चला Rescue Operation Debris हटाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई worker अंदर न फंसा हो, rescue teams ने रातभर operation जारी रखा। Site manager और supervisors ने बाद में पुष्टि की कि मलबे के नीचे कोई अन्य worker नहीं बचा है। Fire और Ambulance Teams रहीं तैनात Rescue operation में Gandhinagar Fire and Emergency Services की कई teams और ambulances लगाई गईं। The Indian Express के मुताबिक कम-से-कम चार rescue vehicles और छह emergency ambulances operation में शामिल थीं। हादसे के कारण की होगी जांच प्रारंभिक reports में construction work के दौरान slab collapse होने की बात सामने आई है। हादसे का exact कारण और site पर safety protocols का पालन हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। आज की Fresh Update आज की सबसे महत्वपूर्ण update यह है कि सभी 15 workers को rescue कर लिया गया है और कोई fatality report नहीं हुई है। 12 workers का इलाज जारी है और officials के अनुसार सभी सुरक्षित हैं। source – PTI / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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BRICS Summit से पहले Delhi में करीब 30,000 Security Personnel तैनात, NSG और Anti-Drone Systems भी Active

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026: 18th BRICS Summit से पहले राष्ट्रीय राजधानी Delhi में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। करीब 25,000 security personnel और 4,800 traffic police personnel को summit और VVIP movement के लिए लगाया जा रहा है। इसके साथ 100 से ज्यादा NSG commandos और anti-drone systems भी security grid का हिस्सा हैं। 12–13 सितंबर को Bharat Mandapam में Summit India अपनी BRICS Chairship के तहत 12 और 13 सितंबर 2026 को New Delhi के Bharat Mandapam में 18th BRICS Summit की मेजबानी करेगा। VVIP Routes पर कड़ी सुरक्षा Visiting heads of state और delegations के movement को देखते हुए airport, diplomatic enclave, summit venue और प्रमुख hotels के आसपास multi-layer security लगाई गई है। Delhi Traffic Police ने 35 से ज्यादा महत्वपूर्ण routes पर restrictions और diversions की तैयारी की है। 100 से ज्यादा NSG Commandos तैनात Summit की security में 100 से अधिक NSG commandos, anti-drone systems और specialised security teams को शामिल किया गया है। VIP convoys की monitoring के लिए GPS tracking और sensitive locations पर enhanced surveillance का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। Putin के लिए Special Security Arrangements Russian President Vladimir Putin के 11 सितंबर को India पहुंचने की उम्मीद है। उनके hotel और travel routes पर additional senior police officers तैनात किए गए हैं। Russian security teams भी पहले ही Delhi पहुंच चुकी हैं। Xi Jinping की संभावित यात्रा पर भी नजर Chinese President Xi Jinping के भी summit में शामिल होने की व्यापक उम्मीद है और Delhi Police Special Cell उनकी संभावित यात्रा के लिए security arrangements संभाल रही है। हालांकि Reuters के मुताबिक Beijing ने 10 सितंबर तक Xi की यात्रा की औपचारिक पुष्टि नहीं की थी। Hotels के Staff का Background Verification जिन hotels में international leaders और delegations रुकेंगे, वहां कर्मचारियों का detailed background verification किया गया है। Security personnel hotels के ground floor से rooftops तक तैनात किए गए हैं, जबकि sensitive zones में surveillance बढ़ा दी गई है। Anti-Drone और AI Surveillance भी इस्तेमाल Possible aerial threats को देखते हुए anti-drone technology लगाई जा रही है। Reports के मुताबिक AI-enabled cameras और facial recognition systems का भी इस्तेमाल security monitoring के लिए किया जाएगा। Delhi में आने वाले दो दिनों में international delegations और heads of state के arrival के साथ VVIP movement बढ़ने की संभावना है, इसलिए traffic restrictions और security checks भी बढ़ सकते हैं। source – The Indian Express / PIB / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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₹48 हजार की नौकरी का ऑफर, दिल्ली पहुंची GNM Nurse ने लगाए कथित धोखे और खराब व्यवहार के आरोप

पटना, 10 सितंबर 2026: Bihar के Patna में आयोजित Mega Job Fair से ₹48,000 प्रति माह की GNM/ICU Nurse नौकरी का offer मिलने के बाद Delhi पहुंची एक महिला ने नौकरी की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसे hospital में nursing duty मिलने की उम्मीद थी, लेकिन Delhi पहुंचने के बाद उसे दूसरी जगह रखा गया और promised job conditions नहीं मिलीं। Patna Job Fair में मिला था Appointment Letter Reports के मुताबिक, Patna के Gyan Bhawan में 19 से 23 अगस्त 2026 तक Mega Job Fair आयोजित किया गया था। इसी दौरान महिला का चयन Hekam India Private Limited के जरिए GNM/ICU Nurse पद के लिए हुआ और उसे करीब ₹48,000 monthly salary का offer मिला। Appointment letter मिलने के बाद वह अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर Delhi चली गई। Delhi पहुंचने के बाद Hospital की जगह दूसरी जगह रखने का आरोप महिला के अनुसार, उसे Delhi पहुंचने पर hospital में duty देने के बजाय एक accommodation/hostel जैसी जगह पर रखा गया। उसने आरोप लगाया कि वहां उससे तय nursing work के बजाय दूसरे काम कराए गए और रहने तथा काम की परिस्थितियां खराब थीं। उसने शौचालय और सफाई का काम कराने तथा पर्याप्त भोजन न मिलने का भी दावा किया। चार दिन बाद वापस लौटी Bihar Reports के अनुसार महिला 2 सितंबर को Delhi पहुंची थी और करीब चार दिन बाद 6 सितंबर को वहां से निकलकर वापस Bihar लौट आई। उसका कहना है कि उसे वह nursing job नहीं मिली जिसकी उम्मीद appointment letter के आधार पर की गई थी। Viral Reports में लगाए गए थे और भी गंभीर आरोप इस मामले को लेकर कुछ reports और social media posts में महिला की ओर से sexual exploitation और गलत गतिविधियों में शामिल करने के दबाव जैसे बेहद गंभीर allegations भी सामने आए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बाद में Bihar Government Department ने इन reports के एक हिस्से पर आपत्ति जताई। Bihar Government ने क्या कहा? Bihar के Youth, Employment and Skill Development Department ने 9 सितंबर को जारी clarification में कहा कि candidate ने अपने लिखित बयान में मुख्य रूप से लंबे working hours और खराब रहने की व्यवस्था की शिकायत की है। Department के मुताबिक candidate ने sexual exploitation का आरोप लगाने से इनकार किया और कहा कि उसकी बातों को कुछ reports में गलत तरीके से पेश किया गया। पूरे मामले की जांच जारी Department ने यह भी कहा कि Job Fair, selection process और संबंधित documents से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इस stage पर किसी company या व्यक्ति के खिलाफ fraud, trafficking या अन्य criminal offence को साबित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता। Job Fair की Verification Process पर उठे सवाल इस विवाद के बाद सरकारी Job Fairs में private companies के verification को लेकर सवाल उठे हैं। Reports के मुताबिक Job Fair में बड़ी संख्या में private companies शामिल हुई थीं और हजारों candidates को employment opportunities देने का दावा किया गया था। अब यह जांच अहम होगी कि candidate को Delhi में exactly किस organization और किस workplace पर भेजा गया था तथा appointment terms और actual working conditions में अंतर क्यों था। आरोप और सरकारी पक्ष दोनों की जांच जरूरी फिलहाल महिला की शिकायत और Bihar Government के clarification के बीच महत्वपूर्ण अंतर है। इसलिए मामले का निष्कर्ष official investigation के बाद ही साफ हो सकेगा। source – TV9 Bharatvarsh / Bihar Youth, Employment and Skill Development Department / अन्य मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत रत्न प्रो. CNR Rao का नाम SIR Discrepancy List में, Officials बोले—कोई Notice जारी नहीं हुआ

बेंगलुरु, 10 सितंबर 2026: भारत रत्न से सम्मानित प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर C. N. R. Rao का नाम Karnataka में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान voter-list की “discrepancy elector” report में सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। शुरुआती reports में दावा किया गया कि 92 वर्षीय वैज्ञानिक को अपनी पहचान साबित करने के लिए notice भेजा गया है, लेकिन election officials ने बाद में स्पष्ट किया कि उन्हें कोई formal notice जारी या serve नहीं किया गया है। ‘Self-Name Mismatch’ के कारण Flag हुआ नाम Chief Electoral Officer, Karnataka की online discrepancy report में Prof. Rao का नाम “self-name mismatch” category में दिखाई दिया। Bengaluru Urban District Election Officer Maheshwar Rao के अनुसार 2002 की electoral roll में Rao का नाम अलग तरीके से दर्ज था, जबकि मौजूदा voter list में उनकी entry अलग नाम के साथ मौजूद है। इसी mismatch के कारण system ने उनका record flag किया। 2002 और Current Electoral Roll में अलग Entry Official clarification के मुताबिक 2002 की voter list में Prof. Rao की entry Malleshwaram Assembly constituency में “Rama” नाम से दर्ज थी। वर्तमान electoral roll में उनका नाम “Prof. C. N. Rao M” के रूप में दर्ज है। इसी अंतर के कारण discrepancy सामने आई। BLO ने नहीं जारी किया Notice Election officials के अनुसार discrepancy सामने आने के बाद Booth Level Officer (BLO) ने Prof. Rao को notice जारी करने के बजाय सीधे उनका नाम final electoral roll में शामिल करने की recommendation की। District Election Officer ने स्पष्ट कहा कि Prof. Rao को SIR प्रक्रिया के संबंध में कोई formal notice नहीं दिया गया है। CNR Rao के Office ने भी Notice मिलने से किया इनकार Prof. Rao के office ने भी कहा कि उन्हें notice मिलने की जानकारी नहीं है। उनके assistant Chandrashekar ने The Indian Express को बताया कि registered mobile number या email पर भी किसी notice या alert की जानकारी नहीं मिली है। शुरुआती Reports से क्यों हुआ Confusion? 9 सितंबर को कई media reports में दावा किया गया था कि Prof. Rao के नाम में spelling mismatch के कारण उन्हें hearing के लिए बुलाया गया है। कुछ reports ने current voter entry में “Prof” और “Proff” जैसे spelling difference का भी जिक्र किया था। बाद में authorities की clarification आने के बाद साफ हुआ कि system में discrepancy दिखाई दी थी, लेकिन notice formally serve नहीं किया गया। 43 लाख Voters के लिए Generate हुए हैं Notices The Indian Express के मुताबिक Karnataka में SIR exercise के दौरान करीब 43 लाख voters ऐसे हैं जिनके records में discrepancies के कारण notices generate हुए हैं। जिन voters को actual notice मिलता है, उन्हें final electoral roll में नाम बनाए रखने के लिए relevant documents देकर verification कराना पड़ सकता है। Final electoral roll अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रकाशित होने की संभावना है। CNR Rao कौन हैं? Prof. C. N. R. Rao भारत के सबसे प्रतिष्ठित scientists में शामिल हैं और solid-state तथा structural chemistry के क्षेत्र में उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। उन्हें 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वह यह सम्मान पाने वाले देश के चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल हैं। आज की Fresh Update क्या है? इस मामले की 10 सितंबर की प्रमुख fresh update यही है कि election authorities ने उन reports को स्पष्ट रूप से खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि Prof. CNR Rao को अपनी पहचान साबित करने के लिए notice दिया गया है। उनका नाम discrepancy list में जरूर था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उनका नाम final voter list में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। source – The Indian Express / PTI / Election Officials जय राष्ट्र न्यूज़

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Government Assurance के बाद J&K Medical Interns ने Strike वापस ली, 30 दिन में Stipend बढ़ाने का भरोसा

श्रीनगर, 9 सितंबर 2026: Jammu and Kashmir के medical interns ने करीब नौ दिनों से जारी अपनी strike को सरकार से लिखित assurance मिलने के बाद समाप्त कर दिया है। Health and Medical Education Minister Sakina Itoo ने interns को आश्वासन दिया है कि उनके monthly stipend में बढ़ोतरी से जुड़े मामले को 30 दिनों के भीतर finalise किया जाएगा। इसके बाद interns ने hospital duties resume कर दी हैं। 31 अगस्त से चल रही थी Strike J&K के medical interns 31 अगस्त से हड़ताल पर थे। उनकी मुख्य मांग monthly stipend में बढ़ोतरी की थी। अभी interns को करीब ₹12,500 प्रति माह stipend मिलता है, जबकि वे इसे कम-से-कम ₹30,000 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं। Health Minister के साथ Meeting के बाद फैसला Intern representatives ने मंगलवार को Health Minister Sakina Itoo से मुलाकात की। Meeting में Government Medical College Srinagar के Principal और Directorate of Health के Deputy Director Planning भी शामिल हुए। Meeting के record note के अनुसार सरकार ने कहा कि Stipend Enhancement Committee की recommendations के आधार पर मामला 30 दिनों के भीतर तय किया जाएगा। Patient Care को देखते हुए Duties पर लौटे Interns Government assurance के बाद interns ने तुरंत strike समाप्त कर hospital duties resume करने का फैसला किया। Meeting note में कहा गया कि यह फैसला patient care के व्यापक हित और interns के academic तथा professional interests को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। Strike पूरी तरह खत्म नहीं, एक महीने के लिए Suspend GMC Jammu के intern Tanish Mansotra के मुताबिक strike को फिलहाल एक महीने के लिए suspend किया गया है। Interns ने साफ किया है कि stipend revision की उनकी मांग वापस नहीं ली गई है। अगर सरकार 30 दिनों में promised revision लागू नहीं करती है, तो वे आगे की रणनीति पर दोबारा विचार कर सकते हैं। 36 घंटे की Duty और कम Stipend पर भी नाराजगी Protesting interns ने सिर्फ stipend ही नहीं, बल्कि working conditions पर भी सवाल उठाए थे। कुछ interns ने 36 घंटे तक की shifts और कम remuneration को लेकर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि इतनी लंबी duty और workload के मुकाबले ₹12,500 का monthly stipend पर्याप्त नहीं है। Medical Colleges ने जारी किए थे Show-Cause Notices Government assurance आने से कुछ घंटे पहले SKIMS Medical College और GMC Anantnag ने protesting interns को show-cause notices जारी किए थे। Notices में पूछा गया था कि duty से अनुपस्थित रहने पर disciplinary action क्यों न शुरू किया जाए। इस कदम की विपक्षी नेताओं ने आलोचना की थी। कई Medical Colleges के Interns थे आंदोलन में शामिल Strike में GMC Srinagar, GMC Jammu, GMC Anantnag, GMC Baramulla, GMC Handwara, SKIMS Medical College Bemina, GMC Kathua, GMC Doda और GMC Rajouri सहित विभिन्न institutions के MBBS और BDS interns शामिल थे। अब 30 दिन बाद सरकार के फैसले पर नजर Interns के duties पर लौटने से hospitals में patient-care services को राहत मिली है। हालांकि इस विवाद का अंतिम समाधान अब सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा। अगर Stipend Enhancement Committee की recommendations के आधार पर 30 दिनों में stipend revision लागू होता है तो आंदोलन स्थायी रूप से समाप्त हो सकता है। फिलहाल interns ने अपनी मांग बरकरार रखी है। source – The Indian Express / Daily Excelsior जय राष्ट्र न्यूज़

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Karnataka के PWD Minister Satish Jarkiholi और सांसद बेटी Priyanka से जुड़े 18 ठिकानों पर ED की छापेमारी

बेंगलुरु, 9 सितंबर 2026: Enforcement Directorate (ED) ने बुधवार सुबह Karnataka के PWD Minister और वरिष्ठ Congress नेता Satish Jarkiholi, उनकी बेटी और Chikkodi से Lok Sabha MP Priyanka Jarkiholi तथा कुछ अन्य लोगों से जुड़े करीब 18 परिसरों पर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की कार्रवाई सुबह से जारी है। Bengaluru के Dollars Colony स्थित घर पर भी Search अधिकारियों के मुताबिक ED की टीम Satish Jarkiholi के Bengaluru के Dollars Colony स्थित आवास पर भी तलाशी ले रही है। इसके अलावा Priyanka Jarkiholi से जुड़े परिसरों और अन्य संबंधित locations को भी search operation में शामिल किया गया है। करीब 18 Locations पर एक साथ कार्रवाई ED की अलग-अलग teams ने सुबह एक साथ करीब 18 locations पर search operation शुरू किया। कार्रवाई Bengaluru सहित Karnataka के अन्य हिस्सों में भी की जा रही है। कुछ reports में Belagavi और Maharashtra में भी searches की जानकारी दी गई है। Priyanka Jarkiholi भी जांच के दायरे में Satish Jarkiholi की बेटी Priyanka Jarkiholi Chikkodi Lok Sabha constituency से सांसद हैं। उनसे जुड़े premises भी ED की मौजूदा कार्रवाई के दायरे में हैं। हालांकि अभी तक agency ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके खिलाफ कोई specific allegation है या searches investigation के broader financial trail का हिस्सा हैं। Fresh Investigation बताया जा रहा मामला PTI की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने मौजूदा कार्रवाई को fresh investigation बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि इसे Satish Jarkiholi के रिश्तेदार और Excise Department officer Y. D. Manjunath से जुड़े पुराने मामले से अलग investigation के रूप में देखा जा रहा है। June में भी हुई थी बड़ी ED कार्रवाई इससे पहले जून 2026 में ED ने Karnataka Excise Department के Additional Commissioner Y. Manjunath और अन्य अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर PMLA के तहत searches की थीं। वह जांच Karnataka Lokayukta Police की FIR से जुड़ी थी, जिसमें alleged corruption और disproportionate assets की जांच की जा रही थी। Satish Jarkiholi रह चुके हैं Excise Minister Satish Jarkiholi Karnataka सरकार में मौजूदा समय में Public Works Department संभाल रहे हैं। वह इससे पहले राज्य के Excise Minister भी रह चुके हैं। हालांकि मौजूदा raids को उनके पुराने excise portfolio से जोड़ने की official पुष्टि अभी नहीं हुई है। Search में क्या मिला, अभी जानकारी नहीं ED की कार्रवाई अभी जारी होने के कारण तलाशी के दौरान मिले documents, digital records, cash या अन्य material को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। Agency की ओर से detailed statement आने के बाद investigation के exact scope और आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल Karnataka सरकार के एक वरिष्ठ Cabinet Minister और Congress MP से जुड़े परिसरों पर एक साथ ED searches होने के कारण राज्य की राजनीति में इस कार्रवाई को लेकर हलचल बढ़ गई है। फिलहाल Satish Jarkiholi या Priyanka Jarkiholi की ओर से इस सुबह की कार्रवाई पर कोई विस्तृत public response सामने नहीं आया है। source – PTI / The Indian Express / The Tribune जय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज को Delhi High Court से राहत नहीं, गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका खारिज; Trial Court जाने को कहा

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को Delhi High Court से राहत नहीं मिली है। High Court ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली habeas corpus petition खारिज करते हुए कहा कि वह इस समय judicial orders के तहत custody में हैं और अपनी गिरफ्तारी या remand को appropriate trial court के सामने चुनौती दे सकते हैं। 7 सितंबर को High Court ने खारिज की Plea Justice Navin Chawla और Justice Ravinder Dudeja की division bench ने 7 सितंबर को भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई की। Petition में दावा किया गया था कि Delhi Police द्वारा की गई गिरफ्तारी illegal थी और उन्हें custody से release किया जाना चाहिए। हालांकि High Court ने habeas corpus के जरिए राहत देने से इनकार कर दिया। Court ने क्यों नहीं दी राहत? Delhi Police की ओर से court को बताया गया कि भारद्वाज को पहले एक दिन की police custody मिली थी, उसके बाद magistrate ने judicial custody का आदेश दिया। Court ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की custody सक्षम अदालत के judicial order के तहत जारी है, तो उसे habeas corpus के जरिए सीधे चुनौती देने के बजाय उस remand order के खिलाफ उपलब्ध कानूनी remedy अपनानी होगी। अब Trial Court में Challenge कर सकते हैं Arrest High Court ने भारद्वाज को यह liberty दी कि वह अपनी गिरफ्तारी या judicial remand को appropriate trial court में challenge कर सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि High Court ने गिरफ्तारी को merits पर पूरी तरह सही ठहरा दिया है; court ने मुख्य रूप से habeas corpus petition को इस stage पर maintainable relief नहीं माना। 14 दिन की Judicial Custody मामले की सुनवाई के दौरान prosecution ने High Court को बताया कि संबंधित अदालत ने भारद्वाज को 14 दिन की judicial custody में भेज दिया है। इसलिए फिलहाल वह judicial custody में रहेंगे, जब तक lower court से कोई अलग relief नहीं मिलती। Bulandshahr से हुई थी गिरफ्तारी Delhi Police ने स्वतंत्र भारद्वाज को Uttar Pradesh के Bulandshahr से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें Delhi लाया गया और court के सामने पेश किया गया। उनकी गिरफ्तारी जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े उस मामले में हुई जिसमें उन पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट का आरोप है। Podcast Video के बाद बढ़ा था मामला मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब भारद्वाज का एक podcast clip वायरल हुआ। उसमें उन्होंने कथित हमले को लेकर विवादित दावे किए थे। इसके बाद CJP नेताओं और समर्थकों ने Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। SC/ST Act की धाराएं भी जोड़ी गईं Delhi Police ने संबंधित FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और criminal intimidation से जुड़े provisions भी जोड़े हैं। इसके अलावा छात्र कार्यकर्ता की ओर से कथित धमकियों और morphed images से जुड़े आरोपों पर अलग POCSO case भी दर्ज किया गया है। ये सभी आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अब Lower Court की प्रक्रिया अहम High Court से habeas corpus relief नहीं मिलने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की legal strategy अब trial court पर केंद्रित होगी। वह arrest, remand या bail से जुड़ी appropriate applications वहां दाखिल कर सकते हैं। फिलहाल मामले में आरोपों की अंतिम सत्यता तय नहीं हुई है और आगे की स्थिति judicial proceedings पर निर्भर करेगी। source – Delhi High Court / LiveLaw / India Todayजय राष्ट्र न्यूज़

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