IMD ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी बढ़ गया है। किन राज्यों में अधिक असर? IMD के अनुसार— प्रशासन अलर्ट मोड पर बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कई राज्यों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है तथा स्थानीय प्रशासन जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— तापमान में आएगी गिरावट लगातार बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि तटीय क्षेत्रों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है। निष्कर्ष IMD की ताज़ा चेतावनी को देखते हुए प्रभावित राज्यों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भारी वर्षा, जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित रूप से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | Ministry of Earth Sciences जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की संभावना है। पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में रहेगा ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार सबसे अधिक प्रभाव इन राज्यों में देखने को मिल सकता है— संभावित प्रभाव भारी बारिश के कारण— IMD की एडवाइजरी मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए विभिन्न राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। निष्कर्ष मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। IMD के ताज़ा अलर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें तथा अफवाहों से बचें। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट और गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित जिले बाढ़ का असर मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य असम के कई जिलों में देखा जा रहा है। इनमें— जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए हैं। नावों और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई राहत शिविरों में हजारों विस्थापित लोग रह रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया, गुजरात-महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पश्चिमी भारत और पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का खतरा जताया है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। अलग-अलग जिलों के लिए मौसम की तीव्रता के अनुसार येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | NDMA | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा जताया है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका व्यक्त की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के मौसम अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है। कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। लोगों के लिए एडवाइजरी IMD और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— यातायात और जनजीवन पर असर लगातार बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से कुछ मार्ग बंद हो सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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भारी बारिश के चलते हिमाचल के कई जिलों में स्कूल बंद, छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन का बड़ा फैसला

शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच राज्य प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में सरकारी और निजी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। किन जिलों में स्कूल बंद? प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रेड अलर्ट और खराब मौसम को देखते हुए चयनित जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने संबंधित जिलों में मौसम की स्थिति के आधार पर यह फैसला लिया है। प्रशासन ने क्या कहा? जिला प्रशासन ने कहा कि— IMD का अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि— यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर मलबा आने और यातायात बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अभिभावकों और नागरिकों के लिए सलाह प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि— आगे क्या? यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन अगले कुछ दिनों के लिए भी आवश्यक निर्णय ले सकता है। IMD लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और रेड अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला एहतियाती कदम है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), हिमाचल प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश। जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामे के आसार, विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगा

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी राजनीतिक माहौल गर्म रहने के आसार हैं। पहले दिन की तीखी नोकझोंक और कार्यवाही में व्यवधान के बाद विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह महंगाई, बेरोज़गारी, परीक्षा सुधार, किसानों के मुद्दे, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य जनहित के विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति जारी रखेगा। वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि वह सभी महत्वपूर्ण विषयों पर संसद के भीतर चर्चा के लिए तैयार है और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाना चाहती है। संसद परिसर के बाहर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। विभिन्न विपक्षी दलों ने बैठकें कर साझा रणनीति बनाई है, जबकि सरकार ने अपने सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाया है ताकि विधायी कार्य प्रभावित न हो। किन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी? विपक्ष ने जिन प्रमुख मुद्दों को उठाने की घोषणा की है, उनमें शामिल हैं— विपक्ष इन विषयों पर विस्तृत चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर सकता है। सरकार की रणनीति सरकार का कहना है कि वह संसद में रचनात्मक चर्चा चाहती है और विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संसदीय नियमों के तहत जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार की प्राथमिकता महत्वपूर्ण विधेयकों और लंबित विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की भी है। संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी दलों से अपील की है कि वे व्यवधान के बजाय बहस के माध्यम से जनता के मुद्दों को उठाएं। संसद में क्या हो सकता है? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दूसरे दिन भी विपक्ष स्थगन प्रस्ताव और विशेष चर्चा की मांग कर सकता है। यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती है, तो सदन की कार्यवाही प्रभावित होने की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि, यदि चर्चा पर सहमति बनती है तो कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत बहस देखने को मिल सकती है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी संसद सत्र के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगे क्या? मानसून सत्र के आगामी दिनों में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव सदन में पेश कर सकती है। वहीं विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में आने वाले दिन संसद की कार्यवाही और राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। निष्कर्ष मानसून सत्र के दूसरे दिन भी संसद में राजनीतिक टकराव के संकेत हैं। सरकार जहां विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है। पूरे देश की नजर अब संसद की कार्यवाही पर बनी हुई है। Source: संसद की कार्यवाही, संसदीय कार्य मंत्रालय, आधिकारिक बयान एवं विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर भारत में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, कई राज्यों के लिए IMD का अलर्ट जारी

नई दिल्ली: उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कुछ हिस्सों सहित कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ (Flash Flood) और नदी-नालों के उफान पर रहने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी प्रणाली और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक कई इलाकों में तेज़ बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर? IMD के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में— शामिल हैं। कई स्थानों पर जलभराव, सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने की सूचना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही बाधित हुई है। IMD ने क्या कहा? मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि— IMD ने राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखी गई हैं। कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है, जबकि नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। लोगों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— यातायात और दैनिक जीवन पर असर लगातार बारिश के कारण कई शहरों में ट्रैफिक जाम, जलभराव और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर देखा गया। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जबकि पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क टूटने की खबरें सामने आई हैं। आगे क्या? IMD के अनुसार अगले दो दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। निष्कर्ष उत्तर भारत में सक्रिय मानसून के चलते भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। IMD ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। Original Report: आधिकारिक मौसम अपडेट और उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार किया, अस्पताल में भर्ती को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने उनकी पत्नी द्वारा दायर उस याचिका पर अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया, जिसमें वांगचुक को सरकारी सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने और तत्काल छुट्टी देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार द्वारा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना मनमाना नहीं माना जा सकता। क्या है पूरा मामला? सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध सरकारी अस्पताल में रखा गया है और निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए। दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी भी अंतरिम राहत से इनकार करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय उचित प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी माना कि उन्हें जबरन उपचार दिए जाने का कोई स्पष्ट आधार फिलहाल रिकॉर्ड पर नहीं है। मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी और सरकार से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट भी मांगी गई है। सरकार का पक्ष सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि वांगचुक की तबीयत लंबे अनशन के कारण लगातार बिगड़ रही थी। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया ताकि उनकी नियमित निगरानी और आवश्यक चिकित्सा देखभाल की जा सके। अस्पताल प्रशासन ने भी बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत है। परिवार और समर्थकों की आपत्ति वांगचुक के परिवार और समर्थकों ने अदालत में कहा कि वे निजी अस्पताल में इलाज कराना चाहते हैं और सरकारी अस्पताल के माहौल को लेकर उन्हें आपत्ति है। उनके वकीलों ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और इसे चिंता का विषय बताया। राजनीतिक बहस तेज हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि सरकार का कहना है कि प्राथमिकता वांगचुक का जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षित रखना है। इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा जारी है। आगे क्या होगा? मामले की अगली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट सरकार की स्थिति रिपोर्ट और अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करेगा। अदालत के अंतिम निर्णय तक वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में ही रहेंगे। दूसरी ओर, उनके समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने और आगे की रणनीति पर विचार करने की बात कही है। निष्कर्ष दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा तत्काल राहत से इनकार किए जाने के बाद सोनम वांगचुक का मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई, मेडिकल रिपोर्ट और सरकार के आगे के कदमों पर रहेगी। Source: Reuters, PTI एवं अन्य विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

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