Ladli Behna Yojana

Ladli Behna Yojana: 5 वर्षों में लाडली बहनों को सरकार देगी 3000 रुपये प्रतिमाह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों के भीतर प्रत्येक महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह घोषणा उन्होंने बैतूल जिले के सारणी के पाथाखेड़ा में महिला स्वयं सहायता समूहों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान की। महिलाएं होंगी आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने चुनाव के दौरान  लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)  के तहत 1000 रुपय प्रतिमाह देने का वादा किया था, जो कि अब बढ़कर 1230 रुपये हो चुका है। आने वाले समय में यह राशि क्रमशः बढ़ती जाएगी और अगले पांच वर्षों में यह 3000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस पूछ रही है कि ये पैसा कहां से आएगा। मैं सभी बहनों को आश्वस्त करता हूं कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम धीरे-धीरे करके इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे और 5 वर्षों के भीतर 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि लाडली बहनों को दी जाएगी।” स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा है बढ़ावा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई लखपति दीदी योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला की सालाना आमदनी एक लाख रुपये तक हो। इस दिशा में राज्य में 350 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भी दी कि राज्य में कई स्थानों पर रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाओं (Ladli Behna Yojana) को सरकार 5000 रुपये और फैक्ट्री मालिक 8000 रुपये देंगे, जिससे कुल मिलाकर 13000 रुपये प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। महिलाओं के लिए शिक्षा और अवसरों का विस्तार मुख्यमंत्री मोहन यादव ( CM Mohan Yadav) ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए की जा रही अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब स्कूल जाने वाले बच्चों को मुफ्त किताबें, कॉपियां और दूर रहने पर मुफ्त साइकिल दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई छात्र मेरिट में आता है तो उसे स्कूटी दी जाती है, और विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक की छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? जनता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “हमारी बहन-बेटियों की संस्कृति हमारी ताकत है। आपका आशीर्वाद हमारे लिए सबसे बड़ा संबल है। हमने संकल्प लिया है कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जो भी संभव होगा, हम करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में 464 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की यह घोषणा राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने वाली यह योजनाएं आने वाले समय में लाखों महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने का कार्य करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाने में भी सहायक होगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Ladli Behna Yojana #LadliBehnaYojana #MPGovernment #WomenEmpowerment #MonthlySupport #₹3000Scheme

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Maharashtra Budget 2025

Maharashtra Budget 2025: महायुति की सरकार ने पेश किया बजट, लाडली बहनों को झटका

महाराष्ट्र में प्रचंड जीत के बाद बनी महायुति की सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट (Maharashtra Budget 2025) पेश किया। विधानसभा में अजित पवार और विधान परिषद में आशीष जयसवाल ने साल 2025-26 ने बजट पेश किया। गौर करने वाली बात यह कि देवेंद्र फडणवीस के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उपमुख्यमंत्री व राज्य के वित्तमंत्री अजित पवार ने साल 2025-26 के लिए 7,00,020 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बजट से महाराष्ट्र की लाडली बहनों को उम्मीद थी। उन्हें उम्मीद थी कि वित्त मंत्री उन्हें मासिकमिलने वाली 1500 रुपये को बढ़ाकर 2100 रुपये करेंगे। लेकिन लाडले वित्त मंत्री ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वो बात और है कि बजट में उन्होंने लाडली बहनों के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान जरूर किया है। खैर, बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री पवार ने कहा कि “औद्योगिक नीति 2025 का उद्देश्य नए निवेश को आकर्षित करना और मेक इन महाराष्ट्र की पहल को बढ़ावा देना है। इस दरम्यान वित्त मंत्री ने दावा किया कि कुल 7 लाख करोड़ का बजट “विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र” के सपने को साकार करने वाला और राज्य के विकास की रफ्तार को गति देगा।” इसके साथ ही वित्त मंत्री ने सीएनजी और एलपीजी वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया। बेशक इससे आने वाले दिनों में एलपीजी, सीएनजी और इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों महंगी हो जाएगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने बजट में नई औद्योगिक नीति की घोषणा की। बड़ी बात यह कि इसमें 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख नई नौकरियों के पैदा होने की उम्मीद है। बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर किए गए हैं कई बड़े ऐलान  यही नहीं बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री अजित पवार ने बजट संबोधन में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की 140 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को साल 2030 तक 300 बिलियन डॉलर और साल 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस हेतु उन्होंने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 अलग-अलग स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक केंद्र बनाने का ऐलान किया है। इस सिलसिले में मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच जल्द ही मेट्रो का काम शुरू किया जाएगा। इस बारे में वित्त मंत्री ने बताया कि “अगले महीने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें संचालित होंगी। इस हवाई अड्डे का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ठाणे में 100 बेड का अति विशेष उपचार अस्पताल बनाने का प्रस्ताव है।”  यही नहीं पवार ने यह भी कहा कि “मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 जगह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापार केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है।” इसके अलावा सरकार ने ग्रामीण आवास के लिए 15,000 करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य 20 लाख घर बनाना है।  बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने की पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा  इसके अलावा अपने बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा भी की। उन्होंने तीसरा हवाई अड्डा वधावन बंदरगाह के पास बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। जानकारी के मुताबिक वहां पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन भी इसके इर्द-गिर्द होगा। यही नहीं पवार ने अपने बजट भाषण में जल्द ही शिरडी हवाई अड्डे पर विमानों के रात में भी उतरने की सुविधा शुरू होने की घोषणा की। बता दें कि इस दौरान वित्त मंत्री ने 45,852 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का बजट पेश किया। बजट में राजकोषीय घाटा 1,36,234 करोड़ रुपये और कुल व्यय 7,00,020 करोड़ रुपये रहने का अंदेशा जताया है। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियां 5,60,963 करोड़ रुपये जबकि राजस्व व्यय 6,06,855 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई है। पवार ने कहा कि “सरकार राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीएसपी) के तीन प्रतिशत से कम रखने में सफल रही है। और राज्य का राजस्व घाटा लगातार सकल राज्य आय के एक प्रतिशत से कम रहा है।” खैर, ध्यान देने वाली बात यह कि बजट पेश करने के दौरान विपक्ष ने कई बार टिका टिप्पणी की। इस दौरान परिषद में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट दिया। और विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठक कर नारेबाजी की।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सिर्फ हिंदू बेच सकेंगे झटका मांस, सरकार ने शुरू किया मल्हार सर्टिफिकेटन इस बजट (Maharashtra Budget 2025) की अहम बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Budget 2025 #MaharashtraBudget2025 #LadkiBahinYojana #WomenEmpowerment #FinancialInclusion #AjitPawar #Mahagathbandhan #EconomicPolicy #SocialWelfare #BudgetAllocation #MaharashtraGovt

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Mahila Samridhi Yojana

Mahila Samridhi Yojana: महिलाओं के सशक्तिकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक दिल्ली महिला समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) को आखिरकार शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने हरी झंडी दे दी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के शुभारंभ के साथ ही 8 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है। महिलाओं की जरूरतों को समझने की पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने महिलाओं को नजदीक से काम करते और संघर्ष करते देखा है। समाज में महिलाओं से कई अपेक्षाएं होती हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को समझने वाले बहुत कम लोग होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन में कार्य करने के दौरान उन्हें यह समझ आया कि महिलाओं की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होती हैं और उनके समर्थन के लिए एक मजबूत व्यवस्था की जरूरत है। राजनीति में महिलाओं की स्थिति पर विचार रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं को न केवल समर्थन दिया बल्कि उन्हें नेतृत्व की भूमिका में भी स्थापित किया। उन्होंने कांग्रेस शासन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब उनकी कैबिनेट में कोई अन्य महिला नेता नहीं थी। इसके विपरीत, भाजपा ने महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया और उन्हें उच्च पदों तक पहुंचाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी में महिलाओं का अपमान तक किया गया, जबकि भाजपा ने महिलाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली का बजट महिला नेतृत्व के हाथ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने इस अवसर पर कहा कि देश में पहली बार केंद्रीय बजट को महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया और अब दिल्ली का बजट भी एक महिला नेतृत्व के हाथों में होगा। यह दर्शाता है कि भाजपा केवल वादे ही नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योजनाएं केवल कागजों पर नहीं बनाई जातीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी किया जाता है। महिला सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के जरिए दिल्ली की बहनों को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और सम्मान की भी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाने की जगह, उनके वास्तविक उत्थान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। महिला दिवस के अवसर पर यह योजना उनके लिए एक विशेष उपहार के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 33% महिला आरक्षण देकर यह दिखा दिया कि देश की तरक्की तभी संभव है जब महिलाएं भी समान रूप से आगे बढ़ें। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार भी महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने वाली है। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? दिल्ली महिला समृद्धि योजना: क्या है और कैसे करेगा लाभ? यह योजना मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और महाराष्ट्र की लड़की बहिन योजना की तर्ज पर बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे, जिससे वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर सकेंगी। इस योजना की घोषणा पहले ही भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में की गई थी और अब इसे लागू कर दिया गया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू कर दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। दिल्ली महिला समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह केवल वित्तीय सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी स्थिति मजबूत करने की एक प्रभावी रणनीति है। भाजपा (BJP) सरकार ने इस योजना के जरिए यह साबित कर दिया है कि वह महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस योजना से दिल्ली की लाखों महिलाओं को फायदा होगा और वे अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahila Samridhi Yojana #MahilaSamridhiYojana #WomenEmpowerment #FinancialFreedom #MSYScheme #SelfReliance #GovtSchemes #WomenWelfare #EconomicGrowth #Entrepreneurship #India

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InternationalWomensDay2025

International Women’s Day: पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?

प्रत्येक साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है, जो महिलाओं के अधिकारों, उपलब्धियों और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी भूमिका को सराहा। पीएम मोदी (PM Modi) ने इस बार महिला दिवस को और भी खास बनाने के लिए परमाणु वैज्ञानिक एलिना मिश्रा और अंतरिक्ष वैज्ञानिक शिल्पी सोनी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (Social Media Accounts) संभालने का अवसर दिया। इन दोनों महिला वैज्ञानिकों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा, “भारत विज्ञान और नवाचार के लिए सबसे शानदार स्थानों में से एक है। हम ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।” एलिना मिश्रा  एलिना मिश्रा, भुवनेश्वर (ओडिशा) की रहने वाली हैं, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई में काम कर रही हैं। उन्होंने अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए बताया कि कैसे उनके पिता ने उनमें विज्ञान के प्रति रुचि जगाई। उन्होंने अपने शोध और वैज्ञानिक योगदान के बारे में बताते हुए लिखा- “परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में काम करने का मेरा सपना भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से जुड़कर साकार हुआ।” एलिना ने लो एनर्जी हाई इंटेंसिटी प्रोटॉन एक्सेलेरेटर (LEHIPA) से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अपना योगदान दिया है। उन्होंने शिकागो स्थित फर्मी नेशनल एक्सेलेरेटर लेबोरेटरी के साथ भारत की साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 800 MeV प्रोटॉन इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP-II) परियोजना में स्वदेशी रूप से विकसित मैग्नेट को शामिल किया। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्रायो-फ्री, हल्के और पोर्टेबल चिकित्सा उपकरणों के विकास में भी योगदान दिया। उन्होंने लिखा- “यह देखकर गर्व महसूस होता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी न केवल अनुसंधान बल्कि आम लोगों के जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।” शिल्पी सोनी  शिल्पी सोनी मध्य प्रदेश के सागर की रहने वाली हैं। इन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में अपने 24 वर्षों के कार्यकाल में 35 से अधिक संचार और नेविगेशन मिशनों में योगदान दिया है। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में भी काम किया है। उन्होंने बताया कि ISRO में काम करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने लिखा- “इसरो में कोई सीमाएं नहीं हैं, यह सभी के लिए समान अवसर प्रदान करता है। चुनौतियों को नवाचार के जरिए हल करने का अवसर मिलना एक अद्भुत अनुभव है।” शिल्पी ने अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भरता को लेकर एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने स्पेस ट्रैवलिंग वेव ट्यूब तकनीक को सफलतापूर्वक स्वदेशी रूप से विकसित कर लिया है, जो अब तक केवल कुछ ही देशों के पास थी। इस समय वह GSAT-22/23 संचार पेलोड परियोजना की एसोसिएट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने लिखा- “अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित होते देखना मेरे लिए गर्व का क्षण था, जिसमें मैंने अपनी टीम के साथ योगदान दिया।” इसे भी पढ़ें:- ‘मैं उद्धव ठाकरे नहीं, जो बदले की भावना से परियोजना रोकूं’, विधानसभा में विपक्ष के आरोपों पर जमकर बरसे सीएम फडणवीस विज्ञान और तकनीक में महिलाओं के लिए असीम संभावनाएं एलिना मिश्रा और शिल्पी सोनी दोनों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा- “विज्ञान और तकनीक की दुनिया अनंत संभावनाओं से भरी हुई है। जब हमारे द्वारा विकसित तकनीकें और सिस्टम सफलतापूर्वक काम करते हैं, तो जो संतोष और गर्व महसूस होता है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।” उन्होंने अन्य महिलाओं से भी अपील की कि वे विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान में करियर बनाने के अवसरों को अपनाएं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) पर एलिना मिश्रा और शिल्पी सोनी का पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट से संवाद यह दर्शाता है कि भारत में महिलाएं अब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ये दोनों वैज्ञानिक न सिर्फ अपने क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। इसरो और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसी संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह प्रमाणित करती है कि अब महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनके योगदान से “नारी शक्ति” की ताकत और उज्जवल भविष्य की झलक मिलती है। इस महिला दिवस (Women’s Day) पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम महिलाओं को विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकें। Latest News in Hindi Today Hindi news International Women’s Day #InternationalWomensDay2025 #WomenInScience #ElinaMishra #ShilpiSoni #WomenEmpowerment #PMModi #WomenInSTEM #NariShakti #WomenLeadership #ScienceAndTechnology

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