Holi 2025: होली के दिन अवश्य करें इस स्तोत्र का पाठ, भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर दूर करेंगे सब दुख

powerful Krishna Stotra

होली, रंगों का त्योहार भारत के सबसे प्रसिद्ध और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल रंगों और उल्लास से भरा होता है, बल्कि इसमें आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। होली के दिन भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की पूजा और उनके स्तोत्र का पाठ करने से जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं और भक्तों को आनंद और शांति की प्राप्ति होती है। होली 2025 में भी इस परंपरा को निभाने का विशेष महत्व होगा। आइए जानते हैं कि होली (Holi) के दिन किस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए और इसका क्या महत्व है।

होली 2025 की तारीख

होली (Holi)  का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में होली 14 मार्च 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाएगा, जो 13 मार्च 2025, गुरुवार को होगा। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है।

श्री राधा कृष्ण अष्टकम 

चथुर मुखाधि संस्थुथं, समास्थ स्थ्वथोनुथं।
हलौधधि सयुथं, नमामि रधिकधिपं॥
भकाधि दैथ्य कालकं, सगोपगोपिपलकं।
मनोहरसि थालकं, नमामि रधिकधिपं॥
सुरेन्द्र गर्व बन्जनं, विरिञ्चि मोह बन्जनं।
वृजङ्ग ननु रञ्जनं, नमामि रधिकधिपं॥
मयूर पिञ्च मण्डनं, गजेन्द्र दण्ड गन्दनं।
नृशंस कंस दण्डनं, नमामि रधिकधिपं॥
प्रदथ विप्रदरकं, सुधमधम कारकं।
सुरद्रुमपःअरकं, नमामि रधिकधिपं॥
दानन्जय जयपाहं, महा चमूक्षयवाहं।
इथमहव्यधपहम्, नमामि रधिकधिपं॥
मुनीन्द्र सप करणं, यदुप्रजप हरिणं।
धरभरवत्हरणं, नमामि रधिकधिपं॥
सुवृक्ष मूल सयिनं, मृगारि मोक्षधयिनं।
श्र्वकीयधमययिनम्, नमामि रधिकधिपं॥

वन्दे नवघनश्यामं पीतकौशेयवाससम्।
सानन्दं सुन्दरं शुद्धं श्रीकृष्णं प्रकृतेः परम्॥
राधेशं राधिकाप्राणवल्लभं वल्लवीसुतम्।
राधासेवितपादाब्जं राधावक्षस्थलस्थितम्॥
राधानुगं राधिकेष्टं राधापहृतमानसम्।
राधाधारं भवाधारं सर्वाधारं नमामि तम्॥
राधाहृत्पद्ममध्ये च वसन्तं सन्ततं शुभम्।
राधासहचरं शश्वत् राधाज्ञापरिपालकम्॥
ध्यायन्ते योगिनो योगान् सिद्धाः सिद्धेश्वराश्च यम्।
तं ध्यायेत् सततं शुद्धं भगवन्तं सनातनम्॥
निर्लिप्तं च निरीहं च परमात्मानमीश्वरम्।
नित्यं सत्यं च परमं भगवन्तं सनातनम्॥
यः सृष्टेरादिभूतं च सर्वबीजं परात्परम्।
योगिनस्तं प्रपद्यन्ते भगवन्तं सनातनम्॥
बीजं नानावताराणां सर्वकारणकारणम्।
वेदवेद्यं वेदबीजं वेदकारणकारणम्॥
योगिनस्तं प्रपद्यन्ते भगवन्तं सनातनम्।
गन्धर्वेण कृतं स्तोत्रं यः पठेत् प्रयतः शुचिः।
इहैव जीवन्मुक्तश्च परं याति परां गतिम्॥
हरिभक्तिं हरेर्दास्यं गोलोकं च निरामयम्।
पार्षदप्रवरत्वं च लभते नात्र संशयः॥

इसे भी पढ़ें:- होलिका दहन की रात काले तिल और सरसों से करें ये चमत्कारिक टोटके!

होली के दिन स्तोत्र पाठ का महत्व

होली (Holi) के दिन भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की पूजा और उनके स्तोत्र का पाठ करने का विशेष महत्व है। भगवान कृष्ण को होली का त्योहार अत्यंत प्रिय है, क्योंकि वे स्वयं रासलीला और रंगों के प्रेमी थे। होली के दिन भगवान कृष्ण (Lord Krishna) के स्तोत्र का पाठ करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

स्तोत्र पाठ करने से न केवल भक्तों को आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि उनके मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। होली के दिन स्तोत्र पाठ करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।

Latest News in Hindi Today Hindi news Holi

#Holi2025 #KrishnaBhakti #HoliPuja #HoliFestival #SpiritualHoli #BhagwanKrishna #HoliMantra #HoliStotra #KrishnaBlessings #HoliCelebration

Translate »