नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI2030 को संदिग्ध हाइजैक अलर्ट मिलने के बाद बीच रास्ते में जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। विमान में 293 यात्री और 13 क्रू सदस्य समेत कुल 306 लोग सवार थे। विमान जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। बाद में की गई जांच में हाइजैक अलर्ट को फॉल्स अलार्म बताया गया।
फ्लाइट में क्या हुआ था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान से कुछ सेकंड के लिए Squawk 7500 सिग्नल मिला। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका इस्तेमाल विमान के अपहरण या किसी अन्य गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति में अलर्ट देने के लिए किया जाता है।
सिग्नल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय किया गया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
दिल्ली की जगह जयपुर क्यों उतारा गया विमान?
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत दिल्ली एयरपोर्ट के वॉर रूम ने एहतियात के तौर पर विमान को जयपुर डायवर्ट करने का फैसला लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Boeing 787-9 विमान सुबह करीब 9:35 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। इसके बाद विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां सुरक्षा जांच की गई।
विमान में सवार सभी 306 लोगों की जांच
फ्लाइट में 293 यात्री और 13 क्रू सदस्य मौजूद थे। लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से उतारा गया और सुरक्षा संबंधी जांच की गई।
विमान और क्रू की जांच के बाद फ्लाइट को दिल्ली के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दिए जाने की जानकारी सामने आई। घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
हाइजैक अलर्ट कैसे आया? तकनीकी गड़बड़ी की आशंका
इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाइजैक अलर्ट आखिर कैसे जारी हुआ। बाद की रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रू ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने हाइजैक कोड को मैन्युअल रूप से सक्रिय नहीं किया था।
इसी वजह से अब यह जांच की जा रही है कि कहीं ATC सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी या किसी तकनीकी त्रुटि के कारण गलत सिग्नल तो नहीं मिला। हालांकि, तकनीकी खराबी को अभी अंतिम कारण नहीं माना जा सकता।
बम की धमकी भी निकली फर्जी
इस फ्लाइट को संदिग्ध बम धमकी से जुड़ी रिपोर्टों में भी शामिल किया गया था। सुरक्षा जांच के दौरान विमान में किसी खतरे का पता नहीं चलने के बाद धमकी को फर्जी माना गया।
Air India की ओर से बताया गया कि विमान सुरक्षित उतरा और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
DGCA और अन्य एजेंसियां कर रही हैं जांच
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि Squawk 7500 सिग्नल कैसे उत्पन्न हुआ। जांच में संभावित तकनीकी खराबी, ATC से जुड़ी समस्या और प्रक्रियागत त्रुटि जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह अलर्ट किस कारण आया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन कदमों की जरूरत होगी।
स्रोत – India Today, NDTV, The Indian Express
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