नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में हत्या, अपहरण, रंगदारी और संगठित अपराध के कई मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका के लास वेगास में गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा एसटीएफ से मिले इनपुट के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने 22 अक्टूबर को दोनों को पकड़ा। अब भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं।
हरियाणा एसटीएफ के इनपुट पर हुई कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिली जानकारी के आधार पर हुई। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE ने कार्रवाई में मदद की और दोनों को लास वेगास में हिरासत में लिया गया।
कौन है हिमांशु भाऊ?
हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोलिया है और वह हरियाणा के रोहतक जिले का रहने वाला है। वह दिल्ली और हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक धमकी और जालसाजी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रतिद्वंद्वी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिमांशु भाऊ को जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह विदेश में बैठकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और आसपास के इलाकों में अपने गिरोह के जरिए आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था।
कई चर्चित मामलों में जुड़ा नाम
जांच एजेंसियों ने हिमांशु भाऊ और उसके नेटवर्क को दिल्ली-एनसीआर में हुई कई गोलीबारी और रंगदारी की घटनाओं से जोड़ा है। उसके गिरोह पर कारोबारियों को धमकी देकर पैसे मांगने और निशाना बनाकर हमले करवाने के आरोप भी हैं। हालांकि इन मामलों में अंतिम दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
नीरज फरीदपुरिया पर 25 से ज्यादा केस
हरियाणा के पलवल जिले का रहने वाला नीरज फरीदपुरिया, जिसका नाम नीरज कौशिक भी बताया गया है, भी लंबे समय से वांछित था। उसके खिलाफ 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वह भी गिरफ्तारी के समय अमेरिका में रह रहा था।
भारत लाने की प्रक्रिया शुरू
हरियाणा एसटीएफ अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। दोनों को भारत वापस लाने के लिए deportation या extradition से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अभी उनकी भारत वापसी की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
संगठित अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई
दोनों की गिरफ्तारी को दिल्ली-हरियाणा में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। भारतीय एजेंसियां अब उनसे जुड़े नेटवर्क, फंडिंग और विदेश से संचालित आपराधिक गतिविधियों की जांच आगे बढ़ा सकती हैं।
जय राष्ट्र न्यूज़

