नई दिल्ली: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 100% हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस सौदे का कुल मूल्य करीब ₹3,050 करोड़ है और इसके पूरा होने के बाद अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की स्मार्ट मीटर कारोबार में मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।
किससे खरीदी जाएगी हिस्सेदारी?
इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में हिस्सेदारी फिलहाल नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड के पास है।
मंजूर सौदे के तहत अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस इन दोनों संस्थाओं से कंपनी की पूरी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी।
जून में हुआ था ₹3,050 करोड़ के सौदे का ऐलान
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने इस अधिग्रहण की घोषणा 9 जून 2026 को की थी। उस समय कंपनी ने इंटेलीस्मार्ट की 100% इक्विटी खरीदने के लिए बाध्यकारी समझौता किया था।
सौदा पूरा करने के लिए प्रतिस्पर्धा आयोग समेत जरूरी नियामकीय मंजूरियों की आवश्यकता थी।
₹3,050 करोड़ में क्या-क्या शामिल?
कंपनी के मुताबिक ₹3,050 करोड़ के कुल सौदे में इंटेलीस्मार्ट की 100% इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण और एनआईआईएफ के पास मौजूद वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋणपत्रों का भुगतान भी शामिल है।
क्या करती है इंटेलीस्मार्ट?
इंटेलीस्मार्ट भारत में उन्नत स्मार्ट मीटर ढांचा स्थापित और संचालित करने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी बिजली के स्मार्ट मीटर के साथ कुछ क्षेत्रों में स्मार्ट गैस मीटर भी तैनात करती है।
2.2 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो
अदाणी समूह के अनुसार इंटेलीस्मार्ट के पास 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटरों का पोर्टफोलियो है। कंपनी उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में काम कर रही है।
अदाणी का स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो 4.7 करोड़ के पार
इस अधिग्रहण के बाद अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का कुल स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो 4.7 करोड़ से अधिक मीटरों तक पहुंचने की संभावना है।
कंपनी का कहना है कि इससे वह भारत के सबसे बड़े स्मार्ट मीटर मंचों में शामिल हो जाएगी और बिजली वितरण क्षेत्र के डिजिटलीकरण में उसकी भूमिका बढ़ेगी।
बिजली वितरण क्षेत्र में क्यों अहम है सौदा?
भारत में पारंपरिक बिजली मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली की खपत का सटीक और तत्काल आंकड़ा मिल सकता है, बिलिंग में सुधार हो सकता है और बिजली वितरण कंपनियों को नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है।
इंटेलीस्मार्ट के अधिग्रहण से अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता मिलेगी।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का कारोबार
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस बिजली पारेषण, वितरण और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी देश की सबसे बड़ी निजी बिजली पारेषण कंपनियों में शामिल है और कई राज्यों में इसकी मौजूदगी है।
कंपनी को बड़े स्तर पर तालमेल की उम्मीद
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का कहना है कि इंटेलीस्मार्ट के जुड़ने से परिचालन खर्च कम करने, रखरखाव बेहतर करने और बड़े स्तर पर स्मार्ट मीटर परियोजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।
कंपनी इसे अपनी जैविक और अधिग्रहण आधारित विकास रणनीति का हिस्सा बता रही है।
अब आगे क्या होगा?
प्रतिस्पर्धा आयोग की मंजूरी मिलने से सौदा पूरा होने की एक बड़ी नियामकीय बाधा दूर हो गई है। हालांकि अंतिम समापन से पहले अन्य आवश्यक शर्तों और औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी हो सकता है।
सौदा पूरा होने के बाद इंटेलीस्मार्ट पूरी तरह अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के नियंत्रण में आ जाएगी।
स्रोत – भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, इकोनॉमिक टाइम्स, एनडीटीवी प्रॉफिट
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