Daat Kali Temple

माता के इस चमत्कारी मंदिर में 100 साल से लगातार जल रही है अखंड ज्योति: डाट काली मंदिर का अद्भुत चमत्कार

भारत में आस्था और चमत्कारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ स्थान ऐसे हैं जिनकी महिमा के आगे विज्ञान भी नतमस्तक हो जाता है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पास स्थित डाट काली मंदिर (Daat Kali Temple) भी ऐसा ही एक अद्भुत और रहस्यमयी मंदिर है, जहां 100 साल से लगातार अखंड ज्योति जल रही है। इस दिव्य ज्योति के चमत्कार को देखकर न केवल भक्त बल्कि कभी अंग्रेज भी आश्चर्यचकित रह गए थे। डाट काली मंदिर (Daat Kali Temple) का इतिहास और महत्त्व देहरादून-शिमला हाईवे पर स्थित यह मंदिर शक्ति की देवी काली माता को समर्पित है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच “डाट काली मंदिर” (Daat Kali Temple) या “डांट काली मंदिर” के नाम से प्रसिद्ध है। डाट काली मंदिर की स्थापना लगभग 219 साल पहले शिवालिक की पहाड़ियों में की गई थी। उस समय माता को “मां घाठेवाली” के नाम से जाना जाता था। बाद में, 1804 में इस मंदिर को देहरादून के पास पुनः स्थापित किया गया, जिसके बाद माता को “डाट काली मां” के नाम से पुकारा जाने लगा। मान्यता है कि जब इस क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा था, तब देवी मां स्वयं प्रकट हुई थीं और यह स्थान उनकी शक्ति का केंद्र बन गया। अंग्रेजी शासन के दौरान जब यहां सड़क बनाई जा रही थी, तो कई बार निर्माण कार्य में बाधा आई और मशीनें अपने आप बंद हो जाती थीं। 100 साल से जल रही है अखंड ज्योति डाट काली मंदिर (Daat Kali Temple) की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां एक अखंड ज्योति पिछले 100 साल से निरंतर जल रही है। इस दिव्य ज्योति का न तो कोई बाहरी कारक प्रभाव डाल सका है और न ही यह कभी बुझी है। यह एक रहस्य ही है कि इतनी लंबी अवधि तक यह ज्योति बिना किसी व्यवधान के जलती आ रही है। मंदिर के पुजारियों और भक्तों का मानना है कि यह माता की कृपा और उनकी चमत्कारी शक्ति का प्रमाण है। अंग्रेज भी रह गए थे दंग ब्रिटिश शासनकाल के दौरान जब यहां सड़क निर्माण का कार्य हो रहा था, तब मशीनें खराब हो जाती थीं और निर्माण कार्य में लगातार बाधाएं आती थीं। मान्यता है कि अंग्रेज शासनकाल के दौरान जब सहारनपुर रोड पर एक सुरंग का निर्माण किया जा रहा था, तो तमाम प्रयासों के बावजूद निर्माण कार्य सफल नहीं हो पा रहा था। जैसे ही मजदूर मलबा हटाते, वह फिर से उसी जगह भर जाता, जिससे इंजीनियरों और श्रमिकों की चिंता बढ़ गई। कहा जाता है कि तब मां घाठेवाली ने मंदिर के पुजारी को स्वप्न में दर्शन देकर सुरंग के पास उनके मंदिर की स्थापना करने का आदेश दिया। इसके बाद, 1804 में महंत सुखबीर गुसैन ने माता का मंदिर वहां स्थापित करवाया। चमत्कारिक रूप से, मंदिर की स्थापना होते ही सुरंग का निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो गया। इस अद्भुत घटना को देखकर न केवल स्थानीय लोग बल्कि अंग्रेज अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी डाट काली मंदिर (Daat Kali Temple) में आने वाले श्रद्धालु माता से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं, और मान्यता है कि माता उनकी सभी इच्छाएं पूरी करती हैं। यहां पर वाहन चालकों की भी विशेष आस्था है, क्योंकि यह मंदिर मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित है। लोग नई गाड़ियों की पूजा करवाने के लिए विशेष रूप से यहां आते हैं ताकि माता का आशीर्वाद उन्हें दुर्घटनाओं से बचाए। डाट काली माता  (Goddess Kali) के मंदिर में भक्तगण श्रद्धा से नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित करते हैं। यहां पर हर साल नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान अखंड ज्योति की महिमा को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसे भी पढ़ें:- 2 अप्रैल 2025 का गजकेसरी राजयोग: इन राशियों के जीवन में आएगी धन-समृद्धि की बहार कैसे पहुंचे डाट काली मंदिर? यह मंदिर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से लगभग 14 किलोमीटर दूर देहरादून-शिमला हाईवे पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए बस, टैक्सी और निजी वाहन आसानी से उपलब्ध हैं। जौलीग्रांट हवाई अड्डा निकटतम हवाई मार्ग है, जो यहां से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। डाट काली मंदिर का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व डाट काली मंदिर (Daat Kali Temple) न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह शक्ति साधना के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां कई साधकों ने तपस्या की है और उन्हें माता की कृपा प्राप्त हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर में माता काली की उपस्थिति स्वयं अनुभव की जा सकती है। मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी भक्तों को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। यहां आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन करके मानसिक शांति और आत्मिक बल प्राप्त करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Daat Kali Temple #DotKaliMandir #EternalFlame #AkhandJyoti #HinduTemple #SpiritualIndia #KaliMaa #DivineMiracle #TempleWonder #UttarakhandTemples #100YearFlame

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Jaipur SUV Traged

Jaipur SUV accident: जयपुर में अनियंत्रित एसयूवी ने दर्जनों को बेहरहमी से कुचला, 3 की मौत, आरोपी उस्मान निकला कोंग्रेसी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार रात नशे में धुत्त एसयूबी चालक ने सरे राह 12 लोगों को बेरहमी से कुचल (Jaipur SUV accident) दिया। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है। इस हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और अन्य घायलों का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार में आ रही कार (RJ14UJ6504) ने नाहरगढ़ रोड पर अनियंत्रित होकर कई राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को रौंद दिया।  दरम्यान कार ने कई राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भी चपेट में ले लिया।टक्कर के बाद कार चालक उस्मान मौके से फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं। इस बीच घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान की जा रही है।  मामला (Jaipur SUV accident) रात तकरीबन 9.30 बजे का है बता दें कि आरोपी का नाम उस्मान है और कांग्रेस का शहर जिला उपाध्यक्ष बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ड्राइवर उस्मान खान (62) लोहे के पलंग की फैक्ट्री का मालिक है। बता दें कि मामला रात तकरीबन 9.30 बजे का है। जानकारी के मुताबिक शहर की एमआई रोड पर भीड़भाड़ वाले इलाके में एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने लोगों को कुचल (Jaipur SUV accident) दिया था और भागते हुए शहर की तंग गलियों में जा घुसी। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और थाने ले गई। इस भीषण हादसे के बाद मंगलवार सुबह लोगों ने नाहरगढ़ थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।  आरोपी (Jaipur SUV accident) का संबंध कांग्रेस से होने की वजह से उसे दिया जा रहा है संरक्षण  नाहरगढ़ थाने पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि “आरोपी (Jaipur SUV accident) का संबंध कांग्रेस से होने की वजह से उसे संरक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक अमीन कागजी उसे बचाकर ले गए। बता दें कि अमीन कागजी पर आरोपी को संरक्षण देने का आरोप लगाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सोमवार रात हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य घायलों को इलाज जारी है। इस हादसे के बाद से लोगों में रोष व्याप्त है। और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान लोग टायर जलाकर प्रदर्शन करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बैरिकेडिंग लगाकर न सिर्फ गणगौरी बाजार में रोड बंद की बल्कि बाजार भी बंद करवा रहे हैं। लोग बुलडोज़र एक्शन की मांग कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग इस हादसे (Jaipur SUV accident) में वीरेंद्र सिंह (48), ममता कंवर (50) और अवधेश पारीक (37) की हो चुकी है मौत  दिल को दहला देने वाले इस हादसे (Jaipur SUV accident) में शास्त्री नगर निवासी वीरेंद्र सिंह (48), ममता कंवर (50) और अवधेश पारीक (37) की मौत हो चुकी है। अन्य घायलों की पहचान विजय नारायण (65), जेबुन्निशा (50) अंशिका (24) मोनेश सोनी (28), मोहम्मद जलालुद्दीन (44) और दीपिका सैनी (17) के रूप में हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Jaipur SUV accident #JaipurAccident #SUVCrash #UsmanCongress #JaipurNews #BreakingNews #Rajasthan #RoadSafety #IndiaNews #ViralVideo #CongressNews

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Trump's 50% Tariff Threat Triggers China’s Warning

Trump tariff threat: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 50% और टैरिफ लगाने की धमकी पर भड़का चीन, दी महाशक्ति को सीधे धमकी

दो अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन समेत दुनियाभर के 180 देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने का एलान किया था। इसी कड़ी में चीन पर भी 34 फीसदी टैरिफ लगाया था। इससे पहले भी ट्रंप 20 फीसदी टैरिफ लगा चुके हैं। इस तरह अमेरिका अब तक चीनी सामानों पर कुल-मिलाकर 54 फीसदी टैरिफ थोप चुका (Trump tariff threat) है। कारण यही जो इस टैरिफ को लेकर चीन का अमेरिका पर बेहद रुख सख्त है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि “चीन अमेरिका के दबाव में किसी भी हाल में नहीं झुकेगा।” चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि “अमेरिका अंतरराष्ट्रीय नियमों को दरकिनार कर रहा है।” गौर करने वाली बात यह कि ट्रंप के टैरिफ एलान के 48 घंटे के भीतर चीन ने अमेरिका को करारा जवाब दिया। उसने भी अमेरिकी सामानों पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। कहने की जरूरत नहीं ट्रंप, चीन के इस कदम से खफा हैं। सोमवार को ट्रंप ने चीन को धमकी भरे लहजे में कहा कि “यदि बीजिंग मंगलवार तक अपने जवाबी शुल्क नहीं हटाता है, तो इसी सप्ताह चीनी आयात पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे।” इस दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि “चीन के साथ होने वाली सभी बैठकों को भी रद कर दिया जाएगा।” अमेरिका के टैरिफ के आगे झुकेगा (Trump tariff threat) नहीं चीन  इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि चाहे कुछ भी हो, चीन अमेरिका के टैरिफ के आगे झुकेगा (Trump tariff threat) नहीं, बल्कि इसके खिलाफ आखिरी तक लड़ेगा। इस पूरे मामले पर चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि “वे अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ अंत तक लड़ाई लड़ेंगे। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि “चीन पर और टैरिफ लगाने की धमकी एक गलती के ऊपर दूसरी गलती होगी। इससे अमेरिका का ब्लैकमेलिंग स्वभाग उजागर होगा। चीन इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। अगर अमेरिका हमें अपने तरीके से चलने पर मजबूर करेगा तो चीन आखिरी तक उसका मुकाबला करेगा। और अगर अमेरिका ने टैरिफ की दर बढ़ाई तो चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा में जवाबी कदम उठाएगा।” इसके साथ ही चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि “वह अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है। ट्रेड वार में कोई विजेता नहीं होता है।” बता दें कि टैरिफ के ऐलान के बाद से ही वैश्विक बाजार में उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है। इसे भी पढ़ें:– क्या टैरिफ से 90 दिन के लिए राहत देंगे ट्रंप? अपने सलाहकार के बयान पर व्हाइट हाउस ने दी सफाई  ट्रंप के टैरिफ (Trump tariff threat) से बौखला उठा है चीन  इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि ट्रंप के टैरिफ (Trump tariff threat) से चीन बौखला उठा। बदले में उसने भी अमेरिकी सामान पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। चीन की इस घोषणा से ट्रंप खफा हैं। इसके बाद खार खाए ट्रंप ने चीन पर 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी। कहने की जरूरत नहीं, दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच टैरिफ युद्ध ने वैश्विक मंदी की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump tariff threat #TrumpTariffThreat #ChinaVsUS #TradeWar #TrumpNews #50PercentTariff #ChinaReaction #GlobalTrade #USChinaConflict #DonaldTrump #TariffHike

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Fake doctor

Fake doctor : ब्रिटिश कार्डियोलॉजिस्ट बनकर की हार्ट सर्जरी, 7 लोगों की गई जान, फर्जी डॉक्टर प्रयागराज से हुआ अरेस्ट

अक्सर अपने फर्जी पुलिस, फर्जी आईएएस और फर्जी पत्रकार से जुड़ी खबरें सुनी होंगी। लेकिन क्या आपने कभी फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के बारे में सुना है? फर्जी पुलिस या पत्रकार बनकर आप कुछ पैसे ही ऐंठ सकते हैं। यह इतना घातक नहीं है, लेकिन फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ बन हार्ट सर्जरी कर देना, वो भी एक दो नहीं, बल्कि 15, ये न सिर्फ घातक है बल्कि जानलेवा भी है। कहने का अर्थ यह कि आप सीधे-सीधे दूसरे की जान से खेल रहे हैं। फर्जी डॉक्टर, (Fake doctor) वो भी दूसरे का नाम इस्तेमाल कर हार्ट सर्जरी कर देना। जाहिर सी बात है, मामला गंभीर है। पोल खुलने पर कई दिनों से फरार चल रहे फर्जी डॉक्टर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ का नाम है डॉक्टर नरेंद्र यादव। डॉक्टर यादव को खुद को लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम बताते थे। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में दमोह के मिशन अस्पताल में लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम के नाम पर फर्जी डॉक्टर यादव ने ढाई महीने में 15 हार्ट ऑपरेशन कर दिए। जिनमें से 7 मरीजों की मौत हो चुकी है।  फर्जी डॉक्टर (Fake doctor) को प्रयागराज के औद्योगिक थाना के ओमेक्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 511 से किया गया गिरफ्तार  मामला प्रकाश में आने के बाद से फर्जी डॉक्टर (Fake doctor) फरार चल रहे थे। दरअसल, 4 अप्रैल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई थी। जिसमें मिशनरी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव द्वारा हार्ट सर्जरी की गई जिसमें 7 मरीजों की मौत के बारे में बताया गया था। इस पोस्ट के बाद मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए। जिसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश पुलिस ने सोमवार को प्रयागराज के औद्योगिक थाना के ओमेक्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 511 से गिरफ्तार किया। पुलिस को उसके पास से कई फर्जी आईडी भी मिली है। आरोपी अगस्त 2024 से पहचान बदलकर यहां रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश पुलिस उसे दमोह लेकर चली गई। आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर से मिलते-जुलते फर्जी प्रमाण पत्र (Fake doctor) किए थे जमा  दमोह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि “हमारी टीम ने छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। हमारी टीम उसे यहां ला रही है।” उन्होंने आगे बताया कि “आरोपी को बाद में अदालत में पेश किया जाएगा। और उसके बाद सीएमएचओ द्वारा शिकायत में उठाए गए सवालों पर आरोपी से पूछताछ की जाएगी।” हालांकि एसपी सोमवंशी ने यह भी कहा कि “अस्पताल में मरीजों की मौत के संबंध में जिलाधिकारी ने सीएमएचओ की रिपोर्ट के बाद जांच जबलपुर मेडिकल कॉलेज को सौंपी है। उनकी (जबलपुर मेडिकल कॉलेज) रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।” जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों ने अस्पताल से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। दस्तावेजों की जाँच के दौरान पाया गया कि आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर से मिलते-जुलते फर्जी प्रमाण पत्र (Fake doctor) जमा किए थे। दमोह के जिलाधिकारी सुधीर कोचर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि “मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इसे भी पढ़ें:-  जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों (Fake doctor) की सही संख्या बता पाना बहुत ही मुश्किल है हालांकि मेडिकल फर्जीवाड़े का यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2023 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक घटना देखने को मिली थी, जहां झोलाछाप डॉक्टर की वजह से 33 लोग एचआईवी पॉजिटिव हो गए थे। वैसे भी भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों (Fake doctor) की सही संख्या बता पाना मुश्किल है। मजे की बात यह कि सरकार के पास भी इसकी कोई  जानकारी नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 2-3 लाख फर्जी डॉक्टर हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Fake doctor #FakeDoctor #BritishCardiologist #HeartSurgeryScam #PrayagrajNews #MedicalFraud #IndiaNews #CrimeAlert #DoctorArrested #HealthScam #BreakingNews

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RCB Beats MI After 10 Years

RCB beats MI after 10 years: 10 साल बाद अपने ही घर में मुंबई इंडियंस को आरसीबी से मिली करारी शिकस्त

7 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का 20वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को 12 रनों से हरा दिया। बता दें कि ये आरसीबी की वानखेड़े स्टेडियम में 10 साल बाद पहली (RCB beats MI after 10 years) जीत है। वानखड़े स्टेडियम में आखिरी बार साल 2015 में आरसीबी को जीत मिली थी। दरअसल, टॉस जीतकर मुंबई इंडियंस ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत बड़ी दमदार रही। आरसीबी के बल्लेबाजों ने मुंबई इंडियंस के छक्के छुड़ा दिए। आरसीबी की सलामी जोड़ी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।  कोहली और रजत पाटीदार ने मिलकर तूफानी पारी (RCB beats MI after 10 years) खेली पहली ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाने के बाद फिल सॉल्ट बोल्ड हो गई। इसके बाद विराट कोहली और पड्डिकल के बीच बढ़िया पार्टनरशिप हुई और दोनों स्कोर 90 रन के पार लेकर गए। इस बीच पड्डिकल 37 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कोहली और रजत पाटीदार ने मिलकर तूफानी पारी (RCB beats MI after 10 years) खेली। कोहली ने 67 रन बनाए  तो वहीं, पाटीदार ने 64 रन बनाए। इसके अलावा जितेश शर्मा ने 19 गेंदों में 40 रन बनाए। इस तरह आरसीबी ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 221 रन बनाए। मुंबई की ओर से कप्तान हार्दिक पांड्या ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके।  मुंबई इंडियंस की शुरुआत काफी खराब (RCB beats MI after 10 years) रही 222 रन का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत काफी खराब (RCB beats MI after 10 years) रही। रोहित शर्मा ने अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन वह 17 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गए। और उनके साथ बल्लेबाजी करने आये रिकेल्टन ने भी 10 गेंदों में 17 रन बनाए। इसके बाद विल जैक्स और सूर्यकुमार यादव ने लड़खड़ाती पारी को संभालने की कोशिश की। लेकिन दोनों ही 22 और 28 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा ने 29 गेंद में 56 जबकि हार्दिक पंड्या ने 15 गेंद में 42 रन की पारी खेली। आरसीबी के विशाल स्कोर के जवाब में मुंबई इंडियंस की टीम 9 विकेट खोकर 209 रन ही बना सकी।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने आरसीबी की जीत के हीरो (RCB beats MI after 10 years) कृणाल पांड्या रहे इस रोमांचक मैच में आरसीबी की जीत के हीरो (RCB beats MI after 10 years) कृणाल पांड्या रहे। उन्होंने आखिरी ओवर में 3 विकेट लेकर मैच ही पलट दिया। दरअसल, आखिरी ओवर तक टीम मैच में बनी हुई थी, लेकिन कृणाल पांड्या ने आखिरी ओवर में 19 रन बचाए और मुंबई इंडियंस को 12 रनों से हार का सामना करना पड़ा। आरसीबी के लिए क्रुणाल पंड्या ने चार जबकि यश दयाल, जोश हेजलवुड ने दो-दो विकेट चटकाए। गौर करने वाली बात यह कि इस मैच में मुंबई इंडियंस के किसी भी गेंदबाज ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 RCB beats MI after 10 years #RCBvsMI #RCBVictory #MIvsRCB2025 #WankhedeWin #RCBFans #MumbaiIndians #IPL2025 #CricketFever #RCBForever #RoyalChallengersBangalore

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Ajit Pawar statement

Ajit Pawar statement: नहीं भूला पाए पत्नी सुनेत्रा की हार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार का झलका दर्द, कही यह बड़ी बात

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुई बगावत के बाद बारामती की दावेदारी को लेकर अजित पवार और वरिष्ठ नेता शरद पवार के बीच होड़ देखने को मिल रही है। आये दिन दोनों नेता अपने कार्यों को एक दूसरे से बड़ा दिखाने की कोशिश में लगे हुए हैं। बता दें कि बारामती की जनता ने लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले को जितवा कर शरद पवार का साथ दिया था तो वहीं विधानसभा चुनाव में युगेंद्र को हरा कर अजित पवार का। बड़ी बात यह कि अजित आज भी लोकसभा चुनाव में हुई पत्नी सुनेत्रा की हार का दर्द भूल नहीं पाए हैं। रविवार को उनका यह दर्द आखिरकार झलक ही उठा। दरअसल, बारामती दौरे पर आए अजित पवार (Ajit Pawar statement) ने वोटरों को बारामती के विकास के लिए किए गए अपने कामों की याद दिलाई। बारामती के विकास के लिए सर्वाधिक काम मैंने ही किया है (Ajit Pawar statement) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बारामती पंचायत समिति दिव्यांगों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar statement) ने याद दिलाया कि “बजट में डीपीडीसी को 22,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसका एक प्रतिशत दिव्यांगों पर खर्च करने के लिए दिया गया है। दिव्यांगों को सहानुभूति नहीं चाहिए, उन्हें समान अवसर चाहिए। हमने दिव्यांगों को पदोन्नति में चार प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। कार्यक्रम में दिव्यांगों को निशुल्क साइकिलें भी वितरित की गईं।” गौर करने वाली बात यह कि इस कार्यक्रम में अजित ने अपने चाचा व वरिष्ठ नेता शरद पवार को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने खुद को क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ विधायक व नेता बताते हुए कहा कि “बारामती के विकास के लिए सर्वाधिक काम मैंने ही किया है।” वो यहीं नहीं थमे, खुद के कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने आगे कहा कि “साल 1991 से वह बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन 1952 से अब तक जितने भी विधायक यहां से विधायक बने हैं, सभी के द्वारा किए गए कार्यों की तुलना मेरे कार्यों से कर लें। मेरे जैसा विधायक दोबारा नहीं मिलेगा। मैं अभी और काम करूंगा।”  इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर ऐसी हरकत करनेवाला यदि मेरा बेहद खास कार्यकर्ता या उसका बेटा भी होगा, तो उसे छोड़ना नहीं (Ajit Pawar statement) अजित पवार बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हुई नृशंस हत्या मामले से बेहद आहत दिखे। खैर बीच, इसी तरह के बारामती के दो युवकों द्वारा एक युवक की पिटाई के सीसीटीवी फुटेज पर उन्होंने तल्ख टिप्पणी की और पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि “इन्हें अच्छा सबक सिखाएं (Ajit Pawar statement)।” यही नहीं, इस घटना का उदाहरण देते हुए उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को ऐसी हरकतों से बाज आने की स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “मुझसे मदद की उम्मीद नहीं करना।” अजीत पवार ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि ऐसी हरकत करनेवाला यदि मेरा बेहद खास कार्यकर्ता या उसका बेटा भी होगा तो उसे छोड़ना नहीं । Latest News in Hindi Today Hindi News Ajit Pawar statement #AjitPawar #SunetraPawar #AjitPawarStatement #MaharashtraPolitics #NCPNews #EmotionalSpeech #PoliticalNews #DeputyCM #Election2024 #IndianPolitics

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Fuel Price Hike Excise Duty Up ₹2 on Petrol, Diesel

Fuel cost rise India: केंद्रीय उत्पाद शुल्क बढ़ा 2 रुपये प्रति लीटर, क्या सच में महंगा होगा पेट्रोल और डीजल?

एक बार फिर मिडल क्लास पर महंगाई की मार पड़ने वाली है। एक तो ऐसे ही लोग बढ़ती महंगाई से त्रस्त हैं, ऊपर से सरकार की नीतियों और फैसलों ने लोगों की कमर तोड़कर रख दी है। एक बार फिर मोदी सरकार झटका देने के मूड में है। जानकारी के मुताबिक़ केंद्र सरकार ने सोमवार यानी आज पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का ऐलान कर दिया है। यह आदेश कल यानी 8 अप्रैल से लागू होगा। इसका अर्थ अब आपको प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल खरीदने हेतु अधिक पैसे (Fuel cost rise India) चुकाने होंगे। दरअसल, सरकार ने यह फैसला वैश्विक तेल कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और ट्रम्प के टैरिफ के बीच लिया है। जानकारी के लिए बता दें कि इस बाबत सेंट्रल एक्साइज़ के अंडर सेक्रेटरी धीरज शर्मा ने नोटिस भी जारी कर दिया है। खबर के मुताबिक, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालाँकि इस खबर से खुदरा ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह बताया है कि आज उत्पाद शुल्क दरों में की गई वृद्धि के बाद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया (Fuel cost rise India) गया है प्राप्त जानकारी के मुताबिक आधिकारिक आदेश के अनुसार, सरकार ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2-2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया (Fuel cost rise India) गया है। हालांकि आदेश में यह नहीं बताया गया है कि इसका खुदरा कीमतों पर क्या असर होगा। लेकिन उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि खुदरा कीमतों में बदलाव की संभावना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के साथ बढ़े हुए उत्पाद शुल्क को समायोजित किए जाने की संभावना है।  इसे भी पढ़ें: WhatsApp का नया अपडेट: वॉयस और वीडियो कॉलिंग का एक्सप्रियंस अब पहले से होगा और बेहतर आज ही शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और बढे दाम (Fuel cost rise India) आपको बता दें कि आज ही शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सुबह से ही शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया था। गौर करने वाली बात यह कि यह जून की शुरुआत के बाद से  शेयर बाजार में आई अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 3, 939.68 अंक की भारी गिरावट के साथ 71,425.01 अंक पर, निफ्टी 1,160.8 अंक फिसलकर 21,743.65 अंक पर आ गया था। इसे संजोग कहें  या कुछ और आज ही सरकार ने सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2-2 रुपये प्रति लीटर की (Fuel cost rise India) बढ़ोतरी कर दी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Fuel cost rise India #FuelPriceHikeIndia #PetrolPriceToday #DieselPriceUpdate #ExciseDutyHike #FuelCost2025 #IndiaFuelRates #PetrolDieselPrice #CentralTaxRise #FuelNewsIndia #OilPriceUpdate

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Love Jihad Horror Unfolds in Jodhpur

Love Jihad Jodhpur: जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग

रविवार को देशभर में रामनवमी त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देश भर में शोभायात्रा और झांकियां निकाली गई। इस दौरान कई हिंदू संगठनों ने पदयात्रा निकाली। इसी कड़ी में जोधपुर में भी रामनवमी के मौके पर आलीशान शोभायात्रा निकाली गई। जानकारी के मुताबिक इस शोभा यात्रा में करीब तकरीबन 450 झांकियां थी। एक के बाद एक झांकियां गुजर ही रहीं थी कि इन झांकियों में शामिल एक झांकी को देखकर सभी का कालेज मुंह को आ गया। दरअसल, यह झांकी लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) के मुद्दे पर बनाई गई थी। इस झांकी में लव जिहाद की शिकार हुई लड़कियों की कहानी दर्शाने की कोशिश की गई थी। यह झांकी जोधपुर के सूरसागर विधानसभा क्षेत्र से शोभायात्रा में शामिल होने आई थी। लव जिहाद की शिकार हुई लड़कियों का क्या हश्र होता है? इस झांकी में इसका संदेश देने का प्रयास किया गया था।   सूटकेस में कटी हुई लड़कियों की बॉडी (Love Jihad Jodhpur) को दिखाया गया था  बता दें कि हिंदू लड़कियां लव जेहाद की शिकार हो जाती है और फिर उनकी कहानी दर्दनाक मौत की चौखट पर जाकर ही खत्म होती है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस झांकी के लिए पुलिस ने खास सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। बता दें कि इस झांकी में फ्रिज और सूटकेस में लड़कियों की बॉडी के खून से सने कृत्रिम अंगों को दर्शाया गया था। लड़कियों की बॉडी के टुकड़े फ्रिज में टुकड़े डाले रखे गए थे। यही नहीं, इसके साथ ही सूटकेस में भी कटी हुई लड़कियों की बॉडी (Love Jihad Jodhpur) को दिखाया गया था।  इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) का शिकार होने से बचने का दिया गया था संदेश झांकी को तैयार करने वाले लोगों ने बताया कि “हिंदू युवतियों को इस झांकी के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वे लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) का शिकार होने से बचें।” आयोजनकर्तओं का कहना था कि “आज देशभर में हिन्दू लड़िकयों को प्रेम जाल में फंसा कर लव जिहाद का शिकार बनाया जाता है। भोली भाली लड़कियों की बेरहमी से कत्ल किए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब हिंदू लड़कियों को जागरुक होने की जरुरत है। इसलिए रामनवमी महोत्सव में यह खास झांकी की तैयार की गई है ताकि हिंदू लड़कियों में जागरुकता आ सके। गौरतलब हो कि विगत वर्षों में लव जिहाद के मामलों में वृद्धि देखी है। जिसके चलते युवतियों को इसके प्रति जागरूक होना जरूर है। बेशक इस तरह की झांकियां समाज को जगाने का काम करती हैं। कहने की जरूरत नहीं जोधपुर की इस झांकी ने राज्य से देश का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। लव जिहाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह एक सराहनीय कदम है। ऐसे में वर्तमान समय में लोगों के इसकी जागरूकता होना भी जरूरी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Love Jihad Jodhpur #LoveJihad #JodhpurNews #SuitcaseMurder #CrimeInIndia #ReligiousViolence #BreakingNews #JodhpurHorror #IndianNews #LoveJihadCase #ViralNews

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Waqf Amendment Bill)

देश भर में हो रहा Waqf Amendment Bill का विरोध, कोई लैंड जिहाद खत्म होने की दे रहा दुहाई, तो कोई बता रहा मजहबी मामला

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 (Waqf Amendment Bill) पर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब यह कानून पूरे देश में लागू हो चुका है। इस विधेयक को संसद के बजट सत्र में पारित किया गया था। बता दें की लोकसभा में 3 अप्रैल की सुबह और राज्यसभा में 4 अप्रैल की सुबह हुई मतदान प्रक्रिया में इसे मंजूरी मिली। लोकसभा में 520 में से 288 सांसदों ने इसके पक्ष में और 232 ने विरोध में वोट दिया, जबकि राज्यसभा में 128 सांसदों ने समर्थन और 95 ने विरोध किया। सरकार को उम्मीद है कि इससे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण और उचित उपयोग को नई दिशा मिलेगी। लेकिन विरोधी पक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर खतरे के रूप में देख रहा है। बिल के पास होते ही विपक्षी दलों और कई मुस्लिम संगठनों ने इसके खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। यही नहीं, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और आप विधायक अमानतुल्लाह खान सहित कई लोगों ने विधेयक की वैधता को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। इसके साथ ही एक गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स ने भी वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। इस कानून (Waqf Amendment Bill) के जरिए सरकार मुस्लिमों का छीन रही है हक  वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 (Waqf Amendment Bill) का विरोध थमता नहीं दिख रहा है। वक्फ कानून पर जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने बड़ा बयान दिया है। मदनी ने कहा है कि “इस कानून के जरिए सरकार मुस्लिमों का हक छीन रही है। वक्फ हमारे मजहब का मामला है इसलिए इससे हम खुद निपट लेंगे।” यही नहीं, मदनी ने वक्फ कमेटी में हिंदुओं के रखे जाने पर सवाल उठाया और इस कानून का विरोध करने वाले विपक्ष नेताओं को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि “विपक्ष के जो नेता इस कानून का विरोध कर रहे हैं, वे मुस्लिमों को उनका हक देंगे। आज नहीं तो कल हमारा हक मिलेगा।” मदनी ने आगे यह भी कहा कि “सरकार को वक्फ मंत्रालय भी किसी मुस्लिम को दे देना चाहिए था।” संशोधित वक्फ विधेयक (Waqf Amendment Bill) देश में भूमि जिहाद को खत्म करने में करेगा मदद  इसके अलावा तेलंगाना से बीजेपी विधायक टी राजा सिंह ने रविवार को दावा किया कि संशोधित वक्फ विधेयक (Waqf Amendment Bill) देश में भूमि जिहाद को खत्म करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि “भारत में भगवा सरकार के सत्ता में आने के बाद से भूमि जिहाद में शामिल लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।” कल तक जो लोग वक्फ नोटिस जारी करके भूमि जिहाद के नाम पर बोर्ड लगाते थे, जैसे कि यह उनके पिता की संपत्ति हो, वे अब ऐसे बोर्ड नहीं लगा पाएंगे क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया है। जब भारत आजाद हुआ तो ‘वक्फ बोर्ड वालों’ के पास करीब 4,000 एकड़ जमीन थी। उन्हें 9,50,000 (9.5 लाख) एकड़ जमीन कैसे मिली? बता दें कि पिछले सप्ताह भारतीय संसद के दोनों सदनों में में लंबी बहस और कड़े विरोध के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपनी मंजूरी दिए जाते ही शनिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 कानून बन गया। गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर अब यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (उम्मीद) अधिनियम, 1995 हो गया है। इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर नए कानून का मुख्य उद्देश्य (Waqf Amendment Bill) वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और अतिक्रमण को रोकना है नए कानून का मुख्य उद्देश्य (Waqf Amendment Bill) वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग, पक्षपात और अतिक्रमण को रोकना है। सरकार का दावा है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस कानून का विरोध करने वाले मुस्लिम समुदाय और विपक्षी दलों का कहना है कि “यह धार्मिक स्वायत्तता पर हमला है। खास तौर पर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को वे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप मानते हैं।”  विरोधियों का यह भी तर्क है कि यह कदम वक्फ की मूल भावना को कमजोर करता है। Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Amendment Bill #WaqfAmendmentBill #LandJihadDebate #WaqfProtests #ReligiousFreedom #IndiaPolitics #WaqfBill2025 #MinorityRights #WaqfLandIssue #WaqfControversy #SecularIndia

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Wat Pho Bangkok

पीएम मोदी ने वॉट फो मंदिर में किए बुद्ध के दर्शन, थाईलैंड में दिखी भारत की आध्यात्मिक पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया थाईलैंड यात्रा के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वॉट फो (Wat Pho) मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए। यह मंदिर बैंकॉक के फ्रा नखोन जिले में स्थित है और इसे ‘रीक्लाइनिंग बुद्धा’ के मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। वॉट फो थाईलैंड के छह प्रथम श्रेणी के रॉयल मंदिरों में से एक है और अपनी विशाल बुद्ध प्रतिमा, पारंपरिक थाई चिकित्सा और थाई मालिश के लिए विश्वविख्यात है।​ वॉट फो मंदिर का इतिहास वॉट फो बैंकॉक  (Wat Pho Bangkok) के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है, जिसका निर्माण बैंकॉक को राजधानी घोषित करने से पहले ही हो चुका था। मूल रूप से इसे ‘वॉट फोताराम’ कहा जाता था, जो बाद में संक्षिप्त होकर ‘वॉट फो’ (Wat Pho) बन गया। इसका नाम भारत के बोधगया में स्थित बोधि वृक्ष के मठ से प्रेरित है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था।​ वात फ्रा चेतुफोन विमोनमंगकलाराम रत्चवोरमाहविहान, जिसे आमतौर पर वाट फो (Wat Pho) के नाम से जाना जाता है, थाईलैंड (Thailand) का एक प्रमुख बौद्ध मंदिर है और यह बुद्ध की प्रतिमाओं के सबसे बड़े संग्रह के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर की स्थापना 16वीं शताब्दी में एक मठ के रूप में की गई थी। बाद में, सन् 1788 में राजा राम प्रथम ने इसका जीर्णोद्धार कराया। वर्तमान में जो भव्य रूप हम देखते हैं, वह राजा राम तृतीय के शासनकाल के दौरान अस्तित्व में आया, जब उन्होंने 1832 में मंदिर के अधिकांश हिस्सों का विस्तार किया। इस विस्तार में मुख्य रूप से दक्षिण विहार और पश्चिम विहार का निर्माण हुआ, जहां भव्य लेटे हुए बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की गई। यह प्रतिमा 1848 में पूर्ण हुई और आज यह बैंकॉक की सबसे विशाल बुद्ध मूर्तियों में से एक मानी जाती है। मंदिर की वास्तुकला और विशेषताएं वॉट फो मंदिर (Wat Pho Temple) परिसर लगभग 80,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है और इसमें 1,000 से अधिक बुद्ध प्रतिमाएं स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख है 46 मीटर लंबी और 15 मीटर ऊंची ‘रीक्लाइनिंग बुद्धा’ की प्रतिमा, जो थाईलैंड की सबसे बड़ी बुद्ध प्रतिमाओं में से एक है। यह प्रतिमा भगवान बुद्ध के निर्वाण में प्रवेश का प्रतीक है।​  मंदिर परिसर में चार बड़े चेदी (स्तूप) हैं, जिन्हें ‘फ्रा चेदी राय’ कहा जाता है। इनमें से पहला हरा चेदी राजा राम प्रथम द्वारा, दूसरा सफेद चेदी राजा राम द्वितीय की स्मृति में, और तीसरा पीला चेदी राजा राम तृतीय द्वारा निर्मित किया गया था।​ इसे भी पढ़ें:- 2 अप्रैल 2025 का गजकेसरी राजयोग: इन राशियों के जीवन में आएगी धन-समृद्धि की बहार प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की वॉट फो मंदिर की यात्रा भारत और थाईलैंड (Thailand) के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करती है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझा बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करती है। वाट फो मंदिर के दर्शन के दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र (PM Narendra Modi) मोदी के साथ मौजूद रहीं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लेटे हुए भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की और मंदिर में वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं को ‘संघदान’ अर्पित किया। उन्होंने मंदिर को सम्राट अशोक के सिंह स्तंभ की प्रतिकृति भी भेंट की, जो भारत और थाईलैंड के बीच गहरे और ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने इस अवसर पर भारत-थाईलैंड के बीच जीवंत, मजबूत और प्राचीन सभ्यतागत रिश्तों को याद किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा की झलक साझा करते हुए लिखा, “आज मुझे बैंकॉक के ऐतिहासिक वाट फ्रा चेतुफोन विमोनमंगकलाराम रत्चवोरमाहविहान यानी वाट फो के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैं थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा का मंदिर में मेरे साथ आने और विशेष सम्मान देने के लिए आभार प्रकट करता हूं।” प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भगवान बुद्ध (Lord Buddha) की शिक्षाएं ही भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्तों की नींव हैं। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में इस यात्रा का एक वीडियो भी साझा किया और इसे स्मरणीय अनुभव बताया। Latest News in Hindi Today Hindi News Wat Pho Bangkok #PMModi #WatPho #BuddhaTemple #ThailandVisit #SpiritualIndia #ModiInThailand #IndianHeritage #Buddhism #TempleVisit #IndiaAbroad

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