Operation Sindoor controversy

Operation Sindoor Ad on Tickets: रेल्वे टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का प्रचार होने पर भड़की कांग्रेस, पीएम मोदी को लेकर कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) चलाकर लिया था। इसके तहत भारतीय सेना ने 9 आतंकी ठिकानों सहित पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और एयर बेस को बर्बाद कर दिया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। भारतीय सेना के पराक्रम के आगे 3 दिन के भीतर ही पाकिस्तान घुटनों पर आ गया और सीजफायर की दुहाई देने लगा। जिसके बाद दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के बाद सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। हालाँकि देश केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कई मंचों से पाकिस्तान से दो टूक कह दिया था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। अभी भी जारी है। अभी सिर्फ ट्रेलर दिखाया गया है। अभी तो पिक्चर बाकी है। इस बीच सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय बीजेपी सरकार को न देते हुए सेना को दिया (Operation Sindoor Ad on Tickets) था। इसके साथ सभी दलों ने यह आशंका जताई थी कि बीजेपी आज नहीं तो कल ऑपरेशन सिंदूर का क्रेडिट लेगी ही।  मध्य प्रदेश में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor Ad on Tickets) को लेकर शुरु हो गई है राजनीति  खैर, इस बीच मध्य प्रदेश में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor Ad on Tickets) को लेकर राजनीति शुरु हो गई है। बता दें कि ये राजनीति भारतीय रेलवे के रिजर्वेशन टिकट पर छपे ऑपरेशन सिंदूर का संदेश देती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो से शुरु हुई (Operation Sindoor Ad on Tickets) है। दरअसल, रेलवे रिजर्वेशन टिकट लिखा है कि “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है। एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। वहीं, टिकट के निचले हिस्से में बारीक से अक्षरों में लिखा है कि “पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन 12 मई 2025।” इस फोटो पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार को आपदा में अवसर बनाने वाला बताया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारतीय रेलवे के टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का संदेश और उसपर प्राधनमंत्री की तस्वीर को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।  अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को एक प्रोडक्ट के रूप में बेचा (Operation Sindoor Ad on Tickets) जा रहा है "सेना के पराक्रम को भी अपनी राजनीति चमकाने के लिए एक प्रोडक्ट की तरह बेचा जा रहा है" केंद्र सरकार कितनी विज्ञापनजीवी हो चुकी है, इसका ताज़ा उदाहरण देखिए — रेलवे टिकट पर "ऑपरेशन सिंदूर" का इस्तेमाल प्रधानमंत्री के प्रचार के तौर पर किया जा रहा है। अब तक तो सिर्फ मध्यप्रदेश के… pic.twitter.com/6oMP9IJ912 — Umang Singhar (@UmangSinghar) May 19, 2025 बीजेपी को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने लिखा कि “सेना के पराक्रम को अपनी राजनीति चमकाने के लिए एक प्रोडक्ट के रूप में बेचा (Operation Sindoor Ad on Tickets) जा रहा है। केंद्र सरकार कितनी विज्ञापनजीवी हो चुकी है, इसका ताज़ा उदाहरण देखिए रेलवे टिकट पर। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का इस्तेमाल प्रधानमंत्री के प्रचार के तौर पर किया जा रहा है। अब तक तो सिर्फ मध्य प्रदेश के भाजपा नेता ही सेना का अपमान कर रहे थे, अब तो खुद प्रधानमंत्री भी उसी कतार में शामिल हो गए हैं..सोचिए।” दरअसल, कांग्रेस की आपत्ति इस बात को लेकर भी है कि केंद्र की मोदी सरकार हर मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने से बाज नहीं आती। कांग्रेस के मुताबिक वो चाहे रेल के टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर में शामिल जवानों की तस्वीरें हटाकर अपना चेहरा चमकाना हो या फिर कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट से वैज्ञानिकों की मेहनत गायब कर, अपना चेहरा छपवाना हो या पुलवामा में शहीद हुए जवानों के नाम पर वोट मांगना हो या चाहे बालाकोट एयर स्ट्राइक को चुनावी मुद्दा बनाना हो। बीजेपी हर मुद्दे को भुनाना अच्छे से जानती है। कांग्रेस का कहना है कि “वाकई, आपदा को अवसर में बदलने की कला अगर किसी को सीखनी है, तो भाजपा से सीखे!” इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और उदित राज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम को धार्मिक प्रतीकात्मकता से जोड़ते हुए जताई थी आपत्ति  'ऑपरेशन सिंदूर' के प्रचार-प्रसार को लेकर कांग्रेस को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पार्टी ने इस सैन्य अभियान का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की है। कांग्रेस कार्य समिति ने भी एकमत से इस ऑपरेशन का… — Dr.Hitesh Bajpai MBBS, MD (@drhiteshbajpai) May 19, 2025 इस दरम्यान मध्य प्रदेश नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की आपत्ति पर भाजपा ने भी तगड़ा पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता डॉ. हितेष बाजपेयी ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के प्रचार-प्रसार (Operation Sindoor Ad on Tickets) को लेकर कांग्रेस को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, पार्टी ने इस सैन्य अभियान का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की है। कांग्रेस कार्य समिति ने भी एकमत होकर ऑपरेशन का समर्थन किया है। हालांकि, कुछ कांग्रेस नेताओं ने अभियान के नाम को लेकर सवाल उठाए हैं।” यही नहीं, डॉ. वाजपेयी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक पोस्ट लिखकर कहा कि “पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और उदित राज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम को धार्मिक प्रतीकात्मकता से जोड़ते हुए आपत्ति जताई है। इसके बावजूद, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया है, जिससे स्पष्ट है कि पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार और सेना के साथ खड़ी है, ऐसा वो कहती है। इसके बावजूद भी अगर कांग्रेस नेता ऑपरेशन सिंदूर के प्रचार-प्रसार और गौरव से ईर्ष्या करते हैं तो उन्हें स्पष्ट करना होगा कि, उनके नेताओं के मन में क्या अभी भी पकिस्तान के प्रति प्यार जीवित है?” Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor Ad on Tickets #OperationSindoor #RailwayTicketAd #CongressVsBJP #PMModiNews #PoliticalControversy #IndianRailways #BharatPolitics #LokSabha2025 #ElectionAds #PublicReaction

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BJP slams Congress

BJP slams Congress over delegation: झूठ बोल रही है कांग्रेस, नहीं माँगा था कोई नाम, इसलिए युसूफ पठान कर गए प्रतिनिधिमंडल से किनारा

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के पक्ष को दुनिया के अन्य देशों के समक्ष रखने हेतु केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का एलान किया गया है। सरकार सात प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग देशों के दौरे पर भेजेगी, जिसके हर प्रतिनिधिमंडल में छह से सात सांसद होंगे। बता दें कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दुनिया के समक्ष बेनकाब करने के लिए अलग-अलग देशों में जा रहे सांसदों के सात प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस (Congress) के कुल चार सांसद शामिल (BJP slams Congress over delegation) हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि सांसद शशि थरूर इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस इस बात को लेकर उखड़ी हुई है कि सरकार ने उनकी पार्टी के सदस्यों का चुनाव कैसे किया? दरअसल, केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात करने हेतु विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए उनसे चार सांसदों के नाम मांगे थे, लेकिन बाद में सरकार ने उनमें से तीन नाम को रिजेक्ट कर दिया।  कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए बीजेपी ने बताया निराधार (BJP slams Congress over delegation) हालाँकि केंद्र की बीजेपी (BJP) सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए निराधार करार (BJP slams Congress over delegation) दिया। इस पूरे मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रतिनिधिमंडलों के बारे में सिर्फ जानकारी दी गई थी। यह सिर्फ एक शिष्टाचार था।” उन्होंने आगे कहा कि “कांग्रेस से सिर्फ जानकारी के लिए नाम मांगे थे। थरूर को उनकी काबिलियत के आधार पर चुना गया।” दरअसल, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया से हुई बातचीत में रिजिजू ने कहा कि “पार्टियों से उनके उम्मीदवार का नाम पूछना पहले कभी नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि “हमने उन्हें सिर्फ शिष्टाचार के तौर पर बताया। हमने कांग्रेस की अंदरूनी बातों पर ध्यान नहीं दिया।” कांग्रेस के आरोपों पर रिजिजू ने कहा कि “सरकार ने यह देखा कि प्रतिनिधिमंडल के काम के लिए कौन सबसे सही रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि “हमें हैरानी है कि शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे सदस्यों के नाम पर कांग्रेस विरोध कर रही है। ये दोनों विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर हमेशा अपनी बात रखते हैं। अभी एक साल भी नहीं हुआ है जब कांग्रेस ने थरूर को विदेश मामलों की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाने की सिफारिश की थी।”  इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात थरूर और मनीष तिवारी को इसलिए चुना गया ताकि पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाया (BJP slams Congress over delegation) जा सके तो वहीं इस पर कांग्रेस का कहना है कि “थरूर और मनीष तिवारी को इसलिए चुना गया ताकि पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाया जा सके।” इस पर रिजिजू ने कहा, “यह गलत आरोप है। हमने किसी पार्टी की अंदरूनी बातों और उससे होने वाली जलन और असुरक्षा को ध्यान में नहीं (BJP slams Congress over delegation) रखा। हमने सलमान खुर्शीद और पंजाब से उनके सांसद अमर सिंह को भी चुना है। इस बारे में आपका क्या कहना है?” गौरतलब हो कि कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सरकार की घोर आलोचना करते हुए कहा था कि “सरकार ने राहुल गांधी की सिफारिशों को दरकिनार कर थरूर और मनीष तिवारी के नामों को चुना।” सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “यह मोदी सरकार की पूरी तरह से बेईमानी दिखाता है। यह दिखाता है कि वह राष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा घटिया राजनीति करते हैं।” दरअसल, कांग्रेस का मानना है कि थरूर को इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि पहले संयुक्त राष्ट्र में थे और विदेश राज्य मंत्री भी रह चुके हैं, बल्कि उन्हें इसलिए चुना गया क्योंकि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर पार्टी से अलग राय रखी थी। दरअसल, पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि “उन्हें ऑपरेशन पर गर्व है।” गौर करने वाली बात यह कि उन्होंने यह बात तब कही थी जब कांग्रेस ने यह आरोप लगाने के फ़िराक में थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ युद्धविराम कराया था।  पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल में नहीं होंगे शामिल  कांग्रेस पार्टी से अलग-थलग राय रखने के सवाल पर थरूर ने कहा कि “वह एक गर्वित भारतीय के तौर पर बोल रहे हैं।” बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने आनंद शर्मा, राजा वारिंग, गौरव गोगोई और सैयद नसीर हुसैन के नामों की लिस्ट से थरूर का नाम हटा दिया (BJP slams Congress over delegation) था। सरकार ने सिर्फ शर्मा को चुना, जो पहले वाणिज्य मंत्री थे। खैर, इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार के आतंकवाद विरोधी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा है कि “पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल में नहीं शामिल होंगे।” जानकारी के मुताबिक सांसद यूसुफ पठान का नाम सूची में शामिल था। इस मामले पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि “टीएमसी पहले और अभी भी केंद्र सरकार के साथ खड़ी हैं। जहाँ देश की बात होती हैं वहां राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसे ऐसे नहीं देखना चाहिए कि हमने डेलीगेशन में जाने से मना किया हैं। लेकिन यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारे पार्टी से कौन जाएगा, ये हम तय करेंगे, न कि बीजेपी सरकार।” बता दें कि सरकार ने टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन टीएमसी सांसद ने इसमें शामिल होने से साफ़ इनकार कर दिया था। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP slams Congress over delegation #BJPCongressClash #YusufPathan #PoliticalNews #IndianPolitics #CongressControversy #BJPNews #DelegationDispute #BreakingNews #BJPvsCongress #PathanExit

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YouTuber arrested for espionage

Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan: पाकिस्तान के लिए ​​जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा इस नाम से सेव करती थी नंबर

हिसार की रहने वाली 33 वर्षीय यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra) को पाकिस्तान के लिए ​​जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) किया गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि पहलगाम आतंकी हमले से तार जुड़ने के बाद ज्योति मल्होत्रा को हिरासत में लिया गया है। दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। ये सभी पर्यटक के रूप में छुट्टियां बिताने गए थे। इस हमले के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी थी। जांच में जाँच एजेंसियों को पता चला कि कुछ लोग हैं जिनका डायरेक्ट कनेक्शन पहलगाम हमले से है। इस कड़ी में जांच करते हुए जाँच एजेंसिया हरियाणा की ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा तक जा पहुंची। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ संवेदनशील भारतीय सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) लिया है हिरासत में  बता दें कि जाँच एजेंसियों ने ज्योति (Jyoti Malhotra) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ संवेदनशील भारतीय सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में हिरासत (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) में लिया है। इस बीच जांच अधिकारी अब ज्योति के व्यापक जासूसी नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश में लगी हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ज्योति ने पुलिस को बताया है कि “वह पाकिस्तान में राणा शहबाज और शाकिर नामक व्यक्तियों से भी मिली थी। ज्योति इस कदर शातिर थी कि किसी को शक न हो इसलिए उसने शाकिर का नंबर जट रंधावा के नाम से सेव किया था। भारत लौटने के बाद भी वह उन लोगों के संपर्क में रही और देश विरोधी जानकारियां साझा करती रही। तो वहीं इस पूरे मामले पर ज्योति के पिता का कहना है कि “ये लोग हमारे घर से सारे डॉक्यूमेंट ले गए हैं। क्या इन्हें कोई सबूत मिला? उन्हें एक सुई भर का भी सबूत नहीं मिला। ज्योति का फोन और सारे इलेक्ट्रॉनिक भी उनके पास हैं, उसमें से भी जांच एजेंसियों को कुछ नहीं मिला।” बता दें कि ज्योति पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत आरोप लगाए गए हैं।  ज्योति ने पाकिस्तानी अधिकारियों से किया (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) था संपर्क  खैर, अब तक की जांच में पता चला है कि ज्योति ​​(Jyoti Malhotra) ने साल 2023 में 2 बार पाकिस्तान की यात्रा की (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) थी। कथित तौर पर उसने वहां पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क किया था। उन अधिकारियों में दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग का कर्मचारी एहसान-उर-रहीम भी शामिल था, जिसे जासूसी के आरोप में निष्कासित कर दिया गया है। कहा जा रहा है अली अहवान नामक शख्स ने ज्योति ​​के ठहरने की व्यवस्था करने में मदद भी की और उसको शकीर और राणा शाहबाज सहित पाकिस्तानी खुफिया संपर्कों से मिलवाया भी था। अहम बात यह कि ज्योति ​​ने पहचान छुपाने के लिए शाहबाज का फोन नंबर किसी अन्य नाम से सेव किया हुआ था।  कपिल जैन नामक एक यूजर ने 10 मई 2024 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्योति (Jyoti Malhotra) की गतिविधियों को लेकर की थी चिंता वक्त  जानकारी के मुताबिक कपिल जैन नामक एक यूजर ने 10 मई 2024 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्योति (Jyoti Malhotra) की गतिविधियों को लेकर चिंता वक्त की थी। यूजर ने एक्स के जरिये राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को टैग किया और ज्योति मल्होत्रा ​​की निगरानी करने का अनुरोध करते हुए पोस्ट में पाकिस्तान और कश्मीर की उनकी यात्राओं को संभावित खतरे के रूप में आगाह किया गया (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) था। कपिल ने एनआईए को टैग करते हुए लिखा कि “एनआईए कृपया इस महिला पर कड़ी नजर रखे। वह पहले पाकिस्तानी दूतावास के एक कार्यक्रम में शामिल हुई और फिर 10 दिनों के लिए पाकिस्तान भी गई। अब वह कश्मीर जा रही है। हो सकता है कि इन सबके पीछे कोई कड़ी हो।”  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल कोविड के दौरान नौकरी छूटने पर ज्योति ने शुरू किया था Travel with JO नामक यूट्यूब चैनल  बात करें ज्योति (Jyoti Malhotra) शुरुआत की, तो उसने अपने करियर की शुरुआत गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर की थी।इसके बाद वह हिसार से 20 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) लगी। यहाँ कुछ समय तक काम करने के बाद फिर एक प्राइवेट ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने लगी। इस बीच कोविड ने दस्तक दी और इस दौरान उसकी नौकरी छूट गई। नौकरी छूटने के बाद उसने सोशल मीडिया का रुख कर लिया। उसने ‘Travel with JO’ नामक यूट्यूब चैनल शुरू किया। धीरे-धीरे चैनल लोकप्रिय होने लगा। वह भारत समेत कई देशों की यात्रा कर वीडियो बनाती। और इस तरह दर्शकों से जुड़े रहने लगी। इस दौरान उसने पाकिस्तान की भी यात्रा की और वहां 5000 साल पुराने एक हिंदू मंदिर का वीडियो पोस्ट किया था, जो कि काफी वायरल हुआ था। उसके करीब 4 लाख सब्सक्राइबर्स हैं।  पाकिस्तान से लौटने के बाद भी वह उससे स्नैपचैट, वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के जरिए रही जुड़ी  बता दें कि यूट्यूब और इंस्ट्याग्राम पर ज्योति (Jyoti Malhotra) के लाखों फॉलोअर्स हैं। उसकी पहचान एक ट्रैवल इन्फ्लुएंसर के रूप में भी रही (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) है। कहने की जरूरत नहीं, जासूसी करने और खुफिया गतिविधियों में शामिल रहने की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अब जाकर पता लगा है कि पाकिस्तान की यात्रा के दौरान ज्योति न सिर्फ वीडियो शूट कर रही थी बल्कि पाकिस्तानी उच्चायोग के स्टाफ एहसान-उर-रहीम उर्फ ​​दानिश के संपर्क में थी। वही, दानिश जिसे भारत सरकार ने 13 मई 2025 को अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दे दिया था। हालाँकि जांच एजेंसियों का दावा है कि “ज्योति निरंतर उसके संपर्क में थी। यही नहीं, पाकिस्तान से लौटने के बाद भी वह उससे स्नैपचैट, वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के जरिए जुड़ी… Read More

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Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals : दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से मात देते हुए गुजरात टाइटंस ने रचा यह इतिहास

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 60वां मुकाबला गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) और दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के बीच खेला गया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकटों से हरा (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) दिया। 18 मई को खेले गए इस मैच में गुजरात ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरआत धीमी रही। केएल राहुल के शतक से दिल्ली कैपिटल्स ने 3 विकेट पर 199 रन बनाए। राहुल ने 65 गेंद में चार छक्कों और 14 चौकों की बदौलत नाबाद 112 रन की पारी खेली। इसके अलावा राहुल ने अभिषेक पोरेल के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 और कप्तान अक्षर पटेल के साथ तीसरे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की। दिल्ली के बल्लेबाजों ने उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए। गुजरात टाइटंस की ओर से अरशद खान, प्रसिद्ध कृष्णा और साई किशोर ने एक-एक चटकाए।  गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की शुरुआत रही बड़ी शानदार 200 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की शुरुआत बड़ी शानदार रही। गुजरात की तरफ से साई सुदर्शन और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों की बल्लेबाजी ऐसी कि दिल्ली के गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए। इस मैच में दोनों का बल्ला जमकर गरजा। एक तरफ सुदर्शन ने 61 गेंदों पर नाबाद 108 रन बनाए तो वहीं दूसरी तरफ गिल ने 53 गेंदों पर नाबाद 93 रन बनाए। अहम बात यह कि गुजरात ने बिना कोई विकेट गंवाए ही बड़ी आसानी से लक्ष्य को हासिल कर लिया। और तो और बड़ी बात यह कि गुजरात ने यह कारनाम दिल्ली के घर में घुसकर (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) किया है। इस हार के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल के शतक पर पानी फिर गया।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त इससे पहले (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) सिर्फ पाकिस्तान ने साल 2022 में कराची में इंग्लैंड के खिलाफ T20 में 200 रन का लक्ष्य किया था हासिल  गौरतलब हो कि आईपीएल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने बिना एक भी विकेट गंवाए 200 रनों के लक्ष्य को हासिल किया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि गुजरात टी20 क्रिकेट में बिना विकेट गंवाए 200 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल करने वाली महज दूसरी टीम (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) बन गई है। इससे पहले सिर्फ पाकिस्तान ने साल 2022 में कराची में इंग्लैंड के खिलाफ T20 में 200 रन का लक्ष्य हासिल किया था। इस तरह सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन के शतक और कप्तान शुभमन गिल के अर्धशतक के बलबूते गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर आईपीएल प्लेऑफ में जगह बना ली। बता दें कि 12 मैचों में यह गुजरात की 9वीं जीत है। इस जीत के साथ ही उसके 18 अंक हो गए हैं। 18 अंकों के साथ अब उसने अंक तालिका में आरसीबी को पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया।   प्लेऑफ की रेस हेतु अब दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जाएंट्स और मुंबई इंडिंयस, के बीच होगी बड़ी जंग  यही नहीं, इस जीत के साथ ही गुजरात को प्लेऑफ का टिकट मिल गया है। यही नहीं, गुजरात की इस जीत का सीधा फायदा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स को मिला। गुजरात के साथ-साथ इन दोनों टीमों ने भी आईपीएल 2025 में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) लिया है। बता दें कि प्लेऑफ की रेस हेतु अब दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जाएंट्स और मुंबई इंडिंयस, के बीच जंग होगी। फ़िलहाल मुंबई के पास दो मैच शेष हैं, और उसमें उसका एक मुकाबला दिल्ली के खिलाफ होना है। बात करें अंकों की तो आरसीबी और पंजाब किंग्स के 17-17 अंक हैं, मुंबई इंडियंस के 14 प्वाइंट्स हैं जबकि दिल्ली के 13 और लखनऊ के पास 10 अंक हैं। 18 अंक हासिल करने के लिए मुंबई इंडियंस के पास दो मौके होंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals #GujaratTitans #IPL2025 #GTvsDC #CricketNews #10WicketWin #DelhiCapitals #IPLHighlights #GTVictory #IPLRecords #CricketIndia

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OnePlus 13T and OnePlus 13

OnePlus 13T and OnePlus 13 में अंतर: जानिए कौन सा स्मार्टफोन है आपके लिए बेहतर?

वनप्लस एक चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2013 में हुई थी। यह कंपनी स्मार्टफोन बनाने में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अन्य स्मार्टफोन कंपनीज की तरह यह कंपनी में समय-समय पर नए प्रोडक्ट्स लांच करती रही है। हाल ही में इस कंपनी ने वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) लांच किया है। यह फोन अभी चाइना में ही लांच हुआ है। लेकिन, यह एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जो कई नए फीचर्स के साथ उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोन के फीचर्स वनप्लस 13 (Oneplus 13) के जैसे हैं। आइए जानें वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) के बारे में। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13): पाएं जानकारी वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) और वनप्लस 13 (Oneplus 13) के कुछ फीचर एक जैसे हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) इस प्रकार है: डिस्प्ले  अगर बात की जाएं वनप्लस 13 (Oneplus 13) की डिस्प्ले की, तो वनप्लस 13 का यह 6.82 इंच है लेकिन वनप्लस 13टी की डिस्प्ले इससे थोड़ी छोटी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) के डिस्प्ले का साइज 6.32 इंच है। वहीं वनप्लस 13 का डिस्प्ले रिजोल्यूशन भी 13टी से अधिक है। कैमरा वनप्लस 13 में ट्रिपल कैमरा है,जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर, 50 मेगापिक्सेल का टेलीफोटो लेंस और 50 मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर है। वनप्लस 13 (Oneplus 13) में  ड्यूल कैमरा है, जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सेल का 2x टेलीफोटो लेंस है।  बैटरी वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) में बैटरी भी शामिल है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी वनप्लस 13 से बड़ी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी 6260mAh की है लेकिन वनप्लस 13 में 6000mAh की बैटरी है। यही नहीं, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में वायरलेस चार्जिंग है लेकिन दूसरे नए फोन में वायरलेस चार्जिंग नहीं है। वेट वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) दूसरे फोन (Phone) के मुकाबले अधिक हल्का और पतला है। इसका वेट केवल 185 ग्राम है और मोटाई  8.15mm है। वहीं दूसरी और वनप्लस 13टी का वजन 210 ग्राम है और मोटाई 8.5mm है। एक और अंतर यह भी है कि वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म प्राइस अगर बात की जाए दोनों स्मार्टफोन्स की कीमत की, तो वनप्लस 13टी. वनप्लस 13 (Oneplus 13) के मुकाबले बहुत सस्ता है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की कीमत है ₹39,990 है और वनप्लस 13 का प्राइस ₹66,998 है। यह तो थे वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13)। इन दोनों में कुछ समानताएं हैं लेकिन बहुत से अंतर भी हैं। आप अपनी सुविधानुसार मनचाहा मोबाइल फोन चुन सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi   #Smartphone #DifferencebetweenOnePlus13TandOnePlus13 #OnePlus13T #OnePlus13

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World AIDS Vaccine Day

World AIDS Vaccine day की थीम, हिस्ट्री और उद्देश्य के बारे में जानें

एड्स (AIDS) को एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी (HIV) के कारण होती है। इस बीमारी की वजह से रोगी के इम्यून सिस्टम को नुकसान होता है, जिससे शरीर इंफेक्शंस और बीमारियों से बचने में सक्षम नहीं हो पाता। अगर एचआईवी (HIV) का उपचार सही समय पर न किया जाए, तो यह एड्स (AIDS) का कारण बन सकता है। हर साल मई 18 को वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को उन वैक्सीन्स के बारे में जागरूक करना हैं, जो एचआईवी इन्फेक्शन और एड्स (AIDS) से बचा सकती हैं। आइए जानें वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) के बारे में। एड्स से बचाव के बारे में भी जानें। वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day): पाएं जानकारी वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) को मनाने का उद्देश्य एचआईवी (HIV) की वैक्सीन के बारे में लोगों को जागरूक करना है, ताकि लोग इस भयानक रोग से बच सकें। इस दिन को मनाने के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं: वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) की थीम और इतिहास इस साल वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) की थीम है सभी के लिए वैक्सीनेशन मानवता के लिए संभव है। इस थीम में इस बात पर जोर दिया गया है कि हर व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी उम्र या जगह का हो, उन तक जीवन बचाने वाली वैक्सीन्स पहुंचाना जरूरी है। इस दिन की शुरुआत 1998 में हुई थी। यह दिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के 1997 के भाषण की याद में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने एक दशक के भीतर एड्स (AIDS) वैक्सीन विकसित करने की चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में एड्स से बचाव कैसे संभव है?  कुछ सावधानियों को बरत कर एड्स (AIDS) से बचाव संभव है। यह तरीके इस प्रकार हैं:  अगर आपके मन में एड्स या एड्स वैक्सीनेशन के बारे में कोई भी सवाल है, तो अपने डॉक्टर या एक्सपर्ट से बात करें और उनसे सही सलाह लें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। #WorldAIDSVaccineDay #AIDS #HIV #Vaccine #AIDSVaccine

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Jyestha Amavasya puja

ज्येष्ठ अमावस्या पर करें पितृ तर्पण और स्तोत्र पाठ, मिलेगा पितृ दोष से छुटकारा

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है, लेकिन ज्येष्ठ अमावस्या का स्थान पितरों के तर्पण और पितृ दोष (Pitru Dosha) शांति के लिए सर्वोपरि माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करके श्रद्धापूर्वक पितरों को जल तर्पण किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नियमपूर्वक तर्पण करने और पितृ स्तोत्र का जाप करने से पितृ दोष खत्म हो जाता है और पूर्वजों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है। कब है ज्येष्ठ अमावस्या 2025? वर्ष 2025 में ज्येष्ठ अमावस्या (Jyeshtha Amavasya) का आरंभ 26 मई को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर होगा और इसका समापन 27 मई को सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर होगा। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि का महत्व उदया तिथि के अनुसार मान्यता प्राप्त है, इसलिए ज्येष्ठ अमावस्या 26 मई को मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या के रूप में भी मनाया जाएगा, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है। साथ ही, इसी दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत भी पड़ रहे हैं, जिससे इस दिन का आध्यात्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। चूंकि अमावस्या तिथि का समापन मंगलवार को हो रहा है, अतः 27 मई को भौमवती अमावस्या के रूप में भी इसे देखा जाएगा। ज्येष्ठ अमावस्या पर बन रहे हैं दुर्लभ योग, दांपत्य जीवन के लिए बेहद शुभ ज्येष्ठ अमावस्या (Jyeshtha Amavasya) के दिन 2025 में कई खास ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं, जो इस दिन को और अधिक शुभ और प्रभावशाली बना देते हैं। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित होंगे, जो उनकी उच्च राशि मानी जाती है। साथ ही, चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध भी इसी राशि में विराजमान रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति — सूर्य (राजा), चंद्रमा (रानी) और बुध (राजकुमार) — एक ही राशि में होने के कारण यह समय विशेष रूप से वैवाहिक जीवन और दांपत्य संबंधों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। इस दिन सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का भी निर्माण होगा, जो ज्ञान, बुद्धि और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि करने वाला योग होता है। इसके अलावा शुक्र भी अपनी उच्च राशि मीन में स्थित रहेंगे, जो प्रेम, सौंदर्य और विलासिता के दृष्टिकोण से शुभ संकेत देता है। चंद्रमा से गुरु द्वितीय भाव में रहेंगे और इस स्थिति में सुनफा योग बन रहा है, जो आर्थिक समृद्धि और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला माना जाता है। वहीं, एक और विशेष बात यह है कि शनि जयंती के दिन शनि ग्रह 30 वर्षों के बाद फिर से मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जो गुरु की राशि है। यह परिवर्तन कर्म, अनुशासन और न्याय की दिशा में एक नई शुरुआत का संकेत देता है। पितृ तर्पण का महत्व ज्येष्ठ अमावस्या (Jyeshtha Amavasya) को पितरों के पृथ्वी पर आने का विशेष दिन माना जाता है। इसलिए इस दिन पितृ पूजा और पितृ दोष (Pitru Dosha) निवारण के उपाय अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दिन शनि देव की जयंती भी होती है, जो उनके जन्म के अवसर के रूप में मनाई जाती है। इस दिन शनि देव को सरसों का तेल, काले तिल आदि अर्पित करना शुभ माना जाता है। शनि मंत्र का जप करने से भी विशेष फल प्राप्त होते हैं। साथ ही पीपल के पेड़ की जड़ पर जल अर्पित करना और दीपक जलाना भी इस अवसर पर किए जाने वाले महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान हैं। इसे भी पढ़ें:-  कैसे प्रभावित करती है आपका जीवन और क्या हैं इससे मुक्ति के उपाय? तर्पण की विधि ज्येष्ठ अमावस्या (Jyeshtha Amavasya) के दिन पूजा की विशेष विधि अत्यंत फलदायक मानी जाती है। सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए, लेकिन यदि नदी स्नान संभव न हो तो घर पर गंगाजल से स्नान कर सकते हैं। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना आवश्यक है। पितरों की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करना इस दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो तीर्थ स्थान पर स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इसके बाद पीपल के पेड़ पर जल, अक्षत, सिंदूर आदि चढ़ाकर दीपक जलाना चाहिए और कम से कम सात या ग्यारह बार उसकी परिक्रमा करनी चाहिए। अंत में शनिदेव के मंदिर जाकर उन्हें सरसों का तेल, काले तिल, काले वस्त्र और नीले फूल अर्पित करें। इस तरह किए गए धार्मिक कर्म व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और पुण्य लेकर आते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Jyeshtha Amavasya #JyeshthaAmavasya #PitruTarpan #PitruDoshNivaran #AncestorWorship #AmavasyaRituals #HinduTradition #SpiritualRemedies #PitruStotraPath #HinduFestivals #Amavasya2025

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Woman dies from wrong pill

Wrong Medicine Kills Woman: दांत दर्द से राहत के लिए मांगी थी दवा, दुकानदार ने दी सल्फास की गोली, महिला की हुई मौत 

अक्सर दर्द होने पर हम नजदीकी मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक दवा लेते हैं। देश में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें न तो दवा का नाम पढ़ने आता है और न उन्हें यह पता होता है कि कौन सी दवा किस काम की होती है। उन्हें तो बस दवा का रंग याद रहता है कि पीली वाली दवा खाने से पेट दर्द से राहत मिलती है और सफ़ेद दवा खाने से सिर दर्द से। ऐसे में यदि किसी के दांत में दर्द हो और दवा लेने मेडिकल स्टोर जाए और दांत दर्द की दवा की जगह यदि कोई मेडिकल वाला सल्फास की दवा दे दे तो क्या कहियेगा? निश्चित ही यह अचम्भित करने वाली बात है। यह कोई कहानी नहीं बल्कि एक सच घटना है। घटना है, मध्य प्रदेश के झबुआ जिले की, जहाँ एक मेडिकल वाले ने एक महिला को जाने अनजाने में दर्द की दवा की जगह सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी। और तो और अनजान महिला ने उसे दांत दर्द की दवाई समझकर खा लिया और उसकी मौत हो गई। मामला, प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए। इस बीच मेडिकल स्टोर पर दवाई बेचने वाले शख्स को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।  प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की हुई  (Wrong Medicine Kills Woman) पुष्टि  झाबुआ के पुलिस अधीक्षक पदम विलोचन शुक्ल के मुताबिक, “पुलिस ने दुकान मालिक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।” इस पूरे मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि “जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर धरमपुरी गांव की निवासी रेखा बृहस्पतिवार शाम को थांदला गेट के पास एक मेडिकल स्टोर गई थी और दांत दर्द से राहत के लिए दवा मांगी थी। दुकान के विक्रेता ने उसे सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी, जिसे उसने उसी रात घर पर खा लिया और उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।” पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘परिवार ने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और दुकान के मालिक लोकेंद्र बाबेल (52) को गिरफ्तार कर लिया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर (Wrong Medicine Kills Woman) रहा है पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि दुकान में सल्फास की गोलियां (Wrong Medicine Kills Woman) क्यों रखी गई थीं। फ़िलहाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर रहा है। महिला को गोलियां देने वाले विक्रेता को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।” मामला उजागर होने के बाद इलाके के लोग हैरान हैं। लोगों का कहना है कि भला कोई इतनी लापरवाही कैसे कर सकता है? वो भी ऐसी लापरवाही कि किसी की जान ही चली जाए। कुछ का तो कहना है कि उन्होंने इस तरह की लापरवाही कभी देखी नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #WrongMedicine #MedicalNegligence #SulphosTablet #ToothacheTragedy #PharmacyError #AccidentalPoisoning #NewsUpdate #IndiaNews #HealthAlert #DrugMixup

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Apple iPhone India production

Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy: ट्रंप की धमकी रही बेअसर, भारत में बना आईफोन ही खरीदेगा अमेरिका

ऑपरेशन सिंदूर से पस्त हुए पाकिस्तान सीज फायर के लिए राजी हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के डीजीएमओ ने सामने से भारत के डीजीएमओ को कॉल कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। तब जाकर भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हुआ था। यह खबर भारतीय मीडिया में आती कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुद ही इस सीजफायर का श्रेय लेकर वाहवाही लूटी थी, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री के खुलासे के बाद ट्रंप ने खुद अपने इस दावे से पल्ला झाड़ लिया था। मजबूरन यू टर्न लेने के बाद खार खाये ट्रंप ने भारत में एपल के आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। ट्रंप नहीं चाहते कि एपल भारत में आईफोन का प्रोडकशन (Trump Apple warning) करें। गौर करंव वाली बात यह कि ट्रंप यहाँ भी शर्मिंदगी का सामना (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) करना पड़ा। ट्रंप की लाख नाराजगी के बावजूद टिम कुक का मेन फोकस इस सबसे परे अपकमिंग आईफोन सीरीज पर ही है। अमेरिकी मार्केट के लिए आईफोन (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) भारत से नहीं मंगवाए- ट्रंप  दरअसल, कतर दौरे पर गए ट्रंप ने एपल के सीईओ टिम कुक को कुछ ऐसा कहा जिससे दुनियाभर में हड़कंप मच गया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका के मार्केट के लिए आईफोन भारत से नहीं मंगवाए (Trump Apple warning) जाएं।” मुख्य बात यह कि ट्रंप चाहते हैं कि आईफोन का प्रोडक्शन अमेरिका में ही हो। एपल ने ट्रंप सरकार को कहा कि “कंपनी अगले चार साल में अमेरिका में 500 अरब डॉलर का इंवेस्टमेंट करेगी।” इसी कड़ी में एपल ह्यूस्टन में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाने वाली है। खबर है कि वहां पर सर्वर बनाए जाएंगे।  एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की (Apple India plant) बना रहा है योजना  जानकारी के मुताबिक एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना (Apple India plant) बना रहा है। खबर है कि भारत में बने आईफोन 17 Pro मॉडल को अमेरिका में भी बेचा जाएगा। गौरतलब हो कि अमेरिका में अधिकतर लोग एपल के प्रो मॉडल्स को खरीदना पसंद करते हैं। यही नहीं, एप्पल ने भारत में आईफोन 17 सीरीज का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। बता दें कि भारत में फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर ये ट्रायल चल रहा है और ये दोनों कंपनियां एपल के बड़े मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हैं। हालाँकि एपल को उम्मीद है कि साल 2026 तक अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन मेड इन इंडिया होने वाले हैं। हालांकि देखना ये बड़ा दिलचस्प होगा कि ट्रंप के बयान के बाद क्या इस प्लानिंग में कोई बदलाव आता है या नहीं, लेकिन इससे एक बात तो बड़ी साफ हो गई है कि एपल अपकमिंग आईफोन सीरीज को भारत में (India-made iPhone) बनाने की तैयारी कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार किया है (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) बदलाव  गौर करनेवाली बात यह कि टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार बदलाव किया है। चीन में भी कुछ चीजों पर टैक्स काफी कम (Apple India plant) हो गया है। ऐसे में कंपनी इस इंतजार में है कि आगे चलकर अमेरिका क्या फैसला लेता है? फ़िलहाल कंपनी भारत से अमेरिका में आईफोन सप्लाई करने और भारत में बड़े लेवल पर प्रोडक्शन शुरू करने से पहले इंतजार कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Apple warning #AppleIndia #TrumpNews #iPhoneMadeInIndia #AppleStrategy #TechNews #iPhoneExport #MakeInIndia #FoxconnIndia #AppleVsTrump #GlobalTechShift

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Neeraj Chopra Doha 2025

Neeraj Chopra breaks records: दोहा डायमंड लीग में गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, पहली बार 90 मीटर से दूर फेंका भाला

भारत के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। दो ओलंपिक पदक जीत चुके 27 वर्ष के चोपड़ा ने अपने करियर के बेस्ट स्कोर (Neeraj Chopra breaks records) किया है। दरअसल, नीरज ने दोहा डायमंड लीग 2025 में 90.23 मीटर का भाला फेंककर नया राष्ट्रिय रिकॉर्ड बना दिया है। यह पहली बार है जब नीरज ने 90 मीटर का आंकड़ा पार किया है। कहने की जरूरत नहीं यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि इस लीग में उन्होंने अपने पहले प्रयास में 88.44 मीटर का थ्रो फेंका था। उनका दूसरा थ्रो फाउल रहा। अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का जेवलिन थ्रो फेंककर उन्होंने अपनी जीत लगभग तय कर ही ली थी, लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपने आखिरी प्रयास में 91.06 मीटर का भाला फेंक दिया। और इसके साथ ही नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया तो वहीं, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 84 . 65 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यही नहीं, भारत के एक और खिलाड़ी किशोर जेना, इस जेवलिन थ्रो इवेंट में 8वें नंबर पर रहे। किशोर ने अपना बेस्ट स्कोर 78.60 मीटर का भाला फेंककर दिया।  मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर की दूरी को बनाए (Neeraj Chopra breaks records) रखना है- नीरज चोपड़ा  खैर, इस कारनामे के बाद नीरज (Neeraj Chopra breaks records) ने कहा कि “मैं 90 मीटर की बाधा पार करके बहुत खुश हूं लेकिन यह खट्टा मीठा अनुभव रहा।” उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे कोच जान जेलेंजी ने कहा कि आज मैं 90 मीटर पार कर सकता हूं। हवा ने मदद की और मौसम थोड़ा गर्म होने से भी मदद मिली। मैने जूलियन से भी कहा था कि हम 90 मीटर थ्रो कर सकते हैं। मैं उसके लिये बहुत खुश हूं।” उन्होंने आगे कहा कि “मेरा मानना है कि आने वाले टूर्नामेंटों में इससे आगे का थ्रो कर सकता हूं। हम कुछ पहलुओं पर काम करेंगे और इस सत्र में फिर 90 मीटर पार करेंगे।” अपने अगले लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर चोपड़ा ने कहा कि “मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर की दूरी को बनाए रखना है। मेरा मानना ​​है कि मैं और दूर तक फेंकने के लिए तैयार हूं। यह एक लंबे सत्र की शुरुआत है। मुझे बहुत खुशी है कि जान ज़ेलेज़नी मेरे कोच हैं और हमने साउथ अफ्रीका में बहुत मेहनत की है। हम अभी भी कुछ पहलुओं पर काम कर रहे हैं।” बात करें उनके मौजूदा कोच कि तो वो चेक गणराज्य के जान जेलेंजी 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंकने वाले भालाफेंक खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं।  इसे भी पढ़ें:- गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा बने टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल साल 2018 में पहली बार नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में लिया था भाग  गौरतलब हो कि इस तरह नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra breaks records) 90 मीटर पार करने वाले दुनिया के 26वें और एशिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए। ओलंपिक चैम्पियन पाकिस्तान के अरशद नदीम (92 . 97) और चीनी ताइपै के चाओ सुन चेंग (91 . 36) ही एशिया के दो अन्य खिलाड़ी हैं जो 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंक चुके हैं। बता दें कि नीरज चोपड़ा ने पहली बार साल 2018 में दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में भाग लिया था। उस लीग में 87. 43 मीटर के थ्रो के साथ वो चौथे स्थान पर रहे थे। फिर साल 2023 में यहां 88 . 67 मीटर का थ्रो फेंककर पहला स्थान हासिल किया और साल 2024 में 88 . 36 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा पायदान हासिल किया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Neeraj Chopra breaks records #NeerajChopra #DohaDiamondLeague #JavelinThrow #IndianAthlete #RecordBreaker #GoldenBoy #AthleticsNews #IndiaPride #SportsUpdate #90mThrow

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