Wife Slept with Lover After Beheading Husband Shocking Crime

Sahil Muskan update: अब जेल में साहिल के बगल में रहना चाहती है मुस्कान, रोकर गुजारी  पूरी रात 

मेरठ हत्याकांड ने देश भर को झकझोर दिया है। जिस तरह मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की उससे समूचा प्रदेश सदमे में है। लोग सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि भला कोई इस तरह भी कैसे क्रूर हो सकता है। सात जन्मों का साथ निभाने की कसमें खाने वाली मुस्कान अपने प्रेमी के चक्कर में अपनी पति को दर्दनाक मौत (Sahil Muskan update) देगी। खैर, मंगलवार को पुलिस ने बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मुस्कान और साहिल ने चौधरी चरण सिंह जिला जेल में बेचैनी भरी रात बिताई। दोनों तनाव में दिखे। इस पूरे मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि “मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को बुधवार शाम करीब छह बजे जेल लाया गया। मुस्कान को महिला बैरक (नंबर 12) में रखा गया, तो वहीं साहिल को पुरुष बैरक (नंबर 18) में रखा गया।” उन्होंने आगे बताया कि “मुस्कान ने किसी से बातचीत नहीं की। उसने दिया गया खाना भी नहीं खाया। उसने किसी से बात नहीं की” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक “मुस्कान रात भर रोती रही, लेकिन जेल अधीक्षक ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुस्कान और साहिल ने अगल-बगल की बैरक में रखे जाने की मांग की थी।   छह साल की बेटी को अपने पिता की मौत के बारे में थी (Sahil Muskan update) जानकारी  प्राप्त जानकारी के मुताबिक मेरठ में अपनी पत्नी और पत्नी के प्रेमी के हाथों मारे गए (Sahil Muskan update) सौरभ की मां ने गुरुवार चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि “उसकी छह साल की बेटी को अपने पिता की मौत के बारे में जानकारी थी और उसने कहा था पापा ड्रम में हैं।” मुस्कान 18 मार्च को अपने परिवार के पास गई और अपने माता-पिता को हत्या के बारे में बताया। इसके बाद माता-पिता उसे पुलिस के पास ले गए। फिर मामला दर्ज किया गया और शव बरामद किया गया। शव को एक ड्रम में सीमेंट डालकर सील किया गया था। शव बरामद होने के बाद साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि “लड़की को इस खूनी घटना के प्रकाश में आने के बाद इसके बारे में पता चला होगा।” किसे पता था, मुस्कान इस कदर अपने पति को मौत के घाट उतार देगी? इस साजिश में उसने अपने बचपन के दोस्त साहिल को शामिल किया। मुस्कान ने साहिल को स्नैपचैट पर फर्जी मैसेज भेजकर यह विश्वास दिलाया कि उसकी मृत माँ उससे सौरभ को मारने के लिए कह रही है। साहिल अंधविश्वासी था। उसके कमरे में तंत्र-मंत्र से जुड़ी तस्वीरें भी मिलीं। इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान दोनों ने शव को 15 टुकड़ों में काट कर (Sahil Muskan update) नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था बता दें कि सौरभ राजपूत लंदन की एक बेकरी में काम करते थे। वो अपनी पत्नी मुस्कान और छह साल की बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटे थे। यह तो ठीक, लेकिन सौरभ को क्या पता था कि उनकी पत्नी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर उनकी ही हत्या की साजिश कर रखी है।  4 मार्च को मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीली दवा मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद साहिल ने सौरभ को चाकू से गोदकर मार डाला। फिर दोनों ने शव को 15 टुकड़ों में काट कर (Sahil Muskan update) नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था। मामला खुलते ही हड़कंप मच गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sahil Muskan update #SahilCase #MuskanNews #CrimeStory #IndianCrimeNews #LoveAndCrime #EmotionalBreakdown #ViralNews #LatestUpdate

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Kalashtami 2025 Date, Puja Vidhi & Spiritual Significance

कालाष्टमी 2025: 22 या 23 मार्च, कब है यह शुभ तिथि? जानें पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में कालाष्टमी (Kalashtami) का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव के रुद्र रूप कालभैरव को समर्पित है और इसे हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में कालाष्टमी 22 और 23 मार्च को पड़ रही है, लेकिन इसकी सही तिथि और शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों में उलझन है। आइए जानते हैं कि कालाष्टमी 2025 कब है, इसकी शुभ तिथि और पूजा के नियम क्या हैं। कालाष्टमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च को सुबह 4:23 बजे आरंभ होगी और 23 मार्च को सुबह 5:23 बजे समाप्त होगी। काल भैरव देव की पूजा निशा काल में की जाती है, इसलिए चैत्र माह की कालाष्टमी 22 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन निशा काल में पूजा का शुभ समय देर रात 12:04 बजे से 12:51 बजे तक रहेगा। शुभ योग ज्योतिषीय दृष्टि से फाल्गुन माह की कालाष्टमी (Kalashtami) पर वरीयान और शिववास योग का संयोग बन रहा है। शिववास योग में काल भैरव की पूजा करने से साधक को दोगुना फल प्राप्त होता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं। इसके अतिरिक्त, इस दिन बालव और कौलव करण का भी विशेष योग बन रहा है। कालाष्टमी का महत्व कालाष्टमी (Kalashtami) का व्रत भगवान शिव (Lord Shiva) के कालभैरव (Kaalbhairav) रूप को समर्पित है। कालभैरव को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है, जो समय के स्वामी और काल के नियंत्रक हैं। इस व्रत को रखने से व्यक्ति को समय और मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। कालाष्टमी का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होता है, जो शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों की अशुभ स्थिति से परेशान हैं। इस व्रत को रखने से ग्रहों की अशुभ स्थिति का प्रभाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ कालाष्टमी पूजा के नियम नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Kalashtami #Kalashtami2025 #KaalBhairav #KalbhairavPuja #HinduFestivals #KalashtamiDate #ShubhMuhurat #PujaVidhi #SpiritualRituals #KalashtamiSignificance #Devotional

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Depression in people who sleep late at night

रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी

सुबह जल्दी उठना न केवल हमारे शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। सुबह जल्दी उठने से हमें पॉजिटिविटी मिलती है और पूरा दिन अच्छे से गुजरता है। यही नहीं जल्दी दिन की शुरुआत करने से काम करने में लिए ज्यादा समय मिलता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार रात को देरी से सोने वाले और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) की संभावना अधिक रहती है। आइए जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) के बारे में हुई स्टडी क्या कहती है? यह भी जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों को और क्या समस्याएं हो सकती हैं? रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) : पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) की मानें तो डिप्रेशन (Depression) एक मूड डिसऑर्डर है जिसके कारण रोगी को लगातार उदासी और किसी चीज में रूचि न होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण रोगी की सोच, व्यवहार और फीलिंग्स में बदलाव हो सकता है, जिससे कई इमोशनल व फिजिकल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। एक नई स्टडी से यह पता चलता है कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  का खतरा अधिक रहता है।  इसका कारण खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) को माना गया है। पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी।  रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन के बारे में क्या कहती है स्टडी? यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ सरी रिसर्चर्स द्वारा की गयी है और इसमें 546 यूनिवर्सिटी के छात्रों को शामिल किया गया था। इसमें इन छात्रों की नींद संबंधी आदतों, माइंडफुलनेस,  चिंता, एल्कोहॉल का इस्तेमाल और मेन्टल हेल्थ आदि के बारे में जानकारी इकठ्ठा की गयी। इस स्टडी में यह पाया गया कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  यानी डिप्रेशन की संभावना अधिक रहती है। जबकि, जो लोग रात को जल्दी सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं, उनमे डिप्रेशन (Depression) और अन्य कई समस्याओं का रिस्क कम रहता है।  इसमें ऐसा पाया गया है रात को जल्दी सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) का कारण नींद की लो क्वालिटी, एल्कोहॉल का सेवन और माइंडफुलनेस की कमी यानी खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन चीजों पर फोकस करके और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर डिप्रेशन (Depression) के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है खासतौर पर वयस्कों में। यह स्टडी डिप्रेशन के रिस्क को कम करने के लिए नए तरीकों को ढूंढने में मदद कर सकती है।  इसे भी पढ़ें: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स रात को देर से सोने वाले लोगों में और कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जो लोग रात को देर से सोते हैं उन्हें डिप्रेशन (Depression) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Depression in people who sleep late at night #Depression #Depressioninpeoplewhosleeplateatnight #badlifestyle #earlybird

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Spring Equinox 2025 Mystery Behind Equal Day & Night

21 मार्च को दिन और रात होंगे बराबर, जानें क्या है वसंत विषुव का रहस्य

21 मार्च का दिन खगोलीय घटनाओं के लिए एक विशेष महत्व रखता है। इस दिन दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है, जिसे विषुव (Equinox) कहा जाता है। यह घटना साल में दो बार होती है, एक 21 मार्च को और दूसरी 23 सितंबर को। 21 मार्च को होने वाले विषुव को वसंत विषुव (Spring Equinox) कहा जाता है, जो उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं, जिसके कारण दिन और रात की अवधि लगभग समान हो जाती है। विषुव क्या है? विषुव एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं। इस समय पृथ्वी के दोनों गोलार्धों (उत्तरी और दक्षिणी) पर दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है। विषुव शब्द लैटिन भाषा के शब्द “एक्वस” (Equus) और “नॉक्स” (Nox) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है “बराबर रात”। यह घटना साल में दो बार होती है, एक वसंत ऋतु में और दूसरी शरद ऋतु में। 21 मार्च को दिन और रात क्यों बराबर होते हैं? 21 मार्च को दिन और रात की अवधि बराबर होने का कारण पृथ्वी की गति और सूर्य की स्थिति है। पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है और सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। जब पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है, तो सूर्य की किरणें अलग-अलग समय पर अलग-अलग गोलार्धों पर पड़ती हैं। 21 मार्च को सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं, जिसके कारण दोनों गोलार्धों पर दिन और रात की अवधि लगभग समान हो जाती है। वसंत विषुव का महत्व वसंत विषुव का दिन न केवल खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्व रखता है। उत्तरी गोलार्ध में यह दिन वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। वसंत ऋतु को नई शुरुआत, नवजीवन और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन कई संस्कृतियों और धर्मों में त्योहार और उत्सव मनाए जाते हैं। वसंत विषुव और प्रकृति वसंत विषुव के बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि धीरे-धीरे बढ़ने लगती है और रात की अवधि कम होने लगती है। इस समय प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। पेड़-पौधों में नई पत्तियां आने लगती हैं और फूल खिलने लगते हैं। यह समय किसानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस समय फसलों की बुवाई की तैयारी की जाती है। विषुव और मानव जीवन विषुव का मानव जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। इस दिन दिन और रात की अवधि बराबर होने के कारण मनुष्य के शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह समय नई योजनाएं बनाने और नई शुरुआत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन को नए लक्ष्य निर्धारित करने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उपयोग करते हैं। इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ विषुव और विज्ञान विषुव की घटना को समझने के लिए विज्ञान की मदद लेना आवश्यक है। पृथ्वी की गति और सूर्य की स्थिति के कारण ही यह घटना संभव होती है। पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई है और सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। जब सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं, तो दोनों गोलार्धों पर दिन और रात की अवधि लगभग समान हो जाती है। यह घटना हमें पृथ्वी की गति और सौर मंडल के रहस्यों को समझने में मदद करती है। कहां से गुजरती है भूमध्य रेखा भूमध्य रेखा पृथ्वी पर 14 देशों से होकर गुजरती है। पृथ्वी की सतह पर भूमध्य रेखीय क्षेत्र अधिकांशतः समुद्री हैं। भूमध्य रेखा के आसपास के स्थान अंतरिक्ष केंद्रों की स्थापना के लिए आदर्श माने जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, गुयाना अंतरिक्ष केंद्र, कौरोऊ और फ्रेंच गुयाना का अंतरिक्ष केंद्र भी भूमध्य रेखा पर स्थित है। Latest News in Hindi Today Hindi news Spring Equinox #SpringEquinox #VasantVishuva #Equinox2025 #EqualDayNight #MarchEquinox #SeasonChange #AstronomyFacts #SpringBegins #SunEarthAlignment #HinduAstronomy

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Google Pixel 9a

Google Pixel 9a: टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9a हुआ लांच

गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) एक मिड-रेंज स्मार्टफोन (Smartphone) है, जिसे गूगल द्वारा डेवलप किया गया है। गूगल पिक्सल फोन में कई विशेषताएं हैं, जिनके कारण यह अन्य स्मार्टफोन्स की तुलना में अलग और बेहतर हैं। इन फोन्स का कैमरा इतना अच्छा है कि इसे फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन माना गया है। इसमें मौजूद फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक सुविधाएं इसे अधिक सुरक्षित बनाती हैं। गूगल पिक्सल फोन्स में गूगल असिस्टेंट की इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटीज  होती हैं, जो यूजर्स को अपने फोन को अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करती हैं। अभी टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) को लांच किया गया है। आइए जानें इस फोन के बारे में और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip): पाएं जानकारी अभी गूगल की पिक्सल 9 सीरीज को लांच किया गया था। गूगल पिक्सल 9ए को आधिकारिक तौर पर अपने इन-हाउस टेंसर जी4 चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है। हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ, इस गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) के डिजाइन में बदलाव किया गया हैं, जो गूगल प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह थोड़ा अलग है। अगर आप एक फीचर-फिल्ड और शक्तिशाली मिड-रेंजर की तलाश में हैं, जिसमें फ्लैगशिप क्षमताएं हों, तो गूगल पिक्सल 9ए आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स के बारे में भी जानें।  टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए के फीचर्स क्या हैं? टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) की कीमत यह स्मार्टफोन (Smartphone) एक वेरिएंट में उपलब्ध है जिसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और इसकी कीमत 49,999 रुपये है। यह फोन कई रंगो में उपलब्ध है, जिसमें से आप अपनी पसंद का चुन सकते हैं। इसके अलावा, इस फोन को खरीदने वाले यूजर 3,000 रुपये के सीमित अवधि के कैशबैक ऑफर और 24 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई का लाभ भी उठा सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Google Pixel 9a with Tensor G4 chip #GooglePixel9awithTensorG4chip #GooglePixel9a #smartphone #GooglePixel

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Wife Slept with Lover After Beheading Husband Shocking Crime

Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान

मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। दिल को झकझोर देने वाले इस हत्याकांड ने लोगों में दिल में सिहरन पैदा कर दी है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला 29 वर्षीय सौरभ राजपूत अपने पत्नी के जन्मदिन को सेलेब्रेट करने हेतु लंदन से अपने घर आया था। इस बीच उसे जरा भी इल्म नहीं था कि उसकी अपनी 27 वर्षीय पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची है। साजिशन मुस्कान ने खाने में बेहोश करने वाली दवा मिलाकर उसे किया और फिर धारधार हथियार से उसे मौत के घाट (Wife Slept with Lover After Beheading Husband) उतार दिया। कत्ल करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए कई टुकड़े किये और फिर उन टुकड़ों को एक ड्रम के अंदर सीमेंट डालकर सील कर दिया। पुलिस की माने तो बेहोश करने वाली दवाएं खरीदने से लेकर चाकू से हमला करने के साथ-साथ शव को ठिकाने लगाने तक की योजना मुस्कान और साहिल ने बड़ी होशियारी से बनाई। सोचनीय वाली गंभीर बात यह कि सात जन्मों का साथ निभाने की कसम खाने वाली पत्नी मुस्कान ने ही सौरभ को सदा के लिए मौत के नींद सुला दिया।  मुस्कान और साहिल दोनों ने एक साथ मिलकर सौरभ के सीने में चाकू (Wife Slept with Lover After Beheading Husband) घोंपा पुलिस के मुताबिक़ मुस्कान और साहिल पहले से ही एक दूसरे को जानते थे। साल 2019 में एक स्कूल व्हाट्सएप ग्रुप बनने से एक बार फिर वह एक दूसरे के संपर्क में आए। और फिर से दोस्त बने। दोस्ती से शुरू हुआ यह रिश्ता जल्द ही प्रेम-प्रसंग में बदल गया। विदेश में काम करने वाले सौरभ के कई-कई महीनों तक बाहर रहने की वजह से मुस्कान और साहिल के संबंध और मजबूत हो गये। दोनों इस कदर करीब आ गए थे दोनों ने मिलकर सौरभ को ही रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुस्कान ने लंबे ब्लेड वाले दो चाकू खरीदे और दुकानदार से कहा कि “वह इनका इस्तेमाल चिकन काटने के लिए करेगी।” यही नहीं, मुस्कान ने स्थानीय दवा की दुकान से प्रतिबंधित दवाएं खरीदी और दुकानदार को बताया कि “वह तनाव से राहत पाने के लिए इन दवाओं इस्तेमाल करेगी।” पुलिस की मानें तो मुस्कान जानती थी कि साहिल अंधविश्वासी है और इसी बात का फायदा उसने उठाया। वो साहिल को भगवान शिव की तरह और अपने आप को पार्वती बताती थी। मुस्कान ने ही साहिल से कहा था कि “देवी मां ने सौरभ का वध करने के लिए कहा है।” बेहोश सौरभ के सीने में मुस्कान और साहिल दोनों ने एक साथ मिलकर चाकू घोंपा। फिर पति की हत्या (Wife Slept with Lover After Beheading Husband) की साजिश रचकर उसे मार डाला। इस हत्याकांड से पूरा मेरठ दहल गया है। जब दोनों को कोर्ट ले जाया गया, उस समय सुनवाई के बाद बाहर वकीलों ने उनकी पिटाई तक कर डाली।  इसे भी पढ़ें:-मेरठ जैसा कांड, मुंबई की मुस्कान ने प्रेमी शाहरुख़ संग मिलकर पति को दी दर्दनाक मौत सौरभ का सिर और दोनों हाथ बैग में रखकर अपने घर ले गया (Wife Slept with Lover After Beheading Husband) हैरत की बात यह कि मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। लाश को ठिकाने लगाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। इन टुकड़ों में से उसका सिर और दोनों हाथ बैग में रखकर मुस्कान और साहिल वहां से निकलकर साहिल के घर पर चले गए। जहां उन्होंने रात गुजारी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पहले उनका प्लान टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर फेंकना था, लेकिन बाद में दोनों का प्लान बदल दिया। अगले दिन यानी 4 मार्च को एक ड्रम और सीमेंट खरीदा था। जिसके बाद शव के टुकड़ों को ड्रम में भरकर उसमें सीमेंट का घोल डाल दिया। साथ ही चाकू को भी शव के साथ ही ड्रम में भर दिया था। बता दें कि पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि सौरभ की हत्या करने के बाद साहिल ने उसका सिर और दोनों हाथ बैग में रखकर अपने घर लाया था। और सिर और हाथ लेकर सोए (Wife Slept with Lover After Beheading Husband) थे। इस खौफनाक हत्या की कहानी सुन पुलिस भी हैरान हैं। पुलिस ने दोनों को अदालत के समक्ष पेश किया जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Wife Slept with Lover After Beheading Husband #CrimeNews #ShockingMurder #TrueCrime #CrimeAlert #ViralNews #BreakingNews #MurderMystery

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Mumbai Crime Woman & Lover Kill Husband in Shocking Case

Mumbai crime: मेरठ जैसा कांड, मुंबई की मुस्कान ने प्रेमी शाहरुख़ संग मिलकर पति को दी दर्दनाक मौत

मेरठ हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोरकर रख दिया है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के मेरठ की मुस्कान रस्तोगी ने जिस तरह प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ को मौत के घाट उतारा और फिर लाश के 15 टुकड़े कर एक ड्रम में भरकर सीमेंट में सील कर दिया, उसे जानकर किसी के भी रौंगटे खड़े हो जाएं। यह मामला सुर्ख़ियों में आया ही था कि इसी तरह के एक और मामले ने लोगों को चौंका दिया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai crime) में ठीक इसी तरह का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक मुंबई के गोरेगांव में रहने वाली एक महिला और उसके प्रेमी ने उसके पति की गला दबाकर हत्या कर दी। मुंबई पुलिस ने 36 वर्षीय एक युवक की हत्या के मामले में उसकी पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य पर मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट (Mumbai crime) पुलिस के मुताबिक गोरेगांव (Mumbai crime) के बनजारीपाड़ा में रहने वाले 36 वर्षीय चंद्रशेखर चौहान 15 मार्च को अपने घर में मृत पाए गए थे। पूछताछ में उनकी पत्नी, रंजू ने पुलिस को बताया कि “उसने आखिरी बार अपने पति को रात 1.30 बजे देखा था। उस समय वह सोने जा रही थी।” हालांकि इस बीच रंजू ने पुलिस को यह भी बताया कि “पिछले कुछ दिनों से कोई आधी रात को उनके दरवाजे पर दस्तक दे रहा था। उसके पति यह देखने के लिए बाहर गए थे कि कौन है।” बड़ी चालाकी से पुलिस को गुमराह करने हेतु रंजू ने पुलिस को बताया कि “वह सुबह 5.45 बजे उठी और अपनी दिनचर्या में लग गई। फिर उसने देखा कि उसके पति पास में सो रहे हैं। उस दिन उसके पति नहीं उठे। पति के नहीं उठने पर रंजू ने दादर में रहने वाले अपने देवर को फोन किया। उसके देवर को कुछ गड़बड़ लगी और उसने दिंडोशी पुलिस से संपर्क किया। जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर जाकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान पुलिस ने चौहान के गले पर गला घोंटने के निशान देखे। गले पर निशान देख पुलिस का सबसे पहले शक पत्नी मंजू पर ही गया।  रंजू ने पुलिस (Mumbai crime) को खूब गोल-गोल घुमाने की कोशिश की शुरूआती पूछताछ में रंजू ने पुलिस (Mumbai crime) को खूब गोल-गोल घुमाने की कोशिश की। पुलिस को शक पर पहले ही था। इसी शक के चलते पुलिस ने अब उसपर नजर रखना शुरू कर दिया। इस बीच पुलिस ने जब उसके फोन रिकॉर्ड की जांच की तो पुलिस को पता चला कि उसने रात में कई लोगों को फोन किया था। कुछ कॉल तो कई मिनटों तक चली थीं। इनमें से ही एक नंबर शाहरुख नाम के व्यक्ति का था। पुलिस ने जब उसका फ़ोन ट्राय लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था। इसके बाद पुलिस ने जब शाहरुख के कॉल रिकॉर्ड की जांच की। पुलिस को कुछ ऐसे नंबर मिले, जिन पर उसने कई मर्तबा कॉल की थी। उनमें से एक नंबर 20 वर्षीय मोइनुद्दीन खान का था। मोइनुद्दीन खान का लोकेशन ट्रेस करने के बाद सबसे पहले उसे उठाया और कड़ाई से पूछताछ की। इस दरम्यान खान ने मान लिया कि वह, शाहरुख और एक अन्य साथी हत्या में शामिल था। इसे भी पढ़ें:- सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता ने की मुंबई हाईकोर्ट से मौत की नए सिरे से जांच की मांग पुलिस (Mumbai crime) को यह भी पता चला कि रंजू और शाहरुख के बीच प्रेम संबंध थे बता दें कि पूछताछ के बीच पुलिस (Mumbai crime) को यह भी पता चला कि रंजू और शाहरुख के बीच प्रेम संबंध थे और वो अपने शराबी पति से छुटकारा पाना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक रंजू और शाहरुख के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों चंद्रशेखर चौहान से परेशान थे। कारण यही जो दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। फिलहाल पुलिस ने रंजू और शाहरुख खान को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस बाकी दो आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दे रही है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय सहिंता की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mumbai crime #MumbaiCrime #CrimeNews #MurderMystery #MumbaiUpdates #TrueCrime #CrimeReport #BreakingNews #CrimeInvestigation #JusticeForVictim #IndiaNews

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SC Questions India's Growth-Poverty Data Mismatch

राज्य के विकास और गरीबी के आंकड़ों में तालमेल नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्यों द्वारा विकास सूचकांक में वृद्धि दिखाने के लिए प्रति व्यक्ति आय को दर्शाने और सब्सिडी के लाभार्थियों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि राज्यों ने अपनी प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात तो की, लेकिन जब बात गरीबी रेखा (BPL) से नीचे रहने वाली 75 प्रतिशत आबादी की आती है, तो उनका दावा उल्टा पड़ता है। कोर्ट ने यह चिंता जताई कि सब्सिडी (Subsidy) का वास्तविक लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, जो इसके हकदार हैं। राशन कार्ड और सब्सिडी वितरण पर सवाल जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमारी मुख्य चिंता यह है कि क्या गरीबों के लिए निर्धारित लाभ उन तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं, या फिर यह लाभ उन लोगों को मिल रहा है जो इसके हकदार नहीं हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि “राशन कार्ड (Ration Card) अब एक लोकप्रियता कार्ड बन गया है,” जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना हो सकता है, जबकि असल गरीबों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा, “कुछ राज्य जब विकास दिखाते हैं तो दावा करते हैं कि उनकी प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है, लेकिन जब बीपीएल के आंकड़े आते हैं, तो वही राज्य 75 % आबादी को गरीबी रेखा से नीचे बताते हैं। इन आंकड़ों में यह विरोधाभास है और यह सवाल उठता है कि इस बीच सामंजस्य कैसे बैठाया जा सकता है?” असमानता और भ्रामक आंकड़े यह मामला कोविड-19 (Covid-19) महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं से जुड़ा हुआ है। इस पर स्वतः संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू की थी। वकील प्रशांत भूषण ने अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि यह आंकड़ों में विसंगति लोगों की आय में असमानताओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग अत्यधिक संपत्ति के मालिक हैं, जबकि बाकी गरीब ही बने रहते हैं।” भूषण ने यह भी कहा कि सरकार को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत गरीब प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त राशन देना चाहिए, और इसके अंतर्गत करीब 8 करोड़ लोग आते हैं। राशन वितरण में राजनीति का सवाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राशन कार्ड वितरण में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमें उम्मीद है कि राशन कार्ड जारी करने में कोई राजनीतिक उद्देश्य शामिल नहीं होगा। मैं हमेशा गरीबों की दिक्कतें समझना चाहता हूं और जो परिवार गरीब हैं, उन्हें मदद मिलनी चाहिए।” वहीं भूषण ने केंद्र सरकार द्वारा 2021 की जनगणना न कराए जाने का मुद्दा भी उठाया, जिससे यह समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर, कई गरीबों को बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया गया, और करीब 10 करोड़ लोग मुफ्त राशन से वंचित हो गए। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई       सरकार की तरफ से राशन वितरण का जवाब केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सरकार लगभग 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त, 11 करोड़ लोग एक अन्य योजना के तहत इसी तरह की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मामले की सुनवाई को स्थगित करते हुए केंद्र से गरीबों को दिए गए मुफ्त राशन (Free Ration) के वितरण पर जवाब दाखिल करने को कहा। इससे पहले, दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मुफ्त उपहार देने की संस्कृति पर अपनी नाराजगी जताई थी और यह टिप्पणी की थी कि प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और उनकी क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। मुफ्त राशन वितरण पर न्यायालय की चिंता सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह भी कहा कि यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब केवल करदाता ही मुफ्त राशन से वंचित होते हैं। अदालत ने इस पर सवाल उठाया कि क्या यह केवल गरीबों के बजाय एक राजनीतिक हथियार बनकर रह गया है। कोर्ट ने यह भी सिफारिश की थी कि यदि मुफ्त राशन देने का काम किया जा रहा है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका लाभ सही तरीके से उन तक पहुंचे जिन्हें इसकी आवश्यकता है, न कि उन तक जो इसका लाभ लेने के हकदार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का यह आदेश और टिप्पणी एक महत्वपूर्ण संकेत है कि देश में सब्सिडी वितरण, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वास्तविक गरीबों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक प्रेरणा या धांधली न हो। Latest News in Hindi Today Hindi news Subsidy #SupremeCourt #IndiaDevelopment #PovertyStats #EconomicGrowth #SCVerdict #IndianEconomy #PovertyVsGrowth #GovtPolicies #JudicialReview #EconomicJustice

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Disha Salian Case Father Seeks Fresh Investigation

Disha Salian death investigation: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता ने की मुंबई हाईकोर्ट से मौत की नए सिरे से जांच की मांग

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है। दरअसल, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने दिशा की मौत (Disha Salian death investigation) की नए सिरे से जांच की मांग करते हुए बीते बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं इस याचिका में आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच सीबीआई को सौंपने की गुजारिश की हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक उनका आरोप है कि दिशा के साथ सामुहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बता दें कि आठ जून 2020 को दिशा सालियान की मौत उपनगरीय मलाड में इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। इसके बाद शहर की पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था। हालांकि उस समय दिशा के पिता ने इस जांच को संतोषजनक भी करार दिया था।  सबसे पहले नेता नितेश राणे ने ही दिशा से गैंगरेप के बाद उनकी हत्या (Disha Salian death investigation) का लगाया था आरोप  सबसे पहले नेता नितेश राणे ने ही आज से ठीक तीन साल पहले दिशा से गैंगरेप के बाद उनकी हत्या (Disha Salian death investigation) का आरोप लगाया था। हालांकि तब दिशा के माता-पिता ने बेटी को बदनाम करने की साजिश कहते हुए उल्टा नितेश पर ही केस दर्ज कराया था।  तो वहीं अब दिशा के पिता का कहना है कि “उन्हें नजरबंद करके पुलिस के पेश सबूतों को सच मानने के लिए मजबूर किया गया था।” यही नहीं, इसके साथ ही अपनी इस याचिका में उन्होने डिनो मोर्या, सूरज पांचोली और मुंबई पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने कहा कि “वे अभी भी याचिका दायर करने की प्रक्रिया में हैं और आज हाई कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग में इस पर नंबर दर्ज कराएंगे।” इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई       बेटी की मौत (Disha Salian death investigation) की नये सिरे से जांच कराने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का खटखटाया है दरवाजा  प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिशा सालियान के पिता ने इस मामले में (Disha Salian death investigation) बुधवार को कहा कि “उन्होंने जून 2020 में रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई अपनी बेटी की मौत की नये सिरे से जांच कराने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सतीश सालियान ने आगे कहा कि “याचिका में उच्च न्यायालय से शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।” कहने की जरूरत नहीं है, इसके बाद दिशा के पिता की इस याचिका के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। गौर करने वाली बात यह कि महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र अभी चल रहा है। इस मामले को तूल देते हुए कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने कह कि “आदित्य ठाकरे को विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और जांच का सामना करना ही चाहिए।” ध्यान देने वाली बात यह कि इस बीच शिवसेना के प्रवक्ता ने आश्चर्य जताया कहा कि “चार साल बाद अचानक यह मामला सुर्खियों में क्यों आ गया। उन्होंने इसमें साजिश की आशंका जताई।” Latest News in Hindi Today Hindi news Disha Salian death investigation #DishaSalian #JusticeForDisha #SushantSinghRajput #SSRCase #MumbaiHighCourt #DishaSalianDeath #CBIInvestigation #BollywoodMystery #IndiaJustice #BreakingNews

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Mumbai Indians captain: मुंबई इंडियंस के लिए अब तक कुल इतने खिलाड़ी में कर चुके कप्तानी, इस कप्तान ने  जिताए हैं सबसे अधिक मैच

आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस 23 मार्च को अपना पहला मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेलने उतरेगी। इस मैच में गौर करने वाली बात यह कि बैन की वजह से हार्दिक पांड्या कप्तानी (Mumbai Indians captain) नहीं कर पाएंगे। दरअसल, पिछले सीजन स्लो ओवर की रेट की वजह से उन पर एक मैच का बैन लगा था। मुख्य बात यह कि जब बैन लगा, तब मुंबई पिछले सीजन के अपने सारे मैच खेल चुकी थी। कारण यही जो उनका बैन आईपीएल 2025 में लागू होगा। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी में प्रमुख बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव टीम की कप्तानी करेंगे। इस बीच प्री-सीजन हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई इंडियंस की कप्तानी के संबंध में सवाल के जवाब में हार्दिक पंड्या ने कहा कि “सूर्य कुमार यादव इस समय भारतीय टी-20 टीम के कप्तान है। ऐसे में मेरे नहीं खेलने पर सूर्य कुमार यादव ही मुंबई इंडियंस टीम की कप्तानी के लिए सबसे उपयुक्त है। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मुकाबले में वह यह जिम्मेदारी निभाते हुए नजर आएंगे।” हार्दिक पंड्या ने यह भी कहा कि “वह खुद को काफी भाग्यशाली समझते हैं कि उनकी टीम में तीन बड़े कप्तान खेलते हुए नजर आएंगे, जिसमें रोहित शर्मा, सूर्य कुमार यादव और जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल है, जो मुझे जरूरत पड़ने पर अहम सुझाव भी देंगे।” बता दें कि सूर्यकुमार आईपीएल में अब तक सिर्फ 1 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें उनकी टीम को जीत मिली थी। आईपीएल 2023 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ टीम की कमान संभाली थी।  अब तक कुल 9 खिलाड़ी कर चुके हैं कप्तानी  बता दें कि पांच बार की चैम्पियन मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians captain) के लिए टी20 में अब तक कुल 9 खिलाड़ी कप्तानी कर चुके हैं। जिनमें रोहित शर्मा, सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह, हार्दिक पांड्या, कीरोन पोलार्ड, रिकी पोंटिंग, शॉन पोलॉक, ड्वेन ब्रावो और सूर्यकुमार यादव शामिल हैं। अहम बात यह कि सूर्यकुमार यादव भी पहले एक मैच में कप्तानी कर चुके हैं, जिसमें मुंबई को जीत मिली थी। मुंबई इंडियंस के लिए सबसे ज्यादा मैचों में रोहित शर्मा ने कप्तानी की है। उन्होंने टीम के लिए 163 मैचों में कमान संभाली, जिसमें से 91 मैचों में उन्होंने मुंबई इंडियंस को जीत दिलवाई और 68 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बड़ी बात यह कि रोहित इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने मुंबई के लिए 100 से ज्यादा मैचों में कप्तानी की है। उनकी कप्तानी में ही मुंबई इंडियंस की टीम ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। इसके अलावा क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने मुंबई इंडियंस के लिए 55 मैचों में कप्तानी की है।  मुंबई इंडियंस के लिए टी20 में कप्तानी (Mumbai Indians captain) करने वाले खिलाड़ी इसे भी पढ़ें: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पिछले सीजन में हार्दिक पांड्या ने संभाली थी मुंबई इंडियंस की कमान (Mumbai Indians captain)  जानकारी के लिए बता दें कि पिछले सीजन में मुंबई इंडियंस की कमान (Mumbai Indians captain) हार्दिक पांड्या ने संभाली थी। हलाँकि तब मुंबई इंडियंस की टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। टीम ने सिर्फ चार मैच ही जीते थे और वह प्वाइंट्स टेबल में आखिरी पायदान पर रही थी। ऐसे में मुंबई आईपीएल की सफल फ्रेंचाइजियों में से एक है और उसका अपना फैन बेस है। कहने की जरूरत नहीं इस सीजन उनकी निगाहें खिताब जीतने पर होंगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mumbai Indians captain #MumbaiIndians #IPL2025 #MIRohitSharma #MumbaiIndiansCaptain #CricketStats #IPLRecords #MIPaltan #T20Cricket #CricketFans #IPLHistory

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