Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

आगे और पढ़ें
Trump Putin phone call

Trump Putin phone call: ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर लगभग दो घंटे हुई बात, इस शर्त पर होगी युद्ध समाप्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जुटे हैं। इस सिलसिले में दोनों के बीच मंगलवार को तकरीबन 2 घंटे तक फ़ोन पर (Trump Putin phone call) बातचीत हुई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान युद्धविराम समझौते और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे चर्चा का हिस्सा होंगे। बड़ी बात यह कि इस बातचीत की पुष्टि व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने की। उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर बताया कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सुबह 10:00 बजे से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “चर्चा सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और अभी जारी है।” बता दें कि यह वार्ता तीन साल से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस संघर्ष ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है, करोड़ों को बेघर कर दिया है और यूक्रेन के कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत की। गौर करने वाली बात यह कि इस दौरान युद्ध विराम समझौते के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 30 दिनों के युद्धविराम समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हुई अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की थी। इस वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि वार्ता के दौरान क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे के मुद्दे चर्चा का हिस्सा होंगे। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई   पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की रखी है (Trump Putin phone call) शर्त  विदित हो कि सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “वे यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम और शांति स्थापित करने के प्रयास करेंगे और उन्हें विश्वास है कि यह संभव हो सकता है।” तो वहीं दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि “रूस अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक क्रेमलिन ने क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की शर्त (Trump Putin phone call) रखी है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Putin phone call #TrumpPutin #RussiaUkraineWar #Geopolitics #GlobalDiplomacy #USRussiaRelations #TrumpNews #PutinUpdates #WarNegotiations #WorldPolitics #PeaceTalks

आगे और पढ़ें
Papmochani Ekadashi 2025 date

पापमोचनी एकादशी 2025: पुण्य प्राप्ति और पापों से मुक्ति का पावन अवसर

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और पापमोचनी एकादशी इनमें से एक अत्यंत पवित्र और फलदायी एकादशी मानी जाती है। यह व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को पड़ रही है। इस दिन मां तुलसी की विशेष पूजा करने से पापों से मुक्ति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी पर कैसे करें मां तुलसी की पूजा और इस व्रत का क्या है महत्व। पापमोचनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 25 मार्च को  सुबह 05:05 बजे से शुरू होकर 26 मार्च को रात 03:45 बजे तक रहेगी। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह 06:15 बजे से 08:45 बजे तक पूजा करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी का महत्व पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन मां तुलसी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi)  के दिन व्रत रखने और मां तुलसी (Maa Tulsi)  की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होता है, जो अपने पापों से मुक्ति चाहते हैं। पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ तुलसी पूजा मंत्र (Tulsi Puja Mantra) 1. वृंदा देवी-अष्टक: गाङ्गेयचाम्पेयतडिद्विनिन्दिरोचिःप्रवाहस्नपितात्मवृन्दे । बन्धूकबन्धुद्युतिदिव्यवासोवृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ 2. ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ॥ 3. समस्तवैकुण्ठशिरोमणौ श्रीकृष्णस्य वृन्दावनधन्यधामिन् । दत्ताधिकारे वृषभानुपुत्र्या वृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Papmochani Ekadashi #PapmochaniEkadashi #EkadashiVrat #HinduFestivals #PapmochaniEkadashi2025 #LordVishnu #Spirituality #FastingBenefits #HinduReligion #PunyaKarma #VratKatha

आगे और पढ़ें
Sunita Williams safe landing

Sunita Williams safe landing: दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई 

जून 2024 में 8 दिनों के अंतरिक्ष मिशन के रवाना हुईं भारतीय मुल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) के यान में तकनीकी खामी आ गई थीं। जिसकी वजह से उन्हें स्पेस स्टेशन में 9 माह गुजारने पड़े। इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समेत दुनिया भर के वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी का इंतजार कर रहे थे। उनकी वापसी के लिए स्पेसएक्स ने क्रू-9 मिशन लॉन्च किया था। नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में गुजारने के बाद भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथियों के साथ सकुशल लौट आईं (Sunita Williams safe landing) हैं। भारतीय समयानुसार, बुधवार तड़के 3:27 बजे उनका यान फ्लोरिडा तट के पास उतरा। उनके साथ क्रू-9 मिशन के अन्य दो सदस्य, निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी सुरक्षित वापस आ गए। बता दें कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल आईएसएस से 17 घंटे का सफर तय कर मैक्सिको की खाड़ी में पैराशूट की मदद से उतरा। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सफल लैंडिंग के बाद सुनीता विलियम्स सहित सभी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जैसे ही वे कैप्सूल से बाहर आए, उन्होंने कैमरे की ओर हाथ हिलाकर पृथ्वी पर वापस लौटने की खुशी जाहिर की।  लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान डॉल्फिन का झुंड पहुंचा था रिसीव करने  बता दें कि लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान एक रोचक घटना घटी। दरअसल, ड्रैगन कैप्सूल के लैंड होते ही अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक टीम बीच समुद्र में मौजूद पहुंची। इस दौरान उन्होंने कैप्सूल के पास डॉल्फिन का एक झुंड देखा। इसे देखकर वहां मौजूद सभी के चेहरे खिलखिला उठे। नजारा देखका ऐसा लग रहा था मानो डॉल्फिन स्वयं अंतरिक्ष यात्रियों को रिसीव करने पहुंची हैं। उन्हें खुद भी महीनों से  सुनीता विलियम्स की वापसी का इंतजार था। डॉल्फिन के इस झुंड का वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने डॉल्फिन वाला वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए कहा कि “अनप्लान्ड वेलकम क्रू! क्रू-9 के पास आज दोपहर को कुछ आश्चर्यजनक आगंतुक आए।” इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर सफलतापूर्वक लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को दिया धन्यवाद  The unplanned welcome crew! Crew-9 had some surprise visitors after splashing down this afternoon.🐬 pic.twitter.com/yuOxtTsSLV — NASA's Johnson Space Center (@NASA_Johnson) March 18, 2025 इस सफलता (Sunita Williams safe landing)  पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि “जो वादा किया, वो निभाया। नौ महीने से फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित घर लाने के लिए धन्यवाद।” इसके अलावा इस सफलता के लिए नासा की पूरी टीम की सराहना की गई। मिशन के दौरान नासा ने दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर अंतरिक्ष यात्री हेग ने कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स फ्लाइट कंट्रोल सेंटर से रेडियो पर कहा कि “यह एक अद्भुत सफर था। मैं कैप्सूल को देख रहा हूं और बेहद उत्साहित हूं।”  नौ महीने बाद हुई सकुशल (Sunita Williams safe landing) वापसी  जानकारी के लिए बता दें कि सुनीता विलियम्स और वुच विल्मोर दोनों ही अंतरिक्ष यात्रियों की 5 जून को लॉन्च हुए बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल के लगभग एक सप्ताह बाद ही लौटना था, लेकिन स्पेस स्टेशन के रास्ते में आई तकनीकी खराबी की वजह से स्टारलाइनर को खाली वापस भेजा गया था। इस मिशन का उद्देश्य स्टारलाइनर की क्षमता को परखना था, जिसमें उसे अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाकर सुरक्षित वापस लाना था। हालांकि, यह मिशन केवल आठ दिनों का था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उनकी वापसी में टलती गई। आखिरकार नौ महीने बाद ही, सभी की सकुशल वापसी (Sunita Williams safe landing) हो गई। नासा ने इस वापसी को योजना के अनुसार सफल बताया और कहा कि “सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Sunita Williams safe landing Sunita Williams #SunitaWilliams #SpaceReturn #SafeLanding #NASA #AstronautLife #SpaceExploration #InspiringWomen #DolphinCelebration #ProudMoment #SpaceNews

आगे और पढ़ें
Aadhar Card Link ToVoter ID

चुनाव आयोग का बड़ा कदम: वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला

भारत में लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अंग यानी चुनाव हमेशा पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हैं। लेकिन समय-समय पर चुनावों में फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी (Voter ID) और अन्य धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला लिया है। इस कदम से न केवल चुनावों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी की समस्या पर भी रोक लगेगी। बैठक में लिया गया फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग (Election Commission) के मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव आयोग के अन्य सदस्य डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, यूआईडीएआई के सीईओ और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि वोटर आईडी को आधार कार्ड से जोड़ने का काम संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत किया जाएगा, जो भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकेज का उद्देश्य भारत में प्रत्येक नागरिक के पास एक आधार कार्ड (Aadhar Card) होता है, जो उसकी पहचान को प्रमाणित करता है। वहीं, वोटर आईडी भी नागरिक को मतदान करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी का मामला हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। इस लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक व्यक्ति के वोटिंग रिकॉर्ड की पुष्टि आधार कार्ड के माध्यम से की जा सके, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके। इसके अलावा, फर्जी वोटिंग, जाली वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) बनाने और चुनावी धोखाधड़ी के मामलों पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। इससे चुनावों में पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही लोग मतदान कर रहे हैं, जो वास्तव में भारतीय नागरिक हैं। विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श चुनाव आयोग (Election Commission) और यूआईडीएआई के विशेषज्ञ (UIDAI Expert) जल्द ही आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकिंग पर तकनीकी परामर्श शुरू करेंगे। इसके बाद इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित हो, इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। चुनाव आयोग ने भी इस बात पर जोर दिया है कि लिंकिंग का काम संवैधानिक और कानूनी दायरे में किया जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। चुनाव आयोग का बयान चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपने एक बयान में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत, मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को दिया जा सकता है, लेकिन आधार केवल व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करता है। इसलिए, वोटर आईडी कार्ड (ईपीआईसी) को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले (2023) के अनुरूप लिया गया है। इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मतदाता सूचियों को आधार डेटाबेस के साथ स्वैच्छिक रूप से जोड़ने की अनुमति देता है, जिससे लोगों को अपनी जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब चुनावों में फर्जी वोटिंग (Fake Voters) और वोटर पहचान से संबंधित मुद्दे लगभग खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा, मतदाता सूची में भी सुधार होगा, जिससे वोटर आईडी के साथ कोई भी झूठा नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, जो लोकतंत्र की आत्मा है। इसके अलावा, यह फैसला चुनाव आयोग को यह सुविधा देगा कि वह एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार कर सके, जिससे चुनावी प्रबंधन में भी आसानी होगी। वोटर आईडी (Voter ID) को आधार कार्ड (Aadhar Card) से लिंक करने का चुनाव आयोग का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी कार्ड (Fake Voter ID Card) और अन्य चुनावी धोखाधड़ी से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, यह चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाएगा। अब यह देखना होगा कि यह प्रक्रिया कब लागू होती है और इसे कैसे तकनीकी दृष्टिकोण से सही तरीके से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhar Card Link ToVoter ID #AadhaarCard #VoterID #FakeVoterID #ElectionCommission #AadharCardLinkToVoterID

आगे और पढ़ें
Sacred Abode of Lord Vitthal & PM Modi Visit

मुखवा मंदिर: भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ

भारत एक ऐसा देश है जहां अनेक धार्मिक स्थल और मंदिर अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाने जाते हैं। इन्हीं में से एक है मुखवा मंदिर (Mukhwa Temple), जो हाल ही में चर्चा में आया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)  भी इस मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए बल्कि अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं कि मुखवा मंदिर कहां स्थित है, यह क्यों प्रसिद्ध है, इसका क्या महत्व है और यहां किसकी पूजा की जाती है। मुखवा मंदिर कहां स्थित है? मुखवा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्षिल वैली में स्थित एक खूबसूरत पहाड़ी गांव है। यह गांव गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है, जिससे इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। इसे मुखीमठ भी कहा जाता है। यहां एक मंदिर है, जिसे माता गंगा का मायका माना जाता है। मुखवा मंदिर क्यों प्रसिद्ध है? मुखवा गांव को मां गंगा का शीतकालीन निवास कहा जाता है। सर्दियों में जब गंगोत्री धाम बर्फ से ढक जाता है, तब माता गंगा की मूर्ति वहां से मुखवा लाई जाती है। सर्दियों की शुरुआत से पहले भक्तों की शोभायात्रा के साथ माता गंगा गंगोत्री से इस गांव में आती हैं। इसे माता गंगा का मायका माना जाता है, इसलिए जब उनकी मूर्ति यहां लाई जाती है, तो स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखने को मिलता है। मुखवा मंदिर का क्या है महत्व? मुखवा मंदिर (Mukhwa Temple) का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यधिक है। सर्दियों में गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद भी भक्त मां गंगा की पूजा कर सकें, इसलिए उनकी प्रतिमा को मुखवा गांव लाया जाता है। यहां शीतकाल के दौरान मां गंगा की नियमित पूजा होती है। माना जाता है कि इस स्थान पर पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। प्रधानमंत्री ने भी शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुखवा गांव की यात्रा की थी। इसके अलावा, मुखवा मंदिर का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहां प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनूठा संगम है। कृष्णा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव प्रदान करता है। मुखवा गांव मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल होने के कारण कई प्राचीन मंदिरों का घर है। इनमें मुखीमठ मंदिर खासतौर पर मां गंगा को समर्पित है। यह स्थान हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मुखीमठ मंदिर अपनी खूबसूरत वास्तुकला और बारीक नक्काशी के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसकी भव्यता देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर मुखवा मंदिर कैसे पहुंचे? मुखवा मंदिर (Mukhwa Temple) तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको दिल्ली से ऋषिकेश जाना होगा। वहां से उत्तरकाशी होते हुए हर्षिल पहुंच सकते हैं। दिल्ली से मुखवा मंदिर की दूरी लगभग 480 किलोमीटर है और यह यात्रा 12 घंटे से कम समय में पूरी की जा सकती है। अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं, तो देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट तक पहुंचकर वहां से ऋषिकेश और फिर उत्तरकाशी के हर्षिल वैली जा सकते हैं। पीएम मोदी का मुखवा मंदिर दर्शन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मुखवा मंदिर के दर्शन किए थे। पीएम मोदी (PM Modi) के मुखवा मंदिर दर्शन के बाद इस मंदिर की लोकप्रियता और बढ़ गई है। उन्होंने इस मंदिर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया और लोगों से इस पवित्र  स्थल के दर्शन करने का आग्रह किया। Latest News in Hindi Today Hindi news Mukhwa Temple #MukhwaTemple #VitthalMandir #SacredTemple #PMModiVisit #SpiritualJourney #HinduTemple #DivinePlace #Bhakti #PilgrimageSite #ReligiousTourism

आगे और पढ़ें
Superfast charging EV,

Superfast charging EV: चीन की नई सुपरफास्ट टेक्नोलॉजी का कमाल, 5 मिनट के चार्ज पर 400 KM चलेगी यह कार

आमतौर पर इलेक्ट्रिक कारों को फुल चार्ज होने में तकरीबन 4 से 5 घंटे का समय लगता है। कहने की जरूरत नहीं इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने में लगने वाला समय सच में बड़ा कष्टदायक होता है। क्या हो यदि आपकी कार सिर्फ 5 मिनट में ही चार्ज हो जाये? आप कहेंगे क्या मजाक है, यहां एक साधारण मोबाइल 5 मिनट में फूल चार्ज नहीं होता, भला 5 मिनट में इतनी बड़ी इलेक्ट्रिक कार कैसे फूल चार्ज हो जाएगी? जी हाँ, अब कार चार्ज होगी वो भी 5 मिनट में। यदि ऐसा संभव हो जाए तो आप निश्चित ही इसे किसी करिश्में से काम नहीं मानेंगे। वैसे तो आज की टेक्नोलॉजी में कुछ भी संभव है। दरअसल, चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी ने इस कारनामे को सच कर दिखाया है। बता दें कि चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी BYD (Build Your Dreams) ने अपनी नई सुपर ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) की घोषणा की है। इसके मुताबिक अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के मालिकों को घंटों चार्जिंग स्टेशन पर अपना वक़्त ज़ाया नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि नई सुपर-ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी से अब सिर्फ 5 मिनट में 400 KM की रेंज मिलेगी। यानी इस हिसाब से हर 1 सेकंड के चार्ज पर 1 KM की ड्राइविंग। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह नई टेक्नोलॉजी न सिर्फ टेस्ला को टक्कर देगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को और भी आसान और दमदार बना देगी। यह इस समय दुनिया की सबसे तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) मानी जा रही है कहने की जरूरत नहीं इस नई तकनीक से कारें सिर्फ 5 मिनट चार्ज होकर 400 किलोमीटर तक चल सकेंगी। गौर करने वाली बात यह कि ये सिस्टम 1,000 किलोवॉट (1 मेगावॉट) की चार्जिंग क्षमता देता है जो टेस्ला की 500 किलोवॉट चार्जिंग स्पीड से दोगुना है। यह इस समय दुनिया की सबसे तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) मानी जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कंपनी के संस्थापक वांग चुआनफू ने इसे शेन्जेन स्थित मुख्यालय में लॉन्च के दौरान कहा कि “इससे इलेक्ट्रिक कारें उतनी ही जल्दी चार्ज हो सकेंगी, जितनी तेजी से पेट्रोल या डीजल गाड़ियों में ईंधन भरा जाता है।” बता दें कि BYD की यह नई सुपर चार्जिंग तकनीक सबसे पहले Han L सेडान और Tang L SUV में इस्तेमाल होगी। बड़ी बात यह कि इन गाड़ियों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इन गाड़ियों का लॉन्च अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में होने की संभावना है। बात करें Han L और Tang L की कीमत की तो इनकी कीमत तकरीबन 270,000 – 350,000 युआन (लगभग 32 लाख – 42 लाख रुपये) के बीच होगी। इन गाड़ियों की खास बात यह कि इनमें 1000V हाई-वोल्टेज सिस्टम और 10C चार्जिंग तकनीक दी गई है। इसकी वजह से इन गाड़ियों की चार्जिंग स्पीड बड़ी तेज होगी।  इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर यह नई टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) इलेक्ट्रिक कारों को अधिक सुविधाजनक बनाएगी अहम बात यह कि यह नई टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) इलेक्ट्रिक कारों को अधिक सुविधाजनक बनाएगी। बता दें कि BYD की यह पहल इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेज और ज्यादा एफिशिएंट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। गौर करने वाली बात यह कि कंपनी ने चीन में 4,000 से ज्यादा सुपरफास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान ग्राहकों को चार्जिंग की परेशानी न हो। बेशक BYD की यह नई तकनीक इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में बड़ा बदलाव लाने वाली है। और तो और सुपर-ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी की मदद से ईवी मालिकों को लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग की कोई परेशानी भी नहीं होगी। निश्चित ही यह टेक्नोलॉजी BYD को न सिर्फ Tesla जैसे बड़े ब्रांड्स से आगे ले जाने में मदद करेगी बल्कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को और भी फेमस बनाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news #SuperfastEV #ElectricVehicle #FastChargingEV #EVRevolution #GreenEnergy #EVTechnology #ChinaEV #FutureCars #SustainableMobility #EVCharging

आगे और पढ़ें
Gaming smartphone

गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन

गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) हाई परफॉरमेंस वाले उस मोबाइल डिवाइस को कहा जाता है, जिसे विशेष रूप से  गेमिंग के लिए डिजाइन किया जाता है। इनकी खास बात हैं इनका पावरफूल प्रोसेसर, हाई रिजॉल्यूशन डिस्प्ले, बेहतरीन कलिंग सिस्टम, लम्बी चलने वाली बैटरी आदि। इन फोनों को गेमिंग के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है। इस समय कई गेमिंग स्मार्टफोन्स बाजार में उपलब्ध हैं, जो लोगों में लोकप्रिय हैं। अच्छी खबर यह है कि अब आपको इन फोन्स के लिए अधिक रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे। मार्च 2025 में, आईक्यू नियो 10आर और नथिंग फोन (3a) प्रो जैसे हैंडसेट भी कम कीमत में उपलब्ध हैं। तो आइए जानें, 30,000 रुपये से कम कीमत में गेमिंग के लिए खरीदे जा सकने वाले बेहतरीन स्मार्टफोन यानी मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन्स (Low-cost gaming smartphones available in March 2025) के बारे में। मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन (Low-cost gaming smartphone available in March 2025): पाएं जानकारी गेमिंग स्मार्टफोन्स (Gaming smartphone) अब हर किसी के बजट में हैं और इन्हें किफायती दामों में खरीदा जा सकता है। मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन्स (Low-cost gaming smartphones available in March 2025) इस प्रकार हैं: पोको एक्स7 प्रो (Poco X7 Pro) पोको एक्स7 प्रो  2GB रैम + 256GB स्टोरेज के साथ आता है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6.67-इंच का एएमओएलईडी डिस्प्ले है। यही नहीं, इसमें ड्यूल कैमरा सेटअप है और 50MP सोनी एलवाईटी-600 प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस है। इसका फ्रंट कैमरा 20MP है और इसमें 6,550mAh की बैटरी है। इसके अलावा भी इस फोन की कई विशेषताएं हैं जो इसे लोगों का पसंदीदा बनाती हैं। अगर बात की जाए इसकी कीमत की तो पोको एक्स7 प्रो की कीमत केवल 27,999 रुपये है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीद सकते हैं। नथिंग फोन (3ए) प्रो (Nothing Phone (3A) Pro) नथिंग फोन (3ए) प्रो में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज है और इसमें 6.77-इंच का फ्लेक्सिबल एएमओएलईडी डिस्प्ले है। इसमें ट्रिपल कैमरा सेटअप है जिसमें 50MP मेन रियर शूटर शामिल है। यही नहीं,  इसमें 50MP टेलीफोटो कैमरा है जिसमें 2x ऑप्टिकल जूम है और 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। इसमें फ्रंट में 50MP कैमरा है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 5,000mAh की बैटरी है, जिसमें 50W वायर्ड और 7.5W रिवर्स-वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट है। नथिंग फोन (3ए) प्रो की कीमत केवल 29,999 रुपए है। आईक्यू नियो 10आर (IQ Neo 10R) आईक्यू नियो 10आर में फनटच ओएस 15 ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और ट्रिपल कैमरा सेटअप है जिसमें 50MP मेन रियर कैमरा, 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 2MP डेप्थ सेंसर शामिल हैं।। इसमें 32MP फ्रंट-फेसिंग कैमरा भी है। इस स्मार्टफोन में 6.78-इंच का 1.5K एएमओएलईडी डिस्प्ले है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6,400mAh की बैटरी है। आईक्यू नियो 10आर की कीमत केवल 28,999 रुपए है। वीवो टी3 अल्ट्रा (Vivo T3 Ultra) वीवो टी3 अल्ट्रा 8GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ आता है। अगर बात की जाए इसके फीचर्स की तो इसकी डिस्प्ले 6.78-इंच का एएमओएलईडी है, जिसमें 4,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस है। इसका प्रोसेसर 4nm मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9200 है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में  5,500mAh की बैटरी है। वीवो टी3 अल्ट्रा की कीमत 29,999 है।  इसे भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च?  वनप्लस नॉर्ड 4 (OnePlus Nord 4) वनप्लस नॉर्ड 4 की कीमत 28,999 रुपये है। इसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6.74-इंच का एएमओएलईडी डिस्प्ले है और 50MP मेन रियर कैमरा है, जिसमें 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 16MP फ्रंट-फेसिंग कैमरा है। इसके अलावा यह फोन 5,500mAh की बैटरी के साथ आता है और इसमें ऑक्सीजनओएस 14.1 ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो एंड्रॉइड 14 बेस्ड है। Latest News in Hindi Today Hindi news Gaming Smart Phone #PocoX7Pro #Low-costgamingsmartphonesavailableinMarch2025 #gamingsmartphone #smartphone

आगे और पढ़ें
Rahul Gandhi question (2)

Rahul Gandhi question: संसद में पीएम मोदी ने महाकुंभ में मरने वालों को क्यों नहीं दी श्रद्धांजलि? 

महाकुंभ के भव्य आयोजन पर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बयान दिया। महाकुंभ की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सब जानते हैं कि गंगा को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास हुआ था, वैसा ही महाकुंभ के महाप्रयास में भी दिखा।” नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि “प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए।” प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था।” आदतन पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। मजे की बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान समाप्त होने के बाद सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के (Rahul Gandhi question) साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में बोलने वाले थे। समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।”  राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता। ये कैसा न्यू इंडिया है?” इसी के साथ राहुल गांधी ने ये भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी के बारे में भी बोलना चाहिए था। परंतु उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला। पीएम मोदी को कुंभ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।” बता दें कि संसद परिसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कुंभ हमारी परंपरा है, इतिहास है, संस्कृति है, लेकिन हमें इस बात की शिकायत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में जान गंवाने वालों के बारे में कुछ नहीं कहा। मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।” इस बीच राहुल गांधी ने दृढ़ता से कहा कि “कुंभ में जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। प्रधानमंत्री को रोजगार के बारे में भी बोलना चाहिए था।” इसे भी पढ़ें:- शरद पवार ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े खूब कसीदे, चिट्ठी लिख कर दी बड़ी मांग आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं- पीएम मोदी  आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के आयोजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “मैंने लाल किले से सबका प्रयास के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।” इस दरम्यान प्रधानमंत्री ने कहा कि “पिछले साल अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमने महसूस किया था कि कैसे देश एक हजार वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक एक साल बाद, महाकुंभ के आयोजन ने हम सबके इस विचार को और बल मिला है। ये सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। और आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Rahul Gandhi question #RahulGandhi #PMModi #MahakumbhTragedy #ParliamentDebate #PoliticalControversy #KumbhMela #ModiRahulClash #BreakingNews #IndiaPolitics #OppositionAttack

आगे और पढ़ें
Benefits of Green Tea

ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी

ग्रीन टी (Green Tea) चीन और जापान में हजारों सालों से एक प्रसिद्ध ड्रिंक और इसके साथ ही पारंपरिक औषधि है। आज ग्रीन टी हर देश में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है और आसानी से उपलब्ध है। यह कई फ्लेवर्ड और स्वीटेनड किस्मों के साथ-साथ ग्रीन टी पाउडर और लूज लीफ टी के रूप में भी मिलती है। यानी, आप जिस भी रूप में इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, वो बाजार में आपको मिल जाएगी। ऐसा माना जाता है कि ग्रीन टी (Green Tea) कॉग्निशन और वेट मैनेजमेंट के सपोर्ट में मदद करती है और इसके साथ ही यह एनर्जी को भो बूस्ट करने में भी फायदेमंद है। आइए जानें ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) के बारे में विस्तार से। ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea): पाएं जानकारी क्लीवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार ग्रीन टी (Green Tea) के कई फायदे हैं, जिनमें एंग्जायटी कम करना, कोलेस्ट्रॉल घटाना, ब्रेन हेल्थ को प्रोटेक्ट करना, हड्डियों को हेल्दी बनाना और सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में मदद करना आदि शामिल हैं। ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) इस प्रकार हैं: 1. फोकस बढ़ाए ग्रेन टी में कई नेचुरल स्टिमुलैंट्स होते हैं, जिसमें कैफीन भी शामिल हैं। यह फोकस और एकाग्रता को बढ़ाने में फायदेमंद है। हालांकि, इसमें कैफीन की मात्रा कॉफी के समान ज्यादा नहीं होती। ग्रीन टी (Green Tea) के सेवन से मूड को अच्छा करने वाले केमिकल बढ़ते हैं, जिसमे डोपामाइन और सेरोटोनिन शामिल हैं।इसके साथ ही यह एमिनो एसिड एल-थेनिंग का अच्छा स्त्रोत है, जिसमें रिलेक्सिंग इफेक्ट होते हैं। यानी यह रिलेक्स होने में भी मदद करती है। 2. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करे शोध यह बताते हैं कि वजन कम करने में ग्रीन टी (Green Tea) फायदेमंद हो सकती है। यानी, ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) मेटाबॉलिज्म से संबंधित है। ऐसा माना जाता है कि इसका कारण इसमें मौजूद कैटेचिन जैसे प्लांट कंपाउंड्स और नेचुरल थर्मोजेनिक प्रॉपर्टीज हैं। 3. ब्लड शुगर को करे कंट्रोल कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि ग्रीन टी (Green Tea) से इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधरती है और इसके कारण ब्लड शुगर (Blood Sugar) मैनेजमेंट पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, जिससे डायबिटीज का जोखिम कम हो सकता है। 4. हार्ट डिजीज का लो रिस्क ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) में हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करना शामिल है। शोध बताते हैं कि ग्रीन टी से हार्ट डिजीज और इससे जुडी समस्याओं जैसे स्ट्रोक आदि की संभावना को कम करने में मददगार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स होते हैं जो आर्टेरियल डैमेज को कम कर सकते हैं। 5. हड्डियों के लिए फायदेमंद ग्रीन टी (Green Tea)  बोन डेंसिटी को मैंटेन करने में मददगार है, जिसके कारण फ्रैक्चर का रिस्क कम हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह इफेक्ट इस चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल (Polyphenol) के कारण होता है। इसे भी पढ़ें: कोलकाता में कोरोनावायरस HKU1 के मामले की पुष्टि: यहां जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय 6. पेट के लिए लाभदायक ग्रीन टी (Green Tea) में पॉलीफेनॉल (Polyphenol) जैसे प्लांट कंपाउंड्स होते हैं, जो एब्जॉर्ब हुए बिना लार्ज इंटेस्टाइन में चले जाते हैं, जहां उन्हें गट बैक्टीरिया द्वारा ब्रेक डाउन कर दिया जाता है। इस तरह वे गट के इस हिस्से में रहने वाले फायदेमंद  बैक्टीरिया के लिए ईंधन का सोर्स प्रदान करते हैं और गट फंक्शन में सुधार करने व इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने मदद मिलती है। ग्रीन टी (Green Tea) पॉलीफेनॉल (Polyphenol) नामक कंपाउंड शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए जाने जाते हैं और स्वस्थ, संतुलित आहार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड फलों, सब्जियों और अन्य अनप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की एक वाइड रेंज में पाए जाते हैं। ग्रीन टी (Green Tea) के कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं, जिनमें से अधिकांश का श्रेय इस बात को जाता है कि यह अधिकतर अनप्रोसेस्ड होती है तथा इन प्लांट कंपाउंड्स से भरपूर होती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Green Tea #GreenTea  #BenefitsofGreenTea #Polyphenol

आगे और पढ़ें
Translate »