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US-Iran तनाव और बढ़ा: Trump बोले, Iran के Pickaxe Mountain पर जल्द हमला कर सकता है अमेरिका

वॉशिंगटन, 5 सितंबर 2026: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक और बड़ा बयान दिया है। Trump ने कहा कि अमेरिका ईरान के अत्यधिक सुरक्षित Pickaxe Mountain nuclear site को “बहुत जल्द” निशाना बना सकता है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच एक और बड़े military escalation की आशंका बढ़ गई है। Natanz के पास है Pickaxe Mountain Pickaxe Mountain ईरान के पहले से क्षतिग्रस्त Natanz uranium enrichment facility के पास स्थित है। Reuters के मुताबिक यह एक heavily fortified site है, जहां पहाड़ के भीतर गहराई में दो tunnel complexes मौजूद हैं। इसी वजह से यह ईरान के nuclear infrastructure से जुड़ी बेहद संवेदनशील जगह मानी जा रही है। Trump बोले- बहुत जल्द हो सकता है हमला White House के Oval Office में reporters से बातचीत के दौरान Trump ने कहा कि अमेरिका Pickaxe Mountain को जल्द निशाना बना सकता है। हालांकि उन्होंने संभावित हमले की कोई निश्चित तारीख या operational details नहीं बताईं। US-Iran के बीच पहले से जारी हैं हमले यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान पर नए air strikes किए हैं और Tehran ने भी जवाबी हमले किए हैं। ईरान ने गुरुवार को अमेरिकी सहयोगी Kuwait को भी निशाना बनाया था। इससे Gulf region में तनाव लगातार बना हुआ है। Trump ने संघर्ष को बताया ‘Military Conflict’ Trump ने मौजूदा लड़ाई को full-scale war कहने से परहेज करते हुए इसे “military conflict” बताया। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए “small potatoes” भी कहा। वहीं Vice President JD Vance ने भी इससे एक दिन पहले कहा था कि वह मौजूदा स्थिति को युद्ध नहीं कहेंगे। अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत Associated Press के अनुसार फरवरी से जारी US-Iran confrontation में अब तक 18 अमेरिकी service members की मौत हो चुकी है और अमेरिकी taxpayers पर इसकी लागत 37.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद Trump का कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान के nuclear programme को कमजोर किया है। Nuclear programme बना विवाद का केंद्र Trump ने दोहराया कि अमेरिका ईरान को nuclear weapon हासिल नहीं करने देगा। Pickaxe Mountain को लेकर उनकी नई चेतावनी इसी wider nuclear dispute के बीच आई है। किसी भी नए strike से Middle East में पहले से जारी तनाव और अधिक बढ़ सकता है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

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भारत की 7.8% GDP Growth पर छिड़ी बड़ी बहस, दो पूर्व Chief Economic Advisers आमने-सामने

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: भारत की पहली तिमाही की 7.8% वास्तविक GDP growth को लेकर आर्थिक बहस तेज हो गई है। पूर्व Chief Economic Adviser Arvind Subramanian ने सरकारी आंकड़ों की transparency और credibility पर सवाल उठाए हैं, जबकि एक अन्य पूर्व CEA K.V. Subramanian ने आंकड़ों का बचाव करते हुए वैकल्पिक 2.6% growth estimate को गलत बताया है। Q1 में 7.8% बढ़ी भारत की अर्थव्यवस्था Ministry of Statistics and Programme Implementation के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक FY 2026-27 की April-June quarter में real GDP बढ़कर ₹81.36 लाख करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹75.46 लाख करोड़ से 7.8% अधिक है। Nominal GDP growth 10.3% दर्ज की गई। Arvind Subramanian ने उठाए transparency पर सवाल Arvind Subramanian ने माना कि भारतीय अर्थव्यवस्था में activity बेहतर हुई है, लेकिन उन्होंने कहा कि 7.8% growth की magnitude को लेकर सरकार को ज्यादा स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने GDP methodology और पुराने आंकड़ों में हुए revisions पर अधिक transparency की मांग की। ‘2.6% वाला calculation technically flawed’ हालांकि Arvind Subramanian ने पूर्व Finance Secretary Subhash Chandra Garg के उस calculation से भी असहमति जताई जिसमें growth को करीब 2.6% बताया गया था। उनके अनुसार इसमें old और new GDP series की तुलना की गई, जो technically सही comparison नहीं है। K.V. Subramanian ने 7.8% आंकड़े का किया बचाव पूर्व CEA K.V. Subramanian ने 2.6% growth वाले दावे को “absolutely bogus” बताते हुए कहा कि अलग-अलग GDP series के आंकड़ों की तुलना करना गलत है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध economic indicators broadly मजबूत growth को support करते हैं। Investment, credit और construction के आंकड़ों का दिया हवाला K.V. Subramanian ने capital expenditure, bank credit, capital goods production और construction activity में मजबूत growth का हवाला देते हुए कहा कि ये indicators 2.6% जैसी कमजोर GDP growth से मेल नहीं खाते। सरकार के official factsheet के मुताबिक Q1 में investment 11.9%, household consumption 7.1% और exports 12% बढ़े। GDP series बदलने से क्यों बढ़ी बहस? भारत ने GDP calculation के लिए नया 2022-23 base year अपनाया है। नई methodology के तहत पुराने GDP estimates में revisions हुए हैं। आलोचकों का कहना है कि इन revisions की वजह और methodology ज्यादा साफ तरीके से समझाई जानी चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि revised system economy की मौजूदा structure को बेहतर तरीके से capture करता है। एक बात पर दोनों economists सहमत तेज मतभेद के बावजूद Arvind Subramanian और K.V. Subramanian दोनों ने GDP calculation की methodology, underlying data और revisions को लेकर अधिक स्पष्टता और transparency की जरूरत पर सहमति जताई। source – India Today / Ministry of Statistics & Programme Implementationजय राष्ट्र न्यूज़

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Mathura-Vrindavan में Ayodhya-Kashi की तर्ज पर बनेंगे भव्य मंदिर complexes, CM Yogi का बड़ा ऐलान

मथुरा, 5 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Mathura और Vrindavan को Ayodhya और Kashi की तर्ज पर विकसित करने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दोनों धार्मिक नगरों में भव्य temple complexes और बेहतर devotee infrastructure विकसित करने की योजना है। Janmashtami पर किया ऐलान CM Yogi ने Janmashtami के अवसर पर Shri Krishna Janmabhoomi Temple में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि Mathura-Vrindavan में भी Ayodhya और Kashi जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Braj क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए ऐसा infrastructure विकसित किया जाएगा जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। इस दिशा में Braj Teerth Vikas Parishad और जनप्रतिनिधियों के साथ काम किया जा रहा है। Ayodhya के विकास का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने Ayodhya के बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी सुविधाओं में बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अब सामान्य दिनों में भी करीब एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन Ayodhya पहुंचते हैं, जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। Kashi और Ayodhya जैसा मॉडल सरकार का लक्ष्य Mathura-Vrindavan में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ मंदिर परिसरों के आसपास बेहतर connectivity, crowd management और pilgrim facilities विकसित करना है। CM Yogi ने इसे Braj क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में कदम बताया। विरासत संरक्षण के साथ विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है। सरकार Mathura-Vrindavan को इसी दृष्टिकोण से विकसित करने पर जोर दे रही है। source – The Economic Times / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

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निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में चिराग पासवान की सफाई, बोले- स्वतंत्र भारद्वाज ने मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा अपने नाम का इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका नाम गलत तरीके से इस विवाद से जोड़ा गया है। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज चिराग पासवान ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। ‘ऐसी घटना बेहद गंभीर’ पासवान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर किसी को इतनी गंभीर चोट पहुंचाने का दावा करता है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा के मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। Podcast में लिया गया था चिराग पासवान का नाम विवाद उस समय बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक podcast clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह कथित तौर पर निशु आजाद के पिता पर हमला करने की बात कहते हुए कई राजनीतिक नेताओं का नाम लेते नजर आए। इसी दौरान उन्होंने चिराग पासवान को भी अपना ‘बड़ा भाई’ बताया था। LJP ने किसी संबंध से किया इनकार Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने भी भारद्वाज के साथ किसी तरह के संबंध से इनकार किया है। पार्टी की शिकायत में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री के नाम का इस्तेमाल कथित राजनीतिक प्रभाव दिखाने के लिए किया गया, जिसे पार्टी ने गलत और भ्रामक बताया है। दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि पुलिस बिना किसी दबाव के मामले की जांच करे। उन्होंने कहा कि उनके या अन्य नेताओं के नाम का सहारा लेकर किसी कानूनी कार्रवाई से बचने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। हिरासत में लिया जा चुका है स्वतंत्र भारद्वाज विवाद बढ़ने और प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया। मामले में जांच जारी है और पुलिस पहले ही राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े आरोपों को खारिज कर चुकी है। source – Times of India / Moneycontrolजय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज के इंटरव्यू में गंभीर दावे, वायरल वीडियो के बाद उठे नए सवाल; पुलिस ने राजनीतिक दबाव के आरोप नकारे

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के वीडियो सामने आने के बाद जंतर-मंतर पर हुई मारपीट का मामला फिर चर्चा में आ गया है। इंटरव्यू में भारद्वाज ने एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने और राजनीतिक संपर्कों को लेकर कई गंभीर दावे किए। इसके बाद विपक्षी नेताओं और Cockroach Janta Party (CJP) ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी के पिता पर हमले को लेकर दावा वायरल पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दावा किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार को मारा था। उन्होंने चोट की गंभीरता को लेकर भी बड़ा दावा किया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी कही बातें इंटरव्यू में भारद्वाज ने कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ अपने संबंधों का दावा किया और कथित तौर पर कहा कि इन संपर्कों के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। इन्हीं बयानों के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा और कई नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। दिल्ली पुलिस ने दावों को बताया बेबुनियाद दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से साफ इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई और किसी नेता के दबाव में कार्रवाई रोकने का दावा तथ्यों पर आधारित नहीं है। पुलिस ने यह भी कहा कि medical reports में संजय कुमार की skull fracture की पुष्टि नहीं हुई और चोट को simple injury बताया गया। भारद्वाज ने बाद में कहा—Self Defence में किया था हमला विवाद बढ़ने के बाद भारद्वाज ने NDTV को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह भीड़ से घिर गए थे और उन्होंने जो किया, वह self-defence में किया था। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे कई आरोपों से भी इनकार किया। गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन शुक्रवार को CJP समर्थकों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन कर भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। आरोप और पुलिस के बयान में बड़ा अंतर मामले में सबसे बड़ा सवाल भारद्वाज के वायरल इंटरव्यू में किए गए दावों और दिल्ली पुलिस के आधिकारिक version के बीच अंतर को लेकर है। जहां भारद्वाज ने गंभीर चोट और राजनीतिक संरक्षण जैसी बातें कहीं, वहीं पुलिस ने skull fracture और political interference—दोनों दावों को नकार दिया है। अब आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। source – The Indian Express / Delhi Police / NDTVजय राष्ट्र न्यूज़

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सालों तक नहीं सुनी गई गुहार, ग्रामीणों ने खुद बना डाला अस्थायी पुल; बच्चों के लिए बना सहारा

सुंदरगढ़, ओडिशा: सुंदरगढ़ जिले के गुरुण्डिया ब्लॉक स्थित साना बुरुडा गांव के ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार छोड़कर खुद ही अस्थायी पुल तैयार कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से स्थायी पुल और बेहतर संपर्क मार्ग की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपने स्तर पर रास्ता बनाने का फैसला किया। बारिश में रास्ता बन जाता है बड़ी परेशानी मानसून के दौरान गांव के रास्ते में पड़ने वाला नाला उफान पर आ जाता है, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और पंचायत व ब्लॉक कार्यालय जाने वाले ग्रामीणों को होती है। पेड़ की शाखाओं, पत्थरों और पोल से बनाया पुल ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पेड़ की शाखाओं, पत्थरों और बिजली के पोल का इस्तेमाल कर नाले के ऊपर अस्थायी पुल तैयार किया। इसमें गांव के पुरुषों और महिलाओं ने मिलकर काम किया। बारिश से सड़क टूटी तो बनाया दूसरा रास्ता भारी बारिश से गांव की मुख्य सड़क का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद ग्रामीण जंगल से लकड़ी के लट्ठे लेकर आए और आवाजाही बहाल करने के लिए एक अन्य अस्थायी पुल तैयार किया। प्रशासन तक पहले भी पहुंच चुकी थी शिकायत गुरुण्डिया के BDO हाबिल खाका के मुताबिक पुल से जुड़ी शिकायत प्रशासन को पहले ही मिल चुकी थी। Rural Development Department के अधिकारियों ने इलाके का निरीक्षण किया है और PMGSY के तहत सर्वे भी कराया गया है। DMF से मिल सकती है स्थायी पुल को मंजूरी BDO ने कहा कि मामले की जानकारी फिर संबंधित अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने स्थायी निर्माण की लागत का आकलन कर जल्द काम शुरू करने की जरूरत बताई और कहा कि परियोजना के लिए District Mineral Foundation (DMF) के जरिए मंजूरी का प्रयास किया जा सकता है। स्थायी समाधान की मांग बरकरार ग्रामीणों का बनाया पुल फिलहाल बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी संपर्क मार्ग बन गया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार जल्द पक्का पुल बनाए, ताकि हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े। source – Deccan Chronicleजय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीनगर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, नवी मुंबई से पहुंची IndiGo फ्लाइट पार्किंग के दौरान पोल से टकराई

श्रीनगर, 5 सितंबर 2026: श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नवी मुंबई से पहुंची IndiGo की फ्लाइट 6E-225 लैंडिंग के बाद पार्किंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान Bay No. 6 पर खड़ा किए जाने के दौरान Visual Docking Guidance System (VDGS) pole से टकरा गया। राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद सभी यात्री और crew members सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुबह करीब 9:02 बजे हुई घटना Airports Authority of India के अनुसार विमान, जिसका registration VT-NOG है, शुक्रवार सुबह करीब 9:02 बजे Bay No. 6 पर position किया जा रहा था। इसी दौरान विमान VDGS pole के संपर्क में आ गया। सभी यात्रियों और crew को सुरक्षित उतारा गया घटना के बाद यात्रियों और crew members को manual aircraft stairs की मदद से सुरक्षित विमान से उतारा गया। किसी यात्री या crew member के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। विमान को हुआ नुकसान पोल से टकराने के कारण aircraft को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद विमान की technical inspection की गई और संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी। ब्रेक फेल होने की पुष्टि नहीं कुछ शुरुआती रिपोर्टों में brake system में खराबी की बात कही गई थी, लेकिन Airports Authority of India ने इसका कारण officially confirm नहीं किया है। AAI के अनुसार घटना की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही तय की जाएगी और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। एयरपोर्ट संचालन रहा सामान्य इस घटना के बावजूद श्रीनगर एयरपोर्ट पर flight operations प्रभावित नहीं हुए। अधिकारियों के मुताबिक arrivals और departures निर्धारित schedule के अनुसार जारी रहे। source – Airports Authority of India / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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बैगा बच्चों की मौत पर बालाघाट में बड़ा आंदोलन, आज राष्ट्रीय महाधरना; 18 राज्यों के आदिवासी संगठनों के जुटने का दावा

बालाघाट, 5 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा बहुल इलाकों में बच्चों की लगातार मौतों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर आदिवासी संगठनों का आंदोलन तेज हो गया है। सर्व आदिवासी समाज ने आज बालाघाट के आंबेडकर चौक पर राष्ट्रीय महाधरना आयोजित करने की घोषणा की है। आयोजकों का दावा है कि इसमें देश के करीब 18 आदिवासी बहुल राज्यों के संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बच्चों की मौत का आंकड़ा 30 तक पहुंचा 4 सितंबर की ताज़ा रिपोर्ट में 10 वर्षीय बैगा बच्चे गजेंद्र की मौत के बाद मृत बच्चों की संख्या 30 बताई गई है। इससे पहले अलग-अलग रिपोर्टों में यह संख्या 26 से 29 के बीच बताई जा रही थी। प्रभावित इलाकों में खसरा, मलेरिया और दूसरी बीमारियों के मामलों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल आदिवासी संगठनों का आरोप है कि बैहर-बिरसा सहित दूरदराज के बैगा इलाकों में समय पर इलाज, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। प्रदर्शनकारी बच्चों की मौतों की विस्तृत जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं। 3 सितंबर को भी हुआ था बालाघाट बंद इससे पहले 3 सितंबर को बालाघाट बंद आयोजित किया गया था। बाजार और कई व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित रहीं, जबकि आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया था। प्रदर्शन के बीच तत्कालीन CMHO को पद से हटाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। 18 राज्यों के संगठनों के पहुंचने का दावा आयोजकों के अनुसार दिल्ली में राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति की बैठक में बैगा बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद मामले को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने और 5 सितंबर को बालाघाट में महाधरना आयोजित करने का फैसला किया गया। संगठन ने भविष्य में इस मुद्दे को संसद के शीतकालीन सत्र तक पहुंचाने की बात भी कही है। स्वास्थ्य, पानी और बुनियादी सुविधाएं भी आंदोलन का मुद्दा महाधरना केवल बच्चों की मौत की जांच तक सीमित नहीं है। आदिवासी संगठन बैगा क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की भी मांग कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीन तक पहुंचना चाहिए। source – Amar Ujala / Balaghat Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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Supreme Court से NSE को बड़ी राहत, SEBI की Co-location और Dark Fibre मामलों की appeals खत्म

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: Supreme Court ने National Stock Exchange (NSE) के खिलाफ Securities and Exchange Board of India (SEBI) की लंबे समय से लंबित appeals को खत्म कर दिया है। ये मामले NSE की co-location facility और dark fibre connectivity से जुड़े थे, जिनमें कुछ brokers को allegedly unfair और preferential access मिलने के आरोप लगे थे। ₹1,491 करोड़ के settlement के बाद फैसला Supreme Court ने NSE और SEBI के बीच हुए settlement को ध्यान में रखते हुए petitions dispose कीं। SEBI ने जुलाई 2026 में करीब ₹1,491.21 करोड़ में इन regulatory matters को settle करने की in-principle approval दी थी। NSE ने settlement amount का भुगतान भी पूरा कर दिया है। क्या था Co-location विवाद? NSE ने 2009 में co-location facility शुरू की थी, जिसके तहत brokers अपने servers exchange के premises के पास रख सकते थे। आरोप था कि कुछ high-frequency traders को NSE systems तक दूसरों की तुलना में तेज और preferential access मिला, जिससे उन्हें trading advantage मिल सकता था। SAT ने पहले दी थी NSE को राहत SEBI ने 2019 में NSE के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब ₹625 करोड़ के disgorgement का आदेश दिया था। बाद में Securities Appellate Tribunal (SAT) ने 2023 में disgorgement order को रद्द करते हुए NSE पर due diligence में कमी के लिए ₹100 करोड़ की penalty लगाई थी। SEBI ने इसी फैसले को Supreme Court में चुनौती दी थी। NSE के IPO का बड़ा रास्ता साफ Supreme Court में इन appeals के खत्म होने से NSE के लंबे समय से प्रस्तावित IPO के रास्ते की एक बड़ी regulatory बाधा दूर हो गई है। NSE ने जून 2026 में अपने IPO के लिए draft documents दाखिल किए थे। अन्य संबंधित proceedings जारी रह सकती हैं Supreme Court की राहत मुख्य रूप से NSE से जुड़े settled co-location और dark fibre matters तक सीमित है। Former NSE executives और अन्य व्यक्तियों से संबंधित अलग proceedings इस settlement से स्वतः समाप्त नहीं होतीं और उन्हें अलग से तय किया जा सकता है। source – Reuters / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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Wai Wai बनाने वाली CG Foods India पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, 32 हजार किलो से ज्यादा स्टॉक जब्त

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने Wai Wai noodles बनाने वाली CG Foods India Pvt Ltd के राजस्थान स्थित manufacturing unit पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान unsafe processing, hygiene violations, बिना लाइसेंस bhujia production और packaging से जुड़ी कथित अनियमितताएं मिलने के बाद कंपनी को Veg Bhujia Namkeen का उत्पादन रोकने का निर्देश दिया गया है। अजमेर के Roopangarh unit में हुई जांच FSSAI ने राजस्थान के Roopangarh, Ajmer स्थित CG Foods India facility का निरीक्षण किया था। जांच का उद्देश्य manufacturing process, hygiene और food-safety standards के compliance की जांच करना था। जमीन से इकट्ठे टूटे noodles इस्तेमाल करने का आरोप FSSAI के मुताबिक inspection के दौरान allegedly जमीन पर गिरे और टूटे noodles को इकट्ठा कर बिना heat treatment के bhujia बनाने में दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा था। Regulator ने इसे गंभीर food-safety concern माना है। 32,107 किलो से ज्यादा stock जब्त कार्रवाई के दौरान FSSAI ने कुल 32,107.2 kg stock जब्त किया। इसके अलावा 1,925 boxes expired finished products भी मिले, जिन्हें authorities ने detain कर लिया। बिना लाइसेंस Wai Wai bhujia बनाने का आरोप Inspection में Wai-Wai MaMa और Wai-Wai Mama Punte bhujia variants का allegedly बिना जरूरी licence के production किए जाने की बात भी सामने आई। FSSAI के अनुसार यह Food Safety and Standards Act, 2006 की Section 31(1) के उल्लंघन का मामला हो सकता है। Predated packaging भी मिली Regulator ने unit में predated packaging dates इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी दी है। इन findings के बाद company को जरूरी approvals और corrective measures के बिना Veg Bhujia Namkeen production जारी नहीं रखने का निर्देश दिया गया है। Laboratory reports के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई FSSAI ने कहा है कि laboratory analysis और inspection findings के आधार पर Food Safety and Standards Act के तहत आगे की regulatory और legal action तय की जाएगी। source – FSSAI / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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