UNSC meeting on Pakistan

Pakistan Fails at UNSC: यूएनएससी में नहीं गली पाकिस्तान की दाल, मीटिंग तो हुई लेकिन कोई बयान नहीं हुआ जारी

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों में युद्धपूर्ण हालात बने हुए हैं। भारत के एक्शन से पाकिस्तान में खौफजदा है। जिसके चलते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इस मुद्दे पर मीटिंग की मांग की थी। पाकिस्तान की मांग पर यूएनएससी में बंद कमरे में मीटिंग हुई। मजे की बात यह कि मीटिंग तो हुई, लेकिन मीटिंग के बाद कोई बयान नहीं (Pakistan Fails at UNSC) जारी किया गया। आम तौर पर जब किसी मुद्दे पर यूएनएससी में मीटिंग होती है, तब मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर मीटिंग से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है। हैरत यह कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी यूएनएससी  ने भारत को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। ध्यान देने वाली बात यह कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की न सिर्फ चाल नाकामयाब रही और बल्कि उसके सारे ड्रामे भी धरे के धरे रह गए।  बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में किया गया विचार-विमर्श गौरतलब हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया। इस दौरान दूतों ने संयम और बातचीत की बात कही। 15 देशों की सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित यह परामर्श सोमवार दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चला। यह तो ठीक, लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान, ने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच स्थिति पर बंद कमरे में बातचीत करने की गुजारिश की थी। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि “बंद कमरे में विचार-विमर्श के उद्देश्यों में परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने और स्थिति को संभालने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना शामिल था, जिसमें टकराव से बचना भी शामिल था। जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर (Pakistan Fails at UNSC) सकता है बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। भारत ने हर हाल में इस आतंकी हमले का बदला लेने का मूड बना लिया है। भारत के इस कदम के बाद से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। पाकिस्तान के डर का आलम आप इसी से लगा सकते हैं कि वो कई देशों की शरण में जाकर युद्ध रुकवाने की विनंती कर (Pakistan Fails at UNSC) रहा है। दरअसल, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। यही नहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ ने संवाददाताओं से कहा कि “ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” यही नहीं ख्वाजा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Fails at UNSC #PakistanUNSCFailure #UNSC #PakistanNews #UNUpdate #IndiaVsPakistan #DiplomaticSetback #GlobalPolitics #UNSCMeeting #PakistanFails #UnitedNations

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Trump's $1000 Offer to Immigrants

Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA: इन लोगों को डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं यह ऑफर, अमेरिका छोड़कर जाओ, 1 हजार डॉलर पाओ

जब से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों पर नकेल कस रहे हैं। लाखों लोगों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखाया है। पूरी दुनिया से आये अवैध प्रवासियों के खिलाफ उन्होंने एक मुहीम चला रखी है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के लिए खास ऑफर लेकर आए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) हैं। ऑफर के मुताबिक उन्होंने ऐलान किया है कि ‘जो अवैध प्रवासी स्वयं अमेरिका छोड़कर (leave America scheme) जाएंगे, उन लोगों को 1 हजार डॉलर दिए जाएंगे। होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रेस रिलीज के अनुसार इस ऑफर के अलावा टिकट का खर्च भी अमेरिकी सरकार वहन करेगी।” ट्रंप सरकार के मुताबिक जो अप्रवासी सीबीपी होम ऐप को यूज कर, दावा कर रहे हैं कि वे अपने देश लौट जाएंगे। उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन जोर नहीं देगा।  अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये फंडिंग करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) प्लानिंग की है खैर, इस बीच होमलैंड सुरक्षा विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस बात की पुष्टि करते हुए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) कहा कि “अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में हैं, तो गिरफ्तारी से बचकर खुद वापस चले जाना अमेरिका छोड़ने (leave America scheme) का सबसे अच्छा, सुरक्षित और किफायती तरीका है।” जानकारी के मुताबिक होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस तरह के अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये न सिर्फ फंडिंग करने बल्कि यात्रा खर्च में मदद करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की भी प्लानिंग कर रखी है। ट्रंप के मुख्य नीति और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) चुका है इस दौरान मिलर ने बताया कि “ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों पर नकेल कस (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) रहा है। अमेरिका विदेशियों के खिलाफ जो अभियान चला रहा है, उस पर एक बड़ी रकम खर्च की जा रही है।” गौरतलब हो कि बतौर राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी 100 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अमेरिका अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 195000 लोगों को निर्वासित किया गया था। ट्रंप ने लाखों लोगों को निर्वासित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह संख्या बाइडेन प्रशासन की तुलना में कम है। Latest News in HindiToday Hindi news Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA #TrumpOffer, #ImmigrantExit, #LeaveUSAOffer, #USImmigrationPolicy, #TrumpImmigrants, #USAExitProgram, #1000DollarOffer, #ImmigrationDebate, #TrumpNews, #ImmigrantRelocation

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Caste census revolt

Caste census sparks internal revolt in Congress: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस में फूट, अगड़े नेताओं ने की राहुल गांधी के खिलाफ बगावत

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) के नेता राहुल गाँधी ने जातिगत जनगणना (Caste census) के मुद्दे को बड़े जोर-शोर उठाया था। यही नहीं, इस मुद्दे के सहारे बीजेपी पर दबाव भी बनाया था। वैसे भी कांग्रेस लंबे समय से जाति जनगणना की मांग कर रही थी। खैर, बाद में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। कहने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार का यह फैसला देश में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों के अंदर ही बेचैनी पैदा कर दी है। मजे की बात यह कि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं की अलग-अलग राय सामने आई है। कई नेता ऐसे भी हैं जो सवाल भी उठा (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे हैं। विशेषकर अगड़ी जातियों के नेताओं में इस बात की चिंता है कि इससे उनकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। जानकारी के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के भीतर की फूट पड़ गई है।  कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे नदारद  कांग्रेस पार्टी (Congress) में फूट का आलम यह है कि हाल में हुई कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता नदारद (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ये नेता जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में नहीं हैं। जाति सर्वेक्षण की इन रिपोर्टों के मुताबिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कहीं ज्यादा अधिक है। दरअसल, उनका कहना है कि “उन्हें डर है कि अगर जाति के आंकड़े सामने आए तो उनकी आबादी की तुलना में उनकी सियासी ताकत ज्यादा होने की बात उजागर हो जाएगी। जिससे उनका प्रभाव कम हो सकता है। बता दें कि तेलंगाना और बिहार में हाल ही में हुई जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह बात उजागर हुई है कि गैर-पिछड़ी जातियां को इनमें अन्य जातियां या सामान्य वर्ग की कैटगरी में रखा गया है। आंकड़ों की माने तो इन राज्यों में इनकी आबादी सिर्फ 15 फीसदी हैं। ऐसे में यहाँ बड़ा सवाल यह कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ इसी तरह आंकड़े आते हैं, तो भविष्य में ऊपरी जातियों का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, कांग्रेस के एक नेता ने राहुल गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा कि “राहुल गांधी को वीपी सिंह का उदाहरण याद रखना चाहिए। वीपी सिंह ने मंडल कमीशन लागू किया लेकिन ओबीसी समुदाय ने उन्हें कभी अपना नेता नहीं माना क्योंकि वे राजपूत थे।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी है इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष  कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष की भावना बनी हुई है। हालांकि पार्टी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि वह उस साल जाति जनगणना (Caste census) नहीं करेगी। अब इस फैसले को लेकर बीजेपी के अपने ही कुछ नेता सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि “पार्टी हमेशा से हिंदू एकता की बात करती रही है और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की वकालत करती रही है। ऐसे में जाति जनगणना का समर्थन करना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लगता है।” यही नहीं उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे कहा जाता है कि वैश्विक नेतृत्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) की बात करें। एक हैं तो सेफ हैं जैसे नारे दें, देश को तोड़ने वाली साजिशों का विरोध करें, लेकिन अब हमें जाति जनगणना का समर्थन करना पड़ रहा है।” यही नहीं, बीजेपी के कई नेताओं को तो यह भी डर है कि कहीं कांग्रेस का यह आरोप सच न साबित हो जाये कि बीजेपी उनके विचारों को कॉपी कर रही है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Caste census sparks internal revolt in Congress #CasteCensus #CongressRift #RahulGandhi #PoliticalCrisis #IndianPolitics #UpperCasteLeaders #CongressNews #CastePolitics #CongressSplit #BharatJodo

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Hyderabad playoff hopes

Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes: बारिश ने हैदराबाद की उम्मीदों पर फेरा पानी, प्लेऑफ की रेस से हुई बाहर 

5 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 55वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया यह मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। दरअसल, बारिश के कारण दूसरी पारी में एक भी गेंद नहीं डाली जा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) सकी। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। इससे बड़ा नुकसान दिल्ली कैपिटल्स को हुआ। मैच जीत कर प्लेऑफ की राह आसान बनाने के सपने देख रही दिल्ली कैपिटल्स  को तगड़ा झटका लगा है। अब उसे प्लेऑफ के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी। खै र, बात करें  मुकाबले की तो टॉस जीतकर सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत बड़ी ख़राब रही। उनकी बल्लेबाजी ऐसी कि छह ओवर के पॉवरप्ले में दिल्ली ने 26 रन जोड़कर अपने चार विकेट गंवा दिए। पैट कमिंस ने पहले तीन ओवरों की पहली गेंद पर एक-एक कर तीन विकेट चटकाए।  बारिश ने न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया कमिंस ने मैच की पहली ही गेंद पर करुण नायर को चलता किया। फिर अगले दो ओवरों की पहली गेंदों पर फाफ डुप्लेसी और अभिषेक पोरेल को पवेलियन भेजा। तो कप्तान अक्षर पटेल को हर्षल पटेल ने छठे ओवर में आउट किया। दिल्ली की लड़खड़ाती पारी को संभाला आशुतोष और ट्रिस्टन स्टब्स ने। दोनों के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी ने दिल्ली 137 रन के स्कोर पर पहुंचा दिया। ट्रिस्टन 36 गेंदों पर चार चौके लगाते हुए 41 रन बनाकर नाबाद रहे। तो वहीं आशुतोष ने 26 गेंदों पर 41 रन में दो चौके और तीन छक्के जड़े। इस तरह दोनों संभलकर खेलते हुए दिल्ली का स्कोर 137 तक पहुंचा दिया। इससे पहले कि सनराइजर्स हैदराबाद बैटिंग कर पाती, बारिश ने मैच का मजा ही किरकिरा कर दिया। न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) को 1-1 अंक बांट दिए गए   कहने की जरूरत बारिश की वजह से हैदराबाद को काफी नुकसान (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) हुआ है। दरअसल, हैदराबाद को किसी भी सूरत में यह मैच जीतना ही था। मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों को 1-1 अंक बांट दिए गए। यह तो ठीक लेकिन  हैदराबाद के लिए ये 1 अंक काफी नहीं थे। कुलमिलाकर बारिश और कम अंक की वजह से टीम को प्लेऑफ से बाहर होना पड़ गया। बता दें कि प्लेऑफ की रेस से अब तक तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं। जिसमें पहली चेन्नई सुपर किंग्स, दूसरी राजस्थान रॉयल्स और तीसरी सनराइजर्स हैदराबाद। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए टीम को लगभग 17 अंक की जरूरत है। गौरतलब हो कि सनराइजर्स हैदराबाद सात अंकों के साथ प्वाइंट टेबल पर आठवें स्थान पर है तो वहीं 13 अंकों के साथ दिल्ली कैपिटल्स पांचवें स्थान पर है।  17 अंक के हिसाब से देखें तो अब लखनऊ का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना केवल सपना ही रह जाएगा। अगर 17 अंक प्लेऑफ का दायरा सेट करता है तो ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ भी बाहर ही हो जाएगी, क्योंकि टीम के केवल 10 अंक है और उनके पास मैच केवल तीन बचे हैं, ऐसे में अगर टीम अपने तीनों मैच जीत भी जाती है तो भी उनके केवल 16 ही अंक होंगे। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes #ipl2025 #sunrisershyderabad #srh #iplnews #iplupdates #rainspoilsplay #iplplayoffs #iplcricket #cricketnews #iplhighlights #cricketupdates #iplmatch2025 #iplbuzz #iplrainimpact #hyderabadcricket

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Chhinnamasta Jayanti 2025

छिन्नमस्ता जयंती 2025: आत्मबलिदान और शक्ति की आराधना का पर्व

हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का विशेष स्थान है। ये दस रूप आदिशक्ति देवी के अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी स्वरूप हैं, जिनकी साधना तंत्र और अध्यात्म दोनों में की जाती है। इन्हीं दस महाविद्याओं में एक अत्यंत चमत्कारी और अद्भुत स्वरूप है — देवी छिन्नमस्ता। उनका नाम सुनते ही मन में एक रहस्यमयी छवि उभरती है, क्योंकि देवी छिन्नमस्ता (Devi Chinnamasta) का स्वरूप अन्य देवी रूपों से बिल्कुल अलग और शक्तिशाली है। वह स्वयं अपना सिर काटकर उसे हाथ में पकड़े रहती हैं, और उनके कंठ से तीन धाराओं में रक्त प्रवाहित होता है। यही कारण है कि उनकी उपासना को अत्यंत गूढ़ और सिद्धिदायक माना गया है। छिन्नमस्ता जयंती 2025 में कब है? पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को यानी 10 मई शाम 5 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगी और 11 मई को शाम 8:01 बजे समाप्त होगी। चूंकि सनातन धर्म में तिथि की गणना सूर्योदय के आधार पर की जाती है, इसलिए छिन्नमस्ता जयंती (Chinnamasta Jayanti) 11 मई 2025 को मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु देवी छिन्नमस्ता की पूजा-अर्चना और भक्ति भाव से साधना करेंगे। छिन्नमस्ता जयंती के शुभ योग (Chinnamasta Jayanti Shubh Yoga) वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर इस वर्ष रवियोग और भद्रावास सहित कई शुभ और फलदायी योग बन रहे हैं। इन विशेष योगों में मां छिन्नमस्ता की आराधना करने से साधकों की सभी इच्छाएं पूर्ण होने की संभावना रहती है। साथ ही, वे शारीरिक और मानसिक कष्टों से भी मुक्ति पा सकते हैं। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर देवी को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना कर सकते हैं और मनचाहा फल प्राप्त कर सकते हैं। छिन्नमस्तिका जयंती से जुड़ी मान्यताएं देवी छिन्नमस्तिका (Devi Chinnamasta) को प्रचंड चंडिका भी कहा जाता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब देवी ने चंडी रूप धारण कर राक्षसों का संहार किया, तो उनकी सहायिका योगिनी अजया और विजया की रक्त पिपासा शांत नहीं हुई। इसे शांत करने के लिए देवी ने अपना सिर काट दिया, और उनके रक्त की धाराओं से दोनों ने अपनी प्यास बुझाई। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया एक अन्य कथा में देवी पार्वती अपनी सहचरियों के साथ मंदाकिनी नदी में स्नान करने गईं। स्नान के बाद, सहचरियों ने भूख से तंग आकर देवी से भोजन की प्रार्थना की। देवी ने अपनी क्षुधा शांत करने के लिए खड़ग से अपना सिर काट दिया, और रक्त की तीन धाराएं बहने लगीं। दोनों सहचरियों ने एक-एक धारा का पान किया, और तीसरी धारा देवी ने स्वयं पी ली। तभी से देवी छिन्नमस्तिका के रूप में प्रसिद्ध हुईं। छिन्नमस्ता जयंती का महत्व हिंदू धर्म में देवी छिन्नमस्तिका (Devi Chinnamasta) को मां काली का एक उग्र और रहस्यमयी स्वरूप माना गया है। वे न केवल संहार की शक्ति हैं, बल्कि पुनर्जन्म और जीवनदायिनी शक्ति की प्रतीक भी हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक देवी छिन्नमस्तिका की पूजा करते हैं, उन्हें जीवन की जटिल समस्याओं से मुक्ति मिलती है। छिन्नमस्ता जयंती के दिन मां की विशेष उपासना करने से संतान की दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है और व्यक्ति को कर्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। इस दिन देवी की आराधना से भक्त को आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति भी मिलती है। छिन्नमस्ता जयंती साधना और आराधना के माध्यम से आत्मबल, निर्भयता और मानसिक स्थिरता पाने का सशक्त अवसर होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News  Devi Chinnamasta #ChhinnamastaJayanti2025 #GoddessChhinnamasta #SelfSacrifice #ShaktiWorship #TantricFestival #DivineFeminine #ChhinnamastaVrat #HinduFestivals2025 #FearlessGoddess #PowerOfShakti

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International No Diet Day

क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में

विभिन्न तरह की डायट्स के बारे में तो आपने सुना ही होगा जैसे कीटो डायट, इंटरमिटेंट फास्टिंग आदि। लेकिन, क्या आप नो डायट के बारे में जानते हैं? नो डायट का अर्थ है किसी भी तरह की कोई खास डायट (Diet) को फॉलो न करना। यानी, आहार के नियमों का पालन न करना और अपनी पसंद की चीजों का सेवन करना। हर साल 6 मई को इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है खाने के साथ सही तालमेल बिठाना, खुद से प्यार करना और बॉडी पॉजिटिविटी (Body positivity) को प्रोमोट करना। यह दिन डायट (Diet) करने के रिवाज को बंद करने और वजन कम करने की जगह पूरे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने को प्रोत्साहित करता है। आइए जानें इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) के बारे में विस्तार से। इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day): पाएं जानकारी  इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) को मनाने का यही उद्देश्य है कि लोग शारीरिक खूबसूरती की जगह अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत का ध्यान रखें। इससे हम खाने सम्बन्धी समस्याओं से बच सकते हैं और इसके साथ ही अनहेल्दी हैबिट्स से भी बचा जा सकता है। इंटरनेशनल नो डायट डे की हिस्ट्री और थीम इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) की शुरुआत 1992 में हुई थी। इसकी शुरुआत की थी  ब्रिटिश नारीवादी मैरी इवांस यंग ने, जिन्होंने खुद एनोरेक्सिया और कई बॉडी इमेज इशूज का सामना किया था। वो दुनिया को बताना चाहती थी कि डायट (Diet) कल्चर का शरीर पर कितना बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही वो दुनिया को बॉडी पॉजिटिविटी (Body positivity) के बारे में भी जागरूक करना चाहती थी। इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) की इस साल की थीम के बारे में अभी कोई जानकारी उपलबध नहीं है। इंटरनेशनल नो डायट डे मनाने का उद्देश्य इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) मनाने का उद्देश्य इस प्रकार है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इंटरनेशनल नो डायट डे को कैसे मनाएं? इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) को आप कई तरह से मना सकते हैं। इसके तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International No diet day #nodietday #diet #bodypositivity #food #internationalnodietday

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Air conditioner

साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें

गर्मी के मौसम में आजकल जो एक बड़ी जरूरत बन चुका है वो है एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC)। गर्मी में ठंडक और आराम पाने का यह उपयुक्त तरीका है। बदलते समय के साथ हर घर में एयर कंडीशनर (Air conditioner) घर का एक जरूरी सामान बन चुका है। अगर आप भी एसी (AC) खरीदना चाहते हैं, तो कुछ चीजों का ध्यान अवश्य रखें। क्योंकि. यह उपकरण आराम तो देता है, लेकिन जेब पर भी भारी पड़ सकता है। यही नहीं, एसी के दो प्रकारों (स्प्लिट एसी और विंडो एसी) में से आपको कौन सा खरीदना है, यह निर्णय भी आपको पहले ही लेना होगा। आइए जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? आप यह तो जानते ही होंगे कि एयर कंडीशनर (Air conditioner) दो तरह के होते हैं एक स्प्लिट एसी (Split AC) और दूसरे विंडो एसी। इन दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। एसी लेने से पहले आप यह निर्णय ले लें कि आपको कौन सा लेना है। अगर आप शांत एसी (AC) लेना चाहते हैं, तो आप स्प्लिट एसी (Split AC) ले सकते हैं। बजट कम है तो विंडो एसी लेना एक अच्छा निर्णय है। इसके अलावा जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? कमरे का आकार आपके कमरे के आकार को ध्यान में रखें। अगर आपका कमरा छोटा है तो बड़े एयर कंडीशनर (Air conditioner) की जगह छोटा एसी लें। क्योंकि, छोटा कमरे में बड़ा एसी अधिक एनर्जी कंज्यूम करेगा। इसी तरह से बड़े कमरे में छोटा एसी (AC) कमरे को ठंडा नहीं करेगा।  एनजी एफिशियंट  एसी (AC) खरीदने से पहले इसकी स्टार रेटिंग को अवश्य जांचें। इससे इस उपकरण की एनर्जी एफिशिएंसी का पता चलता है। अच्छी स्टार रेटिंग वाला एसी (AC) कम एनर्जी की खपत करेगा जिससे बिजली का बिल भी कम आएगा। मेंटेनेंस एसी खरीदने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें कि जो भी एसी (AC) आप खरीद रहें हैं उसकी मेंटेनेंस और इंस्टालेशन आसान और किफायती हो। इसके साथ ही इसके नॉइस लेवल को भी ध्यान में रखें।  बजट  आपका एयर कंडीशनर (Air conditioner) खरीदने का बजट कितना है, इसके आधार पर आप इसे खरीदें। यही नहीं उपकरण के वॉरेंटी पीरियड के बारे में भी जान लेना आवश्यक है। ऐसे एसी (AC) को लें जो अधिक वॉरेंटी देता हो।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर फिल्टर युक्त एसी पर करें विचार इसके साथ ही धुएं, दुर्गंध और अशुद्धियों को रोकने के लिए फिल्टर युक्त एसी (AC) खरीदने पर विचार करें , जिससे घर के अंदर हवा की क्वालिटी बेहतर होगी। यानी, इस एयर कंडीशनर (Air conditioner) के इस्तेमाल से आपके घर का प्रदूषण कुछ हद तक कम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Air conditioner #Airconditioner #AC #WhatshouldbekeptinmindwhilebuyinganAC #Split AC #Window AC

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Fenugreek water

Fenugreek Water: इस पानी को पीने से पहले जानिए किन लोगों को हो सकता है इससे नुकसान?

मेथी दाना एक ऐसा हर्ब है इसका इस्तेमाल खाना बनाने के साथ ही हेल्थ प्रॉब्लम्स के उपचार के लिए किया जाता है। मेथी (Fenugreek) का पौधा अधिकतम दो से तीन फीट लंबा होता है। इसके पत्ते हरे होते हैं और फूल सफेद होते हैं। कई सालों से इसका इस्तेमाल मेडिसिन के रूप में किया जाता रहा है। मेथी दाना और मेथी पानी (Fenugreek water) को वजन कम करने के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसके साथ ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को मैनेज करने में भी इसे लाभदायक माना गया है। लेकिन, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। जानिए किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार मेथी (Fenugreek) का इस्तेमाल न्यूट्रिशंस और स्वाद के लिए कई इंडियन व्यजनों में किया जाता है। पाएं जानकारी कि किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? गर्भवती महिलाओं को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। इसे पीने से गर्भाशय संकुचन यानी कॉन्ट्रैक्शंस की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, इसे प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं पीना चाहिए। प्रेग्नेंसी में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी इस पानी को पीने से बचना चाहिए। यही नहीं, जिन महिलाओं को हॉर्मोन-सेंसिटिव कैंसरस हैं, उन्हें भी मेथी (Fenugreek) का पानी नहीं पीने की सलाह दी जाती है। 2. एलर्जी अगर किसी व्यक्ति को मेथी (Fenugreek), फलियों या अन्य प्लांट्स से एलर्जी है, तो उन्हें भी इसका सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से एलर्जी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। 3. डायबिटीज मेथी (Fenugreek) से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) पर असर हो सकता है। इसलिए अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं या डायबिटीज की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही मेथी पानी (Fenugreek water) का सेवन करें। 4. बच्चे बच्चों पर इस पानी का क्या असर हो सकता है, इसके बारे में पर्याप्त जानकारी मौजूद नहीं हैं। लेकिन, आमतौर पर बच्चों को मेथी पानी (Fenugreek water) देने से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: World Hand Hygiene Day: जानें क्यों मनाया जाता है यह दिन और इसे कैसे सेलिब्रेट करें? 5. खास दवाईयां लेने वाले व्यक्ति मेथी (Fenugreek) कुछ खास दवाईयों के साथ इंटरेक्ट कर सकती हैं, जिनमें ब्लड थिनिंग ड्रग्स शामिल हैं। इसलिए, अगर आप कोई भी दवा ले रहा हैं तो मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचें या डॉक्टर की सलाह ले बाद ही इसे लें। 6. किडनी प्रॉब्लम्स  ऐसा पाया गया है कि मेथी से किडनी के फंक्शन्स प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fenugreek water #Fenugreekwater #Fenugreek #Whoshouldnotdrinkfenugreekwater #fenugreeseeds

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Putin supports Modi

Putin Supports Modi After Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद रूसी व्लादिमीर पुतिन ने की पीएम मोदी से बात, कहा- “दोषियों को हर हाल में मिले सजा”

22 अप्रैल आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला कर दिया था। जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इस पहले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है। बैसरन घाटी में हुए इस कायराना हमले के बाद से भारत और पकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हमले 13 दिन बाद भी लोगों को उम्मीद है कि भारत इस हमले का माकूल जवाब देगा। इस बीच तनातनी के बीच गौर करने वाली बात यह कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) किया। और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने न सिर्फ निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन देने की बात भी कही। इसा दौरान पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि “इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”  प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) दीं शुभकामनाएं  इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बाबत अधिक जानकारी देते हुए कहा कि “दोनों नेताओं ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack)  शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।” बता दें कि इससे पहले आज यानी सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री नकातानी के बीच भी एक बैठक हुई। खबर के मुतबिक इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने को लेकर चर्चा की है। गौर करने वाली बात यह कि बीते 6 महीने में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की ये दूसरी बैठक है। इसे भी पढ़ें:- ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत और जापान के रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा (Russian President Vladimir Putin) कि “नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी सैन से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। बैठक के दौरान हमने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सभी रूपों में आतंकवाद की निंदा की और सीमा पार खतरों का मुकाबला करने के लिए सहयोग और प्रयास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।” Latest News in HindiToday Hindi news Russian President Vladimir Putin #PutinSupportsModi #PahalgamAttack #ModiPutinTalk #IndiaRussiaTies #KashmirTerror #PutinStatement #PahalgamNews #ModiNews #TerrorAttackIndia #GlobalSupportIndia

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President Trump announces a 100% tariff on all foreign-made films

Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ वॉर के चलते  समूची दुनिया को सकते में डाल दिया है। इसे ट्रंप की मनमानी कहें या कुछ और, बेशक उनके इस फैसले से सभी सकते में हैं। इसी कड़ी में ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का एलान किया है। उन्‍होंने विदेशी फिल्मों को हॉलीवुड के लिए खतरा बताया और इसे राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया अहम निर्णय बताया है। ट्रंप ने कहा कि “हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं। वो चाहते हैं फिर से अमेरिका में ही फिल्में बनें।” कहने की जरूरत नहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं। लोग न सिर्फ नाराज हैं बल्कि जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कदम को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी बताया। ट्रंप का मानना है कि अन्य देशों में फिल्मों की शूटिंग को दी जा रही छूट की वजह से अमेरिकी फिल्म उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।  अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हो रहा है इस पूरे मामले पर ट्रंप (Donald Trump) का कहना है कि “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, जो अन्य देश अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को लुभाने के लिए दे रहे (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हैं। इसके मद्देनजर ये फैसला लिया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह अन्य देशों की तरफ से किया गया एक ठोस प्रयास है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं।’ यह बाकी सब चीजों के अलावा संदेश और प्रचार भी है।” उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “वह संबंधित अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को अधिकृत कर रहे हैं।” इसके अलावा ट्रंप ने एक और बड़ा चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि “वह सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में स्थित अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) बनें यही नहीं, ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में बनें।” इसके बाद वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि “हम इस पर काम कर रहे हैं। न तो लुटनिक और न ही ट्रम्प ने इसके बारे में कोई ज्यादा डिटेल दी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि यह कदम विदेशी या अमेरिकी उत्पादन कंपनियों को लक्षित करेगा, जो विदेशों में फिल्में बनाती हैं।” गौर करने वाली बात यह कि लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन में पिछले दशक में लगभग 40% की गिरावट आ गई है। खैर, ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर फोकस करते हुए कहा कि “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं।” दरअसल, नए टैरिफ (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।” Latest News in HindiToday Hindi news Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films #TrumpTariff #ForeignFilms #MovieBan #USFilmIndustry #HollywoodNews #TariffPolicy #FilmTax #TrumpNews #CinemaWar #EntertainmentNews

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