India response to terror

India Pakistan trade ban: पाकिस्तान पर एक और बड़ी चोट, पहलगाम हमले के बाद भारत ने सभी तरह के आयात-निर्यात पर लगाई रोक

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी देखी जा रही है। जिसका असर दोनों देशों के व्यापार पर भी (India Pakistan trade ban) पड़ रहा है। गौरतलब हो कि सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद भारत सरकार ने अब सभी तरह के आयात और निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का व्यापार नहीं होगा। न भारत से कोई पाकिस्तान जाएगी और नहीं पाकिस्तान से कोई भी चीज भारत ही आएगी। सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अब पाकिस्तान से पूरी तरह से आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।” पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े एक्शन लेते हुए भारत ने पहले डायरेक्ट ट्रेड को बंद किया था। लेकिन अब सरकार ने सभी तरह के इनडायरेक्ट ट्रेड को भी बंद करने का फैसला किया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत सरकार का यह फैसला पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब जाहिर है पाकिस्तानी जहाज भारत के पोर्ट पर नहीं रुकेंगे।  पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए (India Pakistan trade ban) जाते हैं  बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस आदेश को लेकर एक नोटिफिकेश भी जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट आयात-निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक (India Pakistan trade ban) लगा दी है। गौरतलब हो भारत ने पहलगाम हमले के बाद वाघा-अटारी क्रॉसिंग को पहले ही बंद कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि ये वही एकमात्र मार्ग था जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार होता था। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पाकिस्तान से भारत में कौन सामान आयात किया जाता था। तो बता दें कि पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए जाते थे। इसके अलावा इनमें ड्राई फ्रूट्स, कपास, सीमेंट और स्टील भी शामिल हैं। यही नहीं, भारत-पाकिस्तान से कार्बनिक केमिकल्स, कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट और चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल्स भी आयात करता है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है (India Pakistan trade ban) गौर करने वाली बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर एक के बाद एक बड़े स्ट्राइक करते जा रहा है। एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के आयात (India Pakistan trade ban) पर बैन लगा दिया है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है। इससे न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि भारतीय बाजार में कुछ खास किस्म के उत्पादों की उपलब्धता में कमी देखी जाएगी।  Latest News in HindiToday Hindi news India Pakistan trade ban #IndiaPakistanTradeBan #PahalgamAttack #IndiaStrikesBack #TradeBanOnPakistan #IndiaPakistanTensions #ModiOnPakistan #ImportExportBan #NationalSecurityIndia #IndiaPakistanNews #TerrorAttackResponse

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SRH vs GT 2025

SRH vs GT: सनराइसर्ज हैदराबाद को हराकर गुजरात टाइटंस ने आईपीएल प्लेऑफ में की अपनी जगह पक्की

2 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 51वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और सनराइसर्ज हैदराबाद (SRH vs GT) के बीच खेला गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में गुजरात टाइटंस ने सनराइसर्ज हैदराबाद को 38 रनों से मात दे दी। दरअसल, सनराइजर्स के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह तो ठीक, लेकिन उनका यह फैसला उल्टा पड़ गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने अपने बल्ले का जौहर दिखाया। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने मिलकर 87 रन की शानदार ओपनिंग साझेदारी की। इसके बाद सुदर्शन 48 रन बनाकर आउट हो गए। उसके आए जॉस बटलर ने 64 रन की बेमिसाल पारी खेली। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर ने 21 रन बनाए। कप्तान गिल ने शानदार 76 रन बनाये। गौर करने वाली बात यह कि गुजरात टाइटंस ने अपने टॉप के 4 बल्लेबाजों की बदौलत 6 विकेट पर 224 रन बनाए।   15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक के आउट होते ही विकेटों (SRH vs GT) का तांता सा लग गया 224 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की (SRH vs GT) शुरुआत दमदार रही। अपने शानदार शुरुआत के बदौलत उसने 2 विकेट पर 139 रन बना लिए थे। जब तक अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन क्रीज पर डटे थे तब तक हैदराबाद की जीत की उम्मीदें बनी हुई थी। इस बीच 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक के आउट होते ही विकेटों का तांता सा लग गया। 139 के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवाने वाली हैदराबाद की देखते ही देखते 145 रन पर अपने 6 विकेट गंवा बैठी। लगातार गिरते विकटों की वजह से उसकी जीत की उम्मीदें भी धुंधली नजर आने लगी। गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के सामने हैदराबाद के बल्लेबाज बेबस नजर आये। उनकी बेबसी का आलम यह था कि नीतीश कुमार रेड्डी ने 21 और पैट कमिंस 19 बनाकर जैसे-तैसे किसी तरह अपनी टीम को  6 विकेट पर 186 रन तक ले गए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने सनराइसर्ज हैदराबाद को 38 रनों से मात दे दी।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस (GT) ने आईपीएल (IPL) प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है गौरतलब हो कि इस जीत के बाद गुजरात टाइटंस (GT) ने आईपीएल (IPL) प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस हार के साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। 7 जीत से अब गुजरात टाइटंस के14 अंक हो गए हैं। इस मैच से गुजरात टाइटंस पहले पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर थी। हैदराबाद की जीत के बाद वह पॉइंट टेबल में चौथे से दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। यही नहीं, चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स पहले से ही इस रेस से बाहर हो चुकी हैं। अब प्लेऑफ की रेस में सिर्फ सात टीमें ही बची हैं। इस रेस में गुजरात टाइटंस मुंबई इंडियंस के बाद दूसरे स्थान पर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 SRH vs GT #SRHvsGT2025 #GujaratTitans #SunrisersHyderabad #IPL2025 #GTvsSRH #IPLPlayoffs #GTWin #IPLT20 #CricketNews #IPLPointsTable

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Powerful goddess Baglamukhi

बगलामुखी जयंती 2025: शत्रुनाशिनी देवी की आराधना से मिलती है विजय और सुरक्षा

हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का विशेष महत्व है, जिनमें से एक हैं मां बगलामुखी। इन्हें तंत्र साधना की देवी भी कहा जाता है। मां बगलामुखी की उपासना विशेष रूप से शत्रु नाश, वाद-विवाद में विजय, मुकदमे में सफलता और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है। हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। यह तिथि 2025 में कब पड़ रही है और मां की उपासना का क्या महत्व है, आइए विस्तार से जानते हैं। बगलामुखी जयंती 2025 में कब है? मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवें स्थान पर आती हैं। इन्हें ‘पीताम्बरा देवी’ भी कहा जाता है क्योंकि इनका वस्त्र, श्रृंगार और आसन पीले रंग का होता है। पीला रंग मां का प्रिय रंग है, और यही रंग तंत्र साधना में भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। मां का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और रौद्र है। उनके हाथ में एक गदा होती है, जिससे वे शत्रुओं का संहार करती हैं। देवी पार्वती के उग्र रूप के रूप में पूजित मां बगलामुखी की जयंती (Baglamukhi Jayanti 2025) हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 5 मई को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 मई को सुबह 7:18 बजे होगी और इसका समापन 5 मई को सुबह 7:35 बजे होगा। चूंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए बगलामुखी जयंती 5 मई को मनाई जाएगी और इसी दिन मां की पूजा और विशेष साधना की जाएगी। पीले रंग का महत्वमां बगलामुखी का स्वरूप सुनहरे पीले रंग का होता है, इसलिए उनकी पूजा में पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं और पूजा सामग्री भी अधिकतर पीले रंग की होती है। साधना शुरू करने से पहले हरिद्रा गणपति की पूजा और उनका आह्वान किया जाता है। साधना का ज्ञान ब्रह्माजी ने दिया थापौराणिक कथाओं के अनुसार, बगलामुखी साधना का प्रथम उपदेश ब्रह्माजी ने सनकादि ऋषियों को दिया था। उनसे प्रेरित होकर देवराज नारद ने मां बगलामुखी की उपासना की। आगे चलकर भगवान विष्णु ने यह दिव्य विद्या भगवान परशुराम को प्रदान की थी। बगलामुखी जयंती पर क्या करें पूजा विधि? बगलामुखी जयंती के दिन विशेष पूजा और अनुष्ठान करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनें और पीले फूल, हल्दी, चना दाल, बेसन के लड्डू आदि का उपयोग कर पूजन करें। पूजन विधि: इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया युद्ध से पहले पांडवों ने की थी आराधना पांडवों ने भी मां बगलामुखी की आराधना की थी। ऐसा कहा जाता है कि महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को रात के समय मां बगलामुखी की साधना करने का सुझाव दिया था, जिससे उन्हें विशेष सिद्धि प्राप्त हो सके। मां बगलामुखी के तीन प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर भारत में स्थित हैं—मध्य प्रदेश के दतिया और नलखेड़ा (आगर मालवा) में दो, और तीसरा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News  #BaglamukhiJayanti2025 #ShatruNashiniDevi #BaglamukhiPuja #GoddessBaglamukhi #VictoryWithPuja #HinduFestivals2025 #DeviBhakti #TantricWorship #SpiritualProtection #BaglamukhiMantra

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Pakistan Army urges citizens to stock 2-month

Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration: पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेना को किसी भी तरह हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी है। कारण यही जो डरी सहमी पाक आर्मी ने (Pakistan Army) एलओसी (LOC) के आस-पास रहने वाले लोगों को खाने-पीने का सामान एडवांस में जमा करने (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) का आदेश दे दिया है। दरअसल, पीओके (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने शुक्रवार को स्थानीय विधानसभा में कहा कि “नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में दो महीने के लिए खाद्य आपूर्ति का भंडारण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ” हमले के मद्देनजर क्षेत्रीय सरकार ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में खाद्य, दवाइयां और अन्य सभी बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अरब परुपये ($3.5 मिलियन) का आपातकालीन कोष भी बनाया है।”  पीओके में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए किये गए बंद (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हालाँकि पीओके के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि “नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सड़कों की मरम्मत के लिए सरकारी और निजी मशीनरी भी तैनात की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हैं। पाक आर्मी (Pakistan Army) के स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके (POK) में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। इस बीच स्थानीय लोगों का मानना है कि “भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध तो नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (LOC) के भीतर हमला जरूर करेगा।”  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं और दोनों के बीच युद्ध की स्थिति  हुई है बनी बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पहले तो इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी ग्रुप टीआरएफ ने ली थी, लेकिन भारत के रुख को देख टीआरएफ ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। आलम यह है कि इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं। इस बीच ध्यान देने वाली बड़ी बात यह कि युद्ध के डर से पाकिस्तान की (Pakistan Army) ने अपने नागरिकों से 2 महीने का खाना, एडवांस में जमा करने के लिए कह दिया है। जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी नेता, लोगों से कह रहे हैं कि “जंग कभी हो सकती है, इसलिए वो अपने घरों में दो महीने का खाना जमा करके (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) रख लें।” गौरतलब हो कि इस हमले एक बाद नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने इत्यादि शामिल हैं। अब पाकिस्तान के लोगों के मन में डर माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration #PakistanArmy #PahalgamAttack #IndiaPakistanTension #PakistanNews #RationAlert #PakArmyFear #SecurityAlert #StockRation #BorderTensions #PanicInPakistan

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After Suhas Shetty's murde

Suhas Shetty Murder: सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में सियायत हुई तेज, बीजेपी ने सिद्दारमैया सरकार पर लगाया ये आरोप

कर्नाटक के मंगलूरू (Mangaluru) में गुरुवार की रात बजरंग दल (Bajarang Dal) के कार्यकर्ता सुहास शेट्टी (Suhas Shetty Murder) की बेहरमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड की वजह से कर्नाटक की राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। पूरे शहर में तनाव का माहौल है। जानकारी के मुताबिक मंगलूरू पुलिस ने बढ़ते तनाव मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षा का आलम यह है कि पुलिस नेचप्पे-चप्पे पर चेकपोस्ट लगाए गए हैं। इस हत्याकांड के सिलसिले में बाजपे पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें तलाश में लगी हैं। इस पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर. हितेंद्र ने कहा कि “हमने सुरक्षा व्यवस्था कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने आगे बताया कि “आरोपियों की पहचान हो चुकी है और हमारी टीमें उन्हें पकड़ने में जुटी हैं।” खैर, इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने सुहास शेट्टी के परिजनों को 25 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भाजपा नेता विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कहा कि “कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदू समुदाय में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हम दृढ़ता से आग्रह करते हैं कि सुहास शेट्टी की क्रूर हत्या की जांच एनआईए को सौंपी जाए ताकि पूरी तरह से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।”  गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में हुई यह (Suhas Shetty Murder) भयानक घटना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले (Suhas Shetty Murder) में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी है। पुलिस इस हत्याकाँड को पुरानी दुश्मनी से जोड़कर देख रही है। फ़िलहाल पुलिस पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी का नतीजा है या किसी हालिया घटना से जुड़ी हुई है। मसलन, कुछ दिन पहले कुदुपु में केरल के एक मजदूर की मॉब लिंचिंग हुई थी। गौरतलब हो कि सुहास शेट्टी एक हिस्ट्रीशीटर था। वह 2022 में हुए चर्चित फाजिल मर्डर केस का मुख्य आरोपी भी था। जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में इस भयानक घटना को अंजाम दिया गया। सुहास एक गाड़ी (KA-12-MB-3731) में अपने 5 साथियों संजय, प्रज्वल, अन्वित, लतीश और शशांक के साथ घूम रहा था। तभी एक स्विफ्ट कार और पिकअप ट्रक में सवार 5-6 हमलावरों ने सुहास की गाड़ी को रोका। और इसके बाद उसे बाहर खींचकर उसपर तेज़ धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। इस बीच सुहास को गंभीर हालत में एजे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता (Suhas Shetty Murder) का हाथ- सांसद पीसी मोहन ध्यान देने वाली बात यह पूरा हमला सीसीटीवी में रिकॉर्ड (Suhas Shetty Murder) हो गया। इस हत्याकांड से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर गिरे सुहास पर हमलावर धारदार हथियारों से वार पर वार किये जा रहे हैं और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने देख रहे हैं। इस बीच बजरंग दल (Bajarang Dal) कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी शुरू हो गई। भाजपा ने इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता का हाथ बताया है। भाजपा सांसद पीसी मोहन ने कहा कि “यह हत्या जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा की है गई।” Latest News in Hindi Today Hindi News Mangaluru #SuhasShettyMurder #KarnatakaPolitics #Siddaramaiah #BJPVsCongress #KarnatakaNews #PoliticalClash #LawAndOrder #BreakingNews #IndiaPolitics #MurderCase

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Shirgaon Jatra incident

Shirgaon Jatra incident: गोवा के शिरगांव में आयोजित इस जात्रा के दौरान भगदड़ मचने से 7 लोगों की हुई मौत, 70 से अधिक घायल

गोवा से दिल को दहला देने वाली खबर है। खबर के मुताबिक गोवा के शिरगांव में आयोजित की गई श्री लैराई जात्रा (Shirgaon Jatra incident) के दौरान हुई भगदड़ में 7 लोगों की मौत और 70 से अधिक धायल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक 2 मई यानी शुक्रवार रात लैराई मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। घायलों को बिना देर किये तत्काल गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दरअसल भारी तादाद में श्रद्धालुओं का इस जात्रा में शामिल होना ही हादसे की वजह बना। भीड़ इतनी थी कि तिल रखने की जगह नहीं थी। एक तो पारंपरिक जात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ऊपर से अचानक मची अफरा-तफरी की वजह से भगदड़ मच गई। कुछेक घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि अन्य लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। भगदड़ किस वजह से मची अभी तक इसक पता नहीं चल पाया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।  मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने जाना मरीजों का हाल (Shirgaon Jatra incident) इस बीच भगदड़ की सूचना मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत अस्पताल जा पहुंचे और अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों का जायजा (Shirgaon Jatra incident) लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने इस दरम्यान नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और बिचोलिम अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ घायलों से मुलाकात की बल्कि उनके इलाज की भी जानकारी ली। इसके अलावा अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश दिए। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि “आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “माननीय प्रधानमंत्री जी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा इस कठिन समय में अपना पूर्ण सहयोग देने की पेशकश की।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है बता दें कि लैराई देवी एक पूजनीय हिंदू देवी हैं। गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है। लैराई देवी के इस मंदिर स्थानीय लोगों के अलावा इर्द-गिर्द के श्रद्धालु भारी मात्रा में आते हैं। गौरतलब हो कि लैराई देवी जात्रा को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। ये जात्रा गोवा का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह हर साल बिचोलिम तालुका के शिरगांव गांव में मनाया जाता है। इस उत्सव की बड़ी विशेषता यह कि इसमें आग पर चलने की परंपरा है। इसमें धोंड कहे जाने वाले श्रद्धालु जलते हुए शोलो पर नंगे पांव चलते हैं, जो उनकी उनकी आस्था और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मोगरा के फूलों की माला माता को बहुत पसंद है, इसलिए इस मंदिर में खास तौर पर मोगरा के फूलों से बनी माला को चढ़ाया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस जात्रा के अवसर पर शिरगांव में विशेष तैयारियां की जाती हैं। इस मौके पर पूरे शिरगांव सजाया जाता है। कई भक्त इस जात्रा के दौरान उपवास करते हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Shirgaon Jatra incident #ShirgaonJatra #GoaStampede #JatraTragedy #ShirgaonNews #GoaNews #FestivalStampede #IndiaNews #BreakingNews #ReligiousFair #JatraIncident

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H5N1

महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता

एच5एन1 (H5N1) यानी एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) वो वायरल इन्फेक्शन है, जो पक्षियों, गायों और अन्य जानवरों में सबसे पहले फैलता है। मनुष्यों में इसके फैलने की संभावना भी होती है। इसके कारण रोगी हल्की से लेकर गंभीर सांस संबंधी समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं। अमेरिका में हाल ही में डेयरी गायों और लोगों में एच5एन1 (H5N1) इंफेक्शन के कुछ मामले सामने आएं हैं। इन मामलों के कारण इस वायरस की महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही जंगली पक्षियों और अन्य पक्षियों में भी यह फैल रहा है। यानी, यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है। आइए जानें एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat) क्या है? इससे बचने के तरीकों के बारे में भी जानें। एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat): पाएं जानकारी एच5एन1 (H5N1) या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) एक गंभीर समस्या है जिसके हाल ही में अमेरिका में बहुत से मामले सामने आएं हैं। यह मामले अभी डेयरी गायों और मनुष्यों में सामने आएं हैं। इसके कारण चिंताएं बहुत अधिक बढ़ गयी हैं। ग्लोबल वायरस नेटवर्क (GVN) जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य वायरस से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, अनुसंधान को बढ़ावा देना और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार करना है। ग्लोबल वायरस नेटवर्क ने पूरी दुनिया के देशों की सरकारों से यह निवेदन किया है कि जल्दी इस रोग को लेकर कोई बड़ा फैंसला लें ताकि इससे निपटा जा सके। इससे एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat) बचा जा सकता है। आइए जानें की इस रोग के सिम्पटम्स क्या हो सकते हैं? एच5एन1 (H5N1) के सिम्पटम्स इस रोग के बारे में इन्फोर्मशन होना बेहद आवश्यक है। कुछ लोगों में एच5एन1 (H5N1) या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं: क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार रोगी में नजर आने वाले एच5एन1 या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) के लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? H1N1 से कैसे बचें? एच5एन1 (H5N1) जैसे रोग से बचना जरूरी है। इसके बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi H5N1 #Birdflu #H5N1newthreat #AvianInfluenza #H5N1

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Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission

बिहार में बंपर भर्ती: बिहार में असिस्टेंट इंजीनियर के 1000+ पदों पर आवेदन शुरू

असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) एक ऐसी पोस्ट है, जिसमें टेक्निक और मैनेजमेंट स्किल की जरूरत होती है। अगर आप टेक्निकल प्रोब्लेम्स को सॉल्व करने और प्रोजेक्ट्स के विकास में रूचि रखते हैं तो असिस्टेंट इंजीनियर जॉब आपके लिए उपयुक्त रहेगी। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) ने असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) के लिए पोस्ट्स निकाली हैं। यह भर्ती 1024 पोस्ट्स के लिए की जा रही है। इन पोस्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 30 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और इच्छुक कैंडिडेट 28 मई तक रजिस्टर कर सकते हैं। अगर आप भी अप्लाई करना चाहते हैं, तो देर न करें। आइए जानें बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के बारे में।  बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission): पाएं जानकारी इस पोस्ट्स के लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। इसके लिए निम्नलिखित पोस्ट्स निकाली गई हैं: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission): एलिजिबिलिटी इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने के लिए इच्छुक कैंडिडेट के पास सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री होना जरूरी है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय या एआईसीटीई द्वारा एप्रूव्ड इंस्टिट्यूट से ही की होनी चाहिए। इसके अलाई किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से नियमित रूप से की जाने वाले टेक्निकल कोर्स की डिग्री भी मान्य होगी। आयु सीमा बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 साल है जबकि अधिकतम आयु पुरुषों की 37 साल है और महिलाओं की 40 साल है। आरक्षित वर्गों को इसमें कुछ छूट दी गई है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन कैसे करें अप्लाई? बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के लिए आप इस तरह से आसानी से अप्लाई कर सकते हैं:  अगर बात की जाए असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts) की फीस के बारे में, तो जनरल कैंडिडेट के लिए यह फीस 750 रुपए है जबकि एससी, एसटी, बिहार की फेमल कैंडिडेट्स आदि के लिए यह शुक्ल केवल 200 रुपए है। अन्य कैंडिडेट्स के लिए यह शुक्ल 750 रुपए है। इच्छुक कैंडिडेट 28 मई से पहले अप्लाई करना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Public Service Commission #AssistantEngineerPosts #BiharPublicServiceCommission  #AssistantEngineer  #AssistantEngineerPostsreleasedbyBiharPublicServiceCommission

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Why Sindoor is Offered to Hanuman

क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा

हिंदू धर्म में भगवान हनुमान जी (Lord Hanuman) को बल, बुद्धि, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। वे कलियुग के सबसे जाग्रत और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं। भक्तजन मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा करते हैं और उनके विग्रह पर सिंदूर चढ़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को सिंदूर क्यों चढ़ाया जाता है? यह परंपरा केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि इसके पीछे एक बेहद रोचक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है, जो त्रेता युग के समय की बताई जाती है। हनुमान जी और सिंदूर की कथा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटे और राजपाट संभाल रहे थे, उस समय एक दिन माता सीता किसी कार्य में व्यस्त थीं। तभी हनुमान जी ने जिज्ञासावश उनसे पूछा कि भगवान श्रीराम को कौन-सी चीज़ सबसे अधिक प्रिय है। माता सीता ने उत्तर दिया कि भगवान राम (Lord Rama) को किसी वस्तु से विशेष मोह नहीं है, वे सभी चीजों को समान दृष्टि से देखते हैं और सब चीज़ों से प्रसन्न हो जाते हैं। तभी हनुमान जी की दृष्टि सीता माता के मांग में लगे सिंदूर पर पड़ी। उन्होंने उत्सुकता से पूछा, “माते, आप यह सिंदूर क्यों लगाती हैं?” तब माता सीता ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया, “यह सिंदूर मेरे सुहाग की निशानी है और इसे लगाने से प्रभु श्रीराम प्रसन्न रहते हैं।” तभी हनुमान जी (Lord Hanuman) के मन में एक विचार आया। उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया और प्रभु श्रीराम के दरबार में उपस्थित हुए। उन्हें इस रूप में देखकर वहां मौजूद लोग हँसने लगे। जब भगवान राम ने इसका कारण पूछा, तो हनुमान जी ने भावुकता से उत्तर दिया—“जब माता सीता की मांग में थोड़ा-सा सिंदूर (Sindoor) देखकर आप प्रसन्न होते हैं, तो मैंने सोचा कि यदि मैं पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लूं, तो आपको अत्यधिक प्रसन्नता होगी।” हनुमान जी की यह मासूम और भक्ति से भरी भावना सुनकर भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) अत्यंत प्रसन्न हुए। हनुमान जी ने इस माध्यम से अपने प्रभु के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण प्रकट किया। तभी से हनुमान जी (Lord Hanuman) को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा आरंभ हुई, जो आज भी श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक रूप में निभाई जाती है। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया हनुमान जी पर सिंदूर चढ़ाने का महत्व सिंदूर मुख्य रूप से दो रंगों में उपलब्ध होता है—लाल और नारंगी। हिंदू परंपराओं में लाल सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है, जिसे विवाहित महिलाएं अपने माथे पर लगाती हैं। वहीं नारंगी सिंदूर त्याग, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना गया है। हनुमान जी के व्यक्तित्व में प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण और निष्ठा प्रमुख रूप से दिखाई देती है, इसलिए उन्हें नारंगी सिंदूर अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से हनुमान जी पर सिंदूर (Sindoor) चढ़ाता है, उसकी सभी परेशानियाँ और कष्ट संकटमोचन हनुमान दूर कर देते हैं। यह परंपरा न केवल भक्ति भाव का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाती है कि समर्पण और सेवा के माध्यम से प्रभु की कृपा प्राप्त की जा सकती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Lord Hanuman #HanumanSindoor #TretayugStory #HanumanDevotion #HinduBeliefs #SindoorSignificance #RamayanTales #HanumanBhakti #SpiritualIndia #MythologyFacts #DivineStories

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Sita Navami Celebration Tips

सीता नवमी 2025: घर में सुख-समृद्धि के लिए मां जानकी को अर्पित करें ये भोग

सीता नवमी (Sita Navami) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे माता सीता (Goddess Sita) के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसे जानकी जयंती भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु माता सीता की विशेष पूजा-अर्चना कर उनके जीवन से सीख लेते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां जानकी को विशेष भोग अर्पित करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती। आइए जानते हैं सीता नवमी 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भोग के महत्व। सीता नवमी 2025 कब है? (Sita Navami 2025 Date & Time) सीता नवमी (Sita Navami) का पर्व वर्ष 2025 में सोमवार, 5 मई को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 5 मई को सुबह 7 बजकर 35 मिनट से आरंभ होकर 6 मई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इस पावन अवसर पर महिलाएं सुखमय वैवाहिक जीवन और घर-परिवार में समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। सीता नवमी पर माता जानकी (Goddess Sita) की पूजा से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति बनी रहती है। मां सीता को लगाएं ये दिव्य भोग (Sita Navami Bhog & Offerings)   चावल की खीर: सीता नवमी के शुभ पर्व पर केसर मिलाकर चावल की खीर तैयार कर माता सीता को भोग लगाना अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिव्य भोग से घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।   मखाने की खीर: व्रत करने वाले भक्तों के लिए मखाने की खीर एक आदर्श भोग है। इस दिन माता सीता को इसका नैवेद्य चढ़ाने से घर में अन्न और धन की वृद्धि होती है।   नारियल के लड्डू: नारियल शुभता और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। सीता माता को नारियल के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। इनका भोग लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है।   पंजीरी: पारंपरिक प्रसाद के रूप में पंजीरी सीता नवमी पर अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे घर में संपन्नता और सौभाग्य बना रहता है।   ऋतु फल और मेवे: सीता नवमी के अवसर पर माता सीता को ताजे मौसम के फल जैसे केला, सेब, अनार और विभिन्न प्रकार के सूखे मेवे अर्पित किए जाते हैं। यह सात्विक और पवित्र भोग न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि भक्त को पुण्य भी प्राप्त होता है। सीता नवमी पर करें ये शुभ उपाय, मिलेगा माता सीता का आशीर्वाद इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया सीता नवमी की पूजा विधि: कैसे करें मां जानकी की आराधना सीता नवमी (Sita Navami) के दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें। फिर पूजा स्थान की सफाई कर माता सीता की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। उन्हें पुष्प, अक्षत, कुमकुम और सोलह श्रृंगार की वस्तुएं समर्पित करें। इसके पश्चात श्रद्धा से तैयार किया गया दिव्य भोग माता को अर्पित करें और भक्तिभाव से प्रार्थना करें। पूजा उपरांत यह प्रसाद अपने परिवारजनों व आस-पास के लोगों में वितरित करें। यह दिन माता जानकी की विशेष कृपा प्राप्त करने का शुभ अवसर माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Sita Navami #SitaNavami2025, #SitaNavamiBhog, #MaaSitaBlessings, #JankiPuja, #HappinessAndProsperity, #NavamiCelebrations, #RamayanFestival, #DivineOfferings, #FestiveRituals, #HinduFestivals2025

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