Neeraj Chopra 2025,

नीरज चोपड़ा ने फिर लहराया तिरंगा, पेरिस डायमंड लीग 2025 में रिकॉर्ड थ्रो के साथ मारी बाजी

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने एक बार फिर तिरंगा लहरा दिया है। नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस डायमंड लीग 2025 (Paris Diamond League 2025) में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। उन्होंने 88.16 मीटर का जोरदार थ्रो फेंककर पहले ही प्रयास में अजेय बढ़त बना ली और प्रतियोगिता के अंत तक कोई भी खिलाड़ी उन्हें पीछे नहीं छोड़ सका। नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने पेरिस डायमंड लीग प्रतियोगिता (Paris Diamond League 2025) की शुरुआत ही धमाकेदार अंदाज में की। उनका पहला थ्रो 88.16 मीटर का था, जो न केवल उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, बल्कि इस सीजन में पेरिस डायमंड लीग (Paris Diamond League 2025) का सबसे लंबा थ्रो भी बना। इसके बाद दूसरे प्रयास में नीरज ने 85.10 मीटर लंबा थ्रो फेंका। हालांकि इसके बाद उनका अगले तीन थ्रो फाउल हो गए, लेकिन अंतिम प्रयास में उन्होंने फिर से 82.89 मीटर का थ्रो फेंका।  नीरज की निरंतरता और आत्मविश्वास बरकरार बता दें कि पिछली दो प्रतियोगिताओं में जर्मनी के जूलियन वेबर ने नीरज चोपड़ा को हराया था। 16 मई को दोहा डायमंड लीग में वेबर ने 91.06 मीटर और 23 मई को पोलैंड के जानुज कुसोचिंस्की मेमोरियल में 86.12 मीटर का थ्रो कर नीरज को पीछे छोड़ दिया था। नीरज उन मुकाबलों में क्रमशः 90.23 और 84.14 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। लेकिन पेरिस में नीरज चोपड़ा ने अपने अनुभव और आत्मविश्वास से वापसी करते हुए वेबर को पीछे छोड़ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। इस प्रतियोगिता में वेबर का सबसे बेहतर थ्रो 86.10 मीटर का रहा। जबकि ब्राजील के लुईज मौरिशियो दा सिल्वा ने 85.62 मीटर थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।  नीरज चोपड़ा इस लीग के बाद 24 जून से चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में (Diamond League 2025) गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट में भाग लेंगे। यह इवेंट चेक रिपब्लिक में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद पांच जुलाई को बेंगलुरु में ‘नीरज चोपड़ा क्लासिक टूर्नामेंट’ में खेलेंगे। यह टूर्नामेंट पहले मई में होना था, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव की वजह से आगे बढ़ा दिया गया था। नीरज की अब तक की प्रमुख उपलब्धियां बता दें कि नीरज चोपड़ा भारतीय खेल इतिहास के सबसे बेहतरीन एथलीट में से एक हैं। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर भारत को ट्रैक एंड फील्ड का पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल दिलाया था। इसके अलावा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में भी उन्होंने 88.17 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया है, जो किसी भी भारतीय खिलाड़ी का वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक था। 2024 के सीजन में भी नीरज की निरंतरता देखने लायक रही। उन्होंने बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर, एशियन गेम्स 2023 में गोल्ड और फिर से दो डायमंड लीग मुकाबलों में पोडियम फिनिश हासिल की। नीरज चोपड़ा ने अब पेरिस डायमंड लीग 2025 में जीत हासिल कर एकबार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अब केवल एक एथलीट नहीं, बल्कि भारत की उम्मीद, प्रेरणा और गौरव बन चुके हैं। वे हर मुकाबले में भारत का झंडा ऊंचा कर रहे हैं और आने वाले ओलंपिक 2028 की ओर भी उनकी तैयारी का यह आत्मविश्वासी कदम है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात नीरज चोपड़ा को मिला चुका है कई सम्मान और पुरस्कार  नीरज चोपड़ा को उनकी इस शानदार खेल उपलब्धियों और भारत के लिए अभूतपूर्व योगदान के लिए अब तक कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद इन्हें साल 2021 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (अब: मेजर ध्यानचंद खेल रत्न) मिला था। वहीं 2022 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से भी नीरज को उनके प्रदर्शन और खेल में योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। इसके अलावा एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के लिए इन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Diamond League 2025 #NeerajChopra #ParisDiamondLeague #JavelinThrow #IndiaAthletics #DiamondLeague2025 #NeerajWinsAgain

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International Yoga Day 2025

एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योगा, पीएम मोदी का इंटरनेशनल योगा डे पर संदेश

योगा (Yoga) को फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है। यही कारण है कि पूरी दुनिया ने योगा के महत्व को समझा है और इसे अपनाया है। हर साल जून 21 को इंटरनेशनल योगा डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा की गई थी। इस साल इसकी थीम है “एक पृथ्वी, एक हेल्थ के लिए योगा”। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों के बीच के योग के लिए जागरूक करना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) मनाया। आइए जानें इस बारे में और अधिक। योगा (Yoga)  के महत्व के बारे में भी जानें।   इंटरनेशनल योगा डे 2025 इस साल का इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा विशाखापट्टनम में किया गया। इस इवेंट को रामकृष्ण बीच से भोगलपुराम तक 26 किलोमीटर के एरिया में आयोजित किया गया। ऐसा अनुमान है इसमें लगभग 3 लाख लोगों ने भाग लिया। आज 11वें इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) पर प्रधानमंत्री ने लोगों को यह संदेश दिया कि योगा (Yoga) मानवता के लिए एक जरूरी साधन है, जो हमें तनाव से दूर रहने में मदद कर सकता है।  आंध्र प्रदेश सरकार ने इस इवेंट के लिए अच्छे तैयारियां की थी। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने योगंध्र-2025″ इवेंट ऑर्गेनाइज किया है। इसका उद्देश्य केवल और केवल योगा (Yoga)  को बढ़ावा देना और लोगों को इसे करने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी भाग लिया और लोगों को इसके बारे में बताया। यह कार्यक्रम न केवल योगा (Yoga) के महत्व को लोगों तक बताने बल्कि भारत की कल्चरल हेरिटेज को लोगों को पहुंचाने का अच्छा तरीका है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या हैं योगा के फायदे? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार योगा (Yoga) के कई फायदे हैं जो शरीर और दिमाग से जुड़े हैं। इन्हें करने से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है। इसके साथ ही चिंता और तनाव भी दूर होते हैं। जानिए किस तरह से है यह हमारे लिए बेनेफिशियल और क्यों करना चाहिए इसे हमें अपने जीवन में शामिल: संक्षेप में कहा जाए तो हेल्दी रहने के लिए योगा को अपनी दिनचर्या का एक भाग बना लेना चाहिए। इस इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) आप भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में बताएं। यह बात भी ध्यान में रखें कि योगा (Yoga) की शुरुआत किसी एक्सपर्ट की राय और मार्गदर्शन के बाद ही करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International Yoga Day #PMModi #YogaDay2025 #OneEarthOneHealth #InternationalYogaDay #YogaForWellness

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Yogini Ekadashi 2025

Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी पर विशेष पूजा से दूर होगी सभी परेशानी

हिंदू धर्म में वर्षभर में 24 एकादशी तिथियां आती हैं, जिनमें से प्रत्येक का धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पापों से मुक्ति दिलाने वाला और पुण्य प्रदान करने वाला माना गया है। योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) का पालन करने से रोग, दोष और दरिद्रता का नाश होता है तथा मनुष्य मोक्ष की ओर अग्रसर होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा व नियमपूर्वक करने से व्रती को 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। योगिनी एकादशी 2025 तिथि और समय (Yogini Ekadashi 2025 Date & Time) हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। यह तिथि हर साल अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। वर्ष 2025 में योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) व्रत 21 जून (शनिवार) को रखा जाएगा, क्योंकि तीज-त्योहारों का निर्धारण उदया तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) के आधार पर होता है। तिथि और समय योगिनी एकादशी का महत्व (Significance of Yogini Ekadashi) योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यकारी और प्रभावशाली व्रतों में से एक माना गया है। यह व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2025 में यह व्रत 21 जून को मनाया जाएगा। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है, और योगिनी एकादशी विशेष रूप से आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करने वाली मानी जाती है। पद्म पुराण और भविष्य पुराण जैसे ग्रंथों में योगिनी एकादशी का महत्व विस्तार से बताया गया है। पद्म पुराण के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत करने से मनुष्य को 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत व्यक्ति के जीवन के सभी दोषों और पापों को दूर करता है, और उसे अध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है। इस व्रत को लेकर ऐसी मान्यता भी है कि यह स्वर्ग प्राप्ति के साथ-साथ व्यक्ति को धरती पर भी सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय योगिनी एकादशी व्रत और पूजा विधि (Yogini Ekadashi Vrat Puja Vidhi) योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और श्री हरि के समक्ष व्रत का संकल्प लें। घर के पूजा स्थल को स्वच्छ करें और गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। एक पवित्र चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें। उन्हें हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएं और पीले फूल, फल, पंचामृत, पंजीरी, मिठाई तथा तुलसी दल अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं, धूप दिखाएं और पूरी श्रद्धा से पूजा करें। इस दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। योगिनी एकादशी व्रत की कथा का पाठ करें या उसे सुनें। अंत में भावपूर्ण आरती करें। रात्रि में भजन-कीर्तन करें। योगिनी एकादशी व्रत  (Yogini Ekadashi vrat) रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन संयम और श्रद्धा के साथ उपवास करना चाहिए। यदि स्वास्थ्य कारणों से निर्जल व्रत संभव न हो, तो फलाहार या दूध-फल का सेवन किया जा सकता है। व्रत के दौरान तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और नकारात्मक व्यवहार जैसे क्रोध या विवाद से बचना चाहिए। इस दिन मन, वाणी और कर्म से शुद्धता बनाए रखना आवश्यक है। भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा, मंत्र जाप और कथा श्रवण करने से व्रत का पुण्य बढ़ता है। अगले दिन द्वादशी को प्रातः स्नान करके पूजा करें और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का प्रसाद ग्रहण कर व्रत का विधिवत पारण करें। व्रत का पारण ब्राह्मण या जरूरतमंदों को दान देकर भी किया जा सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Lord Vishnu #YoginiEkadashi2025 #EkadashiVrat #HinduFestivals2025 #SpiritualRituals #EkadashiPuja

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Sun Salutation

Surya Namaskar: क्यों है सूर्य नमस्कार हर दिन का सबसे बेहतर योग अभ्यास?

योग भारतीय संस्कृति का अमूल्य उपहार है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी संतुलन प्रदान करता है। योग के तमाम आसनों में से सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को सबसे बेहतर और संपूर्ण योगाभ्यास माना जाता है। आयुष मंत्रालय (Ayush Mantralaya) और योग से जुड़े जानकारों (Yoga Expert) के अनुसार नियमित और सही तरह से सूर्य नमस्कार करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अत्यधिक लाभ मिलता है। सूर्य नमस्कार  (Surya Namaskar) सूर्य नमस्कार, जिसे सन सलुटेशन (Sun Salutation) भी कहा जाता है। सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) योग की एक शृंखलाबद्ध प्रक्रिया है, जिसमें कुल 12 आसनों (postures) का समावेश होता है। ये आसन शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय करते हैं और रक्त संचार (Blood Circulation) को बेहतर बनाते हैं। हर आसन के साथ विशेष श्वास प्रक्रिया जुड़ी होती है, जिससे फेफड़ों की क्षमता (Lungs Capacity) भी बढ़ती है। प्राचीन ग्रंथों और आधुनिक शोधों के अनुसार सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को दिन की शुरुआत में सूर्योदय के समय करना सर्वोत्तम होता है, क्योंकि तब शरीर सबसे अधिक ऊर्जा ग्रहण करने की स्थिति में होता है। सूर्य नमस्कार के 12 चरण (12 Stages of Surya Namaskar) क्या कहते हैं रिसर्च? जर्नल ऑफ बॉडी वर्क एंड मूवमेंट थेरेपी 2011 (Journal of Bodywork and Movement Therapies 2011) के अनुसार लगातार 12 हफ्तों तक सूर्य नमस्कार करने से बॉडी फ्लेक्सिबल होती है, फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और मेंटल हेल्थ भी बेहतर रहता है। रिसर्च के अनुसार सूर्य नमस्कार न केवल कैलोरी बर्न करता है बल्कि यह कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए भी लाभकारी है। सूर्य नमस्कार के लाभ 1. संपूर्ण शरीर का व्यायाम- सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) से शरीर के सभी मुख्य भाग जैसे पीठ, छाती, पेट, हाथ-पैर, गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ता है। यह एक प्रकार का फुल-बॉडी वर्कआउट है। 2. वजन घटाने में सहायक- रिसर्च के मुताबिक सूर्य नमस्कार की 12 पूर्ण चक्रों से लगभग 156 कैलोरी बर्न होती हैं। इसे नियमित करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है। 3. हार्मोन बैलेंस करता है- सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) ग्रंथियों को सक्रिय करता है, विशेषकर थायरॉइड और पिट्यूटरी ग्रंथि। इससे हार्मोनल असंतुलन ठीक होता है, जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। 4. मानसिक तनाव में राहत- हर आसन में की जाने वाली गहरी सांसें और ध्यान, तनाव और चिंता को दूर करने में सहायक होती हैं। Harvard Health Publishing की एक रिपोर्ट के अनुसार, नियमित योग करने वाले लोगों में अवसाद और चिंता के लक्षणों में कमी देखी गई है। 5. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है- पदहस्तासन और भुजंगासन जैसे आसन पेट के अंगों की मालिश करते हैं, जिससे कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) किसे नहीं करना चाहिए? सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक साधना है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलन मिलता है। प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक फिटनेस विशेषज्ञों तक, सभी इस योग अभ्यास की प्रभावशीलता को मान्यता देते हैं। यदि आप दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य से करना चाहते हैं, तो सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करें। योग से जुड़े जानकारों के अनुसार अगर आप शुरुआत करना चाहते हैं, तो सप्ताह में 3 से 5 दिन करें और फिर धीरे-धीरे आप आप अपने योगाभ्यास को बढ़ा सकते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। किसी भी योगासन, चिकित्सा सलाह या इलाज के लिए डॉक्टर या योग से जुड़े जानकारों से सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi Sun Salutation #SuryaNamaskar #DailyYoga #YogaBenefits #SunSalutation #MorningYoga #HealthyLifestyle #YogaPractice #MindBodyWellness

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Iran–Israel

ईरान ने इजरायल पर रात भर बरसाईं बैलिस्टिक मिसाइल, इजरायल की चेतावनी-‘भीषण और लंबे युद्ध के लिए तैयार रहो’

ईरान और इजरायल के बीच पिछले सप्ताह से जारी जंग (Iran–Israel War) अब भीषण हो चुकी है। ईरान ने बीती रात इजरायल पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए। जवाब में इजरायल ने भी फाइटर जेड से ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य ठिकानों के साथ इंडस्ट्रियल एरिया पर हमले किए। इन हमलों से दोनों तरफ भारी तबाही हुई है। ईरान के हमलों पर इजरायल ने दावा किया है कि वह उसके रिहायशी इलाकों पर मिसाइले दाग रहा है। इन हमलों से नाराज इजरायल ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अब ये जंग (Iran–Israel War) और भीषण और लंबी होगी। ईरान बुरे से बुरे हालात के लिए तैयार रहे।  बता दें कि इजरायल-ईरान युद्ध (Israel–Iran War) नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह युद्ध जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है भीषण होता जा रहा है। ईरान पीछे हटने की जगह अपने बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल पर जबरदस्त हमला बोल रहा है। युद्ध लंबा खिंचता देख इजरायली सैन्य प्रमुख इयाल जमीर ने शुक्रवार को अपने नागरिकों से कहा कि, वो “लंबे संघर्ष” के लिए तैयार रहें। साथ ही ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को अपने एक-एक मिसाइल की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। क्योंकी हम ईरान पर और भी भीषण (Iran–Israel War) हमला करने जा रहे हैं।  इजरायल ने किया ईरान के एक और बड़े कमांडर को मारने का दाव  इजरायल ने दावा किया है कि उसके आईडीएफ ड्रोन (IDF Drone) हमले में एक ईरानी कमांडर मारा गया है। इजरायल ने बताया कि उसके ड्रोन ने ईरानी सैनिकों के एक ऐसे समूह पर हमला किया, जिसमें आईआरजीसी (IRGC) का कमांडर भी मौजूद था। यह कमांडर 15 मिसाइल लांचर का जिम्मेदार था। जब उ्रोन ने हमला किया, तब सैनिकों का यह समूह मिसाइल दागने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसके पहले सभी को मार दिया गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के बीरशेबा, तेल अवीव और यरूशलेम समेत कई दूसरे शहरों पर मिसाइलें दागी। इनमें से ज्यादातर मिसाइलों को इजरायल ने हवा में ही मार गिराया। हालांकि कुछ मिसाइलें इन शहरों में भी गिरी हैं, जिससे इजरायल को भारी नुकसान हुआ है।   इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! इजरायली हमले के बीच परमाणु मसले पर बात नहीं करेगा ईरान ईरान और इजरायल (Iran–Israel) के बीच चह रहे इस युद्ध को रोकने के लिए अब कूटनीतिक प्रयास शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्री से बात की। जिसके बाद ईरान ने बयान जारी कर कहा कि वह युद्ध पर बात कर सकता है, लेकिन इजरायली हमलों के बीच वह परमाणु मसले पर समझौता करने के लिए किसी भी देश से बातचीत नहीं करेगा। वहीं यूरोपीय देशों ने ईरान को अमेरिका से बातचीत करने को कहा है। यूरोपीय देशों ने ईरान और इजरायल से युद्ध को जल्द से जल्द रोकने की अपील की है।   ईरान को ट्रंप ने दिया दो सप्ताह का समय  ईरान और इजरायल (Iran–Israel) में संघर्ष विराम को लेकर व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान की मदद यूरोपीय देश नहीं कर सकते हैं। उन्हें अमेरिका से बात करनी होगी। वहीं ईरान पर हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि, ईरान पर हमले के बारे में उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। बातचीत के लिए ईरान के पास अभी दो सप्ताह का समय है। इसके बाद स्थितियों का आकलन करते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि युद्ध में उतरा जाए कि नहीं। अमेरिका का कहना है कि अभी ईरान के साथ वार्ता की संभावना तलाशा जा रहा है। ईरान के साथ अगर कोई समझौता होता है तो वह अमेरिका की शर्तों पर होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran–Israel #IranIsrael #IranIsraelwar

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Jagannath Rath Yatra 2025

जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: हवा को मात देती है मंदिर की पताका, हर दिन होता है चमत्कार

भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा हर वर्ष श्रद्धालुओं को न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है, बल्कि इसकी कई रहस्यमयी घटनाएं भी लोगों को चमत्कृत करती हैं। जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 की शुरुआत इस वर्ष 26 जून को हो रही है और लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath), बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को खींचने के लिए पुरी में उमड़ पड़े हैं। इस भव्य आयोजन के बीच एक रहस्य बार-बार चर्चा में आता है, जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर लहराने वाली पताका (ध्वज) हवा की उल्टी दिशा में लहराती है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की पताका सदैव हवा की विपरीत दिशा में लहराती है। यह रहस्यमयी घटना विज्ञान के लिए भी अब तक एक अबूझ पहेली बनी हुई है, जिससे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं आज भी लोगों की आस्था को और प्रगाढ़ करती हैं। यह नजारा हर किसी को चौंका देता है और विज्ञान भी आज तक इसका ठोस कारण स्पष्ट नहीं कर पाया है। हर दिन बदला जाता है मंदिर का ध्वज, हवा की विपरीत दिशा में लहराता है पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर फहराने वाला ध्वज अपने आप में एक रहस्य है। हैरानी की बात यह है कि यह ध्वज सदैव हवा की विपरीत दिशा में लहराता है, जो सामान्य विज्ञान के नियमों के बिल्कुल विरुद्ध प्रतीत होता है। यह ध्वज हर दिन बदला जाता है और यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। स्थानीय मान्यता है कि यदि किसी दिन यह ध्वज नहीं बदला गया या नहीं फहराया गया, तो मंदिर के पट 18 वर्षों तक बंद हो जाएंगे। इसी कारण इस परंपरा का पालन अत्यंत श्रद्धा और नियमों के साथ किया जाता है। मंदिर के शिखर पर स्थित एक अन्य रहस्यमयी तत्व है, सुदर्शन चक्र। यह चक्र ऐसा प्रतीत होता है कि आप मंदिर की किसी भी दिशा में खड़े हों, यह हमेशा आपकी ओर ही मुड़ा हुआ नजर आता है। इसे ‘नीलचक्र’ भी कहा जाता है, और यह दर्शाता है कि भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) की दृष्टि सदैव अपने भक्तों पर बनी रहती है। हनुमान से जुड़ी है ध्वज और वायु के रहस्य की पौराणिक कथा इन चमत्कारी रहस्यों के पीछे एक पुरानी पौराणिक कथा भी प्रचलित है, जिसका संबंध भगवान श्री हनुमान (Lord Hanuman) से जुड़ा हुआ है। कथा के अनुसार, एक समय भगवान विष्णु समुद्र की लहरों की आवाज़ के कारण विश्राम नहीं कर पा रहे थे। जैसे ही यह बात हनुमान जी को पता चली, उन्होंने समुद्र देव से विनती की कि वे अपनी तरंगों की ध्वनि को शांत करें, ताकि भगवान विष्णु विश्राम कर सकें। लेकिन समुद्र देव ने उत्तर दिया कि यह कार्य उनके बस की बात नहीं है, क्योंकि जहां तक वायु बहती है, वहां तक लहरों की गूंज भी जाती है। इसके बाद हनुमान जी (Lord Hanuman) पवन देव से मिलने गए और उनसे सहायता मांगी। पवन देव ने स्पष्ट कहा कि हवा की दिशा बदलना उनके वश में नहीं है, लेकिन एक उपाय सुझाया – उन्होंने हनुमान जी से कहा कि यदि तुम मंदिर के चारों ओर इतनी तीव्र गति से परिक्रमा करो कि एक स्थायी वायुवृत (Air Barrier) बन जाए, तो सामान्य वायु मंदिर के गर्भगृह तक नहीं पहुंच पाएगी। हनुमान जी (Lord Hanuman) ने ऐसा ही किया और उनकी तेज गति से बनी वायु की परत ने समुद्र की आवाज़ को मंदिर के भीतर पहुंचने से रोक दिया। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय उस दिन से मान्यता है कि मंदिर क्षेत्र में वायु के बहाव की दिशा सामान्य नहीं रही। यही कारण है कि मंदिर की पताका हर समय हवा की विपरीत दिशा में लहराती है, और सुदर्शन चक्र की दृष्टि हर दिशा में समान बनी रहती है। 1800 फीट की ऊंचाई पर फहराई जाती है ध्वज श्री जगन्नाथ मंदिर की ऊंचाई लगभग 214 फीट है, और यहां हर दिन एक सेवायत (पुजारी) बिना किसी आधुनिक उपकरण का उपयोग किए, मंदिर की चोटी पर चढ़कर ध्वजा को बदलता है। यह कार्य अत्यंत कठिन और जोखिमभरा होता है, फिर भी यह परंपरा सदियों से बिना रुके चल रही है। ऐसा माना जाता है कि यदि किसी दिन ध्वजा न बदली जाए तो उस दिन मंदिर के पट बंद हो जाते हैं और कोई पूजा नहीं होती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Lord Jagannath #JagannathRathYatra2025 #PuriRathYatra #JagannathTemple #DivineMiracle #IndianFestivals

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क्यों चढ़ाया जाता है शनिदेव को तेल? जानिए धार्मिक आस्था और विज्ञान से जुड़ा रहस्य

शनिवार के दिन तिल का तेल चढ़ाना क्यों है विशेष? जानिए शास्त्रों की मान्यता, पौराणिक कथाएं और वैज्ञानिक पहलू जो बताते हैं कि यह परंपरा सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण और ऊर्जा संतुलन का प्रतीक भी है। शनिवार के दिन देशभर में शनिदेव की पूजा विशेष श्रद्धा और भक्ति से की जाती है। विशेषकर शनि जयंती और शनिवार के दिन लोग शनि मंदिर जाकर उन्हें तिल का तेल चढ़ाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शनिदेव को तेल ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे केवल धार्मिक मान्यता ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और प्रतीकात्मक अर्थ भी छिपा हुआ है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि शनिदेव को तेल चढ़ाने की परंपरा कैसे शुरू हुई और इसका महत्व क्या है। शनिदेव को तेल चढ़ाने की पौराणिक कथा शनिदेव (Lord Shani) पर तेल चढ़ाने की परंपरा के पीछे दो प्रमुख पौराणिक कथाएं बताई जाती हैं। पहली कथा के अनुसार, रावण ने अपने घमंड में सभी नवग्रहों को कैद कर लिया था और शनिदेव को उल्टा लटका कर बंदीगृह में डाल दिया था। उसी समय जब हनुमानजी (Hanuman Ji) लंका पहुंचे, उन्होंने शनिदेव को इस स्थिति में देखा और उनके शरीर पर तेल मालिश की, जिससे शनिदेव को राहत मिली। प्रसन्न होकर शनिदेव ने वचन दिया कि जो भी भक्त उन्हें श्रद्धा से तेल चढ़ाएगा, वह सभी दुखों से मुक्त होगा। हनुमान और शनिदेव का युद्ध: तेल चढ़ाने की परंपरा का रहस्य एक और पौराणिक कथा के अनुसार, शनिदेव (Lord Shani) को अपने बल और पराक्रम पर गर्व हो गया था। उसी समय भगवान हनुमान की वीरता और भक्ति की ख्याति चारों दिशाओं में फैल रही थी। शनिदेव ने जब यह सुना, तो वे हनुमानजी की परीक्षा लेने और उनसे युद्ध करने के इरादे से निकल पड़े। जब वे भगवान हनुमान (Hanuman Ji) के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि हनुमान जी एक शांत स्थान पर श्रीराम के ध्यान में लीन थे। शनिदेव ने उन्हें युद्ध के लिए ललकारा। हनुमानजी ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन शनिदेव अड़े रहे और युद्ध की जिद पर कायम रहे। आखिरकार दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ, जिसमें शनिदेव बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें गंभीर पीड़ा होने लगी। हनुमानजी (Hanuman Ji) ने दया दिखाते हुए शनिदेव के शरीर पर तेल लगाया, जिससे उन्हें राहत मिली। इस अनुभव से शनिदेव इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने वचन दिया कि जो भी श्रद्धा और भक्ति से उन्हें तेल चढ़ाएगा, उसकी सभी पीड़ाएं दूर होंगी और मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। तभी से शनिदेव को तेल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई। इसे भी पढ़ें: शांत मुद्रा में शेषनाग पर क्यों विराजते हैं भगवान विष्णु? जानिए क्षीर सागर से जुड़े गहरे रहस्य शनिवार को सरसों का तेल चढ़ाने के फायदे शनिदेव (Lord Shani) को न्याय का देवता माना जाता है, जो प्रत्येक जीव के कर्मों का हिसाब रखते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति शनिवार के दिन श्रद्धा से शनिदेव की मूर्ति पर सरसों का तेल अर्पित करता है, उसे उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसा करने से न केवल आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है, बल्कि धन से जुड़ी परेशानियों में भी सुधार देखा जाता है। साथ ही जिन लोगों पर शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा होता है, उन्हें भी सरसों का तेल चढ़ाने से काफी हद तक राहत मिलती है और शनि की महादशा का प्रभाव कम होता है। जो भी जातक किसी भी तरह की शनि पीड़ा अथवा साढ़े साती से ग्रसित है वो यदि प्रत्येक शनिवार सुबह स्नान कर सच्ची श्रद्धा से शनिदेव की मूर्ति पर सरसों का तेल अर्पित करता है उसे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ध्यान रहे तेल सीधा मूर्ति पर नहीं उड़ेलना है। तेल को शनि देव के दाएं पैर की सबसे छोटी वाली ऊँगली पर उड़ेलना है। मान्यता है ऐसा करने से शनि देव जल्द प्रसन्न होते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Hanuman Ji #ShaniDev #OilOffering #SpiritualBelief #ScientificReason #HinduRituals #ShaniDosh #SaturdayWorship

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PM Modi Bihar Visit: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक बार फिर बिहार का दौरा (PM Modi Bihar Visit) किया और सीवान की धरती से कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए जनता को सतर्क रहने का संदेश दिया। यह दौरा चुनावी दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह छह महीने में पीएम मोदी का चौथा और बीते 20 दिनों में दूसरा बिहार दौरा है। संविधान और स्वतंत्रता संग्राम की भूमि को नमन सीवान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहार की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “यह धरती संविधान को ताकत देने वाली, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा देने वाली है। बिहार ने देश को नेतृत्व दिया है और आने वाले समय में भारत को तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका होगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बताया कि वह हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और समृद्ध देशों के नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि विदेशी नेता भारत की तेज प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका से प्रभावित हैं। ऐसे में बिहार (Bihar) को इस प्रगति का केंद्र बताया और राज्य की जनता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सतर्क रहें। विपक्ष पर हमला: जंगलराज और पलायन का जिक्र अपने संबोधन में पीएम मोदी (PM Modi) ने आरजेडी और कांग्रेस (RJD and Congress) पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “जंगलराज वाले फिर से मौके तलाश रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।” उन्होंने लालू यादव की पार्टी और उनके सहयोगियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि “पंजे और लालटेन वाले दलों ने बिहार की पहचान पलायन से जोड़ दी थी। उन्होंने बिहार के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई।” उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार (NDA Government) को जब बिहार की जनता ने मौका दिया, तब गरीबी हटाने का वास्तविक प्रयास दिखा और देशभर में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। पीएम ने बताया कि आज दुनिया भारत के इस प्रयास की तारीफ कर रही है। विकास की बौछार: 5736 करोड़ की योजनाएं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहारवासियों को 5736 करोड़ रुपये की 22 बड़ी विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें प्रमुख योजनाएं शामिल हैं: इन योजनाओं से न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और जीवनस्तर में भी सुधार होगा। इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री राजनीतिक हलचल: विपक्ष का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के इस दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “पीएम मोदी बिहार आएंगे (PM Modi Bihar Visit) और फिर से जंगलराज की स्क्रिप्ट पढ़ेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार पुराने मुद्दों को उछालती है और असल समस्याओं से ध्यान हटाती है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि विकासात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जनता के सामने एक बार फिर एनडीए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की झलक पेश की गई है। वहीं, विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने जनता से अपील की कि वे विकास के इस मार्ग को बनाए रखें और भूतकाल की राजनीति से सावधान रहें। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में इस दौरे की बड़ी भूमिका होगी। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi Bihar Visit #PMModiBiharVisit #PMModi #BiharElection #BiharAssemblyElection

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Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist: निकाह से मना करने के बाद पिता ने होने वाली बहु को ही बना लिया अपनी दुल्हन

टेक्नोलॉजी जितनी फायदेमंद है, उतनी ही नुकसानदायक। नुकसानदायक इसलिए कि इसका उपयोग कर लोग ऐसे-ऐसे काण्ड करने लगे हैं कि क्या कहने। यह कहना गलता नहीं होगा कि स्मार्ट फ़ोन के इस युग में सिर्फ मोबाइल ही स्मार्ट रह गया है, लोगों की बुद्धि को तो मानो कुंद सा लग गया है। यह इसलिए कि अधुनिकता के इस दौर में रिश्ते की गरिमा रह ही नहीं गई है। सास दामाद के साथ भाग जा रही है, तो बहु ससुर के साथ। ऐसा ही एक मामला है उत्तर प्रदेश के रामपुर का, जहाँ एक ससुर ने अपनी होने वाली बहु से ही निकाह कर (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) लिया। दरअसल, पहले उसने अपनी प्रेमिका को अपने ही नाबालिग बेटे की पत्नी बनाने की योजना बनाई ताकि अफेयर छुपा रहे और परिवार में किसी को इसकी भनक भी न लगे। सोचिए अपने नाजायज़ रिश्ते को छुपाने के लिए उसने अपने नाबालिग बेटे का निकाह अपनी प्रेमिका से तय कर दिया। परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।  जबरन रिश्ता तय कराने के बाद शकील होनेवाली बहू से मोबाइल पर रात दिन बतियाने (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) लगा जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित बांसनगली गांव के रहने वाले शकील ने अपने नाबालिग बेटे का रिश्ते 18 साल की एक लड़की से तय किया था। शकील की पत्नी अपने बेटे का रिश्ता उससे नहीं करना चाहती थी। पत्नी के लाख मना करने के बाद भी शकील नहीं माना। यहाँ तक कि अपनी बात मनवाने के लिए उसने बच्चों और पत्नी के साथ मारपीट भी की। न सिर्फ उनपर दबाव बनाया बल्कि लड़की के साथ रिश्ता भी तय कर दिया। फिर क्या था, अपने नाबालिग बेटे के साथ जबरन रिश्ता तय कराने के बाद शकील होनेवाली बहू से मोबाइल पर रात दिन बतियाने (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) लगा। शकील की इस हरकत का घरवालों ने विरोध किया। मगर उसने किसीकी एक न सुनी और विरोध करने पर परिवार वालों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। अक्सर घर वाले उसे अपनी हरकत सुधारने की दुहाई देता और वो अक्सर वो उनसे बेवजह मारपीट करता। इस बीच पिता की आशिकी पता चलने के बाद बेटे ने निकाह करने से साफ़ मना कर दिया।  दादा-दादी को सब पता (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) था- शकील का बेटा  हालांकि शकील की पत्नी को शक था कि उसकी होने वाली बहू से पति का अफेयर चल रहा है। उसने अपने रिश्तेदारों को भी ये बात बताई, लेकिन परिवार में किसी को इस बात पर यकीन नहीं हुआ। इस बीच बेटे के मना करने के बाद एक दिन शकील घर में रखे पैसे और सोने के गहने लेकर भाग गया। और अपनी होनेवाली बहू से शादी कर उसे अपनी दुल्हन बना लिया। शकील के बेटे के अनुसार उसके दादा-दादी को सब पता (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) था। लेकिन मना करने के बजाय उन्होंने इस पूरे कांड में उसका साथ दिया। यही नहीं, निकाह में भी पूरी मदद की। शकील की पत्नी के मुताबिक, जब बेटे ने निकाह के लिए मनाकर दिया और कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं उस लड़की के साथ रिश्ता नहीं करूंगा। तो ये बात सुनकर मेरा पति घर पर रखे पैसे और सोना लेकर भाग गया। लड़की को लेकर फरार हो गया। हम ये गेम नहीं समझे। ये बोलते रहे कि हमने ये लड़की गोद ली है। बाद में निकाह कर लिया।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक आस-पड़ोस के लोगों को इनकी कहानी पता (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) है- शकील की पत्नी  शकील की पत्नी के मुताबिक यह किस्सा आज का नहीं है। पिछले तीन साल से ये चल रहा है। उस लड़की के लिए मुझे मारा करते थे। ये दो बार पकड़े गए थे। हमने इनको मना किया, लेकिन ये नहीं माने। पकड़े जाने के बाद इन्होंने कहा कि बेटे का निकाह उससे करना है। हम लोग नहीं माने। इन्होंने हमारे साथ मारपीट की और रिश्ते के लिए जबरन हम सबको राजी करवा लिया। मेरा बेटा 15 साल का है। आस-पड़ोस के लोगों को इनकी कहानी पता (Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist) है। रिश्ते होने के बाद भी ये नहीं माने। बहू से कोई भी ससुर इतनी बात नहीं करता है? ये पूरा दिन उसके साथ वीडियो कॉल करते थे। पहले मेरी बात किसी न नहीं मानी। मैंने और बेटे ने इनके खिलाफ सबूत जमा किए। अपनी पोल खुलते देख ये भाग गए।  Latest News in Hindi Today Hindi Father Marries Son’s Fiancée in Shocking Family Twist #FatherMarriesFiancee #FamilyTwist #ViralNews #WeddingScandal #IndianDrama

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International Yoga Day 2025

PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी यहाँ करेंगे योग, ऐसे बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड

21 जून को दुनिया भर में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कहा जा रहा है कि इस मौके पर तकरीबन तीन लाख से अधिक लोग एक साथ योग कर (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) सकेंगे। जानकारी के मुताबिक यह आयोजन शहर के आर के बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर लंबे गलियारे में कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा। दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार का लक्ष्य 21 जून को न सिर्फ विशाखापत्तनम बल्कि पूरे राज्य में एक साथ कई गतिविधियों का आयोजन कर, कई लाख लोगों को योगाभ्यास में शामिल कर रिकॉर्ड बनाने का है।  बता दें कि दुनिया भर के कई देशों द्वारा मनाए जाने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग रखी गई है। 25,000 से अधिक आदिवासी छात्र 108 मिनट तक (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) करेंगे सूर्य नमस्कार इस भव्य आयोजन से उत्साहित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा, यह कार्यक्रम सुबह साढ़े छह बजे से आठ बजे तक चलेगा। इस कार्यक्रम को इस तरह से आयोजित किया जाएगा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित कई रिकॉर्ड स्थापित (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) हों। मुख्यमंत्री नायडू ने यह भी कहा कि 25,000 से अधिक आदिवासी छात्र 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार करेंगे। इसका उद्देश्य सबसे बड़े समूह और सबसे अधिक लोगों द्वारा एक साथ सूर्य नमस्कार करने का रिकॉर्ड बनाना है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरकार का लक्ष्य राज्य भर में एक लाख से अधिक केंद्रों में योग सत्र आयोजित करना और विशाखापत्तनम में योग गतिविधियों में भाग लेने के लिए पांच लाख लोगों को इसके लिए आकर्षित करना है।  2.39 करोड़ लोगों ने (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) करवाया है रजिस्ट्रेशन  विशाखापत्तनम में आर के बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर के क्षेत्र में व्यापक व्यवस्था किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान एक साथ 3.19 लाख लोग योग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य, देश और दुनिया भर के आठ लाख स्थानों से प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग दिवस की गतिविधियों में भागीदारी के लिए तकरीबन 2.39 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) करवाया है। इस महा आयोजन के सुचारू संचालन हेतु 1,000 लोगों की क्षमता वाले 326 कम्पार्टमेंट तैयार किए गए हैं। 3.32 लाख टी-शर्ट और योग के लिए पांच लाख चटाइयों की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने 21 जून को योग गतिविधियों के लिए राज्य भर में 1.3 लाख से अधिक स्थानों की पहचान की है और उन्हें पंजीकृत किया है। विशाखापत्तनम में 30,000 लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।  इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री सुरक्षा के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मी किए (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) गए हैं तैनात  बेशक जब इतनी बड़ी तादात में लोग इकट्ठा होंगे तो सुरक्षा भी चाकचौबंद होगी। कार्यक्रम के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने पहले कहा, 1,200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन 26 किलोमीटर के उस हिस्से पर नजर रखेंगे जहां हजारों लोग योग करेंगे। सुरक्षा के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) गए हैं। यही नहीं इस आयोजन के दौरान समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च प्रौद्योगिकी से लैस एक पुलिस नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। कहने की जरूरत नहीं, इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। डीजीपी गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और अन्य प्रमुख मंत्रियों के शामिल होने के कारण हर स्तर पर मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record #InternationalYogaDay2025 #PMModiYoga #WorldRecordYoga #YogaInSrinagar #YogaWithModi #GlobalYogaMovement #YogaDayCelebration

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