FASTag Annual Pass

FASTag Annual Pass: जानिए फास्टैग एनुअल पास के क्या हैं फायदे?

देश में हाईवे यात्रा को सस्ती और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister for Road Transport and Highways, Nitin Gadkari) ने ऐलान किया है कि अब कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए एक खास फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) उपलब्ध कराया जाएगा। इस पास की कीमत 3000 रुपये होगी और यह सालभर के लिए वैध होगा, जिससे वाहन मालिक 7000 रुपये से भी अधिक की बचत कर सकेंगे। क्या है फास्टैग एनुअल पास? इस योजना के तहत वाहन चालक एक निर्धारित शुल्क चुकाकर एक वर्ष या 200 टोल ट्रिप तक की यात्रा कर सकते हैं। यह पास 15 अगस्त 2025 से लागू होगा और सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highway) पर ही मान्य होगा। यानी यदि आप रोज़ाना हाईवे से आते-जाते हैं तो यह योजना आपके लिए बहुत ही उपयोगी है। सफर बनेगा सरल और किफायती नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बताया कि यह सुविधा लोगों की जेब पर बोझ कम डालेगी और टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ व समय की बर्बादी को भी रोकेगी। फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) की मदद से टोल पर तेज और झंझट-मुक्त लेन-देन संभव होगा। कैसे होगी बचत? मान लीजिए किसी टोल पर शुल्क 50 रुपये है और आप सालभर में 200 बार वहां से गुजरते हैं, तो कुल खर्च 10,000 रुपये तक पहुंच सकता है। लेकिन यदि आपके पास यह एनुअल पास है तो आप सिर्फ 3000 रुपये में वही 200 ट्रिप कर सकते हैं। यानी लगभग 7000 रुपये की सीधी बचत। पास कहां से मिलेगा? सरकार जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप (Highway Travel App), एनएचएआई (NHAI) की वेबसाइट और मंत्रालय की आधिकारिक साइट पर इस पास को खरीदने की सुविधा शुरू करेगी। जो लोग पहले से फास्टैग (Fastag) का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें नया टैग लेने की जरूरत नहीं होगी। वे अपना मौजूदा टैग ही उपयोग में ला सकते हैं, यदि वह सभी मानदंडों को पूरा करता हो। यह पास जरूरी है या विकल्प? सरकार ने साफ किया है कि यह पास पूरी तरह से वैकल्पिक है। यदि कोई व्यक्ति नियमित फास्टैग भुगतान ही करना चाहता है, तो वह पहले की तरह टोल शुल्क अदा कर सकते हैं। यह सुविधा केवल उन लोगों के लिए है जो लंबी दूरी या बार-बार यात्रा करते हैं और पैसे की बचत करना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? वैधता समाप्त होने पर क्या? अगर किसी ने 200 ट्रिप पूरे कर लिए हैं, लेकिन वर्ष समाप्त नहीं हुआ है, तो वे चाहें तो दूसरा एनुअल पास खरीद सकते हैं। इस तरह साल में ज़्यादा ट्रिप करने वालों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा। FASTag एनुअल पास (FASTag Annual Pass) योजना सरकार की एक आधुनिक और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में टोल भुगतान को आसान, तेज़ और किफायती बनाना है। इस योजना के तहत नॉन-कमर्शियल वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए केवल 3000 रुपये में सालभर या 200 ट्रिप (जो पहले पूरी हो) के लिए एक एनुअल पास उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यात्रियों को हर बार टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। यह पास 15 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा और सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर मान्य होगा। इसके जरिए एक औसतन 50-100 रुपये की टोल यात्रा महज 15 रुपये में पूरी की जा सकेगी, जिससे सालाना लगभग 7000 रुपये तक की बचत संभव है। यह पहल खासतौर पर मेट्रो शहरों और टोल ज़ोन से गुज़रने वाले डेली कम्यूटर्स के लिए फायदेमंद साबित होगी। यह योजना डिजिटल इंडिया अभियान (Digital India Campaign) के तहत टोल सिस्टम (Toll System) को अधिक पारदर्शी, स्मार्ट और विवादरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की सड़क यात्रा प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi Highway Travel App FASTag Annual Pass #FASTagAnnualPass #FASTagBenefits #TollSavings #NHAIFASTag #HighwayTravel #DigitalIndia

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PM Modi Canada Visit,

क्या लैपटॉप गोद में रखकर काम करना महिलाओं की फर्टिलिटी के लिए हो सकता है खतरनाक?

बदलते समय के साथ कई चीजों में बदलाव आ चुका है। अब लोग 9 से 5 बजे तक काम नहीं करते हैं बल्कि अब फ्लेक्सिबल आर्स में आराम से घर बैठ कर काम किया जाता है। आज लाखों लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। जहां घर से काम करने के कई फायदे हैं वहीं इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। लगातार लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठ कर काम करना आसान नहीं होता और सेहत के लिए भी हानिकारक है। कई बार ऐसा भी होता है कि हम लैपटॉप को गोद में रखकर काम करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि लैपटॉप और फर्टिलिटी (Fertility) के बीच में संबंध है? ऐसा पाया गया है कि गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) पर असर हो सकता है। आइए जानें लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बारे में विस्तार से। लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बारे में जानें पुरुष जो लैपटॉप को अपनी गोद में रख कर काम करते हैं, उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। क्योंकि ऐसा पाया गया है कि इससे पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे उनके स्पर्म की क्वालिटी पर असर होता है। लेकिन, स्टडी के अनुसार इससे लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बीच में भी संबंध है। इससे उनकी एग की गुणवत्ता भी खराब हो सकती हैं। यानी लैपटॉप से महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) प्रभावित होती है और यह इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। यही नहीं, लम्बे समय तक लॅपटॉप को गोद में रख कर काम करने से एग रिलीज में भी समस्या हो सकती है। जिससे महिलाओं को कंसीव करने में मुश्किल हो सकता है। दरअसल लैपटॉप से हीट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन जनरेट होती हैं, जिससे हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे पीरियड्स में भी समस्या आ सकती है।  इसका अर्थ यह यह है कि लैपटॉप का अधिक समय तक गोद में रख कर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप उचित दूरी पर इसे रख कर इसका प्रयोग करें और इसका प्रयोग सही तरीके से करें। महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) पर इसके प्रभाव के अलावा भी लैपटॉप के इस्तेमाल के कई अन्य नुकसान भी हो सकते हैं। जानिए इनके बारे में। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक लैपटॉप के इस्तेमाल के कई अन्य नुकसान यह नहीं हो सकता कि हम लैपटॉप का कम या बिलकुल भी इस्तेमाल न करें। अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो आपको यह सलाह दी जाती है कि गोद में लैपटॉप को रख कर इसके इस्तेमाल से बचें। इसके अन्य नुकसान इस प्रकार हैं: लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s Fertility) के संबंध के बारे में तो आप जान ही गए होंगे। इसलिए गोद की जगह टेबल या किसी स्टैंड का इस्तेमाल करें। आपकी आंखों और शरीर से यह उचित दूरी पर होना चाहिए। इसके अलावा कूलिंग पैड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ताकि लैपटॉप से निकलने वाली हीट और रेडिएशन्स से बचने में मदद मिल सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Fertility #FemaleFertility #LaptopUse #ReproductiveHealth #RadiationRisks #WomenHealthTips

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Khalistan Supporters in Canada

‘भारत विरोधी खालिस्तानियों को हम पनाह देते हैं’; पीएम मोदी के दौरे के बाद कनाडा ने मानी अपनी गलती 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के बाद कनाडा ने पहली बार स्वीकार किया है कि खालिस्तानी चरमपंथी उसके जमीन का इस्तेमाल भारत में हिंसा-आतंकवाद फैलाने के लिए कर रहे हैं। कनाडा की खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में बताया गया है कि खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) कनाडा का इस्तेमाल भारत में हिंसा फैलाने, धन जुटाने और अलगावाद को बढ़ावा देने का प्लान बनाने के रूप में कर रहे हैं। सीएसआईएस (CSIS) ने अपनी यह वार्षिक रिपोर्ट बुधवार को जारी की। इसमें कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रमुख खतरों और चिंताओं के बारे में बताया गया है।  खालिस्तानी आतंकवादियों का पनहगाह बन चुका है कनाडा  सीएसआईएस ने अपने इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि, ‘खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) कनाडा में मौजूद हैं और ये यहां के जमीन का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, गैर कानूनी गतिविधियों के लिए धन जुटाने या अलगावाद को योजना बनाने के लिए लंबे समय से कर रहे हैं। सीएसआईएस की रिपोर्ट पुष्टि करती है कि कनाडा अब भारत विरोधी तत्वों के लिए एक सुरक्षित देश बन चुका है। इस रिपोर्ट ने भारत द्वारा सालों से उठाई जा रही चिंताएं पुष्ट की है। भारत दशकों से कनाडा को चेतावनी देता रहा है कि उसका देश खालिस्तानी आतंकवादियों  का पनहगाह बन चुका है, लेकिन कनाडा इस सच्चाई को स्वीकार्य करने को तैयार नहीं था। हालांकि अब उसकी खुद की खुफिया एजेंसी द्वारा यह खुलासा होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि कनाडा सरकार जल्द ही भारत विरोधी इन तत्वों पर कार्रवाई शुरू करेगा।  खालिस्तानी चरमपंथ को रोकने के लिए भारत कर रहा कनाडा में कार्रवाई  सीएसआईएस के रिपोर्ट में कहा गया है कि 1980 के दशक के मध्य से ही कनाडा में भारत विरोधी कुछ छोटे संगठन मौजूद हैं। जिन्हें खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) माना जाता है, क्योंकि ये कनाडा का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। कनाडा से उभरने वाला ये खालिस्तानी चरमपंथ कनाडा में भारतीय विदेशी हस्तक्षेप गतिविधियों को बढ़ावा देने का कारण है। इनको रोकने के लिए ही भारत हमारी धरती पर गैर अधिकृति कार्रवाई कर रहा है।   कनाडा ने खालिस्तानियों के लिए पहली बार किया उग्रवाद शब्द का इस्तेमाल सीएसआईएस के इस रिपोर्ट की सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि कनाडा ने पहली बार खालिस्तानियों के लिए आधिकारिक तौर पर ‘उग्रवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया है। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे पहले कनाडा की सरकार इन खालिस्तानियों (Khalistani Extremists) को हल्के में लेती थीं और इनके कार्रवाई को ‘सामुदायिक गतिविधियों’ की तरह देखती थी। लेकिन सीएसआईएस ने जिस तरह से अब इन्हें उग्रवादी कहकर संबोधित किया उससे यही लगता है कि, खालिस्तानी उग्रवादी अब न केवल भारत के लिए खतरा हैं, बल्कि कनाडा के लिए भी खतरा बन चुके हैं। इसीलिए सीएसआईएस ने खालिस्तान पर चिंता व्यक्ति करते हुए इन पर कार्रवाई की मांग की है।   इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! ट्रूडो सरकार में बेहद खराब स्तर पर पहुंच गए थे दोनों देशों के रिश्ते  बता दें कि कनाडा में जब पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) की सरकार थी, तब दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। साल 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पीएम ट्रूडो इसका आरोप भारत पर लगाया था और दावा किया था कि उनके पास इस हत्याकांड में भारत की संलिप्तता के सबूत हैं। भारत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे “बेतुका” और “बेबुनियाद” बताया था। साथ ही कनाडा पर भारत विरोधी तत्वों को पनाह देने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद भारत ने कनाडा के छह राजनायिकों को देश से निकालने के साथ अपने राजनायिकों को भी वापस बुला लिया था। लेकिन कनाडा में सत्ता परिवर्तन होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार होता नजर आ रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने हाल ही में संपन्न जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) को भी आमंत्रित किया था। इस दौरान दोनों देशों ने फिर से राजनायिक रिश्ते को पहले की तरह बहाल करने पर सहमति जताई।  Latest News in Hindi Today Hindi news Khalistani Extremists #PMModiVisit #CanadaKhalistanRow #IndiaCanadaTensions #ModiTrudeau #CanadaAdmitsMistake

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Donald Trump General Munir meeting

ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पाकिस्तान के सेना प्रमुख व फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) के बीच व्हाइट हाउस में बुधवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में लंच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel War) और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की क्षेत्रीय समझ की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। हमें उनकी कूटनीतिक शक्ति और अनुभव का लाभ लेना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।” डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान की उस भूमिका को भी महत्व देते हैं जो उसने हाल ही में भारत-पाक सीमा पर तनाव कम करने में निभाई है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश का असर? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बैठक के बाद प्रत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह बैठक जनरल मुनीर (Asim Munir) द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश किए जाने के बाद आयोजित की गई थी। अन्ना केली ने कहा, “फील्ड मार्शल मुनीर ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने इस सम्मान के लिए आसिम मुनीर (Asim Munir) का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर की उस भूमिका की सराहना की जिससे भारत-पाक तनाव के बीच सैन्य संघर्ष टल सका। उन्होंने इसे एक “साहसिक और जिम्मेदार” कदम बताया। दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में केवल कूटनीतिक मसलों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान और भारत के साथ त्रिपक्षीय व्यापारिक बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की आर्थिक चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं। व्यापारिक मोर्चे पर शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है, और हम आगे बढ़ने को तैयार हैं।” हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या स्पष्ट ढांचे पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर दिए कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन ट्रंप के झूठे दावों को नाकार चुका भारत  बता दें कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला किया था, जवाब में पाकिस्तान (Asim Munir) ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जिससे सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई थी। भारते ने जब पाकिस्तान के एयर बेस पर हमला किया तो उसने संघर्ष रोककर बातचीत की अपील की। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी पहल पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूका, लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इंकार कर दिया। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के अपील पर रोका गया। हालांकि, इस संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तान की लीडरशीप ट्रंप की चापलूसी करने में जुटी है। इसी के तहत मुनीर ने ट्रंप को शांति दूत बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी। पाकिस्तान के इस अपील से गदगद हुए ट्रंप ने मुनीर को मिलने के लिए व्हाइट हाउस बुला लिया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Asim Munir #Trump #Pakistan #IranIsraelConflict #GeneralMunir #MiddleEastPeace #USForeignPolicy

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India Iran evacuation

India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu:ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को निकालना शुरू किया, वापस लौटे लोगों ने बयां किए ईरान के हालात

गुजरते वक़्त के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच हालात खराब होते जा रहे हैं। रोज दोनों देश एक दूसरे पर मिसाइल अटैक कर रहे हैं। युद्ध जैसे हालात के इस बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन सिंधु के तहत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) है। इस कड़ी में भारत सरकार की तरफ से 110 भारतीय छात्रों को ईरान से निकालकर पहले आर्मेनिया पहुंचाया गया फिर वहां से गुरुवार की सुबह ये छात्र दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे। दिल्ली पहुंचने के बाद सभी छात्र काफी खुश नजर आये। ईरान से आए अधिकतर छात्रों ने बताया की ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बहुत नाजुक हैं। हमारे हॉस्टल के ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं। हम मिसाइल देखकर डर जाते थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने उत्तरी ईरान से 110 भारतीय छात्रों को निकाला है। देश के कई राज्यों के छात्रों को ईरान से दिल्ली लाया गया है। अब वो यहां से अपने-अपने राज्य के लिए जा रहे हैं।  भारत सरकार ने सब कुछ अच्छी तरह से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) किया प्रबंधित  ईरान से निकाले गए एक छात्र ने बताया कि वहां की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। तेहरान में तो स्थिति बेहद ही खराब है। वहां से सभी भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। सभी छात्रों को निकाला जा रहा है और सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि पहले हमें हमारी यूनिवर्सिटी से निकाला गया और आर्मेनिया ले जाया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) गया। जिसके बाद हमें कतर ले जाया गया। इस तरह हम कतर से भारत पहुंचे हैं। छात्र के अलावा ईरान से वापस आए छात्रों के माता-पिता का खुशी का ठिकाना नहीं हैं। ईरान से वापस आई एक छात्रा की मां कहती हैं कि मुझे बहुत खुशी है कि मेरी बेटी घर लौट आई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि सभी के बच्चे अपने घर वापस लौट आएं। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि भारत सरकार ने सब कुछ इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है कि हमारे बच्चों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई।  भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं यही नहीं एक अन्य छात्र के पिता ने बताया कि मेरा बेटा भारत से भेजे गए विशेष विमान से अर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर वापस आ रहा है। कहने की जरूरत नहीं भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि तेहरान में फंसे छात्रों की भी मदद करे। उन्होंने कहा कि तेहरान सहित देश के अंदरूनी इलाकों में फंसे लोग अभी तक बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरा बेटा जल्द ही यहां पहुँचने वाला है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हुए नाराज  एक तरफ जहाँ ईरान से लौटे छात्र भारत सरकार की तारीफ करते नहीं तक रहे हैं तो वहीं कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से नाराज (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। छात्रों का कहना है कि भारत सरकार ने हमारी पूरी मदद की, हर सहूलियत दी, लेकिन जम्मू कश्मीर सरकार ने हमसे कहा था कि दिल्ली से कश्मीर तक का वो इंतजाम करेंगे। लेकिन आप देख सकते हैं किस तरह की बस जम्मू सरकार ने हमारे लिए दी है। जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से उपलब्ध करवाए गए बस से कश्मीर के छात्र नाराज हैं। उनका कहना है कि वो इतनी लंबी यात्रा कर के आए हैं और अब फिर 20 घंटे की यात्रा कर पाना वो भी इस बस हमारे लिए बेहद मुश्किल होने वाला है। छात्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिल्ली से कश्मीर तक की यात्रा के लिए बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर दी गई बसें न केवल पुरानी हैं, बल्कि लंबी यात्रा के लिए असुविधाजनक भी हैं।  कहने की जरूरत नहीं, इस स्थिति ने न सिर्फ छात्रों, बल्कि विदेश मंत्रालय को भी निराश किया है। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा किया गया यह इंतजाम अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu #OperationSindhu #IndiaIran #EvacuationMission #IndianCitizensRescued #MEAIndia #IranCrisis2025 #GlobalNews

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improve concentration in kids

Yoga for Kids: बच्चों के लिए योग: बढ़ाएं एकाग्रता और इम्यूनिटी

आज के डिजिटल युग में बच्चे तेजी से टेक्नोलॉजी से जुड़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही वे तनाव, ध्यान की कमी और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे में योग एक ऐसा प्राचीन उपाय है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है। योग केवल वयस्कों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए भी बेहद लाभकारी (Yoga for Kids)  माना गया है। यह उनके शरीर को मजबूत करता है, मन को शांत रखता है और एकाग्रता के साथ-साथ उनकी इम्यूनिटी (Immunity) को भी बेहतर बनाता है। Yoga for Kids: बच्चों के लिए योग के फायदे  बच्चों में योग (Yoga for Kids) का महत्व बच्चे स्वभाव से ही चंचल और ऊर्जा से भरपूर होते हैं। अगर इस ऊर्जा को सही दिशा दी जाए, तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद सशक्त बन सकते हैं। योग बच्चों को संतुलन, धैर्य, अनुशासन और आत्म-नियंत्रण सिखाता है, जो उनकी पढ़ाई और सामाजिक जीवन में भी मदद करता है। एकाग्रता बढ़ाने में योग की भूमिका आजकल बच्चों का ध्यान बहुत जल्दी भटकता है, खासकर मोबाइल, टीवी और गेम्स की वजह से। योग बच्चों की मानसिक स्थिरता बढ़ाकर उन्हें वर्तमान में जीने की कला सिखाता है। AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) द्वारा की गई एक स्टडी में यह पाया गया कि 6 से 12 साल के बच्चों ने जब लगातार 3 महीने तक रोज़ 20 मिनट योग किया, तो उनकी एकाग्रता में 30% तक सुधार देखा गया। साथ ही उनके व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आए। बच्चों में योग (Yoga for Kids): योगासन जो एकाग्रता बढ़ाते हैं-  इम्यूनिटी मजबूत करने में योग बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत हो, तो वे बार-बार बीमार नहीं पड़ते। योग सांस प्रणाली, पाचन और रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है। National Institute of Health (NIH) द्वारा प्रकाशित शोध के अनुसार, प्राणायाम और ध्यान करने से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) का स्तर कम करता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक सक्रिय होती है। योगासन जो इम्यूनिटी बढ़ाते हैं: बच्चों के लिए योग (Yoga for kids) अभ्यास कैसे शुरू करें? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बच्चों के लिए योग के अन्य लाभ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए योग एक प्राकृतिक, सरल और प्रभावशाली उपाय है। यह न केवल उन्हें बीमारियों से बचाता है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। आज जब तनाव और असंतुलन बचपन में ही दस्तक देने लगे हैं, तो योग बच्चों के जीवन में स्थिरता और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने का माध्यम बन सकता है। नोट: यह ध्यान रखें कि बच्चों को अगर कोई शारीरिक या मानसिक समस्या है तो ऐसे में एकबार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Cobra Pose #YogaForKids #ChildWellness #KidsYoga #ImmunityBoost #FocusWithYoga #HealthyKids #YogaBenefits #MindfulChildren

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Groom killed before wedding

Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding: यूपी के रामपुर में शादी से पहले ही दुल्हन ने अपने आशिक से कराया दूल्हे का कत्ल

मोबाइल के इस युग में पता नहीं क्या हो गया है, जहाँ देखों वहां पति पत्नी को मौत के घाट उतार रहे हैं तो कहीं पत्नी पति को। मारने का चक्कर सिर्फ प्रेमी और प्रेमिका का होना है। अभी इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश के रामपुर से कुछ इसी तरह के मिलते-जुलते मामले ने लोगों को सकते में डाल दिया। रामपुर में शादी से एक दिन पहले बाइक सवार दो युवक दुल्हन का चचेरा भाई बताकर दूल्हे के घर पहुंचे और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर शव अजीमनगर क्षेत्र के रतनपुरा शुमाली गांव के जंगल में फेंक (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दिया। दरअसल, रामपुर स्थित भोट क्षेत्र के धनुपुरा गांव की रहने वाली गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम के साथ मिलकर शादी से एक दिन पहले अपने 25 वर्षीय मंगेतर निहाल को मौत के घाट उतार दिया। फ़िलहाल, पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी गुलफशां के प्रेमी व फरमान नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।  रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख हुई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) थी तय  जानकारी के मुताबिक रामपुर के मोहल्ला गूजर टोला स्थित फकीरों वाला फाटक निवासी निहाल का शव अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव रतनपुरा के जंगल में मिला था। शव मिलने के बाद निहाल के परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई नायाब ने निहाल की होने वाली पत्नी गुलफशां को इस हत्याकांड का आरोपी बताया था। नायाब ने बताया कि उसका भाई खाना बनाने का काम करता (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) था। उसका निकाह भोट थाना क्षेत्र के धनुपुरा गांव निवासी गुलफशां से तय हुआ था। यह रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख तय हुई थी।  निहाल के गायब होने के कारण भी नहीं जा (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) सकी बारात  इस पूरे मामले पर नायाब ने कहा कि बारात की तैयारियां चल रही थीं। शादी की रस्में शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच 14 जून को एक युवक ने खुद को गुलफशां का भाई बताते हुए निहाल को फोन किया। और निहाल से कपड़ों का नाप लेने की बात कही। इसके बाद निहाल उन युवकों की बाइक पर बैठकर चला गया। और फिर वापस नहीं लौटा। इस बीच काफी देर बाद जब निहाल वापस नहीं लौटा, तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू कर दी। काफी छानबीन करने के बाद जब कहीं कोई खबर नहीं मिली तो परिवार वालों ने इसकी सूचना परिवार वालों को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दी। जाहिर सी बात है निहाल के गायब होने के कारण बारात भी नहीं जा सकी। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) कर लिया है गिरफ्तार  सूचना पाकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। इस बीच निहाल का शव रात में अजीमनगर इलाके के जंगल में मिला। नायाब का कहना है कि गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम और उसके दोस्तों के साथ मिलकर हत्या करवाई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) है। नायाब ने आरोप लगाया कि गुलफशां और सद्दाम के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे। नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन गुलफशां और अनीस को अभी तक नहीं पकड़ा गया है। परिजनों ने गुलफशां को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  Latest News in Hindi Today Hindi  #RampurMurder #BrideLoverPlot #WeddingCrime #UPNews #TrueCrimeIndia

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Axiom Mission 4

अब 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4: ISRO

भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसमें भारत के शुभांशु शुक्ला का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। साल 1984 में राकेश शर्मा के बाद शुभांशु दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। शुभांशु शुक्ला को Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इन तीनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार मानव अंतरिक्ष यात्रा में भाग लेंगे। यह मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4   ISRO ने एक्स पर यह जानकारी दी है कि अब 22 जून को Axiom Mission 4  लॉन्च होगा। इस 14 दिवसीय मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला न केवल अंतरिक्ष में रिसर्च करेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी प्रदर्शन करेंगे। वह भारतीय छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे, जिससे न केवल बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी बल्कि युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। यह प्रयास शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर दर्शाएगा। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से संभव हो रही है। ISRO ने हमेशा से नई तकनीक और स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक के विकास को प्राथमिकता दी है। इस मिशन में ISRO द्वारा तैयार किए गए विशेष वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरिक्ष में अंजाम दिया जाएगा, जिनके परिणाम आने वाले समय में विज्ञान, औषधि और पर्यावरण के क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। शुभांशु का चयन एक कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ है, जिसमें शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और वैज्ञानिक समझ को परखा गया। भारत अब अंतरिक्ष विज्ञान में न केवल तकनीक और प्रक्षेपण के क्षेत्र में बल्कि मानव संसाधन के स्तर पर भी अग्रणी बनता जा रहा है। Axiom Mission 4  को @Axiom_Space द्वारा @NASA और @SpaceX के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस तरह भारत अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ साझेदारी में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहा है। इससे भारत को वैश्विक मंच पर वैज्ञानिक शक्ति के रूप में मान्यता मिल रही है। इस मिशन का सबसे विशेष पक्ष यह है कि यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक बन रहा है। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में भारत की संस्कृति, परंपरा और शांति के संदेश को लेकर जाएंगे, जिससे विश्व समुदाय में भारत की सॉफ्ट पावर को भी बल मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन युवाओं के रोलमॉडल हैं “शुभांशु शुक्ला” इनसबके अलावा शुभांशु शुक्ला के साथ जुड़ी यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जब भारतीय बच्चे यह देखेंगे कि उनका प्रतिनिधि अंतरिक्ष में जाकर न केवल वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं, बल्कि देश की पहचान भी मजबूत कर रहे हैं, जिससे वे भी विज्ञान, तकनीक और नई-नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। भारत के लिए यह अवसर केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है, बल्कि यह देश की वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक कूटनीति और युवाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। यह मिशन दर्शाता है कि भारत अब केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग और मानवता के हित में भी अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग कर रहा है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया मोड़ लाने जा रही है। यह मिशन न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह देश के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देगा। यह ऐतिहासिक क्षण भारत को एक बार फिर गर्व से भर देगा, और अंतरिक्ष में भारत की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Axiom Mission 4  #AxiomMission4 #ISRO #ShubhanshuShukla #SpaceX #ISS #Falcon9 #SpaceExploration

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Congress demands explanation

Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump: मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस, कहा- पीएम बताएं कि ट्रंप से क्या हुई बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी और सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन देशों की यात्रा से लौटने के बाद तुरंत सर्वदलीय बैठक की बुलानी चाहिए। ताकि नेताओं को बताया जा सके कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत में क्या (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहा? पीटीआई से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में ट्रंप के उन दावों का खंडन करना चाहिए, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने का दावा किया है। ध्यान देने वाली बात यह कि रमेश की यह टिप्पणी मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के बाद आई है, जिसमें पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर हमले इस्लामाबाद के अनुरोध पर रोके थे, न कि अमेरिका की मध्यस्थता या व्यापार समझौते की पेशकश के कारण। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुनीर का विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जाना बहुत बड़ा (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) झटका है  खैर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के के मुताबिक, मंगलवार को ट्रंप के साथ 35 मिनट की फोन कॉल में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी और यह साफ किया कि भारत ने कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है और भविष्य में भी इसे स्वीकार नहीं करेगा। इस बीच ट्रंप के जनरल मुनीर के साथ लंच करने की खबरों पर जयराम रमेश ने कहा, यह भारतीय कूटनीति के लिए तिहरा झटका है। आज फील्ड मार्शल मुनीर, जिनके भड़काऊ, भड़काऊ और अस्वीकार्य बयानों ने पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि बनाई, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच करने वाले (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) हैं। ऐसा सैन्यकर्मी जो सरकार का मुखिया नहीं है, उसे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह बहुत बड़ा झटका है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) चाहिए सरकार को घेरते हुए जयराम रमेश ने आगे कहा कि तीसरा झटका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 14 बार ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लेना था। मोदी-ट्रंप की टेलीफोन पर बातचीत पर रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में व्यापार पर चर्चा नहीं हुई और मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। रमेश ने आगे कहा, वह सर्वदलीय बैठक में यह बात क्यों नहीं (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहते? इसलिए हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी चाहिए। खैर, कांग्रेस पार्टी ने उन रिपोर्ट्स को भी बड़ा झटका बताया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ट्रंप के साथ दोपहर का भोजन करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पर भारत की नाराजगी के बारे में बताना चाहिए था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान की बराबरी करते हुए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने यह बात 14 बार कही और प्रधानमंत्री ने 10 मई के बाद से कुछ नहीं कहा। इसलिए यह तिहरा झटका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump #Modi #Trump #Congress #IndiaUSRelations #PoliticalNews #BreakingNews #PMModi

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Raja murder mystery,

Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death: क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम

मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आये दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब क्राइम सीन रीक्रिएशन ने हत्या की खौफनाक सच्चाई से पर्दा हटा दिया है। इस हत्याकांड को ऑपरेशन हनीमून नाम से जांच कर रही मेघालय पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी ही इस हत्या की मुख्य साजिशकर्ता थी। उसने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर, क्रमश: आनंद कुर्मी, विशाल सिंह चौहान,और आकाश राजपूत के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। क्राइम सीन रीक्रिएशन के मुताबिक, विशाल ने राजा के सिर पर पीछे से पहला घातक वार (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) किया। वार के बाद राजा खून से लथपथ जमीन पर गिरकर चीखने लगा। इस दौरान सोनम घटनास्थल पर मौजूद थी, लेकिन पहले वार के बाद वह पीछे हट गई। फिर इसके बाद आनंद और आकाश ने राजा पर दो और वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। और फिर तीनों आरोपियों ने मिलकर राजा के शव को खाई में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल एक तेजधार हथियार को बरामद कर लिया है। लेकिन दूसरा हथियार अभी भी खाई में खोजा जा रहा है। इस काम में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की मदद ली जा रही है।  प्रेमी राज कुशवाह से उसका आमना-सामना कराकर पूछताछ करने पर सोनम ने अपना जुर्म कबूल (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) कर लिया।  बता दें कि बीते 23 मई 2025 को शिलांग के सोहरा इलाके में नोंग्रियात गांव के पास वेइसाडोंग झरने के करीब यह हत्या हुई थी और 2 जून को सोनम रघुवंशी के पति राजा रघुवंशी का शव मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले स्थित सोहरा के रियात अर्लियांग में वेई सवाडोंग पार्किंग स्थल के नीचे एक गहरी खाई से बरामद किया गया था। इस बीच पति की लाश मिलने के कुछ दिनों बाद सोनम ने 7 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे सड़क मार्ग से गुवाहाटी ले जाया (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) गया। गुवाहाटी एयरपोर्ट से उसे शिलांग के सदर थाने लाया गया। इसके साथ ही चार आरोपियों को शिलांग लाया गया। सभी आरोपियों को 11 जून को शिलांग जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। कोर्ट में पेशी से पहले सोनम ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। दरअसल,  मेघालय पुलिस ने जब उसके प्रेमी राज कुशवाह से उसका आमना-सामना कराकर उससे पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक महीने में कुल 234 बार संजय और सोनम की हुई है (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) बात  मेघालय पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोनम रघुवंशी संजय वर्मा नामक एक संदिग्ध युवक से घंटों बातें करती थी। फ़िलहाल संजय वर्मा का नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 मार्च से 25 मार्च के बीच में सोनम ने संजय को कुछ नहीं तो 119 बार कॉल किया था। इस तरह एक महीने में कुल 234 बार संजय और सोनम की बात हुई। देखना दिलचस्प यह होगा कि संजय कौन है और राजा रघुवंशी मामले में इसका क्या रोल है? खैर, राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में शिलांग पुलिस गंभीरता से करते हुए एक कड़ी से दूसरी कड़ी को जोड़ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस की एक टीम इंदौर स्थित राजा रघुवंशी के घर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने राजा के परिजनों से बातचीत कर सोनम के व्यवहार और शादी के बाद उसके इंदौर में बिताए गए दिनों की जानकारी (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) ली। पुलिस की टीम में शामिल तीन अधिकारियों ने राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और उनकी मां से भी सवाल-जवाब किया। Latest News in Hindi Today Hindi  #RajaDeath #SonamShocked #CrimeSceneTruth #BloodyMystery #IndianCrimeNews

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