buying AC in summer

पहली बार एसी खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

पहली बार किसी चीज को खरीदना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। गर्मी में महीने में एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल आजकल लक्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत बन चुका है। मई-जून महीने को बिना एयर कंडीशनर (Air conditioner) या कूलर के निकालना बहुत मुश्किल बनता जा रहा है। अगर आप भी पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज अवश्य होंगे। इस दौरान दिमाग में सबसे अधिक सवाल यही आता है कि स्प्लिट एसी (Split AC) खरीदें या विंडो एसी (Window AC) खरीदना बेहतर रहेगा? आइए पाएं एसी (AC) के बारे में ऐसी कुछ जानकारी, जो आपकी इस मुश्किल को आसान बना देगी। गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  अगर आप पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप इन कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है: इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer), यह आप समझ चुके होंगे। अब जानते हैं कि विंडो एसी (Window AC) और स्प्लिट एसी (Split AC) में से आपको किसे चुनना चाहिए? विंडो एसी (Window AC) विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में सस्ता होता है और इसे इस्टॉल करना भी आसान है। इसके साथ ही इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट होता है, जिसे एक खिड़की में आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन, विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में अधिक शोर करता है। यही नहीं यह अधिक बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही यह छोटे कमरों के लिए ही अच्छा माना गया है। स्प्लिट एसी (Split AC) स्प्लिट एसी (Split AC), विंडो एसी (Window AC) की तुलना में कम शोर करता है और यह अधिक प्रभावी भी है। यह कमरे को ज्यादा जल्दी ठंडा करता है। यह देखने में अच्छा लगता है और इससे एनर्जी की बचत भी होती है। लेकिन, स्प्लिट एसी (Split AC) विंडो एसी की तुलना में महंगा होता है। इसे इनस्टॉल करने में भी अधिक खर्चा होता ओर इसे इनस्टॉल करने के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस की आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करने के लिए कमरे के अंदर और बाहर दोनों जगह अधिक जगह ही जरूरत पड़ती है। यह तो ही एयर कंडीशनर (Air conditioner) के बारे में जानकारी। आप अपने बजट, प्राथमिकता और जरूरत आदि के अनुसार सही एसी (AC) का चुनाव कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Buying AC in summer #WindowAC  #AC #Airconditioner #SplitAC #WhatthingskeptinmindbuyingACinsummer

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Mahabharata war weapons

महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां

महाभारत (Mahabharata) केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास का एक ऐसा महाकाव्य है जिसमें धर्म, नीति, राजनीति, रणनीति, युद्ध कौशल और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। खास बात यह है कि कुरुक्षेत्र के मैदान में लड़े गए इस महायुद्ध में केवल तलवारें और धनुष-बाण ही नहीं, बल्कि अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य अस्त्र-शस्त्रों का भी प्रयोग हुआ था, जिनकी शक्ति आज के आधुनिक हथियारों से भी कहीं अधिक थी। आइए जानते हैं उन प्रमुख अस्त्र-शस्त्रों के बारे में, जो महाभारत के युद्ध को निर्णायक बनाने में सहायक बने। 1. ब्रह्मास्त्र ब्रह्मा जी द्वारा प्रदान किया गया यह अस्त्र सबसे शक्तिशाली माना जाता था। इसका प्रयोग अर्जुन, अश्वत्थामा और कर्ण जैसे योद्धाओं के पास था। कहा जाता है कि यह अस्त्र जहाँ गिरता, वहाँ कई मीलों तक जीवन समाप्त हो जाता और भूमि बंजर हो जाती। इस अस्त्र का प्रयोग अंतिम उपाय के रूप में ही किया जाता था क्योंकि इसका प्रभाव अत्यंत विनाशकारी था। 2. पाशुपतास्त्र भगवान शिव द्वारा प्रदान किया गया यह अस्त्र केवल परम भक्तों को ही प्राप्त होता था। अर्जुन को यह अस्त्र भगवान शिव ने खुद एक परीक्षा के बाद दिया था। इसकी विशेषता यह थी कि यह शत्रु का संपूर्ण नाश कर देता था और इसे मन, वाणी, दृष्टि या धनुष से चलाया जा सकता था। 3. नारायणास्त्र नारायणास्त्र एक ऐसा दिव्य शस्त्र था जिससे पूरे ब्रह्मांड में भय व्याप्त हो जाता था। यह भगवान विष्णु का अस्त्र माना जाता है। महाभारत के युद्ध में जब अश्वत्थामा ने इसे पांडवों की सेना पर प्रयोग किया, तो देखते ही देखते हजारों सैनिक मारे गए। इसकी शक्ति इतनी प्रचंड थी कि इसका सामना कोई भी अस्त्र नहीं कर सकता था। इसे शांत करने का केवल एक ही उपाय था—पूरा समर्पण भाव और शांति का मार्ग अपनाना। 4. वरुणास्त्र इसका प्रयोग जल उत्पन्न करने के लिए किया जाता था। यह विरोधी के चारों ओर जल का घेरा बना देता था जिससे उसकी गति बाधित होती थी। युद्ध के दौरान इसे कई बार अग्नि को शांत करने के लिए भी प्रयोग किया गया। 5. सुदर्शन चक्र सुदर्शन चक्र को भगवान विष्णु का प्रमुख प्रतीक माना जाता है और यह श्रीकृष्ण के पास था। महाभारत (Mahabharata) युद्ध में कौरव और पांडव केवल बाहरी पात्र थे, जबकि असल में पापियों को उनके पापों की सजा श्रीकृष्ण अपने सुदर्शन चक्र से देते थे। यह तथ्य बर्बरीक के कटे सिर ने भी सबके सामने रखा था। सुदर्शन चक्र को न्याय और धर्म की अद्भुत शक्ति का प्रतीक माना जाता है। 6. वज्रास्त्र इंद्रदेव का यह अस्त्र भीषण गर्जना और प्रकाश के साथ वार करता था। इसकी टक्कर का कोई अस्त्र नहीं था, और यह भारी विनाश करने की क्षमता रखता था। इसे भी पढ़ें:- क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा 7. वसावी शक्ति इंद्र देव के पास वसावी शक्ति नामक एक बेहद प्रभावशाली और एकबारगी प्रयोग होने वाला अस्त्र था। यह अस्त्र इंद्र ने कर्ण को दिया था। कर्ण ने इसे अर्जुन को हराने के लिए रखा था, लेकिन परिस्थितियों के कारण उसे इसका इस्तेमाल भीम के पुत्र घटोत्कच पर करना पड़ा। ऐसा माना जाता है कि यदि यह अमोघ शक्ति अर्जुन पर प्रयोग किया जाता, तो अर्जुन का बचना लगभग असंभव होता। 8. गांडीव धनुष यह अर्जुन का धनुष था जो अग्निदेव ने उन्हें खांडव वन दहन के समय दिया था। इसकी विशेषता यह थी कि इससे निकले प्रत्येक बाण अपने लक्ष्य को भेदते थे। यह धनुष दिव्य था और इससे लगातार बिना थके तीर चलाए जा सकते थे। 9. ब्रह्मास्त्र ब्रह्मास्त्र एक अत्यंत शक्तिशाली दिव्य अस्त्र था, जिसे महाभारत (Mahabharata) के महान योद्धा जैसे अर्जुन, कर्ण और श्रीकृष्ण ने चलाने का ज्ञान प्राप्त था। युद्ध में अश्वत्थामा ने इसका उपयोग किया, जिससे गर्भ में रहे हुए शिशु तक की मृत्यु हो गई। हालांकि, अश्वत्थामा के पास इसे वापस लेने का तरीका नहीं था। शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मास्त्र के प्रभाव को खत्म करने के लिए एक और ब्रह्मास्त्र का प्रहार करना आवश्यक होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahabharata #Mahabharata #DivineAstras #IndianMythology #CelestialWeapons #Brahmastra #Pashupatastra #MahabharataWar #EpicBattle

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newlywed murder case

Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage : 6 महीने पहले हुई थी शादी, इसके चलते पत्थर से सिर कुचलकर उतारा पत्नी को मौत के घाट 

लालच हर हाल में बुरी ही होती है। बड़े बुजुर्गों से अक्सर सुना होगा कि लालच बेवजह निर्माण होने वाली समस्याओं का नाम है। कभी-कभी लोभी इंसान लोभ के चक्कर में इस कदर पागल हो जाता है कि किसी की जान लेने से भी नहीं कतराता। इसी लालच से जुड़ा एक वाकया हुआ है राजस्थान के झुंझुनूं में जहाँ, पत्नी की बीमा की रकम हथियाने के लिए पति ने अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतार (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) दिया। यही नहीं, हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए उसने मनगढ़ंत कहानी भी रची। कहने की जरूरत नहीं, दिल दहला देने वाली इस घटना ने समूचे इलाके को झकझोर दिया है। दरअसल, राजस्थान के झुंझुनूं जिले स्थित नवलगढ़ कस्बे में रहने वाले एक शख्स ने पैसों के लालच में अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरत यह कि अभी 6 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस जघन्य अपराध के पीछे का मकसद 10 लाख रुपये की बीमा राशि हासिल करना था। आरोपी पति ने इस धनराशि को पाने के लिए न सिर्फ अपनी पत्नी की हत्या की, बल्कि पूरे मामले को दुर्घटना का रूप देकर पुलिस को गुमराह भी करने की कोशिश की। चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर की (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) हत्या  जानकारी के मुताबिक आरोपी सहीराम ने अपनी पत्नी कृष्णा सैनी को मौत के घाट उतारने के लिए बाकायदा पहले से सुनियोजित तरीके से योजना बना रखी थी। योजना पर अमल करते हुए 13 मई 2025 की रात को उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने हेतु मनगढंत झूठी कहानी तक रच डाली। इस बीच हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। शुरुआती जांच में आरोपी पति ने सड़क हादसे की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घटना को संदिग्ध मानकर गहनता से छानबीन करना शुरू कर दिया। डिप्टी एसपी राजवीर सिंह और सीआई सुगन सिंह के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने मामले को बड़ी गंभीरता से लिया। इस दौरान प्रारंभिक बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में विरोधाभास देखकर पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। तकनीकी सबूत, कॉल डिटेल्स और घटनास्थल के विश्लेषण से हत्या की योजना का पर्दाफाश हुआ। गौर करने वाली बात यह कि जाँच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले जी सीधे तौर पर शक की तरफ इशारा कर रहे थे। आखिरकार पुलिस द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों ने सच को उजागर कर ही दिया।  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला अपराध का मुख्य मकसद बीमा राशि  (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) थी जाँच में शामिल पुलिस टीम की माने तो मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया। फ़िलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामले की जांच में पता चला कि अपराध का मुख्य मकसद बीमा राशि थी। पति ने 10 लाख की राशि को पाने के लिए नृशंस हत्या का षड्यंत्र अपने चार साथियों के साथ मिलकर (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) रचा। पुलिस के मुताबिक उसने अपने चार साथियों की मदद से पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहीराम सहित सचिन कुमावत, मुकेश कुमार, प्रदीप सिंह और राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी अपराध में संलिप्त थे। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और पुलिस अब आगे की पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के और अन्य पहलुओं को उजागर किया जा सके। Latest News in Hindi Today Hindi news Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage #WifeKilled #DomesticViolence #CrimeNews #MarriageMurder #IndiaNews

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Coronavirus new variant 2025

JN.1 variant of interest: WHO ने क्यों कहा JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट? जानिए कोरोना वायरस JN.1 वेरिएंट के लक्षण और बचाव

कोरोना वायरस के फैलने की खबर एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले सिंगापूर, हॉन्गकॉन्ग और थाइलैंड में कोरोना वायरस फैलने की जानकारी मिली और अब धीरे-धीरे भारत में भी इस इंफेक्शन का खतरा एक बार फिर से बढ़ चुका है। कोरोना वायरस (Coronavirus) एक इंफेक्सियस डिजीज है और जब भी इस वायरस का नाम सामने आता है तो साल 2020 और 2021 की घटनाएं ना चाहते हुए हम सभी के जहन में आ जाता है।  ऐसे में फिर इंफेक्शन का फैलना की खबरे लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। इस बार कोविड 19 का JN.1 वेरियंट (COVID 19 JN.1 Variant) काफी चर्चा में है। क्या है JN.1 वेरिएंट (JN.1 Variant), JN.1 के लक्षण (Symptoms of JN.1 Variant)  क्या हो सकते हैं और JN.1 से बचाव कैसे संभव है ये सब समझेंगे।  क्या है JN.1 वेरिएंट?  नेशनल सेंटर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार कोरोना वायरस का JN.1 वेरिएंट है। इस बार कोविड-19 इंफेक्शन का कारण ओमिक्रोन वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को माना जा रहा है। JN.1 इंफेक्शन ओमिक्रोन के BA.2.86 फेमली से होने वाला एक नया वेरिएंट है। जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन (John Hopkins Medicine) के रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार JN.1 की पहचान पहली बार अगस्त 2023 में की गई थी। इस वेरिएंट में लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम (Immune System) से बचने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ अन्य म्यूटेशन भी होते हैं, जो इसके तेजी से फैलने की क्षमता को बढ़ाते हैं। हालांकि BA.2.86 वेरिएंट SARS-CoV-2 वेरिएंट्स में शामिल नहीं हुआ। क्या है JN.1 वेरिएंट के लक्षण? NCBI के अनुसार JN.1 वेरिएंट (Symptoms of JN.1 Variant) के लक्षण कोरोना वायरस के लक्षणों के समान हैं। जैसे: ऊपर बताए लक्षण JN.1 वेरिएंट के लक्षण  (Symptoms of JN.1 Variant) हो सकते हैं। इसलिए अगर ऊपर बताए लक्षणों में कोई भी लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।  कितना खतरनाक है कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant)? कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant) कितना खतरनाक है, इसकी जानकारी अब तक शेयर नहीं की गई है और WHO इसपर नजर बनाए हुए है और इसे JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट (JN.1 as a variant of interest) कहा है। लेकिन ये जरूर कहा जा रहा है कि कमजोर इम्मुनिटी वाले लोगों में कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) का भी खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इम्मुनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाए रखना बेहद जरुरी है।  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां JN.1 वेरिएंट से बचाव कैसे संभव है?  JN.1 वेरिएंट से बचाव के लिए नीचे दिए पॉइंट्स को ध्यान रखें और फॉलो करें- इन ऊपर बताए बिंदुओं को फॉलो कर JN.1 वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है।  ध्यान रखें कि किसी भी बीमारी या  इंफेक्शन से आसानी से बचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए सतर्कता जरुरी है। इसलिए किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी महसूस होने पर डरे नहीं और हेल्थ एक्सपर्ट से अपनी शारीरिक समस्या के बारे में बात करें। कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) संक्रामक जरूर है लेकिन इससे आसानी से बचा जा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi (NCBI) #JN1Variant #COVID19 #WHOAlert #CoronavirusUpdate #CovidSymptoms #JN1Symptoms #VirusPrevention #HealthAlert

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India Halts Indus River Water to Pakistan

India Stops Indus Water to Pakistan: इस हरकत की वजह से पाकिस्तान को नहीं देंगे सिंधु नदी का एक बूंद भी पानी

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के बाद भी शीत युद्ध है कि जारी रही है। दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। 22 अप्रैल को आत्मघाती आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ जितने भी समझौते हुए थे सभी रद्द कर दिए गए हैं। यहाँ तक कि पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापार को भी रद्द कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan) गया है। इस बीच विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से गुरुवार को कहा गया है कि “पाकिस्तान की ओर से जब तक सीमा पर आतंकवाद को समर्थन दिया जाता रहेगा तक सिंधु नदी का एक बूंद पानी तक पड़ोसी मुल्क को नहीं दिया जाएगा।” दरअसल, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को पुनः जोर देते हुए कहा कि “पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।” बता दें कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत अपने निर्णय पर कायम है।  अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ (India Stops Indus Water to Pakistan) दे पाकिस्तान  इस बीच रणधीर जायसवाल ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारत और पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ (India Stops Indus Water to Pakistan) देगा।” इस बीच कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में भारत और पाकिस्तान की मदद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रुचि पर जवाब देते गए जायसवाल ने कहा कि “भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी बातचीत द्विपक्षीय होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। जहां तक आतकंवाद की बात है, तो पाकिस्तान को उन आतंकियों को भारत को सौंपना चाहिए जिनकी सूची कुछ साल पहले पड़ोसी मुल्क को दी गई थी। पाक के साथ जम्मू कश्मीर चर्चा तभी हो सकती है जब सीमा पार आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलने बंद हों।”  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ऐलान कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan)  है कि पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा इस दरम्यान रणधीर जायसवाल ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ऐलान कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan)  है कि पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा। ऐसे में सिंधु जल संधि समझौता को रद्द करने का फैसला किया गया है। यह समझौता तब तक रद्द रहेगा जब तक सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाता रहेगा। भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ है। आतंकवादियों को जो लोग पनाह दे रहे हैं उनके खिलाफ बिना रुके भारत की लड़ाई जारी रहेगी।” यही नहीं, इस बीच प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने राजस्थान की धरती से पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ खुली चेतावनी दी। पीएम ने बीकानेर में आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को साफ करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद से निपटने के तीन सूत्र तय कर दिए हैं। पहला- जावब देने का समय और तरीका सेना तय करेगी, एटम बम की गीदड़भभकी से भारत डरने वाला नहीं है। आतंक के आका और आतंक को पनाह देने वालों को अलग-अलग नहीं देखेंगे। हालांकि पीएम ने यह भी कहा, “पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया को दिखाया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news India Stops Indus Water to Pakistan #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #IndusRiver #WaterDispute #ModiGovernment #Geopolitics #IndiaNews #PakistanNews

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Mohammad Yunus May Resign

Mohammad Yunus May Resign: सेना से जारी तकरार के चलते मोहम्मद यूनुस दे सकते हैं इस्तीफा?

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश में स्थति डाँवाडोल बन गई है। वैसे तो बांग्लादेश में लंबे समय से राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से अब तक बांग्लादेश स्थिर नहीं हो पाया है। खैर, वर्तमान में बांग्लादेश की कमान अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के हाथों में हैं इसके बावजूद स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इस बीच खबर है कि मुहम्मद यूनुस जल्द अपने पद से जल्द ही इस्तीफा दे (Mohammad Yunus May Resign) सकते हैं। बीबीसी बांग्ला की रिपोर्ट की माने तो, बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस को काम करना लगातार मुश्किल होता चला जा रहा है। जानकारी के मुताबिक राजनीतिक दलों में आपसी सहमत न बन पाने के कारण मतभेद बढ़ता जा रहा है। बढ़ते मतभेद और राजनीतिक गतिरोध के चलते खबर है कि मुहम्मद यूनुस इस्तीफा देने का मन बना रहे हैं। हालाँकि हाल के दिनों में मुहम्मद यूनुस और बांग्लादेश की सेना के प्रमुख के बीच भी तकरार की खबरें आईं थीं।  अगर युनुस अपना काम नहीं कर सकते तो उनके रहने का कोई मतलब (Mohammad Yunus May Resign) नहीं दरअसल, बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता निद इस्लाम ने खुलासा करते हुए कहा कि “मुहम्मद यूनुस इस्तीफा देने का (Mohammad Yunus May Resign) सोच रहे हैं।” जानकारी के मुताबिक निद इस्लाम ने मुहम्मद यूनुस से मुलाकात करने के बाद कहा कि “हम उनके इस्तीफे के बारे में सुन रहे हैं। इसलिए मैं इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए उनसे मिलने गया था। उन्होंने मुझे बताया कि वह इस बारे में सोच रहे हैं। उन्हें लगता है कि मौजूदा स्थिति ऐसी है कि वह काम करना जारी नहीं रख सकते।” इसपर अधिक बोलते हुए इस्लाम ने कहा कि “उन्होंने युनुस से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राजनीतिक दल एकजुट होकर सहयोग करेंगे और मुझे उम्मीद है कि सभी उनके साथ सहयोग करेंगे।” हालांकि, एनसीपी नेता ने कहा कि “अगर युनुस अपना काम नहीं कर सकते तो उनके रहने का कोई मतलब नहीं।” कहा तो यहाँ तक जा रहा है कि मोहम्मद युनुस ने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी। ऐसे में खबर भी है कि युनुस अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, क्योंकि राजनीतिक दल एक आम सहमति पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से युनुस को काम करने में दिक्कत हो रही है। माइंड गेम खेलने लगे (Mohammad Yunus May Resign) हैं मोहम्मद यूनुस  दरअसल, यूनुस सरकार एक नहीं, कई मोर्चों पर तमाम तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। सबसे बड़ा संकट सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान के साथ लगातार बढ़ता तनाव है। कहने की जरूरत नहीं, सेना और यूनुस के बीच मतभेद जग जाहिर है। तनाव बढ़ने की वजह लोग जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग बताई जा रही है। यही नहीं, बांग्लादेशी सेना मोहम्मद यूनुस की कार्यशैली और उनकी चीन और पाकिस्तान समर्थक नीतियों से असंतुष्ट है। ऐसे में मोहम्मद यूनुस खुद की कुर्सी जाती देख इमोशनल ब्लैकमेल करने लगे हैं। करीबियों का कहना है कि यूनुस बांग्लादेश में अपना एकछत्र राज चाहते हैं। वो किसी की नहीं सुनते। ऐसे में जब उनसे सही से सरकार चलाने और चुनाव कराने के लिए कहा गया तो वह माइंड गेम खेलने लगे (Mohammad Yunus May Resign) हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल आखिर क्यों  मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देने की सोच (Mohammad Yunus May Resign) रहे ऐसे में बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल यह कि मोहम्मद यूनुस आखिर इस्तीफा क्यों देने की सोच (Mohammad Yunus May Resign) रहे? क्या वो सेना से डरे हुए हैं या फिर उन्हें लग रहा है कि बांग्लादेश हाथ से निकलने वाला है। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान यूनुस को सुनाते हुए कहा है कि देश का भविष्य कोई गैर निर्वाचित सरकार तय नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि देश में जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए। भविष्य एक निर्वाचित सरकार तय करे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने चुनाव के लिए दिसंबर 2025 की डेडलाइन दी है। कहने की जरूरत नहीं कि आर्मी चीफ के इस अल्टीमेटम के बाद यूनुस की कुर्सी डगमगा गई है। उन्हें अब लग रहा है कि उनकी कुर्सी जाने ही वाली है। सो, इसलिए वह खुद इस्तीफा देकर एक अलग खेल खेलना चाहते हैं। यूनुस के इस्तीफा देने के पीछे एक वजह यह भी हो सकती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Mohammad Yunus May Resign #MohammadYunus #Resignation #MaldivesPolitics #MilitaryTension #BreakingNews

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In Match 64 of IPL 2025

LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL: आईपीएल के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से दी करारी शिकस्त

22 मई को इंडियन प्रीमियर लीग  2025 (IPL 2025) का 64वां महामुकाबला गुजरात टाइटंस (GT)और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला गया। अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से करारी शिकस्त (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) दी। लखनऊ की इस जीत के हीरो रहे मिचेल मार्श ने 64 गेंदों का सामना करते हुए 117 रन बनाए। उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दरअसल, गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।  मिचेल मार्श ने इस मैच में 64 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 6 छक्के की (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) मदद से 117 रन बनाए टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स ने शानदार शुरुआत (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) की। लखनऊ की तरफ से सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने इस मैच में 64 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 6 छक्के की मदद से 117 रन बनाए। इस मैच में निकोलस पूरन ने मिचेल मार्श का बखूबी साथ दिया। निकोलस पूरन ने 27 गेंदों का सामना करते हुए 56 रन बनाए। इसके अलावा एडन मार्करम ने 36 और कप्तान ऋषभ पंत ने 16 रन बनाए। इसके बदौलत ही लखनऊ ने गुजरात के सामने 235 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।  235 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत अच्छी नहीं (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) रही 235 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत अच्छी नहीं (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) रही। गुजरात के बल्लेबाजों का बल्ला शांत रहा। इस मैच में शुभमन गिल फ्लॉप रहे। वह सिर्फ 35 रन ही बना सके। शाहरुख खान ने गुजरात के लिए शानदार अर्धशतक जड़ा। महत्वपूर्ण बात यह कि लखनऊ सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने अपनी गेंदबाजी के कमाल दिखाते हुए गुजरात को 202 रन पर ही रोक दिया। लखनऊ के लिए विलियम ओ’रूके ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। इसके अलावा आवेश खान और आयुष बडोनी को 2-2 विकेट मिला। तो वहीं, आकाश महाराज सिंह और शहबाज अहमद ने 1-1 विकेट झटके। लखनऊ की धारदार गेंदबाजों के सामने गुजरात के बल्लेबाज एक बाद एक धराशायी होते गए। इस तरह गुजरात ख़राब बल्लेबाजी और रणनीति के चलते सिर्फ 202 रन ही बना सकी। बेशक इस मैच में गुजरात टाइटंस की हार का प्रमुख कारण उसकी खराब गेंदबाजी रही।   इसे भी पढ़ें:- दिल्ली कैपिटल्स को हराकर मुंबई इंडियंस ने बनाई प्लेऑफ में जगह गुजरात ने पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) लिया है खैर, गुजरात ने पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) लिया है और लखनऊ की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर निकल चुकी है। ऋषभ पंत ने टॉस हार के बाद कहा कि “पहले गेंदबाजी करनी चाहिए थी, विकेट अच्छा लग रहा है। जब आप पहले ही बाहर हो जाते हैं तो चुनौती होती है, लेकिन हमें क्रिकेट खेलने पर गर्व है। एक टीम के रूप में, हम अलग-अलग विकल्प आजमा रहे हैं जो हमें जीतने का सबसे अच्छा मौका देते हैं। कुछ भी जो हमें अगले सीजन के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है। आकाश दीप को टीम में शामिल किया है। हमारी टीम में कुछ और बदलाव भी हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news #IPL2025 #LSGvsGT #LucknowSuperGiants #GujaratTitans #Match64 #IPLHighlights #CricketNews #LSGWin #GTLoss #IPLPointsTable

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Copper Ring

तांबे का छल्ला पहनने के चमत्कारी फायदे

तांबा (Copper) एक ऐसा धातु है, जिसका उपयोग हजारों वर्षों से आयुर्वेद और वास्तु शास्त्र में किया जाता रहा है। खासकर तांबे का छल्ला (Copper Ring) या अंगूठी पहनने को शुभ माना जाता है। यह केवल एक आकर्षक आभूषण ही नहीं होता, बल्कि इसे धारण करने से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। आज के समय में भी तांबे के छल्ले  (Copper Ring) का चलन बना हुआ है और लोग इसे पहन कर अपने स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करते हैं। तांबे का संबंध किससे है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तांबा मुख्य रूप से सूर्य ग्रह से जुड़ा हुआ धातु माना जाता है। जब व्यक्ति तांबे का छल्ला (Copper Ring) पहनता है, तो यह उसकी कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होता है। इसके अलावा, तांबे का संबंध मंगल ग्रह से भी माना गया है। इसलिए यदि कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर हो, तो तांबे का छल्ला धारण करना लाभकारी हो सकता है। तांबे का छल्ला पहनने के नियम ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तांबे का छल्ला (Copper Ring) धारण करने के लिए रविवार का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन सूर्य देव को समर्पित होता है और तांबा भी सूर्य ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। इसे पहनने का सबसे उपयुक्त स्थान अनामिका उंगली (Ring Finger) मानी जाती है, क्योंकि यह उंगली सूर्य से संबंधित मानी जाती है और इसमें तांबे का प्रभाव अधिक सकारात्मक होता है। इसे भी पढ़ें:- क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा तांबे का छल्ला पहनने के फायदे ध्यान देने योग्य बातें नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Copper Ring #CopperRingBenefits #HealthTips #VastuShastra #SpiritualHealing #CopperTherapy #WellnessTips #AncientRemedies #HolisticHealing #EnergyBalance

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Vat Savitri 2025 date and significance

Vat Savitri Vrat 2025: आस्था और अखंड सौभाग्य का पर्व वट सावित्री व्रत

भारतीय संस्कृति में व्रत-त्योहारों का विशेष स्थान है, जो न केवल धार्मिक भावनाओं को सशक्त करते हैं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) हिन्दू धर्म में महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सफल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए करती हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 26 मई 2025 को दोपहर 12:11 बजे आरंभ होकर 27 मई की सुबह 8:31 बजे तक रहेगी। तिथि की गणना के आधार पर इस वर्ष वट सावित्री व्रत सोमवार, 26 मई 2025 को रखा जाएगा। यह व्रत पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका उल्लेख महाभारत के वनपर्व में भी मिलता है। वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) का मुख्य आधार वह पौराणिक कथा है, जिसमें सावित्री ने अपने अद्भुत धैर्य और भक्ति से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लिए थे। यह व्रत हर वर्ष ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस पावन व्रत को विवाहित महिलाएं (Married women) श्रद्धा पूर्वक करती हैं और बरगद (वट) वृक्ष की पूजा करती हैं। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन (Married Life) में सुख-शांति बनी रहती है और पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता तथा मजबूती आती है। वटवृक्ष को त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश – का स्वरूप माना गया है।  व्रत की विधि: वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) की पूजा प्रातःकाल से ही प्रारंभ होती है। व्रति महिलाएं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनती हैं और निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके पश्चात पूजा की थाली में रोली, चावल, मौली, फल, फूल, धूप, दीपक, नई चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी आदि सामग्री रखी जाती है। इसके बाद महिलाएं वटवृक्ष (बरगद के पेड़) के पास जाकर विधिवत पूजा करती हैं। इसके साथ ही महिलाएं वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat Story) का श्रवण करती हैं या स्वयं पढ़ती हैं। पूजा के बाद महिलाएं अपने पति का आशीर्वाद लेती हैं और शाम को जल या फलाहार ग्रहण करती हैं। इसे भी पढ़ें:- क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा व्रत कथा: प्राचीन समय में अश्वपति नामक राजा की पुत्री सावित्री का विवाह वनवासी सत्यवान से हुआ था, जो धर्मात्मा किंतु निर्धन थे। विवाह के पश्चात सावित्री को ज्ञात हुआ कि सत्यवान अल्पायु हैं और एक वर्ष बाद उनका देहांत हो जाएगा। इस बात को जानकर भी उसने अपने धर्म का पालन किया और अंतिम समय में जब यमराज सत्यवान के प्राण लेने आए, तो सावित्री ने अपने विवेक और तपस्या से यमराज को प्रसन्न कर लिया। सावित्री की दृढ़ निष्ठा, धर्मपरायणता और समर्पण से प्रभावित होकर यमराज ने सत्यवान के प्राण लौटा दिए और उसे दीर्घायु का आशीर्वाद दिया। तभी से यह व्रत स्त्रियों द्वारा श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Vat Savitri Vrat #VatSavitriVrat2025 #VatSavitriPuja #HinduFestivals #MarriedWomenFast #IndianTraditions #SavitriSatyavan #VatPurnima2025 #PujaVidhi #SpiritualIndia

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Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years

Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years: दोस्त ने लगाया था पेन की चोरी का आरोप, 2 साल बाद इस तरह मौत के घाट उतारकर लिया बदला

भला एक सामान्य पेन की कीमत क्या होती है? 10 रूपये, या फिर बहुत महंगी हुई तो 50 रूपये। यह तो ठीक, लेकिन क्या कोई किसी का खून सिर्फ इसलिए कर देगा कि सामने वाले ने पेन की चोरी का इल्जाम लगाया (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) था? संभवतः नहीं। लेकिन यह घटना हुई है। घटना है, मध्य प्रदेश के मऊगंज  जिले के अंतर्गत आने वाले एक गांव की। दरअसल, मृतक नाबालिग युवक सुशील पाल और उसका दोस्त शमशाद मोहम्मद एक ही गांव के निवासी थे और पास के ही हायर सेकेंडरी स्कूल मे एक साथ कक्षा 9वीं मे पढ़ते थे। साथ में पढ़ते थे तो दोस्ती भी थी दोनों में। दोनों साथ ही स्कूल जाते थे। इस बीच साल 2023 के दरमियान एक दिन क्लास से सुशील पाल का एक पेन चोरी हो गया। उसने इस पेन चोरी का आरोप अपने ही दोस्त शमशाद मोहम्मद पर लगा दिया। जिसके चलते दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। जैसे-तैसे बीच-बचावकर मामले को शांत कराया गया।  शमशाद ने मन ही मन खुद के अपमान का बदला लेने की ठान  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) ली  खैर, मामला तो शांत हो गया लेकिन शमशाद ने मन ही मन खुद के अपमान का बदला लेने की ठान  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) ली और सुशील को सबक सिखाने के लिए योजना बनानी शुरू कर दीं। खैर, बीच देखते ही देखते दो साल का समय बीत गया। इस बीच दोनों के बीच दोस्ती फिर गहरा गई। दोनों ने इस घटना को भुला दिया था। इसी बीच दिन बीते 9 अप्रैल को घर से निकला 16 वर्षीय नाबालिग युवक अचानक से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला तो थक हारकर अंततः घरवालों ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने परिजनों की फरियाद सुनकर युवक की खोजबीन शुरू कर दी। एक महीने तक की गई युवक की खोजबीन की बाद भी उसका कोई सुराग पुलिस के हाथ मे नहीं लग पाया।  अनजान युवक का शव कंकाल के रूप मे पड़े होने की सूचना पुलिस को दी  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गई इस दरम्यान ऐसे ही एक दिन नाबालिग के लापता होने के ठीक एक माह बाद यानी 9 मई को बहुती जल प्रपात में किसी अनजान युवक का शव कंकाल के रूप मे पड़े होने की सूचना स्थानीय लोगो के द्वारा पुलिस को दी  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गई। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस की टीम बहुती जल प्रपात पहुंची और पहुंचकर युवक के शव को बरामद किया। इसके बाद नाबालिग के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने कपड़ों से शव की पहचान की। आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु अस्पताल भेज दिया। इस बीच घटना की तफ्तीश में जुटी पुलिस की टीम को कुछ साक्ष्य मिले थे। पुलिस को आशंका थी कि युवक की हत्या करके उसके शव को जल प्रपात से नीचे फेंका गया है। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला आखिरी बार सुशील गांव में ही (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) वह अपने कुछ दोस्तों के साथ देखा गया था। खैर इस दरम्यान पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों से बातचीत करनी शुरू कर दी। इस बातचीत में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जानकारी के मुताबिक जिस दिन सुशील अचानक गायब हुआ (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) था उस दिन वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव में ही देखा गया था। फिर क्या था पुलिस ने दोस्तों की पहचान करते हुए सुशील के दोस्त शमशाद मोहम्मद और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई और पूछताछ शुरू कर दी। पहले तो सभी मुकर गए लेकिन पुलिस ने जब अपने अंदाज में पूछा तो वो टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक “नाबालिग युवक के दोस्त ने ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।”  शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गया   इस पूरे मामले पर मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने नाबालिग युवक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि “बीते 9 अप्रैल से लापता सुशील का शव कंकाल के रूप मे महीने भर बाद यानी 9 मई को मऊगंज के बहुती जल प्रपात से बरामद हुआ था। पुलिस की टीम ने मृतक के कपड़ों से उसकी पहचान की। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गया था। इस बीच महीने भर से जांच मे जुटी पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे थे जिसके बाद पुलिस वारदात में शामिल नाबालिग के कातिल दोस्त और उसके अन्य साथियों तक पहुंच गई।” जानकारी के मुताबिक 2 साल की पूरी प्लानिंग के बाद उसने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी है। हत्या करने के बाद युवक के शव को जल प्रपात में फेंक दिया गया। फ़िलहाल पुलिस ने वारदात में शामिल शमशाद मोहम्मद मौसम कोल. योगेश कुमार राबत और नागलिंग राजकोल को गिरफ्तार किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years #PenTheftMurder #RevengeAfter2Years #CrimeNewsIndia #FriendshipGoneWrong #MurderOverPen #IndiaNews2025 #TrueCrimeStory #ViralNews #ShockingMurderCase

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