Yogi Govt's 8 Years Service, Security & Good Governance

योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे हो चुके हैं। इस खास मौके पर सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मार्गदर्शन को श्रेय देते हुए राज्य की 25 करोड़ जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यूपी की डबल इंजन सरकार ने सेवा, सुरक्षा और सुशासन के मंत्र को साकार करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 8 साल पहले की स्थिति और बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बीते आठ वर्षों की तुलना करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता और पहचान के संकट से जूझ रहा था। अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे, जिसके कारण राज्य को ‘बीमारू’ की श्रेणी में रखा जाता था। महिलाएं और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे, वहीं किसानों की स्थिति बदहाल थी। लेकिन सरकार बदलते ही व्यापक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए गए और आज यूपी विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन का नया दौर योगी सरकार (Yogi Government) ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप अपराधों में भारी कमी आई। माफियाओं और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिससे प्रदेश में निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बना। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर प्रदेश की जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) का मानना है कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के समर्थन से सरकार ने विकास के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज यूपी देश के विकास को एक नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पुलिस सुधार और कानून-व्यवस्था उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए योगी सरकार ने पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। सरकार ने देश का सबसे बड़ा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया और अब तक 2.16 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की है। इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है। विकास उत्सव का आयोजन सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए 25 से 27 मार्च तक विकास उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) ने कहा कि आठ साल पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधोसंरचना बदहाल थी, लेकिन आज यूपी देश में विकास के मॉडल के रूप में पहचाना जाता है। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सरकार बदलने से व्यापक सुधार सीएम योगी (CM Yogi) ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश वही है, प्रशासन वही है, लेकिन केवल सरकार बदलने से बड़े बदलाव संभव हुए हैं। योजनाओं के सही क्रियान्वयन और पारदर्शिता के कारण उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शुमार हो चुका है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार कृषि क्षेत्र में भी यूपी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 2017 से पहले जहां किसानों की आत्महत्या की खबरें आम थीं, वहीं अब प्रदेश कृषि उत्पादन (Agricultural Production) में अग्रणी बन चुका है। सरकार ने किसानों की कर्जमाफी से लेकर नई तकनीकों को अपनाने तक अनेक कदम उठाए, जिससे कृषि विकास दर 13.5% तक पहुंच गई और राज्य की जीडीपी में 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। योगी सरकार (Yogi Adityanath) के आठ सालों में उत्तर प्रदेश ने एक नई दिशा पकड़ी है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन के साथ प्रदेश में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अपराध पर नियंत्रण, किसानों का उत्थान, बुनियादी ढांचे का विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसी उपलब्धियां इस सरकार की कार्यशैली को दर्शाती हैं। आने वाले वर्षों में भी यह सरकार प्रदेश को और आगे ले जाने के लिए संकल्पित है। Latest News in Hindi Today Hindi news  CM Yogi Adityanath #YogiGovernment #UPDevelopment #GoodGovernance #8YearsOfYogi #UPProgress #SecurityFirst #YogiAdityanath #NewUttarPradesh #GrowthWithYogi #UPModel

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Bihar Liquor Ban Exposed Former Minister Raises Questions

Political expose Bihar: पूर्व मंत्री ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कहा शराबबंदी के बावजूद बिहार पुलिस बिकवा रही है शराब

पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने एनडीए की बिहार सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए (political expose Bihar) हैं। दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके सिंह ने रविवार को एक बार फिर चौंकाने वाला बयान दिया है। कहने की जरूरत नहीं पूर्व मंत्री के बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर शराब बेचवाने का आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबीक आरके सिंह ने बिहार सरकार और पुलिस पर शराब बेचवाने का आरोप लगाया है। यही नहीं, उन्होंने शराबबंदी कानून हटाने की मांग की और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बड़हरा के सरैया बाजार स्थित भीखम दास मठिया के प्रांगण में आयोजित एक सभा में उन्होंने कहा कि “शराबबंदी कानून को हटा देना चाहिए। इससे नौजवान बर्बाद हो रहे हैं।” इस बीच उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि “थानाध्यक्ष समेत पुलिस ही शराब बेचवा रही है।”  आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर (political expose Bihar) लगाए थे गंभीर आरोप गौरतलब हो कि बीते दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप (political expose Bihar) लगाए थे। बता दें कि आरके सिंह चार दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे हैं। जहां कि उनके इस बयान के सामने आने के बाद बवाल मच गया है, तो वहीं चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। यह कोई पहली बात नहीं है जब आरके सिंह ने अपनी ही सरकार पर अंगुली उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने अपनी पार्टी बीजेपी के कुछ नेताओं पर साजिश के तहत उनको हराने का आरोप लगाया था। ऐसे में अब फिर से सरकार और सिस्टम पर सवाल खड़ा कर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।  इसे भी पढ़ें:- क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा बता दें कि इस दौरान आरके सिंह जनसभा के दौरान पूरे फॉर्म में दिखे। इस बीच उन्होंने कहा कि “उन्होंने जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा।” आरके सिंह ने आगे कहा कि “उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार को कभी पनपने नहीं दिया। कारण यही जो इतना काम हो पाया। इस दरम्यान लोगों की समस्या सुनने के क्रम में सभा मंच से ही आरके सिंह ने मोबाइल पर एक अभियंता को हड़काते हुए कहा कि “सुनने में आ रहा है कि आप कुछ विधायकों के कहने पर टेंडर मैनेज कर रहे हैं। तो सुन लीजिए, हम जेल भेज देंगे।” यही नहीं, इस दौरान पूर्व मंत्री ने सरैया में महिला कॉलेज खोलने के लिए शिक्षा मंत्री से बात कर पहल करने को कहा।” इसके अलावा वर्तमान सांसद की कार्यशैली की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “विकास कार्यों से अलग हो उन्हें जिताने में शामिल जनप्रतिनिधियों को पानी में डूब मरना चाहिए।”  Latest News in Hindi Today Hindi news  political expose Bihar #BiharPolitics #LiquorBan #BiharPolice #PoliticalExposé #BiharNews #Corruption #IllegalLiquor #FormerMinister #StateScandal #IndianPolitics

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Snake Dream Meaning Hidden Messages & Interpretations

सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत

सपने हमारे जीवन का एक रहस्यमय हिस्सा हैं, जो हमारे अवचेतन मन की भावनाओं और विचारों को प्रकट करते हैं। कई बार हमें सपने में सांप दिखाई देते हैं, जो हमें डरा सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सपने में सांप देखने का मतलब केवल डराने वाला नहीं होता है? यह सपना आपके जीवन में आने वाले बदलाव, चुनौतियों और अवसरों के बारे में संकेत दे सकता है। आइए, सपने में सांप देखने के अर्थ और इससे जुड़े संकेतों को विस्तार से समझते हैं। सपने में सांप देखने का सामान्य अर्थ सपने में सांप देखना एक आम बात है, लेकिन इसका अर्थ व्यक्ति के जीवन और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सांप को प्रतीकात्मक रूप से परिवर्तन, शक्ति, कामुकता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। सपने में सांप देखने का मतलब यह हो सकता है कि आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है या आपको किसी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, यह सपना आपके अंदर छिपी शक्तियों और भावनाओं को भी प्रकट कर सकता है। सपने में सांप देखने के प्रकार और उनके अर्थ सपने में सांप देखने का अर्थ इस बात पर निर्भर करता है कि सांप कैसा दिख रहा है और आपका उसके साथ क्या संबंध है। आइए, सपने में सांप देखने के विभिन्न प्रकार और उनके संभावित अर्थों को जानते हैं: यदि सपने में बहुत सारे सांप दिखाई दें, तो यह किसी आसन्न संकट का संकेत हो सकता है। हालांकि, यदि आप सपने में उन सांपों को मार देते हैं या उन्हें अपने पास से भगा देते हैं, तो इसका अर्थ है कि आप आने वाले संकट पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त कर लेंगे। यदि सपने में फन उठाए सांप दिखाई दे, तो यह संपत्ति प्राप्ति के संकेत देता है। सफेद सांप का दिखना और उसका काटना शुभ माना जाता है। वहीं, यदि सपने में सांप को बिल में जाते हुए देखा जाए, तो यह धन लाभ का संकेत होता है। अगर सपने में सांप के काटने से मृत्यु हो जाए, तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलेगा। सपने में सांप देखने का आध्यात्मिक अर्थ सपने में सांप देखने का आध्यात्मिक अर्थ भी बहुत गहरा हो सकता है। हिंदू धर्म में सांप को कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सपने में सांप देखना आपके अंदर छिपी कुंडलिनी शक्ति के जागरण का संकेत हो सकता है। यह सपना आपको आध्यात्मिक जागरण और आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जा सकता है। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सपने में सांप देखने का मनोवैज्ञानिक अर्थ मनोविज्ञान के अनुसार, सपने में सांप देखना आपके अवचेतन मन की भावनाओं और विचारों को प्रकट करता है। यह सपना आपके डर, चिंता, या किसी छिपी हुई इच्छा को दर्शा सकता है। इसके अलावा, सांप को परिवर्तन और पुनर्जन्म का प्रतीक भी माना जाता है, जो आपके जीवन में आने वाले बदलावों की ओर इशारा कर सकता है। सपने में सांप देखने पर क्या करें? अगर आप सपने में सांप देखकर डर गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले, इस सपने के संकेतों को समझने की कोशिश करें। यह सपना आपको किसी चुनौती, अवसर या आंतरिक भावना के बारे में संकेत दे रहा हो सकता है। इसके अलावा, आप मन को शांत करने के लिए ध्यान या प्रार्थना का सहारा ले सकते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news सपने में सांप देखना #DreamInterpretation #SnakeInDreams #SpiritualMeaning #DreamSymbolism #PsychologyOfDreams #DreamAnalysis #HiddenMessages #SnakeDreamMeaning #SpiritualAwakening #SubconsciousMind

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World Tuberculosis Day

वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे: जानिए क्या हैं टीबी के कारण, लक्षण और किस तरह से करें इससे बचाव?

हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) या वर्ल्ड टीबी डे के रूप में मनाया जाता है। ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) सबसे ज्यादा संक्रामक बीमारियों में से एक है। वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) को लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करने के लिए सेलेब्रेट किया जाता है। इस दिन आम लोगों को टीबी (TB) के लक्षणों, कारणों और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। यही नहीं, इस दिन मेडिकल इंस्टीट्यूट्स, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ आदि कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं। हर व्यक्यि के लिए इस रोग के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। आइए जानें कि यह रोग क्या है और इससे बचाव किस तरह से संभव है। ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी क्या है? मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) एक गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इस बीमारी का कारण बनने वाले जर्म्स एक तरह के बैक्टीरिया है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्तियों से अन्य लोगों तक फैल सकती है। छींक, खांसी आदि इसके फैलने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इससे हवा में जर्म्स वाले छोटे ड्रॉपलेट फैल सकते हैं। जब अन्य लोग इन ड्रॉप्लेट्स को सांस के माध्यम से अंदर ले जाते हैं और यह जर्म्स फेफड़ों में जा सकते है। एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों और कमजोर इम्युनिटी वाले अन्य लोगों में सामान्य इम्युनिटी वाले लोगों की तुलना में ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) होने का जोखिम अधिक होता है। इस वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) जानिए क्या हैं इसके कारण। लेकिन, पहले ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) क्या हैं, यह जान लेते हैं। ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) इनएक्टिव ट्यूबरक्लोसिस से पीड़ित व्यक्ति में इस रोग से सम्बन्धित कोई भी लक्षण देखने को नहीं मिलता है। लेकिन, बिना उपचार के उनमें यह एक्टिव ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) की समस्या हो सकती है और वो बीमार हो सकता है। एक्टिव ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर में कहां टीबी (TB) के जर्म्स ग्रो हो रहे हैं। फेफड़ों में टीबी (TB) जर्म्स के विकसित होने पर ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) इस प्रकार हो सकते हैं: इसके अलावा एक्टिव टीबी के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं ट्यूबरक्लोसिस के कारण ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis)का सबसे सामान्य प्रकार है पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस, लेकिन बैक्टीरियम शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। आपने माइलरी ट्यूबरकुलोसिस के बारे में भी सुना होगा, जो हमारे पूरे शरीर में फैल सकता है और इसके कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं” ट्यूबरक्लोसिस का उपचार एक्टिव और इनएक्टिव ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) दोनों का खास तरह की एंटीबायोटिक के साथ उपचार किया जाता है। इन दवाईयों के कॉम्बिनेशन से इंफेक्शन से आराम मिल सकता है। इन दवाईयों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए। निम्नलिखित दवाईयों की सलाह रोगी को दी जा सकती है: इसे भी पढ़ें: सिंगल पेरेंटिंग नहीं है आसान: सिंगल पैरेंट को करना पड़ता है इन 5 चुनौतियों का सामना ट्यूबरक्लोसिस से बचाव निम्नलिखित तरीकों से ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) के संक्रमण और उसके स्प्रेड होने के रिस्क को कम किया का सक्ता है: इस वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) आप इस रोग के बारे में जानें और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें ताकि इससे बचा जा सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Symptoms of Tuberculosis #SymptomsofTuberculosis #WorldTuberculosisDay #Tuberculosis #TB

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Twitter's Blue Bird auction

ट्विटर की ब्लू बर्ड ने रचा इतिहास! 34,375 डॉलर में नीलाम हुआ लोगो

ट्विटर (Twitter) को अब X के नाम से जाना जाता है। यह एक बेहतरीन सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जो लोगों को वास्तविक समय के जानकारी शेयर करने और पूरी दुनिया से जुड़े रहने में मदद करता है। ट्विटर का नीला पक्षी यानी ब्लू बर्ड (Blue bird) इसकी पहचान है जिसे लैरी द बर्ड भी कहा जाता है। जिसने ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल किया है वो इसके बारे में अवश्य जानते होंगे। लेकिन, जब से एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा है तब से प्लेटफॉर्म का नाम और लोगो दोनों को ही बदल दिया गया है। अब यह ब्लू बर्ड एक बारे फिर से चर्चा में है। ट्विटर (Twitter) के हेडक्वाटर में ने डिस्प्ले ब्लू बर्ड (Blue bird) स्टेच्यू को नीलाम किया गया है। इससे कंपनी को अच्छा-खासा फायदा हुआ है। आइए जानें ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) के बारे में। ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) एलन मस्क (Elon Musk) के ट्विटर (Twitter) को खरीदने के बाद उन्होंने इसे पूरी तरह से बदल दिया फिर वो चाहे उसका नाम हो, लोगों हो या अन्य चीजें। ट्विटर (Twitter) की पहचान ब्लू बर्ड (Blue bird) को इसके बाद से ही ट्विटर के सैन फ्रांसिस्को हेडक्वाटर से हटा दिया गया था। अब ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) की बात सामने आयी है। ऐसे माना जा रहा है कि इस ब्लू बर्ड (Blue bird) के स्टेच्यू को 34,375 अमेरिकी डॉलर में नीलाम किया गया है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 29.56 लाख रुपये हैं। इसकी नीलामी आरआर ऑक्शन द्वारा की गयी है जो दुर्लभ और संग्रहणीय वस्तुओं में डील करते हैं। इस स्टेच्यू को किसने खरीदा है इस बारे में जानकारी नहीं दी गयी है। उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गयी है। अगर बात की जाए ट्विटर (Twitter) के ब्लू बर्ड (Blue bird) की, तो इसका वजन 560-पाउंड यानी 254 किग्रा है। यह स्टेच्यू 12 फीट×9 फीट के आकार में है। क्यों की गयी ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction)? ऐसा माना जा रहा है कि ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने कंपनी को वित्तीय संकट से बाहर आने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें से एक कदम यह है कि उन्होंने ट्विटर (Twitter) की कई संपत्तियों को नीलाम किया है। यही कारण है जिसके लिए उन्होंने ट्विटर की ब्लू बर्ड (Blue bird) को नीलाम किया। इसके अलावा उन्होंने इससे पहले और भी ट्विटर (Twitter) के अन्य सामान को नीलाम किया है। इससे पहले कंपनी ने साइन, मोमेंटो, रसोई के उपकरण और कार्यालय फर्नीचर आदि को भी नीलाम किया था। यही नहीं ,टेक्निकल हिस्ट्री की कुछ चीजों को भी नीलाम किया गया है जिसमें एक एप्पल-1 कंप्यूटर और इससे संबंधित उपकरण हैं, जो 375,000 डॉलर में बिके थे। इसके साथ ही एक एप्पल कंप्यूटर कंपनी का चेक, जिस पर स्टीव जॉब्स ने 1976 में हस्ताक्षर किए थे, उसे 112,054 डॉलर में बेचा गया था। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar ट्विटर (Twitter) के मालिक अभी एलन मास्क है, जिन्होंने इसे 25 अप्रैल 2022 को खरीदा था। इसे 44 अरब डॉलर में खरीदा गया था। लेकिन, अगर ट्विटर (Twitter) की स्थापना की बात की जाए, तो इसे 2006 में जैक डोरसे, नोआह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा स्थापित किया गया था। कुछ ही सालों में यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के बीच में लोकप्रिय हो गया था। इस में ट्विटर (Twitter) पर यूजर अन्य यूजर्ज को फॉलो कर सकते हैं, उनके ट्वीट्स पढ़ सकते हैं और उन पर कमेंट भी कर सकते हैं। अपनी इन विशेषताओं के कारण आज भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, हालांकि अब इसका नाम बदल चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi Twitters Blue Bird auction #Twitter #X #ElonMusk #BlueBird #TwitterBlueBird #TwittersBlueBirdauction

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Rahul Gandhi court case

Rahul Gandhi Citizenship Case: क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई

24 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता (Rahul Gandhi Citizenship Case) के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने वाली है। दायर याचिका में राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता होने का आरोप लगाया गया है। जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख पेश करने की अपेक्षा की है। गौरतलब हो कि इस मामले में कोर्ट ने केंद्र को 19 दिसंबर को निर्देश दिया था कि वह अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा 24 मार्च तक पेश करें। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने यह आदेश कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया था। बता दें कि आज क्रेंद इस मामले पर जवाब दाखिल करने वाला है। ऐसे में यदि राहुल गांधी दो पासपोर्ट मामले में दोषी पाए जाते, हैं तो उनके खिलाफ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 (2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिर उनके खिलाफ नागरिकता छिपाने और गलत जानकारी देने का केस दर्ज किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह कि नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति को 5 साल की सजा हो सकती है। 50,000 रुपये का जुर्माना या सजा दोनों लगाया जा सकता है। इसके साथ ही भारतीय नागरिकता भी खारिज की जा सकती है। वकील एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर (Rahul Gandhi Citizenship Case की थी याचिका  बता दें कि 1 जुलाई 2024 को कर्नाटक के बीजेपी के सदस्य और वकील एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर (Rahul Gandhi Citizenship Case) की थी। दायर इस याचिका में राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता के आरोप लगाए गए थे। यही नहीं, याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल का भी हवाला भी दिया था। इसके अलावा विग्नेश ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 (2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की थी। शिशिर ने दलील देते हुए कहा था कि राहुल गांधी की संसद की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। उनकी इस दलील के पीछे की वजह यह ये कि भारतीय नागरिकता रखने वाला व्यक्ति ही लोकसभा चुनाव लड़ सकता है। इसे भी पढ़ें:- कठुआ में 5 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने घेरा, एनकाउंटर जारी, गोली लगने से एक बच्ची घायल  कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले (Rahul Gandhi Citizenship Case) में की गई थी सीबीआई जांच की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले (Rahul Gandhi Citizenship Case) की भी सीबीआई जांच की मांग की थी। दरअसल, याचिका इस दावे के आधार पर दायर की गई थी कि राहुल गांधी भारत के नागरिक हैं या ब्रिटेन के नागरिक हैं? यदि वो ब्रिटिश नागरिक हैं तो वह संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं। 2023 जुलाई में कोर्ट ने राहुल गांधी के सांसद के रूप में चुनाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लेने के बाद खारिज कर दिया था। यही नहीं, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में इसी तरह की याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि “वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच में दायर याचिकाओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही मामले की सुनवाई करेगी।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Citizenship Case #RahulGandhi #RahulGandhiCitizenship #Congress #BritishCitizenship #IndianPolitics #AllahabadHighCourt #RahulCase #PoliticalNews #IndiaNews #BreakingNews

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CSK Crushes MI in IPL 2025

IPL 2025 CSK victory: आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आईपीएल के 18वें सीजन का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की टीम के बीच में खेला गया। सीएसके की टीम ने अपने पहले ही मुकाबले में मुंबई इंडियंस की टीम को 4 विकेट से मात देकर (IPL 2025 CSK victory) सीजन का आगाज किया। इस मैच में मुंबई इंडियंस की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 155 रन ही बना सकी। इस चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को इस मुकाबले में 156 रनों का टारगेट मिला। जवाब में सीएसके की टीम ने 19.1 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। सीएसके की तरफ से रचिन रवींद्र ने न सिर्फ नाबाद 65 रनों की पारी खेली बल्कि इस मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका भी निभाई। इसी के साथ मुंबई की टीम को एक और बार सीजन के अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि अब 28 मार्च को सीएसके को अपना अगला मुकाबला आरसीबी की टीम के खिलाफ खेलना है। मुंबई इंडियंस की टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शर्मनाक हार का (IPL 2025 CSK victory) करना पड़ा सामना  गौर करने वाली बात यह कि मुंबई इंडियंस की टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना (IPL 2025 CSK victory) करना पड़ा। बड़ी बात यह कि इस मैच में मुंबई की टीम के बड़े-बड़े सितारे पूरी तरह फ्लॉप रहे। फ्लॉप होने वाले खिलाड़ियों में रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं। बता दें कि रोहित इस मुकाबले में खाता तक नहीं खोल पाए और उन्हें चौथी ही गेंद पर खलील अहमद ने बिना खाता खोले आउट कर दिया। रोहित के कारण मुंबई को अच्छी शुरुआत नहीं मिल पाई। रोहित ने जो किया वो किया रही सही कसर सूर्यकुमार यादव ने पूरी कर दी। अपनी विस्फोटक बल्लेजबाजी के लिए जाने जाने वाले सूर्यकुमार ने 26 गेंदों पर सिर्फ 29 रन ही बना सके। सूर्या के बल्ले से सिर्फ 2 चौके और 1 छक्का ही लग सका। इस बीच मुंबई इंडियंस को रयान रिकेल्टन से भी काफी उम्मीदें थी। लेकिन रिकेल्टन मुंबई के लिए अपने पहले ही मुकाबले में फेल रहे। रिकेल्टन ने अपनी पारी में सिर्फ 7 गेंदों पर 13 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- BCCI ने कप्तानों को दी बड़ी राहत इस तरह के खराब प्रदर्शन की नहीं थी उम्मीद (IPL 2025 CSK victory)  मुंबई इंडियंस की हार में एक बड़ा रोल तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट का भी रहा। इस मैच में बोल्ट को विकेट तो मिला ही नहीं बल्कि उन्हें 3 ओवर में 9 की रन रेट से 27 रन भी पड़ गए। बोल्ट जसप्रीत बुमराह के बिना एकदम कारगर साबित नहीं हो पाए। मुंबई इंडियंस के स्टार ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ना तो इस मैच में सैंटनर की बॉलिंग चली और ना ही उनकी बैटिंग। इस मैच में उनके बल्ले से 13 गेंद पर सिर्फ 11 रन ही बन सके। बेशक चेन्नई की टर्निंग विकेट पर सैंटनर से इतने खराब प्रदर्शन की उम्मीद (IPL 2025 CSK victory) नहीं थी। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 CSK victory #IPL2025 #CSKvsMI #ChennaiSuperKings #MSDhoni #IPL2025Final #CSKWin #MIvsCSK #CSKChampions #YellowArmy #CSKVictory

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Trump's 2025 Ukraine Strategy Impact on Zelensky's Leadership​

Trump Ukraine plan 2025: क्या जेलेंस्की को सत्ता से बेदखल कर देंगे अमेरकी राष्टपति ट्रंप? ये है पूरा प्लान

पीछले तीन वर्षों से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल के चलते थमने जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम होता है तो यूक्रेन का क्या होगा? और इससे भी बड़ा सवाल यह कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का क्या होगा (Trump Ukraine plan 2025) ? ये वो सवाल हैं जो हर किसी के मन में कौंध रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने न सिर्फ युद्धविराम का रोडमैप तैयार कर लिया है, बल्कि जेलेंस्की और यूक्रेन के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला कर लिया है। ट्रंप के यूक्रेन प्लान को लेकर नया और बड़ा खुलासा हुआ है। ट्रंप और उनकी टीम ने जेलेंस्की का तख्तापलट करने की तैयारी कर ली है। जेलेंस्की के बाद यूक्रेन की कमान कौन संभालेगा, ये भी तय हो गया है। जानकारी के मुताबिक यूक्रेन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और जेलेंस्की ने एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। लेकिन उससे भी बड़ी बात यह कि उनका ये ब्लूप्रिंट लीक हो गया है। लीक हुए ब्लूप्रिंट से पता चला है कि ट्रंप किसी यूक्रेनी महिला को यूक्रेन का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। दरअसल, ट्रंप का यह कदम युद्धविराम के बाद होने वाले चुनावों के साथ जुड़ा हुआ है।  यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री को ट्रंप सौंपना चाहते हैं यूक्रेन की कमान (Trump Ukraine plan 2025) सोचने वाली गंभीर बात यह कि आखिर वो महिला कौन है जिसे ट्रंप यूक्रेन की कमान सौंपना चाहते हैं (Trump Ukraine plan 2025)? तो वो कोई और नहीं, बल्कि यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया तिमोशेंको हैं जिन्हें जेलेंस्की की जगह ट्रंप यूक्रेन का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। ये वही यूलिया हैं, जो रूस के आक्रमण के बाद से ही राजनीति से नदारद थीं, लेकिन अब तीन साल बाद अचानक बेहद सक्रिय हो गई हैं। खासकर तब, जब युद्ध खत्म होने के करीब है। न सिर्फ वो राजनीति में सक्रिय हुई हैं बल्कि ट्रंप के साथ मिलकर काम भी कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक जेलेंस्की को हटाकर ट्रंप यूलिया तिमोशेंको को यूक्रेन का अगला राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। मजे की बात यह कि जब ट्रंप ने युद्धविराम के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। गौर करने वाली बात यह कि इन दिनों यूलिया कीव की राजनीति में अचानक काफी सक्रिय हो गई हैं। वो एक तरफ शांति समझौता करवाने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफों के पुल बाँध रही हैं हैं तो दूसरी तरफ जेलेंस्की की नीतियों का खुलकर विरोध भी कर रही हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि ट्रंप युद्धविराम के तुरंत बाद यूक्रेन में चुनाव करवाएंगे। दरअसल, ट्रंप यूलिया को ही यूक्रेन का अगला राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं।  इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर जेलेंस्की का तख्तापलट करने के लिए आधार तैयार कर रही (Trump Ukraine plan 2025) हैं यूलिया  इस बीच यूलिया बैकडोर चैनल से लगातार ट्रंप के संपर्क में हैं। वो जेलेंस्की का तख्तापलट करने के लिए आधार तैयार कर रही (Trump Ukraine plan 2025) हैं। इस हेतु वो यूक्रेन में अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जुटा रही हैं। तो वहीं ट्रंप जेलेंस्की पर चुनाव के लिए लगातार दबाव डाल रहे हैं। इस बीच अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बड़ा दावा किया है। विटकॉफ के मुताबिक “जेलेंस्की ट्रंप के सामने झुक गए हैं।” खबर के मुताबिक कीव राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए तैयार हो गया है। इधर युद्ध खत्म होगा और उधर यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव का बिगुल बज जाएगा। इसके बाद जेलेंस्की की विदाई हो सकती है। बेशक यूक्रेन में चुनाव का सीधा सा मतलब है कि जेलेंस्की और उनकी सरकार का पतन। कहने की जरूरत नहीं, यूलिया एक तरह से यूक्रेन में ट्रंप की कठपुतली राष्ट्रपति होंगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Ukraine plan 2025 #TrumpUkrainePlan​ #ZelenskyRemoval​ #USUkrainePolicy​ #TrumpPeaceStrategy​ #UkraineCeasefire2025​ #TrumpPutinTalks​ #ZelenskyOuster​

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Pakistan occupied Balochistan

पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन

बलूचिस्तान (Balochistan) क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज्य है और यह आकार के मामले में जर्मनी के बराबर है, लेकिन आबादी के मामले में यह राज्य विरान है। यहां की आबादी मात्र डेढ़ करोड़ है, जो जर्मनी से सात करोड़ कम है। लेकिन इस राज्य की जो सबसे बड़ी खूबी है, वह है कि यह राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरा पूरा है। यहां की खदानों में सोना, तांबा और तेल जैसे कई चीजें मौजूद हैं। पाकिस्तान (Pakistan) इन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल कर देश की जरूरतों को पूरा कर रहा है। लेकिन इतना सबकुछ होते हुए बलूचिस्तान (Balochistan) सबसे पिछड़ा राज्य है। यहां के 70 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मामलों में यह राज्य न केवल पाकिस्तान (Pakistan) बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में सबसे पीछे हैं। इसी गरीबी और पिछड़ेपन के कारण ही बलूचिस्तान में पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ नफरत बढ़ती जा रही है। बलूच लोग अपने हक की मांग को लेकर विद्रोह कर रहे और आए दिन पाकिस्तानी सेना पर हमले कर रहे हैं।  कैसे और शुरू हुआ बलूचिस्तान में विद्रोह भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद से ही बलूचिस्तान (Balochistan) का इतिहास विद्रोह भरा रहा है। बंटवारे के समय चार अगस्त 1947 को दिल्ली में एक बैठक हुई थी। इसमें कलात के शासक मीर अहमद खान, जवाहर लाल नेहरू और जिन्ना के साथ ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन भी शामिल हुए थे। इस बैठक में फैसला लिया गया था कि कलात, लास बेला, खरान और मकरान को मिलाकर एक आजाद बलूचिस्तान बनाया जाएगा और 11 अगस्त को बलूचिस्तान को अलग देश घोषित कर दिया गया। बलूचिस्तान को आजाद घोषित करने के करीब एक माह बाद 12 सितंबर को इंग्लैंड ने एक प्रस्ताव पारित किया। जिसमें कहा गया कि बलूचिस्तान आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से अलग देश बनने की हालत में नहीं है।  पाकिस्तान ने 1948 में बलूचिस्तान पर हमला कर जबरदस्ती कब्जा कर लिया जिसके बाद जिन्ना ने अहमद खान से बलूचिस्तान का पाकिस्तान में विलय करने को कहा। लेकिन कलात के शासक ने यह बात नहीं मानी। जिसके बाद पाकिस्तान ने 1948 में बलूचिस्तान पर हमला कर जबरदस्ती कब्जा कर लिया। लेकिन बलूचों ने हार नहीं मानी और पाकिस्तान के खिलाफ बगावत शुरू हो गई। यह संघर्ष तभी से जारी है। बलूचों का कहना है कि यहां के प्राकृतिक संसाधनों पर उनका हक है, लेकिन पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर अवैध कब्जा कर रखा है और वो इस कब्जे को हटाने के लिए लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में अब तक हजारों बलूच मारे जा चुके हैं और हजारों गायब हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी बलूच हार मानने को तैयार नहीं और पाकिस्तानी सेना पर लगातार जवाबी हमले कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने बनाया छठी पीढ़ी का सबसे एडवांस फाइटर जेट, खूबियां सुन कांप जाएगा चीन! ट्रंप ने उठाया राज से पर्दा  औरंगजेब को भी बलूचों के सामने होना पड़ा था नतमस्तक  भारतीय राजा शेरशाह सूरी ने मुगल शासक हुमायूं को युद्ध में हरा दिया था, जिसके बाद उसने भागकर ईरान में शरण ली थी। साल 1545 में जब शेरशाह सूरी की मौत हुई तो हुमायूं फिर भारत लौट आया और बलूचों की मदद से ही साल 1555 में उसने दिल्ली पर कब्जा किया था। साल 1659 में जब औरंगजेब मुगल बादशाह बना तो बलूच सरदारों ने उसके खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया और साल 1666 में बलूचों ने औरंगजेब की सेना को हराकर कलात और क्वेटा पर कब्जा कर दिया। इन इलाकों को औरंगजेब दोबारा कभी नहीं जीत पाया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Balochistan #BalochFreedom #PakistanOccupiedBalochistan #Balochistan #BalochRights #FreeBalochistan #BalochHistory #AurangzebRule #PakistanCrackdown #BalochStruggle #HumanRights

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Pakistan Army Chief's Alleged Coup Plot with Baloch Insurgents​

पाकिस्तान में बलूचों को मोहरा बनाकर तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं आर्मी चीफ? 

ऐसे में बड़ा सवाल यह की आखिर पाकिस्तान की आवाम को मुनीर क्या संदेश देना चाहते हैं? कुल-मिलाकर उनके कहने का मतलब यही न कि शहबाज से न सिर्फ देश संभल रहा है बल्कि उग्रवाद और आतंरिक आतंकवाद से लड़ने में उनकी सरकार सक्षम नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उनके मुताबिक सेना ही जो पाकिस्तान ताकतवर बना सकती है। जानकारों की माने तो बलूचों को मोहरा बनाकर आर्मी चीफ पाकिस्तान में तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं। बता दें कि भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी लोकतंत्र का शासन है। बेशक लोकतंत्र में सरकार अपना काम करती है। देश में आर्मी का काम है देश की सुरक्षा करना। लेकिन मजे की बात यह कि अपने काम को बेहतर तरीके से करने के बजाय मुनीर उल्टा सरकार को ही नसीहत देने लगे हैं। जाहिर  तौरपर ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वह मुनीर वही चाल चलने की साजिश कर रहे हैं जो कभी दशकों पहले परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ के साथ चली थी। ऐसे में पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी सत्ता जाने का डर सता रहा है। दरअसल, जिस तरह मुनीर बलोचों से जंग और पाक में हो रहे हमलों का ठीकरा शहबाज शरीफ पर फोड़ रहे हैं, ठीक उसी तरह आज से तकरीबन 25 साल पहले जनरल परवेज मुशर्रफ ने भी कारगिल की हार का ठीकरा नवाज शरीफ फर फोड़ा था।  इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट के जरिए नवाज शरीफ को कर दिया था सत्ता से बेदखल  बता दें कि पकिस्तान के जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ को 12 अक्टूबर 1999 को एक सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया था। उस समय मुशर्रफ पाकिस्तान के सेना प्रमुख थे। गौर करने वाली बात यह कि यह तख्तापलट (Military takeover Pakistan) कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद यह हुआ था। जबकि कारगिल युद्ध के मास्टरमाइंड और रणनीतिकार खुद परवेज मुशर्रफ थे। उन्होंने ही कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। और उन्हीं के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना और एलओसी पार कर कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ की थी। खैर, बता दें कि पाकिस्तान वर्तमान समय में बड़े संकट से गुजर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बम धमाके हो रहे हैं, तो कहीं अज्ञात हमलावर खौफ फैला रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तानी सेना हालात पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रही है। आम जनता भुखमरी की मार झेल रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Military takeover Pakistan #PakistanArmyChief​ #BalochistanConflict​ #MilitaryCoupPakistan​ #AsimMunir​ #BalochLiberationArmy​ #PakistanPoliticalCrisis​

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