Singapore virus outbreak

सिंगापुर में COVID-19 मामलों में तेजी, एहतियात बरतना बेहद जरूरी

पूरा दक्षिण-पूर्वी एशिया एक बार फिर से कोविड-19 की (Covid 19) चपेट में दिख रहा है। खासकर सिंगापुर और हांगकांग जैसे विकसित शहरों में अचानक से कोविड-19  के मामलों में तेजी देखी गई है। इसके अलावा, चीन और थाईलैंड में भी कोरोनावायरस (Coronavirus) के पेशेंट्स की संख्या  जा रही है। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को फिर से सतर्क कर दिया है। Singapore Covid 19 Cases में 28% की बढ़ोतरी विशेष रूप से  सिंगापूर कोविड 19 केस (Singapore Covid 19 Cases) की बात करें तो, बीते वर्ष की तुलना में इस साल मामलों में 28% की वृद्धि देखी गई है। 3 मई तक सिंगापुर में 14,200 केस रजिस्टर किए जा चुके हैं। यह संख्या पिछले कुछ महीनों में आई गिरावट के बाद अब चिंताजनक रूप लेती जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स  के अनुसार यह उछाल एशिया में फैल रही कोविड-19 की एक नई लहर का हिस्सा है। चीन में संक्रमण के मामले पिछले साल की गर्मियों के चरम स्तर के करीब पहुँच रहे हैं। वहीं, थाईलैंड में अप्रैल के सोंगक्रन फेस्टिवल (Songkran के बाद केसों में बढ़त देखी जा रही है। जानकारों के अनुसार त्योहारों और अत्यधिक भीड़-भाड़ के कारण इंफेक्शन एकबार फिर से फैलने लगा है।  सिंगापूर में कोविड 19 केस में बढ़ोतरी  सिंगापुर के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोग इस बार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। जिन लोगों को पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनके संक्रमित होने की संभावना अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार, बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट आना स्वाभाविक है, जिससे वायरस का प्रभाव तेज हो जाता है। Singapore में कौन से वेरिएंट फैला रहे हैं संक्रमण? फिलहाल सिंगापूर कोविड 19 केस (Singapore Covid 19 Cases) में दो मुख्य वेरिएंट सामने आ रहे हैं — LF.7 और NB.1.8। ये दोनों ही वेरिएंट JN.1 स्ट्रेन से संबंधित हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों वेरिएंट्स की वजह से कुल मामलों का दो-तिहाई हिस्सा सामने आ रहा है। यह भी देखा गया है कि इन वेरिएंट्स की वजह से संक्रमण की दर में बढ़ोतरी तो हो रही है, लेकिन गंभीर बीमारी के मामले अभी सीमित हैं। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में  Covid 19  के लक्षण  सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश की जनसंख्या प्रतिरक्षा (Population immunity) धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन फिलहाल इन वेरिएंट्स के अधिक तेजी से फैलने या गंभीर बीमारी का कारण बनने का कोई संकेत नहीं है। CNA (Channel News Asia) की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर इस नए कोविड-19 संक्रमण (Covid 19 Infection) को सामान्य फ्लू की तरह ही देख रहे हैं। अधिकांश लोग बिना किसी जटिलता के जल्दी ठीक हो रहे हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि लापरवाही की जाए। बूस्टर डोज़ लेना, मास्क पहनना और भीड़भाड़ से बचना अब भी बेहद जरूरी है। सावधानी ही सुरक्षा है सिंगापुर सरकार लोगों को सजग रहने की सलाह दे रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यह जरूरी है कि हम सभी व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखें, नियमित हाथ धोएं और कोविड से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करें।  सिंगापूर कोविड 19 केस (Singapore Covid 19 Cases) में जिस तरह से वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि महामारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालाँकि ज्यादातर मामले गंभीर नहीं हैं, लेकिन एहतियात और सतर्कता के साथ ही इस लहर से बचा जा सकता है। हमें फिर से सतर्क रहने और सामूहिक प्रयास से इस चुनौती का सामना करने की आवश्यकता है। Latest News in Hindi Today Hindi Singapore Covid 19 Cases #SingaporeCOVID19 #COVIDSurge #HealthAlert #SingaporeNews #OmicronUpdate #MaskUpSingapore #StaySafeSG #COVIDPrecautions #VirusUpdate #SingaporeHealth

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Tragacanth gum

स्किन के लिए गोंद कतीरा के क्या हैं फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

गोंद कतीरा (Gond Katira) को ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है, जो कुछ समय पहले तक अधिकतर भारतीय रसोईघरों में पाया जाता था। लेकिन, अब लोग इसका कम इस्तेमाल करने लगे हैं। इस गम को इसकी नेचुरल कूलिंग के लिए और हेल्थ के लिए फायदेमंद प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह हर्ब जेली के समान होता है और इसका कोई स्वाद या गंध नहीं होती। गर्मी के मौसम में इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे स्किन के लिए भी फायदेमंद माना गया है। आइए जानें गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) के बारे में। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (Food and Agriculture Organization of the United Nations) के अनुसार गोंद कतीरा यानि ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) एक तरह का ड्राइड रस है। इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों में बाइंडर और स्टेबलाइज़र के रूप में किया जाता है। स्किन के लिए भी यह गम बहुत बेनेफिशियल मानी गयी है। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) निम्नलिखित हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक गोंद कतीरा का स्किन पर कैसे करें इस्तेमाल?  गोंद कतीरा (Gond Katira) का स्किन पर इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: आप स्किन की समस्याओं को दूर करने और स्किन (Skin) में निखार लाने के लिए गोंद कतीरा का फेस मास्क बना कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके फेस मास्क को बनाने के लिए थोड़ा गोंद कतीरा (Gond Katira) पूरी रात पानी में भिगोएं और गुलाब जल ड़ाल कर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। इसके बाद चेहरे को धो लें। आप इसमें थोड़ी हल्दी मिला कर मुहांसों वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Gond Katira #Tragacanthgum #GondKatira #BenefitsofGondKatiraforSkin #GondKatiraforSkin

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Special Worship in Jyeshtha

लड्डू गोपाल की कृपा पाने के लिए ज्येष्ठ माह में करें विशेष पूजा

भारतीय सनातन परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण को बाल स्वरूप में पूजने की परंपरा अत्यंत पुरानी है। लड्डू गोपाल, अर्थात भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) का बाल रूप, भक्तों के लिए केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि एक जीवंत भावनात्मक संबंध का प्रतीक होते हैं। उनके लिए भोग बनाना, वस्त्र पहनाना, झूला झुलाना और सेवा करना भक्तों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाता है। वर्ष का हर माह लड्डू गोपाल की भक्ति के लिए विशेष होता है, लेकिन ज्येष्ठ मास में उनकी सेवा-पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। कैसे करें लड्डू गोपाल की सेवा–पूजा ज्येष्ठ मास में? ज्येष्ठ माह में प्रतिदिन प्रातः स्नान के पश्चात सबसे पहले घंटी बजाकर लड्डू गोपाल (Laddu Gopal) को जागृत करें। इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई करें और गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र बनाएं। फिर लड्डू गोपाल को स्नान कराएं और उन्हें साफ-सुथरे वस्त्र पहनाएं। उनके मस्तक पर चंदन का तिलक लगाएं और सुंदर शृंगार करें। इसके पश्चात दीप प्रज्वलित कर उनकी आरती करें। भोग में फल, मिठाई और माखन-मिश्री अर्पित करें। ध्यान रखें कि भोग में तुलसी के पत्ते अवश्य डालें, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि बिना तुलसी के लड्डू गोपाल भोग स्वीकार नहीं करते। इसे भी पढ़ें:- क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा ज्येष्ठ मास में विशेष तिथि – निर्जला एकादशी और वट सावित्री व्रत इस माह की निर्जला एकादशी और वट सावित्री व्रत का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इन अवसरों पर लड्डू गोपाल की विशेष पूजा, व्रत और दान करना अति पुण्यकारी माना गया है। इन तिथियों पर भगवान को तुलसी पत्र, पंचामृत, फल एवं दक्षिणा अर्पित कर व्रत किया जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Lord Krishna #LadduGopal #JyeshthaMonth #KrishnaPuja #SpiritualBenefits #HinduRituals #DivineBlessings #JyeshthaPuja2025 #LadduGopalSeva #BhaktiVibes #LordKrishna

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Mother & Minor Lover Involved in Shocking Child Abuse Case

Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case: पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला

सरकार लाख चाहे बेटी बचाओ की मुहीम क्यों न चला ले, समाज में बैठे दरिंदे मंसूबों पर पानी फेरने के लिए तैयार बैठे हैं। देश के हर कोने में हर दिन कोई न कोई मासूम किसी न किसी की हवस का शिकार बनती रहती है। ताजा मामला है देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई की है, जहाँ एक कलयुगी डायन ने अपनी ढाई साल की नन्हीं मसूम का गला घोंट (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) दिया। आगे की बात जानकर हो सकता है आपका कलेजा कांप उठे। नन्हीं सी जान को मारने से पहले उसने अपने 19 साल के प्रेमी से दुष्कर्म भी करवाया। सोचनीय बात यह कि दुष्कर्म वो भी अपनी ही ढाई साल की बच्ची का। आपने जो पढ़ा, वो सच है। दिल दहला देने वाली यह घटना मलाड के मालवणी स्थित एक झोपड़पट्टी में हुई है। फ़िलहाल पुलिस ने हत्यारन महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। 30 वर्षीय हत्यारन माँ की शादी दो साल पहले टूट गई (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) थी जाँच में मुंबई पुलिस को पता चला कि 30 वर्षीय हत्यारन माँ की शादी दो साल पहले टूट गई थी। इस दौरान वो पेट से थी। बच्चे को जन्म देने के बाद से वह अपनी मां के घर पर रहा करती थी। इस दरम्यान उसकी पहचान पड़ोस में रह रहे 19 साल के लड़के से होती है। पहली बार में ही दोनों एक दूसरे के करीब आ जाते हैं और दोनों के बीच संबंध स्थापित हो जाते (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) हैं। पुलिस के मुताबिक, “महिला और 19 साल का उसका प्रेमी दोनों रिलेशनशिप में थे।” दोनों के रिश्तों की भनक किसी को नहीं थी। इस बीच एक दिन हत्यारन की माँ यानी बच्ची की नानी घर पर नहीं थी। मौका देख 19 साल प्रेमी घर आया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की जिद करने लगा। पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने इससे पहले भी यह जिद की थी। पहले तो वह अपनी बेटी का उत्पीड़न कराने के लिए तैयार नहीं हुई, लेकिन बार-बार जिद करने के बाद वह तैयार हो गई। अपनी आँखों के सामने अपनी ही फूल सी बच्ची का (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) करवाया दुष्कर्म चूँकि घर पर कोई था नहीं, सो उसने अपनी आँखों के सामने ही अपनी फूल सी बच्ची का दुष्कर्म (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) करवाया। इस बीच वह मासूम दर्द के मारे चीखती रही, लेकिन उस हैवान को जरा भी तरस नहीं आया। उसकी चीख ऐसी की कान के पर्दे फट जाएँ। अपनी हवस मिटाने के बाद फिर दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया। पुलिस के मुताबिक हत्यारन महिला ने कबूल किया कि वो अपनी बेटी को किसी भी हाल में अपने साथ नहीं रखना चाहती थी। उसकी बूढ़ी माँ ही उसका ध्यान रखती थी, जो बतौर सहायिक के रूप में काम करती है और 3000 महीना कमाती है। खैर, मामला सामने आता भी नही, वो तो गला घोंटने के बाद दोनों रविवार देर रात मालवणी के एक अस्पताल में लेकर गए। आरोपियों ने मौजूद डॉक्टरों से कहा कि “बच्ची को मिर्गी का दौरा पड़ा है। जिसके कारण वह बेहोश हो गई है।” इसे भी पढ़ें:- लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार आरोपियों ने अपराध को छिपाने की (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) की कोशिश इस बीच डॉक्टर ने चेक करना शुरू किया। जांच करने पर पता चला कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है, न कि मिर्गी की वजह से आई बेहोशी है। फ़िलहाल, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के दौरान बच्ची को मृत घोषित कर दिया। तभी डॉक्टर की नजर बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स पर ताजे चोट के निशान पड़ी, जो कि यौन उत्पीड़न की तरफ इशारा कर रहे थे। शक होने पर डॉक्टरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने आरोपियों ने अपराध को छिपाने की कोशिश (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) की। उन्होंने दावा किया कि बच्ची को मिर्गी का दौरा पड़ा था लेकिन, डॉक्टर ने देखा कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है।” पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं जिनमें, 70,64,65 (2), 66,103,238,3 (5) शामिल है के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 6,10.21 के तहत मामला दर्ज किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case #ChildAbuse #ChildSafety #StopChildAbuse #JusticeForChildren #ProtectKids #CrimeNews #ChildProtection #BreakingNews #ChildRights #LawAndOrder

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One Nation One Election

One Nation One Election: इतना भी आसान नहीं है वन नेशन-वन इलेक्शन करवाना, कुल इतने हजार करोड़ होंगे खर्च

देश में हर साल कहीं न कहीं, कोई न कोई चुनाव होता ही रहता है। कभी इस राज्य में चुनाव तो कभी उस राज्य में। इस बीच बीते वर्षों में वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation One Election) की चर्चा जोरों पर है। कुछ राजनीतिक पार्टियां हैं जो इसके पक्ष में हैं, तो कुछ विपक्ष में। खैर, ऐसे में बड़ा सवाल कि क्या देश में वन नेशन वन इलेक्शन यानी एक साथ लोकसभा और विधानसभ चुनाव संपन्न करा पाना आसान है? और उससे भी बड़ा सवाल यह कि इसे कराने में आखिर खर्च कितना आएगा? कहने की जरूरत नहीं इसे कराने में कई हजार करोड़ खर्च होंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि साल 2029 में सरकार वन नेशन वन इलेक्शन कराती है तो चुनाव आयोग को काम से काम 1 करोड़ ईवीएम मशीन, 34 लाख वीवीपैट मशीन, 48 लाख बैलेटिंग यूनिट और 35 लाख कंट्रोल यूनिट की जरूरत होगी। इसे खरीदने में कुल 5,300 करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च होगा।  ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी वन नेशन-वन इलेक्शन (One Nation One Election) के मुद्दे पर कर रही है विचार  दरअसल, इकोनॉमिक्स टाइम्स की मानें तो इस पर चुनाव आयोग ने एक असिसमेंट किया है, जिसमें एक साथ चुनाव कराने में 5,300 करोड़ रुपये से ज्यादा आने आने का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल अभी वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation One Election) बिल ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी के पास है, जिस पर सुझाव लिए जा रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग संसदीय समिति के सवालों का जवाब तैयार कर रहा है। यह समिति वन नेशन-वन इलेक्शन (एक देश, एक चुनाव) के मुद्दे पर विचार कर रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक समिति ने चुनाव आयोग से पूछा है कि “एक साथ चुनाव कराने में कितना खर्च आएगा और क्या इससे खर्च कम हो सकता है? जाहिर सी बात है, चुनाव आयोग का जवाब ईवीएम और वीवीपैट मशीनों पर ही आधारित होगा।  एक साथ चुनाव कराने हेतु चुनाव (One Nation One Election) आयोग को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का भी करना पड़ेगा सामना  वर्तमान में चुनाव आयोग के पास 30 लाख से अधिक बीयू, 22 लाख सीएयू (बीयू और सीयू मिलकर ईवीएम बनाते हैं) और लगभग 24 लाख वीवीपैट हैं। यह तो ठीक, लेकिन ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल इनमें कई मशीने 15 साल पुरानी हैं। कई मशीनें 2013-14 में खरीदी गई थीं। जाहिर सी बात है ऐसे में साल 2029 में होने वाले इलेक्शन के लिए तकरीबन 20 लाख बीयू, 13.6 लाख सीयू और 10 लाख से ज्यादा वीवीपैट की कमी हो सकती है। यही नहीं, एक साथ चुनाव कराने हेतु चुनाव (One Nation One Election) आयोग को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। वजह यह कि चुनाव आयोग को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रखने के लिए अधिक से अधिक गोदामों की ज़रूरत होगी। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्यों के पास अपने खुद के गोदाम ही नहीं हैं। इसे भी पढ़ें:- लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार वन नेशन-वन इलेक्शन (One Nation One Election) के लिए बड़ी तादात में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें ट्रेनिंग देना नहीं है आसान  इसके अलावा एक साथ चुनाव कराने (One Nation One Election) के लिए बड़ी तादात में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें ट्रेनिंग देना आसान नहीं है। यही नहीं, इसके अलावा मशीनों की जांच के लिए मैन्युफैक्चरर के इंजीनियरों को बुलाना होगा। गौरतलब हो कि यह काम लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले और विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले शुरू हो जाता है। 12 लाख से ज़्यादा पोलिंग स्टेशनों और गोदामों की सुरक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ज़रूरत होगी। ऐसा इसलिए कि साल 2024 के लोकसभा इलेक्शन में 10.53 लाख पोलिंग स्टेशन थे। चुनाव आयोग का अनुमान है कि साल 2029 में पोलिंग स्टेशन्स की संख्या में  15% इजाफा हो सकता है। 15% इजाफा होने का अर्थ है वन नेशन वन इलेक्शन के लिए 12.1 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन्स की आवश्यकता होगी। बता दें कि हर पोलिंग स्टेशन पर दो सेट ईवीएम की ज़रूरत होती है। पोलिंग स्टेशन्स की संख्या बढ़ने का अर्थ है ईवीएम के साथ सब की संख्या बढ़ जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news One Nation One Election #OneNationOneElection #ElectionReformIndia #SimultaneousPolls #ModiGovernment #IndianPolitics #LokSabha2024 #ElectionCost #OnePollIndia #LawCommission #DemocracyIndia

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Shambhu Gupta opium case

RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium: लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार

कहने के लिए तो बिहार में पूर्णतया शराब बंदी है, लेकिन सूबे में नशे का कारोबार है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन पुलिस कार्रवाई करती रहती है। ऐसी ही एक कार्रवाई के तहत पुलिस ने मोतिहारी जिले में नशे की एक बड़ी खेप पकड़ी है। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कोटवा थाना क्षेत्र में बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। इस कार्रवाई में तेजस्वी यादव के सबसे करीबी माने जाने वाले आरजेडी नेता को पुलिस ने अफीम के साथ (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) पकड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीहारी जिले में पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष शंभू गुप्ता को तकरीबन दो करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। इसके साथ उनके दो अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किये गए आरोपियों की पहचा बांका निवासी नरेश साह और यूपी के सहारनपुर निवासी सोमपाल कुमार के रूप में हुई है। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है।  शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) नेपाल से भारी मात्रा में अफीम लाकर बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी करता था सप्लाई  खबर के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) एक ऐसे अफीम तस्करी रैकेट का सरगना है जो नेपाल से भारी मात्रा में अफीम लाकर बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी सप्लाई करता था। फिर क्या था, इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया और शंभू गुप्ता को 4.074 किलोग्राम अफीम के साथ धर दबोचा। अफीम के साथ-साथ उसके पास से 55,000 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की माने तो “शंभू गुप्ता के खिलाफ पहले से ही मोतीहारी के छतौनी थाना और झारखंड के जमशेदपुर में हत्या, अपहरण और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में तीन मुकदमे दर्ज हैं।” खैर, वर्तमान में पुलिस इस तस्करी रैकेट की गहराई तक जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल है और अफीम की यह खेप किन-किन स्थानों पर पहुंचाई जानी थी। इसके अलावा पुलिस जब्त किये मोबाइल की कॉल हिस्ट्री खंगाल रही है, ताकि अन्य तस्करों की पहचान की जा सके।  शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए की गई थी विशेष टीम गठित इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गहनता से जाँच में जुटी हुई है कि आखिर तकरीबन 2 करोड़ की अफीम उसने कहाँ से ली और आगे चलकर वो किन किन को इसे डिलीवर करना चाहता था। इसके साथ ही पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश में जुटी है। इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ जितेश पांडे ने बताया कि “शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी।” उन्होंने विस्तारपूर्वक बताया कि “हम इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटे हैं। शंभू गुप्ता की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।” गौरतलब हो कि यह गिरफ्तारी बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। बिहार पुलिस ने ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी और इसे मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया। बता दें कि शंभू गुप्ता पर पहले से हत्या और अपहरण के मामले दर्ज हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) आरजेडी मधुबन संगठन जिला के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष भी है इस पूरे मामले पर जितेश पांडेय ने बताया कि “एसपी के निर्देश पर शराब एवं ड्रग्स माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इन लोगों को पकड़ा गया है।” बता दें कि तस्कर शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) आरजेडी मधुबन संगठन जिला के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष है। इसके अलावा वह दुलमा पंचायत से मुखिया भी रह चुका है। इसके अलावा वो मधुबन विधानसभा से प्रत्याशी के रूप में अपना प्रचार-प्रसार करने का भी काम किया है। इसके साथ ही वह आरजेडी के कई कार्यक्रम में हिस्सा लेता रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium #RJDLeaderArrested #ShambhuGupta #OpiumSmuggling #₹2CroreDrugs #BiharNews #DrugBust #LaluYadav #RJDScandal #PoliticalCrime #NarcoticsIndia

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Sunrisers Hyderabad vs Lucknow

Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants: सनराइजर्स हैदराबाद की जीत ने किया लखनऊ सुपरजायंट्स को प्लेऑफ की रेस से बाहर, भिड़े खिलाड़ी

19 मई को आईपीएल 2025 (इंडियन प्रीमियर लीग) का 61वां मुकाबला लखनऊ सुपरजायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद बीच खेला गया। लखनऊ के इकना  (भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम) स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने लखनऊ सुपरजायंट्स को आईपीएल 2025 से बाहर कर (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) दिया है। दरअसल, इस लीग की प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए लखनऊ को यह मैच जीतना बेहद जरूरी था। करो या मरों की स्थिति के बावजूद लखनऊ को हार का मुंह देखना पड़ा। बता दें कि सोमवार को लखनऊ सुपरजायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए मैच में  सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने लखनऊ ने बढ़िया शुरुआत की। लखनऊ की तरफ से मिचेल मार्श ने 65 रन, एडेन मार्करम ने 61 रन तो निकलस पूरन 45 रन बनाए। इन रनों की बदौलत लखनऊ ने 7 विकेट के नुकसान पर कुल 205 रन बनाए।  हैदराबाद ने महज 18.2 ओवर में 4 के नुकसान (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) पर निर्धारित लक्ष्य को आसानी से कर लिया पूरा  205 रन देख एक पल तो ऐसा लग रहा था कि इसे चेस करना सनराइजर्स हैदराबाद के लिए मुश्किल हो सकता (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) है, लेकिन हैदराबाद ने अपने बल्लेबाजों के बलबूते महज 18.2 ओवर में 4 के नुकसान पर निर्धारित लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लिया। हैदराबाद की तरफ से अभिषेक शर्मा ने सबसे अधिक 59 रन बनाए। उन्होंने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंद में 6 चौके और 4 छक्के जड़े। उनकी पारी के ही दम पर हैदराबाद यह मैच 6 विकेट से जीतने में कामयाब रही। इसके साथ ही उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। अभिषेक आईपीएल इतिहास के इकलौते ऐसे भारतीय बल्लेबाज बने हैं जिनके नाम 20 गेंदों से कम में चार अर्द्धशतक लगाने का कमाल दर्ज है। उनके अलावा हेनरिक क्लासेन ने 47, ईशान किशन ने 35 तो वहीं कामिंडु मेंडिस 32 रन बनाए।  12 मैचों में यह लखनऊ सुपरजायंट्स की (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) 7वीं हार है  गौरतलब हो कि 12 मैचों में यह लखनऊ सुपरजायंट्स की 7वीं हार (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) है। इस हार के साथ ही वो प्लेऑफ से भी बाहर हो गई है। ऐसे में यदि लखनऊ चाहकर भी अपने बाकी बचे दोनों मच जीत भी ले तो भी उसके 14 पांइट्स नहीं हो पाएंगे, क्योंकि 12 मैच से 10 अंक हैं। प्लेऑफ के लिए कम से कम 15 या इससे अधिक अंक चाहिए। रही बात सनराइजर्स हैदराबाद की तो 12 मैच में यह उसकी चौथी जीत है। वह पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है। बात करें क्वालीफाई करने वाली टीमों की तो, गुजरात टाइटंस (18), पंजाब किंग्स (17) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (17) की टीमें आईपीएल प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। मुंबई इंडियंस (14) और दिल्ली कैपिटल्स (13) के दो-दो मैच बाकी हैं। इनमें से एक मैच तो इन दोनों के बीच ही होना है। ऐसे में ये तो तयशुदा है कि दोनों में से कोई एक ही टीम क्वालीफाई करेगी।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त तेरी चोटी पकड़ के मारूंगा, भिड़े अभिषेक शर्मा और दिग्वेश राठी  खैर, इस मुकाबले में एक पल ऐसा भी आया जब दोनों खिलाडियों के बीच तू-तू, मैं-मैं  भी हुई। देखते ही देखते दोनों में तकरार इस कदर बढ़ गई कि अंपायर्स से लेकर कप्तान और खिलाड़ियों तक को बीच बचाव करना पड़ा। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मैच खत्म होने के बाद बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को दोनों खिलाडियों से बातचीत कर सुलह करानी पड़ी। दरअसल, लखनऊ सुपरजायंट्स के 206 रन के लक्ष्य के जवाब में अभिषेक शर्मा ने सनराइजर्स हैदराबाद को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। 20 गेंद में 59 रन की पारी खेलने वाले अभिषेक को आठवें ओवर में लेग स्पिनर दिग्वेश राठी ने आउट किया। अभिषेक के हाथों इस मैच में लगातार चार छक्के खाने वाले दिग्वेश राठी ने जब उन्हें अगले ओवर में आउट किया तो अपने खास नोटबुक स्टाइल से विकेट सेलिब्रेट किया। दिग्वेश राठी का जश्न मानना अभिषेक शर्मा को खल गया। फिर क्या था, अभिषेक सीधे दिग्वेश राठी से बहस करने लगे। ताव में आकर उन्होंने दिग्वेश से कहा कि ‘तेरी चोटी पकड़ के मारूंगा। जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। बता दें कि दिग्वेश को अपने इस सेलिब्रेशन के तरीके की वजह से बीसीसीआई द्वारा दो बार फाइन भी लगाया जा चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants #SunrisersHyderabad #SRHvsLSG #IPL2025 #IPLPlayoffRace #HyderabadWins #LucknowOut #IPLClash #CricketNews #SRHVictory #T20Cricket

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Dhokla Recipe

Dhokla Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार कर सकते हैं सुपर-सॉफ्ट जालीदार ढोकला

भूख लगने पर कुछ भी अनहेल्दी खाने की जगह ऐसे स्नैक्स का चुनाव करें, जिनसे न केवल पेट भरे बल्कि जो हेल्दी भी हो और जल्दी बन भी जाए। ढोकला (Dhokla) उन्ही में से एक स्नैक है जिसे पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इस स्नैक की खास बात है कि ढोकला (Dhokla) स्टीम कर के बनाया जाता है और इसमें बहुत से न्यूट्रिशंस होते हैं।  यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरीज और फैट कम होते हैं इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe) के बारे में। ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe): जैसा की पहले ही बताया गया है कि ढोकला (Dhokla) में मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। इसे फेरमेंटशन प्रक्रिया से बनाया जाता है। यानी, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) और पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ढोकला बनाना (Dhokla Recipe) भी बहुत आसान है। इसे बनाने की विधि से पहले ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) के बारे में जानते हैं। ढोकला रेसिपी (Dhokla Recipe): ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) यह तो थी ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) की लिस्ट। अब जानते हैं इसकी विधि के बारे में।  इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ढोकला बनाने की विधि (Method of making Dhokla) आप ढोकले को ठंडा कर के खा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पुदीने की चटनी के साथ इसे खाना अपने आप में एक अलग और स्वादिष्ट अनुभव है। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dhokla #IngredientstomakeDhokla #MethodofmakingDhokla #snack #healthysnack

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Oral health In Women

महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है खराब ओरल हेल्थ: स्टडी

लोग अक्सर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बात करते है, लेकिन ओरल हेल्थ (Oral health) को अधिकतम नजरअंदाज कर दिया जाता है। ओरल हेल्थ सबके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है फिर वो चाहे महिला हो या पुरुष। महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) उनके पूरे जीवन में हॉर्मोनल फ्लेक्च्युएशन से काफी प्रभावित होती है, खासतौर पर यौवन, मासिक धर्म, गर्भावस्था, मेनोपॉज आदि में। इस दौरान मसूड़ों से संबंधित बीमारियों और अन्य मौखिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में यह पता चला है कि महिलाओं में ओरल हेल्थ बोन हेल्थ, माइग्रेन से संबंधित है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में।  महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): पाएं जानकारी इलिनोइस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ (Illinois Department of Public Health) ले अनुसार महिलाएं अपने पूरे जीवन हॉर्मोनल बदलावों का अनुभव करती रहती हैं। कुछ खास स्टेजेज के दौरान उन्हें खास ओरल हेल्थ (Oral health) की जरूरत होती है। इसलिए अपनी ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक स्टडी यह बताती है कि खराब मौखिक स्वास्थ्य से महिलाओं को माइग्रेन और बॉडी पेन का जोखिम बढ़ सकता है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में की गयी इस स्टडी के बारे में। महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): क्या कहती है स्टडी? हाल ही में की एक स्टडी में यह पाया गया है कि महिलाओं की खराब ओरल हेल्थ (Oral health) उनमें माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है। इस स्टडी में खास ओरल माइक्रोब्स और कई पेन कंडीशंस के बीच में संबंध पाया गया है इस स्टडी में 67 महिलाएं शामिल थी, जिनमे से कुछ महिलाओं को फाइब्रोमायल्जिया था। फाइब्रोमायल्जिया एक ऐसी क्रोनिक कंडीशन है जिसके कारण मांसपेशियों में दर्द, थकावट और नींद में समस्या जैसी परेशानियां होती है। इस स्टडी के रिजल्ट्स में यह पाया गया कि खराब ओरल हेल्थ वाली महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन की संभावना अधिक थी।  इस स्टडी के अनुसार जिन महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) सही नहीं है, उनमें चार ओरल माइक्रोबियल स्पीशीज की मात्रा अधिक होती है जो उम्र के बढ़ने के साथ दर्द से जुड़ी हुई हैं। इसलिए, शोधकर्ता नियमित रूप से अपनी ओरल हेल्थ का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। आइए जानें ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है? इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है?  अगर आप समूर्ण रूप से हेल्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी ओरल हेल्थ (Oral health) का भी ध्यान रखें। ओरल हेल्थ (Oral health) को हेल्दी बनाये रखने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk Oral health #Oralhealth #women’soralhealth #bodypain #migraine #Linkbetweenwomen’soralhealthandbodypainandmigraine

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Chandra Mahadasha

चंद्र महादशा: कैसे प्रभावित करती है आपका जीवन और क्या हैं इससे मुक्ति के उपाय?

ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों की दशाओं का जीवन पर गहरा प्रभाव होता है। इनमें चंद्र की महादशा (Chandra Mahadasha) विशेष मानी जाती है क्योंकि यह व्यक्ति के मन, भावनाओं, स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थिति में हो, तो यह दशा अत्यंत लाभकारी होती है, लेकिन यदि अशुभ स्थिति में हो तो मानसिक अशांति, भ्रम, अनिद्रा और भावनात्मक असंतुलन जैसे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि चंद्र की महादशा (Chandra Mahadasha)  कितने वर्षों तक चलती है, इसका जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है, और सोम देव को प्रसन्न करने के उपाय क्या हैं। चंद्र महादशा कितने वर्षों तक चलती है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा की महादशा  (Chandra Mahadasha) लगभग 10 वर्षों तक प्रभावी रहती है। इस अवधि में प्रारंभ में चंद्रमा की ही अंतर्दशा और प्रत्यंतर दशा चलती है। माना जाता है कि चंद्र देव विशेष रूप से वृषभ और कर्क राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम प्रदान करते हैं। यदि कुंडली में चंद्रमा बलवान स्थिति में हो, तो व्यक्ति निर्णय लेने में सक्षम और मानसिक रूप से स्थिर रहता है। यदि चंद्रमा का संयोग शुभ ग्रहों के साथ हो, तो इसका प्रभाव अत्यंत सकारात्मक होता है। हालांकि, जब चंद्रमा की महादशा  (Chandra Mahadasha) में राहु या केतु की अंतर्दशा आती है, तो फल अनुकूल नहीं माने जाते। इसके पश्चात मंगल और राहु की अंतर्दशा व प्रत्यंतर दशा आती है, जबकि केतु की अंतर्दशा करीब 10 महीनों तक रहती है। इसके बाद मंगल और शुक्र की दशाएं आती हैं। चंद्र महादशा  (Chandra Mahadasha) में यदि जातक अच्छे और धार्मिक कर्मों का पालन करे, तो उसे शुभ फलों की प्राप्ति होती है। विशेषकर भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना करने से इस अवधि में सुख, शांति और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें:- क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा कैसे करें सोम देव (चंद्रमा) को प्रसन्न? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्र देव की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। विशेष रूप से सोमवार और शुक्रवार के दिन, प्रातः काल स्नान करने के बाद शिवलिंग पर गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। चाहें तो इस दूध में थोड़ी मात्रा में गंगाजल मिलाकर भी अभिषेक किया जा सकता है। इसके साथ ही, सफेद वस्त्र, चावल, दूध, दही या चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करने से भी चंद्र देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में शांति, मानसिक संतुलन एवं सौम्यता का संचार होता है। शिव चालीसा और शिव आरती का पाठ करें चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। अतः शिव की आराधना चंद्र दोष के निवारण में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chandra Mahadasha #ChandraMahadasha #MoonMahadasha #VedicAstrology #MahadashaEffects #ChandraDashaRemedies #AstrologyTips #PlanetaryPeriods #LifeInMahadasha #JyotishVidya #SpiritualRemedies

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