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जोशीमठ में भीषण हेलीकॉप्टर हादसा, पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत

चमोली/देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास एक निजी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर जा रहा था। हादसा चाईं गांव के पास वन क्षेत्र में हुआ। बदरीनाथ से देहरादून जा रहा था हेलीकॉप्टर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार हेलीकॉप्टर का पंजीकरण नंबर VT-HCX था और इसका संचालन ट्रांसभारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कर रही थी। इसमें एक पायलट और पांच यात्री सवार थे। हेलीकॉप्टर ने 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ हेलीपैड से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद टूटा संपर्क चमोली पुलिस के अनुसार हेलीकॉप्टर का संपर्क उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद टूट गया। सेना की एक टीम ने जोशीमठ क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते और उसे तेजी से नीचे जाते देखा, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई। चाईं गांव के पास मिला मलबा हेलीकॉप्टर का मलबा जोशीमठ के पास चाईं गांव के पहाड़ी और वन क्षेत्र में मिला। दुर्गम इलाके और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान में काफी दिक्कत आई। पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हादसे में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल, उम्र 48 वर्ष, समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। पांचों यात्री कर्नाटक से आए श्रद्धालु थे। प्रशासन ने सभी शव बरामद कर लिए हैं। पांचों यात्री कर्नाटक के थे मृत यात्रियों की पहचान एच.एस. नटराजा, सुदीर के., अरुण सालुंके, प्रताप निंगराजन और शंकरगौड़ा वी.बी. के रूप में हुई है। इनमें एक पुलिस अधिकारी भी शामिल था। सभी बदरीनाथ दर्शन के बाद लौट रहे थे। खराब मौसम और कम दृश्यता की भी जांच हादसे के समय क्षेत्र में बारिश और कम दृश्यता की स्थिति थी। शुरुआती रिपोर्टों में खराब मौसम को एक संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो करेगा जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम भी प्रारंभिक और नियामकीय जांच के लिए भेजी गई है। जांच में मौसम, उड़ान संबंधी निर्णय, तकनीकी स्थिति और संचालन प्रक्रियाओं की पड़ताल की जाएगी। ट्रांसभारत एविएशन का पूरा बेड़ा रोका गया हादसे के बाद एहतियात के तौर पर ट्रांसभारत एविएशन के हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानें रोक दी गई हैं। यह कदम सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक उठाया गया है। चारधाम हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर फिर सवाल इस दुर्घटना के बाद उत्तराखंड में तीर्थ यात्रियों के लिए चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों, तेजी से बदलते मौसम और सीमित दृश्यता के कारण यहां हेलीकॉप्टर संचालन विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। जांच रिपोर्ट से साफ होगा हादसे का कारण फिलहाल प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की जांच के बाद ही चलेगा। तब तक खराब मौसम या तकनीकी खराबी से जुड़ी किसी भी वजह को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। स्रोत – नागरिक उड्डयन मंत्रालय, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो, पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, एसोसिएटेड प्रेस जय राष्ट्र न्यूज़

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