महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जलभराव, प्रशासन ने राहत दल तैनात किए

मुंबई, 28 जून। महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश के कारण सड़कों, निचले इलाकों और कुछ रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया है। मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्र में सबसे अधिक असर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कोंकण क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि कुछ निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया। स्थानीय प्रशासन ने पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से पानी निकालने का काम तेज कर दिया है। NDRF और SDRF की टीमें तैनात संभावित बाढ़ और आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भेजने की तैयारी कर रहा है। IMD ने जारी किया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। यातायात और जनजीवन प्रभावित भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क यातायात धीमा हो गया है। कुछ इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी सूचना मिली है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नागरिकों के लिए प्रशासन की सलाह प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। आपात स्थिति में स्थानीय नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन से संपर्क करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसल नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों और संसाधनों के साथ तैयार रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मूल रिपोर्ट:IMD की आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा राज्य सरकार और राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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