नवरात्रि के बीच मां भगवती मंदिर में भीषण आग, ऐतिहासिक मंदिर का मुख्य हिस्सा जलकर खाक
बागेश्वर, 17 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बदियाकोट स्थित प्राचीन आदि बद्री मां नंदा भगवती मंदिर में नवरात्रि के दौरान भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से मंदिर के मुख्य ढांचे, पूजा मंडप और पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी को भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर सदियों से क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। लकड़ी का मुख्य ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त मंदिर का बड़ा हिस्सा लकड़ी से बना था और उस पर पारंपरिक शैली की बारीक नक्काशी की गई थी। आग तेजी से फैलने के कारण मंदिर के मुख्य ढांचे, मूर्ति स्थल और पूजा मंडप को भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि आग की भीषण गर्मी से मंदिर की घंटियां तक पिघल गईं। इस घटना से मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला और ऐतिहासिक विरासत को बड़ा नुकसान हुआ है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं मंदिर में आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दीपक जलाए जाने के कारण उससे आग लगने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, मंदिर में बिजली का कनेक्शन होने के चलते शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। दुर्गम इलाके ने बढ़ाई राहत कार्यों में मुश्किल बदियाकोट हिमालयी क्षेत्र में स्थित एक दुर्गम इलाका है। यहां तक दमकल वाहनों की तत्काल पहुंच आसान नहीं होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने के प्रयास किए, लेकिन आग की तीव्रता के कारण मंदिर को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। दानपुर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र आदि बद्री मां नंदा भगवती मंदिर को दानपुर क्षेत्र की 14 पट्टियों का साझा शक्तिपीठ माना जाता है। मंदिर से जुड़ी स्थानीय धार्मिक परंपराएं और हर आठ वर्ष में आयोजित होने वाली ‘आठ्यौं जात’ भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में मंदिर को हुआ नुकसान केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्थानीय समुदाय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। नुकसान का आकलन जारी मंदिर समिति ने पुलिस को शिकायत दी है। प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच करने के साथ मंदिर को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। यह मंदिर उत्तराखंड सरकार के ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ का भी हिस्सा है। मंदिर के विकास के लिए करीब 1.1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल, जांच और नुकसान के आकलन के बाद ही मंदिर की स्थिति तथा आगे की बहाली से जुड़ी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। स्रोत – दैनिक जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया, दैनिक ट्रिब्यून जय राष्ट्र न्यूज़

