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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में महारैली, राहुल गांधी-प्रियंका गांधी समेत INDIA bloc के कई बड़े नेता शामिल

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में 12 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA bloc के नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने बड़ा मार्च निकाला। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े आरोपों की न्यायिक समीक्षा की मांग उठाई। Supreme Court की ओर निकला बड़ा मार्च INDIA bloc के नेताओं और समर्थकों ने मध्य दिल्ली से Supreme Court की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की और आवाजाही को नियंत्रित किया। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को अदालत तक पहुंचने से पहले रोक दिया गया। इसके बाद वकीलों की एक टीम ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर याचिका दाखिल करने की कार्रवाई की। राहुल गांधी ने संभाला मोर्चा कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा। उन्होंने युवाओं से भी इन विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। प्रियंका गांधी भी रहीं साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी मार्च में राहुल गांधी के साथ दिखाई दीं। इससे पहले भी वह मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों में शामिल रही हैं। हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल मार्च में INDIA bloc से जुड़े विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की मांग का समर्थन किया। प्रदर्शन में अलग-अलग दलों की भागीदारी ने इसे विपक्ष के साझा राजनीतिक अभियान के रूप में सामने रखा। नेहा बोरा और छात्र संगठनों की मौजूदगी प्रदर्शन में छात्र संगठनों और युवा कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा हाल के दिनों में CEC और SIR विरोधी आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। दिल्ली में हुए विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। मुख्य मांग—ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा विपक्ष और CJP से जुड़े समूहों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट प्रविष्टियों सहित अपात्र नामों को हटाकर सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार करता रहा है। 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटने को लेकर विवाद Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का आंकड़ा सामने आया। इनमें मृत, दूसरी जगह स्थानांतरित और सत्यापन में नहीं मिल सके मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियां शामिल बताई गईं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया का राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि पात्र मतदाताओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है। नाम हटाए जाने के आंकड़े और उनके प्रभाव को समझने के लिए संबंधित राज्य, समयावधि और आधिकारिक आंकड़ों का संदर्भ महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए आरोप राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार और बार-बार हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; संबंधित पक्षों के जवाब और आधिकारिक विवरण को इनके साथ अलग से देखना जरूरी है। दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर पड़ा असर प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आईं। रिपोर्टों में पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड सहित छह स्टेशनों का उल्लेख किया गया। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान भीड़ और आवाजाही को नियंत्रित करना बताया गया। Batman मास्क बने प्रदर्शन का प्रतीक मार्च के दौरान Batman मास्क भी चर्चा में रहे। रिपोर्टों के अनुसार, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मास्क वितरित किए और राहुल गांधी ने भी Batman मास्क के साथ अपनी तस्वीर साझा की। प्रदर्शनकारियों ने इन मास्कों को अपने राजनीतिक संदेश और विरोध के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया। CJI से मुलाकात नहीं हो सकी विपक्षी नेता भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन बैठक नहीं हो सकी। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से अपनी लड़ाई जारी रखेगा। Supreme Court में याचिका दाखिल मार्च के दौरान चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर Supreme Court में याचिका दाखिल किए जाने की खबर सामने आई। विपक्ष न्यायिक हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, याचिका दाखिल होना और अदालत द्वारा आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष देना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों से बढ़ी राजनीतिक हलचल दिल्ली के अलावा मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के विरोध में प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों और पुलिस की तैनाती को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। इस मुद्दे ने चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और विरोध प्रदर्शन के अधिकार पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को बढ़ाया है। आरोपों पर अंतिम फैसला बाकी विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता है और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर जोर देता है। फिलहाल, किसी न्यायिक निष्कर्ष के अभाव में इन आरोपों को आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। स्रोत: Reuters / The Indian Express / Loksatta / The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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INDIA गठबंधन का Election Commission तक मार्च, राहुल गांधी-अखिलेश समेत कई बड़े नेता शामिल; पुलिस ने रास्ते में रोका

नई दिल्ली: Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को और तेज हो गया। INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने संसद से Election Commission headquarters की ओर मार्च निकाला। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेता इसमें शामिल हुए, लेकिन भारी सुरक्षा और barricading के बीच पुलिस ने मार्च को Nirvachan Sadan पहुंचने से पहले ही रोक दिया। संसद से शुरू हुआ विपक्ष का मार्च INDIA bloc के सांसदों को सुबह Parliament House के Makar Dwar के पास जुटने के लिए कहा गया था। इसके बाद विपक्षी सांसद Election Commission headquarters की ओर बढ़े। मार्च का मुख्य मुद्दा electoral rolls की Special Intensive Revision प्रक्रिया और CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोप थे। राहुल गांधी ने मांगा CEC का इस्तीफा मार्च के दौरान Leader of Opposition राहुल गांधी ने Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने एक placard भी दिखाया जिस पर लिखा था, “Gyanesh, it’s done bro, time to resign.” यह नारा प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी INDIA bloc के मार्च में शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि voter-list revision की प्रक्रिया में transparency और impartiality को लेकर गंभीर सवाल हैं और Election Commission को इन पर जवाब देना चाहिए। खरगे बोले- लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य democratic principles और voters के अधिकारों की रक्षा करना है। पुलिस ने Election Commission पहुंचने से पहले रोका Opposition march Election Commission headquarters तक नहीं पहुंच सका। पुलिस ने barricades लगाकर नेताओं और सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं बैठकर विरोध दर्ज कराया। करीब 4,000 सुरक्षाकर्मी तैनात मार्च को देखते हुए Central Delhi में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। Delhi Police और Central Armed Police Forces के करीब 4,000 personnel को New Delhi district में तैनात किया गया। Connaught Place, Patel Chowk, Parliament Street और Election Commission के आसपास traffic restrictions भी लगाई गईं। SIR विवाद है प्रदर्शन की बड़ी वजह Opposition parties Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रही हैं। उनका आरोप है कि voter lists में बदलाव की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर eligible voters के नाम प्रभावित हो सकते हैं। Election Commission और BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा राजनीतिक दबाव पिछले कई दिनों से Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। Student groups, activists और political parties अलग-अलग जगहों पर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। Delhi में विरोध का यह पांचवां दिन था। BJP ने विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप BJP ने Congress और INDIA bloc के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष Election Commission जैसी constitutional institution को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। BJP spokesperson Sambit Patra ने Congress पर Form 6 और electoral process को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। विपक्ष का आंदोलन आगे भी रहेगा जारी Congress ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। 8 अक्टूबर तक district-level padyatras, 10 से 20 अक्टूबर तक block-level meetings और इसके बाद state-level rallies आयोजित करने की योजना बनाई गई है। SIR को लेकर राष्ट्रपति से भी मुलाकात INDIA bloc नेताओं का एक delegation राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करने वाला है। विपक्ष SIR और Election Commission की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी में है। source – Reuters / The Indian Express / Hindustan Times / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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CM योगी से सवाल पूछने के बाद पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव पर कार्रवाई का दावा, विपक्ष ने उठाए सवाल

लखनऊ, 13 सितंबर 2026: Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की press conference में सवाल पूछने वाली पत्रकार Divya Srivastava को लेकर social media पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि press conference के बाद उनसे LIU ने पूछताछ की, उन्हें धमकाया गया और उनकी नौकरी भी चली गई। हालांकि इन आरोपों की सरकारी या स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। Press Conference में CM योगी से मांगा था जवाब Lucknow में BJP office में आयोजित press conference के दौरान Divya Srivastava ने CM Yogi Adityanath से सवाल पूछने की कोशिश की और जवाब मांगती रहीं। Viral video में मुख्यमंत्री press conference खत्म कर वहां से जाते दिखाई देते हैं, जबकि Divya अपना सवाल जारी रखती हैं। इसी घटना के बाद social media पर press freedom को लेकर बहस शुरू हो गई। LIU पूछताछ और धमकी का दावा Social media पर circulating एक interview में Divya के हवाले से दावा किया गया है कि press conference के बाद उन्हें BJP office में घेरा गया और कथित तौर पर धमकाया गया। उनके नाम से यह भी दावा सामने आया कि LIU उनसे पूछताछ कर रही है और घर पर bulldozer action जैसी धमकी दी गई। इन दावों पर Uttar Pradesh Government या Police की ओर से कोई विस्तृत official clarification उपलब्ध नहीं है। नौकरी जाने का भी आरोप Reports में दावा किया गया है कि घटना के बाद Divya Srivastava को उनके media organisation से हटा दिया गया। लेकिन किस आधार पर उनकी नौकरी गई और employer ने क्या कारण बताया, इसकी independently verified जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे फिलहाल दावा ही माना जा रहा है। Akhilesh Yadav ने ‘Press Ekalaap’ कहकर साधा निशाना Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav ने इस मामले पर BJP सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर press को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है तो “press conference” का नाम बदलकर “press ekalaap” कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवालों का जवाब देने से बच रही है और journalists को सवाल पूछने की आजादी मिलनी चाहिए। Ajay Rai ने भी सरकार पर लगाए आरोप Uttar Pradesh Congress President Ajay Rai ने भी मामले को लेकर Yogi Government पर हमला बोला। उन्होंने कथित LIU inquiry, नौकरी जाने और धमकियों को press freedom से जोड़ते हुए इसे गंभीर मामला बताया। Congress ने कहा कि journalists को सरकार से सवाल पूछने के लिए डराया नहीं जाना चाहिए। Official Version का इंतजार इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Divya Srivastava पर कथित कार्रवाई, नौकरी से हटाए जाने और bulldozer threat के आरोपों की official confirmation अभी नहीं हुई है। इसलिए viral claims और political allegations को confirmed government action के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा जब तक Police, administration या संबंधित media organisation की ओर से स्पष्ट बयान सामने न आए। source – Pardaphash / Do Took Media / Social Media Statements जय राष्ट्र न्यूज़

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अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला; बोले—UP ने इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी, 2027 के लिए SP का अभियान शुरू

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की BJP सरकार पर भ्रष्टाचार, सरकारी संस्थानों की स्थिति और PDA वर्गों के कथित उत्पीड़न को लेकर तीखा हमला बोला है। इसी के साथ समाजवादी पार्टी ने आज, 1 सितंबर 2026 से 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपना booth-level campaign शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश ने मौजूदा BJP सरकार जैसी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में SP कार्यकर्ता जिलों और बूथ स्तर पर जाकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और दूसरे मुद्दों को जनता के बीच उठाएंगे। ‘इतनी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं देखी’ Lucknow में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर बड़ा हमला करते हुए उसे राज्य के इतिहास की “सबसे भ्रष्ट सरकार” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों और संपत्तियों को कमजोर किया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण सरकारी assets निजी हाथों में दिए जा रहे हैं। ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं; BJP सरकार ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है। JPNIC को लेकर CM Yogi पर पलटवार अखिलेश यादव ने Jayaprakash Narayan International Centre (JPNIC) को लेकर भी मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार सरकारी institutions को बेचने की दिशा में काम कर रही है। यह बयान उस समय आया जब मुख्यमंत्री ने JPNIC के निर्माण और पिछली SP सरकार के दौरान हुई कथित अनियमितताओं को लेकर अखिलेश यादव पर हमला किया था। 26 हजार Schools बंद करने का आरोप SP प्रमुख ने दावा किया कि BJP सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 26,000 सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 5 सितंबर यानी Teachers’ Day पर इन बंद बताए जा रहे schools के बाहर कार्यक्रम आयोजित करेगी और शिक्षा के मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी। 26,000 schools वाला आंकड़ा अखिलेश यादव का दावा है। Voter List को लेकर भी उठाए सवाल 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने electoral rolls के proposed revision पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और Election Commission की मिलीभगत से voter lists में बदलाव करने की कोशिश हो सकती है। इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है और Election Commission एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। SP ने अपने कार्यकर्ताओं से voter lists पर विशेष नजर रखने और booth-level organisation मजबूत करने को कहा है। PDA के उत्पीड़न का लगाया आरोप अखिलेश यादव ने PDA—Pichhda, Dalit और Alpsankhyak समुदायों के लोगों को निशाना बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने Uttar Pradesh STF को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और उस पर caste bias का आरोप लगाया। उन्होंने Badaun में एक Dalit युवक की police custody में हुई मौत का उदाहरण देते हुए सरकार से जवाब मांगा। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित authorities की जांच या judicial findings से इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। 2027 के लिए SP ने शुरू की तैयारी अखिलेश यादव ने SP के district presidents और organisational office-bearers को अगले दो हफ्तों में ground-level campaign तेज करने का निर्देश दिया है। Party का focus BJP सरकार के खिलाफ alleged corruption, PDA issues, education, employment और voter-list related concerns को जनता तक पहुंचाने पर रहेगा। 2024 Lok Sabha election में Uttar Pradesh में 37 seats जीतने के बाद SP अब उसी political momentum को 2027 Assembly election तक ले जाने की कोशिश कर रही है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला; बोले—UP ने इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी, 2027 के लिए SP का अभियान शुरू स्रोत – PTI, India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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बारिश में धंसा ₹36,000 करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे? उन्नाव में Repair के बाद फिर पड़ी बड़ी दरारें, Akhilesh ने सरकार को घेरा

उन्नाव: उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद एक बार फिर सड़क में दरारें सामने आने से निर्माण और drainage व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 27 अगस्त 2026 को उन्नाव के आसपास repaired stretch पर fresh cracks की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक बशीरतगंज क्षेत्र में किलोमीटर 421 से 422 के बीच करीब 25 मीटर लंबी दरार देखी गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे पूरे ₹36,230 करोड़ के एक्सप्रेसवे के “धंस जाने” के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक damage एक सीमित stretch पर है और expressway पर traffic जारी है। आज क्या हुआ? आज सामने आई reports के मुताबिक उन्नाव में पहले repair किए गए हिस्से पर फिर cracks दिखाई दीं। Times Now Navbharat ने बशीरटगंज के पास kilometre 421-422 के बीच करीब 25 metre लंबी और लगभग 3 inch चौड़ी दरार report की है। आसपास slope protection और मिट्टी वाले हिस्से में भी rainwater erosion का असर बताया गया है। Maintenance team ने प्रभावित स्थान पर barricading और corrective work शुरू किया है। फिलहाल traffic को पूरी तरह बंद किए जाने की सूचना नहीं है। एक सप्ताह पहले बना था 10 मीटर गहरा Crater मौजूदा controversy इसलिए ज्यादा गंभीर हो गई क्योंकि इसी महीने गंगा एक्सप्रेसवे पर एक और बड़ा damage सामने आया था। 17-18 अगस्त के आसपास उन्नाव क्षेत्र में kilometre 421 के पास भारी बारिश के बाद road और adjoining embankment का हिस्सा प्रभावित हुआ और करीब 10 metre गहरा crater बनने की reports आई थीं। उस समय UPEIDA और project agency की teams ने मौके पर repair work किया था। 19 अगस्त तक संबंधित अधिकारियों ने बताया था कि प्रभावित section को repair कर दिया गया है और traffic normal तरीके से चल रहा है। अब उसी broader area में fresh cracks सामने आने से repair की durability को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या आज पूरा Expressway धंस गया? नहीं। यह खबर publish करते समय यह distinction बेहद जरूरी है। 594-km लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का पूरा हिस्सा collapse नहीं हुआ है। Fresh damage उन्नाव के एक specific stretch में report हुआ है। इसलिए headline: “₹36,000 करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे धंस गया” अपने आप में misleading impression दे सकती है। बेहतर framing होगी: “₹36,230 करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर फिर दरारें; बारिश के बाद उन्नाव में repaired stretch प्रभावित” बारिश के पानी से Soil Erosion की बात Reports में damage के पीछे heavy rainfall, soil settlement और embankment erosion को प्रमुख factors के रूप में बताया गया है। 19 अगस्त को project head R.K. Mishra ने पहले damage पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि नई construction में पहली बारिश के दौरान बड़े स्तर पर भरी गई मिट्टी के settlement से ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा था कि sensitive sections की monitoring और patrolling बढ़ाई गई है। लेकिन 27 अगस्त की fresh cracks का final technical cause अभी किसी विस्तृत independent investigation से establish नहीं हुआ है। इसलिए construction corruption या substandard material को proven cause के तौर पर लिखना अभी सही नहीं होगा। July में भी उन्नाव में हुआ था नुकसान गंगा एक्सप्रेसवे पर monsoon-related damage की यह पहली report नहीं है। July में भी Unnao के Sonic Toll Plaza को expressway से जोड़ने वाली करीब 7-metre approach road heavy rainfall के बाद प्रभावित हुई थी। Embankment की मिट्टी बहने और carriageway के हिस्से को नुकसान पहुंचने की reports सामने आई थीं। इसके बाद repair work कराया गया था। यानी July, mid-August और अब 27 August—तीनों developments ने monsoon के दौरान कुछ sections की drainage और slope stability पर ध्यान खींचा है। Hardoi में भी सामने आया था Subsidence July में Hardoi के Mallawan क्षेत्र में भी heavy rainfall के बाद Ganga Expressway के करीब 60 metre हिस्से में subsidence की report सामने आई थी। Technical team ने वहां repair शुरू किया और अधिकारियों ने उस समय लगातार 48 घंटे हुई rainfall को संभावित कारण बताया था। इन घटनाओं को देखते हुए expressway के अलग-अलग vulnerable stretches की long-term durability अब scrutiny में है। कितना बड़ा है Ganga Expressway? UPEIDA की official information के मुताबिक Ganga Expressway की लंबाई करीब 594 kilometres है। यह: Prime Minister Narendra Modi ने इसका उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को Hardoi जिले में किया था। Current media reports project cost को करीब ₹36,230 करोड़ बताती हैं। उद्घाटन के चार महीने के भीतर सवाल Expressway को शुरू हुए अभी करीब चार महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में अलग-अलग जगहों पर soil erosion, approach-road damage, crater और cracks जैसी reports आने के कारण इसकी construction quality और drainage planning पर public scrutiny बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि हर incident का cause समान हो, यह जरूरी नहीं है। किसी location पर drainage, दूसरी पर soil settlement और किसी अन्य जगह embankment erosion जिम्मेदार हो सकता है। Technical audit के बिना सभी घटनाओं को एक ही construction defect से जोड़ना जल्दबाजी होगी। Akhilesh Yadav ने सरकार पर लगाया Corruption का आरोप Fresh cracks सामने आने के बाद Samajwadi Party प्रमुख Akhilesh Yadav ने social media पर एक video share करते हुए BJP सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने cracks को corruption से जोड़ते हुए commuters की safety पर सवाल उठाए। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि corruption का आरोप Akhilesh Yadav का राजनीतिक दावा है। उपलब्ध reports में fresh cracks को corruption का परिणाम साबित करने वाली कोई final technical inquiry सामने नहीं आई है। Traffic बंद हुआ या जारी है? Latest reports के अनुसार affected portion की सुरक्षा के लिए barricading और corrective work किया जा रहा है, लेकिन पूरे Ganga Expressway का traffic बंद नहीं हुआ है। 27 अगस्त की दोपहर तक वाहनों का आवागमन जारी बताया गया। इसलिए social media पर “expressway बंद” या “पूरा highway collapse” जैसे claims को official confirmation के बिना publish नहीं करना चाहिए। UPEIDA ने पहले Damage पर क्या कहा था? पिछले week’s crater के बाद UPEIDA और project team ने affected section को तेजी से repair करने की बात कही थी। Project management ने दावा किया था कि rain-sensitive stretches की regular patrolling और…

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महिलाओं के लिए सपा का बड़ा चुनावी ऐलान; सरकार बनी तो सालाना ₹40,000, मुफ्त बस सफर और छात्राओं को लैपटॉप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को लेकर राजनीतिक मुकाबला तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ की घोषणा करते हुए महिलाओं के लिए सालाना ₹40,000 की आर्थिक सहायता, मुफ्त बस यात्रा और इंटरमीडिएट पास छात्राओं को लैपटॉप देने समेत कई बड़े चुनावी वादे किए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने 26 अगस्त को लखनऊ में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन घोषणाओं को सामने रखा। आज 27 अगस्त 2026 को इन घोषणाओं पर BJP ने तीखा पलटवार किया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई BJP नेताओं ने इसे चुनावी वादा और “महिला कार्ड” बताते हुए सपा पर निशाना साधा। क्या है ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’? समाजवादी पार्टी का कहना है कि अगर 2027 के Uttar Pradesh Assembly Election के बाद उसकी सरकार बनती है तो ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ लागू की जाएगी। इसके तहत शुरुआत में पात्र महिलाओं को ₹40,000 सालाना आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा है कि इस सहायता राशि को आने वाले वर्षों में बढ़ाया जाएगा। हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण clarification जरूरी है। कुछ reports ने इस योजना को गरीब या BPL महिलाओं के लिए बताया है, जबकि कुछ में इसे अधिक व्यापक रूप से “महिलाओं को ₹40,000” कहा गया है। अभी detailed manifesto, eligibility criteria, income limit या application rules सार्वजनिक नहीं हुए हैं। इसलिए फिलहाल यह कहना ज्यादा सुरक्षित है कि सपा ने ₹40,000 annual assistance का चुनावी वादा किया है, लेकिन final eligibility बाद में स्पष्ट होगी। छात्राओं को मिलेगा Laptop सपा ने education sector में भी महिलाओं और छात्राओं को लेकर बड़ा वादा किया है। अखिलेश यादव के मुताबिक अगर पार्टी सत्ता में आती है तो Intermediate यानी Class 12 पास करने वाली छात्राओं को laptop दिया जाएगा। सपा इससे पहले अपनी पिछली सरकार के दौरान भी laptop distribution programme चला चुकी है और अखिलेश यादव ने नए चुनावी वादे को उसी policy का विस्तार बताया। पार्टी का कहना है कि technology तक आसान पहुंच से छात्राओं को higher education, competitive examinations और employment opportunities में मदद मिलेगी। महिलाओं के लिए Free Bus Travel का वादा सपा की घोषणाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा भी शामिल है। Reports के मुताबिक पार्टी ने Roadways और city bus services में महिलाओं को free travel सुविधा देने की बात कही है। इसके साथ स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए metro travel को भी free या pass-based बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह अभी केवल चुनावी घोषणा है। इसे लागू करने के लिए सरकार बनने की स्थिति में budgetary allocation और detailed policy framework की जरूरत होगी। महिलाओं को हर महीने 2 Special Leave का भी वादा सपा ने working women के लिए एक और बड़ा वादा किया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक महिलाओं को हर महीने दो दिन का विशेष आकस्मिक अवकाश देने का प्रस्ताव है। इसे सरकारी के साथ private workplaces तक लागू करने की बात कही गई है। हालांकि private sector में ऐसी व्यवस्था को लागू करने के लिए labour laws, rules और enforcement mechanism की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल यह भी party promise के स्तर पर है। सरकारी स्कूलों में Fees माफ, Private में आधी करने का दावा सपा की महिला-focused घोषणाओं में education costs कम करने की बात भी शामिल है। Live Hindustan की report के मुताबिक party leaders ने कहा कि: जैसे कदम उठाए जाएंगे। इन promises का exact scope—कौन से classes, कौन से colleges और कौन से income groups—अभी detailed policy document आने के बाद ही साफ होगा। 26,000 बंद Primary Schools फिर खोलने का वादा अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य में बंद किए गए करीब 26,000 primary schools को दोबारा खोला जाएगा। इसके अलावा Anganwadi centres को मजबूत करने और education infrastructure में investment बढ़ाने का वादा किया गया है। सपा ने इस घोषणा को women empowerment से जोड़ा है क्योंकि rural areas में schools और Anganwadi centres की accessibility का सीधा असर छात्राओं और महिलाओं पर पड़ता है। 1090 Women Power Line को मजबूत करने की बात अखिलेश यादव ने अपनी पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई 1090 Women Power Line का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर women safety system को और मजबूत किया जाएगा और महिलाओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सपा ने women safety को अपने 2027 election campaign के प्रमुख मुद्दों में शामिल करने के संकेत दिए हैं। Widows और बेसहारा महिलाओं के लिए Housing पार्टी ने विधवा और बेसहारा महिलाओं के लिए housing support का भी वादा किया है। Reports के मुताबिक ऐसी महिलाओं को Lohia Awas जैसी housing व्यवस्था से जोड़ने और elderly women की public transport accessibility बढ़ाने की बात कही गई है। हालांकि इसके लिए पात्रता, घरों की संख्या और annual budget जैसी details अभी सामने नहीं आई हैं। महिला Reservation पर BJP को चुनौती महिला-focused press conference के दौरान अखिलेश यादव ने BJP को 33% महिला आरक्षण अगले Uttar Pradesh Assembly Election से लागू करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर BJP ज्यादा महिलाओं को टिकट देती है तो समाजवादी पार्टी उससे भी ज्यादा महिला candidates को चुनाव मैदान में उतारने का प्रयास करेगी। अखिलेश ने कहा कि देश और प्रदेश का विकास “आधी आबादी” की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। PDA में ‘A’ का मतलब ‘आधी आबादी’ समाजवादी पार्टी लंबे समय से अपने PDA formula को चुनावी strategy के रूप में पेश कर रही है। डिंपल यादव ने महिला योजना की घोषणा के दौरान कहा कि पार्टी के PDA में ‘A’ का अर्थ ‘आधी आबादी’ भी है। उनका कहना था कि महिला empowerment केवल slogans तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि महिलाओं को आर्थिक सहायता, technology, education और representation देना जरूरी है। इससे साफ है कि SP 2027 election में women voters को अपनी PDA strategy का central component बनाने की कोशिश कर रही है। Uttar Pradesh में 6 करोड़ से ज्यादा महिला Voters महिलाओं पर इतना political…

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