अल्बानिया में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, सरकारी इमारतों पर पथराव; शिक्षा मंत्रालय में लगी आग
तिराना, 16 अक्टूबर 2026: अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी छात्र प्रदर्शनों ने लगातार तीसरे दिन हिंसक रूप ले लिया। छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर पथराव किया, सुरक्षा बैरिकेड तोड़े और कई स्थानों पर आगजनी की। इससे एक दिन पहले शिक्षा मंत्रालय की इमारत में आग लगने की खबर सामने आई थी। आसपास स्थित बैंक शाखाओं को भी नुकसान पहुंचा। आखिर क्यों हो रहा है प्रदर्शन? छात्र विश्वविद्यालयों की स्थिति, शिक्षा पर बढ़ते खर्च, आर्थिक सहायता की कमी और पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के सीमित अवसरों को लेकर नाराज हैं। प्रदर्शनों में सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप और प्रधानमंत्री Edi Rama के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के साथ राजनीतिक असंतोष ने भी आंदोलन को व्यापक रूप दिया है। शिक्षा मंत्रालय पर पथराव, इमारत में लगी आग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय की ओर ईंटें फेंकीं, धातु के बैरिकेड तोड़े और सड़कों पर अवरोध खड़े किए। इसी दौरान मंत्रालय की इमारत में आग लग गई। पास स्थित एक Raiffeisen Bank शाखा में भी आग लगने की खबर सामने आई। इन घटनाओं के बाद सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दंगा-रोधी पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोध प्रदर्शन तिराना से आगे दूसरे शहरों तक भी फैल गए हैं। झड़पों के दौरान पुलिसकर्मियों और नागरिकों के घायल होने तथा कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, घायलों और हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। प्रधानमंत्री Edi Rama ने इस्तीफे से किया इनकार प्रधानमंत्री Edi Rama ने प्रदर्शनकारियों की इस्तीफे की मांग खारिज कर दी है। उनका कहना है कि सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है, न कि हिंसक प्रदर्शन। सरकार ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को स्वीकार करते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ की निंदा की है। इससे सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना हुआ है। यूरोपीय संघ ने जताई चिंता बढ़ती हिंसा के बीच यूरोपीय संघ (EU) ने चिंता जताई है और अधिकारियों तथा प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। EU ने पुलिस द्वारा कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने की शिकायतों की उचित जांच पर भी जोर दिया है। अल्बानिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव पर नजर छात्रों की शिक्षा संबंधी मांगों से शुरू हुआ आंदोलन अब सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। भ्रष्टाचार के आरोप, प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया, प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत और सुरक्षा बलों की कार्रवाई इस आंदोलन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। स्रोत – Reuters, AP, Al Jazeera जय राष्ट्र न्यूज़

