मोहनपुर में मलेरिया का कहर; 17 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की रिपोर्ट, 10 वर्षीय बच्ची की मौत
बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में मलेरिया और दूसरी मौसमी बीमारियों का असर चिंता बढ़ा रहा है। परसवाड़ा ब्लॉक की मोहनपुर पंचायत में कई बच्चों के बीमार होने की खबर है, जबकि 10 वर्षीय काजल की इलाज के दौरान मौत हो गई। स्थानीय रिपोर्टों में मोहनपुर के 17 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही जा रही है। काजल की जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। हालत बिगड़ने के बाद उसे पहले बालाघाट में इलाज के लिए ले जाया गया और बाद में महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। 10 वर्षीय काजल की इलाज के दौरान मौत मृत बच्ची की पहचान मोहनपुर पंचायत निवासी 10 वर्षीय काजल के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेज बुखार के बाद उसकी जांच कराई गई थी, जिसमें malaria infection पाया गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उसे बालाघाट से गोंदिया रेफर किया गया था। 29 अगस्त को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तीन दिनों में मोहनपुर में दूसरी मौत मोहनपुर पंचायत में कुछ ही दिनों के भीतर बच्चों की मौत का यह दूसरा मामला बताया गया है। इससे पहले बैगाटोला के छोटे बच्चे लवकुश की भी बीमारी के बाद मौत हुई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं और समय पर इलाज नहीं मिलने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। लगातार सामने आ रहे मामलों ने आदिवासी क्षेत्रों में malaria prevention, testing और इलाज की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बालाघाट के आदिवासी इलाकों में पहले से Health Crisis बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में पिछले कई सप्ताह से बच्चों के बीमार होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस महीने की earlier official-linked reporting में कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका, अडोरी और मछुरदा समेत कई गांवों में health teams द्वारा घर-घर screening और बच्चों के इलाज की जानकारी दी गई थी। बड़ी संख्या में बच्चों को अलग-अलग hospitals और temporary medical facilities में भर्ती किया गया था। Health Department ने प्रभावित क्षेत्रों में surveillance और medical teams बढ़ाने की बात कही है। मौतों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग दावे बालाघाट के tribal belt में बच्चों की कुल मौतों को लेकर official और local claims में अंतर भी सामने आया है। 29 अगस्त की Amar Ujala report में स्थानीय स्तर पर 18 मई से 29 बच्चों की मौत होने का दावा किया गया, लेकिन यह संख्या पूरी तरह official confirmed malaria death toll नहीं है। इनमें अलग-अलग illnesses और circumstances से जुड़ी deaths भी शामिल बताई गई हैं। इसलिए पूरे 29 के आंकड़े को केवल “malaria deaths” कहना सही नहीं होगा। इलाज और Screening बढ़ाने की जरूरत आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में hospital तक दूरी, समय पर जांच, malnutrition और seasonal infections जैसी समस्याएं health response को मुश्किल बना रही हैं। Earlier reports में affected villages में malaria के साथ typhoid, measles और दूसरी infections के cases भी सामने आने की बात कही गई थी। Administration और Health Department ने गांवों में screening, treatment और monitoring अभियान चलाने की बात कही है। Current Situation 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध verified जानकारी के अनुसार: इसलिए सबसे accurate headline होगी: मोहनपुर में मलेरिया का कहर; 17 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की रिपोर्ट, 10 वर्षीय बच्ची की मौत नोट: 17 बच्चों के hospital में भर्ती होने का आंकड़ा local/social reports में सामने आया है, लेकिन उपलब्ध official health-department sources में इसकी स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट नहीं मिली है। 10 वर्षीय काजल की malaria-positive होने और इलाज के दौरान मौत की पुष्टि multiple reports से होती है। स्रोत – अमर उजाला, स्थानीय स्वास्थ्य एवं मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

