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मध्य प्रदेश में आदिवासी छात्रों से कथित अभद्रता का वीडियो वायरल, पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड; CM मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश

भोपाल, 15 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों के साथ कथित अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। मामले में मिसरोद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रदर्शन के दौरान हुआ विवाद यह घटना 13 अक्टूबर को भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर आदिवासी छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई। प्रदर्शनकारी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की छात्र इकाई से जुड़े थे और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जता रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। ‘जय जोहार’ के नारों के बीच कथित अभद्र टिप्पणी रिपोर्ट्स के अनुसार, हिरासत में लिए गए छात्र पुलिस वाहन में ‘जय जोहार’ के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर रतन सिंह परिहार कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं। आदिवासी संगठनों ने इन कथित टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इससे समुदाय की गरिमा और पहचान का अपमान हुआ है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस इंस्पेक्टर निलंबित भोपाल पुलिस के डीसीपी जोन-2 ने 14 अक्टूबर को इंस्पेक्टर के निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यवहार प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं है और इससे विभाग की छवि प्रभावित हो सकती है। CM मोहन यादव ने दिए जांच के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जांच के दौरान यदि अन्य पुलिसकर्मी भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आदिवासी संगठनों ने FIR की मांग की कांग्रेस नेताओं और आदिवासी संगठनों ने इंस्पेक्टर के निलंबन को पर्याप्त नहीं बताते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जय आदिवासी युवा शक्ति (JAYS) से जुड़े नेताओं ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST Act के तहत भी कार्रवाई की मांग उठाई है। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। Source – The Indian Express, Times of India, Free Press Journal जय राष्ट्र न्यूज़

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