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बिहार बाढ़ के बीच दो तस्वीरों ने खींचा ध्यान; एक में बेबसी, दूसरी में मदद की मिसाल

पटना: बिहार में हालिया बाढ़ ने लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित की है। कई इलाकों में घर पानी में डूबे, परिवार राहत शिविरों में पहुंचे और खेती को भारी नुकसान हुआ। इस संकट के बीच सामने आई दो तरह की तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा है—एक तरफ अपना घर-सामान गंवाकर अस्थायी शिविरों में रह रहे परिवारों की बेबसी, तो दूसरी ओर नावों और दूसरे साधनों से बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाते लोगों की तस्वीरें उम्मीद का संदेश दे रही हैं। राहत शिविरों में घर लौटने का इंतजार भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई परिवारों को घर छोड़कर राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है। तिल्हा कोठी समेत कई जगहों पर लोगों ने प्लास्टिक शीट और उपलब्ध सामान से अस्थायी ठिकाने बनाए हैं। Indian Express की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कुछ परिवारों के घर अब भी पानी में डूबे हैं। बाढ़ में दस्तावेज, अनाज, पैसे और घरेलू सामान तक बहने या खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रभावित लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पानी उतरने के बाद उनके पास वापस लौटने के लिए क्या बचेगा। करीब 50 लाख लोगों तक पहुंचा था बाढ़ का असर सितंबर में बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ा था। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 15 जिलों में लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। पटना, भागलपुर, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिलों में घर, सड़कें और कृषि भूमि जलमग्न हुईं। इस दौरान गंगा समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर ने ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों में सबसे अधिक परेशानी पैदा की। दूसरी तस्वीर में राहत पहुंचाते दिखे सोनू सूद बाढ़ की मुश्किल तस्वीरों के बीच अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सूद भी राहत कार्य के लिए बिहार पहुंचे। बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों में उन्होंने नाव से जाकर लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित की और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सोनू सूद ने कहा कि बिहार को जब भी मदद की जरूरत होगी, वह लोगों के साथ खड़े रहेंगे। उनकी राहत सामग्री बांटते हुए सामने आई तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहीं। प्रशासन और स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुटे बिहार के कई हिस्सों में NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी समूहों ने नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने का काम किया। सितंबर की शुरुआत में स्थिति गंभीर होने के दौरान 13 जिलों में 34 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की सूचना थी। भागलपुर में एक नाव पलटने के बाद SDRF ने उसमें सवार सभी 10 लोगों को सुरक्षित बचाया था। पानी घटा, लेकिन मुश्किलें बाकी कई क्षेत्रों में अब बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन नुकसान की पूरी तस्वीर पानी उतरने के बाद सामने आ रही है। खेतों में फसल खराब होने, घरों को नुकसान और जरूरी सामान बर्बाद होने से प्रभावित परिवारों के सामने पुनर्वास और रोजमर्रा की जिंदगी दोबारा शुरू करने की चुनौती है। राज्य सरकार ने बाढ़ से फसल गंवाने वाले किसानों के लिए 23 से 29 सितंबर के बीच कृषि इनपुट अनुदान के आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की है। दो तस्वीरें, एक ही त्रासदी के अलग चेहरे बिहार बाढ़ की ये तस्वीरें आपदा के दो अलग पहलू दिखाती हैं। एक ओर ऐसे परिवार हैं जो अपना घर और आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन, स्वयंसेवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के राहत प्रयास सामने आ रहे हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में पुनर्वास, फसल नुकसान की भरपाई और बुनियादी सुविधाओं को बहाल करना अगली बड़ी चुनौती होगी। source – The Indian Express / Navbharat Times / Mongabay India / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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भीषण बाढ़ पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा; Bihar के लिए ₹5,000 करोड़ Special Package की मांग

पटना, 14 सितंबर 2026: Bihar में भीषण बाढ़ के बीच RJD नेता और Leader of Opposition Tejashwi Yadav ने Centre और state government पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के प्रभावित होने के बावजूद Bihar को पर्याप्त केंद्रीय सहायता नहीं मिल रही। तेजस्वी ने Centre से ₹5,000 करोड़ की तत्काल financial assistance और बाढ़ को “national disaster” घोषित करने की मांग दोहराई। ‘Bihar के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार’ Tejashwi Yadav ने आरोप लगाया कि Gujarat में flood या heavy rain की स्थिति बनने पर Prime Minister और Centre तुरंत सक्रिय होते हैं, जबकि Bihar को लेकर वैसी तत्परता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने इसे Bihar के साथ “stepmotherly treatment” बताते हुए कहा कि disaster relief में राज्यों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए। ₹5,000 करोड़ Package की मांग Tejashwi ने बताया कि उन्होंने 7 September को PM Narendra Modi को पत्र लिखकर Bihar floods को national disaster घोषित करने और तत्काल ₹5,000 करोड़ का relief package देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि यह राशि Bihar government को ही मिलेगी और इसमें उनका कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं है। उनका कहना था कि वह Bihar और flood-affected लोगों के अधिकार के लिए यह मांग उठा रहे हैं। ‘Double Engine Government Fail’ RJD नेता ने Bihar की NDA government पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में “double-engine government” होने के बावजूद Centre से पर्याप्त सहायता हासिल नहीं की जा सकी। उन्होंने Bihar से आने वाले Union ministers पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी ने राज्य के लिए पर्याप्त flood relief package सुनिश्चित नहीं कराया। करीब 50 लाख लोग Flood से प्रभावित Official figures के मुताबिक Bihar के 15 जिलों में 49.67 लाख लोग flood से प्रभावित हैं। Patna, Bhojpur, Saran, Vaishali, Bhagalpur, Begusarai, Buxar, Samastipur और Araria समेत कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। Ganga, Kosi, Budhi Gandak और कई अन्य rivers अलग-अलग locations पर danger mark से ऊपर बह रही हैं। SDRF-NDRF की Teams Relief Operation में जुटीं Administration ने flood-hit areas में 1,248 community kitchens और 13 relief camps स्थापित किए हैं। करीब 11,500 लोगों को camps में accommodation, food और medical facilities उपलब्ध कराई गई हैं। Relief और rescue operations के लिए 27 SDRF और 10 NDRF teams भी तैनात की गई हैं। सरकार पर Relief तेज करने का दबाव Flood crisis के बीच opposition लगातार state और central governments से राहत कार्य तेज करने और long-term flood management policy तैयार करने की मांग कर रहा है। Tejashwi Yadav ने कहा कि flood assistance राजनीति का नहीं बल्कि Bihar के अधिकार और प्रभावित लोगों की मदद का मुद्दा है। source – PTI / Times of India / Navbharat Times / Bihar Disaster Management Department जय राष्ट्र न्यूज़

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यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में बाढ़ का संकट; भारी बारिश से नदियां उफान पर, लाखों लोग प्रभावित

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश और बढ़ते river levels ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, बिहार में Ganga, Gandak, Kosi, Punpun और दूसरी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि मध्य प्रदेश में Narmada और Mandakini के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन को high alert पर रखा गया है। IMD ने आज भी कई क्षेत्रों में heavy से very heavy rainfall की चेतावनी जारी की है। यूपी में 3.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित Uttar Pradesh Relief Commissioner Office के मुताबिक राज्य के 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग relief shelters में रह रहे हैं। सरकार ने प्रभावित इलाकों में 1,312 flood shelters, 1,634 flood outposts, 1,697 boats और motorboats तथा 1,068 medical teams तैनात की हैं। Ayodhya, Ballia, Ghazipur, Gorakhpur, Prayagraj, Varanasi, Lakhimpur Kheri और Unnao समेत कई जिले प्रभावित हैं। पिछले दिनों Ganga, Ghaghra और दूसरी नदियों के बढ़ते स्तर से कई low-lying villages और agricultural areas में पानी भर गया है। बिहार में Ganga कई जगह Danger Mark के ऊपर Bihar में flood situation लगातार गंभीर बनी हुई है। Water Resources Department के मुताबिक Ganga Patna के Digha Ghat, Gandhi Ghat, Hathidah और Maner में danger level से ऊपर बह रही है। Buxar, Munger, Bhagalpur और Kahalgaon में भी नदी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई है। Punpun नदी Patna के Sripalpur और Punpun में, जबकि Ghaghra Darauli और Siwan में danger level पार कर चुकी है। Gandak, Kosi, Burhi Gandak और Bagmati जैसी नदियों के बढ़े जलस्तर से भी कई जिलों में दबाव बना हुआ है। Patna के Cremation Grounds तक पहुंचा Ganga का पानी आज Patna में Ganga का पानी ghats से आगे बढ़कर cremation grounds और आसपास की सड़कों तक पहुंच गया। Malsalami, Didarganj, Chowk, Gaighat और कई riverfront इलाकों में waterlogging और inundation की स्थिति बनी हुई है। Low-lying क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। Floodwaters से प्रभावित कुछ इलाकों में students को भी boats के जरिए स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में Narmada और Mandakini उफान पर Madhya Pradesh के कई हिस्सों में भी भारी बारिश के बाद flood-like conditions बन गई हैं। Mandla में Narmada River का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि Chitrakoot में Mandakini खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है और करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर shift किया गया है। Chhatarpur, Satna, Mandla और Maihar समेत कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। Bargi Dam के 5 Gates खोले गए बारिश और बढ़ते reservoir levels को देखते हुए Jabalpur के Bargi Dam के पांच gates खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। Chhatarpur के Kutni Dam से भी water release किया गया है। इससे downstream क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश में Son River के भी danger mark से ऊपर जाने की खबर है और मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने district collectors को high alert पर रहने के निर्देश दिए हैं। IMD ने Heavy Rain का Alert जारी रखा IMD ने आज Madhya Pradesh में heavy to very heavy rainfall के लिए orange warning जारी की है। Bihar में भी heavy rainfall के साथ thunderstorm और lightning की संभावना है। West Uttar Pradesh में widespread rain तथा East Uttar Pradesh में scattered rainfall का forecast है। Madhya Pradesh में Shivpuri, Guna, Chhatarpur, Sagar, Damoh और Narmadapuram समेत कई जिलों में very heavy rain का खतरा बना हुआ है। राहत और बचाव अभियान तेज तीनों राज्यों में administration river embankments, dams और low-lying areas की लगातार monitoring कर रहा है। प्रभावित लोगों को food packets, drinking water, medicines और temporary shelter उपलब्ध कराए जा रहे हैं। Bihar में अधिकारियों को vulnerable embankments पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि UP और MP में boats, rescue teams और medical units को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी और उफनती नदियों को देखते हुए अगले 24–48 घंटे कई flood-prone क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Central/State Water Resources Departments, UP Relief Commissioner Office, Akashvani News, PTI, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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