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पटना में 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; माता-पिता के लिए मांग रहे थे न्याय, Pappu Yadav ने दिया कानूनी लड़ाई का भरोसा

पटना: अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे छह वर्षीय आदित्य राज ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। आदित्य 30 अगस्त से हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे थे और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सोमवार देर रात पूर्णिया सांसद Pappu Yadav उनसे मिलने पहुंचे और परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खत्म कर दिया गया। माता-पिता के लिए न्याय की मांग आदित्य का मामला 25 अगस्त को पटना में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। परिवार का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आदित्य के माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की। इसी घटना के विरोध में आदित्य गर्दनीबाग में धरने पर बैठे और लगातार अपने माता-पिता के लिए न्याय तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे। हालांकि पटना पुलिस ने हिरासत और मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को देखते हुए बच्चे और उसकी मां को सुरक्षा के लिए वहां से हटाया गया था। हाथ में संविधान लेकर बैठे थे आदित्य छह वर्षीय आदित्य की हाथ में संविधान लिए तस्वीरें और videos सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। आदित्य ने कहा था कि जब तक उनके माता-पिता को न्याय नहीं मिलता, वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जाहिर की थी। दो दिन तक चला धरना आदित्य ने 30 अगस्त को Gardanibagh में धरना शुरू किया था। 31 अगस्त को दूसरे दिन भी वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वह अपने माता-पिता के साथ हुए कथित व्यवहार के खिलाफ न्याय चाहते हैं और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। देर रात पहुंचे Pappu Yadav 31 अगस्त की देर रात सांसद Pappu Yadav धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनकी मां से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि मामले को उचित कानूनी मंच पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर लड़ाई उच्च अदालतों तक ले जाई जाएगी। इसके बाद करीब दो दिनों से चल रहा आदित्य का धरना समाप्त हो गया। Pappu Yadav ने कहा कि न्याय और सम्मान की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। अब कानूनी लड़ाई पर जोर धरना खत्म होने का मतलब परिवार की मांग समाप्त होना नहीं है। परिवार कथित पुलिस कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पर कायम है। Pappu Yadav ने भी परिवार को legal assistance देने और मामले को अदालत में उठाने का भरोसा दिया है। दूसरी तरफ पुलिस अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर रही है। फिलहाल मामला परिवार के आरोप और पुलिस के अलग version के बीच है। कथित मारपीट के आरोप किसी judicial finding में अभी साबित नहीं हुए हैं। 1 September की स्थिति आज 1 सितंबर 2026 तक आदित्य का Gardanibagh धरना समाप्त हो चुका है। ताजा खबर उनके अनशन की बिगड़ती हालत नहीं, बल्कि Pappu Yadav के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म होने और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने की है। इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: पटना में 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; माता-पिता के लिए मांग रहे थे न्याय, Pappu Yadav ने दिया कानूनी लड़ाई का भरोसा स्रोत – NDTV India, ABP News, Navbharat Times, The Mooknayak जय राष्ट्र न्यूज़

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हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना

पटना: बिहार की राजधानी पटना में महज 6 साल के आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर चर्चा में हैं। पहली कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य 30 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथ में संविधान की प्रति लेकर बैठे थे। उनका आरोप है कि 25 अगस्त को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने उनके माता-पिता के साथ थाने में मारपीट की। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नया मोड़ आया है। Purnia MP Pappu Yadav के न्याय दिलाने और जरूरत पड़ने पर मामला Supreme Court तक ले जाने के आश्वासन के बाद आदित्य ने अपना धरना समाप्त कर दिया। 25 अगस्त के Student Protest से जुड़ा मामला आदित्य 25 अगस्त को Patna में BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए थे। प्रदर्शनकारी Teacher Recruitment Examination में single-tier examination समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के आवास की ओर मार्च कर रहे थे। आदित्य अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई। माता-पिता से मारपीट का आरोप आदित्य और उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें कई घंटों तक माता-पिता से अलग रखा गया और थाने में उनके माता-पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आदित्य ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष या न्यायिक जांच हो और जिन पुलिसकर्मियों पर उनके माता-पिता के साथ मारपीट का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये फिलहाल आदित्य और उनके परिवार के आरोप हैं और स्वतंत्र जांच में साबित होना बाकी है। Police ने आरोपों से किया इनकार Patna Police ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। Police का कहना है कि तनावपूर्ण प्रदर्शन और भीड़ के बीच बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने लाया गया था और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। Police ने गिरफ्तारी और माता-पिता से मारपीट के आरोपों से भी इनकार किया है। ऐसे में घटना को लेकर परिवार और Police के versions अलग-अलग हैं। हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे आदित्य 30 अगस्त को आदित्य Patna के Gardanibagh protest site पर धरने पर बैठ गए। उनकी तस्वीरों और videos में वह हाथ में भारतीय संविधान की प्रति लिए दिखाई दिए। आदित्य ने सवाल उठाया कि क्या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से किसी बच्चे के माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता के लिए न्याय चाहते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने Prime Minister Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जताई थी। DGP से भी मिले थे आदित्य धरना शुरू करने से पहले आदित्य अपने परिवार के साथ Bihar के DGP Vinay Kumar से मिले थे और अपनी मांगों से जुड़ा आवेदन सौंपा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिवार ने Gardanibagh में धरना शुरू किया। आदित्य ने कहा था कि न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा। Pappu Yadav पहुंचे, खत्म हुआ धरना 31 अगस्त की रात Purnia MP Pappu Yadav Gardanibagh धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनके परिवार से मुलाकात की। Pappu Yadav ने परिवार को कानूनी मदद देने का भरोसा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को Supreme Court तक ले जाया जाएगा। इसके बाद आदित्य ने दो दिनों से चल रहा अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। आदित्य ने कहा कि धरना खत्म करना उनकी हार नहीं है और न्याय की लड़ाई अब court में जारी रहेगी। 1 September की Latest Situation आज 1 सितंबर 2026 तक स्थिति यह है: इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना नोट: माता-पिता के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की बात परिवार का आरोप है। Patna Police इन आरोपों से इनकार कर चुकी है, इसलिए इसे established fact के रूप में नहीं लिखना चाहिए। स्रोत – PTI, Navbharat Times, ABP News, ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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छात्र आंदोलन में ‘कुत्ता जनता पार्टी’ का पोस्टर चर्चा में; BPSC अधिकारी की टिप्पणी के विरोध का बना प्रतीक

पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच ‘कुत्ता जनता पार्टी’ यानी KJP नाम का एक पोस्टर और उससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे किसी वास्तविक चुनावी राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि Bihar Public Service Commission (BPSC) के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक Rajesh Kumar Singh की विवादित टिप्पणी के विरोध में एक प्रतीकात्मक नाम के तौर पर इस्तेमाल किया है। वायरल तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘कुत्ता जनता पार्टी जिंदाबाद’ के नारे लगाते दिखाई देते हैं। Banner पर छात्रों के सम्मान से जुड़ा संदेश भी लिखा गया है और आरोप लगाया गया है कि BPSC अधिकारी ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की तुलना कुत्तों से की। कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत BPSC के परीक्षा नियंत्रक Rajesh Kumar Singh की एक press conference से हुई। छात्रों के ongoing protests पर सवाल पूछे जाने के दौरान Singh ने हिंदी की कहावत “हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार” का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी नेताओं ने इस टिप्पणी को आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से जोड़कर देखा और इसे अपमानजनक बताया। हालांकि Rajesh Kumar Singh ने बाद में कहा कि उनकी कही गई कहावत को context से अलग करके देखा गया और उनका किसी व्यक्ति या समूह को अपमानित करने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है। इसलिए यह कहना ज्यादा accurate होगा कि छात्रों ने उनकी टिप्पणी को अपने लिए अपमानजनक माना, न कि यह तथ्यात्मक रूप से घोषित कर दिया जाए कि अधिकारी ने सीधे छात्रों को ‘कुत्ता’ कहा था। सरकार ने Rajesh Kumar Singh को किया Suspend विवाद बढ़ने के कुछ घंटों के भीतर Bihar government ने Rajesh Kumar Singh को suspend करने का निर्देश दिया। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने General Administration Department को कार्रवाई का आदेश दिया था। सिंह की टिप्पणी के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। इसके बावजूद छात्रों का कहना था कि केवल एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई से उनकी broader concerns खत्म नहीं होतीं। फिर सामने आया ‘कुत्ता जनता पार्टी’ का Banner इसी controversy के बीच प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से ‘कुत्ता जनता पार्टी – KJP’ नाम वाला banner सामने आया। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक viral video में कुछ युवा banner लेकर ‘कुत्ता जनता पार्टी जिंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आए। इसे BPSC अधिकारी की टिप्पणी के खिलाफ sarcasm और protest के रूप में पेश किया गया। Navbharat Times के मुताबिक Lovely Kumari नाम की एक प्रदर्शनकारी छात्रा इस symbolic protest के साथ सामने आईं। उनका कहना था कि छात्र अपमान नहीं बल्कि सम्मान चाहते हैं और केवल अधिकारी का suspension पर्याप्त नहीं है। क्या सच में बन गई कोई नई Political Party? नहीं, उपलब्ध credible reports के आधार पर इसे formally registered political party कहना सही नहीं होगा। यह मुख्य रूप से protest और social-media satire के रूप में सामने आया है। ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम के banners, slogans और online posts जरूर सामने आए हैं, लेकिन इसे Election Commission में registered electoral party या established political organisation मानने का कोई आधार इन reports में नहीं है। Aaj Tak ने भी इसे छात्रों द्वारा social media पर बनाई गई अपनी एक प्रतीकात्मक ‘party’ के रूप में describe किया है। इसलिए Jai Rashtra News की खबर में “नई पार्टी का गठन” लिखने के बजाय “प्रतीकात्मक पार्टी/पोस्टर के जरिए विरोध” कहना factual रूप से ज्यादा सुरक्षित रहेगा। आखिर छात्र आंदोलन क्यों कर रहे हैं? ‘कुत्ता जनता पार्टी’ वाला विवाद बिहार में पहले से चल रहे बड़े recruitment agitation के बीच सामने आया है। Patna के Gardanibagh में 18 अगस्त से कई छात्र और अभ्यर्थी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। Indian Express के मुताबिक एक दर्जन से ज्यादा groups आंदोलन में शामिल रहे हैं। प्रमुख मांगों में शामिल हैं: BPSC ने इनमें से कई मांगों पर अलग रुख रखा है। आयोग का कहना है कि TRE-4 के लिए two-stage system और objective examinations में negative marking जारी रहेगी। 70वीं BPSC परीक्षा भी आंदोलन का बड़ा मुद्दा Students 70वीं BPSC preliminary examination को लेकर भी allegations उठा रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने alleged irregularities और paper leak का दावा करते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग की है। BPSC ने इन आरोपों को खारिज किया है और social media पर circulating कुछ documents को fake बताया है। आयोग का कहना है कि candidates को उनकी answer sheets login ID के जरिए उपलब्ध कराई जाएंगी। इसलिए paper leak या irregularity को established fact के तौर पर नहीं लिखा जाना चाहिए; फिलहाल ये छात्रों के आरोप और मांगें हैं। 25 अगस्त को उग्र हुआ प्रदर्शन 25 अगस्त को छात्र आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया। सैकड़ों प्रदर्शनकारी Gandhi Maidan से मुख्यमंत्री आवास की ओर march करने निकले। JP Golambar और Dak Bungalow Chowk के आसपास barricades तोड़े जाने और police के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। Police ने protesters को रोकने के लिए water cannons का इस्तेमाल किया और बाद में force का प्रयोग भी किया। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ police personnel के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई। इसी व्यापक agitation के बीच KJP वाला poster और videos तेजी से viral हुए। Opposition ने भी अधिकारी की टिप्पणी पर उठाए सवाल RJD नेता और Bihar विधानसभा में विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav ने भी BPSC अधिकारी की टिप्पणी की आलोचना की थी। उन्होंने अधिकारी से माफी की मांग की और सरकार पर छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया। हालांकि सरकार ने विवादित टिप्पणी सामने आने के बाद परीक्षा नियंत्रक के suspension का आदेश देकर कार्रवाई की। यह मामला इसलिए recruitment policy के साथ political controversy का भी हिस्सा बन गया। ‘अपमान नहीं, सम्मान’ बना Protest का संदेश KJP poster के पीछे protesting students का मुख्य संदेश उनके मुताबिक सम्मान और dignity का है। Students का कहना है कि job aspirants कई वर्षों तक competitive exams की तैयारी करते…

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