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India-Canada CEPA की पांचवीं round की बातचीत शुरू, Canada ने trade deal जल्दी आगे बढ़ने की उम्मीद जताई

नई दिल्ली/ओटावा: भारत और कनाडा के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर पांचवें दौर की बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देश trade, investment और market access से जुड़े मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ा रहे हैं। कनाडा ने संकेत दिया है कि वह भारत के साथ trade deal को अपेक्षाकृत तेज गति से आगे बढ़ाने के पक्ष में है। पांचवें दौर की बातचीत पर फोकस नए round में दोनों देशों के negotiators goods trade, services, investment और regulatory issues से जुड़े अहम बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं। बातचीत का उद्देश्य उन क्षेत्रों में सहमति बनाना है जहां दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की पर्याप्त संभावना है। Canada ने जल्दी progress की उम्मीद जताई कनाडाई पक्ष ने कहा है कि वह CEPA negotiations में तेजी चाहता है और जहां संभव हो, जल्दी समझौते की दिशा में बढ़ना चाहता है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देश लंबे समय से चल रही trade discussions को अब ज्यादा concrete framework में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। Goods और services दोनों एजेंडे में बातचीत में केवल merchandise trade ही नहीं, बल्कि services sector भी प्रमुख एजेंडे में है। भारत IT, professional services और mobility जैसे मुद्दों पर बेहतर access चाहता है, जबकि Canada agriculture, food products, clean technology और investment opportunities पर ध्यान दे सकता है। Market access सबसे अहम मुद्दों में CEPA negotiations में tariff reduction और market access प्रमुख विषय बने हुए हैं। दोनों देशों को ऐसे sectors पर संतुलन बनाना होगा जहां domestic industry protection और export opportunities के बीच हित टकरा सकते हैं। Investment flows बढ़ाने पर भी जोर Trade deal का एक बड़ा उद्देश्य bilateral investment को बढ़ाना भी है। भारत और Canada के बीच pension funds, infrastructure, technology, clean energy और financial services में पहले से निवेश संबंध मौजूद हैं। CEPA इन flows को और institutional support दे सकता है। Political tensions के बाद economic engagement पर नजर भारत और कनाडा के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक तनाव देखा गया था। ऐसे में trade negotiations का आगे बढ़ना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दोनों देश economic engagement को अलग track पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। Bilateral trade में growth की संभावना भारत और कनाडा के बीच merchandise और services trade में अभी भी काफी growth potential माना जाता है। CEPA के जरिए tariff barriers कम होने और business rules सरल होने पर bilateral trade में तेजी आ सकती है। भारतीय exporters को मिल सकता है फायदा अगर trade agreement आगे बढ़ता है, तो भारतीय exporters को textiles, pharmaceuticals, engineering goods, gems and jewellery और services sectors में बेहतर opportunities मिल सकती हैं। वहीं Canadian companies को agriculture, food processing, energy और advanced technology sectors में भारत के बड़े market तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। Sensitive sectors पर होगी कठिन बातचीत हर trade agreement की तरह इस negotiation में भी कुछ sensitive sectors पर मतभेद रह सकते हैं। Agriculture, dairy, immigration-related mobility और regulatory standards जैसे मुद्दे बातचीत को चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। अगले rounds में बढ़ सकती है रफ्तार पांचवें round के बाद दोनों पक्ष unresolved chapters और technical issues पर काम जारी रख सकते हैं। अगर मौजूदा दौर में पर्याप्त progress होती है, तो आने वाले rounds में agreement के framework को तेजी से अंतिम रूप देने की कोशिश की जा सकती है। source – The Times of India / Canadian Government Statements / Trade Officials जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग को नई गति, 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश और व्यापार विस्तार पर जोर

नई दिल्ली/कैनबरा, 11 जुलाई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल रही है। दोनों देशों के बीच चल रही उच्चस्तरीय वार्ताओं में लगभग 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के संभावित निवेश, व्यापार विस्तार और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। दोनों पक्षों ने निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा, कृषि, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। निवेश सहयोग पर विशेष फोकस बैठकों में ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों की भारत में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बुनियादी ढांचा, हरित ऊर्जा, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। दोनों देशों का मानना है कि निवेश बढ़ने से रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तांतरण और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। व्यापार बढ़ाने पर सहमति भारत और ऑस्ट्रेलिया ने द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक संतुलित तथा व्यापक बनाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने व्यापारिक बाधाओं को कम करने, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने और निर्यात-आयात प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के उपायों पर विचार किया। उद्योग जगत का मानना है कि इससे दोनों देशों के व्यवसायों को नए अवसर मिलेंगे। स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के क्षेत्र में सहयोग को भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। ऑस्ट्रेलिया इन क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता साझा करेगा, जबकि भारत विनिर्माण और ऊर्जा परिवर्तन के अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। शिक्षा और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा दोनों देशों ने विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, छात्र विनिमय कार्यक्रमों और कौशल विकास पहल को नई दिशा देने पर चर्चा हुई। इससे उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यापार और उद्योग संगठनों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक सकारात्मक कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश और व्यापारिक समझौते समय पर लागू होते हैं, तो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे। भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सहयोग? विश्लेषकों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला रणनीति, ऊर्जा सुरक्षा और विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को मजबूती दे सकती है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए भारत का विशाल उपभोक्ता बाजार और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नए निवेश अवसर प्रदान करती है। भविष्य की दिशा दोनों देशों ने नियमित उच्चस्तरीय आर्थिक संवाद जारी रखने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की है। आने वाले महीनों में व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग से जुड़े कई नए समझौतों पर प्रगति होने की संभावना जताई जा रही है। स्रोत:भारत सरकार, ऑस्ट्रेलिया सरकार एवं दोनों देशों की आधिकारिक व्यापार एवं निवेश संबंधी जानकारी। मूल रिपोर्ट:11 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक वक्तव्यों एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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